कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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Kolkata Durga Puja Stampede: ‘पंडाल गिर जाएगा’, माइक पर हुई अनाउंसमेंट और फिर मच गई भगदड़! कोलकाता हादसे में 19 की मौत

शनिवार शाम को कोलकाता नॉर्थ में दुर्गा पूजा के एक पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें ज्यादातर पूजा आयोजन समिति से जुड़े हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि पंडाल गिरने की आशंका को लेकर की गई घोषणा के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। जिससे बाद ये दर्दनाक हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

कब हुआ हादसा

कोलकाता के मशहूर दुर्गा पूजा स्थल चोर बागान में शनिवार शाम करीब 7:30 बजे यह हादसा हुआ। बारिश के कारण एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। पुलिस के अनुसार, पंडाल के अंदर लोगों को वहां से निकलने की चेतावनी देने वाला ऐलान किया गया, जिसके बाद भीड़ में डर फैल गया। इसके चलते लोग जल्दबाजी में बाहर निकलने लगे और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़भाड़ वाले इलाके में मची अफरा-तफरी के कारण कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

किया गया ये अनाउंसमेंट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पंडाल के अंदर अनाउंसमेंट किया गया था, जिसमें कहा गया, “पंडाल की हालत बहुत खराब है। यह गिर सकता है, इसलिए कृपया यहां से चले जाएं।” शनिवार देर रात पत्रकारों से बातचीत के दौरान अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आयोजकों की ओर से की गई इस घोषणा के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई और कई लोगों की जान चली गई।

फिसलकर गिरने लगे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल की ओर जाने वाली संकरी गली में इकट्ठा हो गए थे। पंडाल के अंदर मौजूद लोग तेज बारिश के कारण बाहर नहीं निकलना चाहते थे, जबकि दूसरी ओर प्रवेश और निकास के रास्तों से लगातार लोग अंदर आ रहे थे। इसी दौरान गीली जमीन पर कई लोग फिसलकर गिरने लगे और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिर पड़े। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कोलकाता के पुराने दुर्गा पूजा स्थलों में शामिल चोर बागान, हावड़ा ब्रिज से दो किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। हादसे के बाद यहां का पंडाल बंद कर दिया गया। इसके अलावा, भीड़ को देखते हुए चेतला अग्रणी और ताला प्रतोय के पंडाल भी बंद करा दिए गए।

SIT करेगी जांच

पुलिस ने हादसे की जांच के लिए पंडाल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 110 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया कि पूजा समिति ने कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम से जरूरी मंजूरी ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) बनाया जाएगा, जो हादसे के कारणों का पता लगाएगा और यह जांच करेगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान अगर किसी की भी लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें क्लब के स्वयंसेवक, अस्थायी होमगार्ड, पुलिसकर्मी और क्लब की ओर से तैनात की गई सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से संबंधित लोगों की पहचान की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।

Kolkata Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन! आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार, अमित शाह ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल, 19 की मौत

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।”

अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया

कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे मची अफरा-तफरी?

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

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उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

MP incident: ग्वालियर में आधी रात को मौत बनकर दौड़ा बेकाबू ट्रक, शीतला माता मंदिर के पास 13 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत,कई घायल

Gwalior incident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में रविवार (18 अक्टूबर) तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। जबकि 40 अन्य घायल हो गए। हादसा शीतला माता मंदिर के पास उस समय हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान धान से लदा एक बेकाबू ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए श्रद्धालुओं के बीच जा घुसा और करीब 50 से अधिक लोगों को कुचल दिया। इसके बाद ट्रक मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से टकरा गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

रात करीब 1:30 बजे हुआ हादसा

हमारे सहयोगी न्यूज 18 के मुताबिक, यह दर्दनाक दुर्घटना रविवार तड़के करीब 1:30 बजे हुई। ट्रक छिनोर की तरफ से आ रहा था और उसमें धान लदा हुआ था। बताया जा रहा है कि सड़क के एक ढलान वाले हिस्से पर ट्रक चालक वाहन पर कंट्रोल खो बैठा। इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी।

ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह के मुताबिक, ट्रक पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ा और अचानक अनियंत्रित होकर नीचे की ओर आ गया। रास्ते पर मौजूद श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। इसके बाद ट्रक मंदिर के बाहरी गेट और दीवार से टकरा गया।

40 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, 13 की मौत

हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद कुल 40 से अधिक लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 13 की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, पांच से छह घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। कुछ लोगों को फ्रैक्चर समेत गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य घायलों का भी उपचार जारी है। हादसे में मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

नवरात्रि के दौरान लगाई गई थी बैरिकेडिंग

ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और अन्य वाहनों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क पर पुलिस चेकपॉइंट और बैरियर लगाए गए थे। इसके बावजूद प्रतिबंधित रास्ते पर ट्रक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। कलेक्टर के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वाहन बैरिकेडिंग पार करके अंदर कैसे आया और किस वजह से अनियंत्रित हुआ।

ट्रक की तकनीकी जांच के निर्देश

हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम को ट्रक की तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या दुर्घटना के पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। कलेक्टर ने बताया कि घायलों की स्थिति का आकलन करने के लिए अस्पताल में मेडिकल टीमें सीटी स्कैन और एक्स-रे कर रही हैं। इन जांचों के आधार पर आगे का इलाज तय किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल

हादसे में घायल हुए एक व्यक्ति के भाई ने बताया कि दुर्घटना अचानक हुई। ट्रक काफी तेज रफ्तार से लोगों की ओर आया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ट्रक जरूरत से ज्यादा लदा हुआ दिखाई दे रहा था। उसने मंदिर के पास टकराने से पहले सड़क किनारे की कुछ दुकानों तथा लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसा रात करीब एक बजे हुआ। उसने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। उसके भाई को भी चोटें आई हैं। उसने कहा कि दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था।

जांच में जुटा प्रशासन

फिलहाल, ग्वालियर प्रशासन और पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच के प्रमुख पॉइंट में प्रतिबंधित सड़क पर ट्रक की एंट्री, बैरिकेडिंग पार करने की परिस्थितियां और वाहन के अनियंत्रित होने की वजह शामिल हैं। इस हादसे ने नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता में स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश के बीच अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए। गिरिश पार्क थाना क्षेत्र स्थित सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर अचानक भगदड़ मच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

शाम करीब 7:40 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे हुई। उस समय दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पंडाल के एग्जिट गेट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बताया जा रहा है कि बाहर निकलने के रास्ते पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हालात बिगड़े। हालांकि, भगदड़ के पीछे की परिस्थितियों और घटना के सटीक कारणों को लेकर डिटेल्स जानकारी का इंतजार है।

कैसे मची भगदड़?

घटना का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तर कोलकाता के चोरबागान में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों की एक घोषणा के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक भीड़ बढ़ गई, जिससे यह दुखद हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पूजा आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा के कारण यह घटना हुई।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजित करने वाले क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार पंडाल परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण पंडाल में एंट्री के लिए इंतजार कर रहे लोगों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, बारिश शुरू होते ही पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ी। इस दौरान कुछ लोग सड़क पर गिर गए, जिससे भगदड़ मच गई। प्रशासन ने घटना के बाद भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है। कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं।

सीएम ने कहा कि यह घटना कुछ हद तक बारिश के कारण हुई। पूजा समिति द्वारा अंदर की गई व्यवस्थाओं में भी कुछ कमियां थीं। कोलकाता पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है। जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि हम कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति (फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी) बनाएंगे। फिर सरकार उसकी सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करेगी।

अमित शाह पहुंचे कोलकाता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार शाम को कोलकाता पहुंचे थे। उनका रविवार को दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करने का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना के मद्देनजर वह अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर रहे हैं। आज वह हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करेंगे। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है।

सीएम अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने भी सरकारी अस्पताल का दौरा किया। चोरबागान दुर्गा पूजा हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह पूजा चित्तरंजन एवेन्यू से सटी एक संकरी सड़क पर आयोजित की जाती है।

हादसे के बाद बंद किया गया पूजा पंडाल

भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया। मौके पर पुलिस और इमरजेंसी टीमें तैनात रहीं। अधिकारी घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने और स्थिति का आकलन करने में लगे हैं।

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भारी भीड़ बनी हादसे की वजह?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पंडाल के एग्जिट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होना भगदड़ की प्रमुख वजह रही। भीड़ के अचानक बढ़े दबाव के कारण लोग अफरा-तफरी में फंस गए। हालांकि, घटना के सटीक कारणों और सुरक्षा इंतजामों की भूमिका को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आनी बाकी है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, भीड़ को नियंत्रित करने और घटना से संबंधित तथ्यों को जुटाने पर है। इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ मैनेजमेंट और सुरक्षित निकास व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।