गोवा में हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त LPG गैस सिलेंडर, 9 सितंबर से बैंक खाते में ट्रांसफर होंगे ₹3000, अप्लाई करने का तरीका जानिए

Goa free LPG: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि राज्य सरकार गोवा के लाभार्थियों को हर साल तीन एलपीजी गैस सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इसके लिए 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट्स में जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फॉर्म पांच सितंबर से पंचायतों और विधायकों के कार्यालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम ने बताया कि यह राशि 9 सितंबर 2026 से मिलनी शुरू हो जाएगी।

पणजी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उनके वादे का हिस्सा है। उस समय उन्होंने लोगों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। सावंत ने कहा, “नौ सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में हर साल 3,000 रुपये जमा होने शुरू हो जाएंगे। इस वित्तीय सहायता से पात्र लाभार्थी योजना के तहत तीन एलपीजी सिलेंडर खरीदने का खर्च वहन कर सकेंगे।”

उन्होंने बताया कि गोवा निवासी जो व्यक्ति आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करेगा, उसे अपने बैंक खाते में यह राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सावंत ने यह भी कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की कॉपी जमा करनी होंगी।

9 सितंबर से अकाउंट में आएंगे ₹3,000

पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू होगी। इस राशि का इस्तेमाल लाभार्थी तीन LPG सिलेंडरों की लागत को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे, उन्हें योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी।

किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को नीचे दिए गए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे:-

बैंक पासबुक की कॉपी

आधार कार्ड

वोटर आईडी कार्ड

2022 के विधानसभा चुनाव का वादा

सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि यह योजना 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का हिस्सा है। उन्होंने चुनाव के समय राज्य के लोगों को हर साल तीन फ्री LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए लाभार्थियों के बैंक खातों में सालाना ₹3,000 देने की व्यवस्था की है।

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Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराने वाले एयरफोर्स के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने IAF छोड़ी, अब गोवा के इस एयरलाइन से जुड़े

Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी जेट गिराने वाले इंडियन एयर फोर्स (IAF) के फाइटर पायलट और पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया है। अब वह गोवा के एक प्राइवेट एयरलाइन में कमर्शियल पायलट के तौर पर अपना नया एविएशन करियर शुरू कर रहे हैं। वर्धमान को फरवरी 2019 में पाकिस्तान एयरफोर्स के फाइटर जेट के साथ हवाई लड़ाई में अपना विमान गिराए जाने के बाद पाकिस्तान में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था।

करीब दो दशक इंडियन एयरफोर्स में सेवा देने के बाद यह अभिनंदन के करियर की नई पारी है। अभिनंदन 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी फाइटर जेट F-16 गिराने के बाद भारत समेत दुनियाभर में सुर्खियों में आए थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभिनंदन अब पायलट के तौर पर रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़ गए हैं।

कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे

सूत्रों ने बताया कि यहां वे कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे। सूत्रों ने बताया कि ‘वीर चक्र’ से सम्मानित वर्तमान अगस्त में गोवा की एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर शामिल हुए। 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के बाद वर्धमान चर्चा में आए थे। उस हवाई लड़ाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया था। इसके बाद उन्हें तीन दिनों तक पाकिस्तान में हिरासत में रखा गया था।

‘वीर चक्र’ से सम्मानित

उन्हें 2021 में ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था, जो युद्ध के समय वीरता के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है। इस सम्मान के लिए जारी प्रशस्ति पत्र में हवाई संघर्ष के दौरान उनके “कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण” को सराहा गया था। FLY91 के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने पीटीआई से कहा कि किसी कर्मचारी की निजी जानकारी एक निजी मामला है। एयरलाइन में वर्तमान की भूमिका के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी। गोवा स्थित FLY91 ने मार्च 2024 में अपना कामकाज शुरू किया था। इसके बेड़े में अभी छह ATR 72-600 विमान हैं। यह दो बेस गोवा और हैदराबाद से अपनी सेवाएं देती है।

अभिनंदन वर्धमान के बारे में बड़ी बातें

  • फरवरी 2019 में पुलवामा में आत्मघाती बम धमाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवानों की मौत के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक की थी। नई दिल्ली ने कहा कि स्ट्राइक में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ग्रुप के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया था।
  • अगले दिन पाकिस्तान एयरफोर्स की जवाबी कार्रवाई से दोनों परमाणु बम से लैस दो पड़ोसियों के बीच युद्ध का डर पैदा हो गया था। इस टकराव का सबसे चर्चित चेहरा विंग कमांडर वर्धमान थे। उनके MiG-21 फाइटर जेट को गिराए जाने के बाद पाकिस्तान द्वारा उन्हें पकड़ लिए जाने से दशकों में दोनों पड़ोसियों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संकट पैदा हो गया था।
  • 27 फरवरी 2019 को अपना जेट हिट होने से पहले वर्धमान  ने पाकिस्तान के F-16 फ़ाइटर जेट को मार गिराया था। उस समय विंग कमांडर रहे वर्धमान को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। 1 मार्च की रात को पाकिस्तान ने उन्हें रिहा कर दिया था।
  • हवाई लड़ाई के दौरान अपने मिग-21 बाइसन से बाहर निकलते समय वर्धमान को चोटें आई थीं। बाद में उसी साल डॉगफाइट के दौरान “असाधारण कर्तव्य-निष्ठा” दिखाने के लिए उन्हें भारत के युद्ध-समय के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वर्धमान ने समय से पहले रिटायरमेंट क्यों लिया।

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India Bike Week 2026 dates announced

India Bike Week 2026 dates announced
An outside shot showing enduro champion and rally racer Pol Tarrés performing a jump on his Yamaha Ténéré 700 at IBW 2025

The event dates for India Bike Week, touted to be the country’s largest motorcycle festival, has been announced to be December 4 and 5, 2026. The festival is returning to Panchgani, Maharashtra for the second year in a row, away from Vagator, Goa. Last year, the change happened after local zilla parishad election dates conflicted with the event dates.

  1. Consists of races, launches, food and gear stalls and more
  2. Registrations to races are separate from event registrations
  3. Ride to the event and merch have also been teased

India Bike 2026: What’s in store?

Stunt shows, live music, camping, and more

Besides the location change seemingly sticking, the itinerary remains as packed as ever with two days of various events catering to motorcyclists and motorcycle enthusiasts of all kinds. According to the schedule posted on the organisation’s website, there are five different race events, three music performances (artists line-up yet to be revealed), and other staples like food and gear stalls. The races vary between dirt, off-road, time trial, and arena. Each race requires separate registrations and registering to the races are separate from registering for the event itself. Riders interested in racing will need to have an FMSCI licence, although the website clarifies that a one-time licence can be obtained when signing up for one (or more) of the races.

There are also events scheduled for custom builds, stunt shows, and camping and bonfire. IBW is also organising rides to the event from all major cities, and have announced event-specific merch too. However, registrations and further details on all of these are yet to be revealed. If you’re hearing about IBW for the first time, the organisers clarify that owning a motorcycle is not a criterion to attend the event, and it’s open to fans from all walks of life.

Last year, refunds on the tickets were offered when the venue changed from Goa to Maharashtra. This time, the website clarifies that the tickets are non-refundable and non-transferable. More information should be available closer to the dates, and can be found on the brand’s website and social media pages.
 

Rakesh Jhunjhunwala: सिर्फ ₹3 के शेयर ने राकेश झुनझुनवाला को बना दिया अरबपति! जानें ‘बिग बुल’ के उस सबसे बड़े मास्टर स्ट्रोक के बारे

Rakesh Jhunjhunwala Inspirational Journey: जब 1985 में 25 साल का एक नौजवान हाथ में महज 5 हजार रुपये लेकर शेयर बाजार के दंगल में उतरा, तो दलालों ने उसे सिर्फ एक ‘मुंगेरीलाल’ समझा था। पिता की सख्त हिदायत थी कि, ‘एक भी रुपया उधार मत लेना!’ लेकिन उस लड़के की आंखों में दलाल स्ट्रीट को फतह करने का जुनून था। फिर शुरू हुआ सही दांव, सटीक टाइमिंग और लोहे जैसे धैर्य का वो खेल, जिसने उस मामूली लड़के को भारत का ‘बिग बुल’ बना दिया।

₹5,000 से ₹40,000 करोड़ का विशाल साम्राज्य खड़ा करने वाले राकेश झुनझुनवाला की यह कहानी सिर्फ शेयर बाजार का गणित नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का सबसे रोमांचक और प्रेरणादायक सफर है। आइए जानते हैं उस एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ के बारे में जिसने रातों-रात उनकी किस्मत बदल दी।

शुरुआती जीवन और शेयर बाजार में पहला कदम

राकेश झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 को हुआ था। उनके पिता इनकम टैक्स ऑफिसर थे, जो अक्सर अपने दोस्तों के साथ शेयर बाजार की बातें किया करते थे। वहीं से युवा राकेश के मन में बाजार को लेकर उत्सुकता जागी।

पिता की सलाह पर उन्होंने पहले अपनी पढ़ाई पूरी की और वर्ष 1985 में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बने। जब उन्होंने शेयर बाजार में उतरने की इच्छा जताई, तो उनके पिता ने अनुमति तो दी लेकिन दो सख्त शर्तें रखीं। पिता या दोस्तों से पैसा उधार नहीं लेना है, और किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। राकेश झुनझुनवाला ने 1985 में अपनी बचत के ₹5000 के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कदम रखा। उस समय सेंसेक्स महज 150 अंकों के आसपास था।

टाटा टी ने दिया पहला बड़ा ब्रेकआउट

राकेश झुनझुनवाला को अपनी पहली बड़ी सफलता 1986 में मिली, जब उन्होंने टाटा टी के शेयरों पर बड़ा दांव लगाया। उन्होंने ₹43 के भाव पर टाटा टी के 5000 शेयर खरीदे। महज 3 महीने के भीतर ही उस शेयर की कीमत ₹43 से बढ़कर ₹143 हो गई।

इस एक सौदे से उन्हें करीब ₹5 लाख का बड़ा मुनाफा हुआ। 1986 से 1989 के बीच उन्होंने कई सही दांव लगाकर लगभग ₹20-25 लाख का मुनाफा कमाया, जिसने उन्हें बाजार में बड़ी पूंजी के साथ खेलने का मौका दिया।

वो एक शेयर जिसने बना दिया अरबपति

अगर किसी एक शेयर ने उनकी जिंदगी बदली, तो वो था टाटा ग्रुप का टाइटन कंपनी।उन्होंने वर्ष 2002-03 के दौरान टाइटन के लगभग 6 करोड़ शेयर औसतन ₹3 प्रति शेयर के बेहद सस्ते भाव पर खरीदे। बाजार में तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने टाइटन में अपनी हिस्सेदारी को सालों-साल बनाए रखा। आगे चलकर टाइटन का शेयर हजारों रुपये के स्तर पर पहुंच गया। अकेले टाइटन के शेयर से ही उनकी नेटवर्थ में ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का इजाफा हुआ।

इसके अलावा सिल्सा लैब (Sesa Goa), लुपिन, क्रिसिल और स्टार हेल्थ जैसे शेयरों में उनके शुरुआती निवेश ने उन्हें भारतीय बाजार का सबसे सफल रिटेल निवेशक बना दिया। अपने जीवन के आखिरी दौर में उन्होंने भारत की नई एयरलाइन अकासा एयर में भी बड़ा निवेश किया।

राकेश झुनझुनवाला की सफलता के 4 सबसे बड़े मंत्र

1. लंबी अवधि का धैर्य: वे ट्रेडिंग से ज्यादा लंबी अवधि के वैल्यू इन्वेस्टिंग पर भरोसा करते थे। उनका मानना था कि अगर कंपनी का फंडामेंटल मजबूत है, तो समय के साथ शेयर बढ़ेगा ही।

2. भारत की ग्रोथ पर पक्का भरोसा: वे हमेशा कहते थे कि भारत की अर्थव्यवस्था पर दांव लगाओ। वे भारतीय बाजार को लेकर हमेशा बेहद बुलिश रहते थे।

3. गलतियों से सीखना: झुनझुनवाला का मानना था कि बाजार में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी गलती को जल्दी स्वीकार करना और घाटे को काटना ही असली समझदारी है।

4. जब सब डरें, तब निवेश करें: 1992 के हर्षद मेहता घोटाले या 2008 की वैश्विक मंदी उन्होंने हर बड़े संकट और मंदी को एक बेहतरीन खरीदारी के मौके के रूप में देखा।

निवेशकों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे ‘बिग बुल’

14 अगस्त 2022 को 62 वर्ष की उम्र में भले ही भारत के ‘बिग बुल’ ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी छोड़ी हुई विरासत आज भी दलाल स्ट्रीट की हर धड़कन में जिंदा है। ₹5000 की मामूली पूंजी से शुरू होकर देश की सबसे बड़ी एविएशन कंपनी और बहुचर्चित इन्वेस्टमेंट फर्म्स में विशाल हिस्सेदारी बनाने का उनका यह सफर सिर्फ एक निवेशक की कामयाबी नहीं, बल्कि हर आम इंसान के बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने की सबसे बड़ी मिसाल है। राकेश झुनझुनवाला भले आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनका एक-एक सबक आज भी करोड़ों निवेशकों को बाजार के तूफानों से टकराने और अपनी किस्मत खुद लिखने का हौसला देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अंधेरा होते ही चमक उठते हैं ये 7 जंगल और बीच, कहलाते है इंडिया का सीक्रेट नाइट शो!

भारत के वेस्टर्न घाट के कुछ जंगल और कुछ समुद्र तट रात के समय बायोल्यूमिनेसेंस की वजह से चमक उठते हैं। जंगलों में यह रोशनी फंगस से और समुद्र में छोटे प्लैंकटन से होती है। मानसून और उसके बाद का समय इस दुर्लभ प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इन जगहों की खूबसूरती के साथ-साथ इनके कंर्वेशन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

मट्टू बीच, कर्नाटक (Mattu Beach, Karnataka)

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कर्नाटक के उडुपी के पास मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के साथ-साथ रात में दिखने वाली नीली चमक के लिए भी जाना जाता है। मानसून के बाद सही मौसम में समुद्र की लहरों में मौजूद छोटे-छोटे प्लैंकटन नीली रोशनी छोड़ते हैं, जिससे पूरा बीच चमकता हुआ दिखाई देता है। यह नजारा टूरिस्ट और फोटोग्राफरों को खूब पसंद आता है। सितंबर से दिसंबर के बीच यहां आने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

अगुम्बे, कर्नाटक (Agumbe, Karnataka)

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अगुम्बे को “दक्षिण भारत का चेरापूंजी” कहा जाता है। यह जगह घने जंगलों, तेज बारिश और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां पेड़ों की गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले खास फंगस रात में हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं। प्रकृति का अनोखा नजारा देखने के लिए जून से सितंबर के बीच यहां घूमने जा सकते हैं।

बंगाराम आइलैंड, लक्षद्वीप (Bangaram Island, Lakshadweep)

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लक्षद्वीप का बंगाराम आइलैंड भारत के सबसे मशहूर ग्लोइंग बीच में से एक है। यहां समुद्र में मौजूद छूटे प्लैंकटन लहरों के हिलने पर चमकीली नीली रोशनी छोड़ते हैं। रात के समय ऐसा लगता है जैसे पूरा समुद्र चमक रहा हो। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

गोवा के बायोल्यूमिनेसेंट बीच, गोवा (Goa Bioluminescent Beaches, Goa)

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गोवा के बेतालबातिम, कोलवा और कुछ अन्य शांत बीचों पर मानसून के बाद कई बार रात में समुद्र की लहरें नीली रोशनी से चमकती दिखाई देती हैं। यह रोशनी समुद्र में मौजूद सूक्ष्म प्लैंकटन की वजह से होती है। हालांकि यह नजारा हर रात नहीं दिखता, लेकिन सही मौसम में इसे देखना यादगार एक्सपीरियंस बन जाता है। सितंबर से दिसंबर के बीच का टाइम यहां घूमने के लिए परफेक्ट है।

भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, महाराष्ट्र (Bhimashankar Wildlife Sanctuary, Maharashtra)

महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में स्थित भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रात में चमकने वाले जंगलों के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले फंगस हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं, जिससे जंगल का नजारा बेहद खास लगता है। जुलाई से सितंबर के बीच और बिना चांद वाली रातों में यह दृश्य सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

चोरला घाट, गोवा–कर्नाटक–महाराष्ट्र (Chorla Ghat, Goa–Karnataka–Maharashtra)

गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर चोरला घाट अपने घने जंगलों और हरियाली के लिए पॉपुलर है। मानसून के दौरान यहां नमी ज्यादा होने की वजह से चमकने वाले फंगस आसानी से उग जाते हैं। रात के समय गिरी हुई लकड़ियों पर हल्की हरी चमक दिखाई देती है, जो इस जगह को और भी खास बना देती है। जुलाई से सितंबर यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है।

साइलेंट वैली नेशनल पार्क, केरल (Silent Valley National Park, Kerala)

केरल का साइलेंट वैली नेशनल पार्क भारत के सबसे खूबसूरत और सुरक्षित वर्षावनों में से एक है। यहां का ठंडा और नम वातावरण चमकने वाले फंगस के लिए परफेक्ट होता है। मानसून के दौरान जंगल के कुछ हिस्सों में यह दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिल सकता है। प्रकृति और जंगलों को पास से देखना पसंद करते हैं, तो यह जगह आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकती है।

2026 Rainforest Challenge India: Ujjal Namshum, Chethan Chengappa defend title

RFC India 2026 winners Ujjal Namshum, Chethan Chengappa

Ujjal Namshum and co-driver Chethan Chengappa have won this year’s Rainforest Challenge India (RFC India) in the headlining 4×4 Extreme category. This marks their second consecutive win in the off-road event. As the top 4×4 Extreme driver, Namshum has also won a free automatic entry in the RFC Global Series finale, scheduled to be held in Malaysia later this year.

The 4×4 Modified and 4×4 Stock categories also returned this year following their debut in 2025. Sarjerao Kawade and co-driver Rushikesh Patil won in the 4×4 Modified category, while Athul Thomas and co-driver Binil Babu took top honours in the 4×4 Stock category.

  1. 62 teams participated in RFC India this year
  2. Sarjerao Kawade, Rushikesh Patil win in 4×4 Modified category
  3. Athul Thomas, Binil Babu win in 4×4 Stock category

2026 Rainforest Challenge India winners

4×4 Extreme winners: Ujjal Namshum, Chethan Chengappa

RFC India 2026 4x4 Extreme winners

Held in Goa, Rainforest Challenge India is one of the toughest off-road competitions in the country. The event is held across a week and tests competitors on driving and vehicle recovery skills, physical and mental resilience, as well as team work under extreme off-road conditions. 62 teams participated in the 12th edition this year – 25 in 4×4 Extreme, 16 in 4×4 Modified and 21 in 4×4 Stock.

After a tough start, reigning champions Namshum and Chengappa (racing for team Manabhum Off-roader’s Club Arunachal) took the lead on Day 4. They scored a total of 2,253 out of 2,600 points to retain their title. “Defending our title is hard to put into words; there is struggle, frustration, even anger along the way, and then this joy at the end that makes it all worth it. Winning is the icing on the cake, but it’s really the process, the six days of racing, that we live for,” said Namshum.

“We set ourselves a personal target this year: a perfect day, a clean sweep of stage wins. We achieved that on Day 4 of the competition and that moment was as precious for us as this win.”
Early leaders Kranthi Kumar Vengala and co-driver Rajeev Lal (Team Hyderabad) had to settle for second place overall with 2,052 points. Viddesh Madgaonkar and Sahil Sadekar (Team 4×4 Addictz Goa) scored 1,962 points to complete the podium in third place. 

4×4 Modified winners: Sarjerao Kawade, Rushikesh Patil

RFC India 2026 4x4 Modified winners

Kawade and Patil returned to the 4×4 Modified category with a rebuilt vehicle. Racing for team Sahyadri Offroaders Pune, the duo maintained a consistent lead throughout the event to take class victory with 1,633 out of 2,000 points.

“Winning the Modified category at RFC India 2026 feels incredible, especially after the setbacks I faced this year. Last year, I didn’t fully understand how to strategise and give my best, but this year I prepared properly and came in with a clear plan. Even after a difficult first day with a breakdown, I knew I had to give 100% on the next track. The competition this year was extremely tough, with several strong participants pushing hard right until the end. To come out on top after all of that means everything to me,” said an elated Kawade. 

Shehinsha TP and Muhammed Nabeel (team KL10 Offroad Club) clinched second place with 1,572 points, followed by Gagan Karumbaiah and Bopanna Maleyanda (team Robusta) with 1,569 points.

4×4 Stock winners: Athul Thomas. Binil Babu

RFC India 2026 4x4 Stock winners

The 4×4 Stock category is reserved for near-factory spec vehicles. Team Killerbull’s Thomas and co-driver Babu overcame an early setback to top this category.

“Honestly, this win almost didn’t happen. I hadn’t even planned to be at RFC India this year; I was set to compete in an event in Coimbatore instead, and it was only after that got cancelled that I turned to RFC India. We made a mistake on the very first stage, and that put us on the back foot for the rest of the competition. But I told myself not to look at what anyone else was doing; just trust ourselves and focus entirely on the track in front of us. That’s what got us through,” Thomas shared. “Winning this category means everything, not just to me, but to my team, my mechanics and everyone back home in Kerala who’s been behind me.”

RFC India debutant Naku Hage Chada and co-driver Loda Punyo finished second in the category, scoring 1,173 points. Sabu Xavier and Halvin Appanna (team Jeepers of Bangalore) took the third spot with 1,144 points.
 

गोवा घूमने जा रहे हैं? पहले जान लें नए नियम, वरना देना पड़ सकता है ₹1 लाख जुर्माना

Goa Tourism: अगर आप इस सीजन गोवा के समुद्र तटों पर छुट्टियां बिताने या समुद्र किनारे पार्टी करने का प्लान बना रहे हैं, तो वहां जाने से पहले राज्य सरकार के नए नियमों को जान लेना बेहद जरूरी है। गोवा में समुद्र तट पर बिना अनुमति के पार्टी करने से लेकर अनधिकृत क्रूज टिकट विक्रेताओं से टिकट खरीदने जैसी गलतियां आपको भारी पड़ सकती हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर पर्यटकों और स्थानीय विक्रेताओं पर ₹5000 से लेकर ₹1 लाख तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है।

गोवा के पर्यटन विभाग के निदेशक केदार नायक द्वारा जारी एक ताजा अधिसूचना के तहत पर्यटन स्थलों पर की जाने वाली 19 आम गतिविधियों को दंडनीय न्यूसेंस (उपद्रव/असुविधा) की श्रेणी में रखा गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के बीचेज और पर्यटन स्थलों को संरक्षित करना है। इसके साथ ही पुलिस और पर्यटन अधिकारियों को अब शिकायत दर्ज होने का इंतजार किए बिना, मौके पर ही सीधे कार्रवाई करने का स्पष्ट अधिकार दे दिया गया है।

गोवा के पर्यटन स्थलों पर किन गतिविधियों पर लगी रोक?

पर्यटन विभाग द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, अगर आप गोवा जा रहे हैं तो आपको कई बातों का ख्याल रखना है-

बिना लाइसेंस की बीच पार्टियां या इवेंट्स: समुद्र तट की रेत पर बिना पूर्व अनुमति के साउंड स्पीकर लगाकर पार्टी करना या इवेंट आयोजित करना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।

अनाधिकृत गाइड या मसार की सेवाएं लेना: बीच पर घूम-घूम कर मालिश की पेशकश करने वाले अनवेरिफाइड मसार या बिना पंजीकरण वाले गाइडों की सेवाएं लेना आपको परेशानी में डाल सकता है। आदेश में अनधिकृत सेवाएं देने वाले मालिशियों, घुमंतुओं और फेरीवालों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया है।

अनऑफिशियल काउंटरों से क्रूज या वॉटर-स्पोर्ट्स टिकट खरीदना: सिर्फ सरकार से स्वीकृत और लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों से ही टिकट खरीदें। गैर-अनुमति वाले स्थानों से दलाली कर टिकट बेचना या खरीदना प्रतिबंधित है।

प्रतिबंधित जगहों पर शराब पीना और कांच की बोतलें फोड़ना: स्वीकृत क्षेत्रों के बाहर सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करना और बीचेज पर कांच की बोतलें तोड़कर या छोड़कर जाना अपराध घोषित किया गया है।

गैर-निर्धारित क्षेत्रों में खाना पकाना या गंदगी फैलाना: समुद्र तट पर अलाव जलाना या खुले में खाना पकाना अब केवल तय किए गए विशेष क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा। कहीं भी कचरा फेंकना सख्त मना है।

अवैध रिवर क्रूज और वॉटर स्पोर्ट्स: केवल पंजीकृत और अनुमति प्राप्त ऑपरेटरों की नौकाओं या वॉटर स्पोर्ट्स का ही इस्तेमाल करें।

रेत पर गाड़ियां चलाना और आपातकालीन वाहनों का रास्ता रोकना: बीचेज पर वाहन चलाने पर पाबंदी है। इसके अलावा लाइफगार्ड, आपातकालीन सेवा या बीच की सफाई करने वाली गाड़ियों के रास्ते में रुकावट डालना भी प्रतिबंधित है।

कचरा, सीवेज या तेल बहाना: समुद्र तटों के पास या रेत पर कचरा, सीवेज, रसायन या तेल बहाना पूरी तरह वर्जित है। यह नियम पर्यटकों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी समान रूप से लागू होता है।

नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना, हो सकती है कानूनी कार्रवाई

अगर कोई पर्यटक या व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर न्यूनतम ₹5000 से लेकर अधिकतम ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। सिर्फ आर्थिक दंड ही नहीं, बल्कि लोक सेवक के आदेश का पालन न करने के जुर्म में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत आपराधिक मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसलिए गोवा यात्रा के दौरान इन नए नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि आपकी छुट्टियां बिना किसी कानूनी अड़चन के सुरक्षित और सुखद रहें।

बारिश की बूंदे, समंदर की लहरे और एक लंबी सड़क! ये है भारत की सबसे खूबसूरत कोस्टल रोड ट्रिप्स

आपको लंबी ड्राइव, ठंडी हवाएं और समुद्र की लहरों का सुकून पसंद है, तो भारत की कोस्टल रोड ट्रिप्स (coastal road trip) आपके लिए परफेक्ट हैं। इन रास्तों पर सफर करते हुए एक तरफ नीला समंदर, दूसरी ओर हरियाली, पहाड़ और नारियल के पेड़ों का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। खासकर मानसून (monsoon) के मौसम में ये सड़कें और भी खूबसूरत हो जाती हैं। आप भी अपनी अगली छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं, तो कार या बाइक से इन सी-व्यू रोड ट्रिप्स (Sea-view road trips) का एक्सपीरियंस जरूर लें:

Goa to Gokarna (गोवा से गोकर्ण: सुकून और समुद्र का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)

The Ultimate Road Trip Guide To India: 6 Scenic Routes | Outlook Traveller

अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांति भरा सफर करना चाहते हैं, तो गोवा से गोकर्ण की रोड ट्रिप आपके लिए बेहतरीन रहेगी। इस पूरे रास्ते में कभी समुद्र की लहरें आपका साथ देती हैं तो कभी हरियाली से घिरे खूबसूरत नजारे मन मोह लेते हैं। बीच-बीच में छोटे-छोटे बीच (beache) और तटीय गांव (coastal village) मिलते हैं, जहां कुछ देर रुककर ताजा हवा का आनंद लिया जा सकता है। यह रूट उन लोगों के लिए खास है, जो ड्राइव के साथ प्रकृति का भरपूर मजा लेना चाहते हैं।

Chennai to Puducherry (चेन्नई से पुडुचेरी: समंदर के साथ दौड़ती शानदार सड़क)

Best Road Trips from Chennai by Car for a Perfect Getaway

चेन्नई से पुडुचेरी तक की ईस्ट कोस्ट रोड (East Coast Road) भारत की सबसे खूबसूरत सी-फेसिंग सड़कों में गिनी जाती है। कई जगह सड़क समुद्र के बिल्कुल पास से गुजरती है, जिससे पूरे रास्ते बंगाल की खाड़ी का शानदार नजारा दिखाई देता है। सुबह की हल्की धूप या शाम की ठंडी हवा में इस रूट पर ड्राइव (Driving) करना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है। रास्ते में कई बीच, कैफे और व्यू पॉइंट (viewpoints) भी मिलते हैं, जहां रुककर सफर को और यादगार बनाया जा सकता है।

Kochi to Kanyakumari (कोच्चि से कन्याकुमारी: हरियाली और समुद्र का खूबसूरत संगम)

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अगर आप प्रकृति के बीच लंबी ड्राइव का आनंद लेना चाहते हैं, तो कोच्चि से कन्याकुमारी का सफर जरूर करें। इस रूट पर नारियल के ऊंचे-ऊंचे पेड़, हरे-भरे नजारे और समुद्र का खूबसूरत दृश्य पूरे रास्ते आपका स्वागत करते हैं। जैसे-जैसे आप कन्याकुमारी के करीब पहुंचते हैं, समुद्र का नजारा (coastal scenery) और भी मनमोहक होता जाता है। यहां पहुंचकर सूर्योदय और सूर्यास्त देखना इस पूरी यात्रा की सबसे यादगार बात बन सकता है।

Mumbai to Goa (मुंबई से गोवा: हर मोड़ पर बदलता खूबसूरत नजारा)

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मुंबई से गोवा की रोड ट्रिप (road trip) देश की सबसे पसंदीदा ट्रिप में शामिल है। कोंकण तट (Konkan coast) से गुजरने वाला यह रास्ता हरे-भरे पहाड़ों, घुमावदार सड़कों, छोटे गांवों और समुद्र के खूबसूरत दृश्यों से भरपूर है। अगर आप बिना जल्दबाजी के सफर करें, तो रास्ते में आने वाले कई बीच, लोकल मार्केट और खाने-पीने की जगहों का भी आनंद ले सकते हैं। मानसून (monsoon) में यह रूट और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

Mangaluru to Goa (मंगलुरु से गोवा: शांत सफर और मनमोहक नजारे)

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मंगलुरु से गोवा तक की ड्राइव उन लोगों के लिए शानदार है, जिन्हें लंबा और शांत सफर पसंद है। इस रूट पर कई जगह सड़क के एक ओर समुद्र और दूसरी ओर हरियाली का नजारा देखने को मिलता है। रास्ते में छोटे-छोटे बीच, नारियल के पेड़ों से घिरे गांव और शांत माहौल सफर को खास बना देते हैं। अगर आप नेचर के बीच आरामदायक रोड ट्रिप (road trip) चाहते हैं, तो यह रूट आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

ये जरूरी बातें रखें ध्यान

8 Epic Monsoon Road Trips in India That Are Worth Every Mile

समुद्र किनारे रोड ट्रिप (coastal road trip) का मजा तभी आता है, जब सफर पूरी तरह सेफ हो। निकलने से पहले अपनी कार या बाइक के टायर, ब्रेक, इंजन ऑयल और सभी जरूरी दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें। मानसून (monsoon) के दौरान तटीय इलाकों की सड़कें (Coastal road) फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए वाहन धीरे और सावधानी से चलाएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और समुद्र किनारे बने खतरनाक जगहों पर वाहन रोकने से बचें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी रोड ट्रिप (road trip) को सेफ और यादगार दोनों बना सकती है।

E-Class is Mercedes’ bestseller in H1 2026; EQS SUV tops EV sales

E-Class is Mercedes’ bestseller in H1 2026; EQS SUV tops EV sales

Mercedes-Benz India has announced it achieved its best H1 (January to July) sales ever in 2026, with total sales of 9,768 units, marking a 9 percent increase over H1 2025. The manufacturer has also revealed it recorded its best-ever Q2 (April to June) sales of 4,238 units, a 10 percent growth over Q2 2025.

  1. Mercedes-AMG sales grew by 50 percent in H1 2026
  2. The top-end luxury portfolio grew by 20 percent
  3. EVs contributed to 25 percent of Mercedes’ top-end car sales 

Mercedes-Benz H1 2026 performance breakdown

‘Top-end Luxury’ segment saw a robust 20 percent growth

The EQS SUV was the best-selling Mercedes-Benz BEC in H1 2026.

Mercedes-Benz has stated that its ‘Top-end Luxury’ segment, comprising models like the V-Class, Mercedes-Maybach cars, EQS SUV and the AMG range, grew by over 20 percent. In fact, 28 percent of total Mercedes-Benz sales in H1 2026 were from this ‘Top-end Luxury’ segment. Among total sales in this segment in H1 2026, 25 percent were from EVs. These top-end BEV sales were driven by the EQS SUV, which was also the brand’s bestselling EV. In the more affordable ‘luxury entry segment’, however, the CLA Electric drove sales. Notably, the Mercedes-AMG sales surged by 50 percent in H1 2026.

Mercedes also revealed that the waiting period for cars in this segment ranges from 4 months to up to a year for models like the AMG G63 SUV. 

Mercedes-Benz’s ‘Core’ segment saw steady demand

CLA Electric, launched in April 2026, drove entry-level luxury segment growth. 

The ‘Core’ segment, comprising models like the C-Class, E-Class LWB, GLC and GLE, “significantly contributed to the sales performance in H1 2026 and in Q2 2026.” The manufacturer did not reveal sales numbers for this segment. Mercedes-Benz, however, claimed that “the Long Wheelbase E-Class continues to remain the highest-selling luxury car in India” and that they witnessed “a strong demand for the top-end E 450 variant.”

The ‘Entry Luxury’ segment witnessed 29 percent growth in Q2 2026, driven by the CLA Electric and the GLA.

A Rs 450 crore expansion plan over the next two years was underlined too

Mercedes-Benz has also underlined an investment of Rs 450 crores over the next two years as part of an expansion plan. Under this plan, the company plans to debut in new markets like Varanasi, while “strengthening its footprint in established markets of Mumbai, Pune, Delhi NCR, and Hyderabad during H2 2026.” Mercedes has added six new touchpoints in H1 2026 across Bengaluru, Bhopal, Raipur, Goa and Visakhapatnam.

सड़क हादसों में बढ़ोतरी के बाद गोवा सरकार अलर्ट, किराए पर मिलने वाली महिंद्रा थार के लिए नियम करेगा सख्त

Mahindra Thar Goa Ban: गोवा सरकार ‘रेंट-ए-कार’ सेगमेंट में महिंद्रा थार गाड़ियों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन SUV से जुड़े सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा कि यह प्रस्ताव स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सामने रखा जाएगा, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा।

मंत्री ने कहा, “हम दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं और हमने इसके कारणों और इन्हें रोकने के तरीकों पर चर्चा की है। जहां तक ​​थार गाड़ियों की बात है, हम किराए पर चलने वाली थार गाड़ियों के ऑपरेटरों को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने जा रहे हैं… यह मामला अगली STA बैठक में उठाया जाएगा और वे तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जानी है।”

गोडिन्हो ने कहा कि अगर कानूनी रूप से संभव होता तो सरकार किराए पर चलने वाली गाड़ियों के बेड़े से थार गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा देती। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में किराए की थार गाड़ियों के बढ़ते इस्तेमाल और खासकर पर्यटकों द्वारा चलाई जा रही गाड़ियों से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दो महीने में दो हादसे

बता दें कि मई में, उत्तरी गोवा में किराए की एक थार गाड़ी ने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि गाड़ी चलाने वाला पर्यटक कथित तौर पर शराब के नशे में था।

दूसरी घटना फरवरी में नॉर्थ गोवा में हुई। यहां पर भी किराए की एक ‘थार’ गाड़ी के कथित तौर पर टक्कर मारने से मध्य प्रदेश के एक 65 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई थी।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेंट पर कार देने वाली कंपनी की जांच करेगा

गोडिन्हो ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ‘रेंट-ए-कार’ ऑपरेटरों का ऑडिट भी करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे लाइसेंसिंग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसमें गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी शामिल होगी। इसके अलावा, अधिकारी किराए की गाड़ियों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और स्पीड गवर्नर की जांच और तेज करेंगे।

मंत्री ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पाए जाने वाले और जानलेवा सड़क हादसों में शामिल ड्राइवरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वाहन देने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि किराए पर चलने वाली कई गाड़ियों में अनिवार्य स्पीड गवर्नर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। जून से अब तक 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि ऑपरेटरों ने स्पीड लिमिट से बचने के लिए या तो डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर दिया या फिर छिपे हुए स्विच लगा दिए।

लगेगा 10 हजार का जुर्माना

विभाग ने कहा कि, नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे।

रोड सेफ्टी से जुड़ी एक और पहल में, गोडिन्हो ने कहा कि पूरे गोवा में 26 जगहों पर लगाए गए AI-पावर्ड ट्रैफिक कैमरे 15 जुलाई से ई-चालान जारी करना शुरू कर देंगे। तब तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के बजाय जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे, ताकि वे नए लागू सिस्टम से परिचित हो सकें।

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