बिहार से गुजरात के लिए एक और ट्रेन, 26 अगस्त से दौड़ेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, जानिए इसका रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

Ahmedabad-Bhagalpur Amrit Bharat Express: भारतीय रेलवे भागलपुर और अहमदाबाद के बीच एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने जा रहा है। इससे बिहार और गुजरात के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। ईस्टर्न रेलवे के मुताबिक, नई ट्रेन से यात्रियों की बढ़ती मांग पूरी होगी और देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।

ईस्टर्न रेलवे ने कहा, “भागलपुर को ‘भारत की सिल्क सिटी’ के नाम से जाना जाता है और यह बिहार का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। नई ट्रेन से भागलपुर की गुजरात के बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्र अहमदाबाद से रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।”

बता दें कि भारतीय रेलवे ने मौजूदा 09447/09448 अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद क्लोन स्पेशल ट्रेन को अब नियमित ट्रेन के तौर पर चलाने का फैसला किया है। इसे 19423/19424 अहमदाबाद-भागलपुर-अहमदाबाद साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा।

कल से शुरू होगी बिहार और अहमदाबाद के बीच ट्रेन

इसका परिचालन अहमदाबाद से 26 अगस्त, 2026 से प्रत्येक बुधवार को तथा भागलपुर से 28 अगस्त, 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को किया जायेगा।

इस गाड़ी में LSLRD के 2, पेट्रीकार का 1, जनरल सेकेंड क्लास के 11 तथा स्लीपर क्लास के 08 कोचों सहित कुल 22 कोच लगाये जायेंगे।

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस: दूरी और सफर का समय

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी यात्रा लगभग 36 घंटे 10 मिनट में तय करेगी। इसमें जनरल अनरिजर्व्ड और स्लीपर क्लास के डिब्बे होंगे। ट्रेन 110 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस: रूट, कितनी बार चलेगी और कहां रुकेगी?

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस हफ्ते में एक दिन चलेगी। रास्ते में यह कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें आनंद, छायापुरी, गोधरा, दाहोद, रतलाम, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, बयाना, ईदगाह आगरा, टूंडला, गोविंदपुरी, सुबेदारगंज, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किऊल, अभयपुर, जमालपुर और सुल्तानगंज शामिल हैं।

गाड़ी नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस का शेड्यूल

ट्रेन नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर वीकली अमृत भारत एक्सप्रेस 26 अगस्त, 2026 से हर बुधवार शाम 6:30 बजे अहमदाबाद से रवाना होगी और यह गुरूवार को 21.13 बजे डीडीयू, 22.30 बजे बक्सर, 23.15 बजे आरा, 23.50 बजे दानापुर, शुक्रवार को 00.43 बजे पटना स्टेशन, 01.25 बजे बख्तियारपुर, 02.08 बजे मोकामा, 03.30 बजे किउल, 04.01 बजे अभयपुर, 04.30 बजे जमालपुर, 05.13 बजे सुलतानगंज रूकते हुए 06.40 बजे भागलपुर पहुंचेगी।

गाड़ी नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस का शेड्यूल

वापसी की दिशा में, ट्रेन नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद वीकली अमृत भारत एक्सप्रेस 28 अगस्त, 2026 से हर शुक्रवार शाम 4:45 बजे भागलपुर से रवाना होगी और यह 17.03 बजे सुलतानगंज, 17.48 बजे 18.13 बजे अभयपुर, 19.15 बजे किउल, 19.56 बजे मोकामा, 20.30 बजे बख्तियारपुर, 21.58 बजे पटना स्टेशन 22.21 बजे दानापुर, 22.53 बजे आरा, 23.41 बजे बक्सर, शनिवार को 02.53 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रूकते हुए रविवार को 05.25 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।

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Amrit Bharat Express: अहमदाबाद-भागलपुर ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ जल्द शुरू होगी, जानें- रूट, स्टॉपेज और पूरा टाइम टेबल

Amrit Bharat Express: गुजरात और बिहार के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी गुड न्यूज है। भारतीय रेलवे जल्द ही अहमदाबाद-भागलपुर नई अमृत भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा शुरू करने जा रहा है। इस ट्रेन के शुरू होने से गुजरात के प्रमुख औद्योगिक शहर अहमदाबाद और बिहार के महत्वपूर्ण कारोबारी केंद्र भागलपुर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भागलपुर को अपनी रेशम उद्योग की पहचान के कारण ‘सिल्क सिटी ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे ने मौजूदा 09447/09448 अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन को नियमित करने का फैसला किया है। इसे अब 19423/19424 अहमदाबाद-भागलपुर-अहमदाबाद विकली अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे के इस फैसले से गुजरात और बिहार के बीच सफर करने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

21 अगस्त से शुरू होगी टिकट बुकिंग

इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग 21 अगस्त से शुरू होगी। टिकट रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के साथ-साथ IRCTC की वेबसाइट के माध्यम से भी बुक किए जा सकेंगे। ट्रेन सप्ताह में एक दिन अहमदाबाद से भागलपुर और एक दिन भागलपुर से अहमदाबाद के लिए चलेगी।

अहमदाबाद से भागलपुर का पूरा शेड्यूल

ट्रेन नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा 26 अगस्त से शुरू होगी। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ट्रेन की परिचालन गति करीब 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी।

अहमदाबाद से रवाना होने का टाइम: हर बुधवार शाम 6:30 बजे

भागलपुर पहुंचने का समय: शुक्रवार सुबह 6:40 बजे

कुल यात्रा समय: करीब 36 घंटे 10 मिनट

भागलपुर से अहमदाबाद वापसी का समय

वापसी में ट्रेन नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस भागलपुर से हर शुक्रवार शाम 4:45 बजे रवाना होगी। इसकी नियमित सेवा 28 अगस्त से शुरू होगी। ट्रेन रविवार सुबह करीब 5:25 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। यानी भागलपुर से अहमदाबाद पहुंचने में लगभग 36 घंटे 40 मिनट का समय लगेगा।

किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन?

अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों और रेलवे जंक्शनों से होकर गुजरेगी। इस रूट के जरिए गुजरात और बिहार के अलावा रास्ते में पड़ने वाले कई बड़े शहरों और महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों को भी सीधा रेल संपर्क मिलेगा।

इसके प्रमुख स्टॉपेज इस प्रकार हैं:-

अहमदाबाद-आनंद -छायापुरी-गोधरा- दाहोद-रतलाम -कोटा – सवाई माधोपुर – गंगापुर सिटी – आगरा – टूंडला -गोविंदपुरी – प्रयागराज – पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन – बक्सर -आरा – दानापुर -पटना -मोकामा – किऊल- जमालपुर – सुल्तानगंज -भागलपुर।

ट्रेन में होंगे कई तरह के कोच

अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की जरूरत के अनुसार जनरल, बिना रिजर्वेशन वाला कोच और स्लीपर क्लास के कोच उपलब्ध होंगे। इससे अलग-अलग बजट में यात्रा करने वाले यात्रियों को विकल्प मिल सकेंगे।

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गुजरात-बिहार के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

अहमदाबाद और भागलपुर के बीच सीधी साप्ताहिक ट्रेन शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। गुजरात में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी भारत से जुड़े लोग काम और कारोबार के लिए रहते हैं। वहीं, बिहार से गुजरात आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगी।

Ghaziabad-Sitapur Rail Project: पश्चिमी यूपी को बड़ी सौगात! गाजियाबाद से सीतापुर के बीच 403 KM की बिछेगी नई रेल लाइन, हापुड़ को भी होगा बड़ा फायदा

Ghaziabad–Sitapur Rail Project: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा बल मिला है। गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक करीब 406 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की प्रस्तावित योजना अब सर्वे के चरण में पहुंच गई है। इस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट का फाइनल सर्वे फिलहाल जारी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये बताई गई है। रेलवे की ओर से एक RTI के जवाब में दी गई जानकारी सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों में नई रेल कनेक्टिविटी की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।

इसी साल 18 अप्रैल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गाजियाबाद और सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दी थी। उम्मीद है कि इससे रेलवे की क्षमता काफी बढ़ेगी, सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा और देश के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर भीड़ कम होगी। यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद-सीतापुर सेक्शन दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है।

अभी यह अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है। इसका इस्तेमाल 168% तक पहुंच गया है। अगर विस्तार नहीं किया गया, तो इसके 207% तक बढ़ने का अनुमान है। दो नई अतिरिक्त लाइनों का मकसद इस रुकावट को दूर करना और यात्री एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाना है।

फाइनल सर्वे का काम जारी

प्रस्तावित रेल लाइन गाजियाबाद को हापुड़ के रास्ते सीतापुर से जोड़ेगी। फिलहाल रेलवे इस रूट से जुड़े अंतिम सर्वे का काम कर रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना के तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया जाएगा। करीब 406 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावना है।

हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा

इस परियोजना से सबसे अधिक उम्मीद हापुड़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। नई रेल लाइन बनने से इन इलाकों के लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल संपर्क मिल सकता है।बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है।

₹14,926 करोड़ की है प्रस्तावित परियोजना

प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये है। हालांकि, अभी यह योजना सर्वे के चरण में है। इसलिए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। रेलवे के RTI जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि परियोजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। वर्तमान में फाइनल सर्वे किया जा रहा है।

पश्चिमी यूपी की रेल कनेक्टिविटी को मिल सकता है नया विकल्प

गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण शहर है। जबकि हापुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। ऐसे में गाजियाबाद-हापुड़-सीतापुर के बीच नया रेल संपर्क तैयार होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है। नई रेल लाइन भविष्य में यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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साथ ही, मौजूदा रेल रूट्स पर दबाव कम करने और ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, इस परियोजना को लेकर सबसे अहम पड़ाव फाइनल सर्वे का पूरा होना है। इसके बाद परियोजना के निर्माण और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

कोलकाता पोर्ट से डायरेक्ट बिराटनगर! भारत से पहली बार नेपाल पहुंची 40 वैगन की कंटेनर मालगाड़ी, जानिए इसमें क्या है खास

भारतीय रेलवे ने भारत और नेपाल के बीच माल ढुलाई और सीमा पार व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कोलकाता पोर्ट से नेपाल के बिराटनगर कस्टम्स यार्ड के लिए पहली बार सीधी व्यावसायिक कंटेनर मालगाड़ी का सफल संचालन किया गया है। कैनोला (Canola) यानी सफेद सरसों की खेप लेकर निकली 40 वैगनों की यह मालगाड़ी संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत अपनी यात्रा पूरी कर नेपाल पहुंची। यह कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच रेल-आधारित सीमा पार माल परिवहन के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

बिना किसी ट्रांसशिपमेंट के सीधी पहुंचेगी मालगाड़ी

इस सफल संचालन के बाद अब कोलकाता पोर्ट से बिराटनगर तक कंटेनरीकृत कार्गो की सीधी रेल आवाजाही संभव हो गई है। पहले सीमा पर सामान को उतारने और चढ़ाने की आवश्यकता होती थी, जो अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। इस नई व्यवस्था से माल ढुलाई के समय, लॉजिस्टिक्स लागत और कार्गो हैंडलिंग में भारी कमी आएगी। सीधे रेल संपर्क से सीमा पार व्यापार अधिक कुशल, विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी बनेगा।

जून 2023 में हुआ था रेल लिंक का उद्घाटन

इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव भारत और नेपाल के बीच बिछाए गए ब्रॉड-गेज रेल नेटवर्क से जुड़ी है। भारत के जोगबनी से नेपाल के बिराटनगर के बीच ब्रॉड-गेज रेल लिंक का उद्घाटन जून 2023 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 में संशोधित लेटर ऑफ एक्सचेंज (LoE) पर हस्ताक्षर किए गए। इसी समझौते के आधार पर अब बिराटनगर के लिए सीधी व्यावसायिक रेल सेवा औपचारिक रूप से शुरू हो गई है जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुल गए हैं।

व्यापार जगत, उद्योग और पर्यावरण को मिलेगा बड़ा फायदा

सीधी रेल मालगाड़ी सेवा से आयात और निर्यात दोनों तरह के कार्गो की आवाजाही को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। यह परिवहन का एक तेज, अधिक किफायती और पर्यावरण के लिए बेहतर माध्यम साबित होगा। सप्लाई चेन में कई हैंडलिंग पॉइंट्स के कम होने से निर्यातकों, आयातकों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और सीमा पार व्यापार में लगे उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा सड़क परिवहन की तुलना में यह एक हरित और अधिक भरोसेमंद विकल्प प्रदान करेगा।

अंतरराष्ट्रीय रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भारतीय रेलवे का जोर

यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेल कनेक्टिविटी का विस्तार करने और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे की ओर से लगातार किए जा रहे प्रयासों को भी दिखाती है। आधुनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के विजन को भी इससे मजबूती मिली है।

महाराष्ट्र, यूपी और उत्तराखंड को रेलवे ने दिया बड़ा तोहफा, शुरू की ये नई ट्रेनें…जानें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू की और कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कई नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ मौजूदा रेल मार्गों का विस्तार करने का ऐलान किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव पुरी की रथ यात्रा के लिए रेलवे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा दौरे पर थे।

इन जगहों को जोड़ेगी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी घोषणाओं में नांदेड़ से मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। ये ट्रेन वाशिम और हिंगोली के रास्ते चलेगी, जिससे महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में रेल संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने टनकपुर से नांदेड़ के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन की भी शुरुआत की है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित दोनों इलाकों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर सिख समुदाय को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन का विस्तार अब शाहजहांपुर तक कर दिया गया है, जबकि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन सेवा के रूप में चलाने का फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर भी रुकेगी ट्रेन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, नई ट्रेन सेवाएं लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रेल संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग पर भी रेलवे विचार करेगा। मंत्री ने कहा, “अगर यह संभव हुआ, तो हम खटीमा और बनबसा में इस ट्रेन का स्टॉपेज जरूर देंगे।”

देश भर में बिछाए गए 37 हजार किलोमीटर ट्रैक

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 37 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं और लगभग 99.6 प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफाइड पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि ओणम के दौरान केरल के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पुरी की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ओडिशा में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि, राज्य में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।