Monsoon 2026: दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत से मानसून की तेज विदाई के बीच IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Weather Update: देश भर में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है वहीं दूसरी तरफ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 24 घंटों में देश के बड़े हिस्से से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। हालांकि मौसमी चक्रों की सक्रियता की वजह से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

अगले 24 घंटों में उत्तर और मध्य भारत से मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हुए इलाकों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।

दक्षिण भारत में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 4 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। 2 से 6 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। केरल में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 2 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2 से 6 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। 2 और 3 अक्टूबर को इन सभी राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने और बादलों की तेज गर्जना का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 8 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड में 7 अक्टूबर को व्यापक रूप से बारिश हो सकती है।

मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र (कोंकण व गोवा) में 2 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम बेहद गर्म और आद्र रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि 5 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।

यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

कल का मौसम: 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में 65 kmph स्पीड से हवाएं, पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather forecast for September 30: देश भर में मानसून के अंतिम पड़ाव और समुद्र में बन रही चक्रवाती हवाओं के असर से बुधवार 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूरे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को देश के दो प्रमुख क्षेत्रों पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो पूरे आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक), केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में तेज बारिश होने के आसार हैं।

तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने का असर देखा जाएगा। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में बिजली चमकने और हवाओं का अनुमान

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम: 65 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों की बात करें तो बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। IMD के मुताबिक उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। समुद्र में तेज उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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कल का मौसम: 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! यहां आएगा आंधी-तूफान

IMD Weather forecast for September 29: देश भर में मानसून के अंतिम चरण और क्षेत्रीय मौसमी प्रणालियों के असर से मंगलवार, 29 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम काफी खराब रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के छह राज्यों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। इसके साथ ही देश के कई तटीय और मैदानी इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 सितंबर को देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसी तरह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न द्वीपों पर भी कल तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का असर देखा जाएगा। मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के निवासियों को आंधी और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 40 किमी/घंटे से चलेंगी हवाएं

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा असम व मेघालय, मध्य प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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बंगाल की खाड़ी में तूफानी चक्रवात: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों के आसपास मौसमी तंत्र सक्रिय रहने के कारण समुद्र में स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और स्थिति अत्यंत विकराल रहने की वजह से मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र के भीतर न जाने की हिदायत दी गई है।

आज का मौसम: IMD ने 28 सितंबर को इन 7 राज्यों में दिया आंधी-बारिश का अलर्ट! बिहार, राजस्थान से दक्षिण भारत तक थंडरस्टॉर्म की चेतावनी

Today Weather Forecast 28 Sep 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में बने मौसमी सिस्टम के चलते आज 28 सितंबर को बारिश और आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास सक्रिय मौसमी चक्र की वजह से वहां स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। IMD ने चेतावनी दी है कि आज द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अनुमान

देश के 7 से अधिक राज्यों में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का अलर्ट जारी किया गया है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की वादियों तक आज बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।

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बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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उत्तराखंड में मौसम का कहर! चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

उत्तराखंड में खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए चार धाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा 27 सितंबर से 28 सितंबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने यह कदम देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। वहीं मौसम में सुधार होने के बाद चार धाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

भारी बारिश की वजह से रोकी यात्रा

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के रेड अलर्ट और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चार धाम यात्रा को शनिवार दोपहर से रविवार तक रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने कहा कि मौसम में सुधार होने के बाद चार धाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। शनिवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए येलो अलर्ट है।

इन जगहों पर जारी है रेड अलर्ट

उत्तराखंड में रविवार को भी कई जिलों में तेज बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट है, वहीं कुछ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मुख्यमंत्री ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बेवजह यात्रा करने से बचें और कहीं जाने से पहले मौसम व सड़कों की ताजा स्थिति जरूर जांच लें। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका है, वहीं नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। मैदानी इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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Weather Alert: एमपी से यूपी और उत्तराखंड तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की ये चेतावनी

Weather Alert: पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना डिप्रेशन (दबाव का क्षेत्र) अब उत्तर भारत की तरफ रुख कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 26 सितंबर 2026 की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह डिप्रेशन 26 सितंबर की शाम तक पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 12 घंटों के भीतर धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल हो जाएगा।

यूपी, उत्तराखंड और एमपी में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

इस डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में भीषण बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। 26 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बेहद सख्त रहेगा। उत्तरी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में बेहद मूसलाधार बारिश का अलर्ट है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ पृथक इलाकों में असाधारण और अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को भी राज्य में भारी वर्षा का सिलसिला बना रहेगा। 26 सितंबर को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 27 सितंबर को पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में इस मौसमी तंत्र की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में जमकर पानी बरसा है। उत्तर प्रदेश में 21 सेमी से अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में अत्यधिक बारिश हुई। गांगेय पश्चिम बंगाल, पश्चिमी मध्य प्रदेश, केरल, बिहार और विदर्भ में भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 60kmph की आंधी और बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का व्यापक असर देखा जाएगा। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26 और 27 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी। इसके साथ ही 26 और 27 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी/घंटे तक) चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश में 26 और 28 सितंबर को भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी राजस्थान में 26 से 30 सितंबर और पश्चिमी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के दौरान झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड और बंगाल का मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 26 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। बिहार में 26 सितंबर को तेज सतही हवाएं चलने के साथ कई जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 26 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में 26 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 26 से 29 सितंबर के दौरान तेज बारिश और हवाओं का दौर बना रहेगा।

दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत की स्थिति

दक्षिण भारत में केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 26 से 30 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 26 से 28 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 26 और 27 सितंबर को बिजली चमकने और 29 व 30 सितंबर को असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है।

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UP IMD Rain Alert: यूपी में 4 दिन तक होगी आफत वाली मूसलाधार बारिश! इन जिलों में 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

UP IMD Rain Alert: उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 से 27 सितंबर के बीच UP के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होगी। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज से बदलेगा मौसम, इन जिलों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। तेज सतही हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इस दौरान झोंकों में इनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

24 सितंबर को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और अंबेडकर नगर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

25 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर

25 सितंबर को मौसम और एक्टिव हो सकता है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

वहीं, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। जबकि झोंकों में गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

26 सितंबर को भी नहीं मिलेगी राहत

  • 26 सितंबर को बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महराजगंज, हरदोई, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
  • इस दिन भी गरज-चमक और बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। झोंकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

27 सितंबर को पश्चिमी यूपी की ओर बढ़ेगा असर

  • 27 सितंबर को बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है।
  • इस दौरान देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

28 सितंबर से राहत के संकेत

  • मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 सितंबर को किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है। यानी लगातार कई दिनों की बारिश के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।

बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट

  • बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर है। 24 से 27 सितंबर के बीच कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है।
  • तेज हवाओं से पेड़, कमजोर ढांचे, कच्चे मकान और झोपड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। बिजली व्यवस्था और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।

बारिश से इन इलाकों में बढ़ सकता है जलभराव

  • भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने, स्थानीय नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में कमजोर और पुरानी इमारतों को भी नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। सड़क और रेल यातायात पर भी स्थानीय स्तर पर असर पड़ने की संभावना है।
  • मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और नदियों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान वाहन चलाते समय दृश्यता कम होने और सड़क पर फिसलन को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी खास सलाह

  • लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों समेत कई फसलों में जलभराव और तेज हवा से नुकसान की आशंका है।
  • किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है। केले, पपीते और आम के नए पौधों को सहारा देने तथा लंबी फसलों को गिरने से बचाने के उपाय करने को कहा गया है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

  • मौसम विभाग के अनुसार, आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़, जलस्रोत और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज बारिश या गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।
  • बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाली सड़कों या पुलों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतें।

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₹1 करोड़ सालाना की नौकरी छोड़कर खेती की राह चुनी, Uber India की पूर्व CMO ने बताया सफल होने का तरीका

कभी करोड़ों रुपये की कॉर्पोरेट दुनिया का हिस्सा रहीं अवनी गुप्ता ने आज अपनी जिंदगी का रास्ता पूरी तरह बदल लिया है। बड़े ब्रांड्स में ऊंचे पदों पर काम करने के बाद अब वह पंचकूला के पास एक पर्माकल्चर फार्म में प्रकृति के बीच रह रही हैं। यहां न चमकदार ऑफिस है, न मीटिंग्स का दबाव और न ही शहर जैसी भागदौड़। चारों तरफ हजारों पेड़, अलग-अलग तरह की फसलें और मिट्टी से बना उनका साधारण घर है। खास बात यह है कि उन्होंने यह बदलाव अचानक नौकरी छोड़कर नहीं किया। इस नई जिंदगी की तैयारी करीब 12 साल पहले शुरू हो गई थी।

कॉर्पोरेट करियर के दौरान ही उन्होंने और उनके पति ने जमीन खरीदी और धीरे-धीरे फार्म लाइफ को समझना शुरू किया। मुंबई से गुरुग्राम और फिर पंचकूला तक का सफर तय करने के बाद उन्होंने आखिरकार शहर की नौकरी वाली जिंदगी को पीछे छोड़कर फार्म को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया।

20 हजार रुपये से शुरू हुआ सफर

गुप्ता ने 1997 में यूनिलीवर से अपने करियर की शुरुआत की थी। उस समय उनकी मासिक कमाई करीब 20 हजार रुपये थी। आगे चलकर उन्होंने Colgate-Palmolive, Axis Bank, Clix Capital और Uber जैसी कंपनियों में बड़े पद संभाले। Uber छोड़ने तक उनकी सालाना कमाई करीब 1 करोड़ रुपये पहुंच चुकी थी।

इसके बावजूद उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया से दूरी बनाने का फैसला किया। उनका कहना है कि नौकरी छोड़ते समय उन्हें ऐसा नहीं लगा कि वह पैसा छोड़ रही हैं, क्योंकि मानसिक रूप से वह पहले ही उस जीवन से आगे बढ़ चुकी थीं।

नौकरी छोड़ने से पहले जमीन पर शुरू कर दी थी तैयारी

गुप्ता और उनके पति ने 2010 में हरियाणा में जमीन खरीदी। उस वक्त दोनों अपने करियर के अच्छे दौर में थे। उन्होंने तुरंत शहर छोड़ने के बजाय धीरे-धीरे फार्म पर समय बिताना शुरू किया। पहले मुंबई से गुरुग्राम आए, फिर पंचकूला में दो साल रहे और आखिरकार फार्म को अपना स्थायी घर बना लिया। इस दौरान उन्हें यह समझने का मौका मिला कि ग्रामीण जीवन वास्तव में उनके लिए सही है या नहीं।

खेती को सिर्फ कमाई का जरिया समझना बड़ी भूल

गुप्ता का कहना है कि सिर्फ खेती करके कॉर्पोरेट सैलरी जैसी कमाई की उम्मीद करना सही नहीं है। उदाहरण के तौर पर, ऑर्गेनिक पालक का एक बंडल सीधे ग्राहक को करीब 40 रुपये में बिक सकता है, लेकिन थोक बाजार में इसकी कीमत काफी कम हो सकती है। इसीलिए उन्होंने फार्म की कमाई को एक ही स्रोत पर निर्भर नहीं रखा। बीजों की ऑनलाइन बिक्री, फार्म स्टे, टूर, ट्रेनिंग, कंसल्टेंसी, यूट्यूब और अतिरिक्त उपज बेचने समेत कई माध्यमों से आमदनी होती है।

यहां Blinkit-Zomato नहीं, मौसम तय करता है तनाव

फार्म लाइफ बाहर से जितनी खूबसूरत दिखती है, उतनी आसान नहीं है। यहां तुरंत डिलीवरी, आसान कचरा प्रबंधन और शहर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। सामाजिक मेल-जोल भी कम हो सकता है। गुप्ता के मुताबिक, कॉर्पोरेट जीवन का तनाव अब मौसम और फसलों से जुड़ गया है। तेज बारिश से बाढ़ की चिंता होती है और बारिश कम हो तो खेती प्रभावित होने का डर रहता है।

उनका मंत्र- पहले आजमाएं, फिर नौकरी छोड़ें

गुप्ता का सबसे अहम संदेश उन लोगों के लिए है जो कॉर्पोरेट जिंदगी छोड़कर गांव या फार्म पर बसने का सपना देखते हैं। उनका कहना है कि इसे अचानक फैसला बनाने के बजाय नौकरी के साथ-साथ धीरे-धीरे तैयार करना चाहिए। उनके मुताबिक, ग्रामीण जीवन को सोशल मीडिया की खूबसूरत तस्वीरों से नहीं, उसकी वास्तविक चुनौतियों के साथ समझना जरूरी है। तभी यह बदलाव किसी पलायन के बजाय सोच-समझकर चुनी गई नई जिंदगी बन सकता है।

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Cyclone Arnab threat: ओडिशा-आंध्र तट से टकराया ‘अर्नब’ तूफान! इन राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, पुरी में बरसात शुरू

Cyclone Arnab threat: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम के करीब तट पार करने की स्थिति में पहुंच गया था। इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में बेहद खराब परिस्थितियों का खतरा बना हुआ है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों से ‘अर्नब’ तूफान के टकराने की खबर है। IMD ने बताया कि ‘अर्नब’ तूफान के कारण ओडिशा में हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पुरी में कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है।

तट के बेहद करीब पहुंचा डीप डिप्रेशन

IMD के बुलेटिन के अनुसार, डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, विशाखापत्तनम से करीब 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और गोपालपुर से करीब 160 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। वेदर सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी। अगले कुछ घंटों में विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना जताई गई थी।

ओडिशा में सबसे ज्यादा असर की आशंका

ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए हैं। दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में IMD ने भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिणी तट पर समुद्र की स्थिति भी बहुत खराब से अत्यधिक खराब रहने की चेतावनी दी गई थी।

इन जिलों में रेड अलर्ट और भारी बारिश का खतरा

ओडिशा के दक्षिणी जिलों में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पहले जारी पूर्वानुमानों में कोरापुट, गजपति और गंजाम में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। IMD के अलर्ट के बाद राज्य प्रशासन ने कई जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा है। संभावित जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी घटनाओं को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां बढ़ाई गई हैं।

ओडिशा में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद

खराब मौसम को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, पुरी, कोरापुट, नबरंगपुर और मलकानगिरी समेत प्रभावित जिलों में 24 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। हालांकि, स्कूल बंद रहने के बावजूद कई जगहों पर शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने तैनाती वाले जिले में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक और राहत कार्यों में मदद मिल सके।

‘चिल्का झील’ में फेरी सेवा भी रोकी गई

मौसम खराब होने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिल्का झील में सतपड़ा-जाह्निकुड़ा के बीच फेरी सेवा को भी अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही कम से कम हो। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में जाने पर भी रोक और चेतावनी जारी की गई है। पुरी में समुद्र तटों पर लाल झंडे लगाए गए हैं। समुद्र में स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया था।

आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ रहा है। सिस्टम के कलिंगपट्टनम और विशाखापत्तनम के बीच से गुजरने के कारण तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बनी हुई है। IMD के तटीय मौसम बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के आसपास तेज हवाएं चलने और समुद्र के बहुत खराब स्थिति में रहने की चेतावनी दी गई थी। 24 सितंबर की शाम तक हवाओं के झोंके करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में तटीय इलाकों में लोगों को समुद्र से दूर रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

क्या यह ‘साइक्लोन अर्नब’ है?

‘बंगाल की खाड़ी’ में बने इस सिस्टम को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में ‘साइक्लोन अर्नब’ नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन यहां स्थिति को सही तरीके से समझना जरूरी है। IMD के अनुसार, 23 सितंबर को यह सिस्टम डीप डिप्रेशन था और इसके तट पार करने का पूर्वानुमान भी डीप डिप्रेशन के रूप में दिया गया था।

‘Arnab’ नाम उस क्षेत्र के अगले चक्रवाती तूफान के लिए नामों की सूची में है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है और इसका अर्थ बंगाली में ‘समुद्र’ बताया गया है। इसलिए जब तक IMD किसी सिस्टम को आधिकारिक तौर पर चक्रवाती तूफान घोषित नहीं करता। उसे सीधे ‘साइक्लोन अर्नब’ कहना सही नहीं होगा।

बाढ़ और भूस्खलन को लेकर प्रशासन अलर्ट

ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की आशंका भी बनी हुई है। मलकानगिरी समेत कई जिलों में प्रशासन ने बचाव दलों को तैयार रखा है। संवेदनशील स्थानों पर भारी मशीनरी तैनात की गई है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

आगे क्या रहेगा मौसम का हाल?

डीप डिप्रेशन के तट पार करने के बाद भी इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर तटीय और दक्षिणी ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के इलाकों में अगले चरण में भी तेज बारिश और हवाओं पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग (IMD), लगातार सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर नजर बनाए हुए है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र, नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन करें।

देश के दूसरे हिस्सों पर भी असर

इस मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल तटीय ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रह सकता। पूर्वी भारत के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे पहले के पूर्वानुमानों में तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई गई थी। फिलहाल, सबसे ज्यादा निगाह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा पर है, जहां डीप डिप्रेशन के तट पार करने के दौरान भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति का खतरा बना हुआ है।