मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

IMD का बारिश पर बड़ा अलर्ट: यूपी-उत्तराखंड 2 दर्जन से ज्यादा राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी, 15 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असर की वजह से जबर्दस्त बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और कई लैंडस्लाइड देखने को मिली हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए आज 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने सामान्य तिथि (8 जुलाई) से महज 1 दिन की देरी से 9 जुलाई को पूरे देश में अपनी दस्तक दे दी है। पूरे भारत में मानसून के सक्रिय होने के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत दो दर्जन से अधिक राज्यों के लिए 15 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर कुछ राज्यों में बादलों का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है:

  1. उत्तराखंड: 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  3. देश भर के राज्यों का विस्तृत क्षेत्रीय पूर्वानुमान (9 से 15 जुलाई)
  4. उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में लगातार बरसेंगे बादल

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 10 जुलाई को बहुत भारी और 11 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूर्वी यूपी में 9 से 11 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 12-13 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी है।

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 9-10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 11 से 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। यहां 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ ही 9 जुलाई और 11-12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  • जम्मू-कश्मीर और राजस्थान: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-12 जुलाई तक व्यापक बारिश, भारी बारिश (11-12 जुलाई) और 15 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-10 जुलाई को गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। इन दोनों क्षेत्रों में 9 से 13 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में 9 जुलाई को और पूर्वी हिस्से में 9-10 जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 9 जुलाई और फिर 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी जबकि 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-13 जुलाई तक बिजली चमकने का अलर्ट है। विदर्भ में 9 जुलाई और 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बहुत भारी बारिश की मार

बिहार: बिहार में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 10 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिससे 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9-10 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 11-15 जुलाई को भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 से 13 जुलाई तक भारी बारिश और 9-10 जुलाई को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 12-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में 13-14 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 15 जुलाई तक आफत

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 15 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी, जिसमें 9 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गोवा में मूसलाधार जारी

कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक और भारी बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मारूवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 15 जुलाई तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में थंडरस्कॉल का अलर्ट

तेलंगाना: तेलंगाना में 9 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। 10 से 15 जुलाई तक यहां तेज हवाएं चलेंगी।

केरल और कर्नाटक: केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 9-15 जुलाई तक व्यापक बारिश और 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी और 9-10 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।

Monsoon 2026: मानसून आ गया फिर भी दिल्ली-NCR में क्यों नहीं रही बारिश? मौसम विभाग ने बताई वजह

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून के उत्तर और मध्य भारत के कई अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो आमतौर पर जून के आखिर में देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मानसून पहुंच चुका है, तो फिर बारिश क्यों नहीं हो रही?

दरअसल, मानसून का किसी क्षेत्र में पहुंचना और वहां लगातार बारिश होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अच्छी बारिश तभी होती है, जब बारिश कराने वाली मौसम प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हो जाती हैं। फिलहाल यही सिस्टम कई इलाकों में पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, इसलिए मानसून आने के बावजूद व्यापक बारिश नहीं हो रही है।

मानसून के किसी इलाके में पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वहां तुरंत तेज बारिश शुरू हो जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कई मौसम संबंधी कारणों पर निर्भर करती है। इनमें हवा की दिशा, वातावरण में नमी और बड़े इलाके में लगातार बारिश जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि किसी राज्य के हर जिले में एक साथ बारिश हो। कई बार मानसून राज्य में पहुंच जाता है, लेकिन कई शहरों में कुछ दिनों तक गर्मी, उमस और सूखा मौसम बना रहता है।

हाल ही में जारी INSAT-3DS उपग्रह की तस्वीरों में भी यही स्थिति दिखाई दी है। मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने बादल नजर आ रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी भी आसमान काफी हद तक साफ दिखाई दे रहा है।

उत्तर भारत में अभी तक अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में व्यापक बारिश नहीं होने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) नहीं बनना है। यही सिस्टम मानसून को मजबूत करता है और समुद्र से नमी लेकर देश के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाता है। इसके कारण मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश होती है।

जब ऐसा सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तो नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने की बजाय केवल कुछ जगहों पर आंधी, गरज-चमक और हल्की या छिटपुट बारिश होती है। यानी, मानसून उत्तर भारत तक पहुंच चुका है, लेकिन अच्छी और व्यापक बारिश के लिए जरूरी मौसम प्रणाली अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई है। इसी वजह से कई इलाकों में लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

जुलाई में फिर जोर पकड़ सकता है मानसून

मौसम के अनुमान बताते हैं कि जुलाई की शुरुआत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सूखा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्य रेखा के उत्तर में पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक बड़ा मौसम तंत्र विकसित हो रहा है। उम्मीद है कि यह अगले 4 से 7 दिनों में बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके बाद मानसून को मजबूती मिलेगी और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।

इसके अलावा, मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी भारत के ऊपर बनने वाले एक विशेष मौसम तंत्र पर भी नजर बनाए हुए हैं। यदि यह सक्रिय होता है, तो महाराष्ट्र, गुजरात और आसपास के राज्यों में अच्छी और तेज बारिश देखने को मिल सकती है।