दिल्ली-NCR में भारी बारिश का कहर! सड़कें और IGI टर्मिनल-3 जलमग्न, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi-NCR Rain: शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम में भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई जगह सड़के जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। बता दें कि देश की राजधानी में सुबह से ही तेज बारिश के कई दौर देखने को मिले। कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच सफदरजंग में 22 मिमी, पालम में 25.2 मिमी और लोधी रोड पर 24.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली की सड़कों पर जलजमाव | वीडियो

दिल्ली के महिपालपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। इसमें भारी बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी नजर आ रहा है। वीडियो में एक ऑटो-रिक्शा चालक घुटनों तक भरे पानी के बीच अपनी गाड़ी को धक्का देकर निकालता हुआ दिखाई दे रहा है।

वहीं, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में एयरपोर्ट और धौला कुआं के बीच NH-48, महिपालपुर, संगम विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर और महरौली-बदरपुर रोड शामिल हैं। पालम एयरपोर्ट टनल और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के पास भी जलजमाव की खबर है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका में भी कई सड़कें प्रभावित हुईं, जिनमें ओमैक्स रोड और NH-8 अंडरपास के आस-पास के इलाके शामिल हैं।

दिल्ली में ट्रैफिक पर असर

कई जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई है और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों के लिए अलर्ट जारी किया है। मथुरा रोड पर अपोलो हॉस्पिटल और आश्रम चौक के बीच गिरे एक पेड़ की वजह से भी आवाजाही पर असर पड़ा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में और आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बारिश का अनुमान लगाया है। दोपहर से शाम तक कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। राजधानी में दिन के बाकी समय के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि रात में भी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।

गुरुग्राम में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की

पास के गुरुग्राम में, भारी बारिश के कारण अधिकारियों को सुरक्षा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी क्योंकि और बारिश का अनुमान था। IMD की ओर से भारी बारिश की चेतावनी मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी की। इससे पहले, मौसम विभाग ने अगले दो से तीन घंटों में 15 mm प्रति घंटे से ज्यादा बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान लगाया था।

शीतला माता मंदिर इलाके के आसपास का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। इसमें शहर में हुई भारी बारिश के बाद सड़कों पर भारी जलभराव दिखाई दे रहा है।

लोगों को सलाह दी गई कि वे बिना जरूरत के यात्रा न करें और पानी से भरी सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जाने से बचें। अधिकारियों ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊपर से गुजरने वाले तारों के पास न जाने या पानी से भरे रास्तों को पार करने की कोशिश न करने की भी चेतावनी दी।

आपातकालीन एजेंसियों और सरकारी विभागों को सतर्क रहने और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

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गुरुग्राम में बाढ़ जैसे हालात इस बीच कंपनी के मैनेजर ने पूछा- टाइम पर ऑफिस कौन आया? तो भड़के लोग कहने लगे ये बातें

गुरुग्राम में गुरुवार को हर तरफ पानी भरा हुआ रहा। इस बीच एक मैनेजर का अटेंडेंस अपडेट मांगने वाला स्क्रीनशॉट, जिसमें पूछा गया था कि “कौन समय पर ऑफिस पहुंचा है” — Reddit पर लोगों के गुस्से का कारण बन गया है। यह नाराजगी तब सामने आई है, जब अधिकारियों ने शुक्रवार तक ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ को बढ़ा दिया है, क्योंकि IMD ने उस दिन और बारिश का अनुमान लगाया है।

Reddit पर एक कर्मचारी द्वारा शेयर किए गए इस वायरल स्क्रीनशॉट में मैनेजर स्टाफ से न सिर्फ यह कन्फर्म करने के लिए कह रहा है कि वे समय पर ऑफिस पहुंचे हैं या नहीं, बल्कि खास तौर पर यह भी पूछ रहा है कि क्या वे DLF ऑफिस या सिग्नेचर टावर्स समय पर पहुंचे हैं। साथ ही उसने यह भी लिखा है कि “समय की पाबंदी ही प्रोफेशनलिज्म को दिखाती है।”

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इस पोस्ट पर कैप्शन था “क्या बारिश के बावजूद आज किसी और को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा?” हर किसी की तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। हालांकि स्क्रीनशॉट की सच्चाई और मैनेजर की पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

रेडिट पर लोग क्या कह रहे हैं?

लोगों की प्रतिक्रियाएं व्यंग्य से लेकर गुस्से तक थीं। एक टॉप कमेंट में मैनेजर की ही बात उन्हीं पर लागू करते हुए लिखा गया- “समय की पाबंदी प्रोफेशनलिज्म दिखाती है… और सहानुभूति अच्छे मैनेजमेंट की निशानी है!!”कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने मंजूरी मिलने पर घर से काम (WFH) करने का विकल्प चुना, क्योंकि बहुत जल-जमाव था, भले ही उस समय बारिश नहीं हो रही थी।

एक जवाब में लिखा था कि उन्होंने बीमारी की छुट्टी ली थी और यह पूछने की “हिम्मत” पर सवाल उठाया गया कि कौन समय पर नहीं आया। एक अन्य यूजर ने लिखा कि “इंसानियत खत्म हो गई है,” और सवाल किया कि ऐसे मौसम में आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए कैब का इंतजाम क्यों नहीं किया गया।

एक और कमेंट करने वाले ने इस बात पर हैरानी जताई कि 2026 में भी ऐसा हो रहा है, “जबकि WFH के लिए पुलिस की एडवाइजरी जारी की गई है,” वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वे लगातार तीन दिनों से घर से काम कर रहे थे, और पिछले साल घर पहुंचने में लगे 4.5 घंटे के सफर को याद किया।