हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

एक दिन देर से ही सही पूरे देश में छा तो गया मानसून पर बारिश के ये 3 आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले, IMD का बिग अपडेट

Monsoon Rain Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को एक बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसके मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे देश को कवर कर लिया है। पूरे देश में मानसून के छाने में सामान्य तिथि (8 जुलाई) के मुकाबले इस बार महज एक दिन की देरी हुई है। भले ही मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए बारिश के तीन आंकड़े देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश में इस समय कुल मिलाकर बारिश की कमी बनी हुई है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो स्थितियों का उभरना इसके पीछे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। अल नीनो की स्थिति भारत में कम बारिश की वजह बनती है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वे 3 आंकड़े जो चिंता बढ़ा रहे हैं:

चिंता बढ़ाने वाले बारिश के 3 बड़े आंकड़े

IMD के डेटा के मुताबिक मानसूनी सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के आंकड़ों में गंभीर गिरावट दर्ज की गई है। इसे नीचे बिंदुवार समझा जा सकता है-

1- जून महीने में 40% की भारी कमी

भारत में इस साल जून के महीने में करीब 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। इसमें सबसे बुरी मार मध्य भारत पर पड़ी। यहां जून में 50.4 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। इतना ही नहीं देश में इस साल जून के दौरान साल 1901 के बाद से अब तक की पांचवीं सबसे कम (99.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।

2- ओवरऑल सीजनल डेफिसिट अभी भी 14% पर

भले ही जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश दिख रही है लेकिन IMD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 9 जुलाई की अवधि के लिए देश में कुल मिलाकर बारिश की कमी अभी भी 14 प्रतिशत पर बनी हुई है।

3- जुलाई महीने का सूखा अनुमान (94% LPA)

मौसम विभाग ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया था कि जुलाई के पहले 7 से 10 दिनों में देश भर में बारिश होगी (जो वर्तमान में दिख भी रही है) लेकिन इसके साथ ही विभाग ने आगाह किया है कि पूरा जुलाई महीना सामान्य से अधिक सूखा रहेगा। जुलाई में देश भर में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

क्या होता है LPA?

एलपीए (Long-Period Average) का मतलब किसी दिए गए समय (जैसे एक महीना या सीजन) के दौरान किसी विशेष क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश के उस औसत से होता है जो आम तौर पर 30 से 50 वर्षों की एक लंबी अवधि का निकाला जाता है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मौसमी बारिश का एलपीए (LPA) 87 सेमी है।

जुलाई के शुरुआती 9 दिनों में रहा बड़ा सरप्लस

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगर सिर्फ जुलाई महीने के शुरुआती आंकड़ों को देखें तो भारत ने अब तक बारिश का एक बड़ा सरप्लस (अधिकता) देखा है। जहां जुलाई के पहले 9 दिनों में सामान्य बारिश का आंकड़ा 73.8 मिमी होता है, वहीं देश में इस अवधि में अब तक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

इस साल सामान्य से कम रह सकती है कुल मानसूनी बारिश

केरल में इस साल मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई थी जिसने देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) की शुरुआत की थी। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून को दस्तक देता है। मौसम विभाग के कुल पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल पूरे मानसून सीजन में होने वाली कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) की सिर्फ 90 प्रतिशत होने की संभावना है। इसमें 4 प्रतिशत का मॉडल एरर शामिल है। अल नीनो की स्थिति के चलते इस कमी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

कल का मौसम 6 जुलाई: गुजरात से MP तक रेड-ऑरेंज अलर्ट, IMD ने इन 22+ राज्यों में धुआंधार बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 3 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना डीप डिप्रेशन 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वर्तमान में ओडिशा के बालासोर से लगभग 40 किमी दक्षिण, चांदबाली से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा से 70 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान बालासोर के करीब चांदबाली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस डिप्रेशन के साथ-साथ मौसमी ट्रफ रेखा, ऑफ-शोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 6 जुलाई को देश के 22 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और तीव्र आंधी-तूफान का डबल अटैक होने जा रहा है।

इन 4 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए देश के चार राज्यों/क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रिकॉर्डतोड़ पानी बरस सकता है:

  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश

  • मौसम विभाग ने 6 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी मानसून की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है:
  • उत्तर और मध्य भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, और महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल व सिक्किम।
  • पश्चिम और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र का मराठावाड़ा इलाका।
  • उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर की चेतावनी

मौसम विभाग ने 6 जुलाई को कुछ राज्यों में बेहद खतरनाक और विनाशकारी हवाओं के साथ बवंडर आने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की आशंका है।

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का कहर

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

असम में भारी उमस का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच उत्तर-पूर्व के राज्य असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा। इससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी

डीप डिप्रेशन और चक्रवाती प्रणालियों के कारण समुद्री तटों पर हालात बेहद खराब और डरावने रहने वाले हैं-

अरब सागर और तटीय इलाके: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलेंगी।

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

कल का मौसम 4 जुलाई: राजस्थान-MP से यूपी-बिहार, बंगाल तक मौसम का रौद्र रूप, IMD ने इन 25 से ज्यादा जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने पूरे शबाब पर आ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ही समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर की वजह से मौसम विभाग ने 4 जुलाई को देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।

5 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 4 जुलाई को देश के पांच प्रमुख राज्यों में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है-

  • गुजरात (गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ)
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश

इन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 जुलाई को कुछ राज्यों में मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • पूर्वी राजस्थान
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • विदर्भ
  • तेलंगाना
  • तटीय कर्नाटक

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-राजस्थान में आंधी और बिजली का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कल मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। 4 से 7 जुलाई के दौरान यहां छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान में 40-50 किमी प्रति घंटे और पश्चिमी राजस्थान में 4-9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी हवाएं और अंधड़ चलने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब-हरियाणा में 4 जुलाई को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3-5 जुलाई के दौरान छिटपुट से बिखरी हुई बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 4 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश-बिहार में तेज अंधड़ की चेतावनी

मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों (पूर्वी व पश्चिमी) और विदर्भ में 4 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे (झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। छत्तीसगढ़ में 4 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में 3-9 जुलाई तक छिटपुट बारिश का दौर रहेगा लेकिन 4 जुलाई को राज्य में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। झारखंड में 4 जुलाई को मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधि और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 जुलाई को भारी बारिश होगी। इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और गंगीय पश्चिम बंगाल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

उत्तर-पूर्व भारत: असम-मेघालय सहित सातों राज्यों में भारी वर्षा

उत्तर-पूर्व के राज्यों में मानसूनी हवाएं लगातार नमी ला रही हैं। असम और मेघालय में 4 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन चारों राज्यों में 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 4 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर बिजली गिरने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दक्षिण भारत: कर्नाटक में मजबूत सतही हवाएं और मूसलाधार बारिश

तटीय कर्नाटक में बहुत भारी बारिश और आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी व दक्षिणी) में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी चलेगी और तटीय व आंतरिक हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी है। केरल, माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होगी। रायलसीमा और लक्षद्वीप में 4 जुलाई को तेज सतही हवाएं चलेंगी जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए रेड वॉर्निंग

खराब मौसम और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समंदर में न उतरने की सख्त हिदायत दी है-

अरब सागर: सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और मध्य व उत्तरी अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से डरावनी हवाएं चलेंगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटों तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: मध्य और उससे सटे दक्षिणी बंगाल की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरें और तूफानी मौसम रहने का अनुमान है।