पुतिन की भारत यात्रा से पहले जेवर पहुंचा रूस का Ilyushin Il-76, जानें क्यों खास है ये ‘भारी-भरकम’ विमान

Ilyushin Il-76: 2026 ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से एक दिन पहले, रूसी वायु सेना का Ilyushin Il-76 भारी मालवाहक विमान जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। इस विमान में रूसी राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के तहत सुरक्षा के लिए एक एडवांस टीम और जरूरी सामान लाया गया था।

राष्ट्रपति पुतिन आमतौर पर Ilyushin Il-96-300PU विमान से यात्रा करते हैं। यह रूस का राष्ट्रपति विमान है। वहीं, Il-76 का इस्तेमाल भारी सामान, जरूरी सामान, सैनिकों और अन्य लॉजिस्टिक सामान को ले जाने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि पुतिन जैसे बड़े नेता की यात्रा से पहले तैयारियों के लिए इस विमान का इस्तेमाल किया गया।

Ilyushin Il-76 क्या है?

Ilyushin Il-76, जिसे NATO रिपोर्टिंग नाम “कैंडिड” (Candid) से भी जाना जाता है, चार इंजन वाला टर्बोफैन स्ट्रैटेजिक एयरलिफ्टर है। इसे मूल रूप से सोवियत संघ के इल्यूशिन डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया था। अब इस विमान के प्रोडक्शन और आधुनिकीकरण का काम रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन देखती है।

इस विमान को मुश्किल हालात में काम करने के लिए डिजाइन किया गया था और यह छोटे, बिना पक्के या बिना तैयारी वाले एयरफील्ड पर भी उतर सकता है। इसे दूर-दराज या कम सुविधा वाले इलाकों तक भारी मशीनरी, मिलिट्री गाड़ियां और भारी मात्रा में सामान पहुंचाने के लिए बनाया गया था।

Il-76 में टाइटेनियम का कार्गो फ्लोर और एक इंटीग्रेटेड रैंप सिस्टम है, जिससे सामान को आसानी से अंदर-बाहर (रोल-ऑन/रोल-ऑफ) किया जा सकता है। इसमें दो इंटरनल इलेक्ट्रिक विंच हैं, जिनमें से हर एक तीन टन तक का वजन खींच सकता है, और चार ओवरहेड इलेक्ट्रिक होइस्ट हैं जिनकी कुल उठाने की क्षमता 10 टन तक है।

इसका मजबूत, मल्टी-व्हील लैंडिंग गियर खास फ्यूजलेज फेयरिंग में लगा होता है, जिससे यह विमान जमी हुई बर्फ, मिट्टी और घास जैसी सतहों से भी ऑपरेट कर सकता है।

भारत Il-76 का भी इस्तेमाल करता है

भारत 1985 से Il-76 का इस्तेमाल कर रहा है और भारतीय वायु सेना इसे अपनी रणनीतिक भारी-भरकम सामान ढोने की क्षमता के एक अहम हिस्से के तौर पर इस्तेमाल करती है। भारत में इस विमान को “गजराज” या “हाथियों का राजा” के नाम से भी जाना जाता है।

IAF के पास 17 Il-76MD रणनीतिक भारी ट्रांसपोर्ट विमान हैं, जिनमें 44 स्क्वाड्रन, यानी “माइटी जेट्स” के विमान भी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल सैनिकों, बख्तरबंद गाड़ियों और भारी सामान को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है।

भारत छह Il-78MKI विमानों का भी इस्तेमाल करता है, जो Il-78MKI के खास वर्जन हैं और हवा में ही ईंधन भरने के लिए तैयार किए गए हैं। Il-78MKI का इस्तेमाल हवा में ही IAF के फाइटर जेट्स में ईंधन भरने के लिए किया जाता है।

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मसाज चेयर्स और सोने की नक्काशी… कतर ने डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट किया बेहद आलीशान विमान, देखें अंदर की तस्वीरें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक नए बोइंग 747-8 एयरोप्लेन में अपनी पहली यात्रा पूरी की। ये विमान कतर ने डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट किया है। फिलहाल ये बेहद आलीशान जहाज अस्थायी रूप से एयर फोर्स वन के रूप में अपनी सेवाएं देगा। इसे उड़ता हुआ महल या पैलेस इन द व्हील्स भी कहा जा रहा है। खास बात ये है कि इसे ट्रंप की जरूरतों और पसंद के मुताबिक कस्टमाइज भी किया गया है।

इसमें हैं इन-बिल्ट मसाज चेयर्स और सोने की कलाकृति

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस 400 मिलियन डॉलर (40 करोड़ डॉलर) के बोइंग 747-8 विमान के अंदर लग्जरी और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का अद्भुत तालमेल है। इस जहाज के अंदर रीक्लाइनिंग सीटें लगाई गई हैं। ये सीटें इन-बिल्ट मसाज फंक्शन से लैस हैं। विमान के इंटीरियर में जगह-जगह सोने की नक्काशी और सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही लाइट फिक्सचर्स भी सुनहरे रंग के हैं। जहाज के अंदर का हिस्सा बेज, क्रीम और भूरे रंगों से सजाया गया है। इसमें लेगरूम को काफी बड़ा किया गया है और हर सीट के लिए पर्सनल एंटरटेनमेंट स्क्रीन के साथ चार्जिंग पोर्ट दिए गए हैं। वाइट हाउस के स्टाफ द्वारा साझा की गई तस्वीरों में विमान के भीतर एक कॉन्फ्रेंस रूम, सोफा सीटिंग और अमेरिकी स्मारकों की तस्वीरों से सजी दीवारें दिखाई दी हैं।

36 साल पुराने विमानों से काफी बड़ा और आधुनिक

यह नया विमान उन पुराने बोइंग विमानों की तुलना में एक बहुत बड़ा अपग्रेड है जो पिछले 36 वर्षों से एयर फोर्स वन के रूप में सेवाएं दे रहे थे। नया बोइंग 747-8 विमान पिछले 747 विमान की तुलना में लगभग 20 फीट अधिक लंबा है और इसका विंगस्पैन भी करीब 30 फीट अधिक चौड़ा है। इस विमान के बाहरी हिस्से पर नीले, लाल, सुनहरे और सफेद रंग का पेंट स्कीम किया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि इस कलर कंबिनेशन का चयन खुद डोनाल्ड ट्रंप ने किया था।

नॉर्थ डकोटा के लिए भरी पहली उड़ान, परिवार भी रहा साथ

इस नए जहाज ने डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस से नॉर्थ डकोटा पहुंचाया। ट्रंप यहां थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए गए थे। अपनी इस पहली यात्रा पर निकलने से पहले ट्रंप ने विमान की जमकर तारीफ की और इसे अब तक का सबसे शानदार कमर्शियल प्लेन तक बता दिया। ट्रंप ने कहा कि देश को इस पर बहुत गर्व होना चाहिए, यह बेहद खूबसूरत है। इस यात्रा में ट्रंप के साथ उनके बेटे एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ-साथ उनकी बहू बेटिना भी मौजूद थीं।

कतर के गिफ्ट पर उठे सवाल, ट्रंप ने दिया जवाब

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कतर से इस विमान को उपहार के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद से ही यह विमान लगातार जांच और विवादों के घेरे में है। आलोचकों ने इस पूरे समझौते की नैतिकता और विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रा पर रवाना होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया। ट्रंप ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि यह विमान एक ऐसे देश (कतर) से आया है जिसने हमारे साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है।

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