दिल्ली के खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा, पीतमपुरा में ₹99 करोड़ से बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स कैंपस

राजधानी दिल्ली में एथलीटों के लिए बेहतर ट्रेनिंग और रहने की सुविधाएं बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीतमपुरा में लगभग ₹99 करोड़ की लागत से एक आधुनिक स्पोर्ट्स हॉस्टल और उससे जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएँगी। इस प्रोजेक्ट से उन एथलीटों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जिन्हें ट्रेनिंग और रहने, दोनों के लिए बेहतर सुविधाओं की ज़रूरत है।

412 खिलाड़ियों के लिए जगह

यह आधुनिक स्पोर्ट्स कैंपस लगभग 412 एथलीटों के रहने की सुविधा देगा। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे ट्रेनिंग के लिए दिल्ली आने वाले एथलीटों को रहने-सहने में होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकेगा। खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने की चाह रखने वाले एथलीटों के लिए सिर्फ खेल के मैदान और कोचिंग ही काफी नहीं हैं। उन्हें रहने के लिए अच्छे माहौल, नियमित अभ्यास और फ़िटनेस से जुड़ी सुविधाओं की भी जरूरत होती है। इस प्रोजेक्ट का मकसद इन्हीं खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ये सभी सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है।

स्विमिंग से जिम्नास्टिक तक

इस प्रोजेक्ट के तहत एथलीटों के लिए स्विमिंग की सुविधाओं के साथ-साथ एक आधुनिक जिम्नास्टिक्स हॉल भी बनाया जाएगा। हर मौसम में इस्तेमाल हो सकने वाला और तापमान-नियंत्रित इनडोर स्विमिंग पूल बनाया जाएगा, साथ ही प्रैक्टिस के लिए एक अलग पूल भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे एथलीटों की रेगुलर ट्रेनिंग को सीधा फ़ायदा होगा। ऐसी इनडोर सुविधाएं इसलिए बहुत ज़रूरी मानी जाती हैं ताकि खराब मौसम या तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से प्रैक्टिस सेशन में कोई रुकावट न आए।

करीब 100 करोड़ का निवेश

पीतमपुरा में इस स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट पर लगभग ₹99.52 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जो दिल्ली में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा निवेश है। लगभग 2.75 एकड़ में फैला यह कैंपस भविष्य में एथलीटों के लिए एक अहम केंद्र बन सकता है।

यह सुविधा दिल्ली के उन युवा एथलीटों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगी जो अपने स्पोर्ट्स करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। एक ही जगह पर हॉस्टल, ट्रेनिंग और फिटनेस की सुविधाएं होने से एथलीटों का समय भी बच सकता है।

कब तक तैयार होगा

इस प्रोजेक्ट को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर काम तय समय के अनुसार चलता है, तो दिल्ली के खिलाड़ी अगले साल से एक नई, आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

दिल्ली से कई खेलों में बड़ी संख्या में युवा प्रतिभाएं सामने आती हैं। ऐसे में, इस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय में उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर उन खिलाड़ियों को इससे सीधा फायदा होने की उम्मीद है, जिन्हें बेहतरीन ट्रेनिंग सुविधाओं और रहने की व्यवस्था, दोनों की जरूरत है।

(दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट)

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पटना के चांदनी मार्केट में लगी आग, 15 फायर इंजन की मदद से आग पर काबू पाया

पटना का लोकप्रिय चांदनी मार्केट शुक्रवार को बड़े हादसे का शिकार हो गया। बिजली के सामान, इलेक्ट्रॉनिक चीजों और फैंसी लाइटिंग के लिए मश्हूर चांदनी मार्केट में शुक्रवार दोपहर को आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि आग दोपहर करीब 3.30 बजे एक स्टोरेज एरिया में लगी, जहां झूमर और दूसरी सजावटी लाइटिंग की चीजें रखी थीं। बाद में यह बगल के कमरे में फैल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।

पटना डिस्ट्रिक्ट फायर ऑफिसर अभिषेक कुमार ने बताया कि पंद्रह फायर इंजन ने आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा, “फायरफाइटर अभी भी अंदर की लेयर में लगी आग को पूरी तरह बुझाने में लगे हैं।” कुमार ने कहा कि आग इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, और आग पूरी तरह बुझने और एरिया का इंस्पेक्शन करने के बाद ही सही वजह का पता चलेगा।

उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और नुकसान सिर्फ उस एरिया में रखी प्रॉपर्टी और सामान तक ही सीमित था। कुमार ने कहा कि जिस जगह पर आग लगी थी, वहां आग से बचाव के खास इक्विपमेंट नहीं थे और आग बुझाने के काम के दौरान पास के होटलों से मदद ली गई। डीएफओ ने कहा कि एक ऑडिट किया जाएगा और संबंधित डिपार्टमेंट सही कानूनी और दूसरे कदम उठाएंगे। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे पक्का करें कि उनकी दुकानों पर जरूरी फायर-सेफ्टी इक्विपमेंट मौजूद हों।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर आग किस वजह से लगी, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अग्निशमन विभाग के अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

Diwali 2026 Dates: कब मनाया जाएगा दिवाली का त्योहार? जानें दिवाली से लेकर चित्रगुप्त पूजा तक की सही तारीख और पूजा मुहूर्त

Diwali 2026 Dates: कब मनाया जाएगा दिवाली का त्योहार? जानें दिवाली से लेकर चित्रगुप्त पूजा तक की सही तारीख और पूजा मुहूर्त

Diwali 2026 Dates: हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व विशेष स्थान रखता है। यह पूरे साल में आने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। लोग इसके लिए काफी पहले से तैयारियां करते हैं। दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। यह पांच दिनों का त्योहार है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और चित्रगुप्त पूजा या भाई दूज के साथ संपन्न होता है। घर, बाजार, आस-पड़ोस हर तरफ इस त्योहार की तैयारियों की धूम रहती है। आइए जानें इस साल ये पंच दिवसीय पर्व कब से शुरू होगा और किस दिन मनाई जाएगी दिवाली? दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है?

दिवाली 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक अमावस्या तिथि का प्रारंभ 8 नवंबर को दिन में 11 बजकर 27 मिनट पर होगा और यह तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक मान्य रहेगी। उदयातिथि और लक्ष्मी पूजा मुहूर्त के आधार पर दिवाली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को है।

दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

8 नवंबर को दिवाली की लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त 1 घंटा 56 मिनट का रहेगा। आप शाम में 05 बजकर 54 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 50 मिनट के बीच लक्ष्मी पूजा विधि विधान से कर सकते हैं।

आयुष्मान योग में मनेगी दिवाली

इस बार की दिवाली पर आयुष्मान् योग बन रहा है, जो पूरे दिन रहेगा। दिवाली पर आयुष्मान् योग प्रात:काल से लेकर 9 नवंबर को 03:03 ए एम तक मान्य है। उसके बाद से सौभाग्य का प्रारंभ होगा। आयुष्मान् योग व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है। दिवाली पर स्वाति नक्षत्र है, जो प्रात:काल से लेकर पूरी रात तक है।

धनतेरस 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाते हैं। इस साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो रही है और 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक है। उदयातिथि के आधार पर त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर को है, लेकिन धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। उस दिन ही प्रदोष व्रत की पूजा भी होगी। 6 नवंबर को धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम में 6 बजकर 02 मिनट से शाम 7 बजकर 57 मिनट तक है।

दिवाली कैलेंडर 2026

6 नवंबर, शुक्रवार : धनतेरस, धन त्रयोदशी

7 नवंबर, शनिवार : काली चौदस, हनुमान पूजा

8 नवंबर, रविवार : दिवाली, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा, काली पूजा

10 नवंबर, मंगलवार : गोवर्धन पूजा, अन्नकूट

11 नवंबर, बुधवार : भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा

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दिवाली से पहले चमकेंगे भाग्य के सितारे मिलेगा बंपर धन लाभ, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरुरी नियम!

दिवाली का त्योहार आते ही घर की सजावट और खरीदारी के साथ लोग धन से जुड़े फैसलों पर भी ध्यान देने लगते हैं। इस समय गोल्ड खरीदने से लेकर नई सेविंग या इन्वेस्टमेंट शुरू करने तक कई तरह की प्लानिंग की जाती है। वहीं ज्योतिष में भी दिवाली के आसपास बनने वाले कुछ खास ग्रह संयोग और शुभ मुहूर्तों को आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है। इस साल भी ऐसे कई योग चर्चा में हैं, जिनके बारे में ज्योतिषाचार्य इन्वेस्टमेंट और धन से जुड़े फैसलों के लिए अपनी मान्यताएं बताते हैं।

दिवाली से पहले इन्वेस्टमेंट और धन लाभ के लिए शुभ योग

इन्वेस्टमेंट के लिए शुभ है ये योग

जब बुध और शुक्र एक ही राशि में आते हैं, तो ज्योतिष में इसे लक्ष्मी-नारायण योग कहा जाता है। मान्यता है कि यह योग धन और आर्थिक मामलों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे समय में लोग निवेश, नया काम शुरू करने या बिजनेस से जुड़े फैसलों पर विचार करते हैं। शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड या SIP में पैसा लगाने से पहले बाजार के रिस्क और अपनी जरूरत को समझना जरूरी है।

प्रॉपर्टी में निवेश के लिए मंगल का खास संयोग

ज्योतिष में मंगल को भूमि और संपत्ति से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए मंगल के राशि परिवर्तन को कुछ ज्योतिषी जमीन, मकान या दूसरी अचल संपत्ति से जुड़े कामों के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। अगर आप घर, दुकान या जमीन खरीदने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो इस दौरान शुभ मुहूर्त देखा जा सकता है।

धनतेरस पर खरीदारी के लिए क्यों खास है पुष्य नक्षत्र?

पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष में शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। जब पुष्य नक्षत्र रविवार को आता है तो इसे रवि पुष्य और गुरुवार को आने पर गुरु पुष्य कहा जाता है। इन योगों को खरीदारी और नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। दिवाली और धनतेरस के आसपास सोना या दूसरी चीजें खरीदने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है।

सेविंग और नई शुरुआत के लिए सिद्धि योग

ज्योतिष में इस योग को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन योगों में शुरू किए गए अच्छे कामों में सफलता की संभावना बेहतर रहती है। दिवाली से पहले आने वाले ऐसे मुहूर्तों में लोग बैंक में जमा, नई बचत शुरू करने या लक्ष्मी पूजन जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं। इन योगों को लेकर धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए इन्हें आर्थिक लाभ की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

दिवाली के समय धन और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी कई ज्योतिषीय मान्यताएं प्रचलित हैं। शुभ योग और मुहूर्त लोगों को नई शुरुआत के लिए इंस्पायर कर सकते हैं, लेकिन फिनेंशिअल डिसीजन सोच-समझकर लेना जरूरी है। इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी जरूरत, सेविंग और रिस्क को ध्यान में रखें, ताकि त्योहार के साथ फाइनेंशियल प्लानिंग भी सही तरीके से आगे बढ़ सके।

Disclaimer: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। किसी भी इन्वेस्टमेंट या बड़े वित्तीय फैसले से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें और अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन के अनुसार ही निर्णय करें।

Railway Special Trains: दिवाली-छठ पर घर जाने की टेंशन खत्म! रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेनें, यहां देखें पूरी लिस्ट

दिवाली और छठ के मौके पर अगर आप ट्रेन से घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेन सेवाओं का संचालन शुरू करने का फैसला किया है। इन ट्रेनों के जरिए दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।

रेलवे की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक, इन स्पेशल ट्रेनों के लिए बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में अगर आपका सफर दिवाली या छठ के आसपास है, तो टिकट बुक करने में देरी करना भारी पड़ सकता है।

60 दिन पहले खुली बुकिंग, सुबह 8 बजे से मौका

रेलवे के 60 दिन के एडवांस रिजर्वेशन पीरियड यानी ARP नियम के तहत यात्री टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग IRCTC की वेबसाइट, ऐप और रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के जरिए की जा सकती है।

इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। त्योहार के आसपास उत्तर और पूर्व भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सीटें तेजी से भर सकती हैं और कई रूटों पर लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिल सकती है।

किन रूटों पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें?

रेलवे ने अलग-अलग शहरों को जोड़ने वाली कई अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं की घोषणा की है। इनमें मुंबई से कटिहार, कानपुर से गुवाहाटी, कटिहार से अमृतसर और डिब्रूगढ़ से कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं।

मुख्य स्पेशल ट्रेनों की सूची इस प्रकार है:

  • मुंबई सेंट्रल–कटिहार–मुंबई सेंट्रल (09189/09190): 5 सितंबर से 17 नवंबर के बीच 77 अतिरिक्त फेरे।
  • कानपुर सेंट्रल–गुवाहाटी–कानपुर सेंट्रल (04127/04128): 10 सितंबर से 11 दिसंबर के बीच 14 अतिरिक्त फेरे।
  • कटिहार–अमृतसर–कटिहार (05736/05735): 9 सितंबर से 27 नवंबर के बीच 12 अतिरिक्त फेरे।
  • डिब्रूगढ़–कोलकाता–डिब्रूगढ़ (05932/05931): 5 सितंबर से 30 नवंबर के बीच 13 अतिरिक्त फेरे।
  • वाराणसी–दिल्ली–वाराणसी (04209/04210)।
  • अयोध्या कैंट–आनंद विहार टर्मिनल (04213/04214): द्विसाप्ताहिक।
  • चंडीगढ़–पटना जंक्शन (04512/04511): साप्ताहिक।
  • फिरोजपुर कैंट–पटना जंक्शन (04616/04615): साप्ताहिक।
  • आनंद विहार टर्मिनल–जोगबनी (04008/04007): साप्ताहिक।
  • आनंद विहार टर्मिनल–मुजफ्फरपुर (04028/04027): द्विसाप्ताहिक।
  • दिल्ली–सीतामढ़ी–दिल्ली (04010/04009): साप्ताहिक।
  • नई दिल्ली–कानपुर सेंट्रल सुपरफास्ट (02456/02455)।
  • बरौनी–नई दिल्ली–बरौनी स्पेशल (02563/02564)।
  • दरभंगा–नई दिल्ली–दरभंगा स्पेशल (02569/02570)।

इन रूटों पर सबसे ज्यादा सीटों की मारामारी

दिवाली और छठ के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रहने की संभावना है। खासकर दिल्ली-पटना, मुंबई-पटना, बेंगलुरु-पटना, अहमदाबाद-पटना, दिल्ली-गोरखपुर, वाराणसी-दिल्ली और कानपुर-दिल्ली जैसे रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।इन रूटों पर नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनों का विकल्प काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

कंफर्म टिकट के लिए पहले से कर लें ये तैयारी

त्योहारों के दौरान टिकट बुकिंग के समय कुछ मिनट की देरी भी सीट हाथ से निकलने की वजह बन सकती है। इसलिए बुकिंग शुरू होने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां कर लेना बेहतर रहेगा।

Master List पहले ही तैयार रखें

IRCTC प्रोफाइल में यात्रियों के नाम, उम्र और बर्थ से जुड़ी जानकारी पहले से सेव कर दें। इससे बुकिंग के दौरान एक-एक जानकारी भरने में समय बर्बाद नहीं होगा।

समय से पहले IRCTC पर लॉगिन करें

बुकिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन कर लेना बेहतर है। आखिरी समय पर लॉगिन करने की कोशिश में सर्वर या इंटरनेट से जुड़ी परेशानी होने पर टिकट बुकिंग प्रभावित हो सकती है।

पेमेंट में न करें देरी

टिकट बुक करते समय भुगतान का विकल्प भी अहम होता है। तेज पेमेंट के लिए UPI या IRCTC Wallet जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे पेमेंट प्रक्रिया जल्दी पूरी करने में मदद मिल सकती है।

आखिरी समय का इंतजार पड़ सकता है भारी

दिवाली और छठ देश के सबसे ज्यादा यात्रा वाले त्योहारों में शामिल हैं। ऐसे समय में बड़ी संख्या में लोग नौकरी और कारोबार वाले शहरों से अपने घर लौटते हैं। इसलिए नियमित ट्रेनों के साथ स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें तेजी से भरने की संभावना रहती है।

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