NEET paper leak: सीआईएसएफ के पहरे में रहेगा एनटीए का नई दिल्ली ऑफिस, 2 से 3 महीने में पूरा होगा सुरक्षा का बंदोबस्त

NEET paper leak: नीट यूजी, यूजीसी नेट और महाराष्ट्र टीईटी के प्रश्नपत्र लीक का खुलासा होने के बाद चौरतरफा दबाव झेल रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। परीक्षा एजेंसी के नई दिल्ली ऑफिस की सुरक्षा व्यवस्था अब केंद्रीय सुरक्षा बलों के हाथ में होगी। एनटीए के उस हिस्से की पहरेदारी अब सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के करेगी, जहां गोपनीय एग्जामिनेशन मटीरियल को स्टोर किया जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि यह तैनाती अगले दो से तीन महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। यह कदम नीट यूजी पेपर लीक विवाद और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई दूसरे मामलों के बाद उठाया गया है। एनटीए ने अपनी सभी संवेदनशील गतिविधियां मिंटो रोड पर भारत सरकार की प्रेस बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दी है।

एनटीए ऑफिस में सुरक्षा के उपाय

मिंटो रोड स्थित एनटीए के नए ऑफिस पर 39 सीआईएसएफ कर्मी होंगे जो प्रवेश नियंत्रण, जांच और तलाशी के लिए जिम्मेदार होंगे। सुरक्षा जांच में एक्स-रे बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी शामिल होंगे, जबकि कॉन्फिडेंशियल एरिया के अंदर आने-जाने पर कड़ी नजर रखी जाएगी। एनटीए कड़े एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन, टैम्पर-एविडेंट स्टोरेज और इम्यूटेबल लॉग के जरिए अपनी डिजिटल सुरक्षा को भी मजबूत कर रहा है। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेशियल रिकग्निशन, सीसीटीवी और लाइव मॉनिटरिंग को भी मजबूत किया जा रहा है।

प्रश्नपत्रों की सख्त जांच के लिए बनी व्यवस्था

एजेंसी ने एक चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) की पोस्ट बनाई है और इंडिपेंडेंट साइबर-सिक्योरिटी ऑडिट कर रही है। सरकार ने चार-लेवल का क्वेश्चन-पेपर चेकिंग सिस्टम भी शुरू किया है और एनटीए की विशेषज्ञ और प्रशासनिक टीमों को मजबूत किया है।

कई पेपर लीक बने फैसले की वजह

यह फैसला 2026 में नीट यूजी पेपर लीक मामले के बाद आया है। सीबीआई ने 3 मई के परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के कथित सर्कुलेशन को लेकर केस दर्ज किया था। एजेंसी ने तब से गिरफ्तारियां की हैं और केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर के कथित लीक की जांच की है। सीबीआई के मुताबिक, प्रश्नपत्र तक पहुंच रखने वाले एक केमिस्ट्री प्रवक्ता ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर कोचिंग सेशन किए थे। जांच करने वालों ने कहा कि इन सत्र के दौरान, जिन सवालों और जवाबों पर चर्चा हुई वे परीक्षा में आए नीट यूजी पेपर से मेल खाते थे। यूजीसी नेट और महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) समेत दूसरी परीक्षाओं में भी पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं, जहां हाल ही में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था।

Tamil Nadu gold ring scheme: तमिलनाडु में आज से शुरू हो रही है गोल्ड रिंग स्कीम, सरकारी अस्पताल में जन्मे नवजात को मिलेगी 22 कैरट की अंगूठी

Tamil Nadu gold ring scheme: तमिलनाडु में आज से शुरू हो रही है गोल्ड रिंग स्कीम, सरकारी अस्पताल में जन्मे नवजात को मिलेगी 22 कैरट की अंगूठी

Tamil Nadu gold ring scheme: तमिलनाडु में आज से बहुत खास सरकारी योजना लॉन्च होने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय आज, सोमवार, 28 सितंबर, को थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम लॉन्च करेंगे। यह राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना है, जिसके तहत राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले योग्य बच्चों को एक ग्राम, 22 कैरेट सोने की अंगूठी देगी। यह स्कीम मदुरै के सरकारी राजाजी हॉस्पिटल में लॉन्च की जाएगी, जहां विजय 25 नए जन्मे बच्चों को सोने की अंगूठियां देंगे। सीएम विजय मैटरनिटी वॉर्ड में आज जन्मे बच्चों को खुद अंगूठियां दे सकते हैं।

कौन योग्य है?

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस स्कीम के तहत सोने की अंगूठी उन शिशुओं को दी जाएगी, जिनकी मांएं तमिलनाडु की स्थायी निवासी होंगी। इन बच्चों का जन्म राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में होना चाहिए। योग्य लाभार्थियों को प्रेग्नेंसी एंड इन्फैंट कोहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (PICME) सिस्टम के तहत पंजीकृत होना चाहिए और उनके पास रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (RCH) ID होनी चाहिए। सोने की अंगूठी तब दी जाएगी जब लाभार्थी को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाएगी।

सरकार क्या देगी?

इस स्कीम के तहत हर योग्य नवजात शिशुओं को एक ग्राम, 22 कैरेट सोने की अंगूठी मिलेगी। सरकार के मुताबिक, अंगूठियों पर यूनिक सीरियल नंबर होंगे और इन्हें टैम्पर-प्रूफ पैकेजिंग में बांटा जाएगा। राज्य ने इस स्कीम के लिए सालाना ₹755.83 करोड़ का खर्च तय किया है। पहले चरण में, 1.28 लाख सोने की अंगूठियां तैयार की गई हैं। सोने की अंगूठियों की सप्लाई के लिए जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं।

यह स्कीम कहां लागू होगी?

यह स्कीम पूरे तमिलनाडु में लागू होगी, सिवाय मदुरंथकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के इलाकों के, जहां 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। हर जिले में संबंधित जिला कलेक्टर की अगुवाई में एक खास मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है जो इसे लागू करने, इन्वेंट्री ट्रैकिंग और बांटने में ट्रांसपेरेंसी की देखरेख करेगी।

तमिलनाडु ने यह स्कीम क्यों शुरू की है?

इस स्कीम का नाम तमिल परंपरा के नाम पर रखा गया है, जिसमें मामा नए जन्मे बच्चे को तोहफे देते हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस पहल का मकसद सरकारी हेल्थकेयर सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाना और अस्पतालों में सुरक्षित डिलीवरी को बढ़ावा देना है। सरकार के मुताबिक, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख बच्चे पैदा होते हैं। इनमें से करीब 4.20 लाख डिलीवरी, यानी 53%, सरकारी अस्पतालों में होती हैं।

सरकार ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के डेटा का भी जिक्र किया, जिसके मुताबिक तमिलनाडु में 99.9% जन्म हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन में होते हैं। करीब 90% सरकारी इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी कॉम्प्रिहेंसिव इमरजेंसी ऑब्सटेट्रिक एंड नियोनेटल केयर (CEmONC) सेंटर पर होती हैं।

15 सितंबर को हुई थी स्कीम की घोषणा

यह स्कीम 15 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई की जयंती पर लॉन्च होने वाली थी। लेकिन विजय के विदेश दौरे की वजह से इसे टाल दिया गया था। इस स्कीम को लागू करने के लिए एक सरकारी ऑर्डर 23 जून, 2026 को नोटिफाई किया गया था।

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एयर एंबुलेंस से लेकर स्काईवॉक तक…जानिए जयपुर के SMS हॉस्पिटल के आयुष्मान टावर की ये खासियतें

SMS Hospital Jaipur: जयपुर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे हैं। साथ ही अस्पताल में अलग-अलग विभागों में मेडिकल इंस्टीट्यूट, अत्याधुनिक सेंटर और लैब स्थापित किए जा रहे हैं। इसलिए प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किए जा रहे हैं। इन बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे खास 24 मंजिला आईपीडी टावर जो अब अपने भव्य आकार में दिखाई देने लगा है।

सवाई मानसिंह अस्पताल में बन रहा यह IPD टावर देश की सबसे ऊंची मेडिकल इमारतों में से एक होगा जिसे लोग आयुष्मान टावर के नाम से पहचानेंगे। फिलहाल IPD टावर के कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि 2027 तक लोगों को आयुष्मान टावर में बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

SMS हॉस्पिटल में तकरीबन ₹600 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस IPD टावर में लोगों को 1200 बेड की सुविधा मिलेगी। जहां बिल्डिंग में लोगों को एयर एंबुलेंस से लेकर स्काईवॉक वे और ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा मिलेगी। IPD टावर के कंस्ट्रक्शन का पहला फेज 2025 से शुरू हुआ था जो अब तैयार होने के बाद भव्य आकार लेने लगा है। IPD टावर की यह बिल्डिंग जयपुर सेंटर की सबसे बड़ी बिल्डिंग भी है जिसे लोग दूर से ही देख सकते हैं।

IPD टावर से मिलेगी राजस्थान को पहली एयर एंबुलेंस की सुविधा

राजधानी जयपुर में 50 से भी अधिक अत्याधुनिक हॉस्पिटल और हाइटेक मेडिकल सेंटर हैं लेकिन जयपुर के किसी भी अस्पताल में एयर एंबुलेंस की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं है इसलिए सवाई मानसिंह अस्पताल राजस्थान का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा जहां मरीजों को देशभर के बड़े शहरों तक जाने और अंग प्रत्यारोपण के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी।

SMS हॉस्पिटल में मरीजों के ऐसे कई मामले हैं जिनमें उन्हें जयपुर से दिल्ली एम्स, मुंबई, चेन्नई और विदेशों तक इलाज के लिए रेफर किया गया है साथ ही लिवर, हार्ट जैसे अंगों को प्रत्यारोपण के लिए देशभर में भेजा जाता है। लेकिन अब लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए जयपुर से ही देशभर के किसी भी अस्पताल में पहुंचने का लाभ मिलेगा।

IPD टावर में फिलहाल बिल्डिंग के सबसे टॉप फ्लोर पर एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड कंस्ट्रक्शन का काम प्रगति पर है और 2026 के आखिरी तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। IPD टावर में सबसे ऊपर तैयार किया जा रहा हेलीपैड पूरी तरह लोहे और कंक्रीट के साथ हाइटेक टेक्नोलॉजी से तैयार किया जा रहा है।

IPD टावर में ऑपरेशन थिएटर से लेकर आईसीयू तक मिलेगी ये खास सुविधाएं

सवाई मानसिंह अस्पताल में तैयार हो रहा IPD देश की सबसे भव्य सरकारी इमारतों में सिर्फ देखने और दिखाने के लिए नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के रूप में सबसे भव्य इमारत बनने जा रही है जहां लोगों को इस टावर में जमीन से शुरू होते ही तकरीबन 1600 गाड़ियों की भव्य पार्किंग सुविधा मिलेगी। साथ ही पूरी बिल्डिंग को बेहतरीन इंजीनियरिंग के साथ लोगों को स्काईवॉक वे और नीचे ग्रीन कॉरिडोर देखने को मिलेगा।

IPD टावर के अंदर 112 आईसीयू, 837 जनरल वार्ड, 125 कॉटेज वार्ड, रजिस्ट्रेशन सेंटर, 26 प्री-ऑपरेशन थिएटर और 22 पोस्ट-ऑपरेशन थिएटर तैयार किए जा रहे हैं। इन खास सुविधाओं के साथ ही IPD टावर में रेडियो और माइक्रोबायोलॉजी जैसी अलग-अलग एडवांस लैब तैयार हो रही हैं। पूरे आईपीडी टावर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रजिस्ट्रेशन से लेकर ऑपरेशन तक की सभी सुविधाएं एक स्थान पर मिलेंगी। पूरे IPD टावर को इस तर्ज़ पर तैयार किया जा रहा है जहां अस्पताल की प्रमुख बिल्डिंगों से इसका जुड़ाव रहेगा।

उत्तर भारत में सबसे बड़ा मेडिकल हब बनने जा रहा है SMS हॉस्पिटल

राजस्थान में चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में राजधानी जयपुर का सवाई मानसिंह अस्पताल सबसे बड़ा हब बनकर उभर रहा है जहां सिर्फ जयपुर, राजस्थान से ही नहीं बल्कि देश-विदेश से लोग बेहतरीन इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचते हैं जहां उन्हें बेहतरीन इलाज की सुविधा मिलती है।

हाल ही के कुछ वर्षों में सवाई मानसिंह अस्पताल में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा और अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग विभागों में अत्याधुनिक सेंटर और लैब शुरू किए गए हैं। इनमें नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर, जेनेटिक टेस्टिंग लैब, टॉक्सिकोलॉजी लैब, बायोकेमिस्ट्री लैब, न्यूरोओटोलॉजी लैब, स्किन इंस्टीट्यूट (इंसटीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी) शुरू हुए हैं जहां लोगों को बेहतरीन इलाज की सुविधा मिलना शुरू हो गया है।

सवाई मानसिंह अस्पताल में लगातार मेडिकल फैसिलिटीज बढ़ने के चलते सबसे ज्यादा उत्तर भारत से मरीज अपना इलाज करवाने आते हैं। इसलिए सवाई मानसिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है।

रिपोर्ट- अंकित राजपूत

Tamil nadu gold ring scheme: जन्म के साथ इस राज्य के बच्चे पाएं सोने की अंगूठी, 28 सितंबर को सीएम विजय करेंगे योजना की शुरुआत

Tamil nadu gold ring scheme: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार ने राज्य में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को एक बहुमूल्य उपहार देने की घोषणा की है। सरकार नवजात शिशुओं के कल्याण के लिए उनके जन्म पर एक ग्राम सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू कर रही है। सीएम विजय 28 सितंबर से इस योजना की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले शिशुओं को मिलेगी अंगूठी

इस योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। अंगूठियों के वितरण में सुरक्षा और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

सरकार ने खरीदीं 1.28 लाख सोने की अंगूठियां

सरकार ने बताया कि पहली किस्त में वितरण के लिए 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीदी जा चुकी हैं। सरकार के अनुसार, प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक विशेष सीरियल नंबर दर्ज होगा। इसे पूरी तरह सुरक्षित और छेड़छाड़-मुक्त (टैम्पर-प्रूफ) पैकेट में बंद करके दिया जाएगा।

राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। योजना का फायदा लेने के लिए लाभार्थियों का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना जरूरी है। केवल राज्य के स्थायी निवासियों के बच्चों को ही यह उपहार दिया जाएगा।

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पाकिस्तान में नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका:खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में 15 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के पास जोरदार धमाका हुआ। इसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाके से मस्जिद के बाहर का हिस्सा बुरी तरह टूट गया और एक दीवार भी गिर गई।

कोहाट के सरकारी अस्पताल के अधिकारी ताहिर अली शाह ने बताया कि अस्पताल में 15 शव और 50 से ज्यादा घायलों को लाया गया। घायलों में कुछ पुलिसकर्मी भी हैं। अस्पताल में कम से कम 25 घायलों का इलाज चल रहा है।

प्रशासन ने कोहाट-हंगू रोड को बंद कर दिया है। घायलों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल में इमरजेंसी लगा दी गई है। अभी यह साफ नहीं है कि धमाका कैसे हुआ और इसके पीछे किसका हाथ है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से मस्जिद के बाहरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

भारत में स्टेम सेल थेरेपी का किया गलत इस्तेमाल तो फंस जाएंगे! सरकार ने नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए जारी की गाइडलाइन

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्टेम सेल थेरेपी में नियमों का सख्ती से पालन करने जारी की गाइडलाइन

स्टेम सेल थेरेपी को लेकर सरकार ने एक बार फिर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरी गाइडलाइन दी हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को उन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिन्होंने स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े नियमों के लिए ‘क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010’ को अपनाया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी 2026 के एक फैसले के बाद उठाया गया है। एडवाइजरी में स्टेम सेल थेरेपी के इस्तेमाल और इसके रेगुलेशन से जुड़े नियमों को बताया है।

स्टेम सेल थेरेपी के नियम

नई एडवाइजरी में स्टेम सेल थेरेपी को लेकर मौजूदा नियमों को एक बार फिर साफ किया गया है। इसके मुताबिक, स्टेम सेल थेरेपी को हर बीमारी के सामान्य इलाज के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे ‘स्टैंडर्ड केयर’ यानी सामान्य क्लिनिकल इलाज का हिस्सा केवल उन्हीं बीमारियों या स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बनाया जा सकता है, जिन्हें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूर सूची में शामिल किया गया है।

ऑटिज्म में सिर्फ मंजूर क्लिनिकल ट्रायल

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर यानी ASD के मामले में एडवाइजरी ने स्थिति को और साफ किया है। ऑटिज्म के इलाज के लिए किसी भी तरह की स्टेम सेल थेरेपी को सामान्य इलाज के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसी थेरेपी केवल विधिवत मंजूर क्लिनिकल ट्रायल के तहत ही की जा सकती है। इसके लिए 2017 में ICMR और DBT की ओर से जारी नेशनल गाइडलाइंस फॉर स्टेम सेल रिसर्च और समय-समय पर सरकार की ओर से जारी दूसरे लागू निर्देशों का पालन करना होगा।

राज्यों और अस्पतालों को दी जाने वाली जानकारियां

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थानों तक पहुंचाई जाए। इसमें राज्य और जिला स्तर पर काम करने वाले नियामक अधिकारी, सरकारी अस्पताल, प्राइवेट क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट और स्टेम सेल रिसर्च या इलाज से जुड़े दूसरे संस्थान शामिल हैं। इसका मकसद यह है कि हर स्तर पर एक जैसे नियम लागू हों और किसी भी संस्थान में बिना जरूरी मंजूरी के स्टेम सेल थेरेपी का इस्तेमाल न किया जाए।

नियमों की अनदेखी करने पर होगा ये एक्शन

एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित लोगों और संस्थानों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी 2026 के फैसले में भी कानूनी निर्देशों का पालन नहीं करने के परिणामों का जिक्र किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर डॉक्टर के खिलाफ पेशेवर कदाचार के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स से जुड़े कानून के तहत रजिस्ट्रेशन रद्द करने या जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

बिना मंजूरी ट्रीटमेंट और प्रमोशन पर भी रोक

स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े नियम सिर्फ इलाज करने तक सीमित नहीं हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन ने 5 सितंबर 2026 की अपनी एडवाइजरी में भी कहा है कि स्टेम सेल थेरेपी केवल मंजूर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए ही सामान्य क्लिनिकल इलाज के तौर पर दी जा सकती है। मंजूर स्थितियों के अलावा ऐसी थेरेपी देना, मरीज को इसकी सलाह देना, इसका प्रमोशन करना या एडवर्टिसमेंट करना गलत माना जा सकता है।

स्टेम सेल थेरेपी को लेकर सरकार ने नियमों के साथ NMC ने स्टेट मेडिकल काउंसिलों से यह भी कहा है कि सामने आने वाले कथित नियम उल्लंघन के मामलों की जांच की जाए और जांच के बाद यदि किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर पर प्रोफेशनल मिसकंडक्ट साबित होता है, तो उसके खिलाफ लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। ऐसे में स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े डॉक्टरों और संस्थानों के लिए जरूरी है कि वे तय नियमों, मंजूर क्लिनिकल ट्रायल और सरकारी रेगुलेशन का पालन करते हुए ही इलाज या रिसर्च से जुड़ा काम करें।

Stocks to Watch: 17 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch: गुरुवार 17 सितंबर को शेयर बाजार में 13 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट देखने को मिल सकते हैं। इनमें टाटा ग्रुप के स्टॉक्स से जुड़ी खबर भी शामिल है। वहीं, कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं। कुछ ने विस्तार और अधिग्रहण की योजनाओं का ऐलान किया है।

Tata Group Stocks

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons के बोर्ड की बैठक 17 सितंबर को मुंबई में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से पद छोड़ने के फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा जा सकता है। उनकी मौजूदा अवधि फरवरी 2027 में पूरी हो रही है। बैठक में संभावित लिस्टिंग, अगले चेयरमैन और ग्रुप गवर्नेंस पर भी चर्चा हो सकती है।

GNFC

सरकारी फर्टिलाइजर और केमिकल कंपनी GNFC ने संजीव कुमार को नया मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। नियुक्ति 9 सितंबर 2026 से प्रभावी है। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। वह राजकुमार बेनीवाल की जगह लेंगे, जिन्हें गुजरात सरकार ने सूरत का म्युनिसिपल कमिश्नर बनाया है।

Susan Electronics India

इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी Susan Electronics India के बोर्ड ने बागपत में जमीन खरीदने को मंजूरी दी है। कंपनी करीब ₹22 करोड़ में यह जमीन खरीदेगी। इसका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए होगा। कंपनी ने जून 2026 में शेयर बाजार में शुरुआत की थी।

LT Foods

फूड सेक्टर की कंपनी LT Foods, Kameda LT Foods India में जापान की Kameda Seika की पूरी 49% हिस्सेदारी खरीदेगी। LT Foods के पास अभी 51% हिस्सेदारी है। डील के बाद हिस्सेदारी 100% हो जाएगी। यह जॉइंट वेंचर भारत में राइस स्नैक्स का कारोबार करता है और ‘Kari Kari’ ब्रांड से जुड़ा है।

Vodafone Idea

टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea पर TRAI ने ₹2 लाख की फाइनेंशियल पेनल्टी लगाई है। कंपनी ने 16 सितंबर को इसकी जानकारी शेयर बाजार को दी। कार्रवाई नवंबर 2025 में क्वालिटी ऑफ सर्विस के तय मानकों को पूरा नहीं करने से जुड़ी है। कंपनी ने कहा है कि वह TRAI के आदेश की समीक्षा कर रही है।

Krsnaa Diagnostics

डायग्नोस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Krsnaa Diagnostics ने पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन के साथ 15 साल का करार किया है। इसके तहत पंजाब के चार सरकारी अस्पतालों में PET-CT डायग्नोस्टिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कंपनी इन सुविधाओं को चलाने और मेंटेन करने का काम भी करेगी।

Mazagon Dock Shipbuilders

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders ने NSHIPML के साथ समझौता ज्ञापन यानी MoU साइन किया है। इसके तहत कंपनी Dighi ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर के लिए एंकर शिपयार्ड के तौर पर काम करेगी।

Venus Pipes & Tubes

स्टेनलेस स्टील पाइप और ट्यूब बनाने वाली कंपनी Venus Pipes & Tubes के बोर्ड ने फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए 371.99 करोड़ रुपये तक जुटाएगी। इसके लिए शेयरधारकों और अन्य जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों की जरूरत होगी।

Fortis Healthcare

हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी Fortis Healthcare ने Seth Sunder Lal Jain Charitable Eye Hospital यानी SLJ Society के साथ अंतिम समझौते किए हैं। इसके तहत कंपनी नई दिल्ली के अशोक विहार में 400 से ज्यादा बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में हेल्थकेयर सेवाएं देगी।

Kalpataru Projects International

इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी Kalpataru Projects International ने बताया कि उसकी 96.12% फर्स्ट-लेवल स्टेप-डाउन मटेरियल सब्सिडियरी Linjemontage I Grästorp AB को स्वीडिश फाइनेंशियल सुपरवाइजरी अथॉरिटी से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी प्रस्तावित IPO के प्रॉस्पेक्टस से जुड़ी है।

Infosys

आईटी सेक्टर की कंपनी Infosys ने इंदौर डेवलपमेंट सेंटर का विस्तार किया है। कंपनी ने सुपर कॉरिडोर स्थित अपने कैंपस में नए Software Development Block यानी SDB-2 का उद्घाटन किया है। इससे इंदौर में कंपनी के डेवलपमेंट सेंटर की क्षमता बढ़ेगी।

Highway Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Highway Infrastructure को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से 220.66 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन और टोल प्लाजा के संचालन से जुड़ा है।

Alembic Pharmaceuticals

फार्मा सेक्टर की कंपनी Alembic Pharmaceuticals ने बताया कि अमेरिकी दवा नियामक USFDA ने गुजरात के वडोदरा स्थित उसकी बायोइक्विवेलेंस फैसिलिटी का इंस्पेक्शन पूरा कर लिया है। कंपनी के मुताबिक, USFDA ने इस फैसिलिटी का निरीक्षण बंद कर दिया है।

Juniper Hotels

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Juniper Hotels ने Novotel Imagicaa होटल को खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी इस होटल को महाराष्ट्र के खोपोली में Imagicaaworld Entertainment से 248 करोड़ रुपये में खरीदेगी। Juniper Hotels भारत में Hyatt से जुड़े होटलों की सबसे बड़ी मालिक कंपनी है।

India Pesticides Share Price: UK और अर्जेंटीना से प्रोडक्ट को मिली मंजूरी, शेयर 15% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: पंजाब सरकार के साथ 15 साल की डील, 4 अस्पतालों में PET-CT सुविधा संभालेगी डायग्नोस्टिक्स कंपनी

Stock in Focus: मेडिकल टेस्ट और जांच की सुविधाएं देने वाली कंपनी Krsnaa Diagnostics ने पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन (PHSC) के साथ 15 साल का करार किया है। इसके तहत कंपनी पंजाब के चार सरकारी अस्पतालों में PET-CT डायग्नोस्टिक सुविधाएं बनाएगी। इन्हें चलाने और मेंटेन करने का काम भी कंपनी ही करेगी।

यह Krsnaa Diagnostics की PET-CT सेगमेंट में एंट्री है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जरिए मिला है।

PPP मॉडल पर होगा काम

यह प्रोजेक्ट Public Private Partnership यानी PPP मॉडल पर होगा। मतलब कि सरकारी अस्पताल में सुविधा डेवलप करने और उसे चलाने की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी की होगी।

प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल पर है। यानी कंपनी सुविधा को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसा लगाएगी, चलाएगी और उसका रखरखाव करेगी। 15 साल बाद तय शर्तों के मुताबिक इसे सरकार को ट्रांसफर किया जाएगा।

कमाई कितनी होगी?

इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू अभी तय नहीं है। क्योंकि कंपनी को कोई तय रकम नहीं मिलेगी। उसकी कमाई सीधे PET-CT स्कैन की संख्या और मरीजों से लिए जाने वाले यूजर चार्ज पर निर्भर करेगी।

जितने ज्यादा स्कैन होंगे, रेवेन्यू की संभावना उतनी ज्यादा होगी। कंपनी को इससे एक नया रेवेन्यू स्ट्रीम मिलेगा। साथ ही, 15 साल का करार होने से लंबे समय के रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी मिलेगी।

Krsnaa Diagnostics के शेयर

कंपनी का शेयर बुधवार को 1.36% की बढ़त के साथ 549 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 35.09% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.78 हजार करोड़ रुपये है।

Krsnaa Diagnostics का काम सिर्फ सामान्य पैथोलॉजी टेस्ट तक सीमित नहीं है। कंपनी रेडियोलॉजी और दूसरी एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेवाओं में भी काम करती है। अब पंजाब के इस प्रोजेक्ट के जरिए यह PET-CT सेगमेंट में भी उतर रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।