Hanuman Ansh advance booking worldwide: ‘हनुमान अंश’ ने दुनिया भर में की धमाकेदार शुरुआत की, प्री-सेल्स में कमाए इतने करोड़

Hanuman Ansh advance booking worldwide: ‘हनुमान अंश’ अब सिर्फ देश में मिली सफलता तक ही सीमित नहीं है। नीम करौली बाबा पर बनी यह बायोपिक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी, जिससे भारत के बाहर के दर्शकों को बड़े पर्दे पर यह आध्यात्मिक ड्रामा देखने का मौका मिलेगा। यह फिल्म 11 सितंबर, 2026 को दुनिया भर में रिलीज होने वाली है और होम्बले फिल्म्स ने होम्बले ओवरसीज के जरिए इसके अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन की घोषणा की है। फिल्म के अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने के साथ ही अब सबकी नजरें इसकी विदेशी एडवांस बुकिंग पर टिकी हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या दर्शकों की वही उत्सुकता भारत के बाहर भी टिकट बिक्री में बदल पाएगी।

‘हनुमान अंश’ की विदेशी एडवांस बुकिंग

‘हनुमान अंश’ की विदेशी रिलीज फिल्म की यात्रा के एक दिलचस्प मोड़ पर हो रही है। शोभिनव सत्या स्टारर इस फ़िल्म ने 7 अगस्त 2026 को भारत में सिनेमाघरों का सफर शुरू किया था और शुरुआत में इसे बहुत ज्यादा चर्चा नहीं मिली थी। हालांकि लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया (वर्ड ऑफ़ माउथ) की वजह से फ़िल्म ने आने वाले हफ़्तों में रफ़्तार पकड़ी और साल की सबसे बड़ी सरप्राइज़ हिट फ़िल्मों में से एक बन गई।

‘हनुमान अंश’ ने 11 सितंबर, 2026 को होने वाली विदेशी रिलीज से पहले ही नॉर्थ अमेरिका में $150+ (और यह संख्या बढ़ रही है) की एडवांस प्री-सेल्स दर्ज की है। यह फ़िल्म नॉर्थ अमेरिका के सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी और होम्बले फ़िल्म्स इसके विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालेगी। मज़बूत प्री-सेल्स फ़िल्म की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एंट्री का संकेत देती हैं, जहाँ इसे चुनिंदा जगहों पर रिलीज़ किया जाएगा। नॉर्थ अमेरिका से मिले अच्छे एडवांस रिस्पॉन्स ने नीम करौली बाबा बायोपिक की ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज़ से पहले इसके लिए उत्साह और बढ़ा दिया है।

‘हनुमान अंश’ 11 सितंबर, 2026 से कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिलीज हो रही है।

USA

नॉर्थ अमेरिका

यूनाइटेड किंगडम

दुबई

कनाडा

मॉरिशस

हॉंगकॉंग

फ़िलीपींस

सिंगापुर

न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया 1 सितंबर, 2026 को एक्सक्लूसिव प्रीमियर।

बता दें कि होम्बले ओवरसीज़ अंतरराष्ट्रीय रिलीज का काम संभाल रही है और अलग-अलग बाज़ारों में स्थानीय पार्टनर भी शामिल हैं।

भारत में सफलता के बाद ‘हनुमान अंश’ की ज़बरदस्त ग्लोबल एंट्री

‘हनुमान अंश’ अपनी ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए 11 सितंबर, 2026 को तैयार है। फ़िल्म के अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन का काम बड़े प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन बैनर ‘होम्बले फ़िल्म्स’ द्वारा संभाला जा रहा है। इंटरनेशनल रिलीज़ उस फ़िल्म के लिए एक अहम कदम है, जिसके बारे में शुरू में यह उम्मीद नहीं थी कि वह सिनेमाघरों में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी।

भारत में इसकी सफलता ने इस सोच को बदल दिया है, क्योंकि रिलीज़ के एक महीने बाद भी यह फ़िल्म दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है। Sacnilk के अनुसार, अब तक ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग ₹156.02 करोड़ की नेट कमाई की है। ‘हनुमान अंश’ को हाल के सालों की सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली हिंदी फ़िल्मों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि इसकी बताई गई प्रोडक्शन कॉस्ट और बॉक्स ऑफ़िस की कमाई के बीच बहुत बड़ा अंतर है।

नीम करौली बाबा की बायोपिक की नज़र विदेशी दर्शकों पर

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन और शोभिनव सत्या की मुख्य भूमिका वाली ‘हनुमान अंश’ आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा की कहानी बताती है। बड़े पर्दे तक इस फ़िल्म का सफ़र भी अनोखा रहा है। प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर, जो इस प्रोजेक्ट पर काम करते समय सिर्फ़ 21 साल की थीं, शुरू में एप्पल के को-फ़ाउंडर स्टीव जॉब्स पर आध्यात्मिक प्रभाव के बारे में अपनी रिसर्च के ज़रिए नीम करौली बाबा की ओर आकर्षित हुई थीं।

फ़िल्म की इंटरनेशनल रिलीज़ अब इस कहानी को बहुत बड़े दर्शकों तक पहुंचा सकती है, खासकर विदेशों में रहने वाले भारतीयों और नीम करौली बाबा के अनुयायियों तक। भारत में बॉक्स ऑफ़िस पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के बाद, अब ध्यान इस बात पर है कि ‘हनुमान अंश’ इंटरनेशनल मार्केट में कैसा प्रदर्शन करती है। एक छोटे स्तर के प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई इस फ़िल्म का, एक साधारण थिएट्रिकल रिलीज़ से ग्लोबल रिलीज़ तक का सफ़र निश्चित रूप से एक अप्रत्याशित मोड़ है।

नीम करौली बाबा के कैंची धाम में ऐसा क्या खास, दुनिया भर से खिंचे चले आते हैं लोग?

भारत में नीम करोली बाबा को मानने वाले लोगों की संख्या लंबे समय से रही है और उनकी सादगी, सेवा और आध्यात्मिक सोच लोगों को अपनी ओर खींचती है। लेकिन अब इन्हें विदेशों में भी काफी जाना जाता है। बाबा के जीवन और उनकी बातों से प्रभावित होकर देश-विदेश के कई लोग उनके आश्रमों तक पहुंचे। यही वजह है कि उत्तराखंड का कैंची धाम भी आज श्रद्धालुओं और बाबा को जानने वाले लोगों के लिए खास जगह बन चुका है। नीम करोली बाबा से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनके भक्तों में आम लोगों के साथ कई बड़ी विदेशी हस्तियों के नाम भी बताए जाते हैं। बाबा का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों की दिलचस्पी का कारण बनी हुई हैं और उनके आश्रम में पहुंचने वाले लोग उनके विचारों और आध्यात्मिक जीवन के बारे में जानना चाहते हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पहुंचे कैंची धाम

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और एक्टर-प्रोड्यूसर अनुष्का शर्मा ने नवंबर 2022 में उत्तराखंड के कैंची धाम का दौरा किया था। दोनों ने यहां नीम करोली बाबा के दर्शन किए और आश्रम में कुछ समय बिताया। बाबा की सादगी, शांति और प्रेम से जुड़ी शिक्षाएं आज भी लोगों को अट्रैक्ट करती हैं।

लैरी पेज और जेफरी स्कॉल भी आए

कैंची धाम पहुंचने वाली विदेशी हस्तियों में गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज और ईबे के को-फाउंडर जेफरी स्कॉल भी है। डॉ. लैरी ब्रिलियंट भी कुछ समय आश्रम में रहे थे। बाद में उन्होंने गूगल के परोपकार से जुड़े काम में भी भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, यह जगह लोगों को खुद को समझने और दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने का मौका देती है।

स्टीव जॉब्स की आध्यात्मिक यात्राएप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स सिर्फ 19 साल की उम्र में भारत आए थे। साल 1974 में उन्होंने कई महीने भारत में घूमते हुए एक आध्यात्मिक गुरु की तलाश की। इसी दौरान वह नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम भी पहुंचे, लेकिन तब तक बाबा का निधन हो चुका था। उनके बायोग्राफर वॉल्टर इसाकसन के अनुसार, भारत और कैंची धाम की इस यात्रा ने जॉब्स की सोच पर गहरा असर डाला।

मार्क जुकरबर्ग ने किये दर्शन

मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने साल 2015 में कैंची धाम का दौरा किया था। उस समय वह फेसबुक के काम को लेकर एक मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और कुछ समय रुककर चीजों को समझना चाहते थे। बताया जाता है कि स्टीव जॉब्स ने ही उन्हें भारत और इस आश्रम की यात्रा करने की सलाह दी थी। बाद में जुकरबर्ग ने भी माना कि भारत की इस यात्रा ने उन्हें फेसबुक के असली मकसद को समझने में मदद की।

कैंची धाम की खासियत और वहां का माहौल

उत्तराखंड की पहाड़ियों के बीच बना कैंची धाम चारों तरफ से हरियाली और शांत माहौल से घिरा हुआ है। यहां पहुंचते ही शहर की भागदौड़ से अलग एक सुकून भरा माहौल महसूस होता है। आश्रम में नीम करोली बाबा की याद से जुड़ें मंदिर हैं, जहां भक्त बाबा की शिक्षाओं के बारे में जानने आते हैं। यही कारण है कि कैंची धाम सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों से आने वाले लोगों के बीच भी खास पहचान रखता है।

क्या है कैंची धाम जाने का सही समय और आसान रास्ता?

कैंची धाम उत्तराखंड की कुमाऊं पहाड़ियों में है और नैनीताल से करीब 38 किलोमीटर दूर बताया जाता है। यहां सड़क मार्ग से नैनीताल, हल्द्वानी और काठगोदाम से आसानी से पहुंचा जा सकता है। ट्रेन से आने वालों के लिए काठगोदाम सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जहां से टैक्सी या लोकल ट्रांसपोर्ट लेकर कैंची धाम पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से आने पर पंतनगर एयरपोर्ट सबसे नजदीक है, जो करीब 65 किलोमीटर दूर है और वहां से कैब लेकर आश्रम पहुंचा जा सकता है। कैंची धाम जाने के लिए मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। जुलाई और अगस्त में भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर सफर मुश्किल हो सकता है, इसलिए इस समय यात्रा करने से बचना बेहतर है। जून में होने वाले सालाना भंडारे में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। आश्रम आमतौर पर सुबह जल्दी खुलता है और शाम की आखिरी प्रार्थना के बाद बंद हो जाता है, लेकिन मौसम के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।