रांची में ₹4,000 करोड़ से बसाई जा रही हाई-टेक स्मार्ट सिटी! 96% काम पूरा, जानिए कब खरीद सकेंगे आशियाना

Ranchi Smart City Project: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रांची में स्मार्ट सिटी का निर्माण पिछले 4 सालों से हो रहा है, जहां अब पक्की सड़कें, सिग्नल, पार्क, कम्युनिटी हॉल और मंत्रियों के बंगले भी नजर आने शुरू हो गए हैं। यहां कई बड़े कॉम्प्लेक्स और फ्लैटों के निर्माण में काफी तेजी देखी जा रही है, और अब आम लोग यहां अपना घर खरीदने का सपना देख रहे हैं।

इन चीजों पर फिलहाल चल रहा है काम

रांची स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पीआरओ अमित बताते हैं कि रांची स्मार्ट सिटी में इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट वर्क के तहत आठ प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। इनमें लैंड डेवलपमेंट, रोड, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज एंड एसटीपी, ड्रेनेज, पावर डिस्ट्रीब्यूशन, वाटर डिस्ट्रीब्यूशन, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर व पावर फॉर वर्क प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट का 96 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है।

लोगों को करना पड़ेगा इंतजार

हालांकि, आम लोगों को फ्लैट लेने के लिए अभी 1.5 साल का और इंतजार करना पड़ेगा। कई सारे प्लॉट में यहां फ्लैट और डुप्लेक्स आदि का निर्माण जारी है। बहुत लोगों ने तो बिल्डर के द्वारा एडवांस बुकिंग कर ली है, लेकिन अभी इसे पूरी तरह कंप्लीट होने में कम से कम एक से डेढ़ साल का वक्त लगेगा। चूंकि यह पूरी तरह प्लांट सिटी है, इसलिए यहां रहने का अनुभव काफी शानदार रहेगा।

Ranchi Smart City Project: आम लोगों को फ्लैट लेने के लिए अभी 1.5 साल का और इंतजार करना पड़ेगा

80 करोड़ की लागत से अर्बन हाट होगा आकर्षण का केंद्र

प्लॉट नंबर 54 में 80 करोड़ की लागत से अर्बन हाट बनाया जाएगा। पीआरओ अमित बताते हैं कि इस अर्बन हाट में हैंडीक्राफ्ट्स प्रोडक्ट्स एंड पेंटिंग्स, अस्थायी प्रदर्शनी स्टॉल, बच्चों को खेलने के लिए ओपन स्पेस, ट्रेडिशनल फूड कोर्ट, हैंडलूम स्टॉल और ओपन एयर एंफीथिएटर जैसी चीजें मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी, और यहां के स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा।

रांची होगा फ्यूचर-रेडी स्मार्ट सिटी

अमित कुमार बताते हैं कि रांची को फ्यूचर-रेडी स्मार्ट सिटी बनाने के उद्देश्य से 37 फीसदी भूमि को ओपन और ग्रीन स्पेस के रूप में सुरक्षित किया गया है। 24×7 गैस-इंसुलेटेड पावर स्टेशन और जलापूर्ति नेटवर्क विकसित किया गया है। अंडरग्राउंड वायरिंग मॉडल, रोडसाइड यूटिलिटी डक्ट सिस्टम और कई आधुनिक मॉडल्स के जरिए यह पर्यावरण-फ्रेंडली और सस्टेनेबल डेवलपमेंट स्मार्ट सिटी बनकर तैयार होगा।

रिपोर्ट- शिखा श्रेया

रांची से पटना का सफर होगा सुपरफास्ट: ₹5,000 करोड़ के फोरलेन से बदलेगी कोडरमा और झुमरी तिलैया की तस्वीर

Ranchi to Patna Four Lane Highway: झारखंड की राजधानी रांची से पटना के लिए ₹5,000 करोड़ की लागत से फोरलेन बनकर तैयार हो रहा है। अगले साल दिसंबर 2027 तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। PWD विभाग के सचिव सुनील कुमार बताते हैं कि काम में काफी तेजी है और धरातल पर भी आपको काफी कुछ देखने को मिल रहा होगा।

आगे बताते हैं कि अगले साल के अंत तक हम इसके उद्घाटन की योजना बना रहे हैं। यह सड़क बनने से कोडरमा, झुमरी तिलैया, रजरप्पा जैसी जगह जाना भी बेहद आसान हो जाएगा। यह परियोजना करीबन 323 किलोमीटर लंबी है। इससे न सिर्फ इकोनॉमिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि यात्रा काफी सुगम व सुरक्षित रहेगी।

हजारीबाग व अन्य शहर जाना होगा आसान

इस परियोजना से खासतौर पर रांची से हजारीबाग जाना बेहद आसान हो जाएगा। बता दें कि रांची से हजारीबाग के बीच पहले ही फोरलेन बन चुका है। हजारीबाग के बरही से कोडरमा के फोरलेन का अंतिम चरण का काम मंजूरी के इंतजार में लटका हुआ था। चूंकि केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है, तो काम में काफी तेजी देखने को मिलेगी।

साथ ही, बिहार में रजौली से बख्तियारपुर तक फोरलेन प्रस्तावित है, जबकि बख्तियारपुर से पटना के बीच फोरलेन बना हुआ है। बीच के फोरलेन बनने से रांची और पटना के बीच यात्रियों को काफी आराम मिलेगा, बल्कि टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। अब आप कुछ घंटे में तिलैया डैम जा सकते हैं व रांची से रजरप्पा मंदिर मात्र 1.5 घंटे में पहुंच सकते हैं।

आसपास की जमीन का रेट हुआ हाई

सचिव सुनील कुमार बताते हैं कि सड़क बनने से सिर्फ आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि आसपास की जमीन का रेट ही चार गुना अधिक देखने को मिल रहा है। यानी कि आर्थिक रूप से वहां के आसपास के लोग सशक्त हो रहे हैं। यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होगा। सड़क के दोनों ओर आपको अच्छी-खासी हरियाली और ग्रीन पैच भी देखने को मिलेंगे।

रिपोर्ट- शिखा श्रेया

Braj Mohan Ram: ‘ओडिशा में भी BJP को मजबूत करूंगा’; शपथ ग्रहण से पहले नए राज्यपाल के बयान पर बवाल, जानिए कौन हैं बृज मोहन राम

Braj Mohan Ram: ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल और झारखंड से तीन बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रह चुके ब्रज मोहन राम पदभार संभालने से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) नेराम के इस कथित बयान पर निराशा जताई है कि ‘पद संभालने के बाद वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।’ एक और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे BJP का असली चेहरा सामने आ गया है। विपक्षी पार्टियों ने मांग की है कि राम को वापस बुलाया जाए।

BJD ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें राम राज्यपाल का पद संभालने के बाद अपनी आगे की कार्ययोजना के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। BJD ने एक बयान में कहा, “पीटीआई के वीडियो में उनकी बातें सुनकर हमें हैरानी हुई, जिसमें वह फिर से कहते हैं कि वह BJP को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की निंदा करते हैं क्योंकि यह टिप्पणी इस तथ्य को दरकिनार करती है कि राज्यपाल पार्टी की राजनीति से ऊपर होते हैं।”

पूर्व सीएम नवीन पटनायक भड़के

ओडिशा के पूर्व सीएम और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उम्मीद जताई कि वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ओडिशा के लोग पार्टी का काम करने के लिए मनोनीत राज्यपाल के उत्साह को देख रहे हैं। उम्मीद है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें ओडिशा के लोगों की सेवा करने का जोश और शक्ति देंगे, जिससे वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।” उन्होंने पोस्ट में राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग किया।

कांग्रेस का भी बीजेपी पर हमला

इस बीच, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निष्पक्ष रूप से संविधान का पालन करना है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी के चुनावी हितों को आगे बढ़ाना।” उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों को दलीय राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। BJP नेता और तीन बार सांसद रह चुके राम को सोमवार को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राम के बयान पर ओडिशा BJP की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बृज मोहन राम ने क्या कहा?

नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने कहा कि वह गरीबों के लिए काम करेंगे। साथ ही बुनियादी मुद्दों के समाधान पर ध्यान देंगे और लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। राम ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि ओडिशा तरक्की करे और लोगों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान रिपोर्टर ने उनसे काम करने के तरीके को लेकर एक सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “नहीं नहीं देखेंगे… वहां (ओडिशा) भी क्या स्थिति है तो वहां भी हम जोड़ेंगे। वहां भी मोर्चा का अपना संगठन है। उसको एक्टिव करके आप अपने बीजेपी के पास में वोट कैसे आए इस पर चिंता करेंगे।” उनके इसी बयान पर सियासी बवाल मच गया है।

बाद में दी सफाई

ओडिशा में ‘बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा’ वाले कथित बयान पर गुरुवार (15अक्टूबर ) को सफाई देते हुए नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “नहीं, मैंने ऐसा नहीं कहा। मैंने कहा था कि मैं सबके साथ मिलकर काम करूंगा। अब मैं दलीय राजनीति से ऊपर उठ चुका हूं। लेकिन जिस पार्टी से मैं जुड़ा रहा हूं, वह मेरी पूंजी है। उस पार्टी के लिए मेरे मन में हमेशा लगाव और प्रेम रहेगा। लेकिन मैं किसी खास पार्टी के लिए काम नहीं करूंगा। हम सबके हैं, सब हमारे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं सबके साथ मिलकर इसे निभाऊंगा। शुरुआत में थोड़ा तालमेल बिठाने में समय लगेगा। लेकिन मैं ऐसा कर लूंगा… मैं संवैधानिक पद की मर्यादा के दायरे में रहकर काम करूंगा। एक राजनेता और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बीच फर्क होता है। इसलिए, मुझे इस बात का ध्यान रखते हुए काम करना होगा।”

कौन हैं बृज मोहन राम?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के पलामू जिला निवासी बृज मोहन राम को 12 अक्टूबर 2026 को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया। वह हरि बाबू कंभमपति की जगह लेंगे, जिन्होंने तीन जनवरी 2025 को पदभार संभाला था। राम ने अविभाजित बिहार में 1996, 1998 और 1999 में तीन बार पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर सेवाएं दीं। ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था।

लातेहार से राज्यपाल का सफर

यह क्षेत्र अब झारखंड के लातेहार जिले में आता है। उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से संबंधित बीएस कॉलेज, लोहरदगा से ग्रेजुएट की पढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका पेशा कृषि बताया जाता है। उनके राजनीतिक जीवन की खास बात यह है कि उन्होंने ऐसे दौर में राजनीति में अपनी पहचान बनाई, जब झारखंड अलग राज्य नहीं बना था। उस समय पलामू और लातेहार जैसे क्षेत्र अविभाजित बिहार का हिस्सा थे।

विधायक से सांसद बनने और फिर लंबे समय तक चुनावी राजनीति से दूर रहने के बाद राज्यपाल पद तक पहुंचना उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है। उनका शुरुआती राजनीतिक जीवन स्थानीय क्षेत्र से जुड़ा रहा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। उस समय बिहार की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व, आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों और BJP के विस्तार का दौर चल रहा था।

ये भी पढ़ें- अमेरिका में हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश नाकाम, 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार; भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

ब्रज मोहन राम ने वर्ष 1991 में अविभाजित बिहार की राजनीति में चुनावी सफलता हासिल की। वह भगवा पार्टी के टिकट पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। फिर 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। राम की राजनीतिक पहचान में सामाजिक प्रतिनिधित्व की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 1996 से 1998 के बीच रांची में वनांचल प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बाद के वर्षों में भी वह BJP के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय करने में अपनी भूमिका का उल्लेख करते रहे। हाल ही में राज्यपाल नियुक्त होने के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय बनाने में उनका योगदान रहा है।

कप्तान शाई होप के शानदार शतक ने विंडीज को भारत के खिलाफ कराया 250 का रिकॉर्ड चेस

INDvsWI कप्तान शाई होप के 45 गेंदों में नाबाद 102 रनों के शतक की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत द्वारा दिया गया रिकॉर्ड 250 रनों का चेस 4 विकेट खोकर और 9 गेंदें शेष रहकर पा लिया। यह वेस्टइंडीज का रनों का पीछा करते हुए सबसे बड़ा स्कोर है। 

250 रनों का पीछा करतेहुए वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही और उसने दो विकेट पहले ही ओवर में गंवा दिए। रोवमैन पॉवेल ने थोड़े शॉट्स लगाए लेकिन वह भी मयंक यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। इंडीज को मैच में लाई शाई होप और शेरेफेन रदरफोर्ड की 100 रनों की साझेदारी। जब रदरफोर्ड 37 गेंदों में 84 रनों पर आउट हुए तो मैच फंसा हुआ था पर रोमारियो शेफर्ड ने कप्तान पर दबाव नहीं बनने दिया। शाई होप ने दो छक्के मारकर ना केवल अपना शतक पूरा किया बल्कि टीम को एतिहासिक जीत दिलाई। भारत की ओर से मयंक यादव ने 3 और कुलदीप यादव ने 1 विकेट लिया।

वेस्टइंडीज अब 5 मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबर है और तीसरा टी-20 मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार को खेला जाएगा।

इससे पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

ईशान किशन ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 43 रन बनाए। हालांकि, रोस्टन चेज ने ईशान को बोल्ड कर भारतीय पारी की रफ्तार पर अंकुश लगाने की कोशिश की। वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज ने तीन विकेट झटके, जबकि शमार स्प्रिंगर को दो सफलताएं मिलीं। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए स्कोर को 249 रन तक पहुंचा दिया।

250 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पहले ही ओवर में दो विकेट झटककर मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने पहले कामिल पूरन को चार रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इसके बाद शिमरन हेटमायर को बोल्ड कर बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।

शुरुआती झटकों के बावजूद वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी। कप्तान शाई होप ने शानदार शतकीय पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और टीम को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस तरह रांची के मैदान पर भारतीय टीम का विशाल स्कोर भी जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ और वेस्टइंडीज ने मुकाबला छह विकेट से अपने नाम कर लिया।

संजू सैमसन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ पहुंचा 249 रनों पर

INDvsWIसंजू सैमसन 82 रन की आक्रामक पारी के साथ फॉर्म में लौटे और उनके साथ श्रेयस अय्यर तथा तिलक वर्मा की उपयोगी पारियों के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में पांच विकेट पर 249 रन बनाये । वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत का यह सर्वोच्च टी20 स्कोर है। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर चार विकेट पर 244 रन था जो 2016 में बना था।

पिछले चार मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद सैमसन ने 21 गेंदों में अपना नौवां टी20 अर्धशतक जमाया । उन्होंने ईशान किशन (22 गेंदों में 43 रन) के साथ 97 रन की साझेदारी की । दोनों ने 11 ओवर के बाद 12 की रनरेट से भारत को एक विकेट पर 139 रन तक पहुंचाया। अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे ईशान ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के लगाये।

आफ स्पिनर रोस्टन चेस ने इस साझेदारी को तोड़ा और लगातार दो विकेट लिये।ईशान और शिवम दुबे (सात) दोनों बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बोल्ड हुए। दुबे को चौथे नंबर पर भेजने का फैसला गलत साबित हुआ और वह दस गेंद खेलकर विकेट गंवा बैठे।  सैमसन 15वें ओवर में आउट हुए और शतक से 18 रन से चूक गए । स्प्रिंगर की गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड प्वाइंट पर कामिल पूरन को कैच दिया।

भारत ने बीच के ओवरों में 23 रन के भीतर तीन विकेट गंवाये। लखनऊ में पिछले मैच में अपना पहला टी20 शतक लगाने वाले कप्तान श्रेयस ने उस लय को कायम रखते हुए 18 गेंद में 40 रन बनाये जबकि तिलक ने 18 गेंद में 44 रन की पारी खेली।

तिलक के टी20 क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे हो गए। श्रेयस और तिलक ने 83 रन की साझेदारी 32 गेंद में पूरी की।
भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर तेज शुरूआत की। अभिषेक शर्मा ने स्पिनर अकील हुसैन को एक छक्का लगाया जबकि सैमसन को क्रीज पर जमने में समय लगा। उन्हें छह रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब हुसैन की गेंद पर कवर में पूरन ने उनका कैच छोड़ा।

सैमसन ने इसका पूरा फायदा उठाकर हुसैन को तीन छक्के और दो चौके जड़े। अभिषेक 12 गेंद में 20 रन बनाकर आउट हए । 

Maha Ashtami & Maha Navami 2026: शारदीय नवरात्रि में कब होगी महा अष्टमी और महा नवमी? जानें तारीख, पूजा मुहूर्त और पारण का समय

Maha Ashtami & Maha Navami 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्री के पर्व का विशेष स्थान है। यह पव हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के आठवें दिन यानी अश्विन शुक्ल अष्टमी तिथि को महा अष्टमी और अश्विन शुक्ल नवमी तिथि को महा नवमी का पर्व मनाया जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना करने वाले सभी भक्त इन दिनों में कन्या पूजन, उपवास और विशेष अनुष्ठान आदि का आयोजन करते हैं। शारदीय नवरात्री के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानें इस साल महा अष्टमी और महा नवमी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा? इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगी।

19 अक्टूबर को होगी महाष्टमी की पूजा

इस वर्ष अष्टमी तिथि का आरंभ 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे होगा और इसका समापन 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 19 अक्टूबर को अष्टमी मानी जाएगी। इसलिए जिन लोगों के यहां अष्टमी के दिन विशेष पूजा, हवन या कन्या पूजन की परंपरा है, वे 19 अक्टूबर को यह अनुष्ठान कर सकते हैं। अगर आप अष्टमी का व्रत रखते हैं तो 19 अक्टूबर को व्रत रखें और विधि-विधान से मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा करें।

महा अष्टमी 2026 कन्या पूजन समय

कन्या पूजन या कन्या भोजन कराने वाले लोग भी 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के दौरान यह अनुष्ठान कर सकते हैं। कोशिश करें कि अष्टमी से जुड़े पूजा-पाठ और कन्या पूजन सुबह 10:51 बजे से पहले कर लिया जाए। कुछ परिवारों में महाष्टमी के दिन कुलदेवी या मां चामुंडा की पूजा रात के समय की जाती है। ऐसे परिवार 18 अक्टूबर की रात को अष्टमी तिथि लगने के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं।

महानवमी 2026 कब है?

19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे अष्टमी तिथि समाप्त होगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसलिए 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद महानवमी की पूजा, हवन और कन्या पूजन किया जा सकता है। अगर आपके परिवार में नवमी के दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है, तो आप 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद कन्या पूजन और हवन कर सकते हैं। 19 अक्टूबर को महाअष्टमी और महानवमी दोनों का कन्या पूजन किया जा सकता है।

20 अक्टूबर को भी कर सकते हैं नवमी का कन्या पूजन

जो श्रद्धा उदया तिथि को विशेष महत्व देते हैं, वे 20 अक्टूबर को भी महानवमी की पूजा और कन्या पूजन कर सकते हैं। हालांकि, इस दिन नवमी तिथि दोपहर 12:50 बजे तक ही रहेगी। इसलिए 20 अक्टूबर को नवमी के अनुसार पूजा, हवन और कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालुओं को दोपहर 12:50 बजे से पहले यह अनुष्ठान पूरा कर लेना चाहिए। इस तरह, जो लोग उदया तिथि को मानते हैं, वे 20 अक्टूबर को भी महानवमी की पूजा और कन्या पूजन कर सकते हैं।

महानवमी का व्रत कब रखें और पारण कब करें?

महानवमी का व्रत 19 अक्टूबर को व्रत रख सकते हैं। नवमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करें और पूरे दिन व्रत रखें। व्रत का पारण अगले दिन यानी विजयादशमी के दिन करना उचित माना जाता है।

संधि पूजा का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष संधि पूजा का मुहूर्त 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:27 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। यह कुल 48 मिनट का समय होगा। अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट को मिलाकर कुल 48 मिनट का यह समय संधि काल कहलाता है। इसी दौरान संधि पूजा की जाती है। शास्त्रों में संधि काल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी समय मां दुर्गा ने चामुंडा स्वरूप धारण करके चंड और मुंड नामक असुरों का संहार किया था। इसी वजह से संधि पूजा में मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप की विशेष आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस विशेष समय में मां चामुंडा की पूजा करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है।

Ranchi Urban Corridor: 10 महीने में पूरी बदल जाएगी रांची! 36.6 करोड़ की लागत से बनेगा स्पेशल साइकिल ट्रैक और वॉक-वे

वाराणसी में देश के पहले अर्बन रोपवे का काम कहां तक पहुंचा? इसके स्टेशन, किराया और 15 मिनट वाले नए रूट की पूरी डिटेल जानिए

Varanasi Ropeway Project: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देश का पहला अर्बन रोप वे ट्रांसपोर्ट तैयार हो रहा है। कैंट से गोदौलिया तक बन रहे इस रोप वे ट्रांसपोर्ट से 4 किलोमीटर का सफर आसान होगा। अब तक रोप वे ट्रांसपोर्ट का 95 फीसदी काम करीब पूरा हो चुका है। इस रोपवे ट्रांसपोर्ट से गोदौलिया-कैंट रूट पर गाड़ियों का प्रेशर कम होगा और इससे रोजाना करीब 90 हजार लोग सफर कर पायेंगे। इस रोप वे ट्रांसपोर्ट की शुरुआत के बाद काशी में टूरिज्म को नया आयाम भी मिले गा। रोपवे इस प्राचीन शहर में पर्यटकों को बिलकुल अलग अनुभूति कराएगा। अब तक पहाड़ी इलाकों में तो लोग रोपवे का सफर करते है लेकिन शहरी इलाके में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर पहली बार लोग ऐसे सफर का एक्सपीरियंस उठाया जा सकेगा।

वाराणसी में बन रहें रोप वे ट्रांसपोर्ट के लिए शहर में कुल 5 स्टेशन बनाए गए है। इसमें कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया शामिल हैं। हर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच सफर के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को 10 रूपये प्रति व्यक्ति किराया देना होगा। जो लोग कैंट से सीधे गोदौलिया तक का सफर करेंगे उन्हें इसके लिए 50 रूपये खर्च करने होंगे। फिलहाल सड़क मार्ग से भी कैंट से गोदौलिया तक के सफर के लिए करीब इतना ही किराया लोगों को देना होता है। रोपवे से इस सफर को सिर्फ 15 से 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल सड़क मार्ग से इस सफर के लिए लोगों को अभी 35 से 45 मिनट का समय लगता है।

इस रोपवे को कौन बना रहा?

वाराणसी में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैंनेजमेंट लिमिटेड इस काम को पूरा कर रही है। कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा के स्टेशन के साथ यहां रोप वे ट्राली के ट्रायल का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। वहीं गिरजाघर और गोदौलिया स्टेशन का काम फिलहाल तेजी से जारी है। यहां तारों पर गंडोला की टेस्टिंग भी हो रही है। वाराणसी के कमिश्नर एस राजलिंगम ने बताया की रोपवे ट्रांसपोर्ट का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अगले महीने तक बाकी बचे काम को भी पूरा किया जा सकता है।

इस प्रोजेक्ट पर कितना हो रहा खर्च, ये भी जानिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर कुल 807 करोड़ रूपये खर्च हो रहे हैं। वाराणसी में बन रहा देश का पहला अर्बन रोपवे ट्रांसपोर्ट को भी वाराणसी के थीम पर ही बनाया जा रहा है। यहां के स्टेशन पर आप भगवान शिव के साथ घाटों का खूबसूरत थीम भी दिखेगी। इसके अलावा जिस ट्राली (गंडोला) से यात्री सफर करेंगे उनमें भी घाट और मंदिर की झलक पर्यटकों को दिखेगी। रोप वे ट्रांसपोर्ट के लिए वाराणसी में 29 टॉवर बनाए गए है। इन टॉवर की ऊंचाई 55 मीटर तक है। यानी पर्यटक काशी की खूबसूरत छठा को 150 फीट की ऊंचाई से निहार सकेंगे।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हर स्टेशन पर 2 से 3 मिनट के अंतराल पर रोपवे ट्राली मिलेगी। इसमें एक बार 10 यात्री सफर कर पाएंगे। हर घंटे करीब 6 हजार लोग इससे सफर करेंगे। पुरे दिन में करीब 16 घंटे इसका संचालन होगा। यानी एक दिन में करीब 90 हजार से ज्यादा लोग इससे सफर कर पाएंगे। रोप वे ट्रांसपोर्ट तैयार होने के बाद पर्यटक आसानी से काशी विश्वनाथ धाम पहुंच सकेंगे।

ये भी पढ़ें- Ranchi JCI Expo: रांची में मर्सिडीज से लेकर फ्लैट तक की बुकिंग! 1 अक्टूबर से लगने जा रहा है झारखंड का सबसे बड़ा मेला, फुल डिटेल

टूरिज्म वेलफेयर एसोशिसन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया की रोप वे ट्रांसपोर्ट से सफर करना यहां आने वाले लाखों पर्यटकों के लिए बिलकुल नया अनुभव होगा। इसलिए इसकी शुरुआत के बाद यहां टूरिज्म इंड्रस्टी को एक बार फिर बूस्टअप मिलेगा।

(वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट)

Ranchi JCI Expo: रांची में मर्सिडीज से लेकर फ्लैट तक की बुकिंग! 1 अक्टूबर से लगने जा रहा है झारखंड का सबसे बड़ा मेला, फुल डिटेल

Ranchi JCI Expo: झारखंड की राजधानी रांची में एक अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर तक जेसीआई का एक्सपो लगने वाला है। दरअसल, यह झारखंड का सबसे बड़ा एक्सपो होता है जो हर साल अक्टूबर के महीने में लगता है। यहां की खास बात ये है कि यहां पर आपको एक छत के नीचे सुई से लेकर मर्सिडीज तक मिलेगा। यहां पर 400 स्टॉल लगने वाले हैं।

पिंक हैंगर आकर्षण का केंद्र रहेगा

जेसीआई के अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि यहां महिला उद्यमी को ध्यान में रखते हुए पिंक हैंगर आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस पिंक हैंगर में सिर्फ महिला उद्यमियों के ऐसे प्रोडक्ट्स दिखाए जाएंगे जिनसे उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। एक तरह से कहें तो महिला उद्यमी को बढ़ावा देने के लिए यह स्पेशल हैंगर तैयार किया जा रहा है।

पूरे भारत से आएंगे उद्यमी

प्रतीक जैन बताते हैं कि पूरे भारत से चुनिंदा लोग यहां पर अपने यूनिक प्रोडक्ट का स्टॉल लगाएंगे। यहां पर आपको कई सारी वैरायटी एक छत के नीचे देखने को मिलेगी। अलग से फूड कोर्ट भी होगा। जहां पर राजस्थानी दाल बाटी चूरमा से लेकर कश्मीर का राजमा चावल भी होगा। यानी शॉपिंग के साथ-साथ खाने का भी मजा।

सेल्फी जोन और कई सारी प्रतियोगिता हर दिन

यहां पर एक स्पेशल सेल्फी जोन भी होगा। इसके अलावा किड जोन होगा जहां पर बच्चों के खेलने के लिए 360 डिग्री जंपिंग जपाक जैसे कई तरह के झूले होंगे। हर दिन डॉग शो, छोटे बच्चों के रैंप वॉक और महिलाओं के लिए प्रतियोगिता होगी। इसमें विनर को स्पेशल प्राइज भी दिए जाएंगे।

यहां पर फ्लैट तक की कर सकते हैं बुकिंग

यहां पर सिर्फ आप दुर्गा पूजा के लिए कपड़े मिठाइयां और अन्य चीजों की ही शॉपिंग नहीं करेंगे बल्कि आप फ्लैट तक की बुकिंग करेंगे। यहां पर रियल स्टेट कंपनी के कई सारे स्टॉल देखने को मिलेंगे। जहां पर आप रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करना चाहते हैं या अपने सपनों का आशियाना तलाश रहे हैं तो आपको कई सारे रियल स्टेट इन्वेस्टर के ढेरों प्रोजेक्ट एक साथ देखने को मिलेंगे। यहीं से आप उनकी बुकिंग भी करा पाएंगे।

(रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें- दिल्ली से कटरा सिर्फ 6 घंटे और अमृतसर 4 घंटे में! 680 KM का ये एक्सप्रेसवे बदल देगा सफर का अंदाज, ₹39,000 करोड़ से बन रहा मेगा कॉरिडोर

Monkey Viral Video: शराब की दुकान में घुसी रांची की बंदरिया, बोतल से गटक गई Vodka! नशा चढ़ा तो बक्से पर ही सो गई, देखने उमड़ी भीड़

Ranchi Monkey Viral Video: झारखंड की राजधानी में स्थित एक शराब की दुकान से अनोखा मामला सामने आया है। रांची में एक शराब की दुकान में उस वक्त अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जब एक बंदरिया अचानक शॉप के अंदर घुस गई। इसके बाद उसने ऐसा कारनामा किया कि दुकान पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। बंदरिया ने कथित तौर पर शराब की बोतल से शराब पी और फिर दुकान के अंदर ही आराम से सो गई।

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दुकान के अंदर एक कथित गर्भवती बंदरिया दिख रही है। उसने कथित तौर पर दुकान के अंदर शराब पी और फिर नशे होने के बाद सो गई। उसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

पहले दुकान में घुसी, भगाने पर कर्मचारी को काटा

मामला रांची के ओरमांझी ब्लॉक चौक के पास स्थित शराब की दुकान का बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, बंदरिया शुक्रवार 25 सितंबर को शराब की दुकान में घुस गई थी। उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई। लेकिन वह आक्रामक हो गई। उसने कथित तौर पर एक कर्मचारी को काट लिया। इसके बाद लोगों ने उससे दूरी बना ली।

दुकान के अंदर अकेली रह गई बंदरिया कुछ देर तक इधर-उधर घूमती रही। तभी उसकी नजर वहां रखी शराब की बोतल पर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उसने बोतल (Vodka का क्वार्टर) से शराब पी। एक वीडियो में दुकान के अंदर सोई बंदरिया और पास में रखी शराब की बोतल दिखाई दे रही है।

शराब पी और फिर दुकान में ही ‘पावर नैप’

शराब पीने के बाद बंदरिया दुकान के अंदर रखे सामान/बक्सों के ऊपर जाकर लेट गई। कुछ ही देर में वह गहरी नींद में नजर आने लगी। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति उसे कैमरे में कैद करता है। लेकिन उसकी आवाज या हलचल से बंदरिया कुछ पल के लिए आंखें खोलती है। फिर दोबारा आंखें बंद कर लेती है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बंदरिया ने करीब एक क्वार्टर Vodka पी थी। हालांकि, शराब की सही मात्रा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

खुद को गर्भवती बता रहे थे लोग

वीडियो में मौजूद व्यक्ति बंदरिया को मादा और गर्भवती बता रहा है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में उसे ‘प्रेग्नेंट मंकी’ कहा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस गर्भावस्था की कोई स्वतंत्र पशु डॉक्टरों की तरफ से पुष्टि सामने नहीं आई है। घटना के वीडियो में दिख रहा है कि ग्राहक शराब खरीदने के लिए दुकान पर आ रहे हैं। स्टाफ सामान्य रूप से काम कर रहा है। जबकि बंदर पीछे सो रहा है।

देखने के लिए दुकान के बाहर जुट गई भीड़

कुछ ही देर बाद बंदरिया के शराब पीकर दुकान में सो जाने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। इसके बाद लोगों की भीड़ दुकान के बाहर जमा हो गई। कई लोगों ने मोबाइल फोन से इसका वीडियो बनाया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद एक रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने बंदरिया को सुरक्षित तरीके से दुकान से बाहर निकालने की कोशिश की। कई रिपोर्टों के मुताबिक, उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।

ये भी पढ़ें- Iran-US War Update: ‘ईरान में लोग मर रहे हैं, पैसे के लिए खोलना चाहता है होर्मुज’; ट्रंप का बड़ा दावा, तेहरान ने किया पलटवार

यूजर्स के मजेदार रिएक्शन

सोशल मीडिया पर इस अजीब घटना को लेकर लोग तरह-तरह के मजेदार कमेंट कर रहे हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने बंदरिया की हालत और शराब पीने के असर को लेकर चिंता भी जताई है।

वीडियो ने लोगों को इसलिए भी चौंका दिया क्योंकि इसमें एक तरफ शराब की दुकान, दूसरी तरफ बोतल से शराब पीती बंदरिया और उसके बाद दुकान के अंदर ही उसकी लंबी ‘नींद’ का मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लग रहा है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से बंदर को फेंकी गई बोतलों से बची हुई शराब चाटते हुए देखा गया था।

सब्जी बेचने से लेकर भारत के लिए 4 गोल्ड मेडल जीतने तक, झारखंड के एथलीट अमरदीप कुमार की कहानी वायरल, हेमंत सोरेन ने किया रिएक्ट

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें झारखंड के रांची में अरगोरा चौक पर एक आदमी सब्ज़ियां बेचता हुआ दिख रहा है। जल्द ही लोगों को पता चला कि यह कोई और नहीं, बल्कि राज्य के थ्रोबॉल खिलाड़ी और गोल्ड मेडलिस्ट अमरदीप कुमार हैं। इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत के लिए चार गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद, 29 साल के यह एथलीट अब गुज़ारा करने और अपने परिवार की मदद के लिए सब्ज़ियां बेच रहे हैं और कैब चला रहे हैं।

ऑनलाइन लोगों का ध्यान खींचने वाले इस वीडियो क्लिप में अमरदीप अपनी दुकान पर बैठे हुए और आस-पास कई तरह की सब्ज़ियां रखे हुए दिखाई दिए। उन्हें ग्राहक को सब्ज़ियां देने से पहले तराज़ू पर उन्हें तौलते हुए देखा गया। चर्चा की खास बात यह थी कि उन्होंने अपनी कामचलाऊ दुकान की दीवार पर अपने गोल्ड मेडल लटका रखे थे।

झारखंड के रहने वाले अमरदीप ने कई इंटरनेशनल थ्रो-बॉल इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और चार गोल्ड मेडल जीते हैं। हालांकि, इतनी उपलब्धियों के बावजूद, उन्हें सरकारी नौकरी पाने या राज्य से कोई आर्थिक मदद मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

जब से सोशल मीडिया पर यह क्लिप सामने आया है, लोगों ने इस स्थिति पर निराशा जताई है। कुछ लोगों ने इसे “दिल तोड़ने वाला” बताया है, तो कुछ ने सरकार से अपील की है कि वे हर संभव तरीके से उनकी मदद करें। एक यूजर ने पूछा- “दीवार पर गोल्ड मेडल और सड़क किनारे सब्ज़ियां—यह सिर्फ़ दिल तोड़ने वाली तस्वीर नहीं है, यह सिस्टम के लिए एक असहज करने वाला सवाल है। जिस खिलाड़ी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीता, उसे अपनी बुनियादी ज़िंदगी गुज़ारने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। जब ​​खिलाड़ी जीतते हैं तो हम जश्न मनाते हैं, लेकिन कैमरे हटने के बाद उनका क्या होता है?”

एक और व्यक्ति ने कहा, “इसीलिए हमें ओलंपिक में ज़्यादा मेडल नहीं मिलते। दुखद स्थिति है।” एक ने कहा कि दुख की बात यह नहीं है कि वह सब्ज़ियां बेच रहे हैं। ईमानदारी से किए गए काम में कुछ भी गलत नहीं है… चिंता की बात यह है कि उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीते, लेकिन शायद खेल में या अपनी उपलब्धियों के आधार पर करियर बनाने के लिए उनके पास कोई भविष्य का रास्ता नहीं था। समस्या संस्थागत समर्थन की कमी है, न कि नौकरी की,”।

एक अन्य ने कहा कि “सरकार को उनके जैसे लोगों को, जिन्होंने देश के लिए कुछ किया है, कम से कम मासिक सहायता राशि देनी चाहिए, न कि किसी विधायक को निजी कारणों से विधायक बनने के लिए जीवन भर पेंशन देनी चाहिए,।

कौन हैं अमरदीप कुमार?

अमरदीप ने 2015 में मलेशिया में हुई एशियन जूनियर थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद 2017 में काठमांडू में हुई इंडो-नेपाल थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में उन्होंने एक और गोल्ड मेडल जीता। 2019 में, वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने बेंगलुरु में साउथ एशियन थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। उनका चौथा इंटरनेशनल गोल्ड मेडल 2026 में रांची में आयोजित साउथ एशियन थ्रो-बॉल चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन में मिला।

आज, अमरदीप गुज़ारा करने के लिए सब्ज़ियाँ बेचते हैं और कैब भी चलाते हैं, क्योंकि उनका परिवार कमाई के कई ज़रिया पर निर्भर है। मुश्किलों के बावजूद, वह थ्रो-बॉल खेलना जारी रखे हुए हैं, क्योंकि अक्टूबर 2026 के आखिर में उनके श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद है।

हालांकि अमरदीप ने 2016 में किसी इनाम या प्रोत्साहन के लिए झारखंड सरकार से संपर्क किया था, लेकिन कैश इनाम और सरकारी नौकरी के लिए उनकी अर्ज़ियाँ अभी भी पेंडिंग हैं। छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों के उनके कई साथियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

CM हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान

अमरदीप की कहानी ऑनलाइन वायरल होने के बाद, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने X पर इस मामले के बारे में पोस्ट किया और खेल विभाग को निर्देश दिया कि वे तुरंत इस मामले का संज्ञान लें और कार्रवाई शुरू करें।