IMD Weather Forecast: दिल्ली-NCR में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट! 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानें अगले 7 दिनों का मौसम

IMD Weather Forecast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया है कि दिन के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जबकि झोंकों के साथ हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद शाम से रात के दौरान भी कई स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक का एक और दौर आने की संभावना है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह हल्की बारिश हुई। इसके बाद आसमान में काले बादल छाए रहे। IMD ने दिन में हल्की से मध्यम बारिश होने, बादल गरजने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में दिन में बारिश होने की संभावना है और इस दौरान बिजली चमकने और रुक-रुककर तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 3.7 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

आईएमडी ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए कहा कि गुरुवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक या आकाशीय बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का भी पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं का असर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि राजधानी के सभी इलाकों में एक जैसी बारिश हो।

दिल्ली-NCR में तापमान का क्या है हाल?

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। जबकि न्यूनतम तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इससे साफ है कि रात के तापमान में अभी भी गर्माहट बनी हुई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में कुछ स्थानों पर सामान्य से कम स्तर दर्ज किया गया।

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम केंद्र सफदरजंग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में बारिश शून्य मिलीमीटर रही। ऐसे में 15 अक्टूबर को होने वाली संभावित बारिश से मौसम में अस्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। वहीं, आने वाले दिनों में बारिश की संभावना के बाद मौसम शुष्क होने और तापमान में फिर बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

16 अक्टूबर को भी बारिश के आसार

दिल्ली में 16 अक्टूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। IMD के मुताबिक, आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। सुबह जल्दी से दोपहर तक गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का एक दौर आने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसका मतलब है कि 15 और 16 अक्टूबर को दिल्ली में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने का अनुमान है।

17 अक्टूबर से साफ होने लगेगा मौसम

17 अक्टूबर को दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 अक्टूबर से मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 19 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और बारिश नहीं होने की संभावना है।

20 और 21 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर को भी दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 21 अक्टूबर को भी मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान है।

इस दिन अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इस तरह, 15 और 16 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना के बाद 17 से 21 अक्टूबर के बीच मौसम के अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

तापमान को लेकर मौसम विभाग का क्या अनुमान?

IMD के मुताबिक, अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका अर्थ है कि बारिश के कारण शुरुआती दिनों में दिन के तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन सप्ताह के अगले हिस्से में धूप निकलने के साथ गर्मी फिर महसूस हो सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर असर

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैला हुआ है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के ऊपर से गुजर रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

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Braj Mohan Ram: ‘ओडिशा में भी BJP को मजबूत करूंगा’; शपथ ग्रहण से पहले नए राज्यपाल के बयान पर बवाल, जानिए कौन हैं बृज मोहन राम

Braj Mohan Ram: ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल और झारखंड से तीन बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रह चुके ब्रज मोहन राम पदभार संभालने से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) नेराम के इस कथित बयान पर निराशा जताई है कि ‘पद संभालने के बाद वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।’ एक और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे BJP का असली चेहरा सामने आ गया है। विपक्षी पार्टियों ने मांग की है कि राम को वापस बुलाया जाए।

BJD ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें राम राज्यपाल का पद संभालने के बाद अपनी आगे की कार्ययोजना के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। BJD ने एक बयान में कहा, “पीटीआई के वीडियो में उनकी बातें सुनकर हमें हैरानी हुई, जिसमें वह फिर से कहते हैं कि वह BJP को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की निंदा करते हैं क्योंकि यह टिप्पणी इस तथ्य को दरकिनार करती है कि राज्यपाल पार्टी की राजनीति से ऊपर होते हैं।”

पूर्व सीएम नवीन पटनायक भड़के

ओडिशा के पूर्व सीएम और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उम्मीद जताई कि वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ओडिशा के लोग पार्टी का काम करने के लिए मनोनीत राज्यपाल के उत्साह को देख रहे हैं। उम्मीद है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें ओडिशा के लोगों की सेवा करने का जोश और शक्ति देंगे, जिससे वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।” उन्होंने पोस्ट में राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग किया।

कांग्रेस का भी बीजेपी पर हमला

इस बीच, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निष्पक्ष रूप से संविधान का पालन करना है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी के चुनावी हितों को आगे बढ़ाना।” उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों को दलीय राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। BJP नेता और तीन बार सांसद रह चुके राम को सोमवार को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राम के बयान पर ओडिशा BJP की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बृज मोहन राम ने क्या कहा?

नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने कहा कि वह गरीबों के लिए काम करेंगे। साथ ही बुनियादी मुद्दों के समाधान पर ध्यान देंगे और लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। राम ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि ओडिशा तरक्की करे और लोगों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान रिपोर्टर ने उनसे काम करने के तरीके को लेकर एक सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “नहीं नहीं देखेंगे… वहां (ओडिशा) भी क्या स्थिति है तो वहां भी हम जोड़ेंगे। वहां भी मोर्चा का अपना संगठन है। उसको एक्टिव करके आप अपने बीजेपी के पास में वोट कैसे आए इस पर चिंता करेंगे।” उनके इसी बयान पर सियासी बवाल मच गया है।

बाद में दी सफाई

ओडिशा में ‘बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा’ वाले कथित बयान पर गुरुवार (15अक्टूबर ) को सफाई देते हुए नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “नहीं, मैंने ऐसा नहीं कहा। मैंने कहा था कि मैं सबके साथ मिलकर काम करूंगा। अब मैं दलीय राजनीति से ऊपर उठ चुका हूं। लेकिन जिस पार्टी से मैं जुड़ा रहा हूं, वह मेरी पूंजी है। उस पार्टी के लिए मेरे मन में हमेशा लगाव और प्रेम रहेगा। लेकिन मैं किसी खास पार्टी के लिए काम नहीं करूंगा। हम सबके हैं, सब हमारे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं सबके साथ मिलकर इसे निभाऊंगा। शुरुआत में थोड़ा तालमेल बिठाने में समय लगेगा। लेकिन मैं ऐसा कर लूंगा… मैं संवैधानिक पद की मर्यादा के दायरे में रहकर काम करूंगा। एक राजनेता और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बीच फर्क होता है। इसलिए, मुझे इस बात का ध्यान रखते हुए काम करना होगा।”

कौन हैं बृज मोहन राम?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के पलामू जिला निवासी बृज मोहन राम को 12 अक्टूबर 2026 को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया। वह हरि बाबू कंभमपति की जगह लेंगे, जिन्होंने तीन जनवरी 2025 को पदभार संभाला था। राम ने अविभाजित बिहार में 1996, 1998 और 1999 में तीन बार पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर सेवाएं दीं। ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था।

लातेहार से राज्यपाल का सफर

यह क्षेत्र अब झारखंड के लातेहार जिले में आता है। उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से संबंधित बीएस कॉलेज, लोहरदगा से ग्रेजुएट की पढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका पेशा कृषि बताया जाता है। उनके राजनीतिक जीवन की खास बात यह है कि उन्होंने ऐसे दौर में राजनीति में अपनी पहचान बनाई, जब झारखंड अलग राज्य नहीं बना था। उस समय पलामू और लातेहार जैसे क्षेत्र अविभाजित बिहार का हिस्सा थे।

विधायक से सांसद बनने और फिर लंबे समय तक चुनावी राजनीति से दूर रहने के बाद राज्यपाल पद तक पहुंचना उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है। उनका शुरुआती राजनीतिक जीवन स्थानीय क्षेत्र से जुड़ा रहा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। उस समय बिहार की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व, आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों और BJP के विस्तार का दौर चल रहा था।

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ब्रज मोहन राम ने वर्ष 1991 में अविभाजित बिहार की राजनीति में चुनावी सफलता हासिल की। वह भगवा पार्टी के टिकट पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। फिर 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। राम की राजनीतिक पहचान में सामाजिक प्रतिनिधित्व की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 1996 से 1998 के बीच रांची में वनांचल प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बाद के वर्षों में भी वह BJP के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय करने में अपनी भूमिका का उल्लेख करते रहे। हाल ही में राज्यपाल नियुक्त होने के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय बनाने में उनका योगदान रहा है।