रांची से पटना का सफर होगा सुपरफास्ट: ₹5,000 करोड़ के फोरलेन से बदलेगी कोडरमा और झुमरी तिलैया की तस्वीर

Ranchi to Patna Four Lane Highway: झारखंड की राजधानी रांची से पटना के लिए ₹5,000 करोड़ की लागत से फोरलेन बनकर तैयार हो रहा है। अगले साल दिसंबर 2027 तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। PWD विभाग के सचिव सुनील कुमार बताते हैं कि काम में काफी तेजी है और धरातल पर भी आपको काफी कुछ देखने को मिल रहा होगा।

आगे बताते हैं कि अगले साल के अंत तक हम इसके उद्घाटन की योजना बना रहे हैं। यह सड़क बनने से कोडरमा, झुमरी तिलैया, रजरप्पा जैसी जगह जाना भी बेहद आसान हो जाएगा। यह परियोजना करीबन 323 किलोमीटर लंबी है। इससे न सिर्फ इकोनॉमिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि यात्रा काफी सुगम व सुरक्षित रहेगी।

हजारीबाग व अन्य शहर जाना होगा आसान

इस परियोजना से खासतौर पर रांची से हजारीबाग जाना बेहद आसान हो जाएगा। बता दें कि रांची से हजारीबाग के बीच पहले ही फोरलेन बन चुका है। हजारीबाग के बरही से कोडरमा के फोरलेन का अंतिम चरण का काम मंजूरी के इंतजार में लटका हुआ था। चूंकि केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है, तो काम में काफी तेजी देखने को मिलेगी।

साथ ही, बिहार में रजौली से बख्तियारपुर तक फोरलेन प्रस्तावित है, जबकि बख्तियारपुर से पटना के बीच फोरलेन बना हुआ है। बीच के फोरलेन बनने से रांची और पटना के बीच यात्रियों को काफी आराम मिलेगा, बल्कि टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। अब आप कुछ घंटे में तिलैया डैम जा सकते हैं व रांची से रजरप्पा मंदिर मात्र 1.5 घंटे में पहुंच सकते हैं।

आसपास की जमीन का रेट हुआ हाई

सचिव सुनील कुमार बताते हैं कि सड़क बनने से सिर्फ आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि आसपास की जमीन का रेट ही चार गुना अधिक देखने को मिल रहा है। यानी कि आर्थिक रूप से वहां के आसपास के लोग सशक्त हो रहे हैं। यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होगा। सड़क के दोनों ओर आपको अच्छी-खासी हरियाली और ग्रीन पैच भी देखने को मिलेंगे।

रिपोर्ट- शिखा श्रेया

दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को रेलवे का तोहफा, दिल्ली-पटना के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्पेशल, जानें टाइम टेबल और रूट

Delhi-Patna Vande Bharat Train: दिवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए सफर करना अब थोड़ा आसान होने वाला है। ऐसा इसिलए क्योंकि बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच 16 कोच वाली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है।

रेलवे के मुताबिक, यह स्पेशल ट्रेन 16 अक्टूबर 2026 से चलनी शुरू होगी, और दोनों दिशाओं में 18-18 फेरे लगाएगी। बता दें कि यह ट्रेन अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और बक्सर होते हुए चलेगी। वहीं, नई दिल्ली से पटना तक का सफर यह ट्रेन सिर्फ 12 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी।

इस ट्रेन में एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 4,695 रुपये और एसी चेयर कार का किराया 2,615 रुपये तय किया गया है।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्रा के मुताबिक, त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह ट्रेन अक्टूबर और नवंबर में तय तारीखों पर चलाई जाएगी।

ट्रेन चलने की तारीखें

ट्रेन नंबर 02252: नई दिल्ली-पटना वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

यह ट्रेन पहली बार 16 अक्टूबर 2026 को चलेगी। इसके बाद 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को इसका संचालन किया जाएगा।

ट्रेन नंबर 02251: पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

वापसी में यह ट्रेन 17 और 19 अक्टूबर 2026 को चलेगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक यह हर मंगलवार, गुरुवार और रविवार को चलेगी।

टाइम टेबल और रूट

ट्रेन नंबर 02252: नई दिल्ली-पटना

यह ट्रेन सुबह 8:35 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी और रात 9:30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।

ट्रेन के स्टॉपेज और पहुंचने का समय

स्टेशनपहुंचने का समय
अलीगढ़सुबह 10:21 बजे
कानपुर सेंट्रलदोपहर 1:30 बजे
प्रयागराजदोपहर 3:45 बजे
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शनशाम 6:00 बजे
बक्सरशाम 7:26 बजे
आरारात 8:10 बजे
पटना जंक्शनरात 9:30 बजे

ट्रेन नंबर 02251: पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

यह ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 10:00 बजे रवाना होगी और रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

टाइम टेबल और रूट

स्टेशनपहुंचने का समय
आरासुबह 10:38 बजे
बक्सरसुबह 11:25 बजे
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शनदोपहर 1:10 बजे
प्रयागराजदोपहर 3:35 बजे
कानपुर सेंट्रलशाम 5:50 बजे
अलीगढ़रात 8:53 बजे
नई दिल्लीरात 11:30 बजे

त्योहारों की भीड़ के दौरान तेज सफर

वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल दिल्ली-पटना का सफर लगभग 12 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी। इससे यात्रियों को साल के सबसे व्यस्त समय में सफर करने का एक तेज और आरामदायक विकल्प मिलेगा।

बता दें कि दीवाली और छठ के दौरान रेगुलर ट्रेनों में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए, 16 कोच वाली इस हाई-स्पीड सर्विस के शुरू होने से हजारों और यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की बेहतर उम्मीद है।

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पटना के शुभम ने देश को दिखाया रास्ता, गंगा के घाटों से हटाया 2.63 लाख किलो कचरा

प्रसिद्ध गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी का शेर आपने जरूर सुना होगा, “मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर,लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।” यह पटना के शुभम कुमार पर सटीक बैठता है। शुभम ने 2018 में अकेले पटना के दीघा से गंगा के घाटों की सफाई की शुरुआत की थी। उनकी यह कोशिश आज एक जनअभियान का रूप ले चुकी है। उनकी संस्था ‘बीइंग हेल्पर फाउंडेशन’से आज 1,100 से ज्यादा लोग जुड़े हैं, जिनमें ज्यादातर युवा हैं।

पटना के गंगा घाटों से हटाया 2.63 लाख किलो कचरा

शुभम ने बताया कि उनकी संस्था अब तक गंगा और उसकी सहायक नदियों के घाटों से 2.63 लाख किलोग्राम से ज्यादा प्लास्टिक, थर्माकोल और दूसरे ठोस कचरे को हटा चुकी है। उनकी संस्था घाटों को न सिर्फ कचरामुक्त कर रही है बल्कि उन्हें आम लोगों के लिए इस्तेमाल के लिए सुरक्षित और उपयोगी भी बना रही है। कई घाटों पर महिलाओं के स्नान करने और कपड़े बदलने की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय लोग काफी खुश हैं।

जल शक्ति मंत्रालय ने जल योद्धा संवाद में किया आमंत्रित

जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से हाल में आयोजित राष्ट्रीय जल योद्धा संवाद में शुभम कुमार को आमंत्रित किया गया। उन्होंने इस कार्यक्रम में पटना और आसपास के इलाकों में चल रहे गंगा के घाटों की सफाई के अपने इनोवेटिव मॉडल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह घाटों की सफाई के दौरान मिली बोतलों का इस्तेमाल पेड़ों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बीइंग हेल्पर फाउंडेशन की तारीफ की

शुभम नमामि गंगे और बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने बीइंग हेल्पर फाउंडेशन के काम की सराहना की। उन्होंने शुभम की संस्था को पर्यावरण संरक्षण के कामों में मंत्रालय की ओर से पूरी मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

शुभम के मॉडल जनभागीदारी पर होता है ज्यादा फोकस 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर शुभम के मॉडल का इस्तेमाल दूसरी जगहों पर भी किया जाता है तो इससे गंगा और उसकी सहायक नदियों को साफ करने में सफलता मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि ऐसे कामों के जनभागीदारी बहुत जरूरी है। ऐसे अभियान से स्थानीय लोगों को जोड़कर गंगा और दूसरी नदियों को गंदी होने से रोका जा सकता है।

(पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट)

पटना के चांदनी मार्केट में लगी आग, 15 फायर इंजन की मदद से आग पर काबू पाया

पटना का लोकप्रिय चांदनी मार्केट शुक्रवार को बड़े हादसे का शिकार हो गया। बिजली के सामान, इलेक्ट्रॉनिक चीजों और फैंसी लाइटिंग के लिए मश्हूर चांदनी मार्केट में शुक्रवार दोपहर को आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि आग दोपहर करीब 3.30 बजे एक स्टोरेज एरिया में लगी, जहां झूमर और दूसरी सजावटी लाइटिंग की चीजें रखी थीं। बाद में यह बगल के कमरे में फैल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।

पटना डिस्ट्रिक्ट फायर ऑफिसर अभिषेक कुमार ने बताया कि पंद्रह फायर इंजन ने आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा, “फायरफाइटर अभी भी अंदर की लेयर में लगी आग को पूरी तरह बुझाने में लगे हैं।” कुमार ने कहा कि आग इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, और आग पूरी तरह बुझने और एरिया का इंस्पेक्शन करने के बाद ही सही वजह का पता चलेगा।

उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और नुकसान सिर्फ उस एरिया में रखी प्रॉपर्टी और सामान तक ही सीमित था। कुमार ने कहा कि जिस जगह पर आग लगी थी, वहां आग से बचाव के खास इक्विपमेंट नहीं थे और आग बुझाने के काम के दौरान पास के होटलों से मदद ली गई। डीएफओ ने कहा कि एक ऑडिट किया जाएगा और संबंधित डिपार्टमेंट सही कानूनी और दूसरे कदम उठाएंगे। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे पक्का करें कि उनकी दुकानों पर जरूरी फायर-सेफ्टी इक्विपमेंट मौजूद हों।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर आग किस वजह से लगी, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अग्निशमन विभाग के अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

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