Spinny partners with Nissan, MG and Tesla for exclusive benefits

Spinny partners with Nissan, MG and Tesla for exclusive benefits
Spinny

Spinny has expanded its partnerships with Nissan, JSW MG Motor and Tesla, covering new-car exchanges, pre-owned EVs and other vehicle ownership services. The tie-ups span different stages of the ownership cycle, including buying, selling, exchanging and upgrading vehicles.

  1. Nissan customers can get exchange benefits of up to Rs 75,000
  2. Tesla has appointed Spinny as a preferred exchange partner
  3. JSW MG Motor India partnership focuses on certified pre-owned EVs

Spinny operates across more than 80 cities with 57+ Car Hubs, 17 Spinny Parks and 15+ Integrated Restoration Centres, according to the company.

Nissan, Tesla exchange programmes

Under the Nissan partnership, customers buying a new Nissan can have their existing vehicle evaluated and exchanged through Spinny. The programme includes a 55-minute vehicle exchange process and benefits of up to Rs 75,000. A Spinny-issued Buying Letter is accepted as proof of exchange.

Tesla has appointed Spinny as a preferred exchange partner under its Switch and Save programme. The arrangement allows customers to sell an existing internal-combustion vehicle when buying a new Tesla.

Spinny expands pre-owned EV operations

The partnership with JSW MG Motor India focuses on the pre-owned EV market. It combines JSW MG Motor India’s electric-mobility expertise with Spinny’s vehicle evaluation, certification, refurbishment and retail capabilities.

The programme covers the MG Comet EV, MG Windsor EV and MG ZS EV. Customers buying certified pre-owned MG EVs through Spinny will receive a battery health assessment and certification, continuity of the OEM warranty and fixed pricing, along with Spinny’s inspection and refurbishment processes.

Spinny said its EV evaluation process also includes battery health assessment and certification for customers selling their electric vehicles. The service is currently available in Bengaluru, Chennai, Delhi NCR, Hyderabad, Kochi, Mumbai, Pune, Jaipur, Ahmedabad, Kolkata, Lucknow, Chandigarh and Coimbatore.

कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Hyderabad Building Collapse: 7 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 2 की मौत; नाले के पास हो रहा था निर्माण

Hyderabad Building Collapse: हैदराबाद के अंजैया नगर में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। हादसे में कम से कम दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। बता दें कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वह माधापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

हैदराबाद में गिरी इमारत: वीडियो में दिखा नुकसान का मंजर

खबरों के मुताबिक, गिरी हुई इमारत लगभग 50 वर्ग गज के प्लॉट पर बन रही थी और एक नाले के पास स्थित थी। निर्माण से जुड़ी परिस्थितियों ने बिल्डिंग और सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब अधिकारी यह जांच करेंगे कि इमारत के निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी ली गई थी या नहीं और निर्माण के दौरान नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

हैदराबाद में गिरी इमारत: नाले के पास बनी थी गिरी हुई इमारत

इस घटना में आस-पास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि व्हाइटफील्ड में पास के एक अपार्टमेंट पर गिरे इमारत के मलबे से उसे काफी नुकसान हुआ। एहतियात के तौर पर पास के एक हॉस्टल को भी खाली कराया गया।

फिलहाल, अधिकारी अभी तक इमारत गिरने की सही वजह का पता नहीं लगा पाए हैं। वहीं, हादसे में नुकसान कितना हुआ है और घटना के समय इमारत के अंदर कितने लोग हो सकते थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

एक विस्तृत जांच से यह भी पता चलने की उम्मीद है कि क्या इमारत के ढांचे में कमी, निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन या अन्य कारणों से यह हादसा हुआ।

बता दें कि हैदराबाद में निर्माण से जुड़ा यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है। मार्च 2026 में टोलिचौकी इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की स्कैफोल्डिंग (बांस-बल्लियों/लोहे के सहारे की संरचना) गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने पाया था कि इमारत को सिर्फ दो मंजिल बनाने की अनुमति मिली थी, लेकिन कथित तौर पर चार अतिरिक्त मंजिल और एक पेंटहाउस अवैध तरीके से बना दिया गया था। हादसे के वक्त मजदूर छठी मंजिल पर काम कर रहे थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 की एक और घटना में तेलंगाना के भद्राचलम में बन रही छह मंजिला इमारत की ऊपरी चार मंजिला ढह गईं। पुलिस ने बताया कि ये मंजिले गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई थीं और इमारत ढहने के बाद कम से कम दो मजदूरों की मौत की आशंका जताई गई।

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Global Assure Roadside Assistance: When every minute matters

Global Assure Roadside Assistance: When every minute matters
Global Assure 30 minute Service Assurance

A car breaking down is inconvenient at the best of times. But on a busy commute, during a road trip or when you’re already running late, the problem isn’t simply that the car has stopped moving. It’s everything that comes next: finding help, waiting for it to arrive and wondering how long you’ll be stranded.

That’s where roadside assistance can make a real difference. And with its 30-Minute Service Assurance, Global Assure is putting a sharper focus on one of the biggest pain points of a breakdown: the wait.

Response Time

A flat tyre or drained battery might be relatively straightforward to address, but being stuck on the roadside can quickly become stressful. Plans get disrupted, schedules slip, and every additional minute spent waiting adds to the frustration.

Global Assure RSA waiting for roadside assistance

Global Assure’s approach is built around reducing that uncertainty. Once roadside assistance is called, its own fleet of trained technicians is deployed, with the appropriate equipment to assess and address the problem. Its 30-Minute Service Assurance is supported by strengthened field operations, an expanded service footprint and real-time service tracking capabilities. The service is currently available in 15 cities including Delhi, Mumbai, Bengaluru, Chennai, Kolkata, Hyderabad, Jaipur, Lucknow, Vadodara, Ahmedabad, Indore, Pune, Surat, Dehradun, and Chandigarh.

30-Minute Service Assurance

The advantage of having dedicated technicians and service vehicles is that assistance isn’t simply about arranging a third party and hoping for the best. The aim is to get the right help to the vehicle and start resolving the problem as quickly as possible. Depending on the situation, this can include assistance for a flat tyre and drained battery, as well as fuel assistance, towing and vehicle recovery. Global Assure also offers support for EV-related breakdowns, recognising that the roadside assistance landscape needs to evolve alongside the changing vehicle market.

On Time, Everytime

Global Assure RSA jump start

The 30-Minute Service Assurance is ultimately about putting a tangible number against response time. For someone stranded at the roadside, knowing that help is expected within 30 minutes can make the experience considerably less uncertain. It also changes the role of roadside assistance. Rather than being something you think about only after a breakdown, it becomes part of the ownership experience. It’s like a safety net that is designed to help you get back on the move with minimal disruption.

Back On The Move

No roadside assistance can prevent a breakdown from happening. What it can do is reduce the impact when one happens. By combining its own trained technician fleet with a 30-minute service assurance, strengthened field operations, real-time service tracking and support across a range of common roadside emergencies, Global Assure is looking beyond simply fixing a stranded vehicle. The objective is to give motorists something just as valuable: their time back.

Meta CEO Mark Zuckerberg ने भारत से मांगी माफी, 5-6 घंटे तक Facebook से हटाया गया था PM Modi का वीडियो

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Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर Child Sexual Abuse Material (CSEAM) और Deepfake Content की उपलब्धता को लेकर माफी मांगी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, Zuckerberg ने Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों की मंत्रालय के साथ हुई बैठक के दौरान इस मामले पर खेद जताया।  Meta, Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी है।

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हटाया था PM Modi का वीडियो

Zuckerberg की यह माफी ऐसे समय में सामने आई है जब इससे पहले बुधवार को एक संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Facebook वीडियो को हटाए जाने के मामले में Meta प्रमुख को तीन दिन के भीतर माफी मांगने को कहा था। प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित करने वाला वीडियो कुछ समय के लिए Facebook से हटाए जाने पर समिति ने गंभीर नाराजगी जताई थी।

समिति ने चेतावनी दी थी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो Meta को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा यानी Safe Harbour protection वापस लेने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित मामलों में अभियोजन और FIR दर्ज होने का रास्ता खुल सकता है।

लोकसभा सचिवालय की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित करने वाला वीडियो Facebook से करीब 5-6 घंटे तक हटाया जाना समिति ने गंभीरता से लिया था। यह वीडियो परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री के संदेश से संबंधित था। समिति ने इस घटना को लेकर Meta से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग की थी।

मेटा की टीम को सरकार ने बुलाया था 

सरकार पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने से भी नाराज थी। मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। आईटी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच 2 दिन की बैठक चल रही है। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली बुलाया है। 5 अगस्त को बैठक का पहला दिन था।

मार्क जुकरबर्ग को दिया गया था 3 दिन का समय 

समिति की ओर से कहा गया था कि मेटा  प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को मामले में माफी मांगनी चाहिए। अगर निर्धारित समय में माफी नहीं आती है, तो समिति भारत में उपलब्ध कानूनी संरक्षण को वापस लेने की दिशा में कदम उठाने पर विचार कर सकती है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Safe Harbour protection इंटरनेट प्लेटफॉर्म को यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए कुछ कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, बशर्ते वे लागू नियमों और कानूनी दायित्वों का पालन करें।

क्यों महत्वपूर्ण हुआ मामला

प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट को हटाए जाने की घटना ने भारत में Big Tech platforms, content moderation और social media accountability को लेकर बहस को तेज कर दिया था।  Meta की ओर से पहले इस वीडियो को गलती से हटाए जाने की बात सामने आई थी और वीडियो बाद में बहाल कर दिया गया था।

 

Zuckerberg ने अधिकारियों के जरिए भेजी माफी

 

MeitY के सूत्रों के अनुसार, Mark Zuckerberg ने प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई गलतियों को लेकर शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से अपनी माफी पहुंचाई। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान Meta ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ खास तरह के कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया गया था। सूत्र के मुताबिक, Meta ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और इस पर अफसोस जताया। हालांकि, मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अभी सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।

CSEAM और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर भी सख्ती

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने उन intermediary platforms के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जहां CSEAM और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री उपलब्ध होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, समिति की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जो प्लेटफॉर्म खुद तय करते हैं कि किस यूजर को कौन-सा कंटेंट दिखाया जाएगा, उन्हें केवल intermediary की सामान्य परिभाषा के तहत सुरक्षा नहीं दी जा सकती। समिति ने कथित तौर पर कहा कि ऐसे मामलों में IT Act के तहत Safe Harbour protection लागू नहीं होगा।

Google India को लेकर भी समिति ने मांगी कार्रवाई

संसदीय समिति ने Google India से जुड़े एक कथित साइबर फ्रॉड मामले का भी उल्लेख किया है। समिति के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फर्जी ऐप्स के माध्यम से निवेश करने पर उन्हें 48 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। पत्र में कहा गया कि Hyderabad Cyber Police की कार्रवाई में Google India के प्रमुख को कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले में सह-आरोपी के तौर पर शामिल किए जाने की बात सामने आई है। समिति ने इस मामले में भी भारत सरकार से Google India के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई करने की इच्छा जताई है।

2026 Rainforest Challenge India: Ujjal Namshum, Chethan Chengappa defend title

RFC India 2026 winners Ujjal Namshum, Chethan Chengappa

Ujjal Namshum and co-driver Chethan Chengappa have won this year’s Rainforest Challenge India (RFC India) in the headlining 4×4 Extreme category. This marks their second consecutive win in the off-road event. As the top 4×4 Extreme driver, Namshum has also won a free automatic entry in the RFC Global Series finale, scheduled to be held in Malaysia later this year.

The 4×4 Modified and 4×4 Stock categories also returned this year following their debut in 2025. Sarjerao Kawade and co-driver Rushikesh Patil won in the 4×4 Modified category, while Athul Thomas and co-driver Binil Babu took top honours in the 4×4 Stock category.

  1. 62 teams participated in RFC India this year
  2. Sarjerao Kawade, Rushikesh Patil win in 4×4 Modified category
  3. Athul Thomas, Binil Babu win in 4×4 Stock category

2026 Rainforest Challenge India winners

4×4 Extreme winners: Ujjal Namshum, Chethan Chengappa

RFC India 2026 4x4 Extreme winners

Held in Goa, Rainforest Challenge India is one of the toughest off-road competitions in the country. The event is held across a week and tests competitors on driving and vehicle recovery skills, physical and mental resilience, as well as team work under extreme off-road conditions. 62 teams participated in the 12th edition this year – 25 in 4×4 Extreme, 16 in 4×4 Modified and 21 in 4×4 Stock.

After a tough start, reigning champions Namshum and Chengappa (racing for team Manabhum Off-roader’s Club Arunachal) took the lead on Day 4. They scored a total of 2,253 out of 2,600 points to retain their title. “Defending our title is hard to put into words; there is struggle, frustration, even anger along the way, and then this joy at the end that makes it all worth it. Winning is the icing on the cake, but it’s really the process, the six days of racing, that we live for,” said Namshum.

“We set ourselves a personal target this year: a perfect day, a clean sweep of stage wins. We achieved that on Day 4 of the competition and that moment was as precious for us as this win.”
Early leaders Kranthi Kumar Vengala and co-driver Rajeev Lal (Team Hyderabad) had to settle for second place overall with 2,052 points. Viddesh Madgaonkar and Sahil Sadekar (Team 4×4 Addictz Goa) scored 1,962 points to complete the podium in third place. 

4×4 Modified winners: Sarjerao Kawade, Rushikesh Patil

RFC India 2026 4x4 Modified winners

Kawade and Patil returned to the 4×4 Modified category with a rebuilt vehicle. Racing for team Sahyadri Offroaders Pune, the duo maintained a consistent lead throughout the event to take class victory with 1,633 out of 2,000 points.

“Winning the Modified category at RFC India 2026 feels incredible, especially after the setbacks I faced this year. Last year, I didn’t fully understand how to strategise and give my best, but this year I prepared properly and came in with a clear plan. Even after a difficult first day with a breakdown, I knew I had to give 100% on the next track. The competition this year was extremely tough, with several strong participants pushing hard right until the end. To come out on top after all of that means everything to me,” said an elated Kawade. 

Shehinsha TP and Muhammed Nabeel (team KL10 Offroad Club) clinched second place with 1,572 points, followed by Gagan Karumbaiah and Bopanna Maleyanda (team Robusta) with 1,569 points.

4×4 Stock winners: Athul Thomas. Binil Babu

RFC India 2026 4x4 Stock winners

The 4×4 Stock category is reserved for near-factory spec vehicles. Team Killerbull’s Thomas and co-driver Babu overcame an early setback to top this category.

“Honestly, this win almost didn’t happen. I hadn’t even planned to be at RFC India this year; I was set to compete in an event in Coimbatore instead, and it was only after that got cancelled that I turned to RFC India. We made a mistake on the very first stage, and that put us on the back foot for the rest of the competition. But I told myself not to look at what anyone else was doing; just trust ourselves and focus entirely on the track in front of us. That’s what got us through,” Thomas shared. “Winning this category means everything, not just to me, but to my team, my mechanics and everyone back home in Kerala who’s been behind me.”

RFC India debutant Naku Hage Chada and co-driver Loda Punyo finished second in the category, scoring 1,173 points. Sabu Xavier and Halvin Appanna (team Jeepers of Bangalore) took the third spot with 1,144 points.
 

L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

L&T Q1 Results: देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने जून 2026 तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14% बढ़कर 4,123 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,617 करोड़ रुपये था। यह बाजार के अनुमान से भी बेहतर रहा। वहीं, कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6.7% बढ़कर 67,942 करोड़ रुपये पहुंच गई।

L&T की ऑर्डर बुक

इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कंपनी L&T को जून तिमाही में 1,08,014 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। यह पिछले साल के मुकाबले 14% ज्यादा है। कंपनी को रिहायशी और कमर्शियल बिल्डिंग, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑफशोर विंड, हेवी इंजीनियरिंग और मेटल सेक्टर से बड़े ऑर्डर मिले।

कंपनी की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 7,78,954 करोड़ रुपये हो गई। इसमें अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर की हिस्सेदारी 52% है। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल रेवेन्यू में 51% योगदान विदेशी कारोबार का रहा।

मार्जिन पर दबाव

तिमाही में L&T का EBITDA 3.2% घटकर 6,116 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 9.9% से घटकर 9% पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बेहतर रहा।

ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग से मजबूती

L&T के ग्रीन एनर्जी बिजनेस को तिमाही में 33,042 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। यह पिछले साल से 58% ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट रहे। हालांकि, सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते इस सेगमेंट की रेवेन्यू 11% घट गई।

वहीं, मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रोडक्ट्स कारोबार में ऑर्डर इनफ्लो 74% बढ़कर 5,535 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिफाइनरी इक्विपमेंट से जुड़े बड़े ऑर्डर मिलने का फायदा कंपनी को मिला।

टेक और फाइनेंस ने भी दिखाया दम

L&T के टेक्नोलॉजी, प्लेटफॉर्म्स एंड सर्विसेज कारोबार की रेवेन्यू 15% बढ़कर 14,627 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस की ऑपरेशनल इनकम 27% बढ़कर 5,042 करोड़ रुपये रही। इस दौरान कंपनी का कुल लोन बुक 1,29,634 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

रियल्टी कारोबार में भी तेजी

L&T के रियल्टी बिजनेस में नए प्रोजेक्ट्स की अच्छी बुकिंग हुई। ऑर्डर इनफ्लो 32% बढ़कर 1,299 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1,009 करोड़ रुपये पहुंच गई।

चेयरमैन ने क्या कहा?

L&T के चेयरमैन और MD एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अलग-अलग सेक्टर और बाजारों पर फोकस बनाए रखा। उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस तिमाही में Nabha Power की हिस्सेदारी बेचने का काम पूरा किया है। साथ ही, Hyderabad Metro में अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने के लिए भी समझौता किया है। इससे कंपनी अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

L&T के शेयर

L&T के शेयर मंगलवार को 0.63% की बढ़त के साथ 3,830 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 11.92% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल में इससे निवेशकों को 139.16% का मुनाफा हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 5.27 लाख करोड़ रुपये है।

Tata Capital Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1547 करोड़ का मुनाफा, गोल्ड लोन कारोबार में भी एंट्री

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत में प्रॉपर्टी खरीदने की होड़ शुरू! इन शहरों में निवेश से मिलेगा बम्पर रिटर्न

अब्रॉड में रहने वाले इंडियन (NRI) अब भारत में घर और प्रॉपर्टी (property) खरीदने में पहले से ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अच्छी कमाई, बेहतर रिटर्न (returns) और भारत के रियल एस्टेट बाजार (real estate market) में बढ़ते भरोसे की वजह से वे बड़े शहरों में तेजी से इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं, इन शहरों में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं NRI:

Delhi-NCR (दिल्ली-एनसीआर)

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दिल्ली-एनसीआर, खासकर गुरुग्राम (Bengaluru), NRI इंवेटर्स की पसंदीदा जगहों में शामिल है। यहां लग्जरी प्रोजेक्ट्स, अच्छी सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी (metro connectivity), बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस (corporate office) और तेजी से डेवलप हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि यहां इन्वेस्टमेंट करने पर अच्छे रिटर्न (return) की उम्मीद रहती है।

 

Bengaluru (बेंगलुरु)

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बेंगलुरु को भारत की IT केपिटल कहा जाता है। यहां देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां (tech companies) मौजूद हैं, जिससे नौकरी के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। बढ़ती आबादी और किराये के घरों की मांग के कारण NRI इस शहर को लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा ऑप्शन मानते हैं।

 

Hyderabad (हैदराबाद)

 

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हैदराबाद तेजी से आगे बढ़ता हुआ रियल एस्टेट (real estate) बाजार है। यहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी सेक्टर (IT sector) का विस्तार और दूसरे बड़े शहरों की तुलना में किफायती प्रॉपर्टी कीमतें इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करती हैं। यही कारण है कि हाल के वर्षों में NRI का रुझान इस शहर की ओर तेजी से बढ़ा है।

 

Mumbai (मुंबई)

 

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मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ NRI इन्वेस्टर्स की सबसे पसंदीदा रियल एस्टेट मार्केट भी है। यहां लग्जरी अपार्टमेंट, प्रीमियम प्रोजेक्ट्स और ऊंची प्रॉपर्टी वैल्यू (property value) इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करती है। 2024 में भारतीय रियल एस्टेट के प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट का लगभग 50% हिस्सा मुंबई को मिला, जिससे इसकी पॉपुलैरिटी और मजबूत हुई।

 

अच्छे रिटर्न (Good Returns) की उम्मीद

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भारत के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में NRI मानते हैं कि आज किया गया इन्वेस्टमेंट आने वाले वर्षों में अच्छा प्रॉफिट दे सकता है। इसी वजह से वे रियल एस्टेट को सिक्योर और फायदेमंद इन्वेस्टमेंट मानते हैं।

 

किराये से कमाई (Rental Income) का मौका

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कई NRI भारत में घर खरीदकर उसे किराये पर दे देते हैं। इससे उन्हें हर महीने रेगुलर इनकम होती है और साथ ही समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत (property’s value) बढ़ने का भी फायदा मिलता है।

 

निवेश (Investment) करना हुआ आसान

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सरकार ने NRI के लिए प्रॉपर्टी खरीदने की प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान बना दी है। डिजिटल बैंकिंग (digital banking), ऑनलाइन डॉक्यूमेंटेशन (documentation) और सिंपल रेगुलेशन की वजह से अब विदेश में रहकर भी भारत में इन्वेस्टमेंट करना आसान हो गया है।

 

परिवार (Family) और भविष्य (Future) की जरूरत

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कई NRI अपने माता-पिता या परिवार के रहने के लिए भारत में घर खरीदते हैं। वहीं कुछ लोग रिटायरमेंट (retirement) के बाद भारत लौटने की प्लानिंग बनाकर पहले से ही प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं।

23 साल के BBA ग्रेजुएट ने नौकरी छोड़ चुना स्टार्टअप का रास्ता, डेढ़ साल में खड़ी कर दी 20 करोड़ की कंपनी

सफलता हासिल करने के लिए हमेशा लंबा अनुभव जरूरी नहीं होता, कई बार एक मजबूत सोच और सही दिशा भी कम उम्र में बड़ी उपलब्धि दिला सकती है। तेलंगाना के युवा साईतेजा गोपिशेट्टी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया। BBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पारंपरिक नौकरी के रास्ते के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। कृषि क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने Luminara Legacy नाम से स्टार्टअप शुरू किया, जो किसानों को बेहतर बीज, कृषि उत्पाद और खेती से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने पर काम करता है।

खास बात यह है कि शुरुआत के महज डेढ़ साल में ही उनकी कंपनी ने करोड़ों रुपये की वैल्यूएशन हासिल कर ली। साईतेजा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो नए आइडिया के साथ अपना रास्ता खुद बनाना चाहते हैं।

कृषि क्षेत्र में उतरे साईतेजा, शुरू किया Luminara Legacy

साईतेजा गोपिशेट्टी Saiteja Gopishetty ने Luminara Legacy Pvt. Ltd. की शुरुआत की। यह एग्रीकल्चर स्टार्टअप किसानों को बेहतर बीज, कीटनाशक, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और खेती से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने पर काम करता है। उनका लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर उत्पादों के जरिए ज्यादा उत्पादन हासिल करने में मदद करना है।

23 की उम्र में ₹20 करोड़ का सफर

सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, साईतेजा ने ग्रेजुएशन के करीब डेढ़ साल बाद अपनी कंपनी को ₹20 करोड़ के स्तर तक पहुंचा दिया। उनकी कंपनी अब 2028 तक ₹100 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

छोटी उम्र, बड़ा विजन

साईतेजा की कहानी यह दिखाती है कि सफलता सिर्फ उम्र या अनुभव पर निर्भर नहीं करती। सही सोच, मेहनत और किसी समस्या का समाधान देने वाला आइडिया किसी भी युवा को आगे बढ़ा सकता है। कृषि जैसे क्षेत्र में उतरकर उन्होंने यह साबित किया कि नए विचारों और तकनीक के जरिए पारंपरिक सेक्टर में भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

साईतेजा की उपलब्धि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। कई यूजर्स ने उनकी मेहनत और बिजनेस सोच की तारीफ की। लोगों का कहना है कि कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना और किसानों से जुड़े क्षेत्र में काम करना प्रेरणादायक है।

एक यूजर ने लिखा कि 23 साल की उम्र में ₹20 करोड़ की कंपनी बनाना दिखाता है कि जब विजन और मेहनत साथ आते हैं तो बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। वहीं अन्य यूजर्स ने उनके भविष्य के लक्ष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

किसानों की समस्या को बनाया बिजनेस का आधार

साईतेजा की सफलता का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने सिर्फ कंपनी बनाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि खेती से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान देने की कोशिश की। यही सोच उनके स्टार्टअप को अलग पहचान दिला रही है।

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