Delhi Weather Today: 5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद राजधानी में बदलेगा मौसम, तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के आसार, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज पूरे दिन बादल छाए रहे सकते हैं, साथ ही शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के बाद शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें आंधी-तूफान, तेज हवाओं और थोड़ी देर बारिश की चेतावनी दी गई है।

IMD के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 36°C से 38°C और न्यूनतम तापमान 28°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय 20–25 किमी/घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बाद में धीमी होकर 10–15 किमी/घंटा रह जाएंगी।

आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट

IMD ने अनुमान लगाया है कि कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही, 20-30 किमी/घंटा की गति तेज जमीनी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसा खासकर सुबह और दोपहर से पहले के समय में होगा। हालांकि, पूरे शहर में बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर होने वाली बारिश से मौजूदा गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है।

शहर में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात रही

यह अनुमान दिल्ली में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आया है। बता दें कि सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री ज्यादा था। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान भी 38.8°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.6 डिग्री ज्यादा था। बीच-बीच में बादल छाए रहने के बावजूद गर्मी और उमस बनी रही।

यात्रियों के लिए सलाह

मौसम को देखते हुए IMD ने एडवाइजरी करते हुए लिखा, कुछ इलाकों में थोड़ी देर की बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा करते समय छाता साथ रखें और तूफान के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें।

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Delhi NCR Monsoon Watch: दिल्ली में मानसून एंट्री की नई डेट IMD ने बताई, 30 जून के भी पार जाएगा! जाने कब होगी मानसूनी बारिश की शुरुआत

Delhi-NCR Monsoon Watch: दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को मानसून की फुहारों के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दिल्ली में मानसून की एंट्री अपनी सामान्य तारीख से आगे बढ़ गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली में मानसूनी बारिश की शुरुआत अब 30 जून के भी पार यानी अगले हफ्ते जुलाई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक एक्सटेंडेड फोरकास्ट पीरियड के दूसरे सप्ताह यानी 2 जुलाई से 8 जुलाई के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR सहित देश के अन्य हिस्सों में मानसून की दस्तक और बारिश की शुरुआत को लेकर क्या नया अनुमान जारी किया है।

दिल्ली में क्यों हो रही है मानसून की एंट्री में देरी?

आमतौर पर दिल्ली में मानसून के दस्तक देने की सामान्य तारीख 30 जून के आसपास होती है। इस बार मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। इस बार मानसून एंट्री की यह तारीख अब आगे खिसक कर जुलाई के पहले सप्ताह (2 से 8 जुलाई) में पहुंच गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मौसमी परिस्थितियां उत्तर और मध्य भारत में लगातार नमी के प्रवाह और मानसूनी गतिविधियों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह मददगार साबित हो रही हैं।

अगले हफ्ते (2 से 8 जुलाई) के बीच क्यों मजबूत होगा मानसून?

IMD ने अपने बुलेटिन में उन प्रमुख भौगोलिक और वायुमंडलीय बदलावों का जिक्र किया है, जो अगले हफ्ते मानसून को तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

सोमाली जेट: निचले क्षोभमंडल स्तर पर सोमाली जेट के और मजबूत होने की संभावना है। इससे दक्षिणी अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो को बढ़ावा मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण: जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर बंगाल की खाड़ी के निचले से मध्य क्षोभमंडल स्तरों पर एक असामान्य चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की संभावना है।

पछुआ हवाओं का असर: देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय हिस्सों में निचले क्षोभमंडल स्तरों पर पछुआ हवाएं हावी रहेंगी।

दूसरी मौसमी प्रणालियां: सक्रिय बंगाल की खाड़ी का परिसंचरण, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का सहायक चरण, तिब्बती एंटीसाइक्लोन का अपनी सामान्य स्थिति में अधिक स्पष्ट होना और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत पर ईस्ट-वेस्ट शियर जोन का विकसित होना मानसून को आगे ले जाने में मदद करेगा।

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में कब से शुरू होगी बारिश?

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 जुलाई से 8 जुलाई के बीच देश के इस बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज ऐसा रहेगा।

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में इस अवधि के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और निचले क्षोभमंडल स्तर की पछुआ हवाओं के असर की वजह से जुलाई के पहले सप्ताह में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में कुछ दिनों के लिए अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

देश के अन्य राज्यों में मानसून की क्या है स्थिति?

फिलहाल दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

पहले सप्ताह का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान सप्ताह में मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बचे हुए हिस्सों, झारखंड और बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

दूसरे सप्ताह (2 से 8 जुलाई) का अनुमान: अगले हफ्ते परिस्थितियां और बेहतर होंगी। इससे मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के शेष बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह प्रवेश कर जाएगा। इसके साथ ही जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में भी मानसून अपनी दस्तक दे देगा।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में आज मौसम रहेगा सुहाना, शाम को आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार, 40°C से नीचे जाएगा पारा

Delhi Weather Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार, 25 जून को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय आंधी-तूफान आने की संभावना है। बता दें कि यह स्थिति बुधवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने के बाद बनी है, जिसके कारण IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों में आंधी-तूफान व बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

हालांकि इस क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है, लेकिन शहर अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार कर रहा है, जिसके आने में सामान्य समय से देरी हुई है। वहीं, जून महीने में अब तक दिल्ली में 39.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने में 48.3 मिमी बारिश होती है। है। यानी इस बार अब तक लगभग 18% कम बारिश हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि मानसून में देरी की वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर अनुकूल कम दबाव वाले सिस्टम का न बनना है, जो आमतौर पर नमी वाली हवाओं को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर धकेलने में मदद करता है।

हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित हो सकता है। इसके बनने से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और जुलाई के पहले सप्ताह में इसके दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

गरज वाले बादल, तापमान सामान्य

गुरुवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है, जिससे हाल के दिनों की तुलना में सुबह का मौसम काफी सुहावना रहेगा।

IMD ने दिन में बाद में गरज के साथ बादल बनने की संभावना जताई है, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर के लिए बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर हवाओं की रफ्तार सामान्य रूप से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

बुधवार की गर्मी और हवा की गुणवत्ता

यह अनुमान बुधवार के बाद आया है, जब दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा था। वहीं, ज्यादा नमी के कारण हीट इंडेक्स यानी “महसूस होने वाला तापमान” 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम था।

इस बीच, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ (संतोषजनक) श्रेणी में रही और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 127 दर्ज किया गया।

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