दिल्ली की इन 3 सरकारी कॉलोनियों में टूटेंगे पुराने फ्लैट्स, PWD बनाने जा रहा है चमचमाती बहुमंजिला इमारतें, जानिए पूरा प्लान

Plans to redevelop three colonies in Delhi: दिल्ली सरकार ने तीन प्रमुख सरकारी कॉलोनियों को फिर से रीडेवलप कर वहां अधिकारियों के लिए शानदार बहुमंजिला इमारतें (हाई-राइज टावर्स) बनाने की बड़ी योजना का ऐलान किया है। यह पुनर्विकास परियोजना गुलाबी बाग, बहापुर और कल्याणवास इलाकों में लागू की जाएगी। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार इन क्षेत्रों में मौजूद पुराने और जर्जर हो चुके फ्लैटों को ढहाकर उनकी जगह मॉर्डन बहुमंजिला फ्लैट्स बनाने जा रही है।

इसे दिल्ली सरकार की ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत बनाया जाएगा। इस नीति के तहत रेल और मेट्रो लाइनों के आसपास हाई डेंसिटी वाले कॉरिडोर डेवलप किए जाएंगे। इससे आवासीय इलाकों के ठीक पास पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी भी हासिल की जा सकेगी।

पुराने और खस्ताहाल फ्लैट्स की जगह बनेंगे हाई-राइज टावर्स

लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को नए और सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस घर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों में अभी फ्लैट्स की स्थिति बेहद खराब है। योजना के तहत इन सभी जगहों पर सिर्फ हाई-राइज टावर्स ही बनाए जाएंगे। इसके लिए बहुत जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे। इसे सेल्फ फाइनेंस मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। ये केंद्र सरकार की जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) योजना जैसी होगी।

कॉमर्शियल इस्तेमाल से निकलेगा खर्च, नए सचिवालय के लिए भी जुटेगा फंड

सरकार ने इस पुनर्विकास परियोजना का खर्च निकालने के लिए भी एक विशेष रणनीति बनाई है। यहां बनने वाले फ्लैट्स का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा कमर्शियल उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इससे जो रेवेन्यू मिलेगा उससे न सिर्फ रीडेवलपमेंट का कॉस्ट निकलेगा बल्कि इस कमाई का इस्तेमाल आईटीओ पर बनने वाले दिल्ली सरकार के नए सचिवालय कॉन्प्लेक्स पर भी किया जाएगा।

गुलाबी बाग, कल्याणवास और बहापुर का ऐसा है मास्टर प्लान

सरकार ने इस परियोजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन का सीमांकन कर लिया है। कल्याणवास में 32 एकड़ जमीन और गुलाबी बाग में लगभग 70 एकड़ जमीन की पहचान की गई है। यहां टाइप II, टाइप III और टाइप IV कैटिगरी के फ्लैट्स बनाए जाएंगे।

दक्षिण दिल्ली के बहापुर इलाके में सबसे पहले हाई राइज बनेगा। यहां नए आवासों की जरूरत तत्काल है। बहापुर आवासीय परिसर परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

PSUs और केंद्र सरकार को भी दिए जा सकेंगे फ्लैट्स

बहापुर परियोजना का डिजाइन पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। यहां अधिकारियों के लिए लगभग 160 टाइप V और टाइप VI श्रेणी के फ्लैट्स बनाए जाएंगे। गुलाबी बाग और कल्याणवास के अन्य दो क्षेत्रों में बनने वाले फ्लैटों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) की कंपनियों और केंद्र सरकार को आमंत्रित किया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपने कर्मचारियों के लिए इन फ्लैटों को ले सकें।

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RVUNL recruitment 2026: राजस्थान में बिजली विभाग ने निकाली बंपर भर्ती, जानें आवेदन की लास्ट डेट और योग्यता संबंधी सभी डिटेल

RVUNL recruitment 2026: राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) ने अपनी 4 सहयोग सरकारी बिजली कंपनियों के साथ मिलकर 2,005 पदों को भरने के लिए अपने साझा भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 अगस्त से 25 अगस्त, 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस भर्ती में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN), जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVN), अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVN) और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVN) के पद शामिल हैं। आरवीयूएनएल भर्ती 2026 के लिए 4 अगस्त, 2026 को जारी विज्ञापन संख्या RVUN/Rectt.-2026-27/02 और RVUN/Rectt.-2026-27/03 के तहत जूनियर इंजीनियर-I, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II पोस्ट के लिए पद उपलब्ध हैं।

आरवीयूएनएल भर्ती 2026: पोस्ट के हिसाब से वैकेंसी

जूनियर असिस्टेंट / कमर्शियल असिस्टेंट-II : सबसे ज्यादा 765 पद इस श्रेणी के लिए तय किए गए हैं।

जूनियर इंजीनियर-I : कुल 869 पद जूनियर इंजीनियर के लिए हैं, जिसमें इलेक्ट्रिकल के लिए 727,

मैकेनिकल के लिए 110 और सिविल इंजीनियरिंग के लिए 32 पद आवंटित हैं।

जूनियर अकाउंटेंट: कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए कुल 371 पद सुरक्षित रखे गए हैं।

भर्ती के लिए जरूरी योग्यता

शैक्षणिक योग्यता : अलग-अलग पदों के लिए योग्यता निर्धारित है। जूनियर इंजीनियर संबंधित स्ट्रीम इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या सिविल में बी.ई. (B.E.), बी.टेक (B.Tech) की डिग्री अथवा डिप्लोमा होना अनिवार्य है। जूनियर अकाउंटेंट के लिए बी.कॉम, बीबीए, एम.कॉम या एमबीए डिग्री के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स जैसे RSCIT, CCC आदि होना चाहिए। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट के पद के लिए 12वीं पास (10+2) या स्नातक के साथ मान्यता प्राप्त कंप्यूटर योग्यता जरूरी है।

उम्र सीमा : आरवीयूएनएल भर्ती 2026 के तहत पदों के लिए हिसाब से उम्र सीमा की अलग-अलग है। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II और जूनियर अकाउंटेंट पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट की उम्र 18 से 43 साल के बीच होनी चाहिए। जूनियर इंजीनियर-I पोस्ट के लिए अप्लाई करने वालों की उम्र 21 से 43 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र की गिनती 1 जनवरी, 2027 के हिसाब से की जाएगी। योग्य उम्मीदवार लागू सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट का दावा कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क

सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार को 1,000 रुपये की आवेदन शुल्क देना होगा। SC, ST, BC, MBC, EWS, PwD और सहरिया श्रेणी के आवेदकों को 500 रुपये देने होंगे। आवेदन शुल्क का भुगतान कैंडिडेट डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI से कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया

  • कंप्यूटर बेस्ड रिटन एग्जाम
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  • मेडिकल एग्जाम

जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल घोषित होंगे, वे चयन प्रक्रिया के अगले चरण में जाएंगे।

आवेदन कैसे करें

अभ्यथी राजस्थान बिजली विभाग या संबंधित विद्युत निगम भर्ती वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा, एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे, आवेदन शुल्क देना होगा और आखिरी तारीख से पहले फॉर्म जमा करना होगा। उन्हें भविष्य के रेफरेंस के लिए जमा किए गए एप्लीकेशन फॉर्म और पेमेंट रसीद की एक कॉपी भी रखनी चाहिए।

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DRDO Apprentice Recruitment 2026: अप्रेंटिस भर्ती के लिए डीआरडीओ में आवेदन शुरू, जानें अप्लाई करने की लास्ट डेट और स्टाइपेंड की डिटेल

DRDO Apprentice Recruitment 2026: रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में काम करने वाली डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL) ने आईटीआई, डिप्लोमा और ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 21 अगस्त, 2026 तक बताए गए फॉर्मेट में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण रक्षा मंत्रालय के तहत सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL), तिमारपुर, दिल्ली में आयोजित की जाएगी। ट्रेनिंग का समय 12 महीने का होगा, और चुने गए उम्मीदवारों को लागू नियमों के अनुसार स्टाइपेंड मिलेगा।

डीआरडीओ अप्रेंटिस भर्ती 2026: पदों का विवरण

डीआरडीओ अप्रेंटिस भर्ती अभियान के तहत आईटीटाई अप्रेंटिस, डिप्लोमा अप्रेंटिस और ग्रेजुएट अप्रेंटिस की तीन श्रेणियों में उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसमें शामिल हैं

आईटीआई अप्रेंटिस – पदों की संख्या अलग-अलग ट्रेड के अनुसार तय की जाएगी।

डिप्लोमा अप्रेंटिस – 41 वैकेंसी

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : विभिन्न विषयों में भर्ती की जाएगी।

डीआरडीओ ने स्पष्ट किया है कि लैबोरेटरी की जरूरतों के आधार पर अप्रेंटिसशिप पोजीशन की संख्या बदल सकती है।

शैक्षिक योग्यता

आईटीआई अप्रेंटिस : कैंडिडेट्स ने कक्षा 10 पास की हो और नीचे दिए गए किसी भी ट्रेड में आईटीआई में फर्स्ट डिवीजन हासिल की हो :

  • फिटर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक
  • इलेक्ट्रीशियन
  • कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA)
  • मशीनिस्ट
  • कारपेंटर

डिप्लोमा अप्रेंटिस : कैंडिडेट्स के पास इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन या कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन डिप्लोमा होना चाहिए, साथ ही क्लास 10 फर्स्ट डिवीज़न में होनी चाहिए।

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : एप्लिकेंट्स के पास नीचे दिए गए किसी भी ट्रेड में फर्स्ट डिवीजन होनी चाहिए:

  • फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स या कंप्यूटर साइंस में बीएससी
  • बीए या बीकॉम
  • किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूशन से इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, वीएलएसआई या केमिकल इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक

योग्यता मानदंड

जिन कैंडिडेट्स ने 2022, 2023, 2024, 2025 या 2026 में अपनी क्वालिफाइंग डिग्री या डिप्लोमा पूरा किया है, वे आवेदन करने के लिए योग्य हैं। 2022 से पहले पास हुए उम्मीदवार आवेदन न करें। सिर्फ वे कैंडिडेट ही अप्लाई कर सकते हैं जिन्होंने रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर अपना क्वालिफाइंग कोर्स पूरा किया है।

डिप्लोमा और ग्रेजुएट अप्रेंटिस एप्लीकेंट को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा, जबकि ITI कैंडिडेट को अप्लाई करने से पहले अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। SC, ST, OBC, PwD, और EWS कैंडिडेट्स के लिए रिजर्वेशन अप्रेंटिस एक्ट, 1961, अप्रेंटिसशिप रूल्स, 1992, और अप्रेंटिसशिप (अमेंडमेंट) रूल्स, 2015 के प्रोविज़न के अनुसार दिया जाएगा।

अप्लाई कैसे करें

कैंडिडेट्स को सही तरीके से भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी के साथ पोस्ट से इस पते पर भेजना होगा:

डायरेक्टर, SSPL

कृपया ध्यान दें: HRD

सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL)

डीआरडीओ, लखनऊ रोड, तिमारपुर, दिल्ली – 110054

एप्लीकेशन 21 अगस्त, 2026 को या उससे पहले लेबोरेटरी में पहुंच जाना चाहिए।

जरूरी बातें

  • अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग 12 महीने की होगी।
  • ऑफर लेटर सहित सभी कम्युनिकेशन सिर्फ ईमेल से भेजे जाएंगे।

चुने हुए कैंडिडेट्स को जॉइनिंग के बाद पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जमा करना होगा। अप्रेंटिसशिप पूरी होने से डीआरडीओ या एसएसपीएल में नौकरी की गारंटी नहीं मिलती। एसएसपीएल के पास बिना कोई कारण बताए अप्रेंटिसशिप की पोस्ट की संख्या बढ़ाने या घटाने या रिक्रूटमेंट प्रोसेस को कैंसिल करने का अधिकार है।

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IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

IBPS Clerk Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) सरकारी नौकरी का अवसर देने जा रहा है। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती परीक्षा का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 01 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आज से क्लर्क (CRP CSA-XVI) पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईबीपीएस द्वारा आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंकों में 11,403 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कैंडिडेट के पास आवेदन करने के लिए 21 अगस्त तक का समय है।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मेन्स और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट शामिल हैं। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती की प्रीलिम्स परीक्षा 10 और 11 अक्टूबर, 2026 को होनी है, जबकि मुख्य परीक्षा 27 दिसंबर 2026 को होगी।

अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें

कैंडिडेट वैकेंसी, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और दूसरी जरूरी जानकारी आईबीपीएस की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत नोटिफिकेशन देख सकते हैं।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 योग्यता का पैमाना

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के तहत कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होनी चाहिए। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

  • आईबीपीएस की ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं।
  • CRP CSA-XVI रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • एक वैलिड ईमेल ID और मोबाइल नंबर डालें।
  • जरूरी डिटेल्स के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।
  • रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को आखिरी तारीख से पहले आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। फीस ऑनलाइन पे करनी होगी और यह रिफंडेबल नहीं है। नीचे फीस की जानकारी देखें :

जनरल और अन्य : Rs 850

SC, ST, और PwD: Rs 175

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026: भाग लेने वाले बैंक

भर्ती में भाग लेने वाले पब्लिक सेक्टर बैंक हैं, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक।

दिल्ली के व्यस्त अरुणा आसफ अली मार्ग पर बनेगा 6km लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, JNU और वसंत कुंज वालों को मिलेगा बड़ा फायदा

Delhi development news: दक्षिण दिल्ली के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक अरुणा आसफ अली मार्ग पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से राहत दिलाने की तैयारी की जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) इस मार्ग पर एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना पर आगे बढ़ रहा है और इसके लिए फिजिबिलिटी स्टडी कराने की बात चल रही है। इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य राजधानी के इस प्रमुख मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना और हजारों यात्रियों को सिग्नल-फ्री और सुगम सफर की सुविधा देना है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी ने प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के विस्तृत अध्ययन के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह स्टडी इसके कंस्ट्रक्शन शुरू होने से पहले प्रोजेक्ट की तकनीकी, वित्तीय और पर्यावरणीय व्यवहारिकता का आकलन करेगा।

5.5 से 6 किलोमीटर लंबा होगा यह कॉरिडोर

प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई लगभग 5.5 से 6 किलोमीटर होगी। यह कॉरिडोर वसंत कुंज के पास स्थित किशनगढ़ गांव से शुरू होकर आउटर रिंग रोड-अरबिंदो मार्ग जंक्शन पर स्थित आईआईटी फ्लाईओवर तक जाएगा। यह मार्ग दक्षिण दिल्ली के कई प्रमुख जगहों से होकर गुजरता है। इसमें जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, वसंत कुंज, इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च परिसर जैसी जगहें शामिल हैं।

साउथ दिल्ली की कनेक्टिविटी में होगा बड़ा सुधार

अरुणा आसफ अली मार्ग, महिपालपुर और महरौली को आउटर रिंग रोड से जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण सड़क है। हालांक गाड़ियों के भारी दबाव, कई चौराहों और लोकल कम्यूट लोड की वजह से यहां खासकर पीक आवर्स के दौरान भीषण जाम लग जाता है। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य दूर जाने वाले ट्रैफिक को स्थानीय ट्रैफि से अलग करना है, जिससे बॉटलनेक खत्म होंगे और मौजूदा रोड नेटवर्क पर दबाव कम होगा। अगर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलती है तो साउथ दिल्ली और एनसीआर (NCR) के अन्य हिस्सों के बीच यात्रा करने वाले लोगों का काफी समय बचेगा।

आपको बता दें क इस फिजिबिलिटी स्टडी का फैसला पिछले महीनों में मुख्यमंत्री के सचिव की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। उस बैठक में पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया गया था कि वह पूरे दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक जाम को कम करने के उद्देश्य से एलिवेटेड कॉरिडोर की व्यवहार्यता जांचने के लिए एक सलाहकार नियुक्त करे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने 20 जुलाई को इस स्टडी के लिए अपनी मंदूरी दे दी थी। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर से साउथ दिल्ली की सबसे बिजी सड़कों में से एक पर सिग्नल-फ्री रूट मिलेगा। इससे यात्रियों के यात्रा समय में भारी कमी आएगी।

इन 6 बॉटलनेक और रेड लाइटों से मिलेगी मुक्ति

अधिकारियों ने इस पूरे कॉरिडोर पर कई ऐसे ट्रैफिक बॉटलनेक और जाम के बिंदुओं की पहचान की है जहां रोजाना गाड़ियां रेंगने को मजबूर होती हैं। इसमें फोर्टिस अस्पताल के पास ट्रैफिक सिग्नल, किशनगढ़ गांव में मौजूद तीन रोड कट और दो ट्रैफिक सिग्नल, जेएनयू के पास के चौराहे, संजय वन का इलाका, कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया और बेर सराय जैसी जगहें शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है। रोजाना हजारों यात्रियों को भारी देरी का सामना करना पड़ता है। इस कॉरिडोर पर अंतिम फैसला लेने से पहले विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी में प्रोजेक्ट के कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।