Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: 01 नवंबर से शुरू होगी बेंगलुरू-मुंबई स्लीपर वंदे भारत, राज्योत्सव गिफ्ट से 8 घंटे कम हो जाएगा यात्रा का समय

Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: बेंगलुरु और मुंबई के बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को दक्षिण रेलवे इस कर्नाटक राज्योत्सव के मौके पर बड़ी सौगात दे सकता है। अभी इन दोनों मेट्रो शहरों के बीच 1,118 km की दूरी तय करने में सबसे तेज उद्यान एक्सप्रेस को लगभग 24 घंटे लगते थे। लेकिन, इस कर्नाटक राज्योत्सव में यह बदल सकता है, क्योंकि साउथ वेस्टर्न रेलवे 1 नवंबर को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दे रहा है।

इस प्रस्तावित सेवा से दोनों शहरों के बीच सफर का समय 24 घंटे से घटकर लगभग 16 घंटे होने की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नाटक के बढ़ते यात्री ट्रैफिक के लिए रेल कनेक्टिविटी को और बढ़ाना जरूरी है, जिसमें बेंगलुरु को मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाली तेज ट्रेनें हों। कर्नाटक के लिए, 1 नवंबर का प्रस्ताव एक अच्छी शुरुआत हो सकता है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है, तो यह भारत के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले रेल नेटवर्क में एक बड़ा मील का पत्थर होगा।

16 घंटे में पूरा होगा 1,118 km का सफर

इस प्रस्तावित सेवा से 1,118 km का सफर लगभग 16 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है, जिससे सफर का समय लगभग आठ घंटे कम हो जाएगा। हालाकि, नियमित व्यावसायिक सेवा शुरू होने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। उम्मीद है कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहली स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन दक्षिण भारत में पहली वंदे भारत स्लीपर सर्विस होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित ट्रेन अक्टूबर में लॉन्च नहीं की जा सकी क्योंकि कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के लिए आचार संहिता लागू थी।

16 कोच की होगी ट्रेन

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में 16 कोच होंगे, 11 AC थ्री-टियर, चार AC टू-टियर और एक AC फर्स्ट-क्लास कोच, जिनकी कुल क्षमता 823 बर्थ होगी। सफर का किराया क्लास के आधार पर ₹2,600 और ₹4,250 के बीच होने की उम्मीद है, हालांकि फाइनल किराया अभी घोषित नहीं किया गया है। प्रस्तावित रूट में ट्रेन मुंबई पहुंचने से पहले अनंतपुर, गुंटकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर और कल्याण से गुजरेगी।

‘हमें सिर्फ एक नहीं, बल्कि और ट्रेनों की जरूरत है’

एक शहरी यातायात विशेषज्ञ ने नाम न बताने की शर्त पर News18 से बात की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेवा का स्वागत है, लेकिन कर्नाटक को रेल नेटवर्क के और भी बड़े विस्तार की जरूरत है। एक्सपर्ट ने बड़ी संख्या में यात्रियों के बेंगलुरु आने-जाने की ओर इशारा किया। खासकर, छुट्टियों के दौरान देश भर के लोगों के लिए एक डेस्टिनेशन के रूप में शहर की खास स्थिति देखने को मिलती है। एक्सपर्ट ने तर्क दिया कि कर्नाटक को दशकों से रेलवे ने कम आंका है और उसे अलग-अलग रूटों पर कई सेवाओं की जरूरत है।

त्योहारों के मौसम में यात्रा की मांग तेजी से बढ़ती है और यात्रियों को अक्सर सस्ते टिकट खोजने में मुश्किल होती है। बेंगलुरु और मुंबई के बीच एक तेज ट्रेन राहत दे सकती है, लेकिन शहर को दूसरी बड़ी जगहों से जोड़ने के लिए और ज्यादा सर्विस की जरूरत है।

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रेलवे का बड़ा मास्टरप्लान! गुजरात-MP के बीच दौड़ेंगी ज्यादा ट्रेनें, इस बिजी रूट का होने जा रहा कायाकल्प

Gujarat Rail Connectivity: गुजरात में रेल कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने वाला है, क्योंकि इंडियन रेलवे वडोदरा और रतलाम के बीच लगभग 259 किलोमीटर की दूरी में दो और रेलवे लाइनें जोड़ने की योजना बना रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम रेलवे (WR) इस व्यस्त रेल रूट पर तीसरी और चौथी लाइन बनाएगा। यह रूट गुजरात को मध्य प्रदेश और आगे उत्तर भारत से जोड़ता है। नई रेल लाइनों के बनने से इस रूट पर ट्रेनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां चलती हैं। ऐसे में दो नई लाइनें बनने से ट्रेनों की आवाजाही आसान और बेहतर हो सकती है।

वडोदरा-रतलाम सेक्शन ‘गोल्डन क्वाड्रिलेटरल’ रेल नेटवर्क का हिस्सा है और दिल्ली-मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों के लिए एक अहम कड़ी है। दो और लाइनें बनने से, इंडियन रेलवे के पास इस कॉरिडोर पर ट्रेनें चलाने की ज्यादा क्षमता होगी। इससे भीड़ कम होने और पैसेंजर व मालगाड़ी सेवाओं का शेड्यूल तय करने में रेलवे अधिकारियों को ज्यादा आसानी होने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए, ज्यादा क्षमता का मतलब ट्रेन का बेहतर और ज्यादा भरोसेमंद संचालन हो सकता है, खासकर उस रूट पर जहां अभी पैसेंजर और मालगाड़ियां सीमित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करती हैं।

वेस्टर्न रेलवे ने कहा कि इस अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर से ट्रेनों का संचालन तेज, बेहतर, सुरक्षित और समय पर होने की उम्मीद है।

यह प्रोजेक्ट गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत कर सकता है और साथ ही इस रूट पर औद्योगिक और कमर्शियल गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकता है।

विश्वामित्री-डभोई रेलवे लाइन पर बनेगा दूसरा ट्रैक

वडोदरा क्षेत्र में एक और बड़ा रेलवे अपग्रेड होने जा रहा है। 33 किलोमीटर लंबी विश्वामित्री-डभोई रेलवे लाइन को लगभग 394 करोड़ रुपये की लागत से डबल किया जाएगा।

इस रूट पर अभी सिर्फ एक ही रेलवे लाइन है, जिससे इस सेक्शन पर चलने वाली ट्रेनों की संख्या सीमित हो जाती है। ट्रैक को डबल करने से क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनें ज्यादा आसानी से चल पाएंगी।

गौरतलब है कि इस अपग्रेड से ट्रेनों के संचालन में ज्यादा लचीलापन आएगा, जिससे इस इलाके में रेल सेवाओं की समय-पाबंदी और कार्यक्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी

विश्वामित्री-डभोई रूट खास तौर पर अहम है क्योंकि यह गुजरात के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक कनेक्टिविटी देता है। इसलिए, इस डबलिंग प्रोजेक्ट से न सिर्फ रेगुलर रेल यात्रियों को, बल्कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने वाले टूरिस्ट्स को भी फायदा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, एक अतिरिक्त ट्रैक होने से ट्रेनों के ऑपरेशन में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, जिससे इस रूट पर यात्रा ज्यादा सुविधाजनक हो सकती है और इस लोकप्रिय डेस्टिनेशन के लिए कुल रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।

यात्रियों के लिए इन प्रोजेक्ट्स का क्या मतलब है?

इन दोनों प्रोजेक्ट्स का मकसद गुजरात के महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क में ट्रेनों की क्षमता बढ़ाना है। वडोदरा-रतलाम के बीच 259 किलोमीटर लंबे रेल रूट पर नई लाइनें बनने से मध्य प्रदेश, उत्तर भारत और दिल्ली-मुंबई रूट की ओर जाने वाले यात्री और माल परिवहन को मजबूती मिलेगी। वहीं, 33 किलोमीटर लंबे विश्वामित्री-दभोई रूट पर दूसरी लाइन बनने से वडोदरा और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ओर रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा व्यस्त रूटों पर ज्यादा क्षमता का होना है, जिससे इंडियन रेलवे को ट्रेनें चलाने, माल की ढुलाई को मैनेज करने और भीड़-भाड़ कम करने में ज्यादा आसानी होगी।

कारोबारियों के लिए, अतिरिक्त रेल क्षमता से बड़े औद्योगिक और कमर्शियल सेंटर्स को जोड़ने वाले कॉरिडोर पर माल की ढुलाई ज्यादा बेहतर तरीके से हो सकेगी।

इसलिए, ये प्रोजेक्ट्स गुजरात में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े विस्तार को दिखाते हैं, जिनमें रोजाना यात्रियों के सफर और लंबी दूरी तक माल की ढुलाई, दोनों को बेहतर बनाने की क्षमता है।

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रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस को मिली मंजूरी, इन शहरों के बीच दौड़ेंगी ट्रेनें

7 new Amrit Bharat Trains: रेलवे बोर्ड ने देश भर में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सात नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को मंजूरी दी है। इन ट्रेनों का मकसद खास तौर पर कम और कम-मध्यम आय वाले ग्रुप के यात्रियों को यात्रा का सस्ता विकल्प देना है। इन सेवाओं को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्रा आरामदायक हो और किराया प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के मुकाबले कम और आम लोगों की पहुंच में हो।

बता दें कि ये प्रस्तावित ट्रेनें उत्तर, मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के शहरों को आपस में जोड़ेंगी और कई रूट लंबी दूरी तय करेंगे। यहाँ प्रस्तावित सेवाओं और उनके तय स्टॉप की जानकारी दी गई है:

धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस

यह ट्रेन धनबाद से कोयंबटूर के बीच चलेगी और रास्ते में कई प्रमुख शहरों और स्टेशनों पर रुकेगी। इसके प्रस्तावित स्टॉपेज हैं:

धनबाद जंक्शन, NSC बोस जंक्शन गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग रोड, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेड्डापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम, विजयवाड़ा, ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर, रेणिगुंटा, तिरुत्तनी, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर।

प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20436/20435) को भी मंजूरी दे दी है।

प्रस्तावित साप्ताहिक सेवा प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और कल्याण में रुकेगी।

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20437/20438) को भी साप्ताहिक सेवा के रूप में मंजूरी दी गई है।

यह ट्रेन प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, टूंडला, ईदगाह आगरा, बयाना, हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, रतलाम, वडोदरा और उधना पर रुकेगी।

सुबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल मंत्रालय ने सुबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14121/14122) को मंजूरी दे दी है।

यह ट्रेन सप्ताह में एक बार चलेगी। इसके प्रस्तावित स्टॉपेज सुबेदारगंज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे होंगे।

गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15095/15096) को भी सप्ताह में एक बार चलाने की मंजूरी दी है।

इसके प्रमुख स्टॉपेज गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली होंगे।

गोरखपुर-बांद्रा अमृत भारत एक्सप्रेस

एक और साप्ताहिक ट्रेन गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15085/15086) होगी।

यह ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, आगरा फोर्ट, बयाना, गंगापुर सिटी, कोटा, भवानी मंडी, शामगढ़, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वलसाड, वापी, पालघर, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस पर रुकेगी।

चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस

सातवीं मंजूर की गई ट्रेन चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22075/22076) है।

इसके प्रस्तावित स्टॉपेज चारलापल्ली, काजीपेट, पेड्डापल्ली, मंचेरियल, बल्लारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पोखरायन, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा और गोरखपुर होंगे।

इन 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से कई राज्यों के बड़े शहरों और कस्बों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए किफायती किराए में एक और विकल्प मिलेगा।

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महाराष्ट्र, यूपी और उत्तराखंड को रेलवे ने दिया बड़ा तोहफा, शुरू की ये नई ट्रेनें…जानें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू की और कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कई नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ मौजूदा रेल मार्गों का विस्तार करने का ऐलान किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव पुरी की रथ यात्रा के लिए रेलवे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा दौरे पर थे।

इन जगहों को जोड़ेगी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी घोषणाओं में नांदेड़ से मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। ये ट्रेन वाशिम और हिंगोली के रास्ते चलेगी, जिससे महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में रेल संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने टनकपुर से नांदेड़ के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन की भी शुरुआत की है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित दोनों इलाकों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर सिख समुदाय को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन का विस्तार अब शाहजहांपुर तक कर दिया गया है, जबकि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन सेवा के रूप में चलाने का फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर भी रुकेगी ट्रेन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, नई ट्रेन सेवाएं लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रेल संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग पर भी रेलवे विचार करेगा। मंत्री ने कहा, “अगर यह संभव हुआ, तो हम खटीमा और बनबसा में इस ट्रेन का स्टॉपेज जरूर देंगे।”

देश भर में बिछाए गए 37 हजार किलोमीटर ट्रैक

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 37 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं और लगभग 99.6 प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफाइड पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि ओणम के दौरान केरल के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पुरी की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ओडिशा में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि, राज्य में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।