चलो बुलावा आया है! सावन में ऐसे बनाएं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का परफेक्ट प्लान

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आस्था के लिए खास माना जाता है। इस महीने में देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ होती है। हर ज्योतिर्लिंग की अपनी अलग महिमा और धार्मिक महत्व होता है, जहां सावन में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। ऐसे ही है ये ज्योतिर्लिंग जहां सावन में भक्तों की धूम मची होती है:

Somnath Jyotirlinga (सोमनाथ ज्योतिर्लिंग) – गुजरात

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सावन में सोमनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइन लग जाती है। यहां रुद्राभिषेक, शिव आरती और मंत्र जाप के साथ सावन सोमवार का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

Mahakaleshwar Jyotirlinga (महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग) – उज्जैन, मध्य प्रदेश

Somnath Temple Shivling Images HD | First Jyotirlinga Wallpapers

सावन में बाबा महाकाल की भस्म आरती और श्रृंगार दर्शन भक्त करते हैं। हर सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाती है।

Kedarnath Jyotirlinga (केदारनाथ ज्योतिर्लिंग) – उत्तराखंड

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) | दर्शन जानकारी | Reviving Cultures

सावन में केदारनाथ धाम में शिव भक्त हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूजा करते हैं। मंदिर में अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हिमालय की गोद में बसे इस पवित्र धाम में सावन में ऊर्जा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है।

Kashi Vishwanath Jyotirlinga (काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग) – वाराणसी, उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ, केदारनाथ और बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग | भारत के 12 ज्योतिर्लिंग: शिवभक्तों के लिए पवित्र यात्रा – Sadhana Shop

सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। भक्त गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करते हैं। सावन सोमवार के दिन यहां आरती और पूजा में शामिल होने के लिए देशभर से भक्त पहुंचते हैं।

Trimbakeshwar Jyotirlinga (त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग) – नासिक, महाराष्ट्र

काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है - A Great Hindu Temple kashi vishvanath temple-Varanasi

सावन में यहां रुद्र पूजा, अभिषेक और मंत्रों का जाप किया जाता है। भक्त भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के कारण सावन में इस धाम का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Baidyanath Jyotirlinga (बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग) – देवघर, झारखंड

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सावन में बैद्यनाथ धाम में कांवड़ यात्रा की धूम रहती है। भक्त दूर-दूर से गंगाजल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। सावन के पूरे महीने मंदिर परिसर में शिव भक्तों की आस्था और भक्ति का अनोखा रूप दिखाई देता है।

Rameshwaram Jyotirlinga (रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग) – तमिलनाडु

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सावन में रामेश्वरम मंदिर में विशेष पूजा और अभिषेक होते हैं। भक्त पवित्र कुंडों में स्नान कर शिव आराधना करते हैं। समुद्र किनारे स्थित यह ज्योतिर्लिंग सावन में धार्मिक आस्था और शांति का खास केंद्र बन जाता है।

Nageshwar Jyotirlinga (नागेश्वर ज्योतिर्लिंग) – गुजरात

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सावन में मंदिर में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है। भक्त भगवान शिव जी से आशीर्वाद लेते है और प्रार्थना करते हैं। सावन में यहां भक्तों की भीड़ और शिव भक्ति की धूम देखने लायक होता है।

Bhimashankar Jyotirlinga (भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग) – महाराष्ट्र

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सावन में यहां शिव भक्तों की लंबी लाइन लगती हैं। पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रम किए जाते हैं। हरियाली से घिरे इस धाम में सावन के दौरान श्रद्धालु शिव भक्ति में नजर आते हैं।

Grishneshwar Jyotirlinga (घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग) – महाराष्ट्र

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, संभाजीनगर (Maharashtra) | दर्शन जानकारी | Reviving Cultures

सावन के महीने में मंदिर को सजाया जाता है और भक्त जलाभिषेक व पूजा करके भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं। सावन सोमवार के दिन यहां दर्शन और पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Omkareshwar Jyotirlinga (ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग) – मध्य प्रदेश

सावन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विशेष! उत्तम स्वास्थ्य, नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सावन में नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर में विशेष आरती और धार्मिक आयोजन होते हैं। भक्त नर्मदा जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। नर्मदा तट पर होने वाली शिव आरती भक्तों को आध्यात्म की अनुभूति देती है।

Mallikarjuna Jyotirlinga (मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग) – आंध्र प्रदेश

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सावन में मंदिर में विशेष श्रृंगार, पूजा और अभिषेक किए जाते हैं। भक्त शिव-पार्वती की आराधना कर मनोकामनाएं मांगते हैं। सावन के दौरान यह धाम भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति का प्रमुख केंद्र बन जाता है।

Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग प्रभावित

Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन जैसी घटनाएं हुईं, जिससे ट्रैफिक तो बाधित हुआ ही साथ ही देहरादून सहित कई जिलों में मौसम अलर्ट जारी कर दिया गया। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। बता दें कि लगातार बारिश और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिनमें चमोली जिले का बद्रीनाथ नेशनल हाईवे और रुद्रप्रयाग जिले का केदारनाथ यात्रा मार्ग शामिल है।

इस भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए, जिससे अधिकारियों को कुछ समय के लिए आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ा। मलबे को हटाने और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता बहाल करने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों और स्थानीय अधिकारियों को तैनात किया गया।

इसके अलावा, चमोली जिले में भी बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जब अस्थिर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिर गया। इसके बाद सड़क साफ करने वाली टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रास्ता खोलने का काम शुरू किया, ताकि राज्य के इस महत्वपूर्ण धार्मिक और परिवहन मार्ग पर आवागमन फिर से सुचारू हो सके।

बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन प्रभावित

बारिश की इस नई शुरुआत ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रशासन ने नदियों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील बस्तियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।

मानसून से जुड़ी आपदाओं की आशंका के बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में राज्य-स्तरीय प्री-मानसून मॉक ड्रिल का जायजा लिया और अधिकारियों को आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति से निपटने के लिए तेज प्रतिक्रिया प्रणाली, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया।

समीक्षा बैठक के दौरान धामी ने कहा, “आपदा प्रबंधन सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।” उन्होंने अधिकारियों से तैयारी, जोखिम कम करने और बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है।

जिसको देखते हुए अधिकारियों ने केदारनाथ, बद्रीनाथ और चार धाम के अन्य तीर्थस्थलों की यात्रा करने वाले लोगों और तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी और सड़कों की स्थिति के बारे में पता कर लें।

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