Diwali 2026 Dates: कब मनाया जाएगा दिवाली का त्योहार? जानें दिवाली से लेकर चित्रगुप्त पूजा तक की सही तारीख और पूजा मुहूर्त

Diwali 2026 Dates: हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व विशेष स्थान रखता है। यह पूरे साल में आने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। लोग इसके लिए काफी पहले से तैयारियां करते हैं। दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। यह पांच दिनों का त्योहार है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और चित्रगुप्त पूजा या भाई दूज के साथ संपन्न होता है। घर, बाजार, आस-पड़ोस हर तरफ इस त्योहार की तैयारियों की धूम रहती है। आइए जानें इस साल ये पंच दिवसीय पर्व कब से शुरू होगा और किस दिन मनाई जाएगी दिवाली? दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है?

दिवाली 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक अमावस्या तिथि का प्रारंभ 8 नवंबर को दिन में 11 बजकर 27 मिनट पर होगा और यह तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक मान्य रहेगी। उदयातिथि और लक्ष्मी पूजा मुहूर्त के आधार पर दिवाली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को है।

दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

8 नवंबर को दिवाली की लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त 1 घंटा 56 मिनट का रहेगा। आप शाम में 05 बजकर 54 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 50 मिनट के बीच लक्ष्मी पूजा विधि विधान से कर सकते हैं।

आयुष्मान योग में मनेगी दिवाली

इस बार की दिवाली पर आयुष्मान् योग बन रहा है, जो पूरे दिन रहेगा। दिवाली पर आयुष्मान् योग प्रात:काल से लेकर 9 नवंबर को 03:03 ए एम तक मान्य है। उसके बाद से सौभाग्य का प्रारंभ होगा। आयुष्मान् योग व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है। दिवाली पर स्वाति नक्षत्र है, जो प्रात:काल से लेकर पूरी रात तक है।

धनतेरस 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाते हैं। इस साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो रही है और 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक है। उदयातिथि के आधार पर त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर को है, लेकिन धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। उस दिन ही प्रदोष व्रत की पूजा भी होगी। 6 नवंबर को धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम में 6 बजकर 02 मिनट से शाम 7 बजकर 57 मिनट तक है।

दिवाली कैलेंडर 2026

6 नवंबर, शुक्रवार : धनतेरस, धन त्रयोदशी

7 नवंबर, शनिवार : काली चौदस, हनुमान पूजा

8 नवंबर, रविवार : दिवाली, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा, काली पूजा

10 नवंबर, मंगलवार : गोवर्धन पूजा, अन्नकूट

11 नवंबर, बुधवार : भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा

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Diwali Special Trains: दिवाली-छठ पर कन्फर्म टिकट मिलने की टेंशन खत्म, इन रूटों पर रेलवे चलाएगी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

दिवाली पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाते हैं, लेकिन अगर समय रहते ट्रेन की टिकट बुक न हो तो सफर करना मुश्किल हो सकता है। वहीं रेलवे ने दिवाली के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने कई व्यस्त रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इससे घर जाने वाले यात्रियों को ज्यादा ट्रेनें मिलेंगी और सफर करना आसान होगा। इन अतिरिक्त ट्रेनों से उत्तर और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। त्योहार के समय घर जाने वाले यात्रियों के पास अब यात्रा के लिए पहले से ज्यादा विकल्प होंगे और ट्रेनों में भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी। आइए जानते हैं उन स्पेशल ट्रेन के बारे में

यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार सीटों की उपलब्धता और ट्रेन का नया टाइमटेबल जरूर चेक करें। इसके लिए रेलवे के आधिकारिक बुकिंग माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन जगहों के लिए चलेगी ट्रेन

रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इनमें कानपुर सेंट्रल से SMVT बेंगलुरु के बीच ट्रेन के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली अतिरिक्त सेवाएं भी शामिल हैं। इन ट्रेनों में टिकट बुकिंग संबंधित ट्रेन के तय रिजर्वेशन शेड्यूल के अनुसार की जा सकेगी, जिससे यात्री समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

बेंगलुरु के लिए चलेगी ये ट्रेन

दक्षिण रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कानपुर सेंट्रल और SMVT बेंगलुरु के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन नंबर 04131 कानपुर सेंट्रल से 4 अक्टूबर से हर रविवार शाम 4:30 बजे चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 04132 SMVT बेंगलुरु से 7 अक्टूबर से हर बुधवार सुबह 7:10 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा मिलेगी। दिवाली की भीड़ को देखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने कई प्रमुख रूटों पर फेस्टिव स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इनमें वाराणसी-दिल्ली, अयोध्या-आनंद विहार, चंडीगढ़-पटना और फिरोजपुर-पटना समेत कई रूट शामिल हैं।

दिल्ली से वाराणसी रुट पर चलेगी ये ट्रेन

दिवाली पर यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी और दिल्ली के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04209 वाराणसी से रात 10:15 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 1:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04210 दिल्ली से शाम 6:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:50 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी, वहीं वापसी ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। ट्रेन में एसी 2 टियर, एसी 3 टियर, स्लीपर और जनरल कोच होंगे।

अयोध्या के लिए चलाई जाएगी ट्रेन

त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अयोध्या कैंट और आनंद विहार के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04213 अयोध्या कैंट से शाम 6:20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 04214 आनंद विहार से सुबह 9 बजे चलेगी और रात 10 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। रेलवे ने इस ट्रेन के कुल 36 फेरे तय किए हैं और यह सेवा 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच निर्धारित दिनों पर उपलब्ध रहेगी।

पटना के लिए चलेगी ये ट्रेनें

त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए चंडीगढ़ और पटना के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04512/04511 हर हफ्ते चलेगी और इसके 18 फेरे होंगे। यह ट्रेन अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, वाराणसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा और दानापुर जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। वहीं फिरोजपुर कैंट और पटना के बीच ट्रेन नंबर 04616/04615 चलेगी, जिसके 16 फेरे होंगे। यह ट्रेन मोगा, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, वाराणसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा और दानापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।

त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने कई व्यस्त रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इनमें नई दिल्ली-कानपुर, आनंद विहार-लौकाहा बाजार, हजरत निजामुद्दीन-दादर और आनंद विहार-मुजफ्फरपुर के बीच चलने वाली स्पेशल सेवाएं शामिल हैं।

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दिवाली से पहले चमकेंगे भाग्य के सितारे मिलेगा बंपर धन लाभ, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरुरी नियम!

दिवाली का त्योहार आते ही घर की सजावट और खरीदारी के साथ लोग धन से जुड़े फैसलों पर भी ध्यान देने लगते हैं। इस समय गोल्ड खरीदने से लेकर नई सेविंग या इन्वेस्टमेंट शुरू करने तक कई तरह की प्लानिंग की जाती है। वहीं ज्योतिष में भी दिवाली के आसपास बनने वाले कुछ खास ग्रह संयोग और शुभ मुहूर्तों को आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है। इस साल भी ऐसे कई योग चर्चा में हैं, जिनके बारे में ज्योतिषाचार्य इन्वेस्टमेंट और धन से जुड़े फैसलों के लिए अपनी मान्यताएं बताते हैं।

दिवाली से पहले इन्वेस्टमेंट और धन लाभ के लिए शुभ योग

इन्वेस्टमेंट के लिए शुभ है ये योग

जब बुध और शुक्र एक ही राशि में आते हैं, तो ज्योतिष में इसे लक्ष्मी-नारायण योग कहा जाता है। मान्यता है कि यह योग धन और आर्थिक मामलों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे समय में लोग निवेश, नया काम शुरू करने या बिजनेस से जुड़े फैसलों पर विचार करते हैं। शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड या SIP में पैसा लगाने से पहले बाजार के रिस्क और अपनी जरूरत को समझना जरूरी है।

प्रॉपर्टी में निवेश के लिए मंगल का खास संयोग

ज्योतिष में मंगल को भूमि और संपत्ति से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए मंगल के राशि परिवर्तन को कुछ ज्योतिषी जमीन, मकान या दूसरी अचल संपत्ति से जुड़े कामों के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। अगर आप घर, दुकान या जमीन खरीदने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो इस दौरान शुभ मुहूर्त देखा जा सकता है।

धनतेरस पर खरीदारी के लिए क्यों खास है पुष्य नक्षत्र?

पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष में शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। जब पुष्य नक्षत्र रविवार को आता है तो इसे रवि पुष्य और गुरुवार को आने पर गुरु पुष्य कहा जाता है। इन योगों को खरीदारी और नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। दिवाली और धनतेरस के आसपास सोना या दूसरी चीजें खरीदने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है।

सेविंग और नई शुरुआत के लिए सिद्धि योग

ज्योतिष में इस योग को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन योगों में शुरू किए गए अच्छे कामों में सफलता की संभावना बेहतर रहती है। दिवाली से पहले आने वाले ऐसे मुहूर्तों में लोग बैंक में जमा, नई बचत शुरू करने या लक्ष्मी पूजन जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं। इन योगों को लेकर धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए इन्हें आर्थिक लाभ की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

दिवाली के समय धन और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी कई ज्योतिषीय मान्यताएं प्रचलित हैं। शुभ योग और मुहूर्त लोगों को नई शुरुआत के लिए इंस्पायर कर सकते हैं, लेकिन फिनेंशिअल डिसीजन सोच-समझकर लेना जरूरी है। इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी जरूरत, सेविंग और रिस्क को ध्यान में रखें, ताकि त्योहार के साथ फाइनेंशियल प्लानिंग भी सही तरीके से आगे बढ़ सके।

Disclaimer: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। किसी भी इन्वेस्टमेंट या बड़े वित्तीय फैसले से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें और अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन के अनुसार ही निर्णय करें।