एक ट्रेन, कई खूबसूरत मंजिलें! वंदे भारत से बनाएं परफेक्ट वीकेंड प्लान

वीकेंड पर आप दिल्ली की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करके कम समय में एक अच्छी छोटी ट्रिप का मजा लिया जा सकता है। ट्रेन का आरामदायक सफर आपका समय भी बचाता है और सफर की थकान भी कम करता है।

कम दिनों की छुट्टी में ऐसी जगह चुनना सही रहता है, जहां घूमने के लिए ज्यादा समय मिले और सफर में पूरा दिन न निकल जाए। वीकेंड ट्रिप के लिए ट्रेन से ट्रिप करना इसलिए भी अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि आप आराम से सफर करते हुए अपने परिवार या दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

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1. चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा

वीकेंड में कम समय में घूमने के लिए चंडीगढ़ एक अच्छा ऑप्शन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की वीकेंड ट्रिप के लिए 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुविधाजनक ऑप्शन है। ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 5:50 बजे चलकर करीब 2 घंटे 48 मिनट में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) सुबह 8:38 बजे पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹855 और Executive Chair Car का करीब ₹1,585 है। एक दिन की ट्रिप में सुबह रॉक गार्डन और रोज गार्डन घूमने के बाद सुखना झील घूम सकते हैं। शाम को झील के आसपास समय बिताने के बाद सेक्टर-17 मार्केट में शॉपिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। अगर 2 दिन का समय है, तो दूसरे दिन कैपिटल कॉम्प्लेक्स और शहर के आसपास की जगहें देख सकते हैं।

 

2. देहरादून, उत्तराखंड

पहाड़ों और हरियाली के बीच छोटा-सा ब्रेक लेना चाहते हैं तो देहरादून का प्लान बनाया जा सकता है। देहरादून जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 22457 दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से शाम 5:50 बजे चलती है और करीब 4 घंटे 45 मिनट में रात 10:35 बजे देहरादून (DDN) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,075 और Executive Chair Car का करीब ₹1,900 है। शहर में एक दिन हो तो रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आसानी से घूमे जा सकते हैं। शाम को किसी लोकल कैफे में बैठकर देहरादून का माहौल एंजॉय करें। दो दिन मिल रहे हों तो अगले दिन मसूरी की ओर निकलना बेहतर रहेगा।

 

3. अजमेर, राजस्थान

अगर वीकेंड पर धार्मिक स्थलों के साथ राजस्थान की संस्कृति देखना चाहते हैं, तो अजमेर को चुन सकते हैं। दिल्ली से अजमेर जाने के लिए वंदे भारत का रूट जयपुर होते हुए अजमेर तक जाता है। इस यात्रा में करीब 5 घंटे 15 मिनट लगते हैं और AC Chair Car का किराया लगभग ₹1,150 से शुरू होने की जानकारी अवेलेबल है। स्टेशन पहुंचने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह से घूमने की शुरुआत करें और फिर अढ़ाई दिन का झोपड़ा देखा जा सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में आना सागर झील के आसपास वक्त बिताएं और शाम को स्थानीय बाजार में राजस्थानी मिठाइयों और खाने का स्वाद लें। दो दिन का प्लान है तो अगले दिन अजमेर से पुष्कर जाकर पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर घूम सकते हैं।

 

4. वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी की यात्रा बाकी जगहों से थोड़ी लंबी है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के लिए यह खास डेस्टिनेशन है। वाराणसी के लिए 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 6:00 बजे चलती है और करीब 8 घंटे में दोपहर 2:00 बजे वाराणसी जंक्शन (BSB) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,835 और Executive Chair Car का करीब ₹3,385 है। यहां एक दिन का समय हो तो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को प्राथमिकता दें। शाम होते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखना न भूलें। पुरानी गलियों में घूमकर बनारसी खान-पान का स्वाद भी लिया जा सकता है।

 

5. जयपुर, राजस्थान

शाही महलों, किलों और बाजारों से भरी जयपुर की यात्रा दिल्ली से वीकेंड पर आसानी से की जा सकती है। जयपुर के लिए दिल्ली से वंदे भारत की ट्रिप करीब 3 घंटे 37 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। मौजूदा शेड्यूल में एक वंदे भारत दिल्ली कैंट (DEC) से दोपहर 3:10 बजे चलकर शाम 7:00 बजे जयपुर जंक्शन (JP) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹835 और Executive Chair Car का करीब ₹1,610 है। दूसरी वंदे भारत दिल्ली कैंट से शाम 6:28 बजे चलकर रात 10:05 बजे जयपुर पहुंचती है। एक दिन में आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर को कवर किया जा सकता है। घूमने के बाद शाम का समय जौहरी बाजार या बापू बाजार में शॉपिंग के लिए रखें और दाल बाटी चूरमा, प्याज कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें।

कुदरत ने बनाया ऐसा संगम, जहां साथ बहती हैं दो अलग रंगों वाली नदियां

बारिश के मौसम में प्रकृति कई ऐसे नजारे दिखाती है, जिन्हें देखकर आंखें ठहर जाती हैं। मध्य प्रदेश के बांद्राभान संगम पर इन दिनों नर्मदा और तवा नदी का ऐसा ही अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। यहां दो नदियां एक-दूसरे से मिलती हैं, लेकिन संगम से पहले दोनों का पानी अलग-अलग रंग में नजर आता है। एक तरफ नदी का पानी मटमैला दिखाई देता है, तो दूसरी ओर नदी का पानी नीला नजर आता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे एक ही जगह पर दो अलग रंगों की नदियां बह रही हों।

मानसून के दौरान बारिश का असर नदियों के पानी पर साफ दिखाई देता है। बारिश के साथ मिट्टी, रेत और दूसरी चीजें बहकर नदी में पहुंचती हैं, जिससे पानी का रंग बदल जाता है। इसी वजह से बांद्राभान संगम का यह दृश्य इन दिनों और भी खास दिखाई दे रहा है। दोनों नदियों के अलग रंगों वाला पानी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है और यह जगह फोटोग्राफी के लिए भी बेहद अट्रैक्टिव बन गई है।

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नर्मदा का बदला रंग

मानसून में तेज बारिश के कारण आसपास की मिट्टी और गाद पानी के साथ नर्मदा नदी में पहुंचती है। इसी वजह से नर्मदा का पानी इस समय मटमैला या भूरा नजर आता है। संगम के पास पहुंचने पर यह रंग साफ दिखाई देता है और दूर से देखने पर पानी की अलग धारा आसानी से पहचानी जा सकती है।नर्मदा के ठीक दूसरी तरफ तवा नदी का पानी अपेक्षाकृत साफ और नीला नजर आता है। दोनों नदियों के पानी के रंग में इतना फर्क दिखाई देता है कि संगम का दृश्य पहली नजर में ही लोगों का ध्यान खींच लेता है। नीले और मटमैले पानी का यह मेल इस जगह को और खास बना देता है।

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मानसून का असर

बारिश का असर नदियों पर कई तरह से पड़ता है। तेज बारिश के दौरान नदी में मिट्टी, गाद और छोटे कण पहुंचने से पानी का रंग बदल सकता है। अलग-अलग जगहों से आने वाले पानी की वजह से दो नदियों के रंग में भी अंतर दिखाई दे सकता है। बांद्राभान में मानसून के दौरान यही बदलाव इस अनोखे नजारे की वजह बन रहा है।

खूबसूरत संगम

बांद्राभान संगम का अलग-अलग रंगों वाला पानी देखने के साथ-साथ तस्वीरें लेने के लिए भी अट्रैक्टिव लगता है। एक फ्रेम में मटमैली नर्मदा और नीली तवा नदी का नजर आना इस जगह की खासियत है। मानसून के बादल, हरियाली और नदियों का यह नजारा मिलकर इसे नेचर और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास बना देते हैं।

बांद्राभान संगम का यह नजारा मानसून के दिनों में और भी खास हो जाता है। नर्मदा और तवा के पानी का अलग रंग दूर से ही लोगों का ध्यान खींचता है। प्रकृति का यह खूबसूरत रूप बताता है कि बारिश के मौसम में नदियों का रंग और अंदाज किस तरह बदल जाता है।

महाकाल के दरबार से खूबसूरत नजारों तक की सैर! IRCTC लाया 5 दिन का खास एयर टूर पैकेज

सितंबर 2026 में घूमने के साथ धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए IRCTC का यह हवाई टूर पैकेज अच्छा ऑप्शन हो सकता है। 4 रात और 5 दिन के इस पैकेज में ट्रैवलर को मध्य प्रदेश के कई प्रसिद्ध शहरों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सैर कराई जाएगी। इसमें दार्शनिक स्थल और कुछ शहरों में घूमने का मौका मिलेगा। यात्रा में आने-जाने की व्यवस्था फ्लाइट से की गई है।

इस टूर में धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहों को भी शामिल किया गया है। ट्रैवलर को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर समेत कई मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा कुछ प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर होगी। पैकेज में तीन सितारा होटल में ठहरने और खाने की व्यवस्था भी शामिल है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान रहने और खाने की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

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टूरिस्ट डेस्टिनेशन

इस 5 दिन के टूर में ट्रैवलर को मध्य प्रदेश की कई पॉपुलर डेस्टिनेशन पर ले जाया जाएगा। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर और मंगलनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन होंगे। महेश्वर में अहिल्याबाई किला और महल, अखिलेश्वर मंदिर, सहस्त्रधारा और नर्मदा घाट घूमने का मौका मिलेगा। वहीं मांडू में जहाज महल और हिंडोला महल की सैर कराई जाएगी। यात्रा के दौरान इंदौर में पितृ पर्वत और गणपति मंदिर खजराना भी घूमने का मौका मिलेगा।

 

 

 

फ्लाइट और होटल फैसिलिटीज

IRCTC के इस पैकेज में ट्रैवलर के आने-जाने की सुविधा फ्लाइट से रखी गई है। यात्रा की शुरुआत लखनऊ से इंदौर के लिए होगी और वापसी में इंदौर से लखनऊ लाया जाएगा। यानी ट्रैवलर को लंबी ट्रेन यात्रा करने की जरूरत नहीं होगी। पैकेज में थ्री स्टार होटल में ठहरने की व्यवस्था भी शामिल है। इसके साथ यात्रा में खाने की फैसिलिटी दी जाएगी, जिससे ट्रैवलर को अलग से होटल और भोजन की व्यवस्था करने की परेशानी कम होगी।

 

 

 

पैकेज की कीमत

इस टूर पैकेज की कीमत अलग-अलग तरीके से रखी गई है। अगर कोई सोलो ट्रैवलर पैकेज लेता है, तो प्रति व्यक्ति 48,500 रुपये किराया देना होगा। दो लोग एक साथ पैकेज लेते हैं, तो प्रति व्यक्ति 42,500 रुपये का खर्च आएगा। वहीं तीन लोगों के साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 40,300 रुपये किराया होगा। माता-पिता के साथ बच्चे के ठहरने पर बेड सहित 36,100 रुपये और बिना बेड 19,500 रुपये प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य रखा गया है।

 

 

ऐसे करें बुकिंग

IRCTC के अनुसार इस टूर की बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के बेस पर की जाएगी। ट्रैवलर अपनी बुकिंग के लिए पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ में IRCTC ऑफिस से कांटेक्ट कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग IRCTC टूरिज्म की वेबसाइट पर की जा सकती है। पैकेज से जुड़ी ज्यादा जानकारी या बुकिंग के लिए 8287930912, 8287930902, 9236391909 और 9236391911 नंबरों पर कांटेक्ट किया जा सकता है।

मानसून में जरूर करें भारत के इन डेस्टिनेशन को एक्सप्लोर, बारिश में खिल उठती है इनकी खूबसूरती

मानसून का मौसम आते ही घूमने का मजा कई गुना बढ़ जाता है। इस दौरान भारत के ऐतिहासिक स्मारक भी एक अलग ही खूबसूरती में नजर आते हैं। बारिश की हल्की फुहारें, ठंडी हवाएं और चारों ओर फैली हरियाली इन जगहों को खूबसूरत बना देती हैं। किले, महल और प्राचीन इमारतें इस मौसम में पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखाई देती हैं। इतिहास पसंद करने वालों के साथ-साथ फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह समय बेहद खास माना जाता है।

हुमायूं का मकबरा, दिल्ली (Humayun’s Tomb, Delhi)

Humayun Tomb Pictures | Download Free Images on Unsplash

दिल्ली में हुमायूं का मकबरा मानसून के मौसम में और भी खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद चारों ओर फैले चारबाग बगीचे हरियाली से भर जाते हैं और लाल बलुआ पत्थर से बना यह ऐतिहासिक स्मारक बिल्कुल नया-सा नजर आता है। हल्के बादल और ठंडी हवा यहां घूमने का एक्सपीरियंस और भी खास बना देते हैं। इतिहास, फोटोग्राफी या शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए मानसून में यह जगह परफेक्ट है।

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र (Ajanta Caves, Maharashtra)

Exclusive Ajanta Ellora Caves: 1.5-Day Guided Tour- Only Caves (with Reviews)

महाराष्ट्र की सह्याद्रि पहाड़ियों के बीच बनी अजंता की गुफाएं बारिश के मौसम में किसी जादुई दुनिया जैसी लगती हैं। मानसून के दौरान आसपास छोटे-छोटे झरने बहने लगते हैं और हर तरफ हरियाली छा जाती है। बौद्ध कला और प्राचीन चित्रों से सजी ये गुफाएं प्रकृति के बीच और भी अट्रैक्टिव दिखाई देती हैं। यहां इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता एक साथ देखने को मिलती है।

बेकल किला, केरल (Bekal Fort, Kerala)

Bekal Fort Images - Bekal Fort Photo Gallery - Bekal Kerala Pictures

केरल के समुद्र किनारे बना बेकल किला मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है। एक तरफ अरब सागर की ऊंची लहरें और दूसरी तरफ बारिश से भीगी किले की दीवारें इस जगह की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं। ठंडी हवा, समुद्र का नजारा और हरियाली यहां आने वाले टूरिस्ट को यादगार एक्सपीरियंस देते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

 

मांडू किला, मध्य प्रदेश (Mandu Fort, Madhya Pradesh)

Mandu Forts MP: Monuments, History & Guide

मध्य प्रदेश का मांडू मानसून के दौरान पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। जहाज महल, हिंडोला महल, प्राचीन बावड़ियां और पुराने महल बारिश के मौसम में और भी अट्रैक्टिव दिखाई देते हैं। बादलों से घिरी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं इस ऐतिहासिक शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। इतिहास और प्रकृति का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो मांडू बेहतरीन जगह है।

 

कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा (Konark Sun Temple, Odisha)

Did You Know That An East India Company Complaint Led To Konark Temlpe's Discovery? | Outlook Traveller

ओडिशा का प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर मानसून में और भी भव्य दिखाई देता है। बारिश के बाद मंदिर के आसपास फैली हरियाली और बादलों से भरा आसमान इसकी खूबसूरत पत्थर की नक्काशी को और उभार देता है। यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल यह मंदिर भारतीय वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। बारिश के मौसम में यहां घूमने का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है।

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान (Chittorgarh Fort, Rajasthan)

Chittorgarh Fort - Images, Timings & History - Holidify

राजस्थान का चित्तौड़गढ़ किला मानसून के दौरान बिल्कुल अलग रूप में नजर आता है। बारिश के बाद सूखी पहाड़ियां और मैदान हरियाली से भर जाते हैं, जिससे विशाल किला और भी आकर्षक दिखने लगता है। किले के भीतर बने महल, मंदिर और जलाशय इस मौसम में देखने लायक होते हैं। यहां से आसपास का नजारा भी खूबसूरत दिखाई देता है।

गोल गुंबद, कर्नाटक (Gol Gumbaz, Karnatkaa)

File:Gol Gumbaz -4, Bijapur, Karnataka.jpg - Wikimedia Commons

कर्नाटक के विजयपुरा में गोल गुंबद मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत लगता है। काले बादलों में विशाल गुंबद और भी शानदार दिखाई देता है। बारिश के बाद आसपास के बगीचे हरे-भरे हो जाते हैं, जिससे पूरा परिसर ताजगी से भर जाता है। इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का यह अनोखा स्मारक इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए मानसून में घूमने की बेहतरीन जगह है।

ग्वालियर किला, मध्य प्रदेश (Gwalior Fort, Madhya Pradesh)

630+ Gwalior Fort Madhya Pradesh Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

मध्य प्रदेश का ग्वालियर किला मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद किले के चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों पर छाए बादल इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। विशाल प्राचीर, प्राचीन महल, मंदिर और शानदार नक्काशी खूब अट्रैक्ट करती है। किले की ऊंचाई से पूरे शहर का सीन दिखाई देता है, जो मानसून में और भी खूबसूरत लगता है। इतिहास, वास्तुकला और फोटोग्राफी का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ग्वालियर किला बेहतरीन ऑप्शन है।

भारत का अनोखा गांव, जहां बादलों की गड़गड़ाहट और कोहरे के बीच आसमान से गिरते हैं परिंदे!

असम की डिमा हसाओ पहाड़ियों में बसा जटिंगा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एक रहस्यमयी घटना के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। हर साल मानसून के अंत में यहां पक्षियों से जुड़ी एक ऐसी घटना देखने को मिलती है, जिसने सालों से साइंटिस्ट, बर्ड स्पेशलिस्ट और टूरिस्ट का ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। आइए जानते हैं आखिर क्या है जटिंगा का रहस्य और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है:

 

शांत पहाड़ी गांव, लेकिन एक रहस्यमयी पहचान

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सालभर जटिंगा हरे-भरे जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है, लेकिन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में यह गांव एक अनोखी घटना की वजह से चर्चा में आ जाता है।

 

 

 

हर साल देखने को मिलती है अनोखी घटना

Assam's Jatinga Sheds 'Birds' Suicide Site' Tag But Faces Other Challenges

मानसून के अंत में शाम के समय कुछ पक्षी अचानक नीचे आने लगते हैं और पेड़ों, घरों या जमीन से टकरा जाते हैं। यह घटना कुछ घंटों तक ही देखने को मिलती है और खास बात यह है कि यह केवल गांव के एक छोटे से इलाके तक सीमित रहती है।

 

 

 

किन पक्षियों पर पड़ता है असर?

Picture a quiet village called Jatinga in Assam, India. It's a peaceful place with beautiful scenery, but it's known for something very strange. From August to November, a weird thing happens here:

इस घटना में शामिल पक्षियों की कई प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें किंगफिशर, ड्रोंगो, बगुले, बिटर्न, बी-ईटर और पिट्टा जैसे पक्षी शामिल हैं। एक्सपर्ट के अनुसार इनमें ज्यादातर यंग और दिन में एक्टिव रहने वाले पक्षी होते हैं।

 

 

 

लोककथाओं में छिपी रहस्य की कहानी

पेड़ पर पक्षी फोटो - मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले फोटो डाउनलोड करें | Magnific (पहले Freepik था)

पहले यहां के लोग इस घटना को अलौकिक शक्तियों से जोड़कर देखते थे। गांव में कई पीढ़ियों से ऐसी कहानियां सुनाई जाती रही हैं कि आसमान से आने वाली रहस्यमयी शक्तियां पक्षियों को अपनी ओर खींच लेती हैं। हालांकि समय के साथ इन मान्यताओं की जगह साइंटिफिक रिसर्च ने ले ली।

 

 

 

वैज्ञानिक क्या मानते हैं?

Nature Beyond | Jatinga

पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि घना कोहरा, कम ऊंचाई वाले बादल, तेज हवाएं और अर्टिफिशियल लाइट मिलकर पक्षियों के दिशा-ज्ञान को एफेक्ट कर सकती हैं। कुछ शोध चुंबकीय बदलाव की संभावना भी बताते हैं, लेकिन अब तक कोई एक कारण पूरी तरह साबित नहीं हो पाया है।

 

 

 

क्या पक्षी सच में सुसाइड करते हैं?

पेड़ पर पक्षी फोटो - मुफ्त उच्च-गुणवत्ता वाले फोटो डाउनलोड करें | Magnific (पहले Freepik था)

साइंटिस्ट का कहना है कि इसे पक्षियों की ग्रुप सुसाइड कहना सही नहीं होगा। अवेलेबल रिसर्च के अनुसार पक्षी किसी कारण से डिस्ट्रैक्ट होकर अपनी दिशा खो बैठते हैं, जिसके चलते यह घटना होती है। इसकी असली कारण पर अब भी स्टडी जारी है।

 

 

 

जटिंगा कैसे पहुंचें?

A Trip to Jatinga Village from Kaziranga National Park | Kaziranga National Park News | Kaziranga National Park Blog

जटिंगा, असम के डिमा हसाओ जिले में है और हाफलोंग से करीब 9 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट गुवाहाटी का लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। रेल से आने वाले ट्रैवलर हाफलोंग हिल स्टेशन तक पहुंच सकते हैं, जबकि हाफलोंग से टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं। विजिट के दौरान फारेस्ट डिपार्टमेंट के रेगुलेशन और लोकल रेजिडेंट के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करना जरूरी है।

घूमें बेफिक्र होकर, IRCTC के नए टूर पैकेज से बिना प्लानिंग के करें दर्शन-पूजन!

IRCTC ने ‘गंगा गया संगम यात्रा’ नाम से 8 दिन और 7 रात का नया धार्मिक टूर शुरू किया है। इस पैकेज में गया, वाराणसी, सारनाथ, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ और नैमिषारण्य जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। फ्लाइट, होटल, खाने, एसी वाहन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी कई फैसिलिटी भी पैकेज में हैं। इस तरह से श्रद्धालुओं को अलग-अलग बुकिंग करने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

यात्रा की शुरुआत

विष्णुपद मंदिर, पर्यटन, 2023 - बोध गया | विष्णुपद मंदिर की तस्वीरें - Tripinvites - TripInvites

यह तीर्थयात्रा 2 सितंबर 2026 को हैदराबाद से शुरू होगी। पहले फ्लाइट से गया पहुंचाया जाएगा, जहां होटल में ठहरने के बाद महाबोधि मंदिर और आसपास के बौद्ध मठों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद अगले दिन विष्णुपद मंदिर और मंगला गौरी शक्तिपीठ देखने का मौका मिलेगा। यहां से सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना हुआ जाएगा।

काशी और सारनाथ 

Kashi Vishwanath Wallpapers - Top Free Kashi Vishwanath Backgrounds - WallpaperAccess

वाराणसी में यात्रियों को तीन रात रुकने का मौका मिलेगा। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, शाम की भव्य गंगा आरती और शहर के पुराने बाजार देखने का मौका मिलेगा। अगले दिन सारनाथ की सैर भी कराई जाएगी, जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यहां आप चाहें तो खाली समय में खरीदारी भी कर सकते हैं।

प्रयागराज और अयोध्या 

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वाराणसी के बाद यात्रा प्रयागराज पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु त्रिवेणी संगम और अलोपी देवी मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद अयोध्या ले जाया जाएगा, जहां रामलला मंदिर और भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जायेंगे। यहां की आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बहुत ही सुख देता है।

लखनऊ और नैमिषारण्य

अयोध्या से निकलकर यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। यहां से नैमिषारण्य की यात्रा कराई जाएगी, जिसे हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन तीर्थ स्थलों में सबसे खूबसूरत है। वापसी पर लखनऊ का फेमस बड़ा इमामबाड़ा भी दिखाया जाएगा। इसके बाद फ्लाइट से वापस हैदराबाद लौटकर जर्नी पूरी होगी।

यात्रा की सुविधाएं

इस टूर में आने-जाने की फ्लाइट, सात रात होटल में ठहरने की फैसिलिटी, सात बार नाश्ता, सात बार डिनर और एक बार लंच शामिल है। इसके साथ ही एसी वाली गाड़ी से घूमना, ट्रैवल इंश्योरेंस, IRCTC टूर एस्कॉर्ट और सभी जरूरी टैक्स भी पैकेज में हैं। यानी ट्रिप में आपको अलग-अलग बुकिंग करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

पैकेज कॉस्ट 

इस पैकेज की कीमत कमरे और लोगों के हिसाब से की गई है। सिंगल रूम के लिए ₹54,800, दो लोगों के साथ रुकने पर ₹41,000 प्रति व्यक्ति और तीन लोगों के साथ रुकने पर ₹38,750 प्रति व्यक्ति खर्च आएगा। अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से आप इस पैकेज को चुन सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

इस पैकेज में मंदिरों या स्मारकों के एंट्री टिकट शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही ऑटो-रिक्शा, बैटरी वाहन, विशेष पूजा, गाइड, टिप्स, लॉन्ड्री, ड्रिंक्स, बोतलबंद पानी और दूसरे अपने खुद के खर्च यात्रियों को खुद उठाने होंगे। इसलिए ट्रिप पर निकलने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को ध्यान में रखकर तैयारी करें।

कौन सा है भारत का सबसे महंगा बोर्डिंग स्कूल? जहां पढ़ाई के साथ दुनिया की भी होती है सैर

स्कूल का नाम सुनते ही क्लासरूम और किताबें याद आ जाती है, लेकिन भारत में एक ऐसा बोर्डिंग स्कूल भी है, जहां पढ़ाई के साथ हर दिन हिमालय के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते है। उत्तराखंड के मसूरी में वुडस्टॉक स्कूल अपनी शानदार लोकेशन और पहचान के कारण दुनियाभर में पॉपुलर है।

 

हिमालय की गोद में कैंपस (Himalayan Location)

यह स्कूल मसूरी में हिमालय की वादियों के बीच है। चारों ओर हरियाली, पहाड़ और शांत माहौल स्टूडेंट को प्रकृति के करीब रहकर सीखने का मौका देता है।

 

इतिहास और प्रकृति का संगम (Heritage & Nature)

वुडस्टॉक स्कूल की पहचान सिर्फ उसकी पढ़ाई से नहीं, बल्कि उसकी बिल्डिंग, हरियाली और शांत माहौल से भी है। यही वजह है कि यह भारत के सबसे खास बोर्डिंग स्कूलों में गिना जाता है।

दुनियाभर में पहचान (Global Recognition)

वुडस्टॉक स्कूल को दुनिया के सबसे खूबसूरत बोर्डिंग स्कूलों में शामिल किया गया है। इसकी शानदार लोकेशन और हिस्टोरिक कैंपस ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

 

 

170 साल से ज्यादा पुराना इतिहास (Rich History)

करीब 172 साल पुराने इस स्कूल की शुरुआत एक छोटे इंस्टिट्यूट से हुई थी। समय के साथ यह भारत के इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूलों में शामिल हो गया।

वर्ल्ड-क्लास पढ़ाई (International Education)

यहां इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) पढ़ाया जाता है, जो दुनिया की कई बड़ी यूनिवर्सिटी में मान्य है। पढ़ाई के साथ स्टूडेंट के डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाता है।

दुनियाभर के छात्र (Diverse Community)

स्कूल में कई देशों के छात्र पढ़ते हैं। अलग-अलग कल्चर के बीच पढ़ाई करने से बच्चों को नई सोच बनाने का मौका मिलता है।

किताबों से आगे की सीख (Beyond Classroom)

यहां सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स, म्यूजिक, थिएटर, आउटडोर एक्टिविटी, पर्यावरण संरक्षण और भी कई एक्टिविटीज पर भी ध्यान दिया जाता है।

IRCTC का ये है धमाकेदार पैकेज, जहां पहाड़ों में और प्रकृति में बिताएं सुख भरे पल!

क्या आप भी भीड़भाड़, ट्रैफिक और रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ दिनों की राहत चाहते हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट (North-East) की वादियां (valleys) आपका इंतजार कर रही हैं। ऊंचे पहाड़, हरियाली, शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर यह क्षेत्र सुकून भरी छुट्टियां बिताने के लिए बेहतरीन माना जाता है। ऐसे में IRCTC ने ट्रैवलर के लिए एक खास फ्लाइट टूर पैकेज (flight tour package) लॉन्च किया है, जिससे इस खूबसूरत सफर की प्लानिंग करना और भी आसान हो गया है:

 

 

इन जगहों को करें एक्सप्लोर

IRCTC के अरुणोदय अरुणाचल (Arunoday Arunachal) फ्लाइट टूर पैकेज (flight tour package) में आपको असम (Assam) और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की कई खूबसूरत जगहें घूमने का मौका मिलेगा। इस जर्नी के दौरान प्रकृति, संस्कृति और पहाड़ों का शानदार संगम देखने को मिलेगा।

 

Tawang (तवांग): बर्फ से ढके पहाड़, विशाल बौद्ध मठ और मनमोहक नजारों की वजह से तवांग नॉर्थ-ईस्ट के सबसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में गिना जाता है।Tawang Wallpapers - Wallpaper Cave

Tezpur (तेजपुर): ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) के किनारे बसा यह शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।90+ Tezpur Assam Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

Dirang (दिरांग): अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों में बसा यह छोटा-सा शहर हरियाली, ठंडे मौसम और शांत वातावरण के लिए मशहूर है।170+ Dirang Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

Guwahati (गुवाहाटी): असम की राजधानी और नॉर्थ-ईस्ट का प्रमुख शहर, जहां से इस यादगार सफर की शुरुआत होगी।Guwahati | India, Map, History, & Facts | Britannica

इस टूर पैकेज को क्यों बनाएं अपनी पसंद?

अगर आप छुट्टियों (holiday) में सुकून, प्राकृतिक खूबसूरती और रोमांच तीनों का मजा लेना चाहते हैं, तो यह टूर पैकेज बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है।

अनछुई नेचुरल ब्यूटी: हरियाली, झरने, साफ हवा और शांत माहौल आपको शहर की भागदौड़ से दूर पूरी तरह तरोताजा कर देंगे।Assam Wallpapers - Top Free Assam Backgrounds - WallpaperAccess

 

हिमालय (Himalayan) के शानदार नजारे: बर्फ से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और बादलों से घिरे पहाड़ इस सफर को और भी यादगार बना देंगे।

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प्राचीन बौद्ध मठों का एक्सपीरियंस: तवांग (Tawang) और आसपास के प्रसिद्ध मठों में आपको आध्यात्मिक माहौल और शांति का यूनिक एक्सपीरियंस मिलेगा।

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रोमांच से भरपूर पहाड़ी रास्ते: घुमावदार पहाड़ी सड़कें और ऊंचे दर्रे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए खास अट्रैक्शन होंगे।This may contain: an empty road surrounded by trees and mountains in the distance with fog rolling over them

कितना होगा खर्च?

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IRCTC के ‘अरुणोदय अरुणाचल’ फ्लाइट टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹53,500 प्रति व्यक्ति रखी गई है। इस पैकेज में ट्रैवल से जुड़ी कई सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आपको अलग-अलग बुकिंग (booking) की चिंता नहीं करनी पड़ती। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट की खूबसूरत वादियों में यादगार छुट्टियां (holiday) बिताना चाहते हैं, तो यह पैकेज (package) एक शानदार ऑप्शन साबित हो सकता है।

मानसून में सुहाना सफर न बन जाये आफत, हिलस्टेशन निकलने से पहले नोट कर लें ये 3 बातें!

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन इसी मौसम में कुछ हिल स्टेशन सबसे ज्यादा सेंसेटिव भी हो जाते हैं। तेज बारिश, लैंडस्लाइड, सड़क बंद होने और घने कोहरे जैसी समस्याएं ट्रैवल को मुश्किल बना सकती हैं। ऐसे में सिर्फ खूबसूरत नजारों को देखकर ट्रिप प्लान करना सही नहीं होता, बल्कि सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं उन हिल स्टेशनों के बारे में, जहां मानसून में जाने से पहले अच्छी तरह सोच-समझकर योजना बनानी चाहिए:

1. नैनीताल, उत्तराखंड

water of Nainital lakes is not fit for drinking directly दूषित हो गई नैनीताल की वर्ल्ड फेमस झील, पीने लायक नहीं है यहां का पानी, Uttarakhand Hindi News - Hindustan

नैनीताल अपनी खूबसूरत झीलों, पहाड़ों और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से लैंडस्लाइड, सड़क धंसने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज बारिश के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं और ट्रैफिक घंटों तक रुका रहता है। झील के आसपास की सड़कें भी फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे पैदल चलने और वाहन चलाने में सावधानी बरतनी पड़ती है।

2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

मानसून में दार्जिलिंग – बंगाल का स्वागत

दार्जिलिंग अपने चाय बागानों, टॉय ट्रेन और कंचनजंगा के शानदार नजारों के लिए पॉपुलर है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां लगातार तेज बारिश होती है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है, जिससे ट्रैवल मुश्किल हो सकती है। कई बार ट्रेन और सड़क मार्ग भी प्रभावित होते हैं, इसलिए रोड कंडीशन चेक कर लें।

3. शिमला, हिमाचल प्रदेश

himachal pradesh rainfall snowfall shimla manali weather for next 5 days हिमाचल में 5 दिन होगी भारी बारिश-बर्फबारी, कैसा रहेगा शिमला का मौसम; IMD ने बताया, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan

शिमला पूरे साल टूरिस्ट से भरा रहता है, लेकिन मानसून में यहां की पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर सड़कें टूट जाती हैं और लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है। लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। अगर इस मौसम में शिमला जाएं, तो दिन के समय ट्रैवल करें और रात में पहाड़ी सड़कों पर ड्राइव करने से बचें।

4. मसूरी, उत्तराखंड

मसूरी में केंप्टी फॉल है पिकनिक के लिए एक उत्तम स्थान (A Perfect Place for Picnic in Mussoorie – Kempty Fall)

मसूरी को “पहाड़ों की रानी” कहा जाता है, लेकिन मानसून में यहां का मौसम कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर पत्थर गिर सकते हैं और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। कैमल्स बैक रोड और कई व्यू पॉइंट्स के रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे में ट्रेकिंग या लंबी वॉक करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

5. गंगटोक, सिक्किम

Dehradun and Mussoorie during monsoon season

गंगटोक अपनी नेचुरल ब्यूटी और बर्फीली चोटियों के लिए पॉपुलर है। मानसून में यहां तेज बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता हैं। कई बार नाथुला पास और आसपास के रास्ते भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाते हैं। धुंध और बारिश की वजह से ड्राइविंग करना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए ट्रैवल से पहले स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।

6. मनाली, हिमाचल प्रदेश

Manali Images – Browse 13,682 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

मनाली एडवेंचर और नेचर लवर्स की पसंदीदा जगह है, लेकिन मानसून में यहां की नदियों का वाटरलेवल बढ़ जाता है और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का रिस्क रहता है। कई बार मनाली जाने वाले हाईवे भी प्रभावित हो जाते हैं। नदी किनारे कैंपिंग या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाना इस मौसम में सेफ नहीं माना जाता। मौसम की जानकारी लेकर ही ट्रैवल करें।

7. मुन्नार, केरल

मनाली के पर्यटन स्थल: मनोरम पर्वतीय दृश्य, आकर्षण और गतिविधियाँ

मुन्नार बारिश में बेहद खूबसूरत दिखता है, लेकिन लगातार बारिश के कारण यहां पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता है। चाय बागानों के बीच बने रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और कई जगहों पर पानी भर सकता है। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है। अगर मानसून में यहां जाएं, तो सेफ होटल में ठहरें और मौसम खराब होने पर अनावश्यक ट्रैवल से बचें।

 

इन 3 बातों का रखें ध्यान ट्रिप पर जाने से पहले

1. मौसम और ट्रैवल अपडेट जरूर देखें

मानसून में महाबलेश्वर में कहाँ ठहरें

ट्रैवल शुरू करने से पहले वेदर फॉरकास्ट, सड़कों की कंडीशन जरूर देखें। अगर भारी बारिश या लैंडस्लाइड की चेतावनी हो, तो ट्रिप टालना बेहतर होता है।

2. सही सामान साथ रखें

Monsoon Travel Essentials: बारिश में घूमने का है प्लान? बैग पैक करने से पहले चेक कर लें ये 8 चीजें, वरना किरकिरा हो जाएगा मजा

रेनकोट, वाटरप्रूफ जैकेट, मजबूत ग्रिप वाले जूते, टॉर्च, पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और ज्यादा कपड़े हमेशा साथ रखें। इससे अचानक मौसम खराब होने पर भी परेशानी कम होगी।

3. सुरक्षित ट्रैवल करें

The best monsoon treks in India, as recommended by adventure experts | Condé Nast Traveller India

बारिश के दौरान रात में पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। तेज बहाव वाली नदियों, झरनों और लैंडस्लाइड वाले एरिया के पास न जाएं। हमेशा सेफ रोड चुनें और वहां के लोकल लोगों या प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती जितनी अट्रैक्टिव होती है, उतनी ही सावधानी भी इस मौसम में जरूरी होती है। सही जानकारी लेकर आप अपनी ट्रिप को सेफ और यादगार बना सकते हैं। अगर आप भी बारिश के मौसम में किसी हिल स्टेशन जाने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो जल्दबाज़ी करने के बजाय पहले पूरी तैयारी करें। थोड़ी-सी सतर्कता आपकी ट्रिप को परेशानी से बचाकर खूबसूरत यादों में बदल सकती है।

मानसून में खुला जन्नत का दरवाजा देखिये हरियाली की चादर ओढे, इंडिया के स्कॉटलैंड और स्विट्ज़रलैंड!

मानसून का मौसम भारत की खूबसूरती को एक अलग ही रंग दे देता है। बादलों से ढकी पहाड़ियां, हरे-भरे जंगल और गिरते झरने कई जगहों को यूरोप जैसा बना देते हैं। भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां का नजारा देखकर लगता है जैसे हम किसी विदेशी देश में आ गए हों। यहां का मौसम, प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण हर ट्रैवलर को अट्रैक्ट करता है। आइये जानते है उन जगहों के बारे में भारत का स्वर्ग है मानसून सीजन में:

कूनूर, तमिलनाडु — शांत पहाड़ी जगह

Coonoor - Tourist Places & Top Things to Do in 2026

कूनूर ऊटी से ज्यादा शांत और नेचुरल जगह है जहां चाय बागानों के बीच सुकून मिलता है। मॉनसून में यहां की हरियाली बहुत गहरी और ताज़गी भरी लगती है। यह जगह कम भीड़ और ज्यादा नेचर के लिए जानी जाती है। होटल ₹1,500 से ₹5,000 प्रति रात और खाना ₹400 से ₹1,000 प्रति दिन होता है। डॉल्फिन नोज व्यू यहां का सबसे खूबसूरत पॉइंट है।

महाबलेश्वर, महाराष्ट्र — स्विस जैसा नज़ारा

Sanskar

महाबलेश्वर झरनों, घाटियों और स्ट्रॉबेरी फार्म के लिए बहुत मशहूर है। मॉनसून में यहां हरियाली और बढ़ जाती है और पूरा इलाका बहुत सुंदर लगने लगता है। यह जगह फैमिली और कपल ट्रिप दोनों के लिए बेस्ट है। रिसॉर्ट ₹2,000 से ₹8,000 प्रति रात और खाना ₹500 से ₹1,500 प्रति दिन होता है। एलेफैंट्स हेड पॉइंट यहां का सबसे पॉपुलर व्यू है।

लैंसडाउन, उत्तराखंड — शांत और साफ हवा

लॉकडाउन के बाद उत्तराखंड के इन हिल स्टेशनों पर जाना न भूलें, दोस्तों या पार्टनर संग बना सकते हैं प्लान - Tourist Guide After Lockdown You Can Go To These Hill Stations

लैंसडाउन भीड़ से दूर एक शांत और साफ हवा वाली जगह है। मॉनसून में यहां की हरियाली और बादल इसे बहुत खूबसूरत बना देते हैं। यह जगह सेना से जुड़ी होने के कारण काफी साफ और व्यवस्थित रहती है। होटल ₹1,200 से ₹5,000 प्रति रात और खाना ₹300 से ₹1,000 प्रति दिन होता है। आर्मी म्यूजियम और ट्रेकिंग यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

तवांग, अरुणाचल प्रदेश — पहाड़ों का जादू

Exploring Shungatser Lake & Bumla : Hidden Gems of Tawang

तवांग ऊंचाई पर स्थित एक बेहद खूबसूरत जगह है जहां बर्फीले पहाड़ और बौद्ध संस्कृति देखने को मिलती है। मॉनसून में यहां बादलों के बीच का माहौल बहुत रहस्यमय और शांत लगता है। यह जगह एडवेंचर और स्पिरिचुअल ट्रैवल दोनों के लिए खास है। होटल ₹2,500 से ₹9,000 प्रति रात और खाना ₹600 से ₹1,800 प्रति दिन होता है। तवांग मोनेस्ट्री और सेला पास यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

कूर्ग, कर्नाटक — स्कॉटलैंड की फीलिंग

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कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड कहा जाता है क्योंकि यहां कॉफी के बागान, धुंध से ढके पहाड़ और झरनों का बेहद सुंदर नजारा मिलता है। मॉनसून में यह जगह और भी हरी-भरी हो जाती है और बादलों के बीच घूमना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है। यहां की ठंडी हवा और शांत माहौल मन को सुकून देता है। ठहरने के लिए होमस्टे और रिसॉर्ट ₹2,000 से ₹8,000 प्रति रात में मिल जाते हैं और खाने का खर्च लगभग ₹500 से ₹1,500 प्रति दिन होता है। यहां कूर्गी खाना और ताज़ी कॉफी का स्वाद जरूर लेना चाहिए।

मुन्नार, केरल — मिनी स्विट्जरलैंड

दक्षिण भारत में भी है एक माउंट ऐवरेस्ट, क्या आप इसके बारे में जानते हैं - Tripoto

मुन्नार अपनी चाय बागानों से ढकी पहाड़ियों और ठंडी हवा के लिए जाना जाता है। मॉनसून में बादलों के बीच चलना और हरियाली का नजारा इसे बेहद खास बना देता है। यहां की घाटियां और धुंध भरा मौसम बहुत रोमांटिक फील देता है। होटल और रिसॉर्ट ₹1,500 से ₹7,000 प्रति रात में मिल जाते हैं और खाने का खर्च ₹400 से ₹1,200 प्रति दिन होता है। यहां चाय म्यूजियम और एलेफैंट सफारी का एक्सपीरियंस लेना बहुत यादगार होता है।

ऊटी, तमिलनाडु — इंग्लिश गार्डन जैसी फीलिंग

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ऊटी अपनी झील, बॉटनिकल गार्डन और टॉय ट्रेन के लिए मशहूर है। मॉनसून में यहां की हरियाली और ठंडी हवा इसे और भी खूबसूरत बना देती है। यहां ब्रिटिश समय की झलक आज भी देखने को मिलती है। ठहरने का खर्च ₹1,800 से ₹6,000 प्रति रात और खाने का खर्च ₹400 से ₹1,200 प्रति दिन होता है। यह जगह फैमिली ट्रिप और रोड जर्नी के लिए बहुत पॉपुलर है।

शिलांग, मेघालय — ईस्ट का स्कॉटलैंड

Best places to visit in meghalaya for a trip with friend including Shillong and Mawsynram | पहाड़ घूमनें के शौकिन है तो सस्ते में बना ले मेघालय घूमनें का प्लान, दोस्तों संग

शिलांग में झरने, पहाड़ और धुंध भरे रास्ते इसे यूरोप जैसा फील देते हैं। मॉनसून में यहां का मौसम बहुत फिल्मी और रहस्यमय लगता है। हर तरफ हरियाली और पानी की आवाजें मन को रोक लेती हैं। यहां ठहरने का खर्च ₹1,500 से ₹6,500 प्रति रात और खाने का ₹400 से ₹1,000 प्रति दिन होता है। एलिफैंट फॉल्स और उमियम लेक यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

कसौली, हिमाचल प्रदेश — शांत हिल स्टेशन

Kasauli Tourism Guide – About Kasauli, Travel Info & Attractions | Trip and Tales

कसौली एक छोटा लेकिन बहुत शांत हिल स्टेशन है जहां मॉनसून में बादल और हरियाली बहुत सुंदर लगती है। यहां की सड़कों पर हल्की बारिश और ठंडी हवा एक रोमांटिक माहौल बनाती है। यह जगह भीड़ से दूर सुकून चाहने वालों के लिए परफेक्ट है। होटल ₹2,000 से ₹7,000 प्रति रात और खाना ₹500 से ₹1,200 प्रति दिन होता है। सनसेट पॉइंट और ट्रेल्स यहां बहुत फेमस हैं।

पांडिचेरी — फ्रेंच रिवेरा फील

Where to Propose on the French Riviera - AL Projects Design

पांडिचेरी में फ्रेंच आर्किटेक्चर और समुद्र का मेल इसे यूरोप जैसा बनाता है। मॉनसून में बीच और कैफे का माहौल बहुत खूबसूरत लगता है। यहां की गलियों में साइकिल चलाना और समुद्र किनारे घूमना बहुत खास एक्सपीरियंस है। ठहरने का खर्च ₹2,500 से ₹10,000 प्रति रात और खाने का ₹600 से ₹2,000 प्रति दिन होता है। कैफे हॉपिंग और बीच वॉक यहां बहुत पॉपुलर हैं।

भारत के ये सभी मानसून डेस्टिनेशन ट्रैवलर को हरियाली, बादल और झरनों का अनोखा एक्सपीरियंस कराते हैं। ये जगहें सिर्फ घूमने के लिए नहीं, बल्कि सुकून और यादगार पलों के लिए भी बेहतरीन हैं। अगर आप नेचर और शांति पसंद करते हैं तो ये ट्रिप आपके लिए परफेक्ट है। यदि आपको भी कभी मौका मिले तो अगली बार अपनी ट्रिप की प्लानिंग में इन जगहों को जरूर शामिल करें, क्योंकि यहां का एक्सपीरियंस हमेशा याद रहने वाला होता है।