IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से अलर्ट पर ये 6 राज्य! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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पश्चिमी यूपी में ‘पीडीए’ की नई बिसात, जाट बनाम जाटव-गुर्जर की सियासी गोलबंदी

पश्चिमी यूपी में ‘पीडीए’ की नई बिसात, जाट बनाम जाटव-गुर्जर की सियासी गोलबंदी

Akhilesh Yadav

मेरठ की घटना को अखिलेश यादव का राजनीतिक मंच बनाना महज पुलिस कार्रवाई का सवाल नहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश है। जाटों के बीच ‘चवन्नी’ विवाद से पैदा हुई नाराजगी के बीच सपा अब जाटव और गुर्जर समुदाय को अपने पीडीए प्लस के पाले में खड़ा करने की कवायद में लगी है। ALSO READ: शामली में पुलिस मुठभेड़, अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर ढेर

 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से सिर्फ चुनावी आंकड़ों का खेल नहीं रही, बल्कि जातीय अस्मिता, सामाजिक वर्चस्व और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन साधने की कवायद रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यही पुराना मैदान एक बार फिर नए किरदारों और नए समीकरणों के साथ अपनी बिसात बिछाता नजर आ रहा है। जाट, मुस्लिम, दलित, गुर्जर और सवर्ण मतदाताओं के बीच बनते-बिगड़ते रिश्ते यह तय करेंगे कि पश्चिमी यूपी में 2027 की अगली पटकथा कौन लिखेगा।

 

अखिलेश यादव द्वारा ललिता मर्डर केस में न्याय की मांग कर रहें दो नेताओं को सामने लाकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह वहीं नेता है जिन्होंने मेरठ एस एस पी अविनाश पांडे पर उनकी टीम पर बर्बरता से मारपीट का आरोप लगाया है। इस प्रेसवार्ता व्यापक राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हालांकि पुलिस का अपना पक्ष है और दोनों आरोपियों के आपराधिक मुकदमों का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने पुलिस के खिलाफ तथ्यहीन और भ्रामक आरोप लगाए हैं। लेकिन राजनीति में कई बार घटना से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका बनाया गया नैरेटिव होता है। अखिलेश ने इसी नैरेटिव को जातीय पहचान और पुलिस उत्पीड़न के सवाल से जोड़ने की कोशिश की है।

 

यहां सपा की रणनीति अपेक्षाकृत स्पष्ट दिखाई देती है, जाटव और गुर्जर समाज को यह संदेश देना कि सत्ता और पुलिस व्यवस्था के कथित अन्याय के खिलाफ खड़ा होने के लिए उनके पास एक राजनीतिक मंच मौजूद है। यानी किसी एक घटना को व्यापक सामाजिक असुरक्षा के प्रतीक में बदलना और फिर उसे ‘पीडीए’ की राजनीति से जोड़ देना।

 

पश्चिमी यूपी में यह प्रयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां दलित राजनीति का अर्थ केवल दलित वोट नहीं है। जाटव मतदाता लंबे समय से बहुजन राजनीति का महत्वपूर्ण आधार रहा है, जबकि गुर्जर समुदाय भी कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक प्रभाव रखता है। मुस्लिम मतदाताओं के साथ इन समूहों का संभावित मेल सपा के लिए एक ऐसा सामाजिक गठजोड़ बना सकता है, जो जाट-केंद्रित राजनीति के मुकाबले नया संतुलन खड़ा करे।

 

लेकिन सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती जाट राजनीति है। भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन पश्चिमी यूपी में जाट मतदाताओं के लिए वर्तमान में फेवीकोल का जोड़ है। जयंत चौधरी इस सामाजिक आधार को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी मानते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव और जयंत के बीच ‘चवन्नी’ विवाद महज दो नेताओं की व्यक्तिगत राजनीतिक तकरार नहीं रह गया है। इसे जाट सम्मान और राजनीतिक प्रतिबिंब से जोड़कर पेश किया जा रहा है। ALSO READ: लखनऊ के विकास में मुख्यमंत्री योगी का सबसे बड़ा सहयोग : राजनाथ सिंह

 

यही वह बिंदु है जहां पश्चिमी यूपी की राजनीति दिलचस्प हो जाती है। सपा अगर जाटों के एक हिस्से को खोने की आशंका महसूस कर रही है, तो उसका विकल्प जाटव, गुर्जर, मुस्लिम और अन्य पिछड़े समूहों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना है। दूसरी तरफ भाजपा-रालोद गठबंधन के लिए चुनौती यह है कि वह जाट आधार को बनाए रखते हुए मुस्लिम, गुर्जर, दलित और गैर-यादव पिछड़े मतदाताओं के बीच भी अपनी ग्राह्यता (उपयुक्तता) बढ़ाए।

 

दरअसल, पश्चिमी यूपी में 2027 का चुनाव केवल भाजपा बनाम सपा या गठबंधन बनाम विपक्ष की लड़ाई नहीं होगा। यह उस पुराने सामाजिक समीकरण के पुनर्गठन का चुनाव भी हो सकता है, जिसने दशकों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति को दिशा दी है।

 

कांग्रेस का इतिहास इस बदलाव को समझने की एक महत्वपूर्ण कुंजी है। एक समय मुस्लिम, दलित और ब्राह्मण उसके मजबूत सामाजिक स्तंभ थे। मंडल-कमंडल की राजनीति, बहुजन आंदोलन और क्षेत्रीय दलों के उभार के साथ ये सामाजिक आधार अलग-अलग राजनीतिक खेमों में बंटते चले गए। दलितों का बड़ा हिस्सा बसपा के साथ गया, मुस्लिम मतदाता सपा की तरफ खिसका, ब्राह्मणों और अन्य सवर्णों का बड़ा हिस्सा भाजपा के साथ जुड़ा और पिछड़े वर्गों की राजनीति भी अलग-अलग क्षेत्रीय दलों में बंट गई। कांग्रेस का क्षरण इसी सामाजिक गठजोड़ के टूटने की कहानी है।

 

आज अखिलेश यादव उसी इतिहास को उलटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बदले हुए सामाजिक संदर्भ में। ‘पीडीए’ इसी कोशिश का राजनीतिक नाम है। पश्चिमी यूपी में इसका ‘प्लस’ संस्करण जाटव, गुर्जर, मुस्लिम और अन्य पिछड़े समूहों को जोड़कर तैयार करने की कोशिश है।

 

मगर सवाल यह है कि क्या एक घटना के जरिए जातीय अस्मिता को राजनीतिक गोलबंदी में बदला जा सकता है? और क्या जाटों के बीच पैदा हुई नाराजगी की भरपाई जाटव-गुर्जर-मुस्लिम समीकरण से संभव होगी?
 

2027 की पश्चिमी यूपी की सबसे बड़ी राजनीतिक पहेली

अखिलेश के लिए चुनौती केवल वोट जोड़ने की नहीं, बल्कि अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच ऐसा विश्वास पैदा करने की है कि उनका ‘पीडीए’ केवल चुनावी नारा नहीं, सत्ता में हिस्सेदारी का वास्तविक मॉडल है। जयंत चौधरी के लिए चुनौती जाट अस्मिता को भाजपा गठबंधन की राजनीति से जोड़कर रखना है। भाजपा के लिए चुनौती इन दोनों के बीच बनने वाले किसी भी नए सामाजिक समीकरण को प्रभावी होने से रोकना है।

 

इसलिए मेरठ की घटना के बाद अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को केवल एक पुलिस विवाद के रूप में देखना पश्चिमी यूपी की मौजूदा राजनीति को छोटा करके देखना होगा। इसके पीछे असली लड़ाई नैरेटिव की है—कौन पीड़ित की आवाज बनेगा, कौन जातीय सम्मान का प्रतिनिधि बनेगा और कौन अलग-अलग सामाजिक समूहों को एक चुनावी गठजोड़ में बदल पाएगा।

 

एक बात और समझना जरूरी है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश में जाट मतदाताओं ने बीजेपी से गलबहियां कर ली थीं। मुजफ्फरनगर और बागपत में अजित सिंह और जयंत चौधरी की कालांतर में हुई पराजय इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। ऐसे में बीजेपी से हाथ मिलाकर सत्ता सुख भोगना जयंत को हितकर लगा और वे अखिलेश का साथ छोड़कर बीजेपी के कॉर्पोरेट का हिस्सा बन गए। जब से चवन्नी पलटी तब से आरएलडी लगातार कमजोर ही हुई है। आरएलडी के अनेक लॉयल नेता उनका साथ छोड़ चुके हैं। यहां यह भी समझना जरूरी है कि समाजवादी पार्टी का जाटों के बीच जनाधार नगण्य है।

सिर्फ स्थानीय स्तर पर किसी प्रभावशाली नेता को सामने रख सोशल इंजीनियरिंग कर अखिलेश यादव को कुछ प्राप्ति हो सकती है। इसलिए यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिलेश के पास खोने के लिए अपना कुछ नहीं है लेकिन कुछ जिलें ऐसे हैं जिन्हें अखिलेश से संभल की तर्ज पर ही कुछ छीना जा सकता है, वरना इंडिया गठबंधन वहां उन्नीस-बीस  नहीं बल्कि 19-25 है।

अगर अखिलेश का दांव चल गया तो पश्चिमी यूपी में 2027 की लड़ाई दिलचस्प होगी! यह इस पर भी निर्भर होगा कि बीजेपी को अब तक अजेय बनाए रखने वाला ओबीसी किस करवट बैठता है! कांग्रेस के साथ होने पर इंडिया गठबंधन कितने प्रतिशत जाटव वोटों को अपने पाले में खींच पाता है! गुर्जरों का रुख क्या रहता है? ओवैसी कितने फीसदी वोट काटकर बीजेपी की राह को सुगम बना पाते हैं या नहीं?

IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनी

IMD Weather forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को लेकर है। छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30-31 अगस्त और फिर 1 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

आज भी कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बांदा के बेबेरू में 22 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि नरैनी में 10 सेमी और अतर्रा में 8 सेमी बारिश हुई। हरियाणा के कालका में भी 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के राजघाट में 16 सेमी, कुसुमी में 13 सेमी और झारखंड के सरयू में 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज और रघुनाथनगर में 12-12 सेमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के रामनगर में भी 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में भी इसी अवधि में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है।

मध्य भारत में भी बिगड़ेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1-2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त को है। महीने के आखिरी दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि असम-मेघालय में 30 अगस्त को ऐसी ही आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30-31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश

कोंकण और गोवा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 4 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का खतरा

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में भी 30 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

IMD ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल रह सकती है।

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वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास भी 4 सितंबर तक कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां रहने की संभावना है।

IMD Heavy Rain Alert: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट! यूपी-MP में आसमान से आफत, इन राज्यों में 3 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर खतरनाक रूप लेता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है। पिछले 24 घंटे में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है।

यूपी-मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश की दस्तक

पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 28 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मौजूद है, हालांकि अगले 24 घंटे में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में इन दिनों सतर्क रहें

पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है:-

  • पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।
  • 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है।
  • छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सावधानी की जरूरत है।

ओडिशा में सबसे बड़ा खतरा! 30 अगस्त को बेहद भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लेकिन 30 अगस्त को स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि मौसम विभाग ने इस दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

ओडिशा में 28-29 अगस्त और 31 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी

उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 28 से 30 अगस्त और फिर 2-3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार में बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में आज यानी 28 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना जताई गई है। राज्य में 28 अगस्त से 1 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। झारखंड में भी 28 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी मौसम बिगड़ेगा

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक बारिश का असर

पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में 7-11 सेंटीमीटर, जबकि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कम, लेकिन तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। फिर भी तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 28-29 अगस्त को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक झोंकों के साथ पहुंच सकती है।

मछुआरों के लिए भी समुद्र में जाने की मनाही जैसा अलर्ट

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्री परिस्थितियों को लेकर मछुआरों को चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के आसपास 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मौसम खराब रहने की संभावना है। अंडमान सागर में भी तेज हवाओं और 50-70 किमी प्रति घंटे तक की थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है।

अगले कुछ दिन बेहद अहम

IMD के पूर्वानुमान से साफ है कि 28 अगस्त से 3 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा की है, जहां 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह है।

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UP Expressway Projects: यूपी में ₹24,000 करोड़ का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट! दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर भी बड़ा दांव

UP Expressway Projects: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें दो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट सुल्तानपुर में मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर और राज्य के अलग-अलग जिलों में 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं। योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। नए फैसलों के जरिए उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े निवेश को आकर्षित करने की तैयारी है।

‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पहुंचेगा हरिद्वार, 10,761 करोड़ होंगे खर्च

कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान होगा। इस परियोजना का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। इसमें केंद्र की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है।

इस एक्सप्रेसवे से बिजनौर और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 यानी मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार हाईवे पर निर्भरता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की लखनऊ से कनेक्टिविटी भी गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए और मजबूत होगी।

प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा तेज कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार केवल सड़क परियोजना नहीं। बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार जुड़ने के बाद एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रयागराज और हरिद्वार जैसे गंगा तट पर बसे दो प्रमुख कुंभ शहरों को एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

यूपी सरकार को उम्मीद है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा बिजनौर, हरिद्वार और आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार की जाएगी।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर 7,968 करोड़

योगी कैबिनेट ने 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी BIDA क्षेत्र और झांसी के आसपास के डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इस परियोजना का पूरा खर्च भी उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। केंद्र से किसी वित्तीय भागीदारी का प्रस्ताव नहीं है। ॉ

सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुंदेलखंड के उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों और देश के अन्य क्षेत्रों तक सड़क संपर्क तेज होगा। निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ का इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये के निवेश से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर यानी IMLC के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी मंजूरी दी है। यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को पहले से मौजूद तेज सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह क्लस्टर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े निवेश को आकर्षित करेगा तथा सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगा।

11 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कैबिनेट ने 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी प्रोत्साहन को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल प्रस्तावित निवेश 5,500 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से आठ परियोजनाओं के लिए करीब 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2022 के तहत लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का विस्तार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों तक है।

इनमें प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:-

  • सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लेक्सिफिल्म्स, गौतम बुद्ध नगर- 605.37 करोड़ रुपये
  • शाल्विस स्पेशियलिटीज, हमीरपुर- 297.30 करोड़ रुपये
  • साउंड कास्टिंग्स, हाथरस – 225 करोड़ रुपये
  • वृंदावन बॉटलर्स, बाराबंकी – 436.12 करोड़ रुपये
  • जुआरी एनविएन बायोएनर्जी, लखीमपुर खीरी- 294.72 करोड़ रुपये
  • पसवारा पेपर्स, हाथरस- 315 करोड़ रुपये
  • CRD फूड्स एंड बेवरेजेज, मथुरा- 363.94 करोड़ रुपये
  • माउंट एवरेस्ट ब्रेवरीज, उन्नाव- 363.52 करोड़ रुपये

(नोट- इन परियोजनाओं को पात्रता के आधार पर नीति के तहत नेट SGST और कैपिटल सब्सिडी समेत विभिन्न प्रोत्साहन मिल सकेंगे।)

तीन और प्रोजेक्ट्स में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने तीन और परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी दी है। इनका कुल प्रस्तावित निवेश 2,606.04 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में लगाई जाएंगी।

उन्नाव में एल्युमिनियम कैन फैक्ट्री

Canpack India उन्नाव में करीब 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी एल्युमिनियम बेवरेज कैन बनाने की इकाई स्थापित करेगी। यह प्लांट करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में UPEIDA द्वारा विकसित IMLC इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में लगाया जाएगा। इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।

बिजनौर में फ्रेंच फ्राइज प्लांट

इसके अलावा Agristo Masa बिजनौर में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स कारोबार का विस्तार करने के साथ फ्रेंच फ्राइज बनाने की यूनिट स्थापित करेगी। प्रस्तावित प्लांट की अधिकतम स्थापित क्षमता हर साल 75,000 टन होगी। इसके मुकाबले कंपनी की मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स उत्पादन क्षमता करीब 7,332 टन सालाना बताई गई है।

कानपुर देहात में प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का होगा उत्पादन

एक बयान के मुताबिक, Supreme Industries कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां वैल्यू-एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पाद बनाए जाएंगे। कंपनी की स्थापना 1942 में हुई थी। यह भारत की प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग कंपनियों में शामिल है।

एक्सप्रेसवे और उद्योग को एक साथ जोड़ने की रणनीति

यूपी सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क को सीधे औद्योगिक विकास से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड के औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। जबकि सुल्तानपुर का IMLC पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का फायदा उठाएगा। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कैबिनेट के फैसले एक्सप्रेसवे विस्तार और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश को दिखाते हैं। सरकार का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए निवेश, व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

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उन्होंने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इन प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक नक्शे में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इसका असर सिर्फ लखनऊ, नोएडा या दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है।

LIVE: दिल्ली में झमाझम, भारी बारिश का रेड अलर्ट

LIVE: दिल्ली में झमाझम, भारी बारिश का रेड अलर्ट

delhi rain

Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली में भारी बारिश से राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने आज यहां भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया। पल पल की जानकारी। 

-भारी बारिश से राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया।
-मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से गैंगटिक वेस्ट बंगाल से मॉनसून का एक सिस्टम बना है। वहीं, उत्तर भारत में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य स्थानें में आंधी के साथ तेज बारिश हुई।

लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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कल का मौसम: 22 अगस्त को मूसलाधार बारिश की चेतावनी! IMD ने बताया दिल्ली-यूपी से लेकर MP-बिहार के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसून की हलचल ने अलग अलग इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का मौसम बना रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार 22 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के अधिकांश राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाकों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूरे मध्य प्रदेश में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा। मौसम के रौद्र रूप को देखते हुए लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है।

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दिल्ली, यूपी, बिहार और पंजाब-हरियाणा में झमाझम बारिश

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 22 अगस्त को झमाझम बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बादलों का जमावड़ा रहेगा और कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय राज्यों का हाल

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी प्रबल संभावना जताई गई है।

तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बवंडर जैसी हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई जगहों पर बहुत तेज हवाएं सतही चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, तूफानी हवाओं की चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। अरब सागर के अधिकांश पश्चिमी-मध्य हिस्से, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के दक्षिणी तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की कड़ी चेतावनी दी है।

Weather Update: एमपी में भारी बारिश का दौर जारी, दिल्ली-UP में भी बरसेंगे बादल, इन राज्यों में 27 अगस्त तक होगी मूसलाधार बारिश

India Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून सुपर एक्टिव मोड में है और जबर्दस्त बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पूर्वी मध्य प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में 27 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य भारत में बारिश का तांडव, मध्य प्रदेश में मूसलाधार का अलर्ट

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्य भारत में मानसूनी बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी सक्रिय है। इसकी वजह से 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त के बीच, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, दिल्ली-यूपी में बरसेंगे बादल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति के आसपास रहने और उत्तरी हरियाणा में एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 21 और 22 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का हाल, उड़ीसा और बंगाल में अलर्ट

उत्तरी बंगाल की खाड़ी, बांग्लादेश और दक्षिण गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उड़ीसा में 24 से 27 अगस्त के बीच बेहद भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में भी 22 से 25 अगस्त के दौरान तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में कम होगी बारिश की रफ्तार, तटीय इलाकों में तेज हवाएं

एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियां स्लो रहने का पूर्वानुमान दिया है। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 21 से 27 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। केरल और तमिलनाडु में 23 से 25 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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