आलीशान घर, शानदार लोकेशन, स्विमिंग पूल और प्राइवेट गार्डन लग्जरी घर खरीदते समय लोग आमतौर पर इन्हीं सुविधाओं पर ध्यान देते हैं। लेकिन हैदराबाद में कुछ लग्जरी होमबायर्स की प्राथमिकताएं अब कुछ अलग नजर आ रही हैं। वे घर पसंद करने से पहले यह भी जानना चाहते हैं कि आसपास किसी बड़े नेता का घर तो नहीं है। वजह घर की कीमत या सुविधाएं नहीं, बल्कि शांति, निजता और रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली संभावित परेशानियां हैं। हैदराबाद के एक रियल एस्टेट कारोबारी की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस दिलचस्प ट्रेंड को चर्चा में ला दिया है।
विला खरीदने पहुंचे ग्राहक ने सबसे पहले पूछा ये सवाल
हैदराबाद के रियल एस्टेट कारोबारी सतीश रेड्डी ने 19 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक प्रीमियम विला प्रोजेक्ट में ग्राहक के साथ जाने पर उन्हें एक दिलचस्प सवाल सुनने को मिला। रेड्डी के मुताबिक, ग्राहक ने सेल्स हेड से सबसे पहले पूछा, “ई विलास लो पेद्दा पॉलिटिशियंस एवरु तीस्कोलेदु कदा?” यानी इन विला में किसी बड़े नेता ने तो घर नहीं खरीदा है?
लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान इस तरह का सवाल आमतौर पर सुनने को नहीं मिलता। लेकिन रेड्डी के मुताबिक, यह कोई पहला मौका नहीं था, जब किसी ग्राहक ने आसपास रहने वाले लोगों और उनके प्रभाव के बारे में ऐसी चिंता जताई हो।
बड़े नेताओं के आसपास घर होने से क्या हो सकती है परेशानी?
रेड्डी ने अपनी पोस्ट में बताया कि किसी प्रमुख राजनीतिक हस्ती के आसपास रहने पर कुछ परिस्थितियों में आम निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। किसी खास घर पर लोगों की आवाजाही बढ़ना, आगंतुकों की भीड़ जुटना और आसपास हलचल बने रहना ऐसी संभावित परेशानियां हैं।
उन्होंने जन्मदिन या अन्य अवसरों पर राजनीतिक समर्थकों की ओर से लगाए जाने वाले बड़े-बड़े बैनरों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, कुछ आवासीय परिसरों में ऐसे बैनर कई दिनों तक लगे रह सकते हैं और कभी-कभी लंबे समय तक भी दिखाई देते हैं।
रेड्डी ने इस संदर्भ में हैदराबाद के NCC Urban One का उदाहरण दिया। हालांकि, ये अनुभव और टिप्पणियां उनकी पोस्ट पर आधारित हैं, न कि सभी आवासीय परिसरों की स्थिति का प्रमाण।
Last evening, I was with a client at a premium villa project, and the first question he asked the sales head was:
“Ee villas lo pedda politicians evvaru teesukoledu kada” (No big politicians have bought villas here, right?)
Apart from occasional bursts of visitors and the regular high volume of visitors at certain homes, residents also have to deal with ugly banners put up by sycophants at the entrance and sometimes all along the lanes on birthdays and other occasions.
At some places, like NCC Urban One, these banners remain for days or even most part of the year too.
This is increasingly becoming an important factor for homebuyers looking for privacy, peace and exclusivity.
And this isn’t the first time I’ve heard this. Someone who moved from a community in Financial district to another villa community in Gandipet told me the same thing.
— Satish Reddy | Hyderabad Real Estate & Infra (@HydREGuide) October 19, 2026
फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट से गांडीपेट तक सामने आई ऐसी चिंता
रेड्डी ने बताया कि उन्हें पहले भी ऐसा अनुभव सुनने को मिला था। उनके अनुसार, हैदराबाद के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट स्थित एक आवासीय समुदाय से गांडीपेट के दूसरे विला समुदाय में शिफ्ट हुए एक व्यक्ति ने भी इसी तरह की चिंता जाहिर की थी।
यह उदाहरण दिखाता है कि प्रीमियम घर खरीदने या बदलने के दौरान कुछ लोगों के लिए सिर्फ प्रॉपर्टी की खूबसूरती और सुविधाएं ही अहम नहीं हैं। वे यह भी देखना चाहते हैं कि वहां रहने के बाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कितनी शांत और निजी रहेगी।
लग्जरी घर का मतलब सिर्फ महंगी प्रॉपर्टी नहीं
सतीश रेड्डी की पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी चर्चा की। कुछ लोगों ने माना कि घर के आसपास का माहौल, लोगों की आवाजाही और निजता किसी प्रॉपर्टी को चुनने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
दरअसल, महंगा घर खरीदने वाले कई लोगों के लिए लग्जरी का मतलब केवल बड़ा घर या शानदार सुविधाएं नहीं, बल्कि सुकून से रह पाना भी है। हैदराबाद में सामने आया यह मामला इसी बदलती सोच की ओर इशारा करता है, जहां घर खरीदने से पहले लोग सिर्फ यह नहीं पूछ रहे कि प्रॉपर्टी कितनी शानदार है, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि वहां उनकी निजी जिंदगी कितनी प्रभावित हो सकती है।
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