Darjeeling में पहले होटल का जश्न, 7% उछल पड़ा इस होटल कंपनी का शेयर

Lemon Tree Share Price: देश की दिग्गज हॉस्पिटैलिटी कंपनियों में शुमार लेमन ट्री होटल्स के शेयर आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में भी चमक गए। शुरुआती कारोबार में आज सेंसेक्स (Sensex) लाल हो गया तो निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 22500 के करीब आ गया। वहीं दूसरी तरफ लेमन ट्री के शेयर 7% से अधिक उछल पड़े। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी ने पश्चिम बंगाल में विस्तार करते हुए मशहूर हिल स्टेशन दार्जीलिंग में 65 कमरों वाला अपना पहला होटल खोलने का ऐलान किया है। इस ऐलान पर निवेशक चहक उठे। अभी इसके शेयर बीएसई पर 6.24% की मजबूती के साथ ₹110.75 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.05% की बढ़त के साथ ₹111.60 तक पहुंच गया था।

दार्जीलिंग में Lemon Tree के पहले होटल की क्या है खास बात

लेमन ट्री होटल्स ने Keys Prima by Lemon Tree Hotels, Darjeeling की ओपनिंग का ऐलान किया है।

यह दार्जीलिंग में लेमन ट्री ग्रुप का पहला होटल है।

इसे लेमन ट्री होटल्स के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स मैनेज करेगी।

यह होटल ओल्ड कचहरी रोड पर है।

कंपनी की तरफ से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई डिटेल्स के मुताबिक इसमें 65 कमरे हैं।

इसमें बार और फिटनेस सेंटर की भी सुविधा है।

इस होटल में 100 मेहमानों तक की व्यवस्था के लिए एक आउटडोर लॉन भी है।

यह होटल बागडोगरा एयरपोर्ट से करीब 70 किमी, दार्जीलिंग रेलवे स्टेशन से 2.5 किमी और लोकल बस स्टेशन से 1.7 किमी दूरी पर स्थित है।

दार्जीलिंग में अहम आकर्षण की बात करें तो यहां टाइगर हिल पर सनराइज, जू, हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, तेनजिंग रॉक, जापानीज टेंपल और पीस पगोडा, रॉक गार्डेन, टी गार्डेन, रोपवे और बतासिया लूप हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

लेमन ट्री होटल्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल बीएसई पर 6 अक्टूबर 2025 को यह ₹174.25 पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 महीने में यह 42.78% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹99.70 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Video: बुरे सपने में बदला कपल का हनीमून, दार्जिलिंग में बारबेक्यू के दौरान हुआ हादसा, बुरी तरह से झुलसी महिला

Viral Video: दार्जिलिंग शहर अपनी खूबसूरत पहाड़ियां, ठंडी हवा और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। इन दिनों दार्जिलिंग से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आ रहा है। दार्जिलिंग में हनीमून मनाने गए न्यूली वेड कपल के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया। कपल के साथ ये हादसा होमस्टे में बारबेक्यू के दौरान हुआ। इस हादसे में दुल्हन बुरी तरह झुलस गई है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर एक एक्स यूजर सीसीटीवी वीडियो शेयर किया। वीडियो के साथ बताया गया कि कपल का हनीमून बारबेक्यू में लगी आग के बाद हादसे में बदल गया। बताया जा रहा है कि आग होमस्टे की बालकनी तक फैल गई थी।

बारबेक्यू के दौरान हुआ हादसा

रिपोर्ट के मुताबिक, ये हादसा 13 सितंबर को होमस्टे में हुए बारबेक्यू कार्यक्रम के दौरान हुआ। निकिता साहा अपने पति सौविक दास के साथ सिट्टोंग ऑरा होमस्टे में ठहरी हुई थीं। सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी वीडियो में दोनों बारबेक्यू के पास बैठे नजर आ रहे हैं। तभी एक व्यक्ति ग्रिल के पास आता है और एक कंटेनर से आग में कोई तरल पदार्थ डालता है। इसके कुछ ही देर बाद आग अचानक तेज हो जाती है और निकिता की ओर फैल जाती है। वीडियो में वह आग की चपेट में आती और फिर जमीन पर गिरती नजर आ रही हैं।

बुरी तहर जल गई निकिता

हालात बिगड़ते ही सौविक अपनी पत्नी निकिता को बचाने के लिए उसकी तरफ दौड़ते हुए दिखाई देते हैं। बताया जा रहा कि वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने अपनी टी-शर्ट उतारकर आग बुझाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने भी आग पर काबू पाने और निकिता की मदद करने की कोशिश की। हादसे में निकिता के शरीर का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा झुलस गया है और उनका सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बचाने की कोशिश में उनके पति सौविक का हाथ भी जल गया।

दो महीने पहले हुई थी शादी

ये जोड़ा उत्तर दिनाजपुर जिले का रहने वाला है और करीब दो महीने पहले ही दोनों की शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाके सिट्टोंग पहुंचे थे। इस हादसे के बाद होमस्टे में सुरक्षा और आपात स्थिति में मदद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, निकिता के परिवार ने आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद उन्हें पूरी मदद नहीं मिली। परिवार ने इलाज के लिए समय पर किए गए इंतजामों पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, होमस्टे के अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई जवाब सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि लापरवाही के आरोप में होमस्टे के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच चल रही है।

लोगों ने किया कमेंट

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोग आग लगने की वजह को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा, “इसे ग्रीस की आग कहते हैं। ऐसा तब होता है जब आप बारबेक्यू को काफी देर तक साफ नहीं करते हैं। बेशक इस बेवकूफ ने कुछ आग पकड़ने वाली चीज डाल दी।” एक अन्य यूजर ने कहा कि, “मेहमानों के सामने चल रहे बारबेक्यू में तेल नहीं डालना चाहिए। उसके मुताबिक, बारबेक्यू को मेहमानों के आने से पहले ही तैयार कर लेना चाहिए। खाना बनाते समय केवल आग और हवा को संभालना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तेल डालने के बजाय कोयले का इस्तेमाल करना चाहिए।” सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

अस्पताल में मरीज सो रहे थे, तभी कैंपस में आ गया तेंदुआ, CCTV फुटेज देख सहमे लोग

Darjeeling Leopard: पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग हिल स्टेशनों में खूबसूरत वादियों से घिरा हुई है। दार्जिलिंग भारत की सबसे खूबसूरत और रोमांटिक हिल डेस्टिनेशन्स में से एक है। वहीं इन दिनों दार्जिलिंग का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दार्जिलिंग सदर अस्पताल के पास एक बड़ा तेंदुआ अस्पताल परिसर में घुस आया था। नाइट ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी और हेल्थ वर्कर अचानक आए तेंदुए को देखकर डर गए। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

दार्जिलिंग सदर अस्पताल में रात के वक्त एक तेंदुआ अस्पताल परिसर में आ गया। उस समय अस्पताल में मरीज सो रहे थे और नाइट ड्यूटी पर कर्मचारी मौजूद थे। बताया जा रहा कि, तेंदुआ काफी बड़ा था और कुछ देर तक अस्पताल के कैंपस में घूमता रहा। अचानक तेंदुए के पहुंचने से अस्पताल के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। अस्पताल परिसर में तेंदुए के घूमने की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में तेंदुआ देर रात कैंपस के अंदर बिना किसी जल्दबाजी के घूमता नजर आया।

तेंदुआ देख घबरा गए स्वास्थ्यकर्मी

अस्पताल के अंदर जंगली जानवर को देखकर नाइट ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी घबरा गए और सभी सतर्क हो गए। स्थानीय लोगों और अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि हाल के दिनों में अस्पताल परिसर में तेंदुए के इस तरह आने की कोई दूसरी घटना सामने नहीं आई है। उनके लिए भी यह घटना काफी हैरान करने वाली रही। अस्पताल के आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है।

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मानसून में सुहाना सफर न बन जाये आफत, हिलस्टेशन निकलने से पहले नोट कर लें ये 3 बातें!

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन इसी मौसम में कुछ हिल स्टेशन सबसे ज्यादा सेंसेटिव भी हो जाते हैं। तेज बारिश, लैंडस्लाइड, सड़क बंद होने और घने कोहरे जैसी समस्याएं ट्रैवल को मुश्किल बना सकती हैं। ऐसे में सिर्फ खूबसूरत नजारों को देखकर ट्रिप प्लान करना सही नहीं होता, बल्कि सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं उन हिल स्टेशनों के बारे में, जहां मानसून में जाने से पहले अच्छी तरह सोच-समझकर योजना बनानी चाहिए:

1. नैनीताल, उत्तराखंड

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नैनीताल अपनी खूबसूरत झीलों, पहाड़ों और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से लैंडस्लाइड, सड़क धंसने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज बारिश के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं और ट्रैफिक घंटों तक रुका रहता है। झील के आसपास की सड़कें भी फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे पैदल चलने और वाहन चलाने में सावधानी बरतनी पड़ती है।

2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

मानसून में दार्जिलिंग – बंगाल का स्वागत

दार्जिलिंग अपने चाय बागानों, टॉय ट्रेन और कंचनजंगा के शानदार नजारों के लिए पॉपुलर है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां लगातार तेज बारिश होती है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है, जिससे ट्रैवल मुश्किल हो सकती है। कई बार ट्रेन और सड़क मार्ग भी प्रभावित होते हैं, इसलिए रोड कंडीशन चेक कर लें।

3. शिमला, हिमाचल प्रदेश

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शिमला पूरे साल टूरिस्ट से भरा रहता है, लेकिन मानसून में यहां की पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर सड़कें टूट जाती हैं और लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है। लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। अगर इस मौसम में शिमला जाएं, तो दिन के समय ट्रैवल करें और रात में पहाड़ी सड़कों पर ड्राइव करने से बचें।

4. मसूरी, उत्तराखंड

मसूरी में केंप्टी फॉल है पिकनिक के लिए एक उत्तम स्थान (A Perfect Place for Picnic in Mussoorie – Kempty Fall)

मसूरी को “पहाड़ों की रानी” कहा जाता है, लेकिन मानसून में यहां का मौसम कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर पत्थर गिर सकते हैं और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। कैमल्स बैक रोड और कई व्यू पॉइंट्स के रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे में ट्रेकिंग या लंबी वॉक करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

5. गंगटोक, सिक्किम

Dehradun and Mussoorie during monsoon season

गंगटोक अपनी नेचुरल ब्यूटी और बर्फीली चोटियों के लिए पॉपुलर है। मानसून में यहां तेज बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता हैं। कई बार नाथुला पास और आसपास के रास्ते भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाते हैं। धुंध और बारिश की वजह से ड्राइविंग करना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए ट्रैवल से पहले स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।

6. मनाली, हिमाचल प्रदेश

Manali Images – Browse 13,682 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

मनाली एडवेंचर और नेचर लवर्स की पसंदीदा जगह है, लेकिन मानसून में यहां की नदियों का वाटरलेवल बढ़ जाता है और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का रिस्क रहता है। कई बार मनाली जाने वाले हाईवे भी प्रभावित हो जाते हैं। नदी किनारे कैंपिंग या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाना इस मौसम में सेफ नहीं माना जाता। मौसम की जानकारी लेकर ही ट्रैवल करें।

7. मुन्नार, केरल

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मुन्नार बारिश में बेहद खूबसूरत दिखता है, लेकिन लगातार बारिश के कारण यहां पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता है। चाय बागानों के बीच बने रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और कई जगहों पर पानी भर सकता है। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है। अगर मानसून में यहां जाएं, तो सेफ होटल में ठहरें और मौसम खराब होने पर अनावश्यक ट्रैवल से बचें।

 

इन 3 बातों का रखें ध्यान ट्रिप पर जाने से पहले

1. मौसम और ट्रैवल अपडेट जरूर देखें

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ट्रैवल शुरू करने से पहले वेदर फॉरकास्ट, सड़कों की कंडीशन जरूर देखें। अगर भारी बारिश या लैंडस्लाइड की चेतावनी हो, तो ट्रिप टालना बेहतर होता है।

2. सही सामान साथ रखें

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रेनकोट, वाटरप्रूफ जैकेट, मजबूत ग्रिप वाले जूते, टॉर्च, पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और ज्यादा कपड़े हमेशा साथ रखें। इससे अचानक मौसम खराब होने पर भी परेशानी कम होगी।

3. सुरक्षित ट्रैवल करें

The best monsoon treks in India, as recommended by adventure experts | Condé Nast Traveller India

बारिश के दौरान रात में पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। तेज बहाव वाली नदियों, झरनों और लैंडस्लाइड वाले एरिया के पास न जाएं। हमेशा सेफ रोड चुनें और वहां के लोकल लोगों या प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती जितनी अट्रैक्टिव होती है, उतनी ही सावधानी भी इस मौसम में जरूरी होती है। सही जानकारी लेकर आप अपनी ट्रिप को सेफ और यादगार बना सकते हैं। अगर आप भी बारिश के मौसम में किसी हिल स्टेशन जाने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो जल्दबाज़ी करने के बजाय पहले पूरी तैयारी करें। थोड़ी-सी सतर्कता आपकी ट्रिप को परेशानी से बचाकर खूबसूरत यादों में बदल सकती है।