बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेला आज से शुरू, जाने से पहले जानिए कहां ठहरना है और खाने-पीने की व्यवस्था कैसी है

गयाजी में पितृपक्ष मेला आज यानी 25 सितंबर से शुरू हो गया है। अगर आप पितृपक्ष में गयाजी जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो रहने और खाने-पीने की व्यवस्था के बारे में जान लेना जरूरी है। पर्यटन विभाग की ओर से श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मेले में देशभर से लोग अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए आते हैं।

गयाजी रोड या ट्रेन से पहुंच सकते हैं

गयाजी रेलवे और सड़कों से अच्छी तरह से कनेक्टेड है। दूसरे राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं को सबसे पहले गयाजी के गांधी मैदान पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए। यहां बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की तरफ से 2,500 क्षमता वाली टेंट सिटी का निर्माण किया गया है। यहां पीने का साफ पानी, शौचालय और बेड सहित सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यहां पुलिस कंट्रोल रूम, सीसीटीवी, वॉच टावर, मेडिकल कैंप के इंतजाम किए ग हैं। पूरी टेंट सिटी की ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

इन जगहों पर ठहरने की व्यापक व्यवस्था

टेंट सिटी के अलावा कई धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था की गई है। इनमें बोधगया की निगमा मॉनेस्ट्री, मगध विवि का परीक्षा हॉल, राजकीय पॉलीटेक्निक, गयाजी धर्मशाला, अक्षयवट में स्थित चंद्रशेखर उच्च विद्यालय, टी मॉडल इंटर विद्यालय, गुरुनानक मध्य विद्यालय, गया आईटीआई, ब्रजभूषण संस्कृत महाविद्यालय शामिल हैं। इस बारे में पूरी जानकारी कई जगहों पर बनाए गए सूचना डेस्क से मिल जायेगी।

मेला स्थल से नजदीक होटल में भी ठहर सकते हैं

श्रद्धालु पिंडदान वाली जगह से नजदीक के होटल में भी ठहर सकते हैं। इनमें बोधगया में स्थित वेलकम होटल, हयात पैलेस, मरासा सरोवर प्रीमियर, संबोधि रिट्रीट, बुद्धा हेरिटेज होटल, द रॉयल रेसिडेंसी, बोधगया रीजेंसी होटल, द फर्न रेजिडेंसी, होटल सुजाता, होटल स्टार, होटल ताज दरबार, होटल प्रिंस, होटल ओम इंटरनेशनल, द बोधि पैलेस रिज़ॉर्ट, होटल माया हेरिटेज शामिल हैं। करीब तीन दर्जन ऐसे होटल हैं जो बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम से एप्रूव्ड हैं।

टेंट सिटी सहति इन जगहों पर खाने-पीने की सुविधा

खाने-पीने की व्यवस्था टेंट सिटी में की गई है। इसके अलावा स्टेशन रोड, सरकारी बस स्टैंड, गेवाल बीघा, बाईपास, विष्णुपद सहित आसपास के इलाकों में खाने-पीने के लिए पर्याप्त फूड स्टॉल उपलब्ध हैं। विष्णुपद और गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कई बड़े कारोबारियों की ओर से भी मुफ्त भोजन के स्टॉल लगाए गए हैं। कई स्टॉल दूसरे राज्य के लोगों की खानपान को ध्यान में रखकर लगाए गए हैं।

बोधगया में बोधि वृक्ष को देख सकते हैं

गयाजी के नजदीक कई प्रमुख और ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल हैं। इनमें बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल बोधगया शामिल है। यहां बोधि वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। यहां विश्व प्रसिद्ध महाबोधी मंदिर, 80 फीट ऊँची बुद्ध प्रतिमा के साथ-साथ जापानी और थाईलैंड के बौद्ध मंदिर देखने योग्य हैं। गयाजी से इसकी दूरी करीब 13 किमी है। लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित बराबर गुफाएं भारत की सबसे प्राचीन चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाएं हैं। इसका संबंध मौर्य काल और आजीविका संतों से है। इनकी वास्तुकला अद्भुत और रहस्यमयी है।

राजगारी सहित इन जगहों को भी देख सकते हैं

गया जी से 75 किमी दूर मगध साम्राज्य की प्राचीन राजधानी राजगीर भी एक प्रमुख आकर्षण है। यहां भगवान बुद्ध ने कई वर्ष बिताए थे। यहां गर्म पानी के कुंड, विश्व शांति स्तूप (रोपवे), ग्लास ब्रिज, जू सफारी और घोड़ाकटोरा जैसे स्थल मौजूद हैं। 85 किमी दूर स्थित पावापुरी जैन धर्म का एक पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां भगवान महावीर को मोक्ष प्राप्त हुआ था। यहां पानी के बीचों-बीच सफेद संगमरमर से निर्मित जल मंदिर स्थित है। 95 किमी की दूरी पर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नालंदा स्थित है, जहां दुनिया के सबसे पुराने और प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक अवशेष स्थित है। इसके नजदीक में ह्वेनसांग का म्यूजियम भी दर्शनीय है।

(पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट)

तमिलनाडु में महिलाओं को डीलक्स और एक्सप्रेस बसों में भी मिलेगी फ्री में यात्रा की सुविधा, 2 अकटूबर को लॉन्च से 84 लाख को होगा फायदा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने सोमवार को ‘वेत्री पयानम’ की तैयारियों का जायजा लिया। यह महिलाओं के लिए राज्य की बढ़ाई गई फ्री बस यात्रा स्कीम है, जिसे 2 अक्टूबर को पूरे राज्य में लॉन्च किया जाएगा। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक रिलीज में कहा गया है कि इस फ्लैगशिप स्कीम से हर दिन लगभग 84.32 लाख महिलाओं को फायदा होने की उम्मीद है।

इस स्कीम के तहत, महिलाएं 12,692 तय सरकारी बसों में फ्री यात्रा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने वेट्री पयनम योजना की घोषणा की थी। इसके तहत महिलाएं शहरों और कस्बों में डीलक्स और एक्सप्रेस बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यह योजना 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) से नए रूप में लागू हो रही है, जिसके तहत इसका दायरा बढ़ाया गया है। तमिलनाडु की सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर इसके दायरे में आएंगे। अब साधारण बसों के अलावा एक्सप्रेस, एलएसएस, डीलक्स और मोफुसिल बसों में भी मुफ्त यात्रा की जा सकेगी। इस योजना में कोई आय सीमा या दैनिक यात्रा की दूरी/संख्या की कोई पाबंदी नहीं है।

इस योजना में 40 किलोमीटर से ज्यादा चलने वाली मोफस्सिल ऑर्डिनरी और घाट ऑर्डिनरी बसें भी शामिल होंगी। आधिकारिक घोषण के मुताबिक, ये तय बसें सात स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन द्वारा चलाए जा रहे कुल फ्लीट का 69% हैं। ये बसें हर दिन 1,65,312 एक तरफ की यात्रा करेंगी, जो राज्य के कुल बस ऑपरेशन का 85% है। ऑपरेशनल साइड पर, तय बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों का इंटीग्रेशन पूरा हो गया है। अधिकारियों को 25 सितंबर तक सिस्टम टेस्टिंग और वेरिफिकेशन पूरा करने के लिए कहा गया है, जिसके बाद 27 सितंबर को ट्रायल रन होगा।

विजय ने 24 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में इस योजना का ऐलान किया था। इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं और लड़कियों को यातायात खर्च की वजह से नौकरी या पढ़ाई के मौकों से वंचित न होना पड़े। वे आसानी से काम की जगहों, कॉलेजों और जरूरी मेडिकल सुविधाओं तक पहुंच सकें।

राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ए विजय थमिज़हन पार्थिबन, चीफ सेक्रेटरी एम साईकुमार, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (फाइनेंस) एम असिथिक, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी इला निथिरमलराज और दूसरे सीनियर ब्यूरोक्रेट्स सेक्रेटेरिएट में हुई रिव्यू मीटिंग में शामिल हुए।

Asian Games एयरपोर्ट पर भूखे प्यासे फंसे रहे एथलीट्स, शटल सर्विस में गड़बड़ी

Asian Games

बुधवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों से पहले, ट्रांसपोर्ट में भारी देरी के कारण कई देशों और क्षेत्रों के एथलीट और अधिकारी चुबू सेंट्रेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित वेन्यू, आइची स्काई एक्सपो में फंस गए।कई देशों के दल अपने आधिकारिक ठहरने की जगह तक जाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे, क्योंकि ऑन-साइट सिस्टम में बड़ी संख्या में एथलीटों की जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे वे पहले से तय शटल बसों में नहीं चढ़ सके। इस समस्या के लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।

चीनी दल के सदस्यों का एक समूह, जिसमें कई राष्ट्रीय टीमें शामिल थीं, स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 12:15 बजे एयरपोर्ट पहुंचा। सिस्टम में उनकी कुछ जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे समूह शटल बसों में नहीं चढ़ सका।

इस अव्यवस्था से कई देशों और क्षेत्रों के दल प्रभावित हुए। भारत की रोइंग टीम के एक कोच ने बताया कि उनकी टीम सुबह 10 बजे पहुंची थी, लेकिन ट्रांसपोर्ट के लिए चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा; उनसे पहले पहुंची टीमों को भी ऐसी ही देरी का सामना करना पड़ा। एक दल सदस्य के अनुसार, चीन की जिम्नास्टिक टीम के 21 सदस्यों में से केवल दो ही ऑन-साइट सिस्टम में मिल सके, जिससे पूरी टीम फंस गई।

थके-हारे एथलीट एयरपोर्ट टर्मिनल के ठीक बाहर आइची स्काई एक्सपो में घंटों इंतजार करते रहे। कई चीनी एथलीटों ने इस खाली समय का इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए किया और वार्म-अप के लिए योग मैट बिछाए। चीनी दल के एक अधिकारी ने कहा, “किसी ने हमें रवानगी का सही समय नहीं बताया। यहां तक कि स्टाफ और वॉलंटियर्स के पास भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।”

दोपहर भर इंतजार का सिलसिला चलता रहा। कजाकिस्तान की शूटिंग टीम ने बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार किया। एक वॉलंटियर ने कहा कि यह अव्यवस्था विभागों के बीच खराब तालमेल के कारण लग रही थी। वॉलंटियर ने कहा, “कामकाज के कई हिस्से आपस में जुड़े नहीं हैं। टीमें चाहें तो प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इंतजाम कर सकती हैं, लेकिन उन्हें इसका खर्च खुद उठाना होगा।”

आधिकारिक बसों के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा न होने के कारण, चीन की बैडमिंटन टीम ने एयरपोर्ट की पब्लिक बसों से जाने की कोशिश की, लेकिन सभी के लिए पर्याप्त टिकट नहीं मिल सके। कुछ एथलीट अलग-अलग चले गए, जबकि बाकी वहीं रुके रहे। बाकी बचे बैडमिंटन खिलाड़ियों की मदद नागोया में चीनी कॉन्सुलेट जनरल के स्टाफ़ ने की, जिन्होंने स्थानीय प्रवासी चीनी संपर्कों के ज़रिए चार्टर्ड गाड़ियों का इंतज़ाम किया। आख़िरकार पूरी टीम शाम 4:30 बजे आइची स्काई एक्सपो से रवाना हुई।

दूसरी चीनी टीमों को भी काफ़ी देर तक इंतज़ार करना पड़ा। टेबल टेनिस, वुशु और रोइंग टीमों के कुछ सदस्य शाम 5 बजे के आस-पास सरकारी बसों में सवार हुए, जबकि जिम्नास्टिक्स टीम शाम 6 बजे तक वहाँ से नहीं निकल पाई – यानी पहुँचने के लगभग छह घंटे बाद।

कुछ डेलिगेशन के लिए यह परेशानी और भी लंबी चली। स्थानीय समय के अनुसार शाम 7 बजे के आस-पास, श्रीलंकाई डेलिगेशन के एक अधिकारी ने बताया कि घर से निकलने के बाद से टीम का कुल सफ़र और इंतज़ार का समय 24 घंटे तक पहुँच गया था।

पूरे दिन हालात बहुत साधारण रहे। वेन्यू पर सिर्फ़ पीने का पानी उपलब्ध था, खाने-पीने की कोई चीज़ नहीं थी। एक थके हुए एथलीट ने कहा, “मुक़ाबलों के मुक़ाबले मैदान के बाहर की ये परेशानियाँ झेलना ज़्यादा मुश्किल है।”गेम्स से पहले लॉजिस्टिक्स में आई इस गड़बड़ी ने मेज़बान की इवेंट को सुचारू रूप से चलाने की क्षमता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब बस में भी मिलेगा बिजनेस क्लास जैसा सफर, जानें केरल की प्रीमियम बस की खासियतें!

केरल (Kerala) सरकार की नई प्रीमियम बस इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इस बस को खास तौर पर पैसेंजर को कम्फर्टेबल और बेहतर ट्रैवल देने के लिए तैयार किया गया है। बस के अंदर की फैसिलिटी और इसका प्रीमियम लुक लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसे देखकर कहा जा रहा है कि अब रोड ट्रैवल करने वालों को भी हवाई जहाज जैसा आराम और फैसिलिटीज मिल सकती है।

केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) की यह बस लंबी दूरी के सफर को पहले से ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश है। बस में पैसेंजर की फैसिलिटी का खास ध्यान रखा गया है, इसलिए आम बस ट्रिप के मुकाबले इसका एक्सपीरियंस काफी अलग नजर आता है। इसी वजह से इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों के बीच हॉट टॉपिक बन गया है।

एयरोप्लेन जैसा एक्सपीरियंस

केरल की नई प्रीमियम बस को पैसेंजर के आराम का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें कम्फर्टेबल लेदर सीटें लगी हैं और हर सीट पर अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन दी गई है। जर्नी में पैसेंजर स्क्रीन पर एंटरटेनमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा बस में फ्री वाई-फाई और सीट के पास चार्जिंग पोर्ट की फैसिलिटी भी मिलती है। इससे पैसेंजर ट्रेवलिंग में अपने मोबाइल और दूसरे डिवाइस आसानी से चला और चार्ज कर सकते हैं। फैसिलिटी को एक ही बस में रखा गया है। यही वजह है कि इस सर्विस की तुलना एयरोप्लेन ट्रैवल से की जा रही है।

 

सफर के साथ स्वाद का मजा

इस बस में पैसेंजर की फैसिलिटी के लिए होस्टेस भी मौजूद रहती है। बस में होस्टेस पैसेंजर को गर्म ड्रिंक और शावरमा रोल जैसी खाने-पीने की चीजें देती हैं। इससे पैसेंजर को लॉन्ग जर्नी के दौरान खाने-पीने की फैसिलिटी बस में ही मिल जाती है। यह फैसिलिटी आम बस ट्रिप से इसे थोड़ा यूनिक और स्पेशल बनाती है। इस सुविधा से सफर थोड़ा ज्यादा कम्फर्टेबल और कनविनिएंट बन जाता है। बस में पैंट्री, कॉफी मेकर और मिनी फ्रिज जैसी फैसिलिटी भी दी गई हैं, जिससे इसे आम बस ट्रिप से अलग प्रीमियम एक्सपीरियंस मिलता है।

 

बस के अंदर ही वॉशरूम फैसिलिटी

लॉन्ग जर्नी में सबसे ज्यादा परेशानी वॉशरूम को लेकर होती है, लेकिन इस बस में इसका भी इंतजाम किया गया है। बस के अंदर ही वॉशरूम बनाया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर पैसेंजर को बस से नीचे उतरने की जरूरत नहीं होगी। बस का वॉशरूम भी साफ-सुथरा और ऑर्गनाइज होता है। यह फैसिलिटी खासतौर पर लॉन्ग डिस्टेंस ट्रैवल करने वाले पैसेंजर के लिए काफी काम की है। यही सुविधा इस बस को सामान्य लॉन्ग जर्नी की बसों से थोड़ा अलग बनाती है और लोगों को इसमें हवाई जहाज जैसा सफर महसूस हो रहा है।केरल (Kerala ) की यह नई प्रीमियम बस सड़क के सफर को ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश है। तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) और कोच्चि (Ernakulam, Kochi)के बीच चलने वाली इस प्रीमियम बस का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। इस रूट का टिकट ₹671 बताया गया है। यह सर्विस 20 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। इसे लेकर लोग सरकारी बस में मिलने वाली इन नई फैसिलिटी की तारीफ कर रहे हैं। बस में मिलने वाली मॉडर्न फैसिलिटी से पैसेंजर को लॉन्ग डिस्टेंस जर्नी में ज्यादा फैसिलिटी मिल सकती है।