नीम करौली बाबा के कैंची धाम में ऐसा क्या खास, दुनिया भर से खिंचे चले आते हैं लोग?

भारत में नीम करोली बाबा को मानने वाले लोगों की संख्या लंबे समय से रही है और उनकी सादगी, सेवा और आध्यात्मिक सोच लोगों को अपनी ओर खींचती है। लेकिन अब इन्हें विदेशों में भी काफी जाना जाता है। बाबा के जीवन और उनकी बातों से प्रभावित होकर देश-विदेश के कई लोग उनके आश्रमों तक पहुंचे। यही वजह है कि उत्तराखंड का कैंची धाम भी आज श्रद्धालुओं और बाबा को जानने वाले लोगों के लिए खास जगह बन चुका है। नीम करोली बाबा से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनके भक्तों में आम लोगों के साथ कई बड़ी विदेशी हस्तियों के नाम भी बताए जाते हैं। बाबा का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों की दिलचस्पी का कारण बनी हुई हैं और उनके आश्रम में पहुंचने वाले लोग उनके विचारों और आध्यात्मिक जीवन के बारे में जानना चाहते हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पहुंचे कैंची धाम

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और एक्टर-प्रोड्यूसर अनुष्का शर्मा ने नवंबर 2022 में उत्तराखंड के कैंची धाम का दौरा किया था। दोनों ने यहां नीम करोली बाबा के दर्शन किए और आश्रम में कुछ समय बिताया। बाबा की सादगी, शांति और प्रेम से जुड़ी शिक्षाएं आज भी लोगों को अट्रैक्ट करती हैं।

लैरी पेज और जेफरी स्कॉल भी आए

कैंची धाम पहुंचने वाली विदेशी हस्तियों में गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज और ईबे के को-फाउंडर जेफरी स्कॉल भी है। डॉ. लैरी ब्रिलियंट भी कुछ समय आश्रम में रहे थे। बाद में उन्होंने गूगल के परोपकार से जुड़े काम में भी भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, यह जगह लोगों को खुद को समझने और दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने का मौका देती है।

स्टीव जॉब्स की आध्यात्मिक यात्राएप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स सिर्फ 19 साल की उम्र में भारत आए थे। साल 1974 में उन्होंने कई महीने भारत में घूमते हुए एक आध्यात्मिक गुरु की तलाश की। इसी दौरान वह नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम भी पहुंचे, लेकिन तब तक बाबा का निधन हो चुका था। उनके बायोग्राफर वॉल्टर इसाकसन के अनुसार, भारत और कैंची धाम की इस यात्रा ने जॉब्स की सोच पर गहरा असर डाला।

मार्क जुकरबर्ग ने किये दर्शन

मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने साल 2015 में कैंची धाम का दौरा किया था। उस समय वह फेसबुक के काम को लेकर एक मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और कुछ समय रुककर चीजों को समझना चाहते थे। बताया जाता है कि स्टीव जॉब्स ने ही उन्हें भारत और इस आश्रम की यात्रा करने की सलाह दी थी। बाद में जुकरबर्ग ने भी माना कि भारत की इस यात्रा ने उन्हें फेसबुक के असली मकसद को समझने में मदद की।

कैंची धाम की खासियत और वहां का माहौल

उत्तराखंड की पहाड़ियों के बीच बना कैंची धाम चारों तरफ से हरियाली और शांत माहौल से घिरा हुआ है। यहां पहुंचते ही शहर की भागदौड़ से अलग एक सुकून भरा माहौल महसूस होता है। आश्रम में नीम करोली बाबा की याद से जुड़ें मंदिर हैं, जहां भक्त बाबा की शिक्षाओं के बारे में जानने आते हैं। यही कारण है कि कैंची धाम सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों से आने वाले लोगों के बीच भी खास पहचान रखता है।

क्या है कैंची धाम जाने का सही समय और आसान रास्ता?

कैंची धाम उत्तराखंड की कुमाऊं पहाड़ियों में है और नैनीताल से करीब 38 किलोमीटर दूर बताया जाता है। यहां सड़क मार्ग से नैनीताल, हल्द्वानी और काठगोदाम से आसानी से पहुंचा जा सकता है। ट्रेन से आने वालों के लिए काठगोदाम सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जहां से टैक्सी या लोकल ट्रांसपोर्ट लेकर कैंची धाम पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से आने पर पंतनगर एयरपोर्ट सबसे नजदीक है, जो करीब 65 किलोमीटर दूर है और वहां से कैब लेकर आश्रम पहुंचा जा सकता है। कैंची धाम जाने के लिए मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। जुलाई और अगस्त में भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर सफर मुश्किल हो सकता है, इसलिए इस समय यात्रा करने से बचना बेहतर है। जून में होने वाले सालाना भंडारे में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। आश्रम आमतौर पर सुबह जल्दी खुलता है और शाम की आखिरी प्रार्थना के बाद बंद हो जाता है, लेकिन मौसम के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।

Hanuman Ansh Box Office Collection: ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 144 करोड़ रुपये कमाए, फिल्म ने लागत से 50 गुना ज्यादा की कमाई

Hanuman Ansh Box Office Collection: ‘हनुमान अंश’ ने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ 2026 की सबसे बड़ी ‘स्लीपर हिट’ फिल्मों में से एक बन गई है। लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने अपनी लागत से 50 गुना ज़्यादा कमाई की है।

‘हनुमान अंश’ अब 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली सबसे छोटे पैमाने की हिंदी फिल्म बन गई है। यह रिकॉर्ड पहले ‘द कश्मीर फाइल्स’ के नाम था। सैकनिलक (Sacnilk) के अनुसार, ‘हनुमान अंश’ ने सिनेमाघरों में अपने 31वें दिन 22.75 करोड़ रुपये (नेट) कमाए, जिससे भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 144.40 करोड़ रुपये और कुल नेट कलेक्शन 122.13 करोड़ रुपये हो गया।

पिछले महीने रिलीज़ होने पर बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत धीमी रही थी। हालांकि, दो हफ़्तों के बाद, लोगों की बातचीत (वर्ड ऑफ़ माउथ) और सोशल मीडिया रिव्यूज़ की वजह से इसे ज़बरदस्त लोकप्रियता मिली। ‘टॉक्सिक’ और ‘मिर्ज़ापुर’ जैसी फिल्मों से टक्कर मिलने के बावजूद, ‘हनुमान अंश’ ने अपने लिए काफी चर्चा बटोरी है।

अब, यह 11 सितंबर को दुनिया भर में रिलीज़ होगी। इससे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में इसे बड़ी बढ़त मिलेगी। फिल्म के सीक्वल की घोषणा भी पहले ही हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगरा के एक मल्टीप्लेक्स में दर्शकों से बात करते हुए डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ‘हनुमान अंश 2’ की पुष्टि की। विशाल ने बताया कि आने वाली फिल्म नीम करौली बाबा के जन्मस्थान, फिरोज़ाबाद पर केंद्रित होगी और फिर दिखाएगी कि कैसे और क्यों वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा के लिए आगरा, मथुरा और अन्य जगहों पर गए।

कौन थे नीम करौली बाबा?

नीम करौली बाबा एक हिंदू आध्यात्मिक गुरु और भगवान हनुमान के परम भक्त थे। उनका जन्म का नाम आमतौर पर लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है, और उनका जन्म 1900 के आसपास मौजूदा उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में हुआ था। 11 सितंबर, 1973 को वृंदावन में उनका निधन हो गया।

बाबा से जुड़ी कई कहानियां चमत्कारों और असाधारण घटनाओं से भरी हैं, जिनमें से कई उनके भक्तों द्वारा सुनाई गई हैं। क्योंकि ये बातें मुख्य रूप से भक्तों की यादों पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्यों के बजाय, उनसे जुड़ी आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाना ज़्यादा सही है।

Hanuman Ansh Box office: 100 करोड़ी फिल्म बनी ‘हनुमान अंश’, 2 करोड़ के बजट में बनकर तैयार हुई मूवी ने रचा इतिहास

Hanuman Ansh Box office: बॉक्स ऑफिस पर लगभग चमत्कारिक वापसी के दो हफ़्ते बाद, भक्ति फ़िल्म ‘हनुमान अंश’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ₹100 करोड़ की नेट कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित यह फ़िल्म, 100-करोड़ क्लब में शामिल होने वाली अब तक की सबसे छोटी हिंदी फ़िल्म (स्केल के मामले में) है। यह फ़िल्म अपने पांचवें हफ़्ते में अब तक का सबसे बड़ा वीकेंड दर्ज करने की राह पर है।

‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर ₹100 करोड़ का आंकड़ा छुआ

‘हनुमान अंश’ की शुरुआत बहुत खराब रही; इसने पहले दिन सिर्फ़ ₹10 लाख कमाए और शुरुआती दो हफ़्तों में कुल ₹1.48 करोड़ की नेट कमाई की। सिनेमाघरों में 16वें दिन फ़िल्म की कमाई में ज़बरदस्त उछाल आया। जैसे-जैसे लोगों के बीच इसकी चर्चा बढ़ी, ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर तीसरे और चौथे हफ़्ते में रिकॉर्ड-तोड़ कमाई की।

इसने अकेले चौथे हफ़्ते में ₹61 करोड़ कमाए। यह बढ़त पांचवें वीकेंड में भी जारी रही। फ़िल्म ने शुक्रवार को ₹10 करोड़ और शनिवार को ₹16.50 करोड़ की नेट कमाई की। इससे इसकी घरेलू कमाई ₹99 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा हो गई। रविवार सुबह के शो ने ‘हनुमान अंश’ को ₹100 करोड़ के पार पहुंचा दिया। अब यह इस आंकड़े को पार करने वाली 143वीं हिंदी फ़िल्म बन गई है। ₹2 करोड़ के बजट के साथ, ‘हनुमान अंश’ इस मशहूर क्लब में शामिल होने वाली सबसे छोटी हिंदी फ़िल्म है, जिसने ‘द कश्मीर फाइल्स’ (₹15 करोड़) को काफ़ी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।

‘हनुमान अंश’ ने ‘पुष्पा: द राइज़’ और ‘सिंघम’ को पीछे छोड़ा

रविवार दोपहर 1 बजे तक, फ़िल्म की घरेलू कमाई ₹105 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा हो गई है। इससे इस भक्ति फ़िल्म को अपने से कहीं बड़ी कई फ़िल्मों की कुल कमाई को पीछे छोड़ने में मदद मिली है। रविवार को इसने स्पोर्ट्स ड्रामा ’83’ (₹104 करोड़), सलमान खान की ‘सिकंदर’ (₹103 करोड़), अजय देवगन की ‘सिंघम’ (₹100 करोड़) और अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा: द राइज़’ (हिंदी वर्शन – ₹105 करोड़) की कुल कमाई के आंकड़े को पार कर लिया। इस महीने होने वाली इंटरनेशनल रिलीज़ के साथ फ़िल्म के और बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

‘हनुमान अंश’ के बारे में सब कुछ

विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित, ‘हनुमान अंश’ कहानी है लक्ष्मी नारायण नाम के एक दुखी युवक की, जो अपनी मां की मौत के बाद ईश्वर की खोज में एक आध्यात्मिक यात्रा पर निकलता है। जीवन, मृत्यु और इंसानी दुखों के सवालों के जवाब ढूंढते हुए वह पूरे उत्तर भारत की यात्रा करता है और आखिर में सम्मानित संत नीम करौली बाबा बन जाता है। इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका में शोभिनव सत्य हैं, और उनके साथ विहान शेडगे, चंदन के आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी, गुलशन पांडे और भगवानदास पटेल भी हैं।

घूमें बेफिक्र होकर, IRCTC के नए टूर पैकेज से बिना प्लानिंग के करें दर्शन-पूजन!

IRCTC ने ‘गंगा गया संगम यात्रा’ नाम से 8 दिन और 7 रात का नया धार्मिक टूर शुरू किया है। इस पैकेज में गया, वाराणसी, सारनाथ, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ और नैमिषारण्य जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। फ्लाइट, होटल, खाने, एसी वाहन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी कई फैसिलिटी भी पैकेज में हैं। इस तरह से श्रद्धालुओं को अलग-अलग बुकिंग करने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

यात्रा की शुरुआत

विष्णुपद मंदिर, पर्यटन, 2023 - बोध गया | विष्णुपद मंदिर की तस्वीरें - Tripinvites - TripInvites

यह तीर्थयात्रा 2 सितंबर 2026 को हैदराबाद से शुरू होगी। पहले फ्लाइट से गया पहुंचाया जाएगा, जहां होटल में ठहरने के बाद महाबोधि मंदिर और आसपास के बौद्ध मठों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद अगले दिन विष्णुपद मंदिर और मंगला गौरी शक्तिपीठ देखने का मौका मिलेगा। यहां से सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना हुआ जाएगा।

काशी और सारनाथ 

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वाराणसी में यात्रियों को तीन रात रुकने का मौका मिलेगा। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, शाम की भव्य गंगा आरती और शहर के पुराने बाजार देखने का मौका मिलेगा। अगले दिन सारनाथ की सैर भी कराई जाएगी, जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यहां आप चाहें तो खाली समय में खरीदारी भी कर सकते हैं।

प्रयागराज और अयोध्या 

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वाराणसी के बाद यात्रा प्रयागराज पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु त्रिवेणी संगम और अलोपी देवी मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद अयोध्या ले जाया जाएगा, जहां रामलला मंदिर और भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जायेंगे। यहां की आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बहुत ही सुख देता है।

लखनऊ और नैमिषारण्य

अयोध्या से निकलकर यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। यहां से नैमिषारण्य की यात्रा कराई जाएगी, जिसे हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन तीर्थ स्थलों में सबसे खूबसूरत है। वापसी पर लखनऊ का फेमस बड़ा इमामबाड़ा भी दिखाया जाएगा। इसके बाद फ्लाइट से वापस हैदराबाद लौटकर जर्नी पूरी होगी।

यात्रा की सुविधाएं

इस टूर में आने-जाने की फ्लाइट, सात रात होटल में ठहरने की फैसिलिटी, सात बार नाश्ता, सात बार डिनर और एक बार लंच शामिल है। इसके साथ ही एसी वाली गाड़ी से घूमना, ट्रैवल इंश्योरेंस, IRCTC टूर एस्कॉर्ट और सभी जरूरी टैक्स भी पैकेज में हैं। यानी ट्रिप में आपको अलग-अलग बुकिंग करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

पैकेज कॉस्ट 

इस पैकेज की कीमत कमरे और लोगों के हिसाब से की गई है। सिंगल रूम के लिए ₹54,800, दो लोगों के साथ रुकने पर ₹41,000 प्रति व्यक्ति और तीन लोगों के साथ रुकने पर ₹38,750 प्रति व्यक्ति खर्च आएगा। अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से आप इस पैकेज को चुन सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

इस पैकेज में मंदिरों या स्मारकों के एंट्री टिकट शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही ऑटो-रिक्शा, बैटरी वाहन, विशेष पूजा, गाइड, टिप्स, लॉन्ड्री, ड्रिंक्स, बोतलबंद पानी और दूसरे अपने खुद के खर्च यात्रियों को खुद उठाने होंगे। इसलिए ट्रिप पर निकलने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को ध्यान में रखकर तैयारी करें।

चलो बुलावा आया है! सावन में ऐसे बनाएं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का परफेक्ट प्लान

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आस्था के लिए खास माना जाता है। इस महीने में देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ होती है। हर ज्योतिर्लिंग की अपनी अलग महिमा और धार्मिक महत्व होता है, जहां सावन में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। ऐसे ही है ये ज्योतिर्लिंग जहां सावन में भक्तों की धूम मची होती है:

Somnath Jyotirlinga (सोमनाथ ज्योतिर्लिंग) – गुजरात

Somnath Temple:हवा में तैरता था शिवलिंग और 8 करोड़ साल पुराना है मंदिर, क्या है सोमनाथ मंदिर का रहस्य? - Somnath Temple Facts A Jyotirlinga Full Of Miracles And Mysteries Somnath Temple -

सावन में सोमनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइन लग जाती है। यहां रुद्राभिषेक, शिव आरती और मंत्र जाप के साथ सावन सोमवार का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

Mahakaleshwar Jyotirlinga (महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग) – उज्जैन, मध्य प्रदेश

Somnath Temple Shivling Images HD | First Jyotirlinga Wallpapers

सावन में बाबा महाकाल की भस्म आरती और श्रृंगार दर्शन भक्त करते हैं। हर सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाती है।

Kedarnath Jyotirlinga (केदारनाथ ज्योतिर्लिंग) – उत्तराखंड

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) | दर्शन जानकारी | Reviving Cultures

सावन में केदारनाथ धाम में शिव भक्त हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूजा करते हैं। मंदिर में अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हिमालय की गोद में बसे इस पवित्र धाम में सावन में ऊर्जा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है।

Kashi Vishwanath Jyotirlinga (काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग) – वाराणसी, उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ, केदारनाथ और बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग | भारत के 12 ज्योतिर्लिंग: शिवभक्तों के लिए पवित्र यात्रा – Sadhana Shop

सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। भक्त गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करते हैं। सावन सोमवार के दिन यहां आरती और पूजा में शामिल होने के लिए देशभर से भक्त पहुंचते हैं।

Trimbakeshwar Jyotirlinga (त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग) – नासिक, महाराष्ट्र

काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है - A Great Hindu Temple kashi vishvanath temple-Varanasi

सावन में यहां रुद्र पूजा, अभिषेक और मंत्रों का जाप किया जाता है। भक्त भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के कारण सावन में इस धाम का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Baidyanath Jyotirlinga (बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग) – देवघर, झारखंड

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सावन में बैद्यनाथ धाम में कांवड़ यात्रा की धूम रहती है। भक्त दूर-दूर से गंगाजल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। सावन के पूरे महीने मंदिर परिसर में शिव भक्तों की आस्था और भक्ति का अनोखा रूप दिखाई देता है।

Rameshwaram Jyotirlinga (रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग) – तमिलनाडु

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सावन में रामेश्वरम मंदिर में विशेष पूजा और अभिषेक होते हैं। भक्त पवित्र कुंडों में स्नान कर शिव आराधना करते हैं। समुद्र किनारे स्थित यह ज्योतिर्लिंग सावन में धार्मिक आस्था और शांति का खास केंद्र बन जाता है।

Nageshwar Jyotirlinga (नागेश्वर ज्योतिर्लिंग) – गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर - स्थान, वास्तुकला, तस्वीरें

सावन में मंदिर में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है। भक्त भगवान शिव जी से आशीर्वाद लेते है और प्रार्थना करते हैं। सावन में यहां भक्तों की भीड़ और शिव भक्ति की धूम देखने लायक होता है।

Bhimashankar Jyotirlinga (भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग) – महाराष्ट्र

Gallery - Jyotirlinga Bhimashankar

सावन में यहां शिव भक्तों की लंबी लाइन लगती हैं। पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रम किए जाते हैं। हरियाली से घिरे इस धाम में सावन के दौरान श्रद्धालु शिव भक्ति में नजर आते हैं।

Grishneshwar Jyotirlinga (घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग) – महाराष्ट्र

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, संभाजीनगर (Maharashtra) | दर्शन जानकारी | Reviving Cultures

सावन के महीने में मंदिर को सजाया जाता है और भक्त जलाभिषेक व पूजा करके भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं। सावन सोमवार के दिन यहां दर्शन और पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Omkareshwar Jyotirlinga (ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग) – मध्य प्रदेश

सावन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विशेष! उत्तम स्वास्थ्य, नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सावन में नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर में विशेष आरती और धार्मिक आयोजन होते हैं। भक्त नर्मदा जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। नर्मदा तट पर होने वाली शिव आरती भक्तों को आध्यात्म की अनुभूति देती है।

Mallikarjuna Jyotirlinga (मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग) – आंध्र प्रदेश

ऋग्वेद में आया सोमनाथ मंदिर का जिक्र, चंद्रमा से सीधा कनेक्शन; जानें कैसे बना ज्योतिर्लिंग

सावन में मंदिर में विशेष श्रृंगार, पूजा और अभिषेक किए जाते हैं। भक्त शिव-पार्वती की आराधना कर मनोकामनाएं मांगते हैं। सावन के दौरान यह धाम भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति का प्रमुख केंद्र बन जाता है।