Stock in Focus: पंजाब सरकार के साथ 15 साल की डील, 4 अस्पतालों में PET-CT सुविधा संभालेगी डायग्नोस्टिक्स कंपनी

Stock in Focus: मेडिकल टेस्ट और जांच की सुविधाएं देने वाली कंपनी Krsnaa Diagnostics ने पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन (PHSC) के साथ 15 साल का करार किया है। इसके तहत कंपनी पंजाब के चार सरकारी अस्पतालों में PET-CT डायग्नोस्टिक सुविधाएं बनाएगी। इन्हें चलाने और मेंटेन करने का काम भी कंपनी ही करेगी।

यह Krsnaa Diagnostics की PET-CT सेगमेंट में एंट्री है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जरिए मिला है।

PPP मॉडल पर होगा काम

यह प्रोजेक्ट Public Private Partnership यानी PPP मॉडल पर होगा। मतलब कि सरकारी अस्पताल में सुविधा डेवलप करने और उसे चलाने की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी की होगी।

प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल पर है। यानी कंपनी सुविधा को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसा लगाएगी, चलाएगी और उसका रखरखाव करेगी। 15 साल बाद तय शर्तों के मुताबिक इसे सरकार को ट्रांसफर किया जाएगा।

कमाई कितनी होगी?

इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू अभी तय नहीं है। क्योंकि कंपनी को कोई तय रकम नहीं मिलेगी। उसकी कमाई सीधे PET-CT स्कैन की संख्या और मरीजों से लिए जाने वाले यूजर चार्ज पर निर्भर करेगी।

जितने ज्यादा स्कैन होंगे, रेवेन्यू की संभावना उतनी ज्यादा होगी। कंपनी को इससे एक नया रेवेन्यू स्ट्रीम मिलेगा। साथ ही, 15 साल का करार होने से लंबे समय के रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी मिलेगी।

Krsnaa Diagnostics के शेयर

कंपनी का शेयर बुधवार को 1.36% की बढ़त के साथ 549 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 35.09% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.78 हजार करोड़ रुपये है।

Krsnaa Diagnostics का काम सिर्फ सामान्य पैथोलॉजी टेस्ट तक सीमित नहीं है। कंपनी रेडियोलॉजी और दूसरी एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेवाओं में भी काम करती है। अब पंजाब के इस प्रोजेक्ट के जरिए यह PET-CT सेगमेंट में भी उतर रही है।

India Pesticides Share Price: UK और अर्जेंटीना से प्रोडक्ट को मिली मंजूरी, शेयर 15% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।