Kolkata Stampede Update: ‘कभी कभी हो जाता है…’; कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर बोले बंगाल के मंत्री दिलीप घोष, अब तक 19 लोगों की मौत

Kolkata Stampede Update: पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने रविवार (18 अक्टूबर) को दुर्गा पूजा समितियों से पंडालों में लोगों के आने-जाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उनकी यह टिप्पणी उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ के बाद आई है। इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री घोष ने पत्रकारों से कहा कि संभवतः अचानक अत्यधिक भीड़ बढ़ जाने के कारण भगदड़ मची।

‘कभी कभी हो जाता है’

घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “जो घटना हुआ है, दुर्भाग्यपूर्ण है, बहुत दुखदाई है। और कभी-कभी हो जाता है। सालों साल पूजा होता है, इतने सारे बड़े-बड़े पूजा है, लाखों लोग दर्शन करते हैं एक-एक पूजा में…। लेकिन कभी-कभी थोड़ा सा लापरवाही के कारण इस प्रकार घटना हो जाता है, जो नहीं होना चाहिए। और हमारे देश में कई जगह धार्मिक स्थानों पर इस प्रकार बहुत बड़ी भीड़ जहां होती है, कभी ना कभी घटना घट जाती है। इसलिए आयोजकों को और ज्यादा सावधानी बरतना चाहिए।”

मंत्री ने आगे कहा, “सरकार की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, माननीय हमारे राष्ट्रीय पार्टी प्रेसिडेंट और सारे मंत्री-नेता भी वहां पहुंचे हैं। और पूरी व्यवस्था है जो घायलों का चिकित्सा के लिए। लेकिन जिनके साथ इस प्रकार घटना हो गया, चले गए, उनका परिवार को भी बहुत बड़ा कष्ट और दुख हुआ है।”

कैसे मची भगदड़?

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि महासप्तमी के उत्सव के दौरान अचानक तेज बारिश के बाद भीड़ का उचित मैनेजमेंट नहीं किए जाने और भ्रामक घोषणाओं के कारण लोगों में घबराहट फैल गई होगी। इससे उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई। अधिकारी ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से संकेत मिलता है कि शनिवार शाम पंडाल में भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे यह घटना हुई।

पुलिस ने यह भी पाया कि आयोजन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या पर्याप्त नहीं थी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “हमने पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं जिसमें आयोजकों की गंभीर लापरवाही और कुप्रबंधन के संकेत हैं। बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को संभालने की कोई स्पष्ट योजना नहीं थी और सारी व्यवस्था मौखिक निर्देशों के आधार पर चल रही थी। हमने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं तथा विभिन्न जानकारियों की पुष्टि की है। सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी अपर्याप्त थी।”

उन्होंने कहा, “कुप्रबंधन के कारण भगदड़ के दौरान लोगों ने एंट्री गेट से ही बाहर निकलने की कोशिश की। दोनों गेट और वहां तक पहुंचने वाली सड़क संकरी थी, जिससे हादसा हुआ।” उन्होंने कहा कि एंट्री-एग्जिट और भीड़ की आवाजाही को लेकर पर्याप्त घोषणाएं नहीं की गई थीं, जिससे भीड़ के दबाव के बीच लोग भ्रमित हो गए। अधिकारी ने कहा, “हमारे पास एक घोषणा का वीडियो है, जिसमें लोगों से यह कहते हुए पंडाल खाली करने को कहा गया था कि उसकी संरचना ढहने वाली है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह घोषणा किसने की थी और इसके पीछे क्या वजह थी।”

पंडाल में पुलिस की अपर्याप्त तैनाती का आरोप

स्थानीय लोगों ने भी पंडाल में पुलिस की अपर्याप्त तैनाती का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिसकर्मी मुख्य रूप से VIP एंट्री गेट के पास तैनात थे। अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार रात पंडाल का दौरा किया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस जांच के तहत हादसे में बच गए लोगों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है।

इस बीच, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने रविवार सुबह उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल से सटी सड़कों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू कर दी। यह आदेश बहुबाजार थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पंडाल के आसपास की सड़कों पर लोगों के जमावड़े पर रोक लगाता है। ये प्रतिबंध 20 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने के कारण पंडाल में भगदड़ मच गई थी।

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चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

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यात्राएँ केवल पर्यटन नहीं, बल्कि स्वयं को जानने, जन-आस्था को अनुभव करने और प्रकृति के निकट पहुँचने का अवसर होती हैं। धार्मिक यात्रा मनुष्य को सांसारिक भागदौड़ से दूर कर आत्मचिंतन और ईश्वर के सान्निध्य में जाने का मार्ग दिखाती है। इसी भावना के साथ 26 सितंबर को मध्य प्रदेश के देवास से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा प्रारंभ हुई। 15 दिनों के इस सफर ने मुझे आध्यात्मिक संतोष तो दिया, लेकिन धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की कठिनाइयों ने कई गंभीर प्रश्न भी खड़े किए।

 

माँ गंगा की आरती से हिमालय की दिव्यता तक

हरिद्वार में माँ गंगा की भव्य आरती, मंत्रोच्चार और दीपों से जगमगाती जलधारा ने मन को भावविभोर कर दिया। ऋषिकेश के आध्यात्मिक वातावरण से होते हुए यात्रा माँ यमुनोत्री पहुँची। लगभग छह से सात किलोमीटर के दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर पैदल चढ़ाई, थकान और हल्की बारिश के बीच माँ यमुना के दर्शन हुए। इसके बाद उत्तरकाशी में श्री काशी विश्वनाथ महादेव और गंगोत्री में माँ गंगा के दर्शन किए। हिमालय की विशालता ने अनुभव कराया कि प्रकृति के सामने मनुष्य का अहंकार कितना छोटा है।

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केदारनाथ: आस्था अटूट, लेकिन व्यवस्था पर सवाल

यात्रा का सबसे कठिन पड़ाव बाबा केदारनाथ धाम रहा। लगभग 20 से 22 किलोमीटर के दुर्गम मार्ग पर चढ़ाई, घोड़े-खच्चरों की आवाजाही और यात्रियों की भीड़ के बीच आगे बढ़ना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। लगभग 12 घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब दो बजे धाम पहुँचना संभव हुआ, जबकि दर्शन का सौभाग्य अगले दिन शाम लगभग छह बजे मिला। बाबा केदारनाथ के सम्मुख पहुँचते ही मन श्रद्धा से भर गया और सारी थकान मानो क्षणभर में मिट गई।

 

लेकिन घंटों की प्रतीक्षा ने सवाल भी खड़ा किया कि क्या श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए?

 

देश के कोने-कोने से लोग धन, समय और शारीरिक सामर्थ्य खर्च करके अपने आराध्य तक पहुँचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएँ और अस्वस्थ लोग भी होते हैं। कठिन यात्रा के बाद घंटों कतार में खड़े रहना और अंततः कुछ सेकंड के दर्शन पाना उनकी पीड़ा को बढ़ाता है। इस समस्या के बीच VIP संस्कृति भी चिंता का विषय है। विशेष व्यक्तियों को प्राथमिकता देने से यदि आम श्रद्धालुओं को अतिरिक्त प्रतीक्षा करनी पड़े, तो यह व्यवस्था उनकी आस्था और सम्मान दोनों को ठेस पहुँचाती है।

 

ईश्वर के दरबार में हर भक्त बराबर है; किसी की विशेष सुविधा आम श्रद्धालु की परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती अवश्य हैं, लेकिन बेहतर योजना और जवाबदेही की आवश्यकता को नकारा नहीं जा सकता। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ना उपलब्धि हो सकती है, पर उनकी परेशानियाँ बढ़ना व्यवस्था की सफलता नहीं है।

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त्रियुगीनारायण से बद्रीनाथ तक

केदारनाथ के बाद त्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शन का अवसर मिला। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मंदिर की अखंड धूनी तथा भगवान विष्णु की उपस्थिति इस स्थान की आध्यात्मिक महत्ता बढ़ाती है। इसके बाद बद्रीनाथ धाम में भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के साथ यात्रा पूर्ण हुई। इन पवित्र स्थलों ने श्रद्धा, समर्पण और भारतीय संस्कृति की गहराई का अनुभव कराया।

 

आस्था या सोशल मीडिया का प्रदर्शन?

यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों पर तस्वीरें लेने और रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति भी दिखाई दी। अनुभव साझा करना गलत नहीं है, लेकिन जब कैमरा श्रद्धा पर हावी हो जाए, तो तीर्थयात्रा का वास्तविक उद्देश्य पीछे छूटने लगता है। प्रश्न यह है कि हम ईश्वर के दर्शन करने जाते हैं या दुनिया को यह दिखाने कि हम दर्शन करने गए थे? भक्ति का वास्तविक आनंद लाइक और कमेंट में नहीं, बल्कि उस क्षण में है जब मन बिना किसी दिखावे के अपने आराध्य के सामने झुकता है।

 

सरकार और प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश

चारधाम यात्रा में उमड़ती भीड़ सरकार और प्रशासन के लिए अवसर से अधिक जिम्मेदारी है। दर्शन व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा और आपातकालीन सहायता को मजबूत करना अनिवार्य है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएँ सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा VIP व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं का आवागमन और दर्शन बाधित नहीं होने चाहिए।

 

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान कोई सरकारी एहसान नहीं, बल्कि प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारी है। सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर धरातल पर सुधार दिखाना होगा। समय रहते व्यवस्थाएँ नहीं सुधारी गईं, तो बढ़ती भीड़ भविष्य में गंभीर कठिनाइयाँ पैदा कर सकती है। विकास के साथ हिमालय के नाजुक पर्यावरण की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।

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आस्था का सम्मान, व्यवस्था की जवाबदेही

10 अक्टूबर को लौटते समय मन में चारधाम के दर्शन का संतोष था, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता भी स्पष्ट थी। सरकार को जवाबदेही निभानी होगी, प्रशासन को संवेदनशील बनना होगा और यात्रियों को अनुशासन तथा पर्यावरण संरक्षण का पालन करना होगा।

 

आस्था अटूट है, लेकिन श्रद्धालुओं की सहनशीलता को व्यवस्था की कमजोरियों का विकल्प नहीं बनाया जा सकता। ईश्वर के दरबार में समानता तभी सार्थक होगी, जब प्रत्येक भक्त को समान सम्मान और यथासंभव सुविधाजनक दर्शन मिलें। क्योंकि चारधाम की यात्रा पैरों से जितनी पूरी होती है, उससे कहीं अधिक हृदय और आत्मा से पूरी होती है।

 

हर हर महादेव! जय बद्रीविशाल! जय माँ गंगे! जय माँ यमुना!

2.04 लाख रुपये की एक टिकट! मुंबई में फाल्गुनी पाठक के गरबा कार्यक्रम में ऐसा क्या खास?

नवरात्रि शुरू होते ही देशभर में गरबा का रंग चढ़ने लगता है और लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है। लेकिन जब गरबा क्वीन फाल्गुनी पाठक की परफॉर्मेंस हो, तो इसकी एक्साईटमेंट और बढ़ जाती है। हर साल बड़ी संख्या में उनके शो का इंतजार करते हैं। मुंबई में इस साल फाल्गुनी पाठक के साथ नौ रातों तक गरबा का उत्सव मनाया जाएगा। वहीं, फाल्गुनी पाठक का नवरात्रि उत्सव 2026 इस बार अपने महंगे टिकटों की कीमतों को लेकर भी चर्चा में है। कार्यक्रम में सबसे खास VIP पॉड की कीमत करीब 2.04 लाख रुपये रखी गई है।

आयोजन शुरू होने से पहले ही कई कम कीमत वाली टिकट कैटेगरी बिक चुकी हैं। ऐसे में महंगी टिकट और लोगों की जबरदस्त दिलचस्पी, दोनों ही इस गरबा उत्सव को सुर्खियों में ला रहे हैं।

कितनी है टिकट की शुरुआती कीमत

मुंबई में फाल्गुनी पाठक का गरबा उत्सव शुरू हो चुका है और लोगों में जबरदस्त उत्साह है। फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव का आयोजन 11 से 19 अक्टूबर के बीच जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। वहीं इस इवेंट का नाम टवेस्ट एवेन्यू रियल्टी नवरात्रि उत्सव 2026′ रखा गया है। इस कार्यक्रम के टिकटों की कीमत ने लोगों का ध्यान खींचा है। शुरुआती टिकट करीब 2,000 रुपये से शुरू हो रहे हैं, जबकि सबसे खास प्राइवेट पॉड के लिए 2.04 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। यानी इस गरबा आयोजन में आम टिकट से लेकर बेहद महंगे VIP अनुभव तक कई विकल्प मौजूद हैं। आने वाले वीकेंड और कार्यक्रम की आखिरी रातों के लिए कई टिकट कैटेगरी पहले ही बिक चुकी हैं, जबकि प्रीमियम टिकट अभी उपलब्ध हैं।

कितने की है सबसे मंहगी टिकट

फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव में सबसे महंगी टिकट कैटेगरी ‘एक्सक्लूसिव पॉड’ है, जिसकी कीमत करीब 2.04 लाख रुपये है। इस प्राइवेट VIP स्पेस में एक साथ 12 लोग शामिल हो सकते हैं और टिकट के साथ 10,000 रुपये का फूड और बेवरेज वाउचर भी मिलता है, जो तय दिन पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। 18 अक्टूबर के लिए इस कैटेगरी की टिकटें तेजी से बिक रही हैं, जबकि 17 अक्टूबर की एक्सक्लूसिव पॉड टिकटें पहले ही खत्म हो चुकी हैं।

ग्रुप में भी ले सकते हैं टिकट

फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव में दोस्तों और परिवार के साथ जाने वालों के लिए ग्रुप टिकट भी उपलब्ध हैं। पांच लोगों के पैकेज की कीमत 13,000 रुपये है, यानी प्रति व्यक्ति करीब 2,600 रुपये खर्च होंगे। वहीं, 10 लोगों के लिए ग्रुप पैकेज 25,000 रुपये में मिल रहा है, जिसके हिसाब से एक व्यक्ति का टिकट करीब 2,500 रुपये पड़ता है। इस तरह ज्यादा लोगों के साथ बुकिंग करने पर प्रति व्यक्ति टिकट की कीमत थोड़ी कम हो जाती है।

कम कीमत वाले टिकट बिके

फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव के आखिरी वीकेंड के लिए कम कीमत वाले कई टिकट विकल्प अब उपलब्ध नहीं हैं। 17 अक्टूबर के लिए 2,000 रुपये वाला अर्ली बर्ड पास, 2,300 रुपये का फेज-1 और 2,700 रुपये का फेज-2 टिकट बिक चुका है। हालांकि, 3,500 रुपये की कीमत वाला फाइनल फेज टिकट अभी बुक किया जा सकता है। 18 अक्टूबर के लिए 2,000 रुपये वाला अर्ली बर्ड और 2,300 रुपये का फेज-1 टिकट पहले ही बिक चुका है। लेकिन, 2,700 रुपये वाला फेज-2 टिकट और ग्रुप पैकेज अभी बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं। वहीं, 19 अक्टूबर को नवरात्रि उत्सव का आखिरी दिन होगा और इस दिन 2,700 रुपये का फेज-2 टिकट तेजी से बिक रहा है। पांच और 10 लोगों वाले ग्रुप पैकेज भी तेजी से भर रहे हैं।

इस बार कार्यक्रम में क्या है खास

इस बार फाल्गुनी पाठक का गरबा कार्यक्रम खुले मैदान की जगह पूरी तरह से एसी वाले जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। यहां डांस के लिए कारपेट वाला बड़ा फ्लोर तैयार किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में रोजाना महा आरती, लाइव म्यूजिक और परफॉर्मेंस, आकर्षक लाइटिंग और खाने-पीने की कई सुविधाएं भी मिलेंगी। लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त पेड पार्किंग की व्यवस्था भी रखी गई है।

कितनी देर तक चलेगा परफॉर्मेंस

फाल्गुनी पाठक का यह नवरात्रि उत्सव 11 से 19 अक्टूबर तक यानी लगातार नौ दिनों तक आयोजित किया जाएगा। हर रात कार्यक्रम की शुरुआत रात 8 बजे होगी और करीब चार घंटे तक गरबा और लाइव परफॉर्मेंस का सिलसिला चलेगा। इस आयोजन को ट्राइबवाइब और अल्फोंसो स्टूडियोज ने तैयार और प्रमोट किया है, जबकि वेस्ट एवेन्यू रियल्टी इसका टाइटल पार्टनर है। आयोजकों का दावा है कि ये कार्यक्रम गरबा प्रेमियों को एक खास और प्रीमियम नवरात्रि अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है।

Bhopal Master Plan: भोपाल में बनेगा 51 KM का ग्रोथ कॉरिडोर और AI सिटी! जानिए मास्टर प्लान 2047 की सबसे बड़ी बातें

Bhopal 2047 master plan: मध्य प्रदेश सरकार ने दो दशक से अधिक समय के बाद अपने नए भोपाल डेवलपमेंट प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत राज्य सरकार बड़े पैमाने पर भोपाल में विस्तार की योजना बना रही है। यह योजना 2047 तक लगभग 45 लाख की आबादी के लिए तैयार की गई है। इसमें नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र, लंबा मेट्रो नेटवर्क, चौड़ी सड़कें, 51 km का ग्रोथ कॉरिडोर और अधिक हरित क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है। भोपाल के लिए पिछला मंजूर मास्टर प्लान 1995 में नोटिफाई किया गया था और इसे 2005 तक लागू रहना था।

60% क्षेत्र में शहरी विकास की योजना

भोपाल निवेश क्षेत्र में लगभग 1,01,690 हेक्टेयर जमीन है। लगभग 61,017 हेक्टेयर, या 60%, शहरी विकास के लिए तय किया गया है। इसमें आवासीय क्षेत्र, कमर्शियल एरिया, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। बाकी 40,673 हेक्टेयर में वॉटर बॉडी, खेती की ज़मीन और दूसरे इस्तेमाल शामिल होंगे।

इस योजना में हरित क्षेत्र का हिस्सा भी बढ़ाया गया है। योजना के तहत निर्धारित लगभग 27% हिस्सा ग्रीन और इको-सेंसिटिव जोन के तौर पर निर्धारित किया गया है। लगभग 3,289.94 हेक्टेयर में पार्क, स्पोर्ट्स ग्राउंड, बॉटैनिकल और ज्यूलॉजिकल गार्डन, झील के किनारे अर्बन फॉरेस्ट और पेड़ लगाने की योजना शामिल होंगे। लगभग 10% क्षेत्र को मिश्रित उपयोग के लिए विकसित करने का सुझाव दिया गया है।

पांच जोन में बांटा गया है आवासीय क्षेत्र

लगभग 26,240 हेक्टेयर, या योजनाबद्ध शहरी क्षेत्र का 43%, आवासीय इस्तेमाल के लिए निर्धारित किया गया है। इसे पांच जोन में बांटा गया है।

RG-1 मौजूदा आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-2 प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-3 में लिमिटेड-डेंसिटी डेवलपमेंट होगा। इसमें VIP और एनवायरनमेंट के हिसाब से सेंसिटिव एरिया जैसे अरेरा कॉलोनी, चूनाभट्टी, श्यामला हिल्स, विजय नगर, चार इमली और गांधी नगर शामिल हैं।

RG-4 शहर की आने वाली आबादी के लिए नए आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-5 में पर्यावरण के लिए बहुत ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

एक जोन, कई गतिविधि

नई योजना में ‘एक जोन, कई गतिविधि’ व्यवस्था का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था के तहत, एक ही क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। यह पुरानी व्यवस्था से अलग है, जहां एरिया को एक मेन यूज़ के हिसाब से बांटा जाता था।

नए कमर्शियल एरिया का प्लान

भोपाल के कमर्शियल एरिया एमपी नगर और न्यू मार्केट जैसी जगहों से भी आगे बढ़ेंगे। योजना में व्यावसायिक मिश्रित उपयोग क्षेत्र को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें दुकानें, ऑफिस, कॉर्पोरेट ऑफिस और हाउसिंग की इजाजत होगी।

51 km का ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव

लगभग 3,000 हेक्टेयर में 51 km का ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। यह प्रस्तावित EKAI सिटी, भोपाल एयरपोर्ट, कमर्शियल एरिया, लॉजिस्टिक्स और होलसेल हब और सबअर्बन एरिया को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर में होटल, हॉस्पिटल, IT और AI फैसिलिटी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस, एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन और हाउसिंग होंगे।

मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा

भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क को मौजूदा 27.8 km से बढ़ाकर 95.82 km किया जाएगा। मेट्रो लाइन के दोनों तरफ 500 मीटर तक एक ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ज़ोन बनाया जाएगा। यही नियम भविष्य की मेट्रो लाइनों पर भी लागू होंगे।

झीलों, पहाड़ियों और पुराने भोपाल को बचाया जाएगा

नए प्लान में भोपाल की झीलों, पहाड़ियों और पुरानी इमारतों को बचाने के लिए खास नियम हैं। अपर लेक, जिसे भोजताल भी कहा जाता है, के आसपास के इलाके को तीन ज़ोन – BIZ-0, BIZ-1 और BIZ-2 में बांटा गया है। इस प्लान में रातापानी सैंक्चुअरी के आसपास का 1,791.84 हेक्टेयर का इको-सेंसिटिव ज़ोन भी शामिल है। पुराने भोपाल के दीवारों वाले शहर को उसकी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के लिए हेरिटेज जोन के तौर पर प्रपोज किया गया है।

शिक्षा और AI के लिए EKAI सिटी

भौरी में एजुकेशन हब को एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (EKAI) सिटी के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इस योजना में डेवलपमेंट प्लान को लागू करने की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल ट्विन सिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का भी प्रस्ताव है।

पहले वीडियो में दिखाई बेशुमार दौलत, फिर घर से गायब हुए ₹1 करोड़ के गहने! जानें YouTuber कपल के साथ क्या हुआ

तमिलनाडु के नागरकोइल से सामने आई चोरी की एक घटना ने सोशल मीडिया पर अपनी संपत्ति दिखाने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक YouTuber कपल के घर से कथित तौर पर करीब 1 करोड़ रुपये के सोने के गहने और नकदी चोरी हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, विनोद कुमार और मधुमिता के घर को चोरों ने निशाना बनाया। इस घटना की चर्चा इसलिए ज्यादा हो रही है क्योंकि चोरी से कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर घर और कीमती सामान से जुड़े वीडियो शेयर किए गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और CCTV समेत दूसरे सुरागों की जांच की जा रही है।

118 सॉवरेन सोना चोरी होने की खबर

बताया जा रहा है कि कपल का घर नागरकोइल के थम्माथुकोणम इलाके के VIP Garden में है। चोरों ने कथित तौर पर घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और करीब 118 सॉवरेन सोने के आभूषण समेत अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सोने की अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।

घर में CCTV, फिर भी चोर कैसे पहुंचे अंदर?

रिपोर्ट्स के अनुसार, घर एक गेटेड इलाके में स्थित है और वहां CCTV कैमरों की निगरानी भी है। इसके बावजूद चोर पीछे के रास्ते से घर में घुसने में सफल रहे। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से मामले की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पोस्ट ने खींचा ध्यान

इस मामले का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पहलू सोशल मीडिया है। बताया जा रहा है कि चोरी से कुछ समय पहले मधुमिता ने ऐसा वीडियो पोस्ट किया था,जिसमें पूजा घर में मौजूद परिवार की संपत्ति दिखाई गई थी। वह सोने की खरीदारी, ज्वेलरी और नकदी से जुड़े वीडियो और Instagram Reels भी पोस्ट करती रही हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट और चोरी के बीच सीधे संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं मानी जा सकती।

पुलिस ने शुरू की जांच

राजाकामंगलम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ मोबाइल नेटवर्क से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की रिपोर्ट है। फिलहाल पुलिस चोरों की पहचान और चोरी हुए सामान को बरामद करने की कोशिश में जुटी है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने महंगे सामान को सार्वजनिक रूप से दिखाने के संभावित जोखिमों पर चर्चा शुरू कर दी। कुछ लोगों ने इसे ऑनलाइन प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया,जबकि कुछ ने कपल के कंटेंट को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणियां कीं।

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लेकिन लगातार जयपुर में बढ़ती ट्रैफिक की समस्या अब वर्षों पुरानी वास्तुकला पर भारी पड़ रही है। अगर बात करें जयपुर की प्रमुख सड़कों की, जिसके साथ पूरे शहर के अंदर और बाहर की कनेक्टिविटी जुड़ी हुई है, तो इनमें मुख्य रूप से जेएलएन मार्ग, मिर्जा इस्माइल रोड, टोंक-अजमेर, दिल्ली और आगरा रोड प्रमुख हैं। लेकिन बढ़ते ट्रैफिक के दबाव के चलते अब जयपुर की सड़कों को मास्टर प्लान की तरह फिर से हाईटेक तरीके से रिनोवेट करने पर मंथन चल रहा है, जिसका पहला चरण जेएलएन मार्ग से शुरू होगा।

जेएलएन मार्ग जयपुर की सबसे वीआईपी और व्यस्ततम सड़क है, जिसकी कुल लंबाई जवाहर सर्किल से अल्बर्ट हॉल तक 7.5 किमी है, जहां इस सड़क पर 9 तिराहे-चौराहे हैं। जेएलएन मार्ग जयपुर की सबसे चौड़ी और साफ-सुथरी सड़कों में से एक है, जहां पीक आवर्स में लोगों को अब ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। इसलिए अब जेएलएन मार्ग के ट्रैफिक सिस्टम में दिल्ली की तर्ज पर स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के रूप में इसका इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

एलिवेटेड, अंडरपास और क्लोवर लीफ से चमक जाएगी सड़क

हाल ही में जयपुर के जेएलएन मार्ग पर हर दिन बढ़ती ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए जेएलएन मार्ग पर ट्रैफिक का सर्वे किया गया था। जिसके बाद इस वीआईपी रूट को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने के लिए जवाहर सर्किल से त्रिमूर्ति सर्किल तक अलग-अलग चौराहों-तिराहों पर एलिवेटेड रोड, क्लोवर लीफ, अंडरपास और यू-टर्न का भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। जिसके लिए जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी को मास्टर प्लान के लिए हरी झंडी मिल चुकी है।

अब जेएलएन मार्ग पर जल्द ही इस मास्टर प्लान को धरातल पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। जेएलएन मार्ग पर आम जनता को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस मास्टर प्लान में बेहतरीन ट्रैफिक सिस्टम के साथ समय-अवधि पर फोकस रहेगा। क्योंकि सामान्य रूप से 7.5 किमी के इस रूट पर पीक आवर्स में लोगों को 30-45 मिनट लगते हैं, लेकिन जेएलएन मार्ग के मास्टर प्लान तैयार होने के बाद यह दूरी 12 से 15 मिनट तक हो जाएगी।

Jaipur Master Plan: जेडीए का बड़ा मास्टर प्लान! 600 करोड़ से चमकेगी जयपुर की VIP सड़क, 45 मिनट का सफर सिर्फ 15 मिनट में

जेएलएन मार्ग की सड़क के इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरी की बात करें तो इस वीवीआईपी रूट पर जवाहर सर्किल से रामनिवास बाग तक प्रत्येक 800 मीटर से 1 किमी तक 9 तिराहे-चौराहे हैं।

इस प्रकार से बदलेगा जेएलएन मार्ग का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर

जेएलएन मार्ग के मास्टर प्लान के तहत पूरी सड़क को सिग्नल-फ्री करने के साथ इस प्लान पर वर्क किया जाएगा। जिसमें एसएमएस मेडिकल से राजस्थान विश्वविद्यालय तक 1.5 किमी लंबाई में एलिवेटेड, गांधी सर्किल पर अंडरपास, बजाज नगर तिराहे पर क्लोवर लीफ, ओटीएस पर एमएनआईटी के सामने से यू-टर्न तैयार होगा।

वहीं जेडीए चौराहे को पूरी तरह बंद किया जाएगा और रामनिवास बाग और शांति पथ की तरफ से चौराहे पर आने वाले ट्रैफिक को भवानी सिंह रोड की तरफ या त्रिमूर्ति सर्किल की तरफ जाने के लिए गांधी सर्किल से पहले यू-टर्न स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान विश्वविद्यालय से पहले एलिवेटेड खत्म होगी और गांधी सर्किल के नीचे राजस्थान विश्वविद्यालय से जवाहर सर्किल की तरफ जाने वाले ट्रैफिक के लिए अंडरपास बनेगा।

साथ ही गांधी नगर मोड़ से अरण्य भवन जाने वाले ट्रैफिक को अंडरपास की सुविधा मिलेगी। इससे आगे वानिकी प्रशिक्षण संस्थान से लेकर ओटीएस चौराहे के पहले तक एट-ग्रेड एक बड़ा लूप प्रस्तावित किया गया है। जिसके चलते गांधी सर्किल से ओटीएस चौराहे की तरफ सीधा जाने वाला ट्रैफिक निकलेगा। इस प्रकार पूरे जेएलएन मार्ग पर एलिवेटेड, अंडरपास, क्लोवर लीफ, पदयात्री मार्ग और यू-टर्न का ऐसा स्ट्रक्चर तैयार होगा जिससे पूरी सड़क सिग्नल-फ्री के रूप में संचालित होगी और लोगों का सफर जेएलएन मार्ग पर मिनटों में पूरा हो जाएगा।

फेज वाइज होगा तैयार

जेएलएन मार्ग जयपुर का सबसे वीआईपी रूट होने के साथ सबसे व्यस्ततम मार्ग भी है, इसलिए जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के मास्टर प्लान को अलग-अलग फेज में तैयार किया जाएगा। जिसमें मास्टर प्लान के काम के समय ट्रैफिक सिग्नल-फ्री होने से ट्रैफिक को रुकना नहीं पड़ेगा।

जानकारी के मुताबिक जेएलएन मार्ग के इस मास्टर प्लान में करीब ₹500 से ₹600 करोड़ की लागत से इसे तैयार किया जाएगा, जिसे तैयार होने में 2 से 3 साल का समय लगेगा। आपको बता दें जयपुर का जेएलएन मार्ग जयपुर का सबसे वीआईपी और सुंदर रूट है, जहां चाहे देश के प्रधानमंत्री हों या राष्ट्रपति या फिर दुनियाभर की दिग्गज हस्तियां, जयपुर आने-जाने के लिए सबसे ज्यादा इसी रूट का उपयोग होता है। आज भी जेएलएन मार्ग की सड़क पर पहुंचते ही लगता है कि जयपुर की सबसे सुंदर, सुव्यवस्थित और वीआईपी सड़क जेएलएन मार्ग ही है, जहां दिन-रात लाखों वाहनों की आवाजाही रहती है।

रिपोर्ट- अंकित राजपूत

Stocks to Watch: 18 स्टॉक्स; तीन लिस्टिंग और Groww, NBCC, BHEL समेत ये शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 32.50 प्वाइंट्स यानी 0.14% की बढ़त के साथ 23,235.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 777.94 प्वाइंट्स यानी 1.04% की गिरावट के साथ 74,003.82 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 279.50 प्वाइंट्स यानी 1.19% की फिसलन के साथ 23,118.60 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sunshine Pictures Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर सनशाइन पिक्चर्स ₹1.08 करोड़ के घाटे से ₹25 लाख के मुनाफे में आ गई तो इस दौरान रेवेन्यू रॉकेट की स्पीड से ₹4 लाख से ₹6.48 करोड़ पर पहुंच गया।

GMR Airports (August YoY)

अगस्त महीने में सालाना आधार पर जीएमआर एयरपोर्ट्स का पैसेंजर ट्रैफिक 0.9% बढ़कर 94.35 लाख पर पहुंच गया। इसमें डोमेस्टिक पैसेंजर ट्रैफिक 1.1% गिरकर 71 लाख पर आ गया तो इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक 0.5% बढ़कर 24 लाख पर पहुंच गया। जहाजों की आवाजाही 6.3% बढ़कर 62,498 हो गई।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

सूत्रों के हवाले से सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स और सिकोईया कैपिटल ब्लॉक डील के जरिए ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स के 10.02 करोड़ इक्विटी शेयर (1.6% हिस्सेदारी) बेच सकती है। ₹1918.3 करोड़ के इस इश्यू के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹191.45 तय किया गया है।

VIP Industries

सात्विक ग्रीन एनर्जी को SECI (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से सोलर पीवी मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹1041.63 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Sonata Software

सोनाटा सॉफ्टवेयर ने देश में क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन के मौकों को भुनाने को लेकर एमेजॉन वेब सर्विसेज (AWS) के साथ पांच साल का स्ट्रैटेजिक कोलैबोरेशन एग्रीमेंट किया है।

Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL)

भेल और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स मिलकर 50:50 ज्वाइंट वेंचर कंपनी बनाएगी जो 35 वर्षों तक सप्लाई की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के मेंटेनेंस का काम संभालेगी।

NBCC (India)

एनबीसीसी (इंडिया) को नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन, SAIL, दामोदर वैली कॉरपोरेशन और एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट, भुवनेश्वर से ₹144.98 करोड़ के वर्क ऑर्डर मिले हैं।

India Pesticides

इंडिया पेस्टिसाइड्स को यूके में एक कीटनाशक प्रोडक्ट के लिए टेक्निकल इक्विवेलेंस अप्रूवल मिल गया है। इसके अलावा कंपनी को अर्जेंटीना में भी खरपतवार खत्म करने वाले एक प्रोडक्ट के लिए भी रजिस्ट्रेशन मिल गया है।

Blue Star

डब्ल्यूजे टोवेल एंड कंपनी यानी WJT ने दुबई कोर्ट ऑफ अपील में ब्लू स्टार के पक्ष में आए आर्बिट्रेशन अवार्ड को रद्द करने की मांग की है। इसे लेकर कंपनी का कहना है कि WJT ने बेबुनियाद आधार पर यह अपील की है और वह कोर्ट में इसके खिलाफ अपना पक्ष रखेगी।

GMM Pfaudler

अलेक्जेंडर पोम्पनर ने जीएमएफ फॉडलर के ग्रुप सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 4 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगा। बोर्ड ने 4 नवंबर से अंकित नय्यर को कंपनी का ग्रुप सीएफओ नियुक्त किया है।

VIP Industries

इक्विटी शेयर, डेट सिक्योरिटीज और कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज जारी करके एक या इससे अधिक किश्तों में फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए 18 सितंबर को वीआईपी इंडस्ट्रीज के बोर्ड की बैठक होनी है।

Aurobindo Pharma

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 7 से 15 सितंबर, 2026 के बीच तेलंगाना में अरबिंदो फार्मा की सब्सिडियरी एपिटोरिया फार्मा की एपीआई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट-II का निरीक्षण किया, और इसके बाद एक ऑब्जर्वेशन जारी हुआ।

Tata Communications

टाटा कम्युनिकेशंस, कनाडा और कनाडा रेवेन्यू एजेंसी के बीच कंपनी के इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस सर्विस बिजनेस से होने वाली कमाई पर टैक्स के दावों से जुड़े मामले को सुलझाने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है।

Blue Dart Express

बाल्फोर मैनुअल ने ब्लू डार्ट के एमडी पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 29 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगा। उनकी जगह आरएस सुब्रमण्यन 30 नवंबर से पद संभालेंगे।

Welspun Enterprises

ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने ₹183.8 करोड़ में प्रति शेयर ₹765.02 के भाव पर वेलस्पन एंटरप्राइजेज के 24.02 लाख शेयर (1.73% हिस्सेदारी) बेच दी। वहीं फिडेलिटी सिक्योरिटीज फंड ने फिडेलिटी ब्लू चिप ग्रोथ फंड के जरिए प्रति शेयर ₹765 के भाव पर कंपनी के 19.23 लाख शेयर (1.38% हिस्सेदारी) ₹147.15 करोड़ में खरीदे।

Kanohar Electricals, Prasol Chemicals, Glass Wall Systems

आज बीएसई और एनएसई पर कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, प्रसोल केमिकल्स और ग्लास वाल सिस्टम्स के शेयरों की एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज आएगा रिजल्ट: टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया)

एक्स-डिविडेंड: 63 मून्स टेक्नोलॉजीज, एक्सेडेरे, अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा इंडिया, एरेक्स इंडस्ट्रीज, एएसआई इंडस्ट्रीज, एटम वॉल्व्स, बेद फिनसर्व, बजाज स्टील, बन्नारी अम्मान शुगर्स, BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, सिनेलाइन इंडिया, डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स, डी नोरा इंडिया, डेंटा वॉटर एंड इंफ्रा सॉल्यूशंस, एल्डेको हाउसिंग एंड इंडस्ट्रीज, एम्बी इंडस्ट्रीज, गरवारे हाई-टेक फिल्म्स, गुजरात क्राफ्ट इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान कॉपर, इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स, जश इंजीनियरिंग, मंगल कम्प्यूसॉल्यूशन, नॉर्दर्न स्पिरिट्स, द फॉस्फेट कंपनी, प्रकाश पाइप्स, प्रकाश इंडस्ट्रीज, रीगल रिसोर्सेज, राजपूताना स्टेनलेस, सलोना कॉटस्पिन, शिल्प ग्रेव्यूर्स, सिग्मा सॉल्व, स्टेलेंट सिक्योरिटीज (इंडिया), टैनफैक इंडस्ट्रीज, यूनाइटेड ड्रिलिंग टूल्स, विजया डायग्नोस्टिक सेंटर, विनती ऑर्गेनिक्स, वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स, डब्ल्यूएसएफएक्स ग्लोबल पे, जोडिएक एनर्जी

एक्स-राइट्स: टुनी टेक्सटाइल मिल्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch : 16 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, फिनटेक स्टॉक्स पर भी खास नजर

Stocks to Watch: बुधवार, 16 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। Bharat Forge से लेकर BHEL और Sonata Software तक कई कंपनियों ने अहम कारोबारी अपडेट दिए हैं। वहीं, UPI पर MDR लागू होने के बाद Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे फिनटेक स्टॉक्स भी नजर में रहेंगे। आइए जानते हैं 16 सितंबर को किन 13 शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी।

Bharat Forge

डिफेंस और ऑटो सेक्टर की कंपनी Bharat Forge ने RTX की Pratt & Whitney Canada के साथ हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियां DRDO के HALE UAV प्रोग्राम में एडवांस्ड टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावना तलाशेंगी।

Sonata Software

आईटी सेक्टर की कंपनी Sonata Software ने Amazon Web Services (AWS) के साथ पांच साल का Strategic Collaboration Agreement किया है। कंपनी की घरेलू इकाई Sonata Information Technology Limited इस समझौते पर काम करेगी।

BHEL

सरकारी पावर और इंजीनियरिंग कंपनी BHEL ने Titagarh Rail Systems के साथ ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। यह JV Vande Bharat Sleeper Trainsets की व्यापक मेंटेनेंस का काम करेगा। दोनों कंपनियां इन ट्रेनों की 35 साल तक देखरेख करेंगी।

Groww

फिनटेक कंपनी Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures में ब्लॉक डील की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक Peak XV Partners Investments VI-1 और Sequoia Capital Global Growth Fund III – U.S./India Annex Fund अपने शेयर बेच सकते हैं। इस डील के लिए ₹191.45 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस बताया गया है।

Vedanta

माइनिंग सेक्टर की कंपनी Vedanta 18 सितंबर को कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक करेगी। इसमें Non-Convertible Debentures यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार होगा। कंपनी इन NCDs को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी करने की तैयारी कर रही है।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) को करीब ₹144.98 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर की वैल्यू में GST शामिल नहीं है। कंपनी को NEEPCO, SAIL, ED और Damodar Valley Corporation से ये काम मिले हैं।

Blue Star

होम अप्लायंस सेक्टर की कंपनी Blue Star ने बताया कि Oman की W.J. Towell & Co LLC ने Dubai Court of Appeal का रुख किया है। कंपनी ने आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को रद्द करने की मांग की है। इस अवॉर्ड में Blue Star के खिलाफ किए गए सभी दावों को खारिज कर दिया गया था।

Tata Communications

टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी Tata Communications की कनाडा स्थित सब्सिडियरी TC Canada और Canada Revenue Agency के बीच एक समझौते पर सहमति बनी है। यह समझौता टैक्स दावों से जुड़ा है। ये दावे TC Canada की इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन सर्विसेज से हुई आय से संबंधित हैं।

GMR Airports

एयरपोर्ट सेक्टर की कंपनी GMR Airports ने अगस्त में अपने एयरपोर्ट पोर्टफोलियो में 94 लाख पैसेंजर मूवमेंट दर्ज किए। वित्त वर्ष 2027 में अब तक पैसेंजर ट्रैफिक 4.897 करोड़ हो गया है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.4% ज्यादा है।

Aurobindo Pharma

फार्मा सेक्टर की कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने उसकी API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। यह यूनिट उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Apitoria Pharma की है। यूनिट-II तेलंगाना में स्थित है।

VIP Industries

लगेज सेक्टर की कंपनी VIP Industries 18 सितंबर को बोर्ड बैठक करेगी। इसमें फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। कंपनी इक्विटी शेयर, डेट सिक्योरिटीज, कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज, ADRs, GDRs, FCCBs, वारंट और अन्य सिक्योरिटीज जारी करने पर विचार कर सकती है।

Purple Style Labs

फैशन और ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनी Purple Style Labs ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी PSL Retail में ₹420 करोड़ निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया जाएगा। Purple Style Labs, Pernia’s Pop-Up Shop की पैरेंट कंपनी है।

India Pesticides

एग्रोकेमिकल सेक्टर की कंपनी India Pesticides को इंटरनेशनल मार्केट में अपने दो पेस्टिसाइड प्रोडक्ट्स के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिली है। कंपनी को ब्रिटेन में एक कीटनाशक के लिए Technical Equivalence अप्रूवल मिला है। वहीं अर्जेंटीना में एक हर्बीसाइड के लिए रजिस्ट्रेशन मिला है।

Fintech Stocks

सरकार की ओर से UPI पर 0.40% MDR तय किया है। इसके बाद Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे फिनटेक स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर रहेगी। नए MDR स्ट्रक्चर का डिजिटल पेमेंट कंपनियों और उनके रेवेन्यू मॉडल पर असर दिख सकता है।

Stock in Focus: BHEL ने वंदे भारत ट्रेन के लिए रेल कंपनी से मिलाया हाथ, 35 साल तक मेंटेनेंस का रहेगा काम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पुतिन की भारत यात्रा से पहले जेवर पहुंचा रूस का Ilyushin Il-76, जानें क्यों खास है ये ‘भारी-भरकम’ विमान

Ilyushin Il-76: 2026 ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से एक दिन पहले, रूसी वायु सेना का Ilyushin Il-76 भारी मालवाहक विमान जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। इस विमान में रूसी राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के तहत सुरक्षा के लिए एक एडवांस टीम और जरूरी सामान लाया गया था।

राष्ट्रपति पुतिन आमतौर पर Ilyushin Il-96-300PU विमान से यात्रा करते हैं। यह रूस का राष्ट्रपति विमान है। वहीं, Il-76 का इस्तेमाल भारी सामान, जरूरी सामान, सैनिकों और अन्य लॉजिस्टिक सामान को ले जाने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि पुतिन जैसे बड़े नेता की यात्रा से पहले तैयारियों के लिए इस विमान का इस्तेमाल किया गया।

Ilyushin Il-76 क्या है?

Ilyushin Il-76, जिसे NATO रिपोर्टिंग नाम “कैंडिड” (Candid) से भी जाना जाता है, चार इंजन वाला टर्बोफैन स्ट्रैटेजिक एयरलिफ्टर है। इसे मूल रूप से सोवियत संघ के इल्यूशिन डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया था। अब इस विमान के प्रोडक्शन और आधुनिकीकरण का काम रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन देखती है।

इस विमान को मुश्किल हालात में काम करने के लिए डिजाइन किया गया था और यह छोटे, बिना पक्के या बिना तैयारी वाले एयरफील्ड पर भी उतर सकता है। इसे दूर-दराज या कम सुविधा वाले इलाकों तक भारी मशीनरी, मिलिट्री गाड़ियां और भारी मात्रा में सामान पहुंचाने के लिए बनाया गया था।

Il-76 में टाइटेनियम का कार्गो फ्लोर और एक इंटीग्रेटेड रैंप सिस्टम है, जिससे सामान को आसानी से अंदर-बाहर (रोल-ऑन/रोल-ऑफ) किया जा सकता है। इसमें दो इंटरनल इलेक्ट्रिक विंच हैं, जिनमें से हर एक तीन टन तक का वजन खींच सकता है, और चार ओवरहेड इलेक्ट्रिक होइस्ट हैं जिनकी कुल उठाने की क्षमता 10 टन तक है।

इसका मजबूत, मल्टी-व्हील लैंडिंग गियर खास फ्यूजलेज फेयरिंग में लगा होता है, जिससे यह विमान जमी हुई बर्फ, मिट्टी और घास जैसी सतहों से भी ऑपरेट कर सकता है।

भारत Il-76 का भी इस्तेमाल करता है

भारत 1985 से Il-76 का इस्तेमाल कर रहा है और भारतीय वायु सेना इसे अपनी रणनीतिक भारी-भरकम सामान ढोने की क्षमता के एक अहम हिस्से के तौर पर इस्तेमाल करती है। भारत में इस विमान को “गजराज” या “हाथियों का राजा” के नाम से भी जाना जाता है।

IAF के पास 17 Il-76MD रणनीतिक भारी ट्रांसपोर्ट विमान हैं, जिनमें 44 स्क्वाड्रन, यानी “माइटी जेट्स” के विमान भी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल सैनिकों, बख्तरबंद गाड़ियों और भारी सामान को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है।

भारत छह Il-78MKI विमानों का भी इस्तेमाल करता है, जो Il-78MKI के खास वर्जन हैं और हवा में ही ईंधन भरने के लिए तैयार किए गए हैं। Il-78MKI का इस्तेमाल हवा में ही IAF के फाइटर जेट्स में ईंधन भरने के लिए किया जाता है।

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मखाना, सत्तू और बहुत कुछ… BRICS Summit में दिखी ‘Vocal for Local’ की झलक, जानें Media Kit में क्या-क्या है?

BRICS Summit Media Kit: नई दिल्ली में हो रहा 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन दुनिया की कुछ सबसे ताकतवर उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ ला रहा है, लेकिन इस सम्मेलन की कवरेज करने वाले पत्रकारों को दी गई मीडिया किट एक बिल्कुल अलग वजह से चर्चा में है – और वह वजह है इसका खास भारतीय अंदाज।

सोशल मीडिया पर इस मीडिया किट को “वोकल फॉर लोकल” (स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने) की पहल बताया जा रहा है, क्योंकि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को दिए जा रहे इस पैकेज में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाए गए उत्पादों को शामिल किया गया है।

पत्रकार सिद्धांत सिब्बल ने ब्रिक्स दिल्ली समिट की मीडिया किट को “चर्चा का विषय” बताया। उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” (स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाली) पहल के तहत शामिल एक बैग का जfक्र किया, जिसमें बिहार का मखाना और सत्तू, ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के हैंडीक्राफ्ट्स (हाथ से बनी चीजें) शामिल थे। एक और पोस्ट में सिबल ने बताया कि समिट की कवरेज करने वाले देश-विदेश के पत्रकारों के लिए तैयार मीडिया किट में “मखाना (फॉक्स नट) और गुजरात के हैंडीक्राफ्ट्स” भी शामिल थे।

मीडिया किट में अलग-अलग राज्यों के सामान को शामिल करने से इसे एक खास भारतीय और क्षेत्रीय पहचान मिलती है।

मीडिया किट में अलग-अलग राज्यों के उत्पादों को शामिल करने से एक मजबूत क्षेत्रीय पहचान मिलती है। बिहार का सत्तू (भुने हुए चने के आटे से बनी पारंपरिक चीज) और मखाना (फॉक्स नट्स) ऐसे दो उत्पाद हैं जो राज्य की खान-पान और खेती-बाड़ी की विरासत का अहम हिस्सा बन गए हैं। जबकि ओडिशा के पहाड़ी इलाकों में उगाई जाने वाली कोरापुट कॉफी, भारत के एक ऐसे उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाती है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

वहीं, गुजरात की हस्तकलाएं भारत की पारंपरिक कारीगरी और खान-पान की विविधता को एक साथ पेश करते हुए इसमें एक खास कारीगरी की झलक दिखाते हैं।

न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, BRICS समिट में मीडिया किट बैग उच्च-स्तरीय कूटनीति के साथ-साथ “भारत की समृद्ध पाक-कला परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरी के हुनर” को भी सामने लाता है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 12-13 सितंबर को होने वाले समिट से पहले, विदेश मंत्रालय (MEA) की मीडिया किट भारत और दुनिया भर के पत्रकारों को “भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता का अनुभव” कराती है।

इस पैकेज में सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन) का पहलू भी शामिल है। सिब्बल ने खास तौर पर “रीपरपज्ड बैग” (दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार बैग) का जिक्र किया, जबकि पत्रकार सुहासिनी हैदर ने विदेश मंत्रालय और इंडियन डिप्लोमेसी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह बैग #BRICS2026 की उन सभी यादों को संजोने के लिए एक सोच-समझकर बनाया गया “रीपरपज्ड बैग” है, जिन्हें समिट के बाद मीडिया अपने साथ ले जाएगा!

हैदर ने इसमें शामिल अधिकारियों की भी तारीफ की और लिखा, “हम अक्सर ऐसा कहते नहीं हैं, लेकिन टीम XP जबरदस्त है।”

हो सकता है कि मीडिया किट उस समिट का एक छोटा सा हिस्सा हो, जिसमें जियोपॉलिटिक्स, ट्रेड और ‘ग्लोबल साउथ’ जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही हो। लेकिन इसमें मौजूद चीज़ें यह बताती हैं कि भारत की ग्लोबल कहानी सिर्फ उसकी आर्थिक या रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बारे में नहीं है। बल्कि यह उसके किसानों, कारीगरों, क्षेत्रीय खान-पान की परंपराओं और स्थानीय उत्पादों के बारे में भी है।

बता दें कि दुनिया भर के पत्रकारों को सत्तू, मखाना, कोरापुट कॉफ़ी और गुजरात के हैंडीक्राफ्ट्स देकर, ब्रिक्स समिट असल में एक साधारण सी मीडिया किट को भारत की ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को दिखाने का जरिया बना रहा है।

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