देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूरी तरह रंग दिखाने लगा है। मौसमी प्रणालियों के काफी मजबूत होने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का यह दौर 22 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है जबकि छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।

दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता की वजर से बारिश की गतिविधियां बेहद तेज हैं। अभी देश में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों में 22 अक्टूबर तक बारिश का प्रकोप बना रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 21 और 22 अक्टूबर को भी भारी बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 22 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिसमें दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 16 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 17 से 19 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान और लक्षद्वीप में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चलती रहेंगी।

इन दक्षिणी राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और गुजरात-राजस्थान सीमा के पास निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से आज 16 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आज छिटपुट जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक और फिर 21-22 अक्टूबर को छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

मध्य, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह कोई विशेष या गंभीर मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी और यहां मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

वहीं तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर को नमी और तापमान के असर से मौसम बेहद उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

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कल का मौसम 16 अक्टूबर: उत्तर-पूर्वी मानसून का असर! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली-यूपी में थंडरस्टॉर्म

IMD Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मौसमी प्रणालियों का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक 16 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर चलेगा जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

आइए जानते हैं कल 16 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रकोप, मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून के जोर पकड़ने की वजह से बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी। लक्षद्वीप और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ आंधी का दौर

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसमी हलचल बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी कल 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिसा के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने का अनुमान जताया गया है।

मध्य, पूर्वी और पश्चिमी राज्यों का मौसम मिजाज

मध्य और पूर्वी भारत के छत्तीसगढ़, ओडिसा, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में कल बादलों की आवाजाही के साथ-साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में कल आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है।

वहीं, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान के बने रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि समुद्री इलाकों में स्थितियां नियंत्रण में हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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कल का मौसम: इन 20 राज्यों में बदलेगा मौसम, बारिश के साथ 60 kmph की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: अगर आप अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, तो देश के कई राज्यों में बारिश दस्तक दे सकती है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 16 से 19 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मध्य, पूर्वी, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश देखने को मिल सकती है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ इलाकों में सप्ताह के बाकी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम?

जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। यानी आने वाले दिनों में यहां के लोगों को बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली भी गिर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम?

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलने के आसार हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम?

छत्तीसगढ़ में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदल सकता है। विदर्भ में 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और ठाणे में 17 और 18 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रत्नागिरी में 16 अक्टूबर को गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 17 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सिंधुदुर्ग में 16 अक्टूबर को गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

ओडिशा में कल कैसा रहेगा मौसम?

ओडिशा में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में कल कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी इसी अवधि के दौरान बारिश होने का अनुमान है।

सिक्किम में कल कैसा रहेगा मौसम?

सिक्किम में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। ऐसे में राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है।

बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कल कैसा रहेगा मौसम?

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में शुरुआत में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कल पूर्वोत्तर भारत का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच असम में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इसी दौरान मेघालय में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

अरुणाचल प्रदेश में 16 से 17 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं।

16 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पूरे हफ्ते पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

केरल में कल कैसा रहेगा मौसम?

केरल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

16 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार को उत्तरी केरल में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व, दोनों मानसून के दौरान बारिश होती है। हालांकि, राज्य की सालाना बारिश में उत्तर-पूर्व मानसून का योगदान अपेक्षाकृत कम रहता है। उत्तर-पूर्व मानसून आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक सक्रिय रहता है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के आसपास के इलाकों के लिए यह मानसून काफी अहम है।

तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम?

तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल में भी 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। वहीं, 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश का दौर तेज होने का अनुमान है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय कर्नाटक में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका है। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ जगहों पर हवा के तेज झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

कल तेलंगाना का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच तेलंगाना में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

कल रायलसीमा का मौसम

16 अक्टूबर को रायलसीमा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा पूर्वानुमान

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 19 अक्टूबर के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य, पूर्वी, उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है।

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IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले पांच से छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है। आइए जानते हैं आपके शहर को लेकर क्या है आईएमडी का अपडेट

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

IMD के मुताबिक, 15 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ-साथ तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 17 और 18 अक्टूबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में और 15 व 16 अक्टूबर को रायलसीमा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, इस दौरान दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बचे हुए हिस्सों से भी धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह भारी बारिश हुई है। वहीं बारिश से प्रदुषण और गर्मी से राहत मिली है। वहीं आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश के आसार है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं।

कैसा होगा यूपी का मौसम

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दो तरह के होते है मानसून

भारत में मानसून मुख्य रूप से दो तरह का होता है, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अहम माना जाता है। ये आमतौर पर जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है और केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मौसम और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ बारिश होती है, जिसका सीधा फायदा खेती-किसानी को मिलता है। खासकर खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है।

जानें क्या है लौटता हुआ मानसून

भारत में मानसून का दूसरा प्रमुख दौर उत्तर-पूर्वी मानसून कहलाता है, जिसे लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। ये आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय रहता है और इसका असर खासतौर पर दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में देखने को मिलता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की तुलना में इसकी बारिश कम होती है, लेकिन खेती के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है। उत्तर-पूर्वी मानसून से मिलने वाली बारिश दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पानी की जरूरत पूरी करती है और रबी फसलों की अच्छी बढ़त में भी मदद करती है।