पासपोर्ट खोने की गलती पड़ सकती है भारी, तुरंत अपनाएं ये आसान ट्रिक

विदेश ट्रैवलिंग करते समय यदि अचानक आपका पासपोर्ट खो जाए, तो घबराहट हो ही जाती है। लेकिन ऐसी सिचुएशन में जल्दबाजी करने से बेहतर सही कदम उठाना जरूरी होता है। थोड़ी समझदारी और सही जानकारी के साथ आप नया ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवा सकते हैं और अपनी जर्नी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकते हैं।

पहले ढूंढें और शिकायत करें

अगर विदेश में आपका पासपोर्ट नहीं मिल रहा है, तो घबराएं नहीं। होटल का कमरा, बैग, कैब, एयरपोर्ट या जिन जगहों पर आप गए थे, वहां अच्छी तरह से चेक करें। अगर फिर भी पासपोर्ट नहीं मिलता या चोरी होने का शक है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में कम्प्लेन कराएं। पुलिस रिपोर्ट बहुत जरूरी होती है, क्योंकि नया पासपोर्ट या इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवाते समय इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए कम्प्लेन करने में देर न लगाएं।

एम्बेसी से तुरंत कांटेक्ट करें

पुलिस में कम्प्लेन करने के बाद अपने देश के पास के इंडियन एम्बेसी (Embassy) या वाणिज्य दूतावास (Consulate) से कांटेक्ट करें। वहां के ऑफिसर आपको पूरी प्रोसेस समझाएंगे और बताएंगे कि आगे क्या करना है। अगर आपके पास आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट या उनकी कॉपी हैं, तो उन्हें साथ रखें। इससे आपकी आइडेंटिटी जल्दी चेक हो जाती है और नया डॉक्यूमेंट बनवाने में आसानी होती है।

जरूरी डॉक्यूमेंट रखें तैयार 

जब भी आप ट्रिप पर निकले तो पहले पासपोर्ट, वीजा और दूसरे जरूरी आइडेंटिटी कार्ड की डिजिटल और प्रिंट कॉपी अपने पास जरूर रखें। ओरिजिनल पासपोर्ट खो जाए, तो यही कॉपियां आपके काम आ सकती हैं। नया पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस रिपोर्ट, पहचान का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण, पते का प्रमाण और पासपोर्ट खोने का एफिडेबिट डॉक्यूमेंट लिए जा सकते हैं। पहले से तैयारी होने पर परेशानी कम होती है।

नया पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट

अगर आपकी ट्रिप अभी बाकी है, तो आप नया पासपोर्ट बनवाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसमें कुछ दिन या करीब एक हफ्ते लग सकते है। लेकिन अगर आपको सिर्फ भारत वापस लौटना है, तो एम्बेसी आपको इमरजेंसी सर्टिफिकेट या टेम्परेरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इससे आप अपने देश वापस आ सकते हैं। यह फैसिलिटी ट्रैवल के बेस पर दी जाती है।

वीजा और इंश्योरेंस का रखें ध्यान 

पुराने पासपोर्ट में किसी देश का वैलिड वीजा होने पर उसके लिए भी अलग से प्रोसेस पूरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में उस देश के एम्बेसी से कांटेक्ट करें और नया वीजा बनाने की प्रोसेस जाने। साथ ही अपनी एयरलाइन, होटल और ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनी को भी पासपोर्ट खोने के बारे में बताये। कई ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसीस इस केस में ज्यादा रहने, आने-जाने और जरूरी डॉक्यूमेंट बनवाने का खर्च भी कवर करती हैं।

आगे के लिए रखें ये सावधानी 

पासपोर्ट खोने जैसी परेशानी से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन थोड़ी तैयारी आपका काफी टाइम और स्ट्रेस बचा सकती है। टॉवल से पहले पासपोर्ट और वीजा की स्कैन कॉपी क्लाउड स्टोरेज में सेव करें, एक कॉपी ईमेल में रखें और एक प्रिंट अपने सामान से अलग रखें। किसी भरोसेमंद फैमिली मेंबर के पास भी इसकी कॉपी होना अच्छा रहता है। यह तैयारी मुश्किल समय में आपकी ट्रिप को एक बड़ी मदद कर सकती है।

मानसून में सुहाना सफर न बन जाये आफत, हिलस्टेशन निकलने से पहले नोट कर लें ये 3 बातें!

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन इसी मौसम में कुछ हिल स्टेशन सबसे ज्यादा सेंसेटिव भी हो जाते हैं। तेज बारिश, लैंडस्लाइड, सड़क बंद होने और घने कोहरे जैसी समस्याएं ट्रैवल को मुश्किल बना सकती हैं। ऐसे में सिर्फ खूबसूरत नजारों को देखकर ट्रिप प्लान करना सही नहीं होता, बल्कि सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं उन हिल स्टेशनों के बारे में, जहां मानसून में जाने से पहले अच्छी तरह सोच-समझकर योजना बनानी चाहिए:

1. नैनीताल, उत्तराखंड

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नैनीताल अपनी खूबसूरत झीलों, पहाड़ों और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से लैंडस्लाइड, सड़क धंसने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज बारिश के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं और ट्रैफिक घंटों तक रुका रहता है। झील के आसपास की सड़कें भी फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे पैदल चलने और वाहन चलाने में सावधानी बरतनी पड़ती है।

2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

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दार्जिलिंग अपने चाय बागानों, टॉय ट्रेन और कंचनजंगा के शानदार नजारों के लिए पॉपुलर है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां लगातार तेज बारिश होती है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है, जिससे ट्रैवल मुश्किल हो सकती है। कई बार ट्रेन और सड़क मार्ग भी प्रभावित होते हैं, इसलिए रोड कंडीशन चेक कर लें।

3. शिमला, हिमाचल प्रदेश

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शिमला पूरे साल टूरिस्ट से भरा रहता है, लेकिन मानसून में यहां की पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर सड़कें टूट जाती हैं और लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है। लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। अगर इस मौसम में शिमला जाएं, तो दिन के समय ट्रैवल करें और रात में पहाड़ी सड़कों पर ड्राइव करने से बचें।

4. मसूरी, उत्तराखंड

मसूरी में केंप्टी फॉल है पिकनिक के लिए एक उत्तम स्थान (A Perfect Place for Picnic in Mussoorie – Kempty Fall)

मसूरी को “पहाड़ों की रानी” कहा जाता है, लेकिन मानसून में यहां का मौसम कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर पत्थर गिर सकते हैं और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। कैमल्स बैक रोड और कई व्यू पॉइंट्स के रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे में ट्रेकिंग या लंबी वॉक करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

5. गंगटोक, सिक्किम

Dehradun and Mussoorie during monsoon season

गंगटोक अपनी नेचुरल ब्यूटी और बर्फीली चोटियों के लिए पॉपुलर है। मानसून में यहां तेज बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता हैं। कई बार नाथुला पास और आसपास के रास्ते भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाते हैं। धुंध और बारिश की वजह से ड्राइविंग करना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए ट्रैवल से पहले स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।

6. मनाली, हिमाचल प्रदेश

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मनाली एडवेंचर और नेचर लवर्स की पसंदीदा जगह है, लेकिन मानसून में यहां की नदियों का वाटरलेवल बढ़ जाता है और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का रिस्क रहता है। कई बार मनाली जाने वाले हाईवे भी प्रभावित हो जाते हैं। नदी किनारे कैंपिंग या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाना इस मौसम में सेफ नहीं माना जाता। मौसम की जानकारी लेकर ही ट्रैवल करें।

7. मुन्नार, केरल

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मुन्नार बारिश में बेहद खूबसूरत दिखता है, लेकिन लगातार बारिश के कारण यहां पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता है। चाय बागानों के बीच बने रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और कई जगहों पर पानी भर सकता है। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है। अगर मानसून में यहां जाएं, तो सेफ होटल में ठहरें और मौसम खराब होने पर अनावश्यक ट्रैवल से बचें।

 

इन 3 बातों का रखें ध्यान ट्रिप पर जाने से पहले

1. मौसम और ट्रैवल अपडेट जरूर देखें

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ट्रैवल शुरू करने से पहले वेदर फॉरकास्ट, सड़कों की कंडीशन जरूर देखें। अगर भारी बारिश या लैंडस्लाइड की चेतावनी हो, तो ट्रिप टालना बेहतर होता है।

2. सही सामान साथ रखें

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रेनकोट, वाटरप्रूफ जैकेट, मजबूत ग्रिप वाले जूते, टॉर्च, पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और ज्यादा कपड़े हमेशा साथ रखें। इससे अचानक मौसम खराब होने पर भी परेशानी कम होगी।

3. सुरक्षित ट्रैवल करें

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बारिश के दौरान रात में पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। तेज बहाव वाली नदियों, झरनों और लैंडस्लाइड वाले एरिया के पास न जाएं। हमेशा सेफ रोड चुनें और वहां के लोकल लोगों या प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती जितनी अट्रैक्टिव होती है, उतनी ही सावधानी भी इस मौसम में जरूरी होती है। सही जानकारी लेकर आप अपनी ट्रिप को सेफ और यादगार बना सकते हैं। अगर आप भी बारिश के मौसम में किसी हिल स्टेशन जाने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो जल्दबाज़ी करने के बजाय पहले पूरी तैयारी करें। थोड़ी-सी सतर्कता आपकी ट्रिप को परेशानी से बचाकर खूबसूरत यादों में बदल सकती है।