कुदरत ने बनाया ऐसा संगम, जहां साथ बहती हैं दो अलग रंगों वाली नदियां

बारिश के मौसम में प्रकृति कई ऐसे नजारे दिखाती है, जिन्हें देखकर आंखें ठहर जाती हैं। मध्य प्रदेश के बांद्राभान संगम पर इन दिनों नर्मदा और तवा नदी का ऐसा ही अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। यहां दो नदियां एक-दूसरे से मिलती हैं, लेकिन संगम से पहले दोनों का पानी अलग-अलग रंग में नजर आता है। एक तरफ नदी का पानी मटमैला दिखाई देता है, तो दूसरी ओर नदी का पानी नीला नजर आता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे एक ही जगह पर दो अलग रंगों की नदियां बह रही हों।

मानसून के दौरान बारिश का असर नदियों के पानी पर साफ दिखाई देता है। बारिश के साथ मिट्टी, रेत और दूसरी चीजें बहकर नदी में पहुंचती हैं, जिससे पानी का रंग बदल जाता है। इसी वजह से बांद्राभान संगम का यह दृश्य इन दिनों और भी खास दिखाई दे रहा है। दोनों नदियों के अलग रंगों वाला पानी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है और यह जगह फोटोग्राफी के लिए भी बेहद अट्रैक्टिव बन गई है।

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नर्मदा का बदला रंग

मानसून में तेज बारिश के कारण आसपास की मिट्टी और गाद पानी के साथ नर्मदा नदी में पहुंचती है। इसी वजह से नर्मदा का पानी इस समय मटमैला या भूरा नजर आता है। संगम के पास पहुंचने पर यह रंग साफ दिखाई देता है और दूर से देखने पर पानी की अलग धारा आसानी से पहचानी जा सकती है।नर्मदा के ठीक दूसरी तरफ तवा नदी का पानी अपेक्षाकृत साफ और नीला नजर आता है। दोनों नदियों के पानी के रंग में इतना फर्क दिखाई देता है कि संगम का दृश्य पहली नजर में ही लोगों का ध्यान खींच लेता है। नीले और मटमैले पानी का यह मेल इस जगह को और खास बना देता है।

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मानसून का असर

बारिश का असर नदियों पर कई तरह से पड़ता है। तेज बारिश के दौरान नदी में मिट्टी, गाद और छोटे कण पहुंचने से पानी का रंग बदल सकता है। अलग-अलग जगहों से आने वाले पानी की वजह से दो नदियों के रंग में भी अंतर दिखाई दे सकता है। बांद्राभान में मानसून के दौरान यही बदलाव इस अनोखे नजारे की वजह बन रहा है।

खूबसूरत संगम

बांद्राभान संगम का अलग-अलग रंगों वाला पानी देखने के साथ-साथ तस्वीरें लेने के लिए भी अट्रैक्टिव लगता है। एक फ्रेम में मटमैली नर्मदा और नीली तवा नदी का नजर आना इस जगह की खासियत है। मानसून के बादल, हरियाली और नदियों का यह नजारा मिलकर इसे नेचर और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास बना देते हैं।

बांद्राभान संगम का यह नजारा मानसून के दिनों में और भी खास हो जाता है। नर्मदा और तवा के पानी का अलग रंग दूर से ही लोगों का ध्यान खींचता है। प्रकृति का यह खूबसूरत रूप बताता है कि बारिश के मौसम में नदियों का रंग और अंदाज किस तरह बदल जाता है।

महाकाल के दरबार से खूबसूरत नजारों तक की सैर! IRCTC लाया 5 दिन का खास एयर टूर पैकेज

सितंबर 2026 में घूमने के साथ धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए IRCTC का यह हवाई टूर पैकेज अच्छा ऑप्शन हो सकता है। 4 रात और 5 दिन के इस पैकेज में ट्रैवलर को मध्य प्रदेश के कई प्रसिद्ध शहरों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सैर कराई जाएगी। इसमें दार्शनिक स्थल और कुछ शहरों में घूमने का मौका मिलेगा। यात्रा में आने-जाने की व्यवस्था फ्लाइट से की गई है।

इस टूर में धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहों को भी शामिल किया गया है। ट्रैवलर को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर समेत कई मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा कुछ प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर होगी। पैकेज में तीन सितारा होटल में ठहरने और खाने की व्यवस्था भी शामिल है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान रहने और खाने की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

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टूरिस्ट डेस्टिनेशन

इस 5 दिन के टूर में ट्रैवलर को मध्य प्रदेश की कई पॉपुलर डेस्टिनेशन पर ले जाया जाएगा। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर और मंगलनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन होंगे। महेश्वर में अहिल्याबाई किला और महल, अखिलेश्वर मंदिर, सहस्त्रधारा और नर्मदा घाट घूमने का मौका मिलेगा। वहीं मांडू में जहाज महल और हिंडोला महल की सैर कराई जाएगी। यात्रा के दौरान इंदौर में पितृ पर्वत और गणपति मंदिर खजराना भी घूमने का मौका मिलेगा।

 

 

 

फ्लाइट और होटल फैसिलिटीज

IRCTC के इस पैकेज में ट्रैवलर के आने-जाने की सुविधा फ्लाइट से रखी गई है। यात्रा की शुरुआत लखनऊ से इंदौर के लिए होगी और वापसी में इंदौर से लखनऊ लाया जाएगा। यानी ट्रैवलर को लंबी ट्रेन यात्रा करने की जरूरत नहीं होगी। पैकेज में थ्री स्टार होटल में ठहरने की व्यवस्था भी शामिल है। इसके साथ यात्रा में खाने की फैसिलिटी दी जाएगी, जिससे ट्रैवलर को अलग से होटल और भोजन की व्यवस्था करने की परेशानी कम होगी।

 

 

 

पैकेज की कीमत

इस टूर पैकेज की कीमत अलग-अलग तरीके से रखी गई है। अगर कोई सोलो ट्रैवलर पैकेज लेता है, तो प्रति व्यक्ति 48,500 रुपये किराया देना होगा। दो लोग एक साथ पैकेज लेते हैं, तो प्रति व्यक्ति 42,500 रुपये का खर्च आएगा। वहीं तीन लोगों के साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 40,300 रुपये किराया होगा। माता-पिता के साथ बच्चे के ठहरने पर बेड सहित 36,100 रुपये और बिना बेड 19,500 रुपये प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य रखा गया है।

 

 

ऐसे करें बुकिंग

IRCTC के अनुसार इस टूर की बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के बेस पर की जाएगी। ट्रैवलर अपनी बुकिंग के लिए पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ में IRCTC ऑफिस से कांटेक्ट कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग IRCTC टूरिज्म की वेबसाइट पर की जा सकती है। पैकेज से जुड़ी ज्यादा जानकारी या बुकिंग के लिए 8287930912, 8287930902, 9236391909 और 9236391911 नंबरों पर कांटेक्ट किया जा सकता है।

मानसून में जरूर करें भारत के इन डेस्टिनेशन को एक्सप्लोर, बारिश में खिल उठती है इनकी खूबसूरती

मानसून का मौसम आते ही घूमने का मजा कई गुना बढ़ जाता है। इस दौरान भारत के ऐतिहासिक स्मारक भी एक अलग ही खूबसूरती में नजर आते हैं। बारिश की हल्की फुहारें, ठंडी हवाएं और चारों ओर फैली हरियाली इन जगहों को खूबसूरत बना देती हैं। किले, महल और प्राचीन इमारतें इस मौसम में पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखाई देती हैं। इतिहास पसंद करने वालों के साथ-साथ फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह समय बेहद खास माना जाता है।

हुमायूं का मकबरा, दिल्ली (Humayun’s Tomb, Delhi)

Humayun Tomb Pictures | Download Free Images on Unsplash

दिल्ली में हुमायूं का मकबरा मानसून के मौसम में और भी खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद चारों ओर फैले चारबाग बगीचे हरियाली से भर जाते हैं और लाल बलुआ पत्थर से बना यह ऐतिहासिक स्मारक बिल्कुल नया-सा नजर आता है। हल्के बादल और ठंडी हवा यहां घूमने का एक्सपीरियंस और भी खास बना देते हैं। इतिहास, फोटोग्राफी या शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए मानसून में यह जगह परफेक्ट है।

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र (Ajanta Caves, Maharashtra)

Exclusive Ajanta Ellora Caves: 1.5-Day Guided Tour- Only Caves (with Reviews)

महाराष्ट्र की सह्याद्रि पहाड़ियों के बीच बनी अजंता की गुफाएं बारिश के मौसम में किसी जादुई दुनिया जैसी लगती हैं। मानसून के दौरान आसपास छोटे-छोटे झरने बहने लगते हैं और हर तरफ हरियाली छा जाती है। बौद्ध कला और प्राचीन चित्रों से सजी ये गुफाएं प्रकृति के बीच और भी अट्रैक्टिव दिखाई देती हैं। यहां इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता एक साथ देखने को मिलती है।

बेकल किला, केरल (Bekal Fort, Kerala)

Bekal Fort Images - Bekal Fort Photo Gallery - Bekal Kerala Pictures

केरल के समुद्र किनारे बना बेकल किला मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है। एक तरफ अरब सागर की ऊंची लहरें और दूसरी तरफ बारिश से भीगी किले की दीवारें इस जगह की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं। ठंडी हवा, समुद्र का नजारा और हरियाली यहां आने वाले टूरिस्ट को यादगार एक्सपीरियंस देते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

 

मांडू किला, मध्य प्रदेश (Mandu Fort, Madhya Pradesh)

Mandu Forts MP: Monuments, History & Guide

मध्य प्रदेश का मांडू मानसून के दौरान पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। जहाज महल, हिंडोला महल, प्राचीन बावड़ियां और पुराने महल बारिश के मौसम में और भी अट्रैक्टिव दिखाई देते हैं। बादलों से घिरी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं इस ऐतिहासिक शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। इतिहास और प्रकृति का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो मांडू बेहतरीन जगह है।

 

कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा (Konark Sun Temple, Odisha)

Did You Know That An East India Company Complaint Led To Konark Temlpe's Discovery? | Outlook Traveller

ओडिशा का प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर मानसून में और भी भव्य दिखाई देता है। बारिश के बाद मंदिर के आसपास फैली हरियाली और बादलों से भरा आसमान इसकी खूबसूरत पत्थर की नक्काशी को और उभार देता है। यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल यह मंदिर भारतीय वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। बारिश के मौसम में यहां घूमने का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है।

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान (Chittorgarh Fort, Rajasthan)

Chittorgarh Fort - Images, Timings & History - Holidify

राजस्थान का चित्तौड़गढ़ किला मानसून के दौरान बिल्कुल अलग रूप में नजर आता है। बारिश के बाद सूखी पहाड़ियां और मैदान हरियाली से भर जाते हैं, जिससे विशाल किला और भी आकर्षक दिखने लगता है। किले के भीतर बने महल, मंदिर और जलाशय इस मौसम में देखने लायक होते हैं। यहां से आसपास का नजारा भी खूबसूरत दिखाई देता है।

गोल गुंबद, कर्नाटक (Gol Gumbaz, Karnatkaa)

File:Gol Gumbaz -4, Bijapur, Karnataka.jpg - Wikimedia Commons

कर्नाटक के विजयपुरा में गोल गुंबद मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत लगता है। काले बादलों में विशाल गुंबद और भी शानदार दिखाई देता है। बारिश के बाद आसपास के बगीचे हरे-भरे हो जाते हैं, जिससे पूरा परिसर ताजगी से भर जाता है। इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का यह अनोखा स्मारक इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए मानसून में घूमने की बेहतरीन जगह है।

ग्वालियर किला, मध्य प्रदेश (Gwalior Fort, Madhya Pradesh)

630+ Gwalior Fort Madhya Pradesh Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

मध्य प्रदेश का ग्वालियर किला मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद किले के चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों पर छाए बादल इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। विशाल प्राचीर, प्राचीन महल, मंदिर और शानदार नक्काशी खूब अट्रैक्ट करती है। किले की ऊंचाई से पूरे शहर का सीन दिखाई देता है, जो मानसून में और भी खूबसूरत लगता है। इतिहास, वास्तुकला और फोटोग्राफी का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ग्वालियर किला बेहतरीन ऑप्शन है।

भारत का दिल यूं ही नहीं कहलाता मध्य प्रदेश, ये 10 डेस्टिनेशन शिमला-मनाली से भी हैं खूबसूरत!

मध्य प्रदेश में जुलाई से अक्टूबर का समय घूमने के लिए सबसे खूबसूरत माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मानसून की वजह से सूखे पहाड़, जंगल और घाटियां हरे-भरे हो जाते हैं। झरनों में पानी भर जाता है और नेचुरल नजारे बेहद शानदार दिखाई देते हैं। मध्य प्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसकी वजह सिर्फ इसकी जियोग्राफिकल लोकेशन नहीं, बल्कि इसकी अनोखी पहचान भी है। यहां प्राचीन धरोहरों से लेकर घने जंगल, आध्यात्मिक जगह और प्राकृतिक नज़ारे हर तरह के टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं। यहां ऐसी जगहें हैं जहां इस मौसम में नेचर का सबसे सुंदर रूप देखने को मिलता है:

रंग-बिरंगी संस्कृति और झीलों का अट्रैक्शन

222 Upper Lake Bhopal Stock Photos - Free & Royalty-Free Stock Photos from Dreamstime

मध्य प्रदेश प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी कल्चरल डाइवर्सिटी के लिए भी जाना जाता है। यहां की झीलें, हरियाली और शांत वातावरण टूरिस्ट को खास अट्रैक्ट करते हैं। राज्य में हिंदी के अलावा कई भाषाएं बोली जाती हैं। यही डाइवर्सिटी मध्य प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से बेहद खास बनाती है।

1. Pachmarhi, पचमढ़ी – सतपुड़ा की रानी

जटा शंकर गुफाएं, पचमढ़ी, मध्य प्रदेश पर्यटन 2021 | गुफाएं, शिव, जटा शंकर गुफाएं की तस्वीरें - TripInvites - TripInvites

मध्य प्रदेश का सबसे पॉपुलर हिल स्टेशन पचमढ़ी मानसून में बेहद खूबसूरत हो जाता है। चारों तरफ हरियाली, बादलों से ढकी पहाड़ियां और बहते झरने इसे एक शानदार नेचुरल जगह बनाते हैं। यहां बी फॉल, अप्सरा विहार वॉटरफॉल और जटाशंकर गुफा जैसे जगह घूमने लायक हैं। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां की पहाड़ियां हरे रंग की चादर ओढ़ लेती हैं।

 

2. Bhedaghat, भेड़ाघाट – संगमरमर की चट्टानों और झरनों का नजारा

भेड़ाघाट का धुंआधार जलप्रपात - Khabar Lahariya (खबर लहरिया)

जबलपुर के पास भेड़ाघाट अपनी सफेद संगमरमर की चट्टानों और धुआंधार वॉटरफॉल के लिए पॉपुलर है। बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का बहाव बढ़ जाता है और धुआंधार झरना बेहद शक्तिशाली दिखाई देता है। यहां नाव की सवारी करते हुए दोनों ओर ऊंची संगमरमर की चट्टानों का व्यू बेहद अट्रैक्टिव लगता है।

3. Tamia, तामिया – छिपा हुआ हरा-भरा हिल स्टेशन

Tamia in Chhindwara is a peaceful place offering everything from trekking to picnics find out how to get there- भीड़ से दूर सुकून चाहिए... तामिया है सबसे खूबसूरत जगह, ट्रेकिंग से लेकर

तामिया मध्य प्रदेश की कम भीड़ वाली खूबसूरत जगहों में से एक है। मानसून में यहां की घाटियां, जंगल और पहाड़ियां पूरी तरह हरी हो जाती हैं। पातालकोट घाटी के शानदार दृश्य यहां का मेन अट्रैक्शन हैं। बादलों से ढकी घाटियां और शांत वातावरण इसे नेचर लवर के लिए खास बनाते हैं।

 

4. Kapildhara Waterfall, कपिलधारा वॉटरफॉल – अमरकंटक का खूबसूरत झरना

KapilDhar-WaterFall – मराठवाडा टुरिझम डेव्हलपमेंट चेंबर

अमरकंटक एरिया में कपिलधारा वॉटरफॉल बारिश के मौसम में अपने पूरे रूप में दिखाई देता है। ऊंचाई से गिरता पानी और आसपास फैली हरियाली मन को अट्रैक्ट करती है। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां का वातावरण बेहद ठंडा और सुहावना रहता है।

 

5. Raneh Falls, रानेह फॉल्स – रंग-बिरंगी चट्टानों के बीच झरना

Discover the Raneh Fall from Khajuraho (Guided Halfday Sightseeing Tour by Car) (with Reviews)

खजुराहो के पास स्थित रानेह फॉल्स बारिश के मौसम में देखने लायक होता है। यहां केन नदी गहरी घाटी से होकर बहती है और आसपास अलग-अलग रंगों की ग्रेनाइट चट्टानें दिखाई देती हैं। मानसून के समय पानी का फ्लो बढ़ जाता है और पूरा क्षेत्र नेचुरल ब्यूटी से भर जाता है।

 

हजारों साल पुरानी धरोहरों की पहचान

Madhya Pradesh | District Portal

मध्य प्रदेश का गौरवशाली इतिहास इसकी प्राचीन इमारतों, मंदिरों और स्मारकों में आज भी जीवित है। यहां मौजूद सदियों पुराने मंदिर अपनी यूनिक क्राफ्टमैनशिप और आर्किटेक्टर के लिए दुनियाभर में पॉपुलर हैं। बारीक नक्काशी, ऐतिहासिक किले और प्राचीन धरोहरें इस राज्य की समृद्ध विरासत को दिखाती हैं। इतिहास में इंटरेस्ट रखने वालों के लिए यह राज्य किसी खजाने से कम नहीं है।

 

6. Orchha, ओरछा – नदी, जंगल और नेचुरल ब्यूटी

Chaturbhuj Temple Orchha: A Divine Architectural Marvel | Incredible India

ओरछा अपने ऐतिहासिक महलों और मंदिरों के लिए पॉपुलर है, लेकिन बारिश के मौसम में यहां की नेचुरल ब्यूटी भी देखने लायक होती है। बेतवा नदी का बहाव, आसपास की हरियाली और शांत वातावरण इसे मानसून ट्रिप के लिए शानदार जगह बनाते हैं। यहां हिस्ट्री और नेचर दोनों का आनंद लिया जा सकता है।

 

7. Tincha Waterfall, तिंचा वॉटरफॉल – इंदौर के पास मानसून का पसंदीदा स्थान

Rahatgarh Waterfalls Bhalkund Jalprapat in Rahatgarh,Sagar - Best Tourist Attraction near me in Sagar - Justdial

इंदौर के पास तिंचा फॉल्स बारिश के मौसम में बेहद अट्रैक्टिव हो जाता है। पहाड़ियों के बीच से गिरता पानी और आसपास की हरियाली यहां का मेन अट्रैक्शन है। यह जगह दोस्तों और परिवार के साथ एक दिन की ट्रिप के लिए काफी पॉपुलर है।

 

8. Patalpani Waterfall, पातालपानी वॉटरफॉल – झरने और पहाड़ियों का संगम

पाताल पानी जलप्रपात, मध्य प्रदेश पाताल पानी एक बेहद खूबसूरत जलप्रपात है और इंदौर के पास स्थित एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है। इस जलप्रपात की ...

इंदौर के पास पातालपानी झरना मानसून में अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। ऊंचाई से गिरता पानी, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इसे अट्रैक्टिव बनाते हैं। बारिश के समय यहां का वातावरण काफी हरा-भरा हो जाता है।

 

बाघों का सबसे बड़ा ठिकाना

Madhya Pradesh Declared "Tiger State" of India and Shortlisted for Two Prestigious Travel and Awards

भारत में सबसे ज्यादा बाघ मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं, इसलिए इसे ‘टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है। यहां के घने जंगल और रिच बायोडाइवर्सिटी वाइल्डलाइफ के लिए अच्छा घर हैं। राज्य के नेशनल पार्क बाघों के साथ-साथ कई रेयर वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन के लिए भी पॉपुलर हैं। हर साल लाखों टूरिस्ट जंगल सफारी का रोमांच और बाघों की एक झलक पाने यहां पहुंचते हैं।

 

 

घूमने का सबसे अच्छा समय

जुलाई–सितंबर: झरनों और हरियाली का सबसे शानदार समय

अक्टूबर: मौसम सुहावना, ट्रेकिंग और घूमने के लिए परफेक्ट

बारिश के समय पहाड़ी इलाकों में जाते समय फिसलन और तेज बहाव वाले पानी से सावधानी रखना जरूरी है।