21 अगस्त को मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट! यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में होगी भारी बारिश, देखें- मौसम विभाग की चेतावनी

Weather update for August 21: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस क्षेत्र में मानसूनी प्रणालियों के असर की वजह से जमकर बारिश होगी। इससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा देश के 14 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। उत्तर भारत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी। मध्य भारत के पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना

कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट भी दिया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वज्रपात का अनुमान जताया गया है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूरे मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व व पूर्व-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

IMD Rain Alert: आज इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़-MP और यूपी में भी होगी आफत की बरसात

IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 20 अगस्त यानी आज देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। खासतौर पर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत, हिमालयी राज्यों और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

छत्तीसगढ़, पूर्वी MP और पश्चिमी UP में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, 20 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, केरल और माहे, मध्य प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। इससे खुले इलाकों में आवाजाही और स्थानीय स्तर पर पेड़ या कमजोर संरचनाओं को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।

अरब सागर में भी तेज हवाओं का असर

मौसम का असर समुद्री इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। अरब सागर में कई हिस्सों में तेज हवाओं की स्थिति रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तथा उनसे लगे समुद्री क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं। जबकि झोंकों के साथ इनकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी तथा कुछ उत्तर-पूर्वी और पूर्व-मध्य हिस्सों में भी ऐसी परिस्थितियां बनने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र रहेगा अशांत

बंगाल की खाड़ी में भी कुछ समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है। गल्फ ऑफ मन्नार से लगे कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका के तट से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों के दौरान गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में समुद्र में जाने वाले मछुआरों और अन्य नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आज देश में मौसम का कुल मिलाकर हाल

20 अगस्त को मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि मध्य भारत, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना सबसे प्रमुख चेतावनी है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और तेज बारिश, बिजली और हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

आंधी-तूफान और हवाएं

40-50 किमी/घंटा तेज हवाएं: अंदमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में तेज हवाएं चलेंगी।

30-40 किमी/घंटा तेज हवाएं: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, तटीय एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है।

कल का मौसम: 20 अगस्त को इन 15+ राज्यों में होगी आफत की बारिश! हिमाचल से यूपी-बिहार तक IMD का अलर्ट जारी, ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त के लिए मौसम का डिटेल्ड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक 15 से भी अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर बेहद आक्रामक रहने वाला है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 20 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर जारी रहेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में 20 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश से भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट भी देखने को मिलेगी।

बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और कड़कती बिजली का साया

20 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का गखतरा मंडरा रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम और भी ज्यादा उग्र रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर के विभिन्न इलाकों में भी सिर्फ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनी

मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बन रहे मौसमी दबाव के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिमी-मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने की आशंका जताई गई है।

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कल का मौसम 19 अगस्त: यूपी में प्रचंड बारिश की रेड कलर वॉर्निंग, IMD ने इन 20+ राज्यों में मूसलाधार का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: देश में मानसूनी हवाओं की वजह से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 अगस्त के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बुधवार को देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और अंधड़ की स्थिति बनी रहेगी। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से बेहद सतर्क रहने और जलभराव व आकाशीय बिजली की घटनाओं से बचाव के कदम उठाने की अपील की है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक मानसून की रफ्तार काफी तेज रहने वाली है। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुदरत का प्रकोप देखने को मिल सकता है, जहां मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

पूर्वी यूपी में रेड अलर्ट, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी तबाही की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में आफत की बारिश होगी। यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे नदियां उफान पर आ सकती हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

इन राज्यों के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी झमाझम बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और बिहार में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। साथ ही झारखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भी होगी जोरदार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कई हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है।

तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के बड़े हिस्से में आकाशीय बिजली और तेज आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

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उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में सतह पर तेज हवाएं चलेंगी।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों के लिए चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग ने अरब सागर के तटीय और मध्य भागों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ और उससे दूर और पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

Weather Update: अगले 48 घंटे भारी! यूपी, MP और झारखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम हुआ एक्टिव

IMD Weather Bulletin: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप पकड़ने की वजह से भारी बारिश का दौर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी इसमें राहत की उम्मीद नहीं दिख रही क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को जारी अपने वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बने डिप्रेशन (अवदाब) के असर से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है।

इसके चलते उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठा यह डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और आसपास के इलाकों में केंद्रित हो गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके इसी दिशा में झारखंड और बिहार से होकर गुजरने और धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। त्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि मानसूनी ट्रफ भी अपने सामान्य स्थान पर सक्रिय है।

पिछले 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

IMD के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिली है। उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेमी से अधिक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़, असम व मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेमी की बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भी 7 से 11 सेमी तक की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण-पूर्वी UP, MP और झारखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर भारत और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बेहद मूसलाधार यानी अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में 18 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 अगस्त के दौरान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग दिनों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में 18 से 24 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

मध्य भारत और ओडिशा-छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बरसेगी आफत

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 20 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 से 22 अगस्त के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। पूर्वी भारत में झारखंड में 18 अगस्त को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इनकी स्पीड 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 20 अगस्त के दौरान हल्की से मीडियम और कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों का हाल

पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 24 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और बिजली चमकने का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 18 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक देखने को मिलेगी।

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दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के अलग अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर 23C में बनेगा नया इंटरस्टेट बस टर्मिनल! ताइवान सिटी, यूनिवर्सिटी और मेडिकल हब को लेकर ये है प्लान

Noida Airport News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) तक पहुंचने और वहां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आसपास के राज्यों के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट के नजदीक एक इंटरसिटी बस टर्मिनल बनाने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में सिटी बसों की संख्या बढ़ाने समेत स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्टों को भी हरी झंडी दी गई है।

सेक्टर-23 में बनेगा इंटरसिटी बस टर्मिनल

YEIDA के फैसले के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सेक्टर-23 में ‘इंटरसिटी बस टर्मिनल’ विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आसपास के शहरों और कस्बों से बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा के जरिए जोड़ना है।

इस टर्मिनल के बनने के बाद यात्रियों को निजी गाड़ियों या कैब पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों के विभिन्न शहरों तक बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

100 से बढ़ाकर 500 की जाएगी सिटी बसों की संख्या

YEIDA बोर्ड ने इस एरिया में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में चलने वाली सिटी बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने की मंजूरी दी गई है। इस कदम से एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे रिहायशी, कमर्शियल और औद्योगिक इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। जैसे-जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, सार्वजनिक परिवहन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जाएगी।

एयरपोर्ट से आसपास के इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी

YEIDA के CEO आरके सिंह के अनुसार, प्रस्तावित बस टर्मिनल एयरपोर्ट को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका मकसद यात्रियों के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे वे एयरपोर्ट से सीधे विभिन्न शहरों और कस्बों तक आसानी से यात्रा कर सकें।

फिलहाल,नोएडा एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने के साथ परिवहन व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ेगा। ऐसे में इंटरसिटी बस टर्मिनल और सिटी बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्षेत्र के भविष्य के यातायात ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एयरपोर्ट के आसपास बनेगा 500 एकड़ का मेडिकल हब

YEIDA बोर्ड के फैसले सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं हैं। प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का भी रास्ता साफ कर दिया है।बोर्ड ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल हब बनाने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से आने वाले समय में बड़े अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सेक्टर-34 में 40 एकड़ का यूनिवर्सिटी टाउनशिप

शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। सेक्टर-34 में 40 एकड़ जमीन पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट के आसपास शैक्षणिक संस्थानों और आधुनिक टाउनशिप के विकास से क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

50 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम

इस एरिया में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। YEIDA बोर्ड ने 50 एकड़ में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए जमीन मंजूर की है। इसके अलावा अन्य सार्वजनिक और व्यावसायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी जमीन को मंजूरी दी गई है। इससे एयरपोर्ट के आसपास का पूरा क्षेत्र केवल एक ट्रांसपोर्ट हब के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

सेक्टर-6 में 300 एकड़ में बनेगी ‘ताइवान सिटी’

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए YEIDA ने सेक्टर-6 में 300 एकड़ जमीन ‘ताइवान सिटी’ के लिए आरक्षित करने का भी फैसला किया है। इसका उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उद्योगों को आकर्षित करना है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को। यदि इस योजना को बड़े स्तर पर उद्योगों का समर्थन मिलता है तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण का एक नया औद्योगिक केंद्र विकसित हो सकता है।

तेजी से बदलने जा रहा है एयरपोर्ट के आसपास का इलाका

YEIDA के इन फैसलों से साफ है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास केवल हवाई यात्रा से जुड़ा ढांचा ही नहीं, बल्कि एक बड़े और आधुनिक शहरी क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इंटरसिटी बस टर्मिनल, 500 सिटी बसों की योजना, 500 एकड़ का मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और ताइवान सिटी जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।

कल का मौसम: IMD की बड़ी चेतावनी! 18 अगस्त को 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा वेदर

18 अगस्त को मौसम विभाग ने बड़े पैमाने पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बहुत ज्यादा भारी बारिश की पूरी संभावना बन रही है। इसी तरह बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

झारखंड में आफत की बारिश, बिहार समेत 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

18 अगस्त को मौसम का सबसे भयानक रूप झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राज्य में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा देश के 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी UP और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 18 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 18 अगस्त को देश के अलग अलग हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।

इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 18 अगस्त को स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहेगी। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।

बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

Ghaziabad-Sitapur Rail Project: पश्चिमी यूपी को बड़ी सौगात! गाजियाबाद से सीतापुर के बीच 403 KM की बिछेगी नई रेल लाइन, हापुड़ को भी होगा बड़ा फायदा

Ghaziabad–Sitapur Rail Project: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा बल मिला है। गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक करीब 406 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की प्रस्तावित योजना अब सर्वे के चरण में पहुंच गई है। इस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट का फाइनल सर्वे फिलहाल जारी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये बताई गई है। रेलवे की ओर से एक RTI के जवाब में दी गई जानकारी सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों में नई रेल कनेक्टिविटी की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।

इसी साल 18 अप्रैल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गाजियाबाद और सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दी थी। उम्मीद है कि इससे रेलवे की क्षमता काफी बढ़ेगी, सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा और देश के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर भीड़ कम होगी। यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद-सीतापुर सेक्शन दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है।

अभी यह अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है। इसका इस्तेमाल 168% तक पहुंच गया है। अगर विस्तार नहीं किया गया, तो इसके 207% तक बढ़ने का अनुमान है। दो नई अतिरिक्त लाइनों का मकसद इस रुकावट को दूर करना और यात्री एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाना है।

फाइनल सर्वे का काम जारी

प्रस्तावित रेल लाइन गाजियाबाद को हापुड़ के रास्ते सीतापुर से जोड़ेगी। फिलहाल रेलवे इस रूट से जुड़े अंतिम सर्वे का काम कर रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना के तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया जाएगा। करीब 406 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावना है।

हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा

इस परियोजना से सबसे अधिक उम्मीद हापुड़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। नई रेल लाइन बनने से इन इलाकों के लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल संपर्क मिल सकता है।बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है।

₹14,926 करोड़ की है प्रस्तावित परियोजना

प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये है। हालांकि, अभी यह योजना सर्वे के चरण में है। इसलिए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। रेलवे के RTI जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि परियोजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। वर्तमान में फाइनल सर्वे किया जा रहा है।

पश्चिमी यूपी की रेल कनेक्टिविटी को मिल सकता है नया विकल्प

गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण शहर है। जबकि हापुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। ऐसे में गाजियाबाद-हापुड़-सीतापुर के बीच नया रेल संपर्क तैयार होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है। नई रेल लाइन भविष्य में यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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साथ ही, मौजूदा रेल रूट्स पर दबाव कम करने और ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, इस परियोजना को लेकर सबसे अहम पड़ाव फाइनल सर्वे का पूरा होना है। इसके बाद परियोजना के निर्माण और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

Weather Alert: अगले सात दिन नहीं थमेगी बारिश! दिल्ली-UP समेत 20+ राज्यों में अलर्ट, इन दो राज्यों में भारी बारिश का खतरा

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले सात दिनों यानी 10 से 16 अगस्त तक कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, 10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पहले ही तेज बारिश हो चुकी है। बीते 24 घंटे में पश्चिमी मध्य प्रदेश के श्यामपुर में 21 सेंटीमीटर, भोपाल के नवीबाग में 20 सेंटीमीटर और राजगढ़ के सारंगपुर में 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। पूर्वी मध्य प्रदेश के मोहगांव में 19 सेंटीमीटर और सिहोरा में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई।

11 अगस्त को भी कई राज्यों में बारिश

11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है। कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

12 अगस्त से ओडिशा पर ज्यादा असर

12 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। 13 और 14 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

15 और 16 अगस्त तक बारिश से राहत नहीं

IMD के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की संभावना है। 16 अगस्त को भी अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में भी बारिश

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त को बारिश का दौर बढ़ सकता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 और 14-15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

फ्लैश फ्लड का भी खतरा

तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। 11 अगस्त की सुबह तक पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के अगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन तथा उत्तराखंड के कई जिलों में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का खतरा है। निचले इलाकों में जलभराव और पानी भरने की स्थिति बन सकती है।

बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली का खतरा

कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 10 अगस्त को कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं अंडमान-निकोबार में कुछ जगहों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश और बिजली चमकने के समय खुले इलाकों में जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। भारी बारिश के कारण जलभराव, बाढ़, भूस्खलन, सड़क और रेल यातायात में परेशानी जैसी स्थिति भी बन सकती है।