Sharmila Tagore-Kangana Ranaut: ‘वंदे मातरम’ पर शर्मिला टैगोर की बात सुन भड़की कंगना रनौत, बोलीं- आपको एक बार पढ़ना चाहिए

Sharmila Tagore-Kangana Ranaut: अभी ‘वंदे मातरम’ के दो पद गाने के मौजूदा चलन के बजाय इसके छह पद गाने को लेकर राजनीतिक हंगामा चल रहा है। इसी मुद्दे पर दो अभिनेत्रियों के बीच बहस छिड़ गई है। अभिनेत्री शर्मिला टैगोर—जिनका रिश्ता राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ लिखने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से है—ने सुझाव दिया कि ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएं, क्योंकि बाद के पदों में दुर्गा और काली जैसे हिंदू देवी-देवताओं का ज़िक्र है, जिन्हें एक ईश्वर को मानने वाले लोग शायद स्वीकार न कर पाएं।

कंगना रनौत ने इस विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया और उनसे “हिंदू-मुस्लिम सोच” से आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने समझाया कि देवी-देवताओं का जिक्र रचनात्मक रूपक (metaphors) के तौर पर किया गया है, जिसका मकसद राष्ट्रीय शक्ति को जगाना है, न कि ये कोई धार्मिक आदेश हैं।

छह पदों में क्या कहा गया है? विवाद क्या था?

IANS के साथ एक इंटरव्यू में, अनुभवी एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लिखी कविता के सिर्फ दो छंदों (stanzas) को गाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत में कई धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं और उन्हें कई देवी-देवताओं का नाम लेने में असहजता महसूस हो सकती है। उन्होंने बताया कि जो लोग कड़ाई से एकेश्वरवाद (एक ही ईश्वर में विश्वास) को मानते हैं, उनके लिए “वंदे काली, वंदे दुर्गा” जैसे वाक्यांशों का उच्चारण करना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत के सभी धार्मिक समुदायों को एकजुट करने के लिए, कविता के शुरुआती दो छंदों तक ही सीमित रहना सबसे समावेशी तरीका है।

कंगना रनौत ने क्या कहा

एक्टर और BJP की लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर तीखी आलोचना की, साथ ही यह भी कहा कि वह अब भी उन दिग्गज स्टार को व्यक्तिगत रूप से पसंद करती हैं और उनका सम्मान करती हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि कोई कलाकार कविता को इतने शाब्दिक अर्थ में कैसे ले सकता है।

उन्होंने कहा कि गानों में शब्दों, कल्पनाओं और उपमाओं का मकसद भावनात्मक असर पैदा करना होता है, न कि धार्मिक क्रियाओं को ठीक-ठीक परिभाषित करना। उन्होंने तर्क दिया कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान बंकिम चंद्र का दुर्गा या शक्ति का ज़िक्र करना नागरिकों के भीतर आंतरिक उग्रता और शक्ति को जगाने के लिए एक काव्यात्मक आह्वान था। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उस कथन का उदाहरण दिय, जिसमें उन्होंने ऐसे युवाओं की ज़रूरत बताई थी जिनकी “नसों में बिजली दौड़ती हो”; उन्होंने कहा कि विवेकानंद मौसम का पूर्वानुमान नहीं दे रहे थे, बल्कि शक्ति की मांग कर रहे थे।

उन्होंने लिखा, “कृपया हिंदू-मुस्लिम वाली सोच से बाहर आएं। भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ऊर्जा को ‘शक्ति’ कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपना समझकर अपनाएं।”

मुक्त व्यापार समझौतों से बने हैं बड़े मौके, MSME उठाएं फायदा: PM मोदी

भारत ने 2014 से अब तक लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) को अंतिम रूप दिया है। इससे देश के सूक्ष्म, लघु और मंझोले उद्यमों (MSMEs) के लिए एक बड़ा अवसर तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे उद्यमों से इन अवसरों का लाभ उठाने और इस मौके को हाथ से न जाने देने की अपील की है। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कपड़ा, मशीनरी और दवाओं जैसे सामान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बनाएं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें वैश्विक मानकों (ग्लोबल स्टैंडर्ड्स) पर खरा उतरना होगा।

भारत ने हाल में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, EFTA समूह और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। यूरोपीय संघ (EU) और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौतों को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गीत को विशेष रूप से समर्पित है। लाल किले के समारोह में आज, शनिवार को पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया गया।

देश की मैन्युफैक्चरिंग में MSME सेक्टर का हिस्सा लगभग 35.4 प्रतिशत है। वहीं एक्सपोर्ट में लगभग 48.58 प्रतिशत और GDP में 31.1 प्रतिशत का योगदान है। MSME सेक्टर में 7.47 करोड़ से ज्यादा उद्यम हैं और यह 32.82 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है। यह खेती के बाद रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है। दुनिया भर में कुल कारोबारों में MSMEs का हिस्सा लगभग 90 प्रतिशत है। ये कुल वैश्विक रोजगार में 50 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देते हैं।

अवसर को गंवाने का जोखिम नहीं उठा सकते

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ”भारत की वैश्विक साख बढ़ रही है। आज यह विश्व मंच पर एक सम्मानित राष्ट्र बन रहा है। भारत के पास एक स्थिर राजनीतिक जनादेश और सरकार, एक जीवंत लोकतंत्र और एक मजबूत न्याय व्यवस्था है। ये सभी भारतीय संविधान द्वारा निर्देशित हैं। दुनिया हमारी क्षमताओं को पहचान रही है, यही वजह है कि 2014 से हमने लगभग 40 देशों के साथ FTA किया है।”

उन्होंने आगे कहा, ”इन व्यापार समझौतों से तैयार हुए विशाल अवसर को देखिए। मैं अपने MSME क्षेत्र से आग्रह करना चाहता हूं कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें। हमें वैश्विक मंच तक पहुंचना है। भारतीय उत्पाद, चाहे वे कपड़ा हों, मशीनरी हों या दवाएं, उन्हें वैश्विक बाजारों में जगह बनाने की जरूरत है। हम इस अवसर को गंवाने का जोखिम नहीं उठा सकते।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”हमें वैश्विक स्तर पर उत्पादों की मौजूदा उपलब्ध गुणवत्ता से बेहतर गुणवत्ता और कम कीमत की पेशकश करनी चाहिए। पंजाब के लुधियाना से लेकर तमिलनाडु के तिरुप्पुर तक फैले हमारे कपड़ों में वैश्विक बाजार तक पहुंचने की क्षमता है।”

कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ में था भारत, 12 साल में इस कैटेगरी से निकलकर बना सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: PM मोदी

घरेलू समुद्री खाद्य क्षेत्र के लिए भी भारी अवसर

पीएम ने यह भी कहा कि इन समझौतों ने घरेलू समुद्री खाद्य (seafood) क्षेत्र के लिए भी भारी अवसर खोले हैं। केरल से लेकर गुजरात और तमिलनाडु से लेकर बंगाल तक, ये FTA घरेलू झींगा निर्यात को बढ़ावा दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, ”मैं चाहूंगा कि हम इस स्थिति का पूरा फायदा उठाएं।” पीएम ने हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी और ड्रोन प्रणाली जैसी एडवांस्ड क्षमताओं में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की भी वकालत की। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के घरेलू रक्षा उत्पादन की मात्रा वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।

कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ में था भारत, 12 साल में इस कैटेगरी से निकलकर बना सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: PM मोदी

भारत को कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ में गिना जाता था। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश ‘फ्रेजाइल फाइव’ से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में बदल गया है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कही। ‘फ्रेजाइल फाइव’ वैश्विक वित्तीय और आर्थिक जगत में इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द है, जिसका अर्थ है ”5 नाजुक या कमजोर अर्थव्यवस्थाएं।” इनमें भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये को रखा गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 1947 में आजादी के बाद भारत के बड़े सपने थे, लेकिन प्रगति अक्सर उस गति से कम रही, जिसे हासिल करने की देश की आकांक्षा थी। आज भारत अभूतपूर्व गति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और अब कोई भी ताकत 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को नहीं रोक सकती। भारत का 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने का बड़ा सपना है, जो 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और संकल्प से साकार होगा।

उन्होंने कहा, ”जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र एक विकसित देश बनने का लक्ष्य निर्धारित करता है, तो यह दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश देता है और इससे दुनिया का भारत को देखने का नजरिया भी बदल रहा है।” यह भी कहा कि कोई भी देश तब महान बनता है जब वह अपनी उपलब्धियां हासिल करता है। भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने होंगे और ऊंचे संकल्प लेने होंगे। बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और संकल्प दृढ़ होने पर कठिनाइयों व आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप सामने आता है।

रक्षा उत्पादन 4 गुना, डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा

पिछले 12 वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा उत्पादन 4 गुना बढ़ गया है, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना बढ़ गई है, आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन में 21 गुना वृद्धि हुई है, इंटरनेट यूजर्स की संख्या 4 गुना बढ़ गई है और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित हों, पीड़ित हों, वंचित हों, आदिवासी हों, गांव या शहर में रहने वाले हों, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।

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दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है। दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती। अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीएम ने यह भी कहा कि देश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत ने पहले ही 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है, और आने वाले वर्षों में 5 से 8 और प्लांट स्थापित होने की उम्मीद है।

80th Independence Day: PM मोदी का मैरून बंधनी साफा क्यों है खास? जानें 13 साल की पगड़ी की पूरी कहानी

PM Modi Turban: पिछले 13 सालों से आजादी के दिन एक चीज हमेशा एक जैसी रही है: पीएम मोदी की शानदार पगड़ी। उन्होंने इस साल भी राजघाट से शुरुआत की और फिर लाल किले पर अपना 13वां भाषण देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीले, हरे और सफेद बंधनी पैटर्न वाली गहरे मैरून रंग की पगड़ी पहनी थी, जिसके साथ सफेद कुर्ता-पायजामा और भूरे रंग की नेहरू जैकेट थी।

2014 में पहली बार पहनने के बाद से उनकी पगड़ियों में राजस्थान की लहरिया से लेकर गुजरात की बंधनी तक की झलक दिखी है। उनकी हर पगड़ी उस साल के माहौल का एक खास संकेत मानी जाती है।

पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पगड़ी या राजस्थान में जिसे ‘साफा’ कहा जाता है, सम्मान और क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक मानी जाती है। इसके कपड़े, प्रिंट और पहनने के तरीके में भी खास मायने छिपे होते हैं। इससे पता चलता है कि यह किस समुदाय की परंपरा से जुड़ी है, किस राज्य से आई है और कभी-कभी इसके रंगों में राजनीतिक संदेश भी देखा जाता है।

पिछले एक दशक में जो चीज पहले सिर्फ पीएम मोदी की व्यक्तिगत पसंद और स्टाइल मानी जाती थी, वह अब स्वतंत्रता दिवस की तस्वीरों और कवरेज का एक खास हिस्सा बन गई है। हर साल फैशन लेखक, कपड़ा और कला के जानकार और राजनीतिक विश्लेषक उनकी पगड़ी के रंग और डिजाइन को अपने-अपने नजरिए से समझते हैं।

असल में पगड़ी का क्या मतलब है?

सिर्फ दिखावे से कहीं ज्यादा, भारत में पगड़ी का गहरा सांस्कृतिक महत्व है। ऐतिहासिक रूप से यह सिख समुदाय से जुड़ी रही है। उनके गुरुओं ने इसे इस बात के प्रतीक के तौर पर अपनाया कि सभी इंसान आजाद और बराबर हैं – साथ ही, इससे बालों की सुरक्षा भी होती है, जिनका इस धर्म में धार्मिक महत्व है।

कई हिंदू परंपराओं में पगड़ी ताकत और रुतबे की निशानी भी मानी जाती है, और शादियों जैसे खुशी के मौकों पर इसे पहनना आम बात है।

प्रधानमंत्री मोदी के मामले में, जानकारों का कहना है कि उनकी पसंद – जैसे राजस्थानी बंधनी, गुजराती लहरिया, और तिरंगे वाले डिजाइन – भारत की क्षेत्रीय बुनाई परंपराओं को सम्मान देने का भी काम करती हैं।

क्या उनके रंग चुनने के तरीके में कभी कोई राजनीतिक संदेश छिपा होता है?

उनके हाल के भाषणों की कवरेज के अनुसार, अक्सर ऐसा होता है। 2025 में, उनके पूरी तरह से केसरिया रंग के साफे को साहस, त्याग और “विकसित भारत” के संदेश से जोड़कर देखा गया। 2022 में, केसरिया और हरे रंग की धारियों वाली सफेद पगड़ी सीधे तौर पर तिरंगे की झलक देती थी, जिसे “हर घर तिरंगा” अभियान के समय पहना गया था।

अब तक की कहानी क्या है, साल-दर-साल?

पीएम मोदी की स्वतंत्रता दिवस वाली पगड़ी 2014 से ही समारोह का एक खास हिस्सा रही है। हर साल इसके रंग, डिजाइन और कपड़े में बदलाव देखने को मिला है। 2026 तक की तस्वीर कुछ ऐसी रही:

  • 2014: पहली बार लाल किले से संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने लाल रंग की जोधपुरी बंधेज साफा पहना था, जिसमें हरे रंग का लंबा सिरा था।
  • 2015: पीले रंग की राजस्थानी पगड़ी पहनी, जिस पर लाल और हरे रंग का क्रॉस पैटर्न था।
  • 2016: गुलाबी और पीले रंग की बंधेज पगड़ी में नजर आए।
  • 2017: चटख पीले रंग की पगड़ी पहनी, जिसमें लाल और पीले रंग के पारंपरिक पैटर्न थे।
  • 2018: भगवा और लाल रंग की पगड़ी पहनी, जिसका लंबा सिरा काफी चर्चा में रहा।
  • 2019: राजस्थान की पारंपरिक लहरिया डिजाइन वाली बहुरंगी साफा पहनी।
  • 2020: कोरोना महामारी के दौरान भगवा-और-क्रीम रंग की साफा के साथ ऐसा स्टोल पहना, जिसे चेहरे को ढकने के लिए भी इस्तेमाल किया गया।
  • 2021: भगवा और लाल रंग की पगड़ी पहनी, जिसके पीछे गुलाबी रंग का लंबा सिरा था।
  • 2022: तिरंगे से प्रेरित सफेद पगड़ी, जिसमें भगवा और हरे रंग की धारियां थीं। यह ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान खास तौर पर चर्चा में रही।
  • 2023: राजस्थान की बहुरंगी बंधनी पगड़ी में नजर आए, जिसमें पीला, हरा और लाल रंग प्रमुख था।
  • 2024: राजस्थानी लहरिया को चुना। पगड़ी में नारंगी, गहरे हरे और पीले रंग की लहरदार धारियां थीं।
  • 2025: पूरी तरह भगवा साफा पहना, जिसे साहस, त्याग और ‘विकसित भारत’ के संदेश से जोड़कर देखा गया।
  • 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल रंग की बंधनी प्रिंट वाली राजस्थानी साफा पहनी, जिसके पीछे लंबा सिरा था। इसे सफेद कुर्ता-पायजामा, भूरे रंग की नेहरू जैकेट और तिरंगे पॉकेट स्क्वायर के साथ पहना गया।

इस तरह 2014 से 2026 तक पीएम मोदी की पगड़ियां सिर्फ पहनावे का हिस्सा नहीं रहीं, बल्कि राजस्थान और गुजरात की कपड़ा परंपराओं, भारतीय कारीगरी और राष्ट्रीय प्रतीकों को सामने लाने का एक खास माध्यम भी बनी हैं।

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80th Independence Day: कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, PM मोदी ने किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स (प्रतियोगी परीक्षा) की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। ऐसा छात्रों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए किया जा रहा है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कोचिंग क्लास से गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ पड़ता है। हम अलग-अलग परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएंगे।”

पीएम ने कहा कि हर माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चे को कोचिंग क्लास नहीं भेजेंगे तो वे प्रतिष्ठित परिवार नहीं कहलाएंगे। प्रधानमंत्री ने इन परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचा सकते हैं, अपने बच्चों के करीब रह सकते हैं और उनकी देखभाल कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “इसलिए, हमने युवाओं के लिए अलग-अलग परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला किया है। हमारे पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, हमारे पास बेहतरीन टैलेंट और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को एक साथ लाकर, हम देश के युवाओं को मुफ्त कोचिंग देने के लिए एक पूरा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं।”

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमने तय किया है कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह भी कहा कि युवाओं की क्षमताओं का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे देश में जारी जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। साथ ही जनगणना को त्रुटिरहित (जिसमें कोई गलती न हो) बनाने के लिए अपने परिवार की सही डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

इस वर्ष का समारोह ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गीत को विशेष रूप से समर्पित है। लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में आज, शनिवार को पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया गया।

80th Independence Day: देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू, अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद- PM मोदी

5,000 विशेष अतिथियों ने लिया हिस्सा

लाल किले पर शनिवार को आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों ने हिस्सा लिया। इनमें महिला उद्यमी, युवा इनोवेटर्स, किसान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित समाज के कई क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल रहे। समारोह में सांस्कृतिक रंग भरने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे 1,500 से अधिक लोग भी उपस्थित रहे।

80th Independence Day: देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू, अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद- PM मोदी

भारत ने 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है और आने वाले वर्षों में 5 से 8 और प्लांट लगने की उम्मीद है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा उसकी बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। सेमीकंडक्टर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्ट और हर आधुनिक तकनीक के लिए आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्षों तक देश में सेमीकंडक्टर पर चर्चा तो हुई, लेकिन बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का अभाव रहा। इन चिप्स के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, पीएम ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है और निर्यात भी जारी है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद है, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश की यात्रा और मजबूत होगी।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 200 गीगावाट का लक्ष्य, लग रहे हैं 5 नए रिएक्टर

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने इस वर्ष ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण साधन है। पीएम ने कहा कि देश ने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और 5 नए परमाणु रिएक्टर लगाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी के मुताबिक, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसलिए हमने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। हमने संसद में ‘शांति’ अधिनियम पारित किया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

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‘ हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी …’, परीक्षा रिफॉर्म पर PM मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों के लिया बड़ा फैसला किया है। पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे जेल भेजे जा चुके हैं और ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार संसद में एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें।

कौन हैं नंदन निलेकणि

नंदन निलेकणि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज उद्यमी हैं। उन्हें इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के जनक के रूप में जाना जाता है। वो 2002 से 2007 तक इन्फोसिस के CEO और MD रहे। बाद में 2017 में कंपनी के चेयरमैन के रूप में भी लौटे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2009 में नंदन नीलेकणि को UIDAI प्रोजेक्ट का चेयरमैन बनने के लिए आमंत्रित किया। नंदन ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। UIDAI को ‘डिजिटल इंडिया’ को आकार देने में एक अहम कदम माना जाता है। आज, आधार को दुनिया भर में सबसे बड़े बायोमेट्रिक सिस्टम के तौर पर पहचाना जाता है।

‘पंजाब में ‘कट्टर बेईमान’ पार्टी का राज…’, जालंधर से PM मोदी का AAP सरकार पर बड़ा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने AAP को “कट्टर बेईमान” पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था, ड्रग्स, भ्रष्टाचार और जनता के पैसे के गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।

जालंधर में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 20 राज्यों में 75 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने पंजाब के इतिहास का जिक्र करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा, “यह ‘शेर-ए-पंजाब’ महाराजा रणजीत सिंह की धरती है… लेकिन आज पंजाब में जो हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। यहां विज्ञापनों के जरिए धोखे की सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में अपराध और जबरन वसूली का बोलबाला है।

उन्होंने कहा, “आज पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कोई नहीं बता सकता कि कब और कहां गैंगवार छिड़ जाए या किस तरफ से गोलियां चलने लगें।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस स्टेशन तक सुरक्षित नहीं हैं और उन पर “अक्सर हमले” होते रहते हैं।

पंजाब के युवाओं को ड्रग्स से सबसे ज्यादा नुकासन

प्रधानमंत्री कहा कि पंजाब के युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। सबसे दुखद बात यह है कि पंजाब का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ड्रग्स बेचने वाले खुलेआम घूम रहे हैं और पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में धकेल रहे हैं।

अपने हमले को और तेज करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी के कामकाज में ईमानदारी और सच्चाई की कमी है। उन्होंने कहा, “जनता की सेवा के लिए ईमानदार इरादों और सच्चाई की भावना की जरूरत होती है। लेकिन पंजाब में अभी जो पार्टी सत्ता में है, उसमें ये दोनों ही चीजे नहीं हैं। इसे ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ के तौर पर जाना जाता है।”

पंजाब के लोगों को सरकार की योजनाओं का मिले लाभ

प्रधानमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार यह पक्का करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि पंजाब के लोगों को उसकी सभी योजनाओं का फायदा मिले। फिर भी, इस ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ के राज में खुलेआम लूट मची हुई है। पिछले 12 सालों में, केंद्र ने पंजाब को लाखों करोड़ रुपये भेजे हैं… लेकिन पंजाब सरकार इस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई।”

उन्होंने आगे कहा, “और तो और, यह लूट उधार के पैसे से चल रही है। पंजाब के नाम पर कर्ज लिए जा रहे हैं। जहां राज्य का बजट इस कर्ज के ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाता है, वहीं सरकार चलाने वाले उसी पैसे पर ऐश कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कोर्ट के फैसले को लेकर आप सरकार पर साधा निशाना

पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी पर गुजरात कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर भी निशाना साधा है, जो पार्टी के एक विधायक के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि यह मामला सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट और जबरन वसूली से जुड़ा था।

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले ही गुजरात की एक अदालत ने उनके एक विधायक को 7 साल की जेल की सजा सुनाई। यह सजा सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट और जबरन वसूली के मामले में सुनाई गई। जबरन वसूली और अवैध कब्जा उनके राजनीतिक सिस्टम की पहचान बन गई है।”

AAP नेताओं पर लगे कई कानूनी मामलों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अभी कई लोग ऐसे ही कई मामलों में जमानत पर बाहर हैं। पंजाब को ही देख लीजिए: जिसे स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था, उसे रिश्वतखोरी के कारण हटाना पड़ा। एक मंत्री पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। उनके विधायक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं। अगर हम इसी तरह गिनती करें, तो उनकी सरकार और पार्टी में बहुत कम लोग ऐसे मिलेंगे जिन पर कोई दाग न हो।”

आम आदमी पार्टी का ‘असली चेहरा’ आया सामने

AAP के पुराने वादों और कामकाज के रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए PM मोदी ने कहा कि अब पार्टी का ‘असली चेहरा’ सबके सामने आ गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज पंजाब में जो लोग सत्ता में हैं, वे कभी बड़े घमंड से कहते थे कि वे देश की राजनीति बदल देंगे। लेकिन आज पूरा देश उनका असली चेहरा देख रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ 2-3 दिन पहले दिल्ली की एक अदालत ने उनकी पार्टी से जुड़े एक नेता को दोषी ठहराया है। उन पर (ताहिर हुसैन) दंगे भड़काने और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी की हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके बावजूद वे अदालत के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और इसे धर्म और आस्था के नजरिए से देख रहे हैं, क्योंकि उनका वोट बैंक प्रभावित हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने 5,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। साथ ही उन्होंने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत जालंधर कैंट समेत 75 नए रूप में तैयार किए गए रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 20 राज्यों में 75 अमृत स्टेशनों का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह योजना दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक है।

लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों को आधुनिक और यात्रियों के लिए सुविधाजनक सुविधाओं में बदला गया है। ‘विरासत भी, विकास भी’ की भावना के साथ रीडेवलप किए गए इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और आर्किटेक्चर की झलक मिलती है।

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वियतनाम नाव हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, दिया हर संभव मदद का भरोसा

Vietnam Boat Accident: वियतनाम के मशहूर फु क्वोक आइलैंड के पास एक स्पीडबोट के पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। जिसके बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वहीं, इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी हर संभव मदद कर रहे हैं और वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “वियतनाम के फु क्वोक के पास भारतीय नागरिकों के साथ हुई नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ।”

उन्होंने कहा, “जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल लोगों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। वियतनाम में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में हैं।”

यह बयान तब आया जब 36 यात्रियों, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार क्रू सदस्य थे, को ले जा रही एक नाव ‘होन मे रुट’ द्वीप से यात्रा के दौरान किनारे से 400 मीटर दूर पलट गई। स्थानीय अधिकारियों ने पलटी हुई नाव से 21 लोगों को बचाया, जबकि 15 भारतीय पर्यटकों (दो महिलाएं और 13 पुरुष) की मौत की पुष्टि हुई।

राजनाथ सिंह ने भी जताया दुख

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने और जारी खोज और बचाव अभियान की सफलता के लिए प्रार्थना करता हूं। इस मुश्किल समय में भारत पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। वियतनाम में हमारा दूतावास इस त्रासदी से प्रभावित भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।”

वहीं, वियतनाम में भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए हैं।

भारतीय दूतावास ने घटना की दी जानकारी

दूतावास ने ‘X’ पर कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है और घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।”

वियतनामी टीवी पर दिखाए गए फुटेज में समुद्र में तेज लहरें और तेज हवाएं दिखाई दे रही थीं, और बचाव दल पानी में फंसे लोगों की ओर लाइफबॉय फेंक रहे थे। वहीं, जेट स्की की मदद से बचे हुए लोगों को सुरक्षित किनारे तक लाया गया, जबकि समुद्र तट पर मौजूद लोगों ने पीड़ितों को प्राथमिक उपचार दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए भारतीय पर्यटक स्मार्टफोन कंपनी लावा मोबाइल्स के कर्मचारी और डिस्ट्रीब्यूटर थे। स्थानीय खबरों के अनुसार, हादसे के समय समुद्र की स्थिति खराब थी और इलाके में ऊंची लहरें उठ रही थीं।

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