Weather Alert: गुजरात में बेहद भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी IMD का अलर्ट! 19 सितंबर से मानसून की वापसी

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसम

पूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

तटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

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कल का मौसम: 11 सितंबर को इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से लेकर बिहार-बंगाल तक आंधी-तूफान का खतरा

IMD rain alert for September 11: देशभर में अलग अलग मानसूनी प्रणालियों के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए देश के तीन प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं के असर की आशंका भी जताई गई है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलाधार से लेकर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मौसमी दबाव की वजह से इन तीनों राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश

बहुत भारी बारिश वाले इन 3 प्रमुख राज्यों के अलावा देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों केरल (माहे सहित), तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश औरर असम और मेघालय में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

11 सितंबर को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर तांडव देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की आशंका है। इसके अलावा पूरे आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसी तरह विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल में बिजली गिरने और आंधी की आशंका

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भी 11 सितंबर को मौसम गड़बड़ हो सकता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थिति खराब, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती और मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक रहने वाली है। उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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कल का मौसम: 9 सितंबर को बिहार-झारखंड संग 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा! IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसूनी बारिश अपना पूरा रंग दिखा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 सितंबरके मौसम को लेकर ताजा चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत देश के 9 प्रमुख राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। इसके साथ ही कई तटीय व मैदानी राज्यों में तेज तूफानी हवाएं चलने और बादलों की कड़क के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत 9 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 सितंबर को पूर्वी भारत से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। आईएमडी के मुताबिक 9 सितंबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की आशंका है।

बिजली कड़कने और 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है।

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बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और उप-हिमालयी व गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में बादलों की जोरदार गर्जना के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।

आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं, केरल में उमस और गर्मी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में 9 सितंबर को मौसम काफी गर्म और अत्यधिक उमस भरा बना रहेगा।

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इसके अलावा मौसम विभाग ने अरब सागर के तटीय और खुले समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने की आशंका जताई गई है। सोमालिया और ओमान के तटवर्ती क्षेत्रों तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएंचल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। IMD ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है।

Bihar Flood Crisis: पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिहार में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में बाढ़ से 19 लाख लोग प्रभावित

Bihar Flood Crisis: बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने रविवार (6 सितंबर) को निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के अहम हाईएस्ट फ्लड लेवल (HFL) से ऊपर चला गया है। इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है।

19.57 लाख लोग प्रभावित

अधिकारियों ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से जारी लेटेस्ट एडवाइजरी के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

एडवाइजरी जारी

सरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक एडवाइजरी में कहा गया है, “अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।” इसमें कहा गया, “इंजीनियरों से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।”

पटना समेत 14 जिलों में हालात गंभीर

बिहार की प्रमुख नदियों जैसे गंगा, गंडक और कोसी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना समेत 14 जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि गांधी घाट गेज साइट पर बाढ़ का नया उच्चतम स्तर दर्ज किया जा सकता है। विभाग ने संबंधित ज़िलों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

गंगा का जलस्तर कितना बढ़ा?

स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें। साथ ही लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, पटना जिले के पंडारक में रविवार सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।

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IMD Rain Alert: यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मौसम की सबसे ज्यादा नजर रहेगी, जहां बहुत भारी बारिश का खतरा है। वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में है। इसके अगले 24 घंटे में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश हो सकती है। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में 6-7 सितंबर और फिर 10-12 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश

IMD ने 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड में 7 सितंबर और 10 से 12 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर

मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-8 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में 11-12 सितंबर को भी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 10-12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 सितंबर और 11-12 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-12 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार-बंगाल से लेकर ओडिशा तक बारिश

  • पूर्वी भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 6 से 12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है।
  • गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-10 सितंबर, झारखंड में 8-11 सितंबर, बिहार में 6-7 सितंबर और ओडिशा में 10-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बिहार में 6-8 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-9 सितंबर और ओडिशा में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
  • मौसम विभाग ने 6 सितंबर को बिहार और 6-7 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गतिविधि की भी चेतावनी दी है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

  • पूर्वोत्तर भारत में भी अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 7-12 सितंबर, असम और मेघालय में 6-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है।
  • इन राज्यों में 6 से 12 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

पश्चिमी भारत में भी बरसेंगे बादल

  • कोंकण और गोवा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। वहीं गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश कम रहने के संकेत

  • मौसम विभाग के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
  • तेलंगाना और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 6-7 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रह सकता है। कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी 6-7 सितंबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

मौसम विभाग के मुताबिक 5 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 6 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे ज्यादा बारिश वाले प्रमुख स्थानों में:-

  • जसपुर, ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड)- 13 सेमी
  • चांदपुर, बिजनौर (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)- 12 सेमी
  • मेलूर ARG, मदुरै (तमिलनाडु)- 12 सेमी
  • सुभाषिनी टी.ई., अलीपुरद्वार (उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल)- 11 सेमी
  • खंडार, सवाई माधोपुर (पूर्वी राजस्थान)- 10 सेमी
  • पटना (बिहार)- 8 सेमी
  • घाटीगांव, ग्वालियर (पश्चिमी मध्य प्रदेश)- 8 सेमी
  • फिरोजपुर झिरका, नूंह और मानेसर, गुरुग्राम (हरियाणा)- 7-7 सेमी
  • जी.बी. नगर, मयूरभंज (ओडिशा)- 7 सेमी
  • चिएफोबोजोउ-नेरहेमा, नागालैंड- 7 सेमी

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में सोमालिया तट के आसपास और ओमान तट से लगे कुछ हिस्सों में 11 सितंबर तक परिस्थितियां प्रतिकूल रह सकती हैं। वहीं. 8 से 11 सितंबर के बीच दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से जुड़े समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है और कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए मध्य भारत से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र के असर के चलते मध्य प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।

मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट और मध्य भारत की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश आज बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते यहां ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश और बिजली गिरने के इस खतरे को देखते हुए लोगों को खुले क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली-यूपी और उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में आज बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून काफी सक्रिय नजर आ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने और पहाड़ी ढलानों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

IMD Weather (3)

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, बिजली चमकने और भारी बारिश होने का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बिजली चमकने का अंदेशा है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत का वेदर अपडेट

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में मौसमी प्रभाव की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, पुडुचेरी और कराईकल में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिनभर मजबूत सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं समुद्र में मौसम के मिजाज को देखते हुए सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और इसके बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

Weather Update: यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-मुंबई में भी बरेसेंगे बादल, IMD ने जारी किया अपडेट

Weather Update: मंगलवार, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और कोलकाता में भी बारिश हो सकती है, जबकि दिल्ली में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त महीने में देश में औसत से 16 फीसदी कम बारिश हुई।

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में बारिश का दिन

दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय कई जगहों पर हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। रात में तापमान 25°C से 27°C और दिन में 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है।

आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश जारी रह सकती है। IMD ने 3 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है।

मुंबई में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, क्योंकि कोंकण और गोवा क्षेत्र में 6 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। IMD को उम्मीद है कि मंगलवार को भी इस क्षेत्र में बारिश जारी रहेगी। हालांकि, बुलेटिन में मुंबई के लिए अलग से कोई खास अनुमान नहीं दिया गया है।

वहीं, कोलकाता और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है। IMD ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया है।

देश के बाकी हिस्सों का मौसम

मंगलवार को भुवनेश्वर और ओडिशा के दूसरे इलाकों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा है। IMD ने ओडिशा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। बता दें कि जैसे-जैसे मौसम का सिस्टम जमीन की ओर बढ़ेगा, राज्य में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश भी हो सकती है।

हैदराबाद और तेलंगाना के दूसरे हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 30-40 किमी/घंटा हो सकती है और झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।

मंगलवार को बेंगलुरु में छिटपुट बारिश होने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आम तौर पर हल्की लेकिन लगातार बारिश का दौर जारी है।

चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 2 सितंबर तक छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है और कुछ इलाकों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश का दायरा बढ़ा

मंगलवार को सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश को लेकर है। IMD ने इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर खास तौर पर ज्यादा खतरा है, क्योंकि वहां 1 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो सकता है, निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और संवेदनशील जगहों पर सड़क व रेल यातायात में रुकावट आ सकती है। IMD ने अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (flash floods) का कम से मध्यम खतरा भी बताया है।

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India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

IMD Rain Alert: 1 सितंबर को मौसम का कहर! 17 राज्यों में होगी झमाझम बारिश, तेज आंधी के साथ बिजली-ओलों की भी चेतावनी

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में आज भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ जगहों पर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में अगर आप घर से निकलने का प्लान कर रहे हैं तो पढ़े वेदर रिपोर्ट

पहाड़ों पर भी होगी तेज बारिश

मैदान के साथ पहाड़ी इलाकों में भी बारिश की वजह से लोगों को मुसीबत हो रही है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है, जबकि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की आशंका है। पूर्वोत्तर असम में चक्रवाती हवाओं का असर बना हुआ है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के आसपास कम दबाव के कारण मौसम बदलने की संभावना है।

इन राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। आईएमडी ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, सिक्किम और केरल में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है। दिल्ली में शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिन का तापमान करीब 34 डिग्री और रात का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।