Jharkhand Bandh Today: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP का राज्यव्यापी बंद, छात्रों ने की CBI जांच की मांग

Jharkhand Bandh Today: रांची में JPSC और JSSC के उम्मीदवारों के मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में झारखंड BJP ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया है कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन के इस्तेमाल से सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह बंद सुबह 8 बजे से आधी रात तक रहेगा।

आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बंद छात्रों के साथ हुए “अन्याय और अत्याचार” के विरोध में किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को नौकरी से जुड़ी कथित धांधली और परीक्षा के पेपर पहले ही लीक होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का भी आरोप लगाया।

साहू ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस के गोले और दूसरी चीजें चलाई गईं, जिससे सैंकड़ों छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे और राज्य में कामकाज ठप कर देंगे।

वहीं, झारखंड में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी आंदोलन से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करने के दौरान उन्हें और अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया और सवाल उठाया कि सरकार ने कथित अनियमितताओं की CBI जांच के आदेश क्यों नहीं दिए।

मरांडी ने कहा कि छात्र 15 दिनों से धरना और भूख हड़ताल कर रहे थे और तर्क दिया कि यह आंदोलन सोमवार की झड़प से कहीं ज्यादा समय से चल रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के बजाय सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया।

छात्रों का विधानसभा की ओर मार्च

यह टकराव तब हुआ जब JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में उम्मीदवार ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाल रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को झारखंड विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी के हजारों उम्मीदवार विधानसभा की ओर मार्च करते हुए कई बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गए, जहां मानसून सत्र चल रहा था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि महिलाओं समेत कई छात्र घायल हुए हैं।

हालांकि, रांची के SSP राकेश रंजन ने कहा कि पत्थरबाजी में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

पुलिस ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा डालने वालों की पहचान के लिए CCTV फुटेज की जांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।

बता दें कि जब प्रदर्शनकारी विधानसभा से करीब 200 मीटर दूर पहुंचे, तो जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेड भी पार कर लिया और विधानसभा के गेट नंबर 1 तक पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर लाठीचार्ज किया।

छात्रों की मांग: CBI जांच हो और परीक्षा रद्द की जाए

गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं, खासकर JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र 25 जुलाई से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगों में CBI जांच, JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कामकाज में व्यापक सुधार शामिल हैं।

वे 14वीं झारखंड PSC सिविल सेवा परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं। साथ ही, वे CBI या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों के पैनल से स्वतंत्र जांच की मांग भी कर रहे हैं।

इस बीच, JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो इस मुद्दे पर नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे, खराब सेहत के बावजूद सोमवार को एम्बुलेंस में बैठकर मार्च में शामिल हुए।

बाद में, ब्लड शुगर लेवल में “भारी गिरावट” आने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

बता दें कि प्रोटेस्ट के दौरान महतो ने स्ट्रेचर पर खड़े होकर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग की आलोचना की।

हेमंत सोरेन ने बातचीत की अपील की

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विरोध कर रहे छात्रों से अपील की कि वे बातचीत और भरोसे के जरिए अपनी शिकायतों का समाधान करें। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी चिंताएं जाहिर करने का लोकतांत्रिक अधिकार है और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर “पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता” के साथ विचार करेगी।

सोरेन ने विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक फायदे के लिए छात्रों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया और प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे किसी भी राजनीतिक जाल में न फंसें।

उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, टेक्नोलॉजी-आधारित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की इच्छुक है।

बता दें कि राज्य सरकार 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 व 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हो गई है। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिलने के बाद सरकार ED जांच के लिए भी सहमत हो गई है।

JSSC-CGL परीक्षा को लेकर कुमार ने कहा कि सरकार इसे रद्द करने का आदेश नहीं दे सकती, क्योंकि यह परीक्षा अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी।

सरकार ने CID जांच की निगरानी के लिए हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

इसके अलावा JPSC और JSSC की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इन सुधारों के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर से सुझाव लिए जाएंगे।

ED की जांच और CID की गिरफ्तारी से विवाद और बढ़ा

सोमवार को विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गया, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई भर्ती परीक्षाओं, खासकर JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी।

वहीं, झारखंड CID ने कथित अनियमितताओं के मामले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में CID की ओर से गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।

इससे पहले जांच एजेंसी ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में कुल 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

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Piyush Mishra: झारखंड छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए पीयूष मिश्रा, सभी के साथ गाया ‘आरंभ है प्रचंड’ गाना

Piyush Mishra: एक्टर पीयूष मिश्रा रांची में JPSC-JSSC एस्पिरेंट्स के चल रहे विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के “दर्द और तकलीफ़” से बहुत प्रभावित हुए और उनकी लड़ाई में उनके साथ खड़े होना चाहते थे। एक्टर और सिंगर विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचे और छात्रों का साथ देने के अपने फ़ैसले के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे कुछ उम्मीदवारों के इंटरव्यू देखकर ही उन्हें लगा कि उन्हें आकर उनका समर्थन करना चाहिए।

मीडिया से बात करते हुए सिंगर-एक्टर ने कहा, “मैं किसी और वजह से अपना समर्थन देने नहीं आया था। मैंने कुछ छात्रों के इंटरव्यू देखे। मैंने उनकी आंखों में दर्द और तकलीफ़ देखी, और उनके आंसू देखे। मेरे लिए बस इतना ही काफ़ी था।” मिश्रा ने युवाओं के साथ अपने जुड़ाव के बारे में भी बात की और कहा कि वह प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए जो कुछ भी संभव हो, करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि “खाना, तिरपाल” और आर्थिक मदद के रूप में सहायता पहले ही दी जा चुकी है।

एक्टर ने कहा कि “मुझे युवा लोग पसंद हैं। मैं आपके लिए गाता हूं और एक्टिंग करता हूं, इसलिए मैं यहां आया हूं… इसके अलावा, हमने पहले ही खाने-पीने की चीज़ें, तिरपाल और जो भी आर्थिक मदद हम दे सकते थे, वह दी है। हम अपनी क्षमता के अनुसार जो कुछ भी कर सकते हैं, वह कर रहे हैं,”।

पीयूष मिश्रा ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गाना गाया

विरोध प्रदर्शन का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें एक्टर 2009 की हिंदी फ़िल्म ‘गुलाल’ का अपना गाना ‘आरंभ है प्रचंड’ गाते हुए दिख रहे हैं। इस गाने को पीयूष ने ही लिखा, कंपोज़ किया और गाया है। यह गाना अपने क्रांतिकारी बोलों के लिए जाना जाता है, जो हिम्मत, मज़बूती और अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होने जैसे विषयों को दिखाते हैं।

‘सभी से यहां आने की अपील’

इस बीच, बॉलीवुड सिंगर-कंपोज़र अंकुर आर. पाठक भी शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे उम्मीदवारों को अपना समर्थन दिया। ANI से बात करते हुए अंकुर ने कहा कि आज विरोध कर रहे छात्र भविष्य में देश के एडमिनिस्ट्रेटर और नेता बन सकते हैं। उन्होंने देश भर के लोगों से आगे आकर उनका समर्थन करने की अपील की और कहा कि उनकी लड़ाई युवाओं के भविष्य से जुड़ी है।

उन्होंने ANI से कहा, “भविष्य में ये छात्र IAS, IPS, CM, MLA बनेंगे… अगर हम आज यहां नहीं आए, तो हम अपने बच्चों को क्या बताएंगे? अपने भविष्य को क्या बताएंगे? मैं आज मुझे सुन और देख रहे सभी लोगों से यहां आने की अपील करता हूं।”यह ताज़ा प्रदर्शन रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच हो रहा है, जो परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और बदलावों को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।