IMD Heavy Rain Alert: उत्तराखंड में रेड कलर वॉर्निंग, UP-MP-दिल्ली संग इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ेगा, बारिश और आंधी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert Today, September 27: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता अभी थमी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 सितंबर (रविवार) को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, उत्तराखंड में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। देहरादून के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को लगातार बारिश और बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी की आशंका

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका है। IMD ने इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। हालांकि, दिल्ली के एक स्थानीय IMD केंद्र के पूर्वानुमान में 27 सितंबर के लिए अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है। यानी बारिश का असर स्थान विशेष के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

यूपी और हिमाचल में भी बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। IMD के अनुसार यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन राज्यों में भी आंधी-तूफान का अलर्ट

  • IMD के 27 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश, पूर्वी यूपी, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा। यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

100 से अधिक मकानों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए। जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी। उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है। जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है। मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अरब सागर में भी तेज हवाएं

IMD ने दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में सोमालिया तट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना जताई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में बारिश के पीछे सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। एक निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटना शुरू कर चुका है। लेकिन उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है।

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कल का मौसम 27 सितंबर: उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, यूपी संग इन राज्यों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Weather Update: सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। आईएमडी ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। अचानक हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मा से राहत मिली है।

कैसा होगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चार धाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

27 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम अरब सागर से लगे सोमालिया तट के पास हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

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Weather Alert: एमपी से यूपी और उत्तराखंड तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की ये चेतावनी

Weather Alert: पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना डिप्रेशन (दबाव का क्षेत्र) अब उत्तर भारत की तरफ रुख कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 26 सितंबर 2026 की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह डिप्रेशन 26 सितंबर की शाम तक पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 12 घंटों के भीतर धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल हो जाएगा।

यूपी, उत्तराखंड और एमपी में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

इस डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में भीषण बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। 26 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बेहद सख्त रहेगा। उत्तरी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में बेहद मूसलाधार बारिश का अलर्ट है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ पृथक इलाकों में असाधारण और अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को भी राज्य में भारी वर्षा का सिलसिला बना रहेगा। 26 सितंबर को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 27 सितंबर को पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में इस मौसमी तंत्र की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में जमकर पानी बरसा है। उत्तर प्रदेश में 21 सेमी से अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में अत्यधिक बारिश हुई। गांगेय पश्चिम बंगाल, पश्चिमी मध्य प्रदेश, केरल, बिहार और विदर्भ में भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 60kmph की आंधी और बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का व्यापक असर देखा जाएगा। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26 और 27 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी। इसके साथ ही 26 और 27 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी/घंटे तक) चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश में 26 और 28 सितंबर को भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी राजस्थान में 26 से 30 सितंबर और पश्चिमी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के दौरान झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड और बंगाल का मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 26 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। बिहार में 26 सितंबर को तेज सतही हवाएं चलने के साथ कई जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 26 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में 26 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 26 से 29 सितंबर के दौरान तेज बारिश और हवाओं का दौर बना रहेगा।

दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत की स्थिति

दक्षिण भारत में केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 26 से 30 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 26 से 28 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 26 और 27 सितंबर को बिजली चमकने और 29 व 30 सितंबर को असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है।

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September 27 Weather: सितंबर के आखिरी हफ्ते में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। ऐसे में मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावनता जताई है। वहीं, उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और आंधी-तूफान की उम्मीद है।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

शहर के मौसम के अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर को न्यूनतम तापमान 22°C और अधिकतम तापमान 31°C रहने की उम्मीद है और मौसम को लेकर कोई खास चेतावनी नहीं है। वहीं, फरीदाबाद और गुड़गांव में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है क्योंकि हरियाणा-दिल्ली के बड़े इलाके में भारी बारिश की चेतावनी जारी है।

उत्तर प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। हालांकि, 28 सितंबर से मौसम की चेतावनी में राहत मिलने की उम्मीद है।

इस अनुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका वाले इलाकों में व्यवस्थाओं पर नजर रखें।

इसके अलावा, रेड अलर्ट वाले और अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं।

उत्तराखंड में कल का मौसम

27 सितंबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही आंधी-तूफान और बिजली भी कड़क सकती है। वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रह सकती है, जिस वजह से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।

राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। साथ ही 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

पंजाब में कल का मौसम

पंजाब में भी 27 सितंबर को भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। फिलहाल 28 सितंबर से राज्य के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

झारखंड में कल का मौसम

मध्य और पूर्वी भारत से गुजर रहे मौसम सिस्टम के असर से झारखंड में बारिश हो रही है। 27 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि 28 सितंबर से हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और पानी भरे इलाकों से गुजरते समय सावधानी बरतें।

कल राजस्थान का मौसम

राजस्थान में 27 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

कल जम्मू-कश्मीर का मौसम

27 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए मौसम की कोई चेतावनी नहीं है। 28 सितंबर से कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।

कल ओडिशा का मौसम

भुवनेश्वर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, कल ओडिशा में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, राज्य के लिए मौसम की कोई गंभीर चेतावनी नहीं है।

कल आंध्र प्रदेश का मौसम

29 सितंबर तक आंध्र प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 27 से 30 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, 27 और 28 सितंबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर में कल का मौसम

27-28 सितंबर को असम और मेघालय में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

इसेक अलावा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 सितंबर को काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है।

वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 27 सितंबर और 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर तक ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में कल का मौसम

ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में बने डिप्रेशन और सक्रिय मॉनसून की वजह से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई है। दार्जिलिंग में भूस्खलन हुआ है, और IMD ने जिले में और बारिश का अनुमान लगाया है।

कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की संभावना है, और मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भूस्खलन की चेतावनी दी है।

महाराष्ट्र और गुजरात का मौसम

अगले कुछ दिनों के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

कल दक्षिण भारत का मौसम

27 से 30 सितंबर के बीच रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।

इसी दौरान केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक और तेलंगाना में 27 से 30 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में भी 27-28 सितंबर को ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

27-28 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में, और 27-28 सितंबर को ही रायलसीमा में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) चलने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर के बाद कई उत्तरी राज्यों में मौसम की तेज गतिविधियां कम हो जाएंगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के लिए चेतावनी कम होने की उम्मीद है।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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Monsoon Update: मानसून की विदाई के संकेत के बीच यूपी से गुजरात तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और देश भर में जारी मौसमी हलचलों को लेकर ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। हालांकि मानसून की विदाई के इन संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में झमाझम और आफत की बारिश का दौर जारी है।

दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यंत भारी बारिश और गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों का हाल और सक्रिय मौसमी प्रणालियां

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात रीजन, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कोंकण-गोवा में अत्यंत भारी बारिश का संकट

पश्चिमी भारत में 14 सितंबर को बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र एवं कच्छ के अलग-अलग इलाकों में 14 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात रीजन में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा संग गुजरात रीजन व सौराष्ट्र-कच्छ में 14 और 15 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पंजाब में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान दोनों हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में 14 से 16 सितंबर के बीच 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम

मध्य भारत के राज्यों में 14 सितंबर को व्यापक बारिश का असर दिखेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होगी। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। विदर्भ में 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 15 से 20 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, बिहार और ओडिशा में बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में 14 से 20 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को और ओडिशा में 14 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 14 से 18 सितंबर के दौरान तेज आंधी और हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 सितंबर तक बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी-तूफान का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल, माहे और लक्षद्वीप में 14 से 20 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 सितंबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 14-16 और 19-20 सितंबर को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यानम व रायलसीमा में 19 और 20 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

समुद्र में तेज हवाएं: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों में हवाओं के कड़े रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। उत्तरी महाराष्ट्र तट, पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण केरल तट से सटे कोमोरिन क्षेत्र में 14 सितंबर को खराब समुद्री स्थिति रहेगी।

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इसके साथ ही सोमालिया तट और उससे लगे अरब सागर में 19 सितंबर तक और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के इलाकों में 15 से 19 सितंबर के दौरान तूफानी हवाएं चलने के कारण समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।

Noida-Ganga Expressway Link: नोएडा-ग्रेटर नोएडा से ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ की दूरी होगी कम! 105 मीटर चौड़ी सड़क का प्लान तैयार

Noida-Ganga Expressway Link: देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा से ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ तक पहुंचना आने वाले समय में और आसान हो सकता है। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद क्षेत्र में यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान-2041 में संशोधन करने की तैयारी है। इसके तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा को ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए नई कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

सोमवार (7 सितंबर) को लखनऊ स्थित पिकअप भवन में इस नई परियोजना का प्रेजेंटेशन हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने की। बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार समेत ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लखनऊ में हुए प्रेजेंटेशनके बाद अब मास्टर प्लान में प्रस्तावित बदलाव और कनेक्टिविटी से जुड़े तकनीकी एवं नियोजन संबंधी पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। प्रस्ताव को अंतिम रूप मिलने के बाद सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा।

कुल मिलाकर, यह योजना जमीन पर लागू होती है तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा से ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ की दूरी और पहुंच दोनों आसान हो सकती हैं। करीब 15 किलोमीटर की प्रस्तावित कनेक्टिविटी और 105 मीटर चौड़ी सड़क से क्षेत्र के यात्रियों को राहत मिलने के साथ ही जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों के बढ़ते ट्रैफिक को संभालने में भी मदद मिल सकती है।

15 किलोमीटर की नई कनेक्टिविटी पर जोर

इस प्रस्ताव के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 15 किलोमीटर लंबी कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इसके लिए दादरी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले मार्ग को बेहतर बनाने की योजना है। प्रस्ताव में करीब 105 मीटर चौड़ी सड़क का भी उल्लेख किया गया है। इस कनेक्टिविटी के विकसित होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए मौजूदा रास्तों पर निर्भरता कम होगी। इससे यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है।

नोएडा से ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ तक पहुंचने में 30 से 45 मिनट की बचत

योजना के लागू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में वर्तमान की तुलना में करीब 30 से 45 मिनट तक की बचत हो सकती है। इससे खासतौर पर उन यात्रियों और वाहनों को फायदा मिलेगा जिन्हें गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों और अन्य क्षेत्रों की ओर जाना है। बेहतर कनेक्टिविटी से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से एक्सप्रेसवे नेटवर्क तक पहुंच भी आसान होगी।

क्यों है इस कनेक्टिविटी की जरूरत?

जेवर स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यात्री और वाहन आवागमन बढ़ने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए केवल मौजूदा सड़कों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे में नए और चौड़े संपर्क मार्ग विकसित करने की जरूरत होगी। इससे एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन सुगम बनाया जा सके।

मास्टर प्लान-2041 में होगा बदलाव

इस प्रोजेक्ट को भविष्य की परिवहन जरूरतों से जोड़ते हुए ‘ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान-2041’ में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके लिए लखनऊ में संबंधित विभागों और प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा के मौजूदा और प्रस्तावित विकास क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले यातायात का दबाव कम किया जा सके।

औद्योगिक विकास को भी मिलेगा फायदा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ से सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से औद्योगिक आवागमन और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। नई कनेक्टिविटी बनने से क्षेत्र के लोगों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही यात्रा का समय घट सकता है। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा को यूपी के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा।

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IMD Rain Alert: यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मौसम की सबसे ज्यादा नजर रहेगी, जहां बहुत भारी बारिश का खतरा है। वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में है। इसके अगले 24 घंटे में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश हो सकती है। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में 6-7 सितंबर और फिर 10-12 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश

IMD ने 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड में 7 सितंबर और 10 से 12 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर

मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-8 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में 11-12 सितंबर को भी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 10-12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 सितंबर और 11-12 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-12 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार-बंगाल से लेकर ओडिशा तक बारिश

  • पूर्वी भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 6 से 12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है।
  • गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-10 सितंबर, झारखंड में 8-11 सितंबर, बिहार में 6-7 सितंबर और ओडिशा में 10-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बिहार में 6-8 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-9 सितंबर और ओडिशा में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
  • मौसम विभाग ने 6 सितंबर को बिहार और 6-7 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गतिविधि की भी चेतावनी दी है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

  • पूर्वोत्तर भारत में भी अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 7-12 सितंबर, असम और मेघालय में 6-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है।
  • इन राज्यों में 6 से 12 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

पश्चिमी भारत में भी बरसेंगे बादल

  • कोंकण और गोवा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। वहीं गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश कम रहने के संकेत

  • मौसम विभाग के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
  • तेलंगाना और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 6-7 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रह सकता है। कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी 6-7 सितंबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

मौसम विभाग के मुताबिक 5 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 6 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे ज्यादा बारिश वाले प्रमुख स्थानों में:-

  • जसपुर, ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड)- 13 सेमी
  • चांदपुर, बिजनौर (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)- 12 सेमी
  • मेलूर ARG, मदुरै (तमिलनाडु)- 12 सेमी
  • सुभाषिनी टी.ई., अलीपुरद्वार (उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल)- 11 सेमी
  • खंडार, सवाई माधोपुर (पूर्वी राजस्थान)- 10 सेमी
  • पटना (बिहार)- 8 सेमी
  • घाटीगांव, ग्वालियर (पश्चिमी मध्य प्रदेश)- 8 सेमी
  • फिरोजपुर झिरका, नूंह और मानेसर, गुरुग्राम (हरियाणा)- 7-7 सेमी
  • जी.बी. नगर, मयूरभंज (ओडिशा)- 7 सेमी
  • चिएफोबोजोउ-नेरहेमा, नागालैंड- 7 सेमी

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में सोमालिया तट के आसपास और ओमान तट से लगे कुछ हिस्सों में 11 सितंबर तक परिस्थितियां प्रतिकूल रह सकती हैं। वहीं. 8 से 11 सितंबर के बीच दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से जुड़े समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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IMD weather forecast September 6: इन 24 राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी! दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बरसेगा मानसून, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

IMD weather forecast September 6: देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार, 6 सितंबर को देश के 24 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD के मुताबिक, आज यानी 6 सितंबर को देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहने वाला है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

मौसम विभाग की तरफ से जारी फोरकास्ट के मुताबिक, उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

दिल्ली-NCR में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में रविवार (6 सितंबर) को भारी बारिश और गरज-चमक की आशंका है। कुछ हिस्सों में तेज हवाएं करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट और मौसम सुहाना रहने की संभावना है।

शनिवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है। 8 सितंबर तक इस इलाके में मौसम शुष्क रहेगा। फिर भी, IMD ने लोगों को शनिवार को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, क्योंकि दिन भर गरज-चमक के साथ भारी बारिश जारी रहेगी।

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने बताया कि इस क्षेत्र में बने कम दबाव के एक स्पष्ट क्षेत्र के कारण व्यापक और भारी बारिश हो रही है। इसके अलावा, IMD ने चेतावनी दी है कि शनिवार को पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र में 8 सितंबर तक बारिश

महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों यानी 8 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोंकण-गोवा क्षेत्र में मानसूनी बारिश की संभावना है। जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भी बारिश के आसार हैं। इनमें छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, नांदेड, परभणी, हिंगोली, धाराशिव, पुणे, नासिक, अहमदनगर, धुले, नंदुरबार, जलगांव, कोल्हापुर, सांगली, सतारा और सोलापुर समेत कई इलाके शामिल हैं।

यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश (UP) में भी कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, बदायूं, पीलीभीत, सीतापुर, कानपुर, शाहजहांपुर, रायबरेली, उन्नाव, इटावा, आजमगढ़, अयोध्या, देवरिया और गोरखपुर में मौसम खराब रहने की आशंका है।

बिहार में भी जमकर बरसेगा मानसून

बिहार के कई जिलों में रविवार को बारिश के साथ आंधी-तूफान और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। IMD ने बिहार के गया, राजधानी पटना, जहानाबाद, भोजपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर और वैशाली में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है।

झारखंड में भी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में भी मानसून सक्रिय रहेगा। रांची, देवघर, जमशेदपुर, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, पलामू, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और लातेहार समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

जम्मू-कश्मीर में 60 KM तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ शक्तिशाली गरज-चमक वाले तूफान की आशंका है। अनंतनाग, जम्मू, पुंछ, बारामूला, किश्तवाड़, गांदरबल, उधमपुर, रामबन, शोपियां और राजौरी में मौसम खराब रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।हिमाचल प्रदेश में भी कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा और कुल्लू में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कोलकाता, हावड़ा, बीरभूम, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, नदिया, दुर्गापुर, कलिम्पोंग, पुरुलिया और मालदा समेत कई क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

ओडिशा में ‘येलो अलर्ट’

ओडिशा में भी रविवार को मानसून सक्रिय रहने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। उत्तरी और तटीय ओडिशा के कई जिलों के लिए 12 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी की अपील

IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को जलभराव और बाढ़ की स्थिति को लेकर सावधान रहने को कहा गया है।

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