दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को रेलवे का तोहफा, दिल्ली-पटना के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्पेशल, जानें टाइम टेबल और रूट

Delhi-Patna Vande Bharat Train: दिवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए सफर करना अब थोड़ा आसान होने वाला है। ऐसा इसिलए क्योंकि बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच 16 कोच वाली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है।

रेलवे के मुताबिक, यह स्पेशल ट्रेन 16 अक्टूबर 2026 से चलनी शुरू होगी, और दोनों दिशाओं में 18-18 फेरे लगाएगी। बता दें कि यह ट्रेन अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और बक्सर होते हुए चलेगी। वहीं, नई दिल्ली से पटना तक का सफर यह ट्रेन सिर्फ 12 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी।

इस ट्रेन में एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 4,695 रुपये और एसी चेयर कार का किराया 2,615 रुपये तय किया गया है।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्रा के मुताबिक, त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह ट्रेन अक्टूबर और नवंबर में तय तारीखों पर चलाई जाएगी।

ट्रेन चलने की तारीखें

ट्रेन नंबर 02252: नई दिल्ली-पटना वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

यह ट्रेन पहली बार 16 अक्टूबर 2026 को चलेगी। इसके बाद 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को इसका संचालन किया जाएगा।

ट्रेन नंबर 02251: पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

वापसी में यह ट्रेन 17 और 19 अक्टूबर 2026 को चलेगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक यह हर मंगलवार, गुरुवार और रविवार को चलेगी।

टाइम टेबल और रूट

ट्रेन नंबर 02252: नई दिल्ली-पटना

यह ट्रेन सुबह 8:35 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी और रात 9:30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।

ट्रेन के स्टॉपेज और पहुंचने का समय

स्टेशनपहुंचने का समय
अलीगढ़सुबह 10:21 बजे
कानपुर सेंट्रलदोपहर 1:30 बजे
प्रयागराजदोपहर 3:45 बजे
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शनशाम 6:00 बजे
बक्सरशाम 7:26 बजे
आरारात 8:10 बजे
पटना जंक्शनरात 9:30 बजे

ट्रेन नंबर 02251: पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

यह ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 10:00 बजे रवाना होगी और रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

टाइम टेबल और रूट

स्टेशनपहुंचने का समय
आरासुबह 10:38 बजे
बक्सरसुबह 11:25 बजे
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शनदोपहर 1:10 बजे
प्रयागराजदोपहर 3:35 बजे
कानपुर सेंट्रलशाम 5:50 बजे
अलीगढ़रात 8:53 बजे
नई दिल्लीरात 11:30 बजे

त्योहारों की भीड़ के दौरान तेज सफर

वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल दिल्ली-पटना का सफर लगभग 12 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी। इससे यात्रियों को साल के सबसे व्यस्त समय में सफर करने का एक तेज और आरामदायक विकल्प मिलेगा।

बता दें कि दीवाली और छठ के दौरान रेगुलर ट्रेनों में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए, 16 कोच वाली इस हाई-स्पीड सर्विस के शुरू होने से हजारों और यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की बेहतर उम्मीद है।

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Vande Bharat Sleeper: दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा! दिल्ली-वाराणसी के बीच शुरू होगी स्लीपर वंदे भारत, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलव इस रूट पर जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल अक्टूबर में किया जा सकता है। ट्रायल के बाद इसको दिवाली 2026 के आसपास नियमित चलाया जा सकता है। वहीं स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के चलन से यात्रियों के समय की बचत होगी। इस ट्रेन को रात में चलाए जाने की योजाना बनाई गई है।

दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन हो सकती है। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू की गई है। वहीं इस ट्रेन के रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है

कितने बजे चलेगी ट्रेन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत रात के समय वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना हो सकती है। प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक ट्रेन वाराणसी कैंट से रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच चलेगी और सुबह लगभग 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। सफर के दौरान ट्रेन प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर भी रुकेगी। प्रयागराज में रात करीब 10:45 बजे और कानपुर में सुबह लगभग 12:35 बजे ठहराव होने की संभावना है।

दिल्ली से वापसी के दौरान भी ये ट्रेन रातभर चलाई जा सकती है। प्रस्तावित समय के अनुसार स्लीपर वंदे भारत नई दिल्ली से रात करीब 9:20 से 10 बजे के बीच रवाना होकर अगले दिन सुबह लगभग 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। वहीं ट्रायल रन और रेलवे की तैयारियों के बाद ट्रेन के चलने और पहुंचने का समय बदला जा सकता है।

कहां-कहां होगा स्टॉपेज

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत ट्रेन वाराणसी कैंट से चलकर प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव से यात्रियों को रात में भी इन शहरों के बीच आने-जाने का विकल्प मिल सकेगा। वहीं ट्रेन के अंतिम रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

ट्रेन में होंगे कुल 16 कोच

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। ट्रेन में कुल 16 कोच हो सकते हैं, जिनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल रहने की संभावना है। इस ट्रेन में एक बार में करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे।

कितने घंटे का होगा सफर

नई दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत की रफ्तार ट्रैक और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति के हिसाब से करीब 130 से 160 किमी प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है। रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत किए जा रहे सुधारों से इस रूट पर ट्रेन की गति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यात्रा का समय तय टाइमटेबल, स्पीड लिमिट और अन्य परिचालन स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल करीब 7 से 8 घंटे के रात के सफर का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन ट्रेन का अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है।

होगी कनेक्टिविटी बेहतर

दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत को लेकर रेलवे की तैयारियां जारी हैं। इस ट्रेन का परीक्षण अक्टूबर 2026 में किया जा सकता है और दिवाली के आसपास इसे नियमित सेवा में लाने की तैयारी है। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी नॉर्दर्न रेलवे को मिलने की संभावना है। सेवा शुरू होने पर दिल्ली से वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को रात में सफर करने का एक नया और आरामदायक विकल्प मिलेगा। हालांकि, ट्रेन का नंबर, किराया और अंतिम टाइमटेबल अभी रेलवे की ओर से तय नहीं किया गया है।

वंदे भारत ने निकाली 180 Kmph की गजब की रफ्तार! मथुरा-नागदा रूट पर 16-कोच ट्रेन के ट्रायल की फुल रिपोर्ट

इंडियन रेलवे की नई वंदे भारत चेयर कार ट्रेन ने मथुरा-नागदा सेक्शन पर 180 km/h की स्पीड से सफल ट्रायल रन पूरा किया। 16 कोच वाली वंदे भारत चेयर कार ट्रेन को पंजाब के कपूरथला में रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में बनाया गया है। रेल मंत्रालय के अनुसार यह ट्रायल 8 अक्टूबर, 2026 को चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CCRS) की देख रेख में हुआ।

एडवांस्ड प्रोपल्शन सिस्टम से लैस इस ट्रेन की हाई-स्पीड परफॉर्मेंस, ऑपरेशनल क्षमता और सुरक्षा की जांच की गई, जो भारत की आधुनिक रेलवे मैन्युफैक्चरिंग यात्रा में एक अहम पड़ाव है। CCRS इंस्पेक्शन का सफल होना एडवांस्ड वंदे भारत ट्रेनों के विकास में एक बड़ी उपलब्धि है, जो भारत में आधुनिक रेलवे मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती क्षमताओं को दिखाता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि 180 km/h की स्पीड पर ट्रायल पूरा करने का मतलब यह नहीं है कि रेगुलर पैसेंजर सर्विस के दौरान ट्रेन इसी स्पीड से चलेगी। अभी वंदे भारत ट्रेन 130 से 160 km/h की स्पीड से चलेगी, लेकिन आगे चलकर यह 180 km/h की स्पीड तक पहुंच जाएगी।

वंदे भारत ट्रेन की खासियतें

नई बनी वंदे भारत ट्रेन में आरामदायक और पीछे की ओर झुकने वाली (रिक्लाइनिंग) सीटें हैं, जिनमें पैर फैलाने के लिए काफी जगह है। इसमें बड़ी पैनोरमिक खिड़कियां हैं, जिनसे बाहर का नजारा साफ दिखता है और प्राकृतिक रोशनी आती है। साथ ही इसमें जीरो-डिस्चार्ज बायो-वैक्यूम टॉयलेट हैं, यानी इनसे कोई कचरा बाहर नहीं निकलता।

इस ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे और एक स्मूथ सस्पेंशन सिस्टम भी है, जिससे झटके और कंपन कम महसूस होते हैं। इसके एयर-कंडीशंड कोच यात्रियों की संख्या के हिसाब से तापमान को एडजस्ट करने और पूरी यात्रा के दौरान आरामदायक तापमान बनाए रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर-फ्रेंडली खास टॉयलेट भी बनाए गए हैं।

RCF कपूरथला ने कोच बनाने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया

फाइनेंशियल ईयर 2025–26 में, RCF कपूरथला ने 2,383 कोच बनाकर अपना अब तक का सबसे ज्यादा सालाना प्रोडक्शन हासिल किया। इस फैक्ट्री ने मॉडर्न रेलवे कोच बनाने के एक अहम केंद्र के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। यह एडवांस्ड ट्रेनसेट के विकास में योगदान दे रही है और वंदे भारत व अमृत भारत जैसी एडवांस्ड ट्रेनों के लिए मॉडर्न कोच बना रही है।

इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है और इसके बनाए रेलवे कोच एशिया और अफ्रीका के कई देशों में एक्सपोर्ट किए गए हैं। अब तक सभी वंदे भारत ट्रेनें चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनाई गई हैं।

Vande Bharat Viral Photos: वंदे भारत ट्रेन में जंग लगे टॉयलेट और गंदगी देखकर भड़का, फिर रेलवे ने दी ये सफाई

अहमदाबाद। वंदे भारत एक्सप्रेस की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ट्रेन की साफ-सफाई और मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठने लगे। तस्वीरों में ट्रेन का बाहरी हिस्सा गंदा, कुछ कांच के पैनल टूटे हुए और टॉयलेट के कुछ हिस्सों में जंग लगी दिखाई दे रही थी। जियोलॉजिस्ट हिमांशु मुखर्जी ने 2 अक्टूबर को X (formerly Twitter) पर फोटोज शेयर की थीं।

मुखर्जी के अनुसार, ये तस्वीरें ट्रेन नंबर 26901 की हैं, जो साबरमती से वेरावल के बीच चलती है। उन्होंने ट्रेन की हालत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी सफाई और देखभाल ठीक से नहीं हो रही है। उन्होंने वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन और रेल मंत्रालय को टैग कर मामले पर ध्यान देने की मांग की।

तस्वीरें सामने आने के बाद ट्रेन की सफाई और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। मुखर्जी ने कहा कि वंदे भारत जैसी ट्रेन की ऐसी हालत देखकर उन्हें अच्छा नहीं लगा। साबरमती-वेरावल वंदे भारत मई 2025 में शुरू हुई थी और यह अहमदाबाद को सौराष्ट्र से जोड़ती है।

ये रहा रेलवे का जवाब

सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद अहमदाबाद के DRM ने इस पर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टाफ ने ट्रेन के बताए गए हिस्सों की जांच की और जरूरी सफाई व मरम्मत का काम कर दिया।

  • ट्रेन की जांच हुई: लोकल रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन के डिब्बों का इंस्पेक्शन किया और दिखने वाली कमियों को ठीक किया।
  • पैसेंजर से अपील: रेलवे ने पैसेंजर से भी सफर के दौरान ट्रेन में सफाई रखने और कचरा सही जगह पर डालने की अपील की।

Vande Bharat Update: क्या वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन को सप्ताह में सातों दिन चलाया जाएगा? अब इस नई तैयारी में उत्तर रेलवे

वाराणसी। वंदे भारत से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस (22435/22436) को अब हफ्ते के सातों दिन चलाने की तैयारी है। उत्तर रेलवे ने दोनों ट्रेनों के ऑफ-डे खत्म करने का प्रपोजल तैयार किया है। इसका मकसद ट्रेनों को पूरे सप्ताह चलाना है, ताकि पैसेंजर को किसी एक दिन सर्विस बंद होने की परेशानी न हो।

अभी यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलती है और गुरुवार को इसका संचालन नहीं होता। अगर उत्तर रेलवे के प्रपोजल को मंजूरी मिलती है तो गुरुवार को भी यात्रियों को इस ट्रेन की सर्विस मिल सकेगी।

हफ्ते में एक दिन क्यों रुकती है वंदे भारत?

वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर अभी दो वंदे भारत ट्रेनें चलती हैं।

– 22435/22436 – गुरुवार को बंद

– 22415/22416 – मंगलवार को बंद

ये दोनों ट्रेनें प्रयागराज होकर जाती हैं, इसलिए प्रयागराज के यात्रियों को भी इन दो दिनों में वंदे भारत नहीं मिलती। बंद रहने की वजह मेंटेनेंस है।

मेंटेनेंस के लिए तैयार किया गया नया प्लान

गुरुवार को भी ट्रेन चलाने के लिए मेंटेनेंस की समस्या को दूर करना जरूरी था। इसके लिए उत्तर रेलवे ने 20 कोच वाले एक अतिरिक्त रैक के रोटेशन की प्लानिंग बनाई है।

प्लान के मुताबिक, जिस दिन रैक की मेंटेनेंस होगी, उस दिन अतिरिक्त रैक को रूट पर चला दिया जाएगा। इससे मेंटेनेंस भी होता रहेगा और यात्रियों को ट्रेन की सर्विस भी बंद नहीं करनी पड़ेगी।

दिवाली से पहले मिल सकती है हरी झंडी

इस प्रपोजल की समीक्षा उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में चल रही है। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के सीजन और दिवाली से पहले इस पर फैसला लिया जा सकता है। मंजूरी मिलते ही वाराणसी-प्रयागराज-नई दिल्ली रूट पर वंदे भारत पूरे हफ्ते दौड़ेगी।

एक ट्रेन, कई खूबसूरत मंजिलें! वंदे भारत से बनाएं परफेक्ट वीकेंड प्लान

वीकेंड पर आप दिल्ली की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करके कम समय में एक अच्छी छोटी ट्रिप का मजा लिया जा सकता है। ट्रेन का आरामदायक सफर आपका समय भी बचाता है और सफर की थकान भी कम करता है।

कम दिनों की छुट्टी में ऐसी जगह चुनना सही रहता है, जहां घूमने के लिए ज्यादा समय मिले और सफर में पूरा दिन न निकल जाए। वीकेंड ट्रिप के लिए ट्रेन से ट्रिप करना इसलिए भी अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि आप आराम से सफर करते हुए अपने परिवार या दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

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1. चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा

वीकेंड में कम समय में घूमने के लिए चंडीगढ़ एक अच्छा ऑप्शन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की वीकेंड ट्रिप के लिए 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुविधाजनक ऑप्शन है। ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 5:50 बजे चलकर करीब 2 घंटे 48 मिनट में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) सुबह 8:38 बजे पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹855 और Executive Chair Car का करीब ₹1,585 है। एक दिन की ट्रिप में सुबह रॉक गार्डन और रोज गार्डन घूमने के बाद सुखना झील घूम सकते हैं। शाम को झील के आसपास समय बिताने के बाद सेक्टर-17 मार्केट में शॉपिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। अगर 2 दिन का समय है, तो दूसरे दिन कैपिटल कॉम्प्लेक्स और शहर के आसपास की जगहें देख सकते हैं।

 

2. देहरादून, उत्तराखंड

पहाड़ों और हरियाली के बीच छोटा-सा ब्रेक लेना चाहते हैं तो देहरादून का प्लान बनाया जा सकता है। देहरादून जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 22457 दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से शाम 5:50 बजे चलती है और करीब 4 घंटे 45 मिनट में रात 10:35 बजे देहरादून (DDN) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,075 और Executive Chair Car का करीब ₹1,900 है। शहर में एक दिन हो तो रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आसानी से घूमे जा सकते हैं। शाम को किसी लोकल कैफे में बैठकर देहरादून का माहौल एंजॉय करें। दो दिन मिल रहे हों तो अगले दिन मसूरी की ओर निकलना बेहतर रहेगा।

 

3. अजमेर, राजस्थान

अगर वीकेंड पर धार्मिक स्थलों के साथ राजस्थान की संस्कृति देखना चाहते हैं, तो अजमेर को चुन सकते हैं। दिल्ली से अजमेर जाने के लिए वंदे भारत का रूट जयपुर होते हुए अजमेर तक जाता है। इस यात्रा में करीब 5 घंटे 15 मिनट लगते हैं और AC Chair Car का किराया लगभग ₹1,150 से शुरू होने की जानकारी अवेलेबल है। स्टेशन पहुंचने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह से घूमने की शुरुआत करें और फिर अढ़ाई दिन का झोपड़ा देखा जा सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में आना सागर झील के आसपास वक्त बिताएं और शाम को स्थानीय बाजार में राजस्थानी मिठाइयों और खाने का स्वाद लें। दो दिन का प्लान है तो अगले दिन अजमेर से पुष्कर जाकर पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर घूम सकते हैं।

 

4. वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी की यात्रा बाकी जगहों से थोड़ी लंबी है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के लिए यह खास डेस्टिनेशन है। वाराणसी के लिए 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 6:00 बजे चलती है और करीब 8 घंटे में दोपहर 2:00 बजे वाराणसी जंक्शन (BSB) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,835 और Executive Chair Car का करीब ₹3,385 है। यहां एक दिन का समय हो तो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को प्राथमिकता दें। शाम होते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखना न भूलें। पुरानी गलियों में घूमकर बनारसी खान-पान का स्वाद भी लिया जा सकता है।

 

5. जयपुर, राजस्थान

शाही महलों, किलों और बाजारों से भरी जयपुर की यात्रा दिल्ली से वीकेंड पर आसानी से की जा सकती है। जयपुर के लिए दिल्ली से वंदे भारत की ट्रिप करीब 3 घंटे 37 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। मौजूदा शेड्यूल में एक वंदे भारत दिल्ली कैंट (DEC) से दोपहर 3:10 बजे चलकर शाम 7:00 बजे जयपुर जंक्शन (JP) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹835 और Executive Chair Car का करीब ₹1,610 है। दूसरी वंदे भारत दिल्ली कैंट से शाम 6:28 बजे चलकर रात 10:05 बजे जयपुर पहुंचती है। एक दिन में आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर को कवर किया जा सकता है। घूमने के बाद शाम का समय जौहरी बाजार या बापू बाजार में शॉपिंग के लिए रखें और दाल बाटी चूरमा, प्याज कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें।

वंदेभारत में अब आसानी से मिलेगी कन्फर्म सीट! रेलवे ने इस व्यस्त रूट पर 8 से बढ़ाकर कर दिए 16 डिब्बे

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि एर्नाकुलम-KSR बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस अब आठ की जगह 16 कोच के साथ चलेगी, जिससे इसकी बैठने की क्षमता दोगुनी होकर 1,128 हो जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने रेलवे अधिकारियों और अन्य जन-प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एर्नाकुलम जंक्शन पर 16-कोच वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

गोपी ने कहा कि ओणम के यात्रा सीजन को देखते हुए रेलवे ने तुरंत ट्रेन की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच इस व्यस्त रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जिस सर्विस में पहले 530 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी, उसमें अब 1,128 सीटें होंगी।

गोपी ने आगे बताया कि क्षमता में यह बढ़ोतरी एक खास दिन पर हो रही है, क्योंकि यह मलयालम कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत का दिन है।

रेलवे मैनेजर ने दी जानकारी

तिरुवनंतपुरम डिविजनल रेलवे मैनेजर दिव्याकांत चंद्राकर ने कहा कि ओणम के मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेक (ट्रेन के डिब्बों) को बढ़ाकर 16 कोच करने का फैसला लिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई वंदे भारत सेवा में लगभग 150% ऑक्यूपेंसी (सीटों का भरा होना) देखी जा रही है, जबकि केरल को मंगलुरु और कोझिकोड से जोड़ने वाली दो अन्य वंदे भारत सेवाओं में लगभग 170% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है।

चंद्रकार ने आगे कहा कि 16-कोच वाली ट्रेन यात्रियों को ज्यादा सीटें, बेहतर सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी देगी। उन्होंने यह भी कहा कि एर्नाकुलम जंक्शन रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट का काम भी तेजी से चल रहा है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस कार्यक्रम में एर्नाकुलम के सांसद हिबी ईडन, सांसद हारिस बीरन, विधायक टीजे विनोद, वार्ड पार्षद, डिविजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी और जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य, रेलवे अधिकारी, मीडिया कर्मी और यात्री भी मौजूद रहे।

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Vande Bharat चलाने वाले पायलट की सैलरी जानकर रह जाएंगे हैरान, इतनी होती है महीने की कमाई!

वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ अपनी रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं के लिए ही नहीं, बल्कि इसे चलाने वाले लोको पायलटों की जिम्मेदारी और कौशल के लिए भी चर्चा में रहती है। देश की इस प्रीमियम ट्रेन को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए रेलवे अनुभवी और प्रशिक्षित लोको पायलटों का चयन करता है। यात्रियों को समय पर और सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने के पीछे इन पायलटों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि जिस ट्रेन को देश की सबसे खास ट्रेनों में गिना जाता है, उसे चलाने वाले लोको पायलट की कमाई कितनी होती है।

उनकी सैलरी सिर्फ बेसिक वेतन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कई तरह के भत्तों और सुविधाओं के साथ उनकी मासिक आय काफी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं वंदे भारत लोको पायलट की सैलरी और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में।

वंदे भारत लोको पायलट की सैलरी कितनी होती है?

भारतीय रेलवे में वंदे भारत लोको पायलट के लिए अलग से कोई विशेष पे-स्केल तय नहीं है। आमतौर पर इस ट्रेन को चलाने वाले लोको पायलट 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-6 के अनुभवी कर्मचारी होते हैं। इनका बेसिक पे करीब ₹35,400 से शुरू होता है, लेकिन भत्तों और अन्य सुविधाओं को जोड़ने के बाद उनकी कुल आय काफी बढ़ जाती है। अनुभव और पोस्टिंग के आधार पर उनकी बेसिक सैलरी लगभग ₹56,000 से ₹60,000 तक पहुंच सकती है।

भत्तों से बढ़ जाती है लाखों तक कमाई

लोको पायलट की कमाई सिर्फ मूल वेतन तक सीमित नहीं होती। उन्हें कई तरह के सरकारी भत्ते मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • महंगाई भत्ता (DA)
  • मकान किराया भत्ता (HRA)
  • रनिंग अलाउंस
  • नाइट ड्यूटी अलाउंस
  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस
  • मेडिकल सुविधाएं और अन्य सरकारी लाभ

इन सभी को मिलाकर वंदे भारत के अनुभवी लोको पायलट की मासिक आय करीब ₹90,000 से ₹1.30 लाख या इससे ज्यादा तक पहुंच सकती है।

वंदे भारत चलाने वालों को ज्यादा सुविधाएं क्यों मिलती हैं?

वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन चलाना बेहद जिम्मेदारी वाला काम है। लोको पायलट को तेज रफ्तार के दौरान सिग्नल, ट्रैक की स्थिति, मौसम और सुरक्षा नियमों पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी जिम्मेदारी को देखते हुए उन्हें रनिंग अलाउंस समेत कई अतिरिक्त लाभ दिए जाते हैं।

कैसे बनते हैं वंदे भारत के लोको पायलट?

कोई भी व्यक्ति सीधे वंदे भारत ट्रेन का ड्राइवर नहीं बन सकता। इसके लिए सबसे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के जरिए असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के पद पर चयन होता है। इसके बाद वर्षों का अनुभव, विभागीय प्रमोशन, मेडिकल फिटनेस और विशेष तकनीकी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही किसी लोको पायलट को वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेन चलाने का मौका मिलता है।

कितनी मुश्किल होती है लोको पायलट की नौकरी?

वंदे भारत के लोको पायलट का काम सिर्फ ट्रेन चलाना नहीं होता। उन्हें लंबे समय तक सतर्क रहकर ड्यूटी करनी पड़ती है। मौसम चाहे गर्मी का हो, सर्दी का या बारिश का, यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमेशा उनके कंधों पर रहती है। यही कारण है कि रेलवे इस जिम्मेदारी भरे पद के लिए अनुभवी और कुशल कर्मचारियों को ही चुनता है।

सैलरी के साथ मिलता है सम्मान भी

वंदे भारत ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट की कमाई अनुभव, ड्यूटी घंटे, पोस्टिंग और मिलने वाले भत्तों के आधार पर बदलती रहती है। अच्छी सैलरी के साथ यह भारतीय रेलवे की सबसे जिम्मेदार और प्रतिष्ठित नौकरियों में से एक मानी जाती है।

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सफर में इश्क और नजारे दोनों चाहिए हो तो वंदे भारत के ये 5 रूट मत छोड़ना!

अगर आप अपने पार्टनर के साथ यादगार और सुकूनभरा सफर करना चाहते हैं, तो वंदे भारत ट्रेन बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है। आरामदायक सीटें, बड़ी खिड़कियों से दिखते खूबसूरत नज़ारे और तेज़ सफर इस ट्रिप को खास बना देते हैं। यहां सफर की हर घड़ी साथ बिताने और खुलकर बातें करने का मौका मिलता है। आइए जानते हैं वंदे भारत की ऐसी शानदार जर्नी के बारे में, जो हर कपल को एक बार जरूर करनी चाहिए:

दिल्ली से जयपुर – शाही अंदाज में बिताएं यादगार पल

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जयपुर का सफर कपल्स के लिए रोमांस, इतिहास और संस्कृति का शानदार मेल है। आरामदायक ट्रेन जर्नी के बाद आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और रंग-बिरंगे बाजार घूमने का अलग ही आनंद मिलता है। राजस्थानी खानपान और शाही विरासत इस ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देती है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (20978) दिल्ली कैंटोनमेंट स्टेशन से रवाना होती है।

बेंगलुरु से मैसूरु – छोटी लेकिन यादगार ट्रिप 

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अगर आप कम समय में शानदार ट्रिप करना चाहते हैं, तो बेंगलुरु से मैसूरु का वंदे भारत रूट एक बेहतरीन ऑप्शन है। मैसूर पहुंचकर भव्य मैसूर पैलेस, खूबसूरत गार्डन और लोकल मार्केट की सैर करें। साथ ही मशहूर मैसूर पाक का स्वाद आपकी ट्रिप को और भी खास बना देगा। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (20607/20608) KSR बेंगलुरु स्टेशन से रवाना होती है।

मुंबई से अहमदाबाद – वीकेंड ट्रिप के लिए परफेक्ट

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कम समय में शानदार ट्रिप का प्लान बना रहे कपल्स के लिए मुंबई से अहमदाबाद का वंदे भारत रूट शानदार है। रास्ते में बदलते नेचुरल सीन का आनंद लेते हुए एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताया जा सकता है। अहमदाबाद पहुंचकर साबरमती रिवरफ्रंट, लोकल मार्केट और टेस्टी गुजराती डिशेस का मजा लें। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (20901) मुंबई सेंट्रल से रवाना होती है।

दिल्ली से कटरा – पहाड़ों के बीच रोमांटिक सफर

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अगर आप अपने पार्टनर के साथ पहाड़ों की खूबसूरती और सुकूनभरा समय बिताना चाहते हैं, तो दिल्ली से कटरा का वंदे भारत रूट बेहतरीन ऑप्शन है। सफर के दौरान हरी-भरी वादियां और पहाड़ों के मनमोहक नज़ारे इस जर्नी को यादगार बना देते हैं। कटरा पहुंचकर माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ शांत पहाड़ी माहौल का आनंद लिया जा सकता है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (22439) नई दिल्ली से रवाना होती है और पैसेंजर को तेज़ व आरामदायक सफर का एक्सपीरियंस कराती है।

दिल्ली से वाराणसी – आस्था और रोमांस का संगम

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दिल्ली से वाराणसी का सफर कपल्स के लिए आध्यात्मिकता और खूबसूरत यादों से भरा एक्सपीरियंस बन सकता है। ट्रेन में आरामदायक यात्रा के बाद गंगा घाट पर सूर्योदय, बोट राइड और शाम की भव्य गंगा आरती इस ट्रिप को खास बना देती है। यहां इतिहास, संस्कृति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलता है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (22416) नई दिल्ली से चलती है।

Vande Bharat Express Best Routes: भारत के ये 5 वंदे भारत रूट्स जिन्होंने बदल दिया रेलवे सफर का अंदाज, देखें पूरी लिस्ट

Vande Bharat Express Update: एक समय था जब हवाई जहाज के टिकट सस्ते होने और एयरलाइंस की पहुंच बढ़ने से हवाई सफर अब कुछ गिने-चुने लोगों का लग्जरी नहीं रह गया था। जैसे-जैसे भारतीय यात्रियों ने हवाई सफर का रुख किया, ऐसा लगने लगा कि कहीं भारतीय रेलवे का आकर्षण कम न हो जाए। यात्रा के लंबे घंटे, साफ-सफाई की चिंताएं और पुराने होते कोच के चलते लोग सफर के दूसरे विकल्प तलाशने लगे। वैसे देखें तो भारत में रेल यात्रा हमेशा से सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने मात्र से कहीं बढ़कर रही है। यह खिड़की से बाहर के खूबसूरत नजारों को देखने, अजनबियों से बातचीत शुरू करने और एक सुकून भरी रफ्तार से यात्रा के अनुभव के सुख से भरी बात रही। अब आज के दौर की बात करें तो वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं के साथ नई पीढ़ी के लिए उसी पुराने आकर्षण को वापस लेकर आई हैं। कश्मीर के पहाड़ों से लेकर पश्चिमी भारत के व्यस्त कॉरिडोर तक, वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की उम्मीदों को पूरी तरह बदल रही हैं। आइए जानते हैं भारत के उन 5 चुनिंदा वंदे भारत रूट्स के बारे में, जिन्होंने रेलवे सफर का पूरा अंदाज ही बदल दिया है-

1. मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai–Bengaluru)

वंदे भारत परिवार में सबसे उत्सुकता से इंतजार की जाने वाली ट्रेनों में प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर सेवा शामिल है। भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस हब को जोड़ने वाली यह ट्रेन रात भर के सफर को अधिक आरामदायक और कुशल बनाने का वादा करती है। इस ट्रेन के हाल ही में सामने आए फर्स्ट एसी कोच ने अपने प्रीमियम इंटीरियर और होटल जैसे फिनिश के कारण रेलवे प्रेमियों के बीच पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी है।

2. नई दिल्ली-वाराणसी (New Delhi–Varanasi)

यह वह ऐतिहासिक रूट है जिसने भारत में वंदे भारत के सफर की शुरुआत की थी। देश की राष्ट्रीय राजधानी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गंतव्यों में से एक वाराणसी से जोड़कर इस सेवा ने यह साबित कर दिया कि भारत में सेमी-हाई-स्पीड रेल पूरी तरह सफल हो सकती है। यात्रा के समय में आई कमी और यात्रियों को मिलने वाले बेहतर आराम ने इसे बहुत जल्द ही मुसाफिरों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

3. कटरा-श्रीनगर (Katra–Srinagar)

सभी वंदे भारत रूटों में से शायद यह सबसे नाटकीय और रोमांचक रूट है। यह सेवा भारत के कुछ सबसे लुभावने और खूबसूरत लैंडस्कैप के बीच से होकर गुजरती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने कश्मीर के लिए कनेक्टिविटी को काफी मजबूत किया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है।

4. मुंबई-गांधीनगर (Mumbai–Gandhinagar)

बिजनेस यात्रा करने वाले लोगों ने इस रूट को बड़े पैमाने पर अपनाया है। फाइनेंशियल कैपिटल कही जाने वाली मुंबई को गुजरात के प्रशासनिक केंद्र गांधीनगर से जोड़ने वाली यह ट्रेन आधुनिक इंटरसिटी कनेक्टिविटी का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है। इसकी लोकप्रियता इतनी शानदार रही है कि यह बढ़ी हुई कोच कॉन्फ़िगरेशन प्राप्त करने वाली देश की शुरुआती वंदे भारत सेवाओं में से एक बन गई।

5. हावड़ा-कामाख्या (Howrah–Kamakhya)

इस रूट ने पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आराम के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। यह ट्रेन अधिक कार्यकुशलता के साथ लंबी दूरी को तय करती है। इसके साथ ही यह रूट इस बात को भी बताता है कि कैसे प्रीमियम रेल सेवाएं अलग-अलग क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूत और सुदृढ़ कर सकती हैं।

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