Stocks to Watch: लंबे वीकेंड बाद Nifty की एक्सपायरी; HDFC Bank, Indiabulls, Raymond समेत ये 29 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इस तरह लगातार पांच हफ्ते की गिरावट और लंबे वीकेंड के बाद इस हफ्ते की शुरुआत ग्रीन हो सकती है। इस हफ्ते सोमवार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद था जिसके चलते मार्केट आज तीन दिनों की छुट्टियों के बाद खुल रहा है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है।

एक कारोबारी दिन पहले 11 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 120.83 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 74,781.76 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 79.70 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,398.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Horizon Industrial Parks Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर होरिजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स घाटा कंसालिडेटेड लेवल पर ₹64.3 करोड़ से घटकर ₹10.3 करोड़ रह गया तो रेवेन्यू 23.1% बढ़कर ₹200.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Lalithaa Jewellery Mart Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ललिता ज्वैलरी मार्ट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 21.6% गिरकर ₹208.2 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹6,031.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Nova Iron & Steel Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नोवा आयरन एंड स्टील का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 61.1% गिरकर ₹86 लाख और रेवेन्यू 40.3% फिसलकर ₹67.5 करोड़ पर आ गया।

HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने अगले एमडी और सीईओ के लिए आरबीआई के पास दो नाम सैलरी स्ट्रक्चर के साथ प्राथमिकता के क्रम में भेजे हैं। इसके अलावा बोर्ड ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के तौर पर वी श्रीनिवास रंगन और जिम्मी टाटा को तीन साल के लिए फिर जिम्मेदारी दी है तो बोर्ड ने पूर्णकालिक निदेशक का एक और पद बनाने को मंजूरी दी है, जिससे एमडी और सीईओ के अलावा पूर्णकालिक निदेशकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर SA इन्वेस्टमेंट्स प्रोप्राइटरी ने ओमनिया होल्डिंग्स के सभी बकाया शेयर $135.5 करोड़ (₹12,951 करोड़) में खरीदने के लिए ओमनिया होल्डिंग्स के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।

KEC International

केईसी इंटरनेशनल को भारत, मिडिल ईस्ट और अमेरिका में T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) प्रोजेक्ट के लिए ₹1,303 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डरों के साथ इस साल अब तक कंपनी को ₹7,600 करोड़ से अधिक के ऑर्डर्स मिल चुके हैं।

Indiabulls

इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड के साथ एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी एनसीएलटी स्कीम के जरिए ₹1,050 करोड़ में फिनटेक क्लाउड में 70% हिस्सेदारी खरीदेगी।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान ड्रायडॉक्स वर्ल्ड दुबई – FZCO (DDW) के साथ एक जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है।

Strides Pharma Science

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 2 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 के दौरान चेन्नई के अलाथुर में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस की फॉर्मूलेशन फैसिलिटी में रूटीन cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) इंस्पेक्शन किया और इसके बाद तीन ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने मेक्सिको में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के एपीआई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रिकॉर्ड्स का एसेसमेंट पूरा कर लिया है और दो ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म FDA 2953 जारी किया है। यह एसेसमेंट 17 जुलाई से 8 सितंबर, 2026 के बीच हुआ था।

Aurobindo Pharma

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 7 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 के बीच आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में अरबिंदों फार्मा की सब्सिडियरी एपिटोरिया फार्मा की API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (यूनिट-IV) का निरीक्षण किया, जिसमें कोई खामी नहीं मिली।

Sun Pharmaceutical Industries

सन फार्मा की तीन सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरेकि दवाओं की प्राइसिंग से जुड़े एक कानूनी मामले में सेटलमेंट किया है। हालांकि सौदा कितने में हुआ, यह बात सामने नहीं आई है और कंपनी ने कोई गलती भी नहीं मानी है।

Jubilant Pharmova

जुबिलैंट फार्मोका की अमेरिकी यूनिट जुबिलैंट Jubilant HollisterStier LLC की वॉशिंगटन में स्थित सीएमओ फैसिलिटी की अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 8-17 जून के बीच जांच की, जिसमें फैसिलिटी को VAI (वालंटरी एक्शन इंडिकेटेड) कैटेगरी में रखा गया यानी कि कुछ रेगुलेटरी कंसर्न मिले हैं। Jubilant HollisterStier LLC की बात करें तो यह जुबिलैंट फार्मा होल्डिंग इंक की सब्सिडियरी है जोकि जुबिलैंट फार्मोवा के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जुबिलैंट फार्मा की सब्सिडियरी है।

Greenply Industries

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने अपनी जॉइंट वेंचर ग्रीनप्लाई सैमेट के प्रस्तावित कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग का ऐलान किया है। इसकी शुरुआती शर्तों के तहत ज्वाइंच वेंचर पार्टनर सैमेट दो से तीन वर्षों में इसमें ₹3.0-4.0 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी का निवेश करेगी।

Raymond

रेमंड की एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एयरोस्पेस का एक बड़ा और नया काम मिला है। इसमें रेमंड की सब्सिडियरी को जहाज में इस्तेमाल होने वाले 300 से अधिक अलग-अलग तरह के पार्ट्स बनाने हैं और हर साल 37 हजार से अधिक पार्ट्स की जरूरत होगी। इससे कंपनी को सालाना करीब ₹33 करोड़ का रेवेन्यू मिल सकता है।

TVS Motor Company

टीवीएस मोटर कंपनी ने श्रीलंका में अपनी टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल रेंज को और बढ़ाया और इसमें फ्लैगशिप TVS अपाचे RR 310, TVS अपाचे RTR 310, TVS अपाचे RTR 200 4V TFT और TVS अपाचे RTR 160 4V TFT को शामिल किया।

Coforge

कोफोर्ज में डीके सिंह ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और NRC (नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमिटी) के चेयरपर्सन के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड ने एनआरसी और एसआरसी (स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमिटी) का फिर से गठन किया है और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बेथ बाउचर को एनआरसी का चेयरपर्सन नियुक्त किया है।

Piramal Finance

मूडीज रेटिंग्स ने पिरामल फाइनेंस की लॉन्ग-टर्म कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग (CFR) और सीनियर सिक्योर्ड डेट रेटिंग को Ba3 से बढ़ाकर Ba2 कर दिया है।

Info Edge (India)

हिमांशु अग्रवाल 17 सितंबर से इन्फो एज (इंडिया) में सीएफओ और एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर शामिल होंगे।

HDFC Life Insurance Company

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को मुंबई में ब्याज और पेनल्टी समेत कुल ₹3,365.15 करोड़ के जीएसटी का डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी का कहना है कि इसका कंपनी के बिजनेस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और वह जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल में इसे चुनौती देगी।

WeWork India Management

वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, बेंगलुरु से फॉर्म RSC-1 के तहत शेयर कैपिटल में प्रस्तावित कटौती की मंजूरी मांगी है। प्रस्ताव के तहत कंपनी की योजना अपने सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट में मौजूद ₹2,158.9 करोड़ के बैलेंस में से ₹2,050.16 करोड़ का इस्तेमाल करके मार्च 2026 तक के ₹2,050.16 करोड़ के घाटे को पूरी तरह खत्म करने का है।

BlackBuck

दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया की कंपनी एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस) से प्रति शेयर ₹576.05 के भाव पर ₹155.5 करोड़ में ब्लैकबक के 27 लाख शेयर (1.48% हिस्सेदारी) खरीदे। जून 2026 तक एक्सेल इंडिया IV की ब्लैकबक में 7.17% हिस्सेदारी (1.3 करोड़ इक्विटी शेयर) थी।

Jamna Auto Industries

जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के प्रमोटर रणदीप सिंह जौहर और प्रदीप सिंह जौहर ने 99.95 लाख-99.95 लाख शेयर (2.5% हिस्सेदारी) ₹255.87 करोड़ में प्रति शेयर ₹128 के भाव पर बेच दिए। इनमें से 360 वन म्यूचुअल फंड और 360 वन एसेट मैनेजमेंट ने ₹127.93 करोड़ में जमना ऑटो के 99.95 लाख शेयर (2.5% हिस्सेदारी) तो डीएसपी म्यूचुअल फंड ने ₹100 करोड़ में 78.12 लाख शेयर (1.95% हिस्सेदारी) और अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹27.93 करोड़ में 21.82 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) खरीदे हैं।

Granules India

प्रमोटर कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति ने ग्रैन्यूल्स इंडिया में 5.36% हिस्सेदारी वाले 1.33 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1160 करोड़ में प्रति शेयर ₹872.50 के भाव और 39.04 लाख शेयर (1.57% हिस्सेदारी) भी ₹892.84 के भाव पर ₹348.64 करोड़ में बेच दिए। कुल मिलाकर प्रमोटर ने ₹1,508.64 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 6.94% कम हो गई। वहीं दूसरी तरफ कैपिटल ग्रुप, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, 360 वन पाइप फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, जगदीश नरेश मास्टर, मायरा वरुण रहेजा, सुंदरम म्यूचुअल फंड, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी-III, क्लैरस कैपिटल 1, एडलवाइज म्यूचुअल फंड, एमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड, फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप और ऑप्टिमिक्स होलसेल ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट्स शेयर ट्रस्ट ने ग्रैन्यूल्स इंडिया में 5.36% हिस्सेदारी खरीदी।

Sri Lotus Developers and Realty

मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने मोहम्मद इरफान मोहम्मद लतीफ शेख से प्रति शेयर ₹201.75 के भाव पर ₹30.26 करोड़ श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी के 15 लाख शेयर (0.3% हिस्सेदारी) हासिल की।

NRB Bearings

प्रमोटर एंटिटी त्रिलोचन सिंह साहनी ट्रस्ट 1 ने एनआरबी बेयरिंग्स में 0.51% हिस्सेदारी वाले 5 लाख शेयर ₹25.25 करोड़ में प्रति शेयर ₹505 के भाव पर बेचे। इनमें से 2.27 लाख शेयर ₹11.49 करोड़ में डीटी फंड ने खरीदे तो जीपी इमर्जिंग मार्केट्स स्ट्रैटेजीज एलपी ने ₹5.64 करोड़ में 1.11 लाख शेयर और यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम डू लैक ने ₹8.1 करोड़ में 1.6 लाख शेयर खरीदे।

Electrotherm India

रेडिएंट ग्लोबल फंड-क्लास B पार्टिसिपेटिंग शेयर्स ने 8 स्क्वायर कैपिटल से प्रति शेयर ₹951.83 के भाव पर इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) के अतिरिक्त 2.15 लाख (1.69% हिस्सेदारी) ₹20.53 करोड़ में खरीदे हैं। इससे पहले जून 2026 तक रेडिएंट ग्लोबल फंड-क्लास B पार्टिसिपेटिंग शेयर्स की इलेक्ट्रोथर्म में 1.41% तो 8 स्क्वायर कैपिटल की 2.32% हिस्सेदारी थी।

Pranav Constructions, Apana Logistics

प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो अपना लॉजिस्टिक्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: सनशाइन पिक्चर्स

एक्स-डिविडेंड: कर्नाटक बैंक, मनकसिया एल्युमीनियम कंपनी, आरती फार्मालैब्स, एजी ग्रीनपैक, अक्षरकेम इंडिया, एरो ग्रीनटेक, बेलराइज इंडस्ट्रीज, ब्लू डार्ट एक्सप्रेस, कैरीसिल, दिलीप बिल्डकॉन, फिलाटेक्स इंडिया, फ्रंटियर स्प्रिंग्स, हेक्सागोन न्यूट्रिशन, द हाई-टेक गियर्स, एचपी एडहेसिव्स, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, आईटीएल इंडस्ट्रीज, IL&FS इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स, द इंडियन वुड प्रोडक्ट्स कंपनी, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स, कांची कर्पूरम, केएनआर कंस्ट्रक्शन्स, एनडीएल वेंचर्स, निखिल एडहेसिव्स, पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स, समक्रग पिस्टन्स एंड रिंग्स, सिमंड्स मार्शल, सोलेक्स एनर्जी, सुपरहाउस, सुपर टैनरी, सुरक्षा डायग्नोस्टिक, सिस्टेमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज, तिलकनगर इंडस्ट्रीज, टाइम टेक्नोप्लास्ट, टीपीएल प्लास्टेक, वेबसोल एनर्जी सिस्टम

एक्स-राइट्स: सेंचुरी एक्स्ट्रूजन्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

3 दिन, 15 मुलाकातें और बड़े फैसले… BRICS Summit में PM मोदी का रहा ‘पावर पैक्ड’ शेड्यूल, ग्लोबल साउथ पर दिया जोर

BRICS Summit 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में हुए हाई-प्रोफाइल ब्रिक्स समिट का समापन रविवार को ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ के साथ हुआ, जो भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत थी। वहीं, इस समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शेड्यूल काफी व्यस्त रहा। प्रधानमंत्री ने कम से कम 15 देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के मसूद पेजेशकियन शामिल थे। इन बैठकों के जरिए पीएम मोदी ने भारत के अहम सहयोगियों और पश्चिमी देशों के साथ संबंधों के बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखा।

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया, जिसमें उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के बीच मजबूत संबंध बनाने और वैश्विक संस्थागत सुधारों की वकालत की। साथ ही, उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और विकासशील देशों को लाभ पहुंचाने के लिए कई पहल भी प्रस्तावित कीं।

पहला दिन: मोदी की पुतिन और पेजेश्कियान के साथ बैठक

11 सितंबर को, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब यूक्रेन युद्ध के कारण मॉस्को और पश्चिमी देशों के संबंध प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने भारत-रूस संबंधों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने की रणनीतियां भी शामिल थीं। चर्चाओं में रक्षा, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर भी बात हुई।

इसके कुछ घंटों बाद, उन्होंने भारत मंडपम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की; यह दो हफ्तों में उनकी दूसरी बैठक थी। प्रधानमंत्री ने भारत के इस रुख को दोहराया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र के सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने इस क्षेत्र में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। पेजेश्कियान ने भी इस संघर्ष के बीच भारत से बड़ी कूटनीतिक भूमिका निभाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। गुटेरेस ने पीएम मोदी को ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता मिलने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने मल्टीपोलैरिटी (बहु-ध्रुवीयता) के महत्व और UN सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।

बैठकों के बाद PM मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने ग्लोबल इनोवेशन, व्यापार और आर्थिक सहयोग में इस समूह की बढ़ती मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बीच भारत ने अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार मजबूती और इनोवेशन को बनाया है।

दूसरा दिन: सबकी नजरें शी-मोदी पर

प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया, जो सात साल बाद भारत की अपनी पहली यात्रा पर आएं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार के माहौल में हो रही है। शनिवार को ब्रिक्स समिट की भी औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें ग्लोबल गवर्नेंस, मल्टीलेटरलिज्म, आर्थिक सहयोग और ब्रिक्स समूह के विस्तार के बाद उसके भविष्य जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

ब्रिक्स समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि BRICS किसी देश या समूह के खिलाफ नहीं है। उन्होंने ऐसे समय में ज्यादा सहयोग की अपील की जब ‘ग्लोबल साउथ’ मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उन्होंने ग्लोबल गवर्नेंस संस्थानों में सुधार के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बात की।

प्रधानमंत्री ने शी के साथ एक अहम द्विपक्षीय बैठक भी की, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत सीमा सुरक्षा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चीन के साथ “अर्थपूर्ण बातचीत” के लिए तैयार है। शी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और चीन एक-दूसरे की खूबियों से सीख सकते हैं और उन्होंने वैश्विक मंच पर दोनों देशों की बड़ी भूमिका की वकालत की। दोनों पक्षों ने फिर से कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए और मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए।

शी के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली, मलेशिया के अनवर इब्राहिम, यूएई के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और वियतनाम के ले मिन्ह हंग के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं।

तीसरा दिन: ब्रिक्स समिट का समापन

ईरान और UAE के बीच तनाव के बावजूद ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ पर पूरी सहमति बनने के बाद, प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स समिट के समापन की औपचारिक घोषणा की। ब्रिक्स की ‘फैमिली फोटो’ में उनके साथ पुतिन और शी भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने इसे ब्रिक्स परिवार की बढ़ती ताकत और वैश्विक प्रभाव का एक सशक्त उदाहरण बताया।

अन्य नेताओं के भारत से रवाना होने के दौरान, पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और मिस्र के अब्देल फतह अल-सिसी के साथ भी बैठकें कीं।

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Traffic advisory: BRICS समिट के आखिरी दिन के लिए ट्रैफिक डायवर्जन का ऐलान! दिल्ली में आज ये रास्ते रहेंगे बंद,देखें- फूल एडवाइजरी

BRICS Summit traffic advisory: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन रविवार (13 सितंबर) के लिए एक डिटेल्स एडवाइजरी जारी की है। इसमें 22 स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन किए जाने और 35 से अधिक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित किए जाने की घोषणा की है। प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ में आयोजित तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन रविवार को ये पाबंदियां सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेंगी।

इस बीच, 13 सितंबर 2026 को होने वाली NDA/CDS परीक्षा को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने परीक्षार्थियों और एग्जाम सेंटरों से जुड़े अधिकारियों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने उम्मीदवारों से समय से घर से निकलने और अपने परीक्षा केंद्र का रास्ता पहले से जांच लेने की अपील की है।

आज इन रास्तों से बचें, पूरे दिन रहेंगे बंद!

मध्य और दक्षिण दिल्ली की कई प्रमुख सड़कें इससे प्रभावित होंगी। इनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, 30 जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, सत्य मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, नीति रूट, पंचशील रूट, कमाल अतातुर्क रूट, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रोड, प्रेस एन्क्लेव रोड, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जोसेफ ब्रोज टीटो रूट और लाला लाजपत राय रूट शामिल हैं।

डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक पर मथुरा रोड और तिलक मार्ग पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। पूर्वी और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को बहादुर शाह जफर मार्ग और इंद्रप्रस्थ रूट से भेजा जाएगा। जबकि नई दिल्ली और कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले वाहनों को सिकंदरा रोड से भेजा जाएगा। राम चरण अग्रवाल चौक से डब्ल्यू-पॉइंट की ओर कमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को उनके मंजिल के अनुसार इंद्रप्रस्थ मार्ग, दीनदयाल उपाध्याय रूट या बहादुर शाह जफर मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा।

कनॉट प्लेस, पटेल चौक और राम मनोहर लोहिया (RLM) अस्पताल के आसपास भी ट्रैफिक संबंधी पाबंदियां लागू रहेंगी। कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी रूट और जनपथ के रास्ते सी-हेक्सागन की ओर आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रूट्स से भेजा जाएगा। दक्षिण दिल्ली में लोधी रोड के आसपास कई स्थानों पर पाबंदियां लगाई जाएंगी। इनमें लोधी रोड के अमृता शेरगिल मार्ग, मैक्स मूलर मार्ग, महर्षि रमण मार्ग और आर्कबिशप मकारियस मार्ग के साथ बने चौराहे शामिल हैं।

मथुरा रोड से भारत मंडपम की ओर आने वाले वाहनों को लोधी और ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे निर्धारित स्थानों से मोड़ा जाएगा। वाहनों को लोधी रोड, नीला गुंबद और अन्य संपर्क मार्गों की ओर भेजा जाएगा, जबकि ओबेरॉय होटल और गोल्फ लिंक जाने वाले वाहनों को निर्धारित स्थान तक जाने की अनुमति होगी।

एजवाइजरी में दिल्ली रेलवे स्टेशन का भी जिक्र

एडवाइजरी में नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक रूट्स भी बताए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करने की विशेष रूप से सलाह दी है। मेट्रो के सभी स्टेशन पर सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। जबकि VVIP की आवाजाही के दौरान बसों के मार्ग बदले जा सकते हैं। टैक्सी और ऑटोरिक्शा को निर्धारित स्थानों को छोड़कर सड़क किनारे खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।

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इमरजेंसी और मेडिकल सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें दिल्ली में बिना किसी बाधा के आने-जाने दिया जाएगा। आवश्यक सेवाओं और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े कार्यों पर कोई रोक नहीं होगी। ट्रैफिक पुलिस ने हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (ISBT) की ओर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से जाने की सलाह दी है।

BRICS Summit में PM मोदी का बड़ा प्रस्ताव, बोले- एकता को ठोस नतीजों में बदलने का समय

BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा, “भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है। उन्होंने कहा, लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। पीएम मोदी ने कहा, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

‘BRICS अब कमिंग ऑफ एज के दौर में’

प्रधानमंत्री कहा, “इस वर्ष का ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ बना रहे हैं। मानव जीवन में 20 वर्ष की आयु, मैच्योरिटी और रिस्पॉन्सिबिलिटी के नए चरण का आरंभ करती है। यह वो अवस्था होती है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां जुड़ती हैं। सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है। आज ब्रिक्स भी अपने ‘कमिंग ऑफ एज’ के क्षण में है।

उन्होंने कहा, पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दर्शकों का सम्मान करते हैं और कर्तव्यनिष्ठ से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें।

पीएम मोदी ने समिट में लीडर्स को संबोधित करते हुए आगे कहा, अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एम्बिशियस एजेंडा पर काम करना होगा। इसकी शुरूआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है। किंतु इसकी वजह से हमारी संस्थागत गति नहीं रुकनी चाहिए। मैं ब्रिक्स ‘कंटिन्यूटी एंड इम्प्लीमेंटेशन मैकेनिज्म’ यानी ‘निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र’ का प्रस्ताव रखता हूं। इसके तहत ट्रोइका (Troika) के माध्यम से सभी पहलों और परिणामों का फॉलोअप हो सकेगा।”

ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी-PM मोदी

उन्हों आगे कहा, “ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी। ग्लोबल गवर्नेंस का वर्तमान स्ट्रक्चर पिरामिड की तरह दिखाई देता है। इसके ऊपरी भाग में पावर और डिसीजन मेकिंग केंद्रित है और निचले भाग में वो देश हैं जो इन निर्णयों से प्रभावित तो होते हैं लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते। ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रॉ में है लेकिन डिसीजन मेकिंग की बैक रो में है।”

नाविकों की सुरक्षा पर PM मोदी ने दिया जोर

BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “समुद्र में काम करने वाले नाविक (Seafarers) वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान देते हैं, लेकिन मुश्किल समय में उन्हें मदद की जरूरत होती है। मेरा प्रस्ताव है कि हम एक ‘सीफेयरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बना सकते हैं। इसके जरिए मुश्किल हालात में नाविकों को अलर्ट भेजने, मेडिकल मदद देने, उनके परिवारों को जानकारी देने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने जैसे कामों में सहायता दी जा सकती है।”

ग्लोबल साउथ बने Rule-Shaper: PM मोदी

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, “तीसरी बात जो मैं रखना चाहता हूं, वह नियम बनाने से जुड़ी है। भविष्य के वैश्विक नियम तय करने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। AI, साइबरस्पेस, बाहरी अंतरिक्ष, बायोटेक्नोलॉजी और अहम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र भविष्य के अवसरों के साथ भविष्य के नियम भी तय कर रहे हैं। हमें ‘ग्लोबल साउथ’ को ‘नियम मानने वाले’ (rule-taker) से ‘नियम बनाने वाले’ (rule-shaper) बनाने के प्रयास करने होंगे। BRICS के जरिए, हम ग्लोबल साउथ के देशों के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत के कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता प्रदान कर सकते हैं।”

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पुतिन की भारत यात्रा से पहले जेवर पहुंचा रूस का Ilyushin Il-76, जानें क्यों खास है ये ‘भारी-भरकम’ विमान

Ilyushin Il-76: 2026 ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से एक दिन पहले, रूसी वायु सेना का Ilyushin Il-76 भारी मालवाहक विमान जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। इस विमान में रूसी राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के तहत सुरक्षा के लिए एक एडवांस टीम और जरूरी सामान लाया गया था।

राष्ट्रपति पुतिन आमतौर पर Ilyushin Il-96-300PU विमान से यात्रा करते हैं। यह रूस का राष्ट्रपति विमान है। वहीं, Il-76 का इस्तेमाल भारी सामान, जरूरी सामान, सैनिकों और अन्य लॉजिस्टिक सामान को ले जाने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि पुतिन जैसे बड़े नेता की यात्रा से पहले तैयारियों के लिए इस विमान का इस्तेमाल किया गया।

Ilyushin Il-76 क्या है?

Ilyushin Il-76, जिसे NATO रिपोर्टिंग नाम “कैंडिड” (Candid) से भी जाना जाता है, चार इंजन वाला टर्बोफैन स्ट्रैटेजिक एयरलिफ्टर है। इसे मूल रूप से सोवियत संघ के इल्यूशिन डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया था। अब इस विमान के प्रोडक्शन और आधुनिकीकरण का काम रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन देखती है।

इस विमान को मुश्किल हालात में काम करने के लिए डिजाइन किया गया था और यह छोटे, बिना पक्के या बिना तैयारी वाले एयरफील्ड पर भी उतर सकता है। इसे दूर-दराज या कम सुविधा वाले इलाकों तक भारी मशीनरी, मिलिट्री गाड़ियां और भारी मात्रा में सामान पहुंचाने के लिए बनाया गया था।

Il-76 में टाइटेनियम का कार्गो फ्लोर और एक इंटीग्रेटेड रैंप सिस्टम है, जिससे सामान को आसानी से अंदर-बाहर (रोल-ऑन/रोल-ऑफ) किया जा सकता है। इसमें दो इंटरनल इलेक्ट्रिक विंच हैं, जिनमें से हर एक तीन टन तक का वजन खींच सकता है, और चार ओवरहेड इलेक्ट्रिक होइस्ट हैं जिनकी कुल उठाने की क्षमता 10 टन तक है।

इसका मजबूत, मल्टी-व्हील लैंडिंग गियर खास फ्यूजलेज फेयरिंग में लगा होता है, जिससे यह विमान जमी हुई बर्फ, मिट्टी और घास जैसी सतहों से भी ऑपरेट कर सकता है।

भारत Il-76 का भी इस्तेमाल करता है

भारत 1985 से Il-76 का इस्तेमाल कर रहा है और भारतीय वायु सेना इसे अपनी रणनीतिक भारी-भरकम सामान ढोने की क्षमता के एक अहम हिस्से के तौर पर इस्तेमाल करती है। भारत में इस विमान को “गजराज” या “हाथियों का राजा” के नाम से भी जाना जाता है।

IAF के पास 17 Il-76MD रणनीतिक भारी ट्रांसपोर्ट विमान हैं, जिनमें 44 स्क्वाड्रन, यानी “माइटी जेट्स” के विमान भी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल सैनिकों, बख्तरबंद गाड़ियों और भारी सामान को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है।

भारत छह Il-78MKI विमानों का भी इस्तेमाल करता है, जो Il-78MKI के खास वर्जन हैं और हवा में ही ईंधन भरने के लिए तैयार किए गए हैं। Il-78MKI का इस्तेमाल हवा में ही IAF के फाइटर जेट्स में ईंधन भरने के लिए किया जाता है।

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BRICS Summit 2026: दिल्ली में 11-13 सितंबर के दौरान क्या खुला रहेगा और क्या बंद? जानिए Metro, स्कूल, बैंक और ट्रैफिक का पूरा अपडेट

BRICS Summit 2026: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS Leaders’ Summit होने जा रहा है। भारत मंडपम में होने वाले इस बड़े सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में ट्रैफिक पर पाबंदियां रहेंगी। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधिमंडल और दूसरे बड़े मेहमान शामिल होंगे। उनकी आवाजाही को देखते हुए 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

यहां बताया गया है कि 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में क्या खुला रहेगा और क्या बंद रहेगा।

क्या-क्या बंद रहेगा?

स्कूल

BRICS समिट के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजामों के कारण, दिल्ली शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त बिना सहायता वाले प्राइवेट स्कूल शुक्रवार, 11 सितंबर को बंद रहेंगे।

सरकारी दफ्तर

NCT दिल्ली के तहत आने वाले दिल्ली सरकार के सभी दफ्तर, स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 11 सितंबर को बंद रहेंगे।

बता दें कि उपराज्यपाल ने BRICS समिट को देखते हुए दिल्ली में 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

क्या-क्या खुला रहेगा?

बैंक

दिल्ली में 11 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के छुट्टियों के कैलेंडर में इस तारीख को बैंक की छुट्टी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।

प्राइवेट ऑफिस

प्राइवेट ऑफिस हमेशा की तरह काम करते रहेंगे। हालांकि, जो कर्मचारी सेंट्रल दिल्ली और VVIP मूवमेंट से प्रभावित अन्य इलाकों से गुजरेंगे, उन्हें ट्रैफिक पाबंदियों, डायवर्जन और देरी का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली मेट्रो

समिट के दौरान पूरे नेटवर्क पर दिल्ली मेट्रो की सेवाएं चालू रहेंगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेगा।

बस, कैब और सड़कों का क्या होगा?

बस के रूट में बदलाव

विदेशी मेहमानों और VVIP के काफिले के आने-जाने के दौरान दिल्ली की बसों के रूट बदले जा सकते हैं या उन्हें कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी देख लेनी चाहिए।

कैब सेवाएं

कैब सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वे VVIP के आने-जाने के दौरान प्रतिबंधित या नियंत्रित इलाकों में पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट न रखें।

ट्रैफिक से जुड़ी पाबंदियां

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। समिट की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है।

मोटरकेड रिहर्सल और VVIP की आवाजाही के दौरान 22 चिन्हित डाइवर्जन पॉइंट्स पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा।

इसके अलावा, अलग-अलग समय पर 35 से ज्यादा सड़कों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।

ये पाबंदियां 10 सितंबर से शुरू होकर लगभग 14 सितंबर तक जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें VVIP की आवाजाही के आधार पर ट्रैफिक को डाइवर्ट किया जाएगा या कुछ समय के लिए रोका जाएगा।

सबसे ज्यादा परेशानी किसे हो सकती है?

नोएडा और पूर्वी दिल्ली से आने-जाने वाले लोग

नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान, सेंट्रल दिल्ली और शहर के दूसरे हिस्सों की ओर जाने वाले लोगों को मुख्य कनेक्टिंग सड़कों पर लगी पाबंदियों के कारण देरी का सामना करना पड़ सकता है।

द्वारका और पश्चिमी दिल्ली

द्वारका और पश्चिमी दिल्ली से धौला कुआं, एयरपोर्ट और सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को भी VVIP मूवमेंट के दौरान डायवर्जन और जाम का सामना करना पड़ सकता है।

दक्षिणी दिल्ली

साकेत में अपने होटल और सेंट्रल दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही से दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर पीक आवर्स के दौरान।

एयरपोर्ट और रेलवे यात्री

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल जाने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे जल्दी निकलें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। जहां भी संभव हो, दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

क्या पार्किंग की अनुमति होगी?

जिन सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू हैं, वहां 200 मीटर के दायरे में सड़क के किनारे पार्किंग की अनुमति नहीं होगी।

वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे तय पार्किंग सुविधाओं का इस्तेमाल करें और प्रतिबंधित इलाकों में या उनके आस-पास पार्किंग करने से बचें।

क्या गूगल मैप्स और अन्य नेविगेशन ऐप्स प्रतिबंधों को दिखाएंगे?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने समिट से पहले ऑनलाइन मैप सर्विस देने वाली कंपनियों के साथ बैठकें की हैं।

ये प्लेटफॉर्म ट्रैफिक अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाएंगे और प्रतिबंधों, डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी रियल-टाइम में अपडेट करेंगे ताकि यात्रियों को प्रभावित इलाकों से निकलने में मदद मिल सके।

दिल्ली में आने-जाने वालों को क्या करना चाहिए?

ट्रैफिक पर लगी पाबंदियां पूरे दिन लागू नहीं रहेंगी। अधिकारियों ने कहा कि VVIP के काफिले की आवाजाही के आधार पर इन्हें लागू किया जाएगा या इनमें ढील दी जाएगी।

आने-जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी देख लें, जहां तक ​​हो सके पाबंदी वाले रास्तों से बचें और शहर के प्रभावित इलाकों से गुजरने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करें।

11 सितंबर को स्कूल और दिल्ली सरकार के ऑफिस बंद रहेंगे, जबकि बैंक, प्राइवेट ऑफिस और मेट्रो सेवाएं चालू रहेंगी। ऐसे में BRICS समिट का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग राजधानी में कहां और कैसे सफर करते हैं।

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