कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

एक दिन देर से ही सही पूरे देश में छा तो गया मानसून पर बारिश के ये 3 आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले, IMD का बिग अपडेट

Monsoon Rain Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को एक बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसके मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे देश को कवर कर लिया है। पूरे देश में मानसून के छाने में सामान्य तिथि (8 जुलाई) के मुकाबले इस बार महज एक दिन की देरी हुई है। भले ही मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए बारिश के तीन आंकड़े देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश में इस समय कुल मिलाकर बारिश की कमी बनी हुई है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो स्थितियों का उभरना इसके पीछे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। अल नीनो की स्थिति भारत में कम बारिश की वजह बनती है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वे 3 आंकड़े जो चिंता बढ़ा रहे हैं:

चिंता बढ़ाने वाले बारिश के 3 बड़े आंकड़े

IMD के डेटा के मुताबिक मानसूनी सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के आंकड़ों में गंभीर गिरावट दर्ज की गई है। इसे नीचे बिंदुवार समझा जा सकता है-

1- जून महीने में 40% की भारी कमी

भारत में इस साल जून के महीने में करीब 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। इसमें सबसे बुरी मार मध्य भारत पर पड़ी। यहां जून में 50.4 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। इतना ही नहीं देश में इस साल जून के दौरान साल 1901 के बाद से अब तक की पांचवीं सबसे कम (99.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।

2- ओवरऑल सीजनल डेफिसिट अभी भी 14% पर

भले ही जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश दिख रही है लेकिन IMD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 9 जुलाई की अवधि के लिए देश में कुल मिलाकर बारिश की कमी अभी भी 14 प्रतिशत पर बनी हुई है।

3- जुलाई महीने का सूखा अनुमान (94% LPA)

मौसम विभाग ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया था कि जुलाई के पहले 7 से 10 दिनों में देश भर में बारिश होगी (जो वर्तमान में दिख भी रही है) लेकिन इसके साथ ही विभाग ने आगाह किया है कि पूरा जुलाई महीना सामान्य से अधिक सूखा रहेगा। जुलाई में देश भर में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

क्या होता है LPA?

एलपीए (Long-Period Average) का मतलब किसी दिए गए समय (जैसे एक महीना या सीजन) के दौरान किसी विशेष क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश के उस औसत से होता है जो आम तौर पर 30 से 50 वर्षों की एक लंबी अवधि का निकाला जाता है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मौसमी बारिश का एलपीए (LPA) 87 सेमी है।

जुलाई के शुरुआती 9 दिनों में रहा बड़ा सरप्लस

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगर सिर्फ जुलाई महीने के शुरुआती आंकड़ों को देखें तो भारत ने अब तक बारिश का एक बड़ा सरप्लस (अधिकता) देखा है। जहां जुलाई के पहले 9 दिनों में सामान्य बारिश का आंकड़ा 73.8 मिमी होता है, वहीं देश में इस अवधि में अब तक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

इस साल सामान्य से कम रह सकती है कुल मानसूनी बारिश

केरल में इस साल मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई थी जिसने देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) की शुरुआत की थी। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून को दस्तक देता है। मौसम विभाग के कुल पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल पूरे मानसून सीजन में होने वाली कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) की सिर्फ 90 प्रतिशत होने की संभावना है। इसमें 4 प्रतिशत का मॉडल एरर शामिल है। अल नीनो की स्थिति के चलते इस कमी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर के वीकली मौसम के लिए नेशनल अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और आगामी 23 जून के आसपास इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में एंट्री करने के लिए परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल हैं। आईएमडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के 13 राज्यों/क्षेत्रों में प्रचंड बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में राजस्थान से लेकर दिल्ली-NCR तक अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का तांडव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं 25 जून तक देश भर में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट: बंगाल में अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 से 21 जून तक लगातार और फिर 22 जून को रिकॉर्डतोड़ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा 23 से 25 जून के बीच भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 19 से 23 जून तक लगातार अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-25 जून को भी भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी 19 जून को बहुत भारी और 20 जून को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। बिहार में 22 से 25 जून के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। 24 जून को बिहार में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाला थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) भी आएगा।

अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 25 जून तक लगातार भारी बारिश होगी। इसके अलावा ओडिशा (19-21 जून), गुजरात रीजन (19 जून), कोंकण व गोवा (23-24 जून), केरल व माहे (19-23 जून), तटीय व आंतरिक कर्नाटक (21-25 जून), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल (19-21 जून) और लक्षद्वीप में 21 जून को भारी बारिश की चेतावनी है।

राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते भयंकर आंधी का दौर चलेगा। 19 जून और 20 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलेगा, जिसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी (Dust Storm) का भी अलर्ट है। 24-25 जून को यहां व्यापक बारिश होगी। दिल्ली, नई दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 19 से 22 जून तक लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 19-22 जून और उत्तराखंड में 19-21 जून तक तेज आंधी-तूफान की आशंका है। आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर (19-20 जून), हिमाचल प्रदेश (19 जून) और उत्तराखंड (19 जून) में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

मध्य और दक्षिण भारत में मौसम का हाल

मध्य भारत (MP, छत्तीसगढ़, विदर्भ): पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 19-20 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आ सकता है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22-23 जून के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटे) के साथ आंधी-पानी का अनुमान है।

दक्षिण भारत में थंडरस्क्वाल: तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में 19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आने की आशंका है, जिसके बाद 20 से 23 जून तक यहां तेज हवाएं और बिजली कड़कने का सिलसिला जारी रहेगा।

यूपी और बिहार में हीटवेव का टॉर्चर, जानें कब मिलेगी राहत

मौसम विभाग के मुताबिक, जहां एक तरफ बारिश का दौर शुरू हो रहा है, वहीं कुछ राज्यों को अभी तपिश झेलनी होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक भीषण लू का कहर जारी रहेगा। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19-24 जून तक तापमान हाई रहेगा। बिहार में 19 से 22 जून तक लू का प्रकोप रहेगा, जिसके बाद 22 जून से होने वाली भारी बारिश से राहत मिलेगी। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में 19-20 जून, मारथवाड़ा में 19 जून और तेलंगाना में 19 से 21 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 19-21 जून तक असहनीय उमस और चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी। विदर्भ में 19 जून की रात अत्यधिक गर्म रहने वाली है।