NSE IPO: 5.67 गुना सब्सक्राइब, हर 4 में से 3 रिटेल इनवेस्टर को शेयर अलॉटमेंट मिल सकता है

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ₹22,569 करोड़ का IPO सोमवार, 21 सितंबर को बंद हो गया। आखिरी दिन इश्यू को 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.28 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।

QIB यानी बड़े संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। उनका हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। NII कैटेगरी 6.54 गुना और रिटेल हिस्सा 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशकों को कितना मिल सकता है?

रिटेल हिस्सा 1.35 गुना भरा है। इस आधार पर शुरुआती अनुमान करीब 75% का है। अगर आसान भाषा में कहें तो हर चार में से करीब तीन रिटेल आवेदकों को शेयर मिल सकते हैं।

इसे पक्का अलॉटमेंट रेशियो नहीं मानना चाहिए। क्योंकि असल अलॉटमेंट वैध आवेदनों और IPO के नियमों के हिसाब से होगा।

NSE IPO के GMP में भारी गिरावट

NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर था। एक लॉट में 8 शेयर रखे गए थे। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,280 लगाने पड़े।

ग्रे मार्केट में NSE शेयर का GMP IPO के दौरान काफी नीचे आया है। लेटेस्ट GMP करीब 3% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। शुरुआत में ये 18% के करीब था। GMP अनऑफिशियल होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹6,746 करोड़

IPO से पहले NSE ने 189 एंकर निवेशकों से ₹6,746.18 करोड़ जुटाए थे। इन्हें ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर शेयर दिए गए। एंकर निवेशकों को 16 सितंबर को 3.78 करोड़ शेयर अलॉट किए गए।

LIC सबसे बड़ा व्यक्तिगत एंकर निवेशक रहा। उसे करीब ₹400.3 करोड़ के शेयर मिले। Norway का Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore और Abu Dhabi Investment Authority भी एंकर निवेशकों में शामिल रहे।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

NSE का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा।

इश्यू से जुड़े खर्च निकालने के बाद रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी। अपर प्राइस बैंड पर NSE की वैल्यू करीब ₹4.42 लाख करोड़ है। IPO में कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ तक का हिस्सा भी रखा गया था। पात्र कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹170 प्रति शेयर की छूट मिली है।

22 सितंबर को अलॉटमेंट, 24 को लिस्टिंग

NSE IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। शेयरों की BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।

अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद निवेशक रजिस्ट्रार और स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकेंगे।

शेयर बाजार में NSE की कितनी हिस्सेदारी?

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म तीन महीने में कैश मार्केट के टर्नओवर में NSE की हिस्सेदारी 93.05% रही।

इक्विटी फ्यूचर्स में इसकी हिस्सेदारी 99.72% और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48% थी। वहीं, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर NSE की हिस्सेदारी 100% रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।