पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

bike riders

बौद्ध विरासत के केंद्र सारनाथ, ऐतिहासिक चुनारगढ़ और मानसून में अपनी रंगत में नजर आने वाले देवदरी व राजदरी जलप्रपात अब एडवेंचर टूरिज्म के नए आकर्षण के रूप में उभरेंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन ने इन स्थलों को जोड़ते हुए युवाओं और बाइकिंग के शौकीनों के लिए खास वीकेंड यात्रा तैयार की है। शनिवार को 'द राइडिंग चैप्टर्स' के दूसरे संस्करण के तहत 80 बाइक सवार लखनऊ से दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के जरिए पर्यटन विभाग का प्रयास प्रदेश के उन समृद्ध लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित (अल्पज्ञात) स्थलों को नई पहचान दिलाना है, जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन सर्किट का हिस्सा नहीं बन सके हैं।

 

उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने सुबह 8 बजे 1090 चौराहे से दो दिवसीय बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। बाइकर्स का दल सुल्तानपुर और जौनपुर होते हुए बौद्ध स्थली सारनाथ पहुंचेगा। इसके बाद चुनार की ओर बढ़ेगा। इस तरह यह यात्रा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को करीब से जानने-समझने का अवसर भी देगी।

 

गंगा किनारे इतिहास का प्रहरी चुनारगढ़

गंगा नदी के किनारे बसा ऐतिहासिक चुनारगढ़ इस यात्रा का अहम पड़ाव है। शेरशाह सूरी से लेकर मुगल और ब्रिटिश शासनकाल तक के दौर का साक्षी रहा यह किला  विशाल पत्थर की दीवारों, सामरिक महत्व और गंगा तट पर बसे भव्य स्वरूप के लिए जाना जाता है। स्वयं में इतिहास की कई परतों को समेटे चुनारगढ़ आज भी पूर्वी उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का अहम प्रतीक है, जहां पर्यटन की संभावनाओं को और विस्तार देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

 

'बेहतर कनेक्टिविटी से नए पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान'

यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा का माहौल पर्यटन के नए और अल्पज्ञात स्थलों तक पहुंच को आसान बना रहा है। उन्होंने कहा कि 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' के माध्यम से युवाओं को रोमांच और प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए ऐसे पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक सामान्य यात्रा कार्यक्रमों से बाहर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं को उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से इतर इतिहास, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से जुड़े अनदेखे अनुभवों को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।

 

आस्था से एडवेंचर तक

रात्रि विश्राम के बाद रविवार को बाइकर्स काशी आनंदम से अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे। यहां से दल शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगा, जहां दर्शन-गंगा आरती के बाद यात्रा देवदरी और राजदरी वाटरफॉल की ओर बढ़ेगी। घने जंगलों व हरियाली के बीच स्थित देवदरी और राजदरी जलप्रपात मानसून में पूरे उफान पर रहते हैं। ऐसे में यात्रा का दूसरा दिन बाइकिंग के रोमांच के साथ प्रकृति और एडवेंचर टूरिज्म का विशेष अनुभव कराएगा।

 

..ताकि पर्यटन मानचित्र पर दिखें अल्पज्ञात स्थल 

'द राइडिंग चैप्टर्स' का पहला संस्करण इस माह के शुरुआत में लखनऊ से कालिंजर किले तक आयोजित किया गया था। पहली बाइक यात्रा को मिली सफलता के बाद शनिवार को इसके दूसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाई गई। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत पर्यटन विभाग सुनियोजित सड़क यात्राओं के जरिए प्रदेश की विरासत और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को पर्यटकों से रूबरू कराते हुए इन्हें प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल कर रहा है।

घूमें बेफिक्र होकर, IRCTC के नए टूर पैकेज से बिना प्लानिंग के करें दर्शन-पूजन!

IRCTC ने ‘गंगा गया संगम यात्रा’ नाम से 8 दिन और 7 रात का नया धार्मिक टूर शुरू किया है। इस पैकेज में गया, वाराणसी, सारनाथ, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ और नैमिषारण्य जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। फ्लाइट, होटल, खाने, एसी वाहन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी कई फैसिलिटी भी पैकेज में हैं। इस तरह से श्रद्धालुओं को अलग-अलग बुकिंग करने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

यात्रा की शुरुआत

विष्णुपद मंदिर, पर्यटन, 2023 - बोध गया | विष्णुपद मंदिर की तस्वीरें - Tripinvites - TripInvites

यह तीर्थयात्रा 2 सितंबर 2026 को हैदराबाद से शुरू होगी। पहले फ्लाइट से गया पहुंचाया जाएगा, जहां होटल में ठहरने के बाद महाबोधि मंदिर और आसपास के बौद्ध मठों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद अगले दिन विष्णुपद मंदिर और मंगला गौरी शक्तिपीठ देखने का मौका मिलेगा। यहां से सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना हुआ जाएगा।

काशी और सारनाथ 

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वाराणसी में यात्रियों को तीन रात रुकने का मौका मिलेगा। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, शाम की भव्य गंगा आरती और शहर के पुराने बाजार देखने का मौका मिलेगा। अगले दिन सारनाथ की सैर भी कराई जाएगी, जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यहां आप चाहें तो खाली समय में खरीदारी भी कर सकते हैं।

प्रयागराज और अयोध्या 

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वाराणसी के बाद यात्रा प्रयागराज पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु त्रिवेणी संगम और अलोपी देवी मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद अयोध्या ले जाया जाएगा, जहां रामलला मंदिर और भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जायेंगे। यहां की आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बहुत ही सुख देता है।

लखनऊ और नैमिषारण्य

अयोध्या से निकलकर यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। यहां से नैमिषारण्य की यात्रा कराई जाएगी, जिसे हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन तीर्थ स्थलों में सबसे खूबसूरत है। वापसी पर लखनऊ का फेमस बड़ा इमामबाड़ा भी दिखाया जाएगा। इसके बाद फ्लाइट से वापस हैदराबाद लौटकर जर्नी पूरी होगी।

यात्रा की सुविधाएं

इस टूर में आने-जाने की फ्लाइट, सात रात होटल में ठहरने की फैसिलिटी, सात बार नाश्ता, सात बार डिनर और एक बार लंच शामिल है। इसके साथ ही एसी वाली गाड़ी से घूमना, ट्रैवल इंश्योरेंस, IRCTC टूर एस्कॉर्ट और सभी जरूरी टैक्स भी पैकेज में हैं। यानी ट्रिप में आपको अलग-अलग बुकिंग करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

पैकेज कॉस्ट 

इस पैकेज की कीमत कमरे और लोगों के हिसाब से की गई है। सिंगल रूम के लिए ₹54,800, दो लोगों के साथ रुकने पर ₹41,000 प्रति व्यक्ति और तीन लोगों के साथ रुकने पर ₹38,750 प्रति व्यक्ति खर्च आएगा। अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से आप इस पैकेज को चुन सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

इस पैकेज में मंदिरों या स्मारकों के एंट्री टिकट शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही ऑटो-रिक्शा, बैटरी वाहन, विशेष पूजा, गाइड, टिप्स, लॉन्ड्री, ड्रिंक्स, बोतलबंद पानी और दूसरे अपने खुद के खर्च यात्रियों को खुद उठाने होंगे। इसलिए ट्रिप पर निकलने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को ध्यान में रखकर तैयारी करें।