Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के दौरान बंद रहेंगे ‘नमो भारत’ के ये 17 स्टेशन, इन राज्यों में स्कूल भी बंद, जानिए रूट समेत सभी बड़ी बातें

Kanwar Yatra 2026: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने बताया है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच 17 ‘नमो भारत’ स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट चार से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इन स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा भी सीमित रहेगी। NCRTC ने बताया कि वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक निर्देशों के तहत ये अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं।

निगम के अनुसार, प्रभावित स्टेशनों में मोदीनगर, मेरठ नॉर्थ, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दी नगर, रिठानी, परतापुर, मेरठ साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और गाजियाबाद शामिल हैं। NCRTC ने बताया कि अधिकतर स्टेशनों पर इस अवधि के दौरान गेट संख्या-2 बंद रहेगा। बयान के मुताबिक, बेगमपुल स्टेशन पर गेट संख्या-2 और 3, जबकि दुहाई स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 4 बंद रहेंगे। गाजियाबाद स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 5 बंद रहेंगे।

पार्किंग भी बंद

इन स्टेशनों के प्रभावित हिस्से की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। एनसीआरटीसी ने यात्रियों को नमो भारत सेवाओं का उपयोग करने के लिए संबंधित स्टेशनों पर उपलब्ध वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वारों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। निगम ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया।

निगम ने कहा कि सरायकाले खां-मोदीनगर कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। बयान के मुताबिक, 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ट्रेनें आठ मिनट के अंतराल पर चलेंगी। इस साल कांवड़ यात्रा पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से शुरू हुई है और 11 अगस्त को समाप्त होगी।

स्कूल-कॉलेज 12 अगस्त तक बंद रहेंगे

श्रावण मास की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद जिलों में शिक्षण संस्थान 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। मेरठ में जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह के आदेश के अनुसार यह अवकाश 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इसके अनुसार सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान बंद कर दिए गए।

प्रशासन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए लिया गया है, क्योंकि श्रावण शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए जिले से गुजरते हैं। मेरठ प्रशासन के आदेश के अनुसार, कक्षा एक से 12 तक के सभी शिक्षण संस्थान, जिनमें बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से जुड़े संस्थान शामिल हैं, 12 अगस्त तक बंद रहेंगे।

इसके अनुसार सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को भी इस दौरान क्लास बंद रखने का निर्देश दिया गया है। गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को चार अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया।

इस बीच, बागपत प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए तीन अगस्त से 12 अगस्त तक कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है। प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर जाते हुए बागपत से गुज़र रहे हैं। जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘जलाभिषेक’ के लिए जिले के प्रमुख शिवमंदिरों में भी जा रहे हैं, जिससे कांवड़ रूट और आस-पास के इलाकों में भारी ट्रैफिक हो रहा है।

कब शुरू हुई कांवड़ यात्रा?

भगवान शिव के पवित्र माह सावन के आगमन के साथ ही कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। यह यात्रा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन अपने चरम पर पहुंचेगी। इसी दिन श्रद्धालु शिव मंदिरों में गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इसी के साथ मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

कहां से लाया जाता है गंगाजल?

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री गंगाजल लेने के प्रमुख केंद्र होते हैं। यहां से भोलेनाथ के श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर अपने मंजिल की ओर रवाना होते हैं। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख शिवधामों में भी दर्शन-पूजन करते हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव

यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों ने व्यापक ट्रैफिक में बदलाव किया है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रा के चरम दिनों में कई रूट केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे। जबकि अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे यात्रा रूट को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया है। हजारों CCTV कैमरों, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष गश्ती दलों की तैनाती की गई है।

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह अस्थायी मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके अलावा, बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कांवड़ और डीजे सिस्टम की ऊंचाई को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने की अपील की है।

चलो बुलावा आया है! सावन में ऐसे बनाएं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का परफेक्ट प्लान

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आस्था के लिए खास माना जाता है। इस महीने में देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ होती है। हर ज्योतिर्लिंग की अपनी अलग महिमा और धार्मिक महत्व होता है, जहां सावन में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। ऐसे ही है ये ज्योतिर्लिंग जहां सावन में भक्तों की धूम मची होती है:

Somnath Jyotirlinga (सोमनाथ ज्योतिर्लिंग) – गुजरात

Somnath Temple:हवा में तैरता था शिवलिंग और 8 करोड़ साल पुराना है मंदिर, क्या है सोमनाथ मंदिर का रहस्य? - Somnath Temple Facts A Jyotirlinga Full Of Miracles And Mysteries Somnath Temple -

सावन में सोमनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइन लग जाती है। यहां रुद्राभिषेक, शिव आरती और मंत्र जाप के साथ सावन सोमवार का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

Mahakaleshwar Jyotirlinga (महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग) – उज्जैन, मध्य प्रदेश

Somnath Temple Shivling Images HD | First Jyotirlinga Wallpapers

सावन में बाबा महाकाल की भस्म आरती और श्रृंगार दर्शन भक्त करते हैं। हर सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाती है।

Kedarnath Jyotirlinga (केदारनाथ ज्योतिर्लिंग) – उत्तराखंड

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) | दर्शन जानकारी | Reviving Cultures

सावन में केदारनाथ धाम में शिव भक्त हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूजा करते हैं। मंदिर में अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हिमालय की गोद में बसे इस पवित्र धाम में सावन में ऊर्जा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है।

Kashi Vishwanath Jyotirlinga (काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग) – वाराणसी, उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ, केदारनाथ और बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग | भारत के 12 ज्योतिर्लिंग: शिवभक्तों के लिए पवित्र यात्रा – Sadhana Shop

सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। भक्त गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करते हैं। सावन सोमवार के दिन यहां आरती और पूजा में शामिल होने के लिए देशभर से भक्त पहुंचते हैं।

Trimbakeshwar Jyotirlinga (त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग) – नासिक, महाराष्ट्र

काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है - A Great Hindu Temple kashi vishvanath temple-Varanasi

सावन में यहां रुद्र पूजा, अभिषेक और मंत्रों का जाप किया जाता है। भक्त भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के कारण सावन में इस धाम का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Baidyanath Jyotirlinga (बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग) – देवघर, झारखंड

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सावन में बैद्यनाथ धाम में कांवड़ यात्रा की धूम रहती है। भक्त दूर-दूर से गंगाजल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। सावन के पूरे महीने मंदिर परिसर में शिव भक्तों की आस्था और भक्ति का अनोखा रूप दिखाई देता है।

Rameshwaram Jyotirlinga (रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग) – तमिलनाडु

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सावन में रामेश्वरम मंदिर में विशेष पूजा और अभिषेक होते हैं। भक्त पवित्र कुंडों में स्नान कर शिव आराधना करते हैं। समुद्र किनारे स्थित यह ज्योतिर्लिंग सावन में धार्मिक आस्था और शांति का खास केंद्र बन जाता है।

Nageshwar Jyotirlinga (नागेश्वर ज्योतिर्लिंग) – गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर - स्थान, वास्तुकला, तस्वीरें

सावन में मंदिर में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है। भक्त भगवान शिव जी से आशीर्वाद लेते है और प्रार्थना करते हैं। सावन में यहां भक्तों की भीड़ और शिव भक्ति की धूम देखने लायक होता है।

Bhimashankar Jyotirlinga (भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग) – महाराष्ट्र

Gallery - Jyotirlinga Bhimashankar

सावन में यहां शिव भक्तों की लंबी लाइन लगती हैं। पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रम किए जाते हैं। हरियाली से घिरे इस धाम में सावन के दौरान श्रद्धालु शिव भक्ति में नजर आते हैं।

Grishneshwar Jyotirlinga (घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग) – महाराष्ट्र

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, संभाजीनगर (Maharashtra) | दर्शन जानकारी | Reviving Cultures

सावन के महीने में मंदिर को सजाया जाता है और भक्त जलाभिषेक व पूजा करके भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं। सावन सोमवार के दिन यहां दर्शन और पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Omkareshwar Jyotirlinga (ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग) – मध्य प्रदेश

सावन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विशेष! उत्तम स्वास्थ्य, नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सावन में नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर में विशेष आरती और धार्मिक आयोजन होते हैं। भक्त नर्मदा जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। नर्मदा तट पर होने वाली शिव आरती भक्तों को आध्यात्म की अनुभूति देती है।

Mallikarjuna Jyotirlinga (मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग) – आंध्र प्रदेश

ऋग्वेद में आया सोमनाथ मंदिर का जिक्र, चंद्रमा से सीधा कनेक्शन; जानें कैसे बना ज्योतिर्लिंग

सावन में मंदिर में विशेष श्रृंगार, पूजा और अभिषेक किए जाते हैं। भक्त शिव-पार्वती की आराधना कर मनोकामनाएं मांगते हैं। सावन के दौरान यह धाम भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति का प्रमुख केंद्र बन जाता है।