Kal Ka Mausam: IMD का 6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी, बिहार और एमपी समेत 13 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसून की चाल एक बार फिर बेहद तेज हो गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत देश के कम से कम 13 राज्यों में कल मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इसके साथ ही कई इलाकों में तेज आंधी, बादलों की भीषण गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर चेतावनी जारी की गई है.

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब और हरियाणा में बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 6 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर कल भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और पंजाब में भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की भी आशंका है.

बिहार, एमपी, राजस्थान और उत्तराखंड में ऐसा रहेगा मौसम

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत रहेंगी. बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं और बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी. उत्तराखंड में भी कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है.

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम का हाल

पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के पहाड़ी व मैदानी राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कल अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. गांगेय पश्चिम बंगाल में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है. इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है.

पूर्वोत्तर के सभी राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की पूरी संभावना है. इन राज्यों में दिनभर बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की स्थितियां बनी रहेंगी.

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र की स्थिति

दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश से ज्यादा तेज रफ्तार हवाओं का असर देखने को मिलेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, हवा के तेज झोंके आने और बिजली चमकने का अलर्ट है. आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में दिनभर तेज सतही हवाएं चलेंगी. आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है.

उधर समुद्री इलाकों में मौसम खराब रहेगा. सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है.

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दिल्ली-NCR में भारी बारिश का कहर! सड़कें और IGI टर्मिनल-3 जलमग्न, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi-NCR Rain: शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम में भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई जगह सड़के जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। बता दें कि देश की राजधानी में सुबह से ही तेज बारिश के कई दौर देखने को मिले। कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच सफदरजंग में 22 मिमी, पालम में 25.2 मिमी और लोधी रोड पर 24.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली की सड़कों पर जलजमाव | वीडियो

दिल्ली के महिपालपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। इसमें भारी बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी नजर आ रहा है। वीडियो में एक ऑटो-रिक्शा चालक घुटनों तक भरे पानी के बीच अपनी गाड़ी को धक्का देकर निकालता हुआ दिखाई दे रहा है।

वहीं, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में एयरपोर्ट और धौला कुआं के बीच NH-48, महिपालपुर, संगम विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर और महरौली-बदरपुर रोड शामिल हैं। पालम एयरपोर्ट टनल और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के पास भी जलजमाव की खबर है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका में भी कई सड़कें प्रभावित हुईं, जिनमें ओमैक्स रोड और NH-8 अंडरपास के आस-पास के इलाके शामिल हैं।

दिल्ली में ट्रैफिक पर असर

कई जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई है और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों के लिए अलर्ट जारी किया है। मथुरा रोड पर अपोलो हॉस्पिटल और आश्रम चौक के बीच गिरे एक पेड़ की वजह से भी आवाजाही पर असर पड़ा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में और आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बारिश का अनुमान लगाया है। दोपहर से शाम तक कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। राजधानी में दिन के बाकी समय के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि रात में भी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।

गुरुग्राम में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की

पास के गुरुग्राम में, भारी बारिश के कारण अधिकारियों को सुरक्षा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी क्योंकि और बारिश का अनुमान था। IMD की ओर से भारी बारिश की चेतावनी मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी की। इससे पहले, मौसम विभाग ने अगले दो से तीन घंटों में 15 mm प्रति घंटे से ज्यादा बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान लगाया था।

शीतला माता मंदिर इलाके के आसपास का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। इसमें शहर में हुई भारी बारिश के बाद सड़कों पर भारी जलभराव दिखाई दे रहा है।

लोगों को सलाह दी गई कि वे बिना जरूरत के यात्रा न करें और पानी से भरी सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जाने से बचें। अधिकारियों ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊपर से गुजरने वाले तारों के पास न जाने या पानी से भरे रास्तों को पार करने की कोशिश न करने की भी चेतावनी दी।

आपातकालीन एजेंसियों और सरकारी विभागों को सतर्क रहने और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

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झारखंड में बने डिप्रेशन से यूपी, एमपी, दिल्ली संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त तक इन राज्यों में होगी मूसलाधार

IMD Heavy Rain Alert: झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा 14 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस मौसमी बदलाव की वजह से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 20 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

झारखंड में बना डिप्रेशन और प्रमुख मौसमी सिस्टम

आईएमडी के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन 14 अगस्त की सुबह झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 14 से 20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 से 15 अगस्त और फिर 17 से 18 अगस्त को काफी बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 14, 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त और 16 से 20 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 14, 16 और 17 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक, हिमाचल प्रदेश में 14, 17 और 18 अगस्त को और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट भी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मूसलाधार

मध्य भारत में डिप्रेशन के सीधे असर से बारिश का जोर रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 14 से 16 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होग, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन दोनों राज्यों में 14 और 15 अगस्त को पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी जबकि 16 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ में 14 से 18 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, ओडिशा और बिहार में चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। ओडिशा में 14-15 अगस्त और 17-19 अगस्त के दौरान और बिहार में 16 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।

झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक और असम-मेघालय में 16 अगस्त को बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून मेहरबान रहेगा। कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 14 और 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 14 से 18 अगस्त तक भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक लगातार बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 14 से 16 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का जोर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और केरल में 14 अगस्त को भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 14 से 18 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर! सड़कें बनीं नदियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल, देखें वीडियो

Delhi Rain: गुरुवार सुबह दिल्ली और पूरे एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई इलाकों की सड़कें डूब गईं, लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजाना आने-जाने वालों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आए एक वीडियो में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। पानी से लबालब सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिन के ज्यादातर समय में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अधिकारी बारिश से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई जगहों से सामने आए वीडियो

रातभर हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लगातार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली के बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार और मेहरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई घंटे तक हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियाँ सावधानी से चलती दिखीं, जबकि कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

एक वीडियो में अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखीं, जहां सुबह के व्यस्त समय में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो गया था।

पड़ोसी शहर नोएडा में भी भारी जलभराव देखा गया। सेक्टर-75 से सामने आए वीडियो में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी हुई दिखाई दीं।

गाजियाबाद में भी भारी बारिश का असर साफ देखने को मिला। इंदिरापुरम और अभय खंड इलाके से सामने आए वीडियो में रिहायशी सड़कों पर बारिश का पानी भर गया।

शास्त्रीनगर और कौशांबी से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं, जहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आने-जाने वालों को देरी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

बुलंदशहर में भी भारी बारिश का असर दिखा। सामने आए वीडियो में रात भर हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हुआ नजर आया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी ट्रैफिक जाम की खबर मिली, जहां बारिश और जलभराव के कारण ऑफिस जाने के व्यस्त समय में गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई।

उमस से राहत, लेकिन आने-जाने वालों को परेशानी

लगातार हो रही बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली है। हालांकि, तेज बारिश ने आम जिंदगी पर भी असर डाला है। दिल्ली-NCR के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। IMD ने बताया कि बारिश तेज होने से पहले, रात 2.30 बजे तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवाएं शांत थीं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

जलभराव से निपटने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायजा लिया और सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, “दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशों के बाद सभी सरकारी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं।”

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे कहा गया कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और राजधानी में ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और नगर निगम (MCD) की टीमों को तैनात किया गया है।

वहीं, मानसून से पहले नरेला और द्वारका समेत कई बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की समय रहते सफाई (डी-सिल्टिंग) किए जाने का भी फायदा देखने को मिला। इसकी वजह से कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ और NHPC चौक जैसे अंडरपास भारी बारिश के बावजूद ज्यादातर समय चालू रहे।

रात भर हुई बारिश से उखड़े पेड़

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर दो पेड़ उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इस बीच, IMD ने दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है, इसलिए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि दिल्ली और NCR के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अब बेहद व्यापक और आक्रामक हो चुका है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक वेल-मार्क लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय चरण में रहेगा।

मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 25 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाले तूफानी बवंडर का अलर्ट जारी किया है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है, और अगले 4 दिनों में इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के बचे हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक कुछ राज्यों में मानसून का सबसे भयंकर रूप देखने को मिलेगा। यहां मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट है:

  • कोंकण और गोवा व गुजरात क्षेत्र: 4 से 7 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका।
  • मध्य महाराष्ट्र: 4 से 6 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।
  • सौराष्ट्र और ओडिशा: 4 और 5 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 4 जुलाई को कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में आंधी और बारिश का दौर

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: इन राज्यों में 4 और 5 जुलाई तथा फिर 9-10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। 6 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश और 6-8 जुलाई के बीच ही भारी बारिश का दौर आएगा। 4 और 5 जुलाई को यहाँ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 4-7 जुलाई तक और पूर्वी यूपी में 4-6 जुलाई तक छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद पूर्वी यूपी में 7 से 10 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 8 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-10 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई तथा 7-8 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 5 से 9 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में 4 से 10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी/बवंडर का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 6-8 जुलाई और पूर्वी राजस्थान में 8 व 10 जुलाई को भारी बारिश होगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 4 जुलाई और 6-10 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी जबकि 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: यहां 4-5 जुलाई को छिटपुट और 6-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ ही पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी तबाही की आशंका

मध्य प्रदेश: पूरे मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। इसके साथ ही 4-8 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 5-8 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 6-7 व 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 6 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। इन क्षेत्रों में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी भारत: बिहार-झारखंड और बंगाल में मौसम का मिजाज

बिहार: बिहार में 4 से 10 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश दर्ज की जाएगी। 6, 7 और 10 जुलाई को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है। 4 से 8 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।

झारखंड: झारखंड में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 4 जुलाई को झारखंड में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने का विशेष अलर्ट है। यहां 5-7 जुलाई के बीच भारी बारिश और 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की आंधी चल सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 और 6 जुलाई को भारी बारिश और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6-8 जुलाई को भारी और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

पश्चिमी भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में आफत की बारिश

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण व गोवा में 4-10 जुलाई और गुजरात क्षेत्र में 4-8 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 4-6 जुलाई को अत्यंत भारी और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मराठावाड़ा में 4-5 जुलाई को भारी बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान तेज आंधी-बिजली का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में 50-60kmph का थंडरस्कॉल और भारी बारिश

तेलंगाना: तेलंगाना में 4 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तीव्र थंडरस्कॉल यानी बवंडर आने की सख्त चेतावनी दी गई है। 4 जुलाई को यहाँ बहुत भारी बारिश और 5 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

कर्नाटक: तटीय, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 7 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में 4-10 जुलाई तक लगातार भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। इन क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: केरल और माहे में 4-5 जुलाई को भारी और 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान का अलर्ट है।

उत्तर-पूर्व भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी वर्षा का अनुमान

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश: असम और मेघालय में 7-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 4-10 जुलाई के बीच लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश में 6-10 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश और इस पूरे हफ्ते भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 4-8 जुलाई के बीच गरज-चमक का अलर्ट है।

उमस और गर्मी की चेतावनी

भारी बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में असहज करने वाले मौसम की भी चेतावनी दी है। 4 और 5 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं असम और मेघालय में 4 से 7 जुलाई के दौरान भी लोगों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।