चंडीगढ़ की तर्ज पर चमकेगी रांची! 30 करोड़ से बनेंगे 3 इको-फ्रेंडली पार्क, जानें क्या होंगी सुविधाएं

झारखंड की राजधानी रांची के दिन अब और भी ज्यादा संवरने वाले हैं। रांची शहर जल्द ही अपनी खूबसूरती के मामले में चंडीगढ़ की तरह चमकता हुआ नजर आएगा। झारखंड सरकार ने राजधानी के स्मार्ट सिटी इलाके में शहरवासियों को विश्वस्तरीय सौगात देने की तैयारी कर ली है। इसके तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तीन नए और भव्य इको-फ्रेंडली पार्क बनाए जाएंगे। इन पार्कों के निर्माण की जिम्मेदारी जुडको (JUDCO) को सौंपी गई है और इसका DPR यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जल्द से जल्द टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि काम तेजी से शुरू हो सके।

कहां और कैसे बनेंगे ये नए पार्क?

योजना के मुताबिक इन पार्कों का निर्माण दो मुख्य हिस्सों में किया जाएगा। पैकेज-दो के तहत मंत्रियों के आवास से आगे करीब 3.98 एकड़ जमीन पर एक शानदार कम्युनिटी पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा सिविक टावर के पास लगभग 3.19 एकड़ जमीन पर एक खूबसूरत इको पार्क तैयार किया जाएगा। इन सभी पार्कों को पूरी तरह इको-फ्रेंडली और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जा रहा है, जिन पर कुल मिलाकर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पार्कों में मिलेंगी 25 से अधिक आधुनिक सुविधाएं

जुडको की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इन पार्कों में आने वाले लोगों को घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए 25 से भी ज्यादा आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस पार्क में भव्य प्रवेश द्वार, गाड़ी पार्क करने के लिए बड़ा पार्किंग एरिया, गार्ड रूम, घूमने के लिए खूबसूरत पाथ-वे, पौधे लगाने के लिए प्लांटर बॉक्स, हरा-भरा ग्रीन स्पेस, फ्लोटिंग सॉइल माउंट, स्टेपिंग स्टोन, भूलभुलैया (मेज), गार्डन आर्क, स्कल्पचर प्लेटफॉर्म, आकर्षक ब्रिज और लजीज व्यंजनों के लिए रेस्टोरेंट बनाया जाएगा। इसके साथ ही सेहत का ध्यान रखने के लिए ओपन जिम, बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रेन प्ले एरिया, फाउंटेन, तालाब, स्टेप्ड फाउंटेन, फ्लावर बेड, बैठने की सुंदर व्यवस्था, परगोला, गजीबो, पेबल बेड और सुंदर हेज की बाउंड्री जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इको पार्क का खास आकर्षण

इको पार्क में भी प्रवेश द्वार, पार्किंग, पाथ-वे, ग्रीन एरिया, गजीबो, पॉली हाउस, स्कल्पचर प्लेटफॉर्म, गार्डन आर्क, परगोला, एनिमल स्कल्पचर, तालाब, सर्कुलर सिटिंग, बैडमिंटन कोर्ट, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, ओपन जिम, स्टेप्ड सिटिंग, रेस्टोरेंट और स्क्वायर पैवेलियन के साथ-साथ कमल के फूलों का एक विशेष तालाब और खूबसूरत फव्वारे बनाए जाएंगे।

समाज के हर वर्ग के लिए होगा कुछ खास

विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जानकारी दी है कि इन इको पार्कों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें समाज के हर आयु वर्ग और हर शख्स के लिए कुछ न कुछ खास जरूर होगा। युवाओं के लिए पार्क में बने रेस्टोरेंट में क्वालिटी टाइम बिताने का मौका होगा तो वहीं बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरामदायक वॉकिंग स्ट्रीट और बैठने के लिए बेंच की खास व्यवस्था रहेगी। जो लोग अपनी फिटनेस को लेकर जागरूक हैं, उनके लिए आधुनिक उपकरणों से लैस ओपन जिम होगा और छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले व खेलकूद की जगह बनाई जाएगी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की जरूरत को ध्यान में रखकर इन पार्कों का पूरा प्लान तैयार किया गया है।

रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट

रांची में 65 करोड़ की लागत से बन रही हाई-टेक लाइब्रेरी, एक साथ 500 लोगों के पढ़ने की होगी सुविधा

रांची में झारखंड सरकार और सीसीएल की मदद से 65 करोड़ की लागत से सेमराबादी में लाइब्रेरी बन रही है। यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिसमें टेक्नोलॉजी का काफी इस्तेमाल होगा। सीनियर सिटीजंस से लेकर बच्चों तक के लिए अलग रीडिंग रूम होंगे। लाइब्रेरी में 6 लिफ्ट, हर फ्लोर पर रीडिंग रूम, ई लाइब्रेरी जैसे कई आधुनिक सुविधाएं होंगी। लाइब्रेरी में एक साथ 500 से अधिक लोग पढ़ सकेंगे।

एक फ्लोर महान हस्तियों के लिए

रांची के सांसद संजय सेठ ने बताया कि हमने लाइब्रेरी के निर्माण कार्य का जायजा लिया है। काम काफी तेजी से चल रहा है। इस लाइब्रेरी की खास बात यह है कि इसका एक पूरा फ्लोर महान हस्तियों और परमवीर चक्र जैसे बड़े सम्मान पाने वालों के लिए रखा गया है। इस फ्लोर पर इन हस्तियों को जानने और समझने का मौका इस लाइब्रेरी में मिलेगा।

कैफेटेरिया और 6 लिफ्ट की सुविधा

ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया होगी ताकि बच्चों को पढ़ाई के बीच रिफ्रेशमेंट की सुविधा मिल सके। कैफेटेरिया में हेल्दी फूड के विकल्प होंगे। लोगों खासकर बुजुर्ग लोगों को ध्यान में रखकर लाइब्रेरी में 6 लिफ्ट लगाई जा रही हैं। इससे एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर पर आने-जाने में काफी आसानी होगी। लाइब्रेरी में वाई-फाई की भी सुविधा होगी।

सीनियर सिटीजन, बच्चों के लिए खास एरिया

सेठ ने बताया कि एक फ्लोर पूरी तरह से सिटीजंस और बच्चों को समर्पित होगा। सीनियर सिटीजंस की जरूरत को ध्यान में रखते हुए स्पिरिचुअलिटी से जुड़ी किताबों की व्यवस्था की जा रही हैं। ये किताबें हिन्दी, अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में होंगी। बच्चों के लिए कॉमिक्स से लेकर फिक्सन स्टोरी, पजल्स बुक जैसे कई वेरिएंट की किताबें उपलब्ध होंगी।

मोराबादी बनेगा एजुकेशन हब

मोराबादी में कई सारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी हैं। इन संस्थानों के स्टूडेंट्स को भी लाइब्रेरी से फायदा होगा। इस क्षेत्र की पहचान पहे से ही एक बड़े एजुकेशन हब के रूप में बन रही है। आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स का लाइब्रेरी में खास ध्यान रखा जाएगा। उन्हें मुफ्त में लाइब्रेरी एक्सेस की फैसिलिटी दी जाएगी। सामान्य कैटेगरी के स्टूडेंट्स से फीस ली जाएगी। अभी फीस तय नहीं की गई है।

(रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट)

Sudivya Kumar Dies: झारखंड के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से गई जान

Sudivya Kumar Dies: झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार (5 सितंबर) देर रात निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। बताया गया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह के एक निजी अस्पताल मर्सी ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सुदिव्य कुमार गिरिडीह विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे थे। शनिवार रात उनके आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

हेमंत सोरेन सरकार में संभाली थीं कई अहम जिम्मेदारियां

सुदिव्य कुमार झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास नगर विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल और युवा कार्य जैसे विभाग भी थे। वह झारखंड की राजनीति में JMM के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। सुदिव्य कुमार संगठन के लिए लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

JMM ने जताया गहरा दुख

सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन पर JMM ने गहरा शोक जताया। राज्य में सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि अपने समर्पित नेता के असमय निधन से पूरा JMM परिवार स्तब्ध और बेहद दुखी है। पार्टी ने कहा कि सुधिव्या कुमार का जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। JMM ने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की प्रार्थना की।

JMM के आधिकारिक एक्स हैंडल से कहा गया, “जिंदगी की क्षणभंगुरता…कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है। उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं सभी साथियों को इस कठिन घड़ी में संबल दें। अंतिम जोहार।”

परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ हुए भावुक

झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री और JMM नेता दीपक बिरुआ ने भी सुदिव्य सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अपने सहयोगी और झारखंड सरकार में साथी मंत्री सुधिव्या सोनू के निधन से वह बेहद दुखी हैं। दीपक बिरुआ के मुताबिक, सुदिव्य सोनू की तबीयत रात में अचानक बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उन्होंने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।

उन्होंने भावुक संदेश में इसे JMM परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया और अपने दिवंगत साथी को अश्रुपूर्ण अंतिम ‘जोहार’ कहा। सुदिव्य कुमार के अचानक निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। महज 56 वर्ष की उम्र में उनका निधन JMM और राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके निधन से पार्टी ने एक सक्रिय वरिष्ठ नेता और सरकार ने एक महत्वपूर्ण मंत्री खो दिया है।

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी जताया शोक, बताया बड़ा भाई

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने X पर लिखा, “देर रात अपने बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं। सोनू भैया मेरे लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे बड़े भाई की तरह थे – स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा मेरे साथ रहेंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “झारखंड आंदोलन के दौर से ही वे स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया। झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी।”

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सोरेन ने कहा, “आज उन्हें याद करते हुए मन बार-बार यही सोचता है कि ज़िंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज़ हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के लिए आपकी प्रतिबद्धता को मैं जीवनभर अपने साथ लेकर चलूंगा। आप हमेशा याद आएंगे भैया….”

सब्जी बेचने से लेकर भारत के लिए 4 गोल्ड मेडल जीतने तक, झारखंड के एथलीट अमरदीप कुमार की कहानी वायरल, हेमंत सोरेन ने किया रिएक्ट

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें झारखंड के रांची में अरगोरा चौक पर एक आदमी सब्ज़ियां बेचता हुआ दिख रहा है। जल्द ही लोगों को पता चला कि यह कोई और नहीं, बल्कि राज्य के थ्रोबॉल खिलाड़ी और गोल्ड मेडलिस्ट अमरदीप कुमार हैं। इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत के लिए चार गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद, 29 साल के यह एथलीट अब गुज़ारा करने और अपने परिवार की मदद के लिए सब्ज़ियां बेच रहे हैं और कैब चला रहे हैं।

ऑनलाइन लोगों का ध्यान खींचने वाले इस वीडियो क्लिप में अमरदीप अपनी दुकान पर बैठे हुए और आस-पास कई तरह की सब्ज़ियां रखे हुए दिखाई दिए। उन्हें ग्राहक को सब्ज़ियां देने से पहले तराज़ू पर उन्हें तौलते हुए देखा गया। चर्चा की खास बात यह थी कि उन्होंने अपनी कामचलाऊ दुकान की दीवार पर अपने गोल्ड मेडल लटका रखे थे।

झारखंड के रहने वाले अमरदीप ने कई इंटरनेशनल थ्रो-बॉल इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और चार गोल्ड मेडल जीते हैं। हालांकि, इतनी उपलब्धियों के बावजूद, उन्हें सरकारी नौकरी पाने या राज्य से कोई आर्थिक मदद मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

जब से सोशल मीडिया पर यह क्लिप सामने आया है, लोगों ने इस स्थिति पर निराशा जताई है। कुछ लोगों ने इसे “दिल तोड़ने वाला” बताया है, तो कुछ ने सरकार से अपील की है कि वे हर संभव तरीके से उनकी मदद करें। एक यूजर ने पूछा- “दीवार पर गोल्ड मेडल और सड़क किनारे सब्ज़ियां—यह सिर्फ़ दिल तोड़ने वाली तस्वीर नहीं है, यह सिस्टम के लिए एक असहज करने वाला सवाल है। जिस खिलाड़ी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीता, उसे अपनी बुनियादी ज़िंदगी गुज़ारने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। जब ​​खिलाड़ी जीतते हैं तो हम जश्न मनाते हैं, लेकिन कैमरे हटने के बाद उनका क्या होता है?”

एक और व्यक्ति ने कहा, “इसीलिए हमें ओलंपिक में ज़्यादा मेडल नहीं मिलते। दुखद स्थिति है।” एक ने कहा कि दुख की बात यह नहीं है कि वह सब्ज़ियां बेच रहे हैं। ईमानदारी से किए गए काम में कुछ भी गलत नहीं है… चिंता की बात यह है कि उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीते, लेकिन शायद खेल में या अपनी उपलब्धियों के आधार पर करियर बनाने के लिए उनके पास कोई भविष्य का रास्ता नहीं था। समस्या संस्थागत समर्थन की कमी है, न कि नौकरी की,”।

एक अन्य ने कहा कि “सरकार को उनके जैसे लोगों को, जिन्होंने देश के लिए कुछ किया है, कम से कम मासिक सहायता राशि देनी चाहिए, न कि किसी विधायक को निजी कारणों से विधायक बनने के लिए जीवन भर पेंशन देनी चाहिए,।

कौन हैं अमरदीप कुमार?

अमरदीप ने 2015 में मलेशिया में हुई एशियन जूनियर थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद 2017 में काठमांडू में हुई इंडो-नेपाल थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में उन्होंने एक और गोल्ड मेडल जीता। 2019 में, वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने बेंगलुरु में साउथ एशियन थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। उनका चौथा इंटरनेशनल गोल्ड मेडल 2026 में रांची में आयोजित साउथ एशियन थ्रो-बॉल चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन में मिला।

आज, अमरदीप गुज़ारा करने के लिए सब्ज़ियाँ बेचते हैं और कैब भी चलाते हैं, क्योंकि उनका परिवार कमाई के कई ज़रिया पर निर्भर है। मुश्किलों के बावजूद, वह थ्रो-बॉल खेलना जारी रखे हुए हैं, क्योंकि अक्टूबर 2026 के आखिर में उनके श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद है।

हालांकि अमरदीप ने 2016 में किसी इनाम या प्रोत्साहन के लिए झारखंड सरकार से संपर्क किया था, लेकिन कैश इनाम और सरकारी नौकरी के लिए उनकी अर्ज़ियाँ अभी भी पेंडिंग हैं। छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों के उनके कई साथियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

CM हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान

अमरदीप की कहानी ऑनलाइन वायरल होने के बाद, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने X पर इस मामले के बारे में पोस्ट किया और खेल विभाग को निर्देश दिया कि वे तुरंत इस मामले का संज्ञान लें और कार्रवाई शुरू करें।

Top News 22 August: इमरान खान की सेहत पर बहन का बड़ा दावा, राम मंदिर निर्माण पर क्या बोले नृपेंद्र मिश्रा?

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Top News 22 August: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के बाद उनकी बहन ने कहा कि इमरान को बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। राम मंदिर निर्माण समिति ने अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का दावा, मंदिर निर्माण में सरकार का एक भी पैसा नहीं लगा। दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन। रूस का यूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर हमला। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा झाखंड भर्ती विवाद। 22 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

इमरान के स्वास्थ्य पर क्या बोलीं बहन उज्मा?

पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व PM इमरान खान की बहन उज्मा ने दावा किया कि मुलाकात के दौरान इमरान बार-बार एक ही चीज कही, मेरे साथ जुल्म हुआ है। मुझे बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। आंखों के इलाज के लिए इंजेक्शन न लगने पर स्थिति और बिगड़ने का खतरा था। आंख की एक नस खराब होने से बची हुई है। एक इंजेक्शन लगने के बाद अब धीरे-धीरे आंखों की रोशनी वापस आ रही है।

 

मंदिर निर्माण में नहीं लिया सरकार का एक भी पैसा

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर निर्माण में निश्चित रूप से ट्रस्ट का योगदान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर और परिसर के निर्माण में केंद्र अथवा राज्य सरकार का एक पैसा भी नहीं लगा है।

 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के प्रसिद्ध धरना स्थल जंतर-मंतर पर शुक्रवार को एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन हुआ। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशंस के विरोध में हजारों लोग जुटे। प्रदर्शन का आयोजन ‘Reservation Reform Andolan’ के बैनर तले किया गया। ALSO READ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन, आरक्षण और UGC नियमों के विरोध में उतरे हजारों लोग

 

रूस का यूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर हमला

रूस ने शुक्रवार दोपहर मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में कई ड्रोन से हमला किया। इस हमले में शहर के एक बड़े शॉपिंग मॉल को निशाना बनाया गया। मीडिया खबरों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई और 121 लोग घायल हुए। घायलों में 22 बच्चे शामिल हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा झाखंड भर्ती विवाद

झारखंड में परीक्षा रद्द करने और नियुक्तियों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। रांची में 24 दिन आंदोलन के बाद झारखंड सरकार ने परीक्षाएं रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी। मामले में दायर याचिका पर शीर्ष अदालत सोमवार को सुनवाई कर सकती है।

 

झारखंड में 2014 के बाद से अबतक की ये 44 भर्ती परीक्षाएं एक झटके में रद्द! जज-साइंटिस्ट, लेक्चरर तक की नौकरी गई! पूरी लिस्ट यहां देखिए

Jharkhand Exam Cancelled: झारखंड में छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और गड़बड़ियों के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार देर रात झारखंड सरकार ने कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की सूची जारी कर दी। देर रात जारी किए गए आठ अलग-अलग नोटिफिकेशंस के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट किया कि रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और आउटसोर्स एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा साल 2014 से आयोजित की गई परीक्षाएं शामिल हैं।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई चार घंटे की आपात कैबिनेट बैठक के फैसलों के बाद आई है। गौरतलब है कि सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक JSSC-कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा को रद्द कर दिया था। साथ ही आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा प्रकाशित परिणामों को भी रद्द कर दिया गया।

रद्द हुई परीक्षाओं में शामिल प्रमुख पद

सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार रद्द की गई 44 परीक्षाओं में प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक और तकनीकी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इनमें ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, सहायक अभियंता, सिविल जज, अपर लोक अभियोजक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, सहायक वन संरक्षक और इसके दूसरे प्रशासनिक एवं तकनीकी पद शामिल हैं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और इंटरनल विजिलेंस सेल का प्रस्ताव

सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए झारखंड उच्च न्यायालय से फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा JPSC और JSSC में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों आयोगों के भीतर एक इंटरनल विजिलेंस सेल बनाने का भी फैसला लिया गया है।

IAS अमिताभ कौशल समिति 2 महीने में सौंपेगी रिपोर्ट

JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार और सिफारिशें देने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस सुधार समिति को 2 महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

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