26 अगस्त की सुबह नेपाल के रसुवा में आसमान साफ था। अचानक भोटेकोशी नदी में मलबा, पत्थर और पानी का ऐसा सैलाब आया कि सब बहता चला गया। 1300 से ज्यादा मौतें हुईं और 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। ये तबाही चीन की तरफ बनी झील फटने से हुई थी। सवाल उठा कि क्या चीन को इस तबाही की पहले से खबर थी और क्या उसने नेपाल को इस बारे में चेतावनी दी थी। चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने दावा किया कि चीन ने नेपाल को समय-समय पर मौसम का डेटा और चेतावनियां दी थीं। ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट में भी दावा किया गया कि आपदा से करीब 12 दिन पहले चीन ने नेपाल को ईमेल भेजकर भारी बारिश की जानकारी दी थी। इससे लगता है कि नेपाल के पास खबर थी कि तबाही हो सकती है, लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है। पढ़िए रिपोर्ट… चीन-नेपाल के एक्सपर्ट चार महीने में तीन बार मिले
अप्रैल से जुलाई के बीच चीन और नेपाल के पर्यावरण, मौसम और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और वैज्ञानिक कम से कम तीन अलग-अलग मंचों पर मिले। इस दौरान ग्लेशियर, ग्लेशियल झील, जलवायु से जुड़े जोखिम और अर्ली वार्निंग पर बात हुई। पहली बैठक: 22 अप्रैल–5 मई, बीजिंग
चीन की नेशनल अकैडमी ऑफ फॉरेस्टी एंड ग्रासलैंड एडमिनिस्ट्रेशन ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन पर सेमिनार किया। नेपाल के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया। दूसरी बैठक: 27 मई, काठमांडू
नेपाल के 10 और चीन-तिब्बत के 12 अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें ग्लेशियल झीलों की मैपिंग और ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी अचानक जलस्तर बढ़ने या ग्लेशियर झील फटने के खतरे को कम करने पर चर्चा हुई। तीसरी बैठक: जुलाई, तिब्बत
तिब्बत के निंगची में 5th ट्रांस हिमालय इंटरनेशनल कोऑपरेशन फोरम हुआ। इसमें 29 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। नेपाल भी इनमें शामिल था। इसी दौरान चीन ने अपना मल्टी हेजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम भी पेश किया। 12 दिन पहले चीन ने क्या चेतावनी दी थी
रायटर्स के मुताबिक, 14 अगस्त के आसपास चीन के विश्व मौसम विज्ञान केंद्र ने नेपाल को ईमेल भेजा था। इसमें 14 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश और मानसूनी दबाव की आशंका जताई गई थी। हालांकि, यह भी 26 अगस्त के लिए नहीं था। यहां एक अहम फर्क है। भारी बारिश का पूर्वानुमान और किसी खास ग्लेशियर के टूटने की चेतावनी एक बात नहीं है। नेपाल के सबसे बड़े आपदा अधिकारी बोले- स्पेसिफिक वार्निंग नहीं मिली
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के कार्यकारी प्रमुख डॉ. धरम उप्रेती ने चीन के दावे पर सीधे आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया। उनके मुताबिक पानी इतनी तेजी से नीचे आया कि सीमा क्षेत्र में लगा रिवर मॉनिटरिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ। नीचे की तरफ अलर्ट जारी करने का समय मिला, लेकिन ऊपरी इलाके में लोगों के पास बचने के लिए पर्याप्त समय नहीं था। डॉ. उप्रेती बताते हैं कि नेपाल में नदियों पर रिवर गेज स्टेशन लगे हैं। पानी के तय सीमा से ऊपर जाते ही प्रभावित इलाकों में SMS अलर्ट भेजे जाते हैं। यह व्यवस्था 2015 से चल रहे फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का हिस्सा है। नदी और जगह के हिसाब से सामान्य स्थिति में करीब 6 मिनट से 6 घंटे तक का लीड टाइम मिल सकता है। 26 अगस्त को खतरे की जानकारी मिलते ही 1-2 मिनट में निचले इलाकों के लिए SMS अलर्ट जारी किए गए। पहला अलर्ट करीब 9:15 बजे और दूसरा 11:50 बजे भेजा गया। इसके बाद भी स्थिति के हिसाब से अलर्ट जारी होते रहे। सोशल मीडिया, टीवी और रेडियो से भी चेतावनी दी गई। डॉ. उप्रेती के मुताबिक करीब 4 हजार लोगों के फोन पर अलर्ट भेजा गया था। कितने लोगों ने उसे देखा, इसका डेटा नहीं है। डॉ. उप्रेती के मुताबिक, पानी करीब 180 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार से नीचे आया। इससे अलर्ट जारी करने और उसके लोगों तक पहुंचने के बीच का समय बहुत कम रह गया। ‘सिर्फ ईमेल भेजना चेतावनी नहीं, सही एजेंसी को, सही वक्त पर मिलना जरूरी’ चीन की तरफ से भेजे गए ईमेल पर डॉ. उप्रेती कहते हैं, ‘मुझे नहीं पता कि 26 अगस्त से पहले किस अधिकारी को, कब और किस स्तर की चेतावनी भेजी गई थी। सिर्फ ईमेल भेज देना पर्याप्त नहीं है। सूचना सही एजेंसी तक सही समय पर पहुंचे और उस पर कार्रवाई हो, तभी वह वास्तविक चेतावनी बनती है।’ यहीं चीन के दावे पर सवाल खड़ा होता है। अगर 12 दिन पहले इतनी अहम जानकारी थी, तो वह नेपाल की किस एजेंसी तक पहुंची, किस अधिकारी ने उसे देखा और उसके आधार पर क्या कदम उठाए गए। बैठकों में ग्लेशियर पर चर्चा हुई, लेकिन खास चेतावनी नहीं डॉ. उप्रेती के मुताबिक, चीन और नेपाल के वैज्ञानिक हिमालय में बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के पिघलने और एवलॉन्च जैसे खतरों पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। 27 मई की बैठक में भी इसके जोखिमों पर बात हुई थी। किसी खास ग्लेशियर के टूटने की स्पेसिफिक वार्निंग नहीं मिली थी। दो अलग-अलग बातें हैं। पहली- हिमालय में ग्लेशियर और जलवायु परिवर्तन से खतरा बढ़ रहा है। दूसरी- किसी खास ग्लेशियर के टूटने और उससे अचानक बाढ़ आने की पहले से चेतावनी। दूसरी तरह की चेतावनी का कोई स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया। मौजूदा सिस्टम क्यों वॉर्निंग नहीं दे पाया सामान्य GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड में ग्लेशियर के पास बनी झील का पानी अचानक बाहर निकलता है। 26 अगस्त की घटना में ग्लेशियल झील के फटने की प्रक्रिया सामने नहीं आई। शुरुआती वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, यहां मुख्य ट्रिगर रॉक-आइस एवलॉन्च और ग्लेशियर का हिस्सा टूटना था। यही सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती है। नदी का पानी बढ़ने पर गेज स्टेशन पकड़ सकता है। ग्लेशियल झील में पानी बढ़े, तो उसकी निगरानी की जा सकती है। पहाड़ पर ग्लेशियर का एक हिस्सा किस दिन, किस समय टूटेगा, इसे पहले से पकड़ना मुश्किल है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के सीनियर रिसोर्स एसोसिएट श्रवण स्विफ्ट बताते हैं, ‘यह नहीं कहा जा सकता कि चीन ने कोई जानकारी दी ही नहीं थी। घटना के समय हमारी टीम चीन के वैज्ञानिकों के संपर्क में थी और दोनों पक्षों ने सूचनाएं साझा की थीं।’ हालांकि, वे स्पष्ट नहीं कर सके कि 26 अगस्त से पहले नेपाल को किसी खास ग्लेशियर के टूटने या बाढ़ की स्पेसिफिक चेतावनी दी गई थी या नहीं। उनके मुताबिक उस इलाके में ग्लेशियर की निगरानी के लिए कोई स्टेशन नहीं था। हाईरिस्क कंसोर्टियम की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अगस्त की सुबह लांगटांग लिरुंग इलाके में ग्लेशियर और उसके नीचे की चट्टान का हिस्सा टूट गया। इससे पहले इसके संकेत मिलने लगे थे। ग्लेशियर की सतह की गति बढ़ गई थी और 24 अगस्त तक पिघला पानी भूरा दिखाई देने लगा। ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने से 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ, लेकिन इन संकेतों को चेतावनी में बदलने वाला सिस्टम मौजूद नहीं था। टूरिज्म बोर्ड का दावा- हमें कोई अलर्ट नहीं मिला इस आपदा में विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई है। नेपाल सरकार के 6 सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक करीब 600 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। इनमें 35 देशों के नागरिक शामिल हैं। हमने नेपाल टूरिज्म बोर्ड से पूछा कि क्या पर्यटकों को कोई चेतावनी मिली थी? बोर्ड के प्रवक्ता सुनील शर्मा ने जवाब दिया- 26 अगस्त से पहले चीन की ओर से बोर्ड को ऐसा कोई अलर्ट नहीं मिला, जिसे पर्यटकों के लिए चेतावनी के तौर पर जारी किया जा सके। इसलिए बोर्ड ने भी पर्यटकों के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया। उन्हें चीन की चेतावनी के बारे में जानकारी बाद में मीडिया से मिली। सुनील शर्मा उनके मुताबिक घटना इतनी तेजी से हुई कि पर्यटकों को अलर्ट करने या उन्हें निकालने का समय ही नहीं मिला। नेपाल में मौसम और जलस्तर बढ़ने की चेतावनी देने वाला सिस्टम है, लेकिन इस पैमाने की आपदा के सामने बेबस साबित हुआ। चश्मदीदों तक चीन का अलर्ट तो दूर, सरकारी SMS भी नहीं पहुंचा भास्कर की टीम त्रिशूली घाटी के प्रभावित इलाकों में पहुंची। चश्मदीदों से पूछा कि बाढ़ आने से पहले आपको अलर्ट मिला था? ज्यादातर लोगों ने कहा कि मैसेज नहीं आया, पुलिस के सायरन या चेतावनी से खतरे की जानकारी मिली। त्रिशूली बाजार में मिले दुकानदार सुजन ने बताया कि पुलिस लोगों से सुरक्षित जगह जाने के लिए कह रही थी। ज्यादातर लोगों ने यही बात कही। सिर्फ एक केस: स्विट्जरलैंड में समय रहते गांव खाली कराया
ग्लेशियर के टूटने की अर्ली वार्निंग का सिर्फ एक प्रमाण 2025 में मिलता है। स्विट्जरलैंड के आल्प्स में ग्लेशियर की गतिविधियों पर एक रिसर्च टीम की समय रहते नजर पड़ गई थी। इसके बाद ब्लाटेन गांव को खाली कराया गया और बड़े एवलॉन्च से पहले लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वर्जीनिया टेक के भू-विज्ञानी फिलिप प्रिंस के मुताबिक आल्प्स जैसी व्यवस्था हिमालय में लागू करना बहुत मुश्किल है। आल्प्स के कई इलाकों में आसानी से पहुंचा जा सकता। हिमालय बहुत बड़ा, ऊंचा और दुर्गम है। सैकड़ों ऐसी जगहें हो सकती हैं, जहां ग्लेशियर या चट्टान टूटने का खतरा हो। हर जगह लगातार निगरानी के लिए जरूरी सेंसर, तकनीकी टीम और संचार व्यवस्था खड़ी करना बड़ी चुनौती है। नेपाल से ग्राउंड रिपोर्ट यहां पढ़ें… 1. सायरन बजा, बचने के लिए मिले सिर्फ 30 मिनट ‘पानी आया, और सब ले गया, अब और क्या बोलूं।’ नेपाल के त्रिशूली में रहने वाले सुजन की इस एक लाइन में तबाही, बर्बादी और बेबसी की पूरी कहानी है। 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ से तबाह होने वाली बस्तियों में नुवाकोट जिले का त्रिशूली सबसे प्रमुख है। पढ़िए पूरी खबर… 2. बाढ़ आई… बाढ़ आई, जान बचाकर दोबारा भागे लोग 30 अगस्त की सुबह हम नेपाल के देवीघाट पहुंचे। हर तरफ मलबा था, जिसमें लोग सामान और अपनों को तलाशते मिले। सब सामान्य था, तभी अचानक बाढ़ का अलर्ट आया और हड़कंप मच गया। लोग बदहवास होकर सेफ जगह तलाशने के लिए भागने लगे। कुछ ही मिनट में कस्बा खाली हो गया। देवीघाट नेपाल के नुवाकोट जिले में त्रिशूली और ताड़ी नदी के संगम पर बसा है। पढ़िए पूरी खबर…
IMD rain alert for September 11: देशभर में अलग अलग मानसूनी प्रणालियों के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए देश के तीन प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं के असर की आशंका भी जताई गई है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलाधार से लेकर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मौसमी दबाव की वजह से इन तीनों राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश
बहुत भारी बारिश वाले इन 3 प्रमुख राज्यों के अलावा देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों केरल (माहे सहित), तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश औरर असम और मेघालय में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
11 सितंबर को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर तांडव देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की आशंका है। इसके अलावा पूरे आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसी तरह विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।
यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल में बिजली गिरने और आंधी की आशंका
उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भी 11 सितंबर को मौसम गड़बड़ हो सकता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थिति खराब, मछुआरों को चेतावनी
समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती और मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक रहने वाली है। उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
Aaj ka Mausam: देशभर में मानसूनी हवाओं की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा अलर्ट जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तटीय आंध्र प्रदेश समेत देश के 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तटीय इलाकों में तेज आंधी और समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
ओडिशा में रेड वॉर्निंग: अत्यंत भारी बारिश की प्रबल संभावना
मौसम बुलेटिन के मुताबिक ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। राज्य के तटीय और आंतरिक इलाकों में तूफानी हवाओं के साथ बादलों की कड़क देखने को मिलेगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है। इस वजह से राज्य के निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा बन गया है।
बिहार, झारखंड और तटीय आंध्र प्रदेश समेत 13 राज्यों में भारी बारिश
ओडिशा के अलावा देश के अन्य 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी मानसूनी बारिश का जोर रहेगा। IMD ने बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल (माहे सहित) में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।
50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी
10 सितंबर को कई मैदानी और तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं का जोर रहेगा। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। दूसरी तरफ, बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों में भी कड़क के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों में जाने से बचने को कहा गया है।
तटीय इलाकों में हवाएं और उमस का प्रकोप
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसके उलट तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में ऊंचे तापमान और नमी के कारण मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में अशांत रहेगा समुद्र, मछुआरों को सलाह
समुद्री तटों और गहरे पानी में मौसम बेहद खतरनाक बना हुआ है। उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते इन इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब और खतरनाक रहने वाली है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और संबंधित तटीय इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।
उधर अरब सागर में भी हलचल तेज रहेगी। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं।
IMD Heavy Rain Alert for September 10: देशभर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। वहीं, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में रेड अलर्ट: अत्यंत भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर को ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से लेकर बेहद भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से राज्य में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक कंजेशन देखने को मिल सकता है।
बिहार, झारखंड और बंगाल समेत 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
ओडिशा के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा। IMD ने 12 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश से प्रभावित होने वाले राज्यों में बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और केरल (माहे सहित) शामिल हैं।
इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और बादलों की गर्जना की भी संभावना जताई गई है।
50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी
10 सितंबर को कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरतने को कहा गया है।
तटीय इलाकों में तेज हवाएं और अरब सागर में हलचल
मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान और नमी के ऊंचे स्तर की वजह से गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
समुद्री गतिविधियों की बात करें तो अरब सागर में मौसम काफी अशांत रहेगा। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
नेपाल में बुधवार को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, मधेश, कोशी, बागमती, गंडकी और लुंबिनी के पहाड़ी और तराई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, हिमालयी इलाकों में बर्फबारी और बिजली गिरने की संभावना है। कोशी, बागमती और गंडकी के हिमालयी इलाकों में बारिश या बर्फबारी के साथ गरज-चमक हो सकती है। लुंबिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के कुछ हिमालयी इलाकों में भी बर्फबारी का अनुमान है। वहीं, 26 अगस्त की बाढ़ में अब तक 1,377 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,326 लोग लापता हैं। बाढ़ में 6,827 लोग घायल हुए हैं और 7,570 घर टूटे या क्षतिग्रस्त हुए हैं। नेपाल बाढ़ से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के कम से कम 10 से अधिक राज्यों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
यूपी, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 8 सितंबर को मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से एक्टिव रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी कल भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर बादलों की गर्जना के साथ बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी।
ओडिशा, बंगाल और झारखंड में बिगड़ेगा मौसम
पूर्वी भारत के मैदानी व तटीय राज्यों में 8 सितंबर को तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही ओडिशा, बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में भी कल बादलों की कड़क और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का सिलसिला
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर काफी मजबूत बना हुआ है। 8 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के दौरान बिजली गिरने और आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी है।
दक्षिण भारत: तेलंगाना में तेज हवाएं, केरल में उमस और गर्मी का अलर्ट
दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहेंगी, लेकिन तूफानी हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और दिनभर तेज सतही हवाएं रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। वहीं, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।
समुद्र में मौसम रहेगा प्रतिकूल, मछुआरों को हिदायत
समुद्री सीमाओं पर मौसम का मिजाज खराब रहने का अंदेशा जताया गया है। सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

देश के बड़े हिस्से में रविवार को मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश के कारण दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली थी। ऐसे में रविवार को एक बार फिर बारिश होने की संभावना ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए IMD ने फिलहाल कोई कलर-कोडेड वेदर वार्निंग जारी नहीं की है। दूसरी ओर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली में सुबह से शाम तक बारिश के आसार
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में रविवार को आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रह सकता है। सुबह हल्की बारिश होने और दोपहर से शाम के बीच बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। राजधानी के कुछ इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हुई थीं। ऐसे में आज होने वाली बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में फिर जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
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उत्तर भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हरियाणा और पंजाब में भी भारी बारिश के आसार हैं। बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश का अनुमान है। IMD ने मध्य प्रदेश में गरज-चमक, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भी बारिश
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है। बिहार में भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति के साथ बिजली चमकने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर बना रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन या अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
गुजरात और महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश
कोंकण और गोवा में व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। गुजरात, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां तेज सतही हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
कर्नाटक में भी आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट
आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज सतही हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम बदलेगा
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
अंडमान-निकोबार में भी आंधी का असर
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अरब सागर में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने अरब सागर में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी है। सोमालिया के आसपास और ओमान तट के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
IMD weather forecast September 6: देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार, 6 सितंबर को देश के 24 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD के मुताबिक, आज यानी 6 सितंबर को देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहने वाला है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग की तरफ से जारी फोरकास्ट के मुताबिक, उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
दिल्ली-NCR में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में रविवार (6 सितंबर) को भारी बारिश और गरज-चमक की आशंका है। कुछ हिस्सों में तेज हवाएं करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट और मौसम सुहाना रहने की संभावना है।
शनिवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है। 8 सितंबर तक इस इलाके में मौसम शुष्क रहेगा। फिर भी, IMD ने लोगों को शनिवार को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, क्योंकि दिन भर गरज-चमक के साथ भारी बारिश जारी रहेगी।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने बताया कि इस क्षेत्र में बने कम दबाव के एक स्पष्ट क्षेत्र के कारण व्यापक और भारी बारिश हो रही है। इसके अलावा, IMD ने चेतावनी दी है कि शनिवार को पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
महाराष्ट्र में 8 सितंबर तक बारिश
महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों यानी 8 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोंकण-गोवा क्षेत्र में मानसूनी बारिश की संभावना है। जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भी बारिश के आसार हैं। इनमें छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, नांदेड, परभणी, हिंगोली, धाराशिव, पुणे, नासिक, अहमदनगर, धुले, नंदुरबार, जलगांव, कोल्हापुर, सांगली, सतारा और सोलापुर समेत कई इलाके शामिल हैं।
यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश (UP) में भी कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, बदायूं, पीलीभीत, सीतापुर, कानपुर, शाहजहांपुर, रायबरेली, उन्नाव, इटावा, आजमगढ़, अयोध्या, देवरिया और गोरखपुर में मौसम खराब रहने की आशंका है।
बिहार में भी जमकर बरसेगा मानसून
बिहार के कई जिलों में रविवार को बारिश के साथ आंधी-तूफान और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। IMD ने बिहार के गया, राजधानी पटना, जहानाबाद, भोजपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर और वैशाली में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है।
झारखंड में भी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी
बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में भी मानसून सक्रिय रहेगा। रांची, देवघर, जमशेदपुर, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, पलामू, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और लातेहार समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर में 60 KM तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ शक्तिशाली गरज-चमक वाले तूफान की आशंका है। अनंतनाग, जम्मू, पुंछ, बारामूला, किश्तवाड़, गांदरबल, उधमपुर, रामबन, शोपियां और राजौरी में मौसम खराब रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।हिमाचल प्रदेश में भी कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा और कुल्लू में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कोलकाता, हावड़ा, बीरभूम, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, नदिया, दुर्गापुर, कलिम्पोंग, पुरुलिया और मालदा समेत कई क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
ओडिशा में ‘येलो अलर्ट’
ओडिशा में भी रविवार को मानसून सक्रिय रहने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। उत्तरी और तटीय ओडिशा के कई जिलों के लिए 12 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी की अपील
IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को जलभराव और बाढ़ की स्थिति को लेकर सावधान रहने को कहा गया है।
Delhi-NCR Rain: शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम में भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई जगह सड़के जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। बता दें कि देश की राजधानी में सुबह से ही तेज बारिश के कई दौर देखने को मिले। कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच सफदरजंग में 22 मिमी, पालम में 25.2 मिमी और लोधी रोड पर 24.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
दिल्ली की सड़कों पर जलजमाव | वीडियो
दिल्ली के महिपालपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। इसमें भारी बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी नजर आ रहा है। वीडियो में एक ऑटो-रिक्शा चालक घुटनों तक भरे पानी के बीच अपनी गाड़ी को धक्का देकर निकालता हुआ दिखाई दे रहा है।
#WATCH | Delhi: Streets waterlogged in parts of the city after heavy rainfall. Visuals from Mahipalpur. pic.twitter.com/KHE8HmSog3
— ANI (@ANI) September 5, 2026
वहीं, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में एयरपोर्ट और धौला कुआं के बीच NH-48, महिपालपुर, संगम विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर और महरौली-बदरपुर रोड शामिल हैं। पालम एयरपोर्ट टनल और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के पास भी जलजमाव की खबर है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका में भी कई सड़कें प्रभावित हुईं, जिनमें ओमैक्स रोड और NH-8 अंडरपास के आस-पास के इलाके शामिल हैं।
दिल्ली में ट्रैफिक पर असर
कई जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई है और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों के लिए अलर्ट जारी किया है। मथुरा रोड पर अपोलो हॉस्पिटल और आश्रम चौक के बीच गिरे एक पेड़ की वजह से भी आवाजाही पर असर पड़ा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में और आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बारिश का अनुमान लगाया है। दोपहर से शाम तक कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। राजधानी में दिन के बाकी समय के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि रात में भी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।
गुरुग्राम में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की
पास के गुरुग्राम में, भारी बारिश के कारण अधिकारियों को सुरक्षा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी क्योंकि और बारिश का अनुमान था। IMD की ओर से भारी बारिश की चेतावनी मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी की। इससे पहले, मौसम विभाग ने अगले दो से तीन घंटों में 15 mm प्रति घंटे से ज्यादा बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान लगाया था।
शीतला माता मंदिर इलाके के आसपास का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। इसमें शहर में हुई भारी बारिश के बाद सड़कों पर भारी जलभराव दिखाई दे रहा है।
VIDEO | Haryana: Heavy rainfall leads to waterlogging around Sheetla Mata Temple area in Gurugram.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/xREmzxWSMF
— Press Trust of India (@PTI_News) September 5, 2026
लोगों को सलाह दी गई कि वे बिना जरूरत के यात्रा न करें और पानी से भरी सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जाने से बचें। अधिकारियों ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊपर से गुजरने वाले तारों के पास न जाने या पानी से भरे रास्तों को पार करने की कोशिश न करने की भी चेतावनी दी।
आपातकालीन एजेंसियों और सरकारी विभागों को सतर्क रहने और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।
पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।
उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार
मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम
पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।
पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।
पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।
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