2-5 सितंबर के बीच दिल्ली, यूपी-बिहार से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम के अगले 48 घंटे इन इलाकों में पड़ेंगे भारी!

Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया और कई एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर काफी आक्रामक रूप दिखा रहा है। इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 से 5 सितंबर के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

खासकर अगले 48 घंटों के अंदर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां धीमी रहेंगी।

मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी, 02 और 03 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में बारिश का दौर सबसे ज्यादा परेशानी की वजह बन सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) हो सकती है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 7 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इसके अलावा विदर्भ में 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश और छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में 2 से 5 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए भी मौसम अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 और 4 सितंबर को काफी बारिश होगी और 2 से 5 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 2 से 8 सितंबर के बीच लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। यहां भी 2 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अनुमान

पूर्वी भारत के राज्यों पर भी मानसून मेहरबान रहेगा। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 3 और 4 सितंबर को भी बिहार में भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 और 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं, झारखंड में 2 और 8 सितंबर को भारी बारिश के साथ 2 से 4 सितंबर तक बादलों की गरज और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 सितंबर तक लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

पिछले 24 घंटों का हाल और चक्रवातीय प्रणालियां

बीते 24 घंटों की बात करें तो उत्तराखंड, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश (20 सेमी से ज्यादा) दर्ज की गई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई। मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति में है।

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इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। वहीं उत्तर-पूर्वी अरब सागर और सौराष्ट्र के ऊपर एक साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों की वजह से देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी राज्यों में अगले 3-4 दिनों तक मौसमी गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं।

2 सितंबर मौसम: यूपी-उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिल्ली-बिहार समेत 15+ राज्यों के लिए जारी की ये चेतावनी

Aaj Ka Mausam: देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान चलने और समुद्री इलाकों में खतरनाक तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में 2 सितंबर को मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इन राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है।

बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।

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समुद्र और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों से सटे क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने का अनुमान है। अंडमान सागर में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से अलर्ट पर ये 6 राज्य! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

IMD Rain Alert: 1 सितंबर को मौसम का कहर! 17 राज्यों में होगी झमाझम बारिश, तेज आंधी के साथ बिजली-ओलों की भी चेतावनी

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में आज भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ जगहों पर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में अगर आप घर से निकलने का प्लान कर रहे हैं तो पढ़े वेदर रिपोर्ट

पहाड़ों पर भी होगी तेज बारिश

मैदान के साथ पहाड़ी इलाकों में भी बारिश की वजह से लोगों को मुसीबत हो रही है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है, जबकि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की आशंका है। पूर्वोत्तर असम में चक्रवाती हवाओं का असर बना हुआ है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के आसपास कम दबाव के कारण मौसम बदलने की संभावना है।

इन राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। आईएमडी ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, सिक्किम और केरल में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है। दिल्ली में शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिन का तापमान करीब 34 डिग्री और रात का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

IMD Weather Update: अगले 24 घंटों में आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का अलर्ट, 18 राज्यों में होगी भारी बरसात

IMD Weather Update: पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। वहीं राज्यों के लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। अब मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत 18 राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। आईएमडी ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर पूर्वी और मध्य भारत में दिख सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश के साथ जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी प्रभावित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए कई राज्यों में बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा है। इसके अलावा पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है। लोगों को भारी बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ नजर आ सकता है। राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में हल्की बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर तेज होने की उम्मीद है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Heavy Rain Alert: कहीं भारी बारिश तो कहीं लैंडस्लाइड का खतरा! IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather Alert: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने वाली है, जिससे आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, पूर्वी भारत में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, वहीं पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पंजाब के ऊपर चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है, वहीं ओडिशा के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने से आसपास के इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण कई राज्यों में बादल छाए रहने और अलग-अलग जगहों पर बारिश होने के आसार हैं

आईएमडी ने आज दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत 16 राज्यों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी मानने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मानसून की सक्रियता के चलते देश के कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ सकती है। वहीं झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में भी कई जगहों पर जोरदार बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को जलभराव और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में मौसम एक बार फिर बदलता हुआ नजर आ सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लोगों को बारिश और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में 30 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

कल का मौसम: IMD ने इस इलाके में भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग दी, यूपी-बिहार संग कई राज्यों में 30 अगस्त को बारिश का तांडव

30 August Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड कलर कैटेगरी की वॉर्निंग के तहत अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में 30 अगस्त को तेज बारिश और तूफानी मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।

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ओडिशा में रेड अलर्ट: 30 अगस्त को आ सकती है आफत की बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 30 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट है। पूर्वी भारत में बन रहे मौसमी तंत्र के असर से ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में अति भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी बादलों का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में भी 30 अगस्त को मूसलाधार बारिश की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 30 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

तटीय इलाकों और समुद्र में तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने समुद्र और तटीय क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर के इलाकों में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

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Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, यूपी से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए कहां-कहां तूफानी मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा के तटों पर 29 अगस्त के आसपास एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने वाला है। इस नए सिस्टम के चलते ओडिशा में अति भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बारिश, पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड और हिमाचल में मूसलाधार बारिश का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का जोर बना रहेगा। उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक काफी बारिश की संभावना जताई गई है। इसमें 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान काफी बारिश और 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में पश्चिम यूपी में 28 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम विभाग ने काफी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के बीच मध्यम से तेज बारिश होगी। 28 अगस्त और 3 सितंबर को बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ क्षेत्र में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और तूफानी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि 30 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 28 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो अगले एक हफ्ते के दौरान यहां मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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कल का मौसम: यूपी-बिहार समेत पूर्वी भारत में फिर तेज बारिश, 29 अगस्त को इन राज्यों में Heavy Rain का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून का असर लगातार देखा जा रहा है और कई क्षेत्रों में बारिश एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्तके लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वी भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में जहां मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, वहीं बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।

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ओडिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट, बिहार, झारखंड और बंगाल में भी बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 29 अगस्त को बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

उत्तर भारत का मिजाज: उत्तराखंड में भारी बारिश, जम्मू-कश्मीर में आंधी-बिजली की चेतावनी

उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी मानसूनी हवाओं का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 29 अगस्त को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड में अलग अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के क्षेत्रों में अलग अलग जगहों पर तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है। पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भूस्खलन व खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

मध्य भारत और पूर्वोत्तर का हाल: एमपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 29 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग इलाकों में गरज के साथ बिजली कड़कने और गिरने का जोखिम बना रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वोत्तर के इन सभी सातों राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का जोर, अंडमान में तूफानी अंधड़ की आशंका

दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश से ज्यादा तेज तूफानी हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ आ सकता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

द्वीपीय क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम बेहद तूफानी बना रहेगा। यहां पृथक स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं (Thundersquall) का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्से, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर तथा उत्तरी व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों में गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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नेपाल में फिर बाढ़ की संभावना, बिहार में आएगी तबाही?:गंगा और गंडक उफन रहीं, अबकी ग्लेशियर टूटा तो नियंत्रण में नहीं रहेंगे हालात

‘हालात काबू में हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।’ नेपाल में तबाही के बाद CM सम्राट चौधरी के इस बयान ने बिहार के 21 जिलों के लोगों को फौरी तौर पर राहत तो दी है। लेकिन साथ ही आगे की चुनौती के लिए भी आगाह कर दिया है। नेपाल में क्या फिर तबाही आने वाली है, अगर आई तो बिहार का क्या होगा, गंगा-गंडक-कोसी में क्या चल रहा, समझेंगे; बूझे की नाही में…। क्या नेपाल में फिर से बाढ़ आने की संभावना है? वैज्ञानिकों ने आगे के खतरे से इनकार नहीं किया है। एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि घाटी की अस्थिर ढलानें और आंशिक रूप से ढहा हुआ ग्लेशियर आने वाले दिनों में मलबे के नए बहाव से दूसरी बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है। नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने कहा कि ल्हेन्डे नदी अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुई है। ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) ने कहा कि बादलों के ढके होने के कारण क्षेत्र की उपग्रह से निगरानी करने में भी दिक्कत आई है। वहीं, काठमांडू यूनिवर्सिटी के जलवायु शोधकर्ता और प्रोफेसर रिजन भक्त कायस्थ ने कहा, ‘शुरुआत में चिंता थी कि ऊपर की ओर एक और बड़ी झील बन सकती है, लेकिन अभी तक ऐसी झील के अस्तित्व की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।’ कायस्थ ने कहा, ‘जोखिम अभी भी बना हुआ है। बढ़ता तापमान ग्लेशियरों के पिघलने, बर्फ और चट्टानों के टूटने तथा हिमालय में हिमस्खलन की संभावना को बढ़ाता है। लेकिन हम सटीक रूप से यह नहीं कह सकते कि अगली घटना कहां होगी।’ नेपाल में ग्लेशियर टूटेगा तो बिहार को खतरा क्यों बिहार से करीब 400 फीट की ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित नेपाल की सभी नदियों का पानी घूम फिर कर बिहार ही आता है। इससे नदियों के 3 रूट से ऐसे समझिए… रूट-1ः नेपाल की नारायणी से चंपारण, सारण तबाह रूट-2ः नेपाल की सप्तकोशी से सहरसा-सुपौल का एरिया प्रभावित रूट-3ः UP के रास्ते भी बिहार में आता है नेपाल का पानी मतलब यह कि नेपाल के उत्तर में हादसा हो या पश्चिम में सारा पानी बिहार ही पहुंचेगा। ऐसे में नेपाल की नदियों की हलचल का बिहार पर ज्यादा असर पड़ता है। अब नीचे के मैप से समझिए…नदियों का रूट …दूसरा ग्लेशियर टूटा तो क्या बिहार में बिगड़ेंगे हालात? बिल्कुल। अभी ताजा हालात है कि नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई बाढ़ के बाद बिहार के गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। वाल्मीकिनगर बैराज से हर घंटे औसतन डेढ़ लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंडक में 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, फ्लैश फ्लड आने की भी आशंका है। अब 2 कारणों से समझिए, कैसे बिगड़ सकते हैं हालात… 1. गंगा-गंडक उफान पर, पानी का बढ़ रहा दबाव बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, 27 अगस्त की शाम 4 बजे तक गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक, पटना में गंगा, खगड़िया में बुढ़ी गंडक, सीवान के दरौली में घाघरा, कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। नेपाल के पानी के कारण गंडक और गंगा में पानी का फ्लो बढ़ रहा है। खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक में पानी के कारण 20 पंचायतों में 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं। अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। CM सम्राट चौधरी ने 27 अगस्त को निरीक्षण करने के बाद कहा, ‘खतरा अभी टला नहीं है। भगवान की कृपा रही तो सब ठीक होगा।’ 2. अगले 5 दिन तक बिहार और नेपाल में बारिश का अलर्ट नेपाल और बिहार में अगले 5 दिन तक यानी 2 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 28 अगस्त को बिहार में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, 29 अगस्त से 2 सितंबर तक नेपाल और बिहार में रुक-रुक कर धीमी बारिश की चेतावनी दी गई है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ तो यह बिहार के गंडक, कोसी, गंगा के किनारे रहने वाले लोगों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। …लेकिन राहत की 2 बातें पहली- बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, नेपाल की सभी 22 नदियों का जलस्तर 27 अगस्त की शाम 5 बजे तक खतरे के निशान से नीचे हैं। खास बात है कि त्रिशूली यानी नारायणी और भोटेकोशी यानी सप्तकोशी नदी खतरे के निशान से क्रमशः 4 और 3 फीट नीचे बह रही है। मतलब अभी वहां नदियों में ज्यादा पानी नहीं है। अगर थोड़ी बारिश हुई भी तो नदियां उफान नहीं मारेंगी, बशर्ते ग्लेशियर या बादल न फट जाए। दूसरी- जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक बैराज का अपस्ट्रीम 353.770 फीट और डाउनस्ट्रीम 350.930 फीट है। जो तय मानक 362 फीट से करीब 8 फीट कम है। इसका मतलब हुआ कि अभी बैराज पर 8 फीट ज्यादा तक पानी स्टोर किया जा सकता है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम के पानी के स्तर में मामूली अंतर (2.84 फीट) बता रहा है कि बांध के गेट खुले हुए हैं और बांध पर ज्यादा दबाव नहीं है। मतलब पानी की गति सामान्य व नियंत्रित है।