कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के 8 अगस्त शाम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटे में भी दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में 16 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि रोहतक, झज्जर,फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश

9 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों के लिए खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश का दौर रह सकता है। आगे 10 और 11 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में 8-9 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश

बिहार में 9 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य में 8 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश के आसार

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण स्थिति खराब हो सकती है।

बारिश के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली से जुड़ी चीजों से दूर रहना बेहतर होगा।

Delhi-NCR Heavy Rain: दिल्ली-NCR के लिए अगले 24 घंटे भारी! होगी भारी बारिश… IMD ने जारी किया अलर्ट

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कुछ दिन से बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार, 7 अगस्त को दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक धीमा हो गया। इसके चलते लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। दिल्ली-NCR में शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश से अभी कोई राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

10 अगस्त तक होगी तेज बारिश

मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 9 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। ऐसे में रविवार को भी राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन, 10 अगस्त के बाद दिल्ली के लिए भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है, जिससे माना जा रहा है कि सोमवार से बारिश का असर कुछ कम हो सकता है। 10 अगस्त से दिल्ली में बारिश की रफ्तार कम होने की संभावना है।

24 घंटों तक हुई बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 10 अगस्त तक दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। 14 अगस्त तक रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, लेकिन 9 अगस्त के बाद भारी बारिश का अलर्ट नहीं रहेगा। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में 98.7 मिमी बारिश हुई। वहीं, पालम में 104.6 मिमी और आया नगर में 115 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

लोगों को सावधान रहने को कहा गया

रविवार के बाद दिल्ली में बारिश का असर कम होने की उम्मीद है। बारिश के दौरान दिल्ली में लोगों को सफर करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने बताया है कि तेज बारिश से ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति जांचने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।

Weather Update: 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान-ओडिशा में मूसलाधार, यूपी-उत्तराखंड भी प्रभावित, चेक करिए आज का मौसम

Weather Update: देशभर में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ इलाकों में परेशानी का कारण भी बन रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त यानी आज के लिए देश के करीब 20 राज्यों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी गतिविधियां बेहद तीव्र नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का प्रभाव देखने को मिलेगा।

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पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही तेज रहेगी और अचानक से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इनके साथ ही पश्चिम राजस्थान, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के अलग-अलग इलाकों में भी आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। वहीं अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और आंधी का अनुमान है।

तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं और आकाशीय बिजली का प्रभाव

देश के अन्य हिस्सों में भी मौसमी हलचल तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है जिससे आम लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

Agra : बीच सड़क इतना बड़ा गड्ढा, सीढ़ी डालकर गहराई नापने उतरे सपा नेता, वीडियो वायरल

आगरा में हुई तेज बारिश के बाद सड़क धंसने से एक बड़ा गड्ढा बन गया। इस गड्ढे में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता नितिन कोहली लकड़ी की सीढ़ी के सहारे नीचे उतर गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नितिन कोहली ने इस मौके का इस्तेमाल करते हुए खुद को ‘स्मार्ट सिटी’ कहे जाने वाले आगरा में विकास को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए।

यह घटना आगरा के कमला नगर क्षेत्र की कर्मयोगी कॉलोनी की है। लगातार हुई भारी बारिश के बाद सड़क अचानक धंस गई, जिससे गहरा गड्ढा बन गया। इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

बीच सड़क इतना बड़ा गड्ढा

सपा नेता नितिन कोहली का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में वह लकड़ी की सीढ़ी के सहारे गड्ढे में उतरते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके समर्थक सीढ़ी को पकड़े हुए हैं। गड्ढे के अंदर खड़े होकर कोहली ने बीजेपी सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाए और आगरा की सड़कों की हालत पर तंज कसा। वीडियो में नितिन कोहली कहते सुनाई दे रहे हैं, “हम एक बार फिर विकास की तलाश में निकले हैं। पूरे आगरा की यही हालत हो गई है। मैं विधायक से पूछना चाहता हूं कि क्या यही विकास है? जहां भी सड़क बनती है, वहां कुछ ही समय बाद इतने गहरे गड्ढे हो जाते हैं कि लगता है जैसे पाताल लोक में नया शहर बसाया जा रहा हो। आगरा को स्मार्ट सिटी कहने के बजाय अब ऐसा लग रहा है कि पाताल लोक में नया स्मार्ट सिटी बन रहा है।”

सीढ़ी डालकर गहराई नापने उतरे सपा नेता

गनीमत रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, क्योंकि जिस समय सड़क धंसी उस वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे, हालात का जायजा लिया और सुरक्षा के लिए धंसी हुई जगह के आसपास बैरिकेडिंग कर दी। इसके बाद सड़क की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में सड़कों और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर भी विवाद हुआ था। उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद सड़क पर दरारें पड़ने और कुछ जगहों पर धंसने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। लेकिन ट्रैफिक के लिए खोले जाने के एक महीने के भीतर ही एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में दरारें, सड़क धंसने और सतह खराब होने की शिकायतें सामने आने लगीं। इन शिकायतों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त कदम उठाए। प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़े तीन इंजीनियरों को हटा दिया और निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ भी कार्रवाई की। साथ ही मरम्मत का काम पूरा होने तक पूरे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी रोक दी गई।

कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी, उत्तराखंड संग 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में दिखेगा बरसात का ताडंव

इस वक्त दिल्ली-यूपी समेत देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश पड़ रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसूनी बारिश का तांडव देखने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इन इलाकों में मानसूनी तंत्र के बेहद मजबूत होने के कारण अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के इस प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है।

यूपी, उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। इनके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी भारत के झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी भारी बारिश से स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इसके अलावा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में मौसम खराब

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में मौसमी परिस्थितियां काफी प्रतिकूल रहेंगी। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है

अंधेरा होते ही चमक उठते हैं ये 7 जंगल और बीच, कहलाते है इंडिया का सीक्रेट नाइट शो!

भारत के वेस्टर्न घाट के कुछ जंगल और कुछ समुद्र तट रात के समय बायोल्यूमिनेसेंस की वजह से चमक उठते हैं। जंगलों में यह रोशनी फंगस से और समुद्र में छोटे प्लैंकटन से होती है। मानसून और उसके बाद का समय इस दुर्लभ प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इन जगहों की खूबसूरती के साथ-साथ इनके कंर्वेशन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

मट्टू बीच, कर्नाटक (Mattu Beach, Karnataka)

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कर्नाटक के उडुपी के पास मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के साथ-साथ रात में दिखने वाली नीली चमक के लिए भी जाना जाता है। मानसून के बाद सही मौसम में समुद्र की लहरों में मौजूद छोटे-छोटे प्लैंकटन नीली रोशनी छोड़ते हैं, जिससे पूरा बीच चमकता हुआ दिखाई देता है। यह नजारा टूरिस्ट और फोटोग्राफरों को खूब पसंद आता है। सितंबर से दिसंबर के बीच यहां आने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

अगुम्बे, कर्नाटक (Agumbe, Karnataka)

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अगुम्बे को “दक्षिण भारत का चेरापूंजी” कहा जाता है। यह जगह घने जंगलों, तेज बारिश और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां पेड़ों की गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले खास फंगस रात में हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं। प्रकृति का अनोखा नजारा देखने के लिए जून से सितंबर के बीच यहां घूमने जा सकते हैं।

बंगाराम आइलैंड, लक्षद्वीप (Bangaram Island, Lakshadweep)

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लक्षद्वीप का बंगाराम आइलैंड भारत के सबसे मशहूर ग्लोइंग बीच में से एक है। यहां समुद्र में मौजूद छूटे प्लैंकटन लहरों के हिलने पर चमकीली नीली रोशनी छोड़ते हैं। रात के समय ऐसा लगता है जैसे पूरा समुद्र चमक रहा हो। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

गोवा के बायोल्यूमिनेसेंट बीच, गोवा (Goa Bioluminescent Beaches, Goa)

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गोवा के बेतालबातिम, कोलवा और कुछ अन्य शांत बीचों पर मानसून के बाद कई बार रात में समुद्र की लहरें नीली रोशनी से चमकती दिखाई देती हैं। यह रोशनी समुद्र में मौजूद सूक्ष्म प्लैंकटन की वजह से होती है। हालांकि यह नजारा हर रात नहीं दिखता, लेकिन सही मौसम में इसे देखना यादगार एक्सपीरियंस बन जाता है। सितंबर से दिसंबर के बीच का टाइम यहां घूमने के लिए परफेक्ट है।

भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, महाराष्ट्र (Bhimashankar Wildlife Sanctuary, Maharashtra)

महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में स्थित भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रात में चमकने वाले जंगलों के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले फंगस हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं, जिससे जंगल का नजारा बेहद खास लगता है। जुलाई से सितंबर के बीच और बिना चांद वाली रातों में यह दृश्य सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

चोरला घाट, गोवा–कर्नाटक–महाराष्ट्र (Chorla Ghat, Goa–Karnataka–Maharashtra)

गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर चोरला घाट अपने घने जंगलों और हरियाली के लिए पॉपुलर है। मानसून के दौरान यहां नमी ज्यादा होने की वजह से चमकने वाले फंगस आसानी से उग जाते हैं। रात के समय गिरी हुई लकड़ियों पर हल्की हरी चमक दिखाई देती है, जो इस जगह को और भी खास बना देती है। जुलाई से सितंबर यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है।

साइलेंट वैली नेशनल पार्क, केरल (Silent Valley National Park, Kerala)

केरल का साइलेंट वैली नेशनल पार्क भारत के सबसे खूबसूरत और सुरक्षित वर्षावनों में से एक है। यहां का ठंडा और नम वातावरण चमकने वाले फंगस के लिए परफेक्ट होता है। मानसून के दौरान जंगल के कुछ हिस्सों में यह दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिल सकता है। प्रकृति और जंगलों को पास से देखना पसंद करते हैं, तो यह जगह आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकती है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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कल भारी बारिश का अलर्ट: 7 अगस्त को राजस्थान, MP में ऑरेंज कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी-बिहार तक इन 25 राज्यों में मूसलाधार की चेतावनी

India Weather Update: मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का व्यापक अलर्ट जारी किया है। देश के तटीय, मैदानी और पर्वतीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से जोर पकड़ रही हैं। IMD की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 7 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और केरल समेत देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश और खराब मौसम रहने की आशंका है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 7 अगस्त को देश के छह प्रमुख राज्यों व क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन राज्यों में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल और माहे, ओडिशा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। इन इलाकों में भारी बौछारों के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने का जोखिम बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की बुलेटिन के मुताबिक 7 अगस्त को देश के 19 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बिहार, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पश्चिमी और दक्षिणी भारत के इलाकों जैसे मध्य महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

गरज-चमक और 50 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके साथ ही बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है।

इन राज्यों में आकाशीय बिजली और तेज सतह हवाओं की आशंका

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

तटीय और प्रायद्वीपीय भारत के क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क किया है कि कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने की पूरी संभावना है। खराब मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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