SBI ETF: आज से खुला SBI का नया डिफेंस ETF, जानिए NFO, निवेश राशि और जोखिम की पूरी डिटेल

SBI BSE India Defence ETF: डिफेंस सेक्टर में निवेश की बढ़ती दिलचस्पी के बीच एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने नए इंडेक्स-ट्रैकिंग फंड ‘SBI BSE India Defence ETF’ के लॉन्च की घोषणा की है। इस NFO में निवेश की शुरुआत आज, 13 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और निवेशक 19 अक्टूबर 2026 तक इसमें सब्स्क्रिप्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है, जो मुख्य रूप से BSE India Defence Index को ट्रैक करेगा और ट्रैकिंग एरर के अधीन रहते हुए इंडेक्स के समान टोटल रिटर्न देने का लक्ष्य रखेगा।

कैसा होगा एसेट एलोकेशन?

एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा जारी स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के मुताबिक, फंड का एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा:

95% से 100% हिस्सा: बीएसई इंडिया डिफेंस इंडेक्स में शामिल रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के सिक्योरिटीज/शेयरों में निवेश किया जाएगा।

0% से 5% हिस्सा: सरकारी प्रतिभूतियों, स्टेट डेवलपमेंट लोन्स, ट्रेजरी बिल्स, ट्राई-पार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स में लगाया जाएगा।

निवेश की शर्तें और फंड मैनेजर

यह एक पैसिवली मैनेज्ड फंड है। इसमें फंड मैनेजर एक्टिवली स्टॉक सिलेक्शन करने के बजाय सीधे इंडेक्स की कंपनियों में आनुपातिक निवेश करेगा। इस स्कीम के फंड मैनेजर वायरल छड़वा है। वे दिसंबर 2020 से एसबीआई म्यूचुअल फंड से जुड़े हुए हैं और कई पैसिव स्कीम्स की देखरेख करते हैं।

एक ही सेक्टर में केंद्रित होने के कारण इस फंड का रिस्क मीटर ‘वेरी हाई’ श्रेणी में रखा गया है। निवेशकों पर रक्षा क्षेत्र और संबंधित कंपनियों के शेयर उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ेगा।

NFO की मुख्य बातें

पैरामीटर विवरण
फंड का नाम SBI BSE India Defence ETF
स्कीम का प्रकारओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF)
अंडरलाइंग इंडेक्सBSE India Defence Index
एनएफओ की तारीख13 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026
ऑफर प्राइस₹10.00 प्रति यूनिट
न्यूनतम निवेश₹5,000 (इसके बाद ₹1,000 के गुणक में)
फंड मैनेजरवायरल छड़वा
रिस्क रेटिंगवेरी हाई

निवेशकों के लिए क्या है खास?

अगर आप डिफेंस क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा फायदा उठाना चाहते हैं और किसी एक शेयर में जोखिम लेने के बजाय पूरे इंडेक्स में डायवर्सिफाइड निवेश की तलाश में हैं, तो यह ETF एक विकल्प हो सकता है। वैसे चूंकि यह एक थीमैटिक/सेक्टोरल फंड है, इसलिए इसमें सामान्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में जोखिम अधिक रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सात हफ्ते टूटकर संभलेगा मार्केट! आज 3 लिस्टिंग्स और Fortis समेत 11 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज 28 सितंबर को घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 76.00 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 23,112.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 25 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 315.20 प्वाइंट्स यानी 0.43% की बढ़त के साथ 73,895.74 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 77.40 प्वाइंट्स यानी 0.34% की तेजी के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Clean Max Enviro Energy Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक ऑगमेंट इंडिया I होल्डिंग्स एलएलसी क्लीन मैक्स एंवायरों एनर्जी सॉल्यूशंस के 85 लाख शेयर (7.25% हिस्सेदारी) बेच सकती है। इस ऑफर का साइज ₹1,062.8 करोड़ और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,250 तय किया गया है। जून 2026 तक कंपनी में ऑगमेंट इंडिया की हिस्सेदारी 9.5% थी।

Unichem Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने यूनिकेम लैब की गोवा के पिलर्ने में स्थित फॉर्म्यूलेशन फैसिलिटी की 21-26 सितंबर, 2026 के बीच जांच की, जिसके बाद पांच ऑब्जर्वेशन जारी हुए।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने अमेरिका के न्यू जर्सी में जाइडस लाइफसाइंसेज के ऑफिस में फार्माकोविजिलेंस और पोस्ट-मार्केटिंग सर्विलांस सिस्टम का ऑन-साइट इंस्पेक्शन किया। यह इंस्पेक्शन 22 से 25 सितंबर, 2026 के बीच हुआ और इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला

Wheels India

व्हील्स इंडिया ने 25 सितंबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) इश्यू बंद किया और प्रति शेयर ₹2,088 के भाव पर 11.97 लाख शेयरों के अलॉटमेंट को मंजूरी दी। इश्यू प्राइस प्रति शेयर ₹2,197.10 के फ्लोर प्राइस से ₹109.10 डिस्काउंट पर है। इस इश्यू के तहत आदिक्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड, व्हाइटओक कैपिटल और अशोक इंडिया इक्विटी इंवेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे निवेशकों ने पैसे डाले।

Aequs

एक्वस के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप के सदस्य मेलवुड ट्रस्टी सर्विसेज को 2.8 करोड़ तक के वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹650 करोड़ है। इसमें से ₹325 करोड़ तो वारंट के अलॉटमेंट के समय तुरंत चुकाने होंगे, जो इश्यू साइज का 50% और रेगुलेटरी मिनिमम का दोगुना है। बाकी रकम वारंट के इस्तेमाल यानी एक्सरसाइज के समय चुकानी होगी।

Signatureglobal (India)

सिग्नेचरग्लोबल ने गुरुग्राम के फर्रुखनगर में लगभग 194.22 एकड़ जमीन हासिल की। इससे उसके डेवलपमेंट पाइपलाइन में लगभग 67.7 करोड़ स्क्वेयर फुट का डेवलप करने लायक एरिया जुड़ गया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹5,500-₹6,000 करोड़ है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स की सब्सिडियरी प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स (PHVL) ने रणनीतिक कारणों और मार्केट की अनिश्चित स्थितियों का हवाला देते हुए अपने आईपीओ का ड्राफ्ट यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) वापस लेने का फैसला किया है। बाद में यह फिर आईपीओ के लिए सेबी के पास नया ड्राफ्ट दाखिल करने पर विचार कर सकती है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने दाइची सैंक्यो और सिंह ब्रदर्स के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि वह इस विवाद से पूरी तरह अनजान थी और पुराने प्रमोटरों की हिस्सेदारी कम होने के मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। फोर्टिस के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर के अपने आदेश में कंपनी की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) का निपटारा कर दिया और स्वतंत्र रूप से फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है।

लिस्टिंग

आज एफएक्स मल्टीटेक, रोबोकिड्ज एडुवेंचर्स और विवेकानंद कॉटस्पिन के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: दीपा ज्वैलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, प्रसोल केमिकल्स

एक्स-बोनस: आस्था स्पिंटेक्स

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; ICICI Bank, Wipro, IRB Infra समेत इन 11 स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 9 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 813.35 प्वाइंट्स यानी 1.08% की गिरावट के साथ 74,764.23 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 203.60 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 23,431.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Dilip Buildcon

दिलीप बिल्डकॉन ने ओडिशा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के रायपुर तक एलपीजी पाइपलाइन को लेकर PNGRB (पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड) से LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने के बाद ₹1,800 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई है।

Indian Bank

इंडियन बैंक ने एनएसई के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत के जरिए अपनी 17.91% होल्डिंग यानी 15 लाख इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि इसके लिए रेगुलटेरी अप्रूवल लेना है।

Shakti Pumps India

शक्ति पंप्स (इंडिया) को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से मैगेल त्याला सौर कृषि पंप योजना के तहत पूरे महाराष्ट्र में 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता वाले 10,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम (SPWPS) के लिए लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट मिला है। इन 10,000 पंपों की कुल वैल्यू लगभग ₹235.92 करोड़ है, और इसे वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के भीतर पूरा करना है।

ICICI Bank

आईसीआईसीआई बैंक को आरबीआई से इस बात की मंजूरी मिल गई है कि आवेदक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी अब सीएसबी बैंक, डीसीबी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 9.95% तक वोटिंग राइट्स हासिल कर सकती है।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स का अगस्त महीने में टोल रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹807.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Wipro

विप्रो ने नैस्डैक पर लिस्टेड क्राउडस्ट्राइक (CrowdStrike) के साथ मिलकर अपना चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) कमांड सेंटर लॉन्च किया है। इस कमांड सेंटर को एआई से जुड़े एडवांस्ड रिस्क के खिलाफ कंपनियों की सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है।

Hindustan Zinc

हिंदुस्तान जिंक ने कंसंट्रेट यानी कच्चे खनिज को लाने-ले जाने के लिए 30 इलेक्ट्रिक ट्रक को लेकर लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन कंपनी MFL इंडिया के साथ छह साल का ट्रांसपोर्टेशन कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Juniper Green Energy

जुनिपर ग्रीन एनर्जी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जुनिपर ग्रीन स्पार्क टेन ने 75 MW के विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट को पूरी तरह से चालू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट साइट पर विंड कैपेसिटी के आखिरी 10 MW के चालू होने के बाद पूरा हुआ है। इसके चालू होने के बाद जुनिपर ग्रीन एनर्जी और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी लगभग 2,604 MWp हो गई है और साथ ही लगभग 500 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कैपेसिटी भी है।

Biocon

प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की सहयोगी कंपनी एक्टिव पाइन एलएलपी ने बायोकॉन के 1.65 करोड़ शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹638.37 करोड़ में ₹385 के भाव पर बेच दिए। इसकी जून 2026 तक कंपनी में कुल 1.08% हिस्सेदारी (1.76 करोड़ इक्विटी शेयर) थी। ये शेयर 12 बड़े ग्लोबल और घरेलू निवेशकों- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, बीएनबी परिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, सोसिएट जेनरल, एडलवाइस म्यूचुअल फंड और गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल की तरफ से नॉर्जेस बैंक ने प्रति शेयर ₹385 के भाव पर खरीदे।

Khadim India

एंजल इन्वेस्टर पंकज प्रसून ने प्रति शेयर ₹116.19 के भाव पर जूते-चप्पल बनाने वाली खादिम इंडिया के अतिरिक्त 4.18 लाख शेयर ₹4.86 करोड़ में खरीदे हैं। जून 2026 तक कंपनी में उनकी पहले से ही 1.62% हिस्सेदारी (2.97 लाख शेयर) थी। वहीं दूसरी तरफ एम्बिट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने प्रति शेयर ₹115.97 के भाव पर ₹4.27 करोड़ में खादिम इंडिया के 3.69 लाख शेयर बेच दिए।

Mangalam Global Enterprise

लेमन ग्रुप के निवेश वाली Veloce Fintech ने वेलोस अपॉर्च्यूनिटीज फंड और वेलोस अपॉर्च्यूनिटीज फंड-II के जरिए मंगलम ग्लोबल एंटरप्राइज के 1.17 करोड़ इक्विटी शेयर (3.57% होल्डिंग) ₹18.26 करोड़ में प्रति शेयर ₹15.5 के भाव पर खरीदे। वहीं निवेशक चुंगथ करुणाकरण पद्मा कुमार ने अपने पूरे 1.24 करोड़ शेयर (3.78% हिस्सेदारी) ₹19.3 करोड़ में समान भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वैलर्स।

एक्स-डिविडेंड: एपेक्स फ्रोजन फूड्स, केमक्रक्स एंटरप्राइजेज, दिवगी टॉर्कट्रांसफर सिस्टम्स, एलनेट टेक्नोलॉजीज, गणेश इकोस्फीयर, ग्राउअर एंड वेल इंडिया, हर्षदीप हॉर्टिको, इंडोको रेमेडीज, इंडसिल हाइड्रो पावर एंड मैंगनीज, जेएमजे फिनटेक, लिंक, एमएंडबी इंजीनियरिंग, पावर मेक प्रोजेक्ट्स, रेडिएंट कैश मैनेजमेंट सर्विसेज, सिकाजेन इंडिया, टीवीएस श्रीचक्र, वैलियंट कम्युनिकेशंस, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO Update: NSE के आईपीओ से पहले SBI का बड़ा ऐलान! ₹30000 करोड़ के मेगा इश्यू में बेचेगा अपनी हिस्सेदारी

SBI to Dilute Stake in NSE IPO: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी सब्सिडियरी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स मिलकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रस्तावित ₹30,000 करोड़ के आईपीओ में अपनी 1% तक हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं।

इस बात की पुष्टि खुद एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने की है। इसके साथ ही उन्होंने बैंक के होम लोन पोर्टफोलियो और हालिया एसबीआई म्यूचुअल फंड आईपीओ को लेकर भी कई अहम जानकारियां साझा की हैं।

NSE IPO में SBI ग्रुप कितना बेचेगा हिस्सा?

एसबीआई चेयरमैन सी एस शेट्टी ने एक इंटरव्यू में बताया कि बैंक और उसकी सहयोगी कंपनी मिलकर एनएसई के आईपीओ (OFS के जरिए) में हिस्सा बेचेंगे। एसबीआई मुख्य रूप से एनएसई में अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेचेगा। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेचेगा। इस तरह एसबीआई ग्रुप मिलकर कुल 1% हिस्सेदारी कैश करेगा। अन्य शेयरधारकों के शामिल होने के आधार पर यह आंकड़ा थोड़ा कम भी हो सकता है।

वर्तमान में कितनी है हिस्सेदारी?

मौजूदा समय में एनएसई में SBI की 3.23% और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की 4.33% हिस्सेदारी है। चेयरमैन ने साफ किया कि फिलहाल बैंक की किसी अन्य सब्सिडियरी कंपनी के मोनेटाइजेशन या आईपीओ की तत्काल कोई योजना नहीं है।

सुपरहिट रहा था SBI Mutual Fund का IPO

हाल ही में एसबीआई ने अपने विदेशी पार्टनर ‘अमुंडी’ के साथ मिलकर एसबीआई म्यूचुअल फंड में लगभग 10% हिस्सेदारी बेची थी। ₹9,800 करोड़ का यह पब्लिक ऑफर निवेशकों के बीच बेहद सुपरहिट रहा और इसे 42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।लिस्टिंग के बाद एसबीआई की हिस्सेदारी 61.76% से घटकर 55.46% रह गई, जबकि अमुंडी की हिस्सेदारी 3.7% घटकर 32.56% पर आ गई।

होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ पार करने की तैयारी में

हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में एसबीआई की बादशाहत कायम है। बैंक जल्द ही एक बड़ा नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। चालू तिमाही में एसबीआई का होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर जाएगा। बीते वित्त वर्ष में बैंक ने ₹9 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया था। होम लोन सेगमेंट में एसबीआई की बाजार हिस्सेदारी लगभग 28% है। देशभर में बैंक के 460 से ज्यादा होम लोन प्रोसेसिंग सेंटर्स काम कर रहे हैं, जो ग्राहकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।

देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है होम लोन: CS Setty

सी एस शेट्टी ने कहा कि ग्राहक कागजी कार्रवाई की पारदर्शिता, बिल्डर्स की ड्यू-डिलिजेंस और बैंक के भरोसे के कारण एसबीआई से होम लोन लेना पसंद करते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि होम लोन को केवल एक बैंकिंग प्रोडक्ट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 200 से अधिक उद्योग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट सेक्टर पर निर्भर हैं, इसलिए होम लोन भारत की आर्थिक वृद्धि का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा है।

SBI Mutual Fund: बैंक FD से बेहतर रिटर्न और 0% इक्विटी रिस्क! जानिए SBI म्यूचुअल फंड की 3 सबसे सुरक्षित योजनाएं

SBI Mutual Fund Low Risk Schemes: शेयर बाजार की अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव के बीच हर निवेशक एक ऐसे विकल्प की तलाश में रहता है, जहां उसका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहे और बैंक FD की तुलना में बेहतर रिटर्न भी मिले। अगर आप भी ज्यादा जोखिम हीं लेना चाहते हैं, तो एसबीआई म्यूचुअल फंड की डेट स्कीम्स आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती हैं।

म्यूचुअल फंड की डेट कैटगरी में क्रेडिट रिस्क और इंटरेस्ट रेट रिस्क का डर बहुत कम होता है। आइए विस्तार से समझते हैं एसबीआई म्यूचुअल फंड की उन 3 सबसे सुरक्षित योजनाओं के बारे में, जहां आप बिना किसी बड़े जोखिम के अपना पैसा निवेश कर सकते हैं।

1. SBI Savings Fund (मनी मार्केट फंड)

एसबीआई सेविंग्स फंड एक मनी मार्केट कैटेगरी का फंड है, जो उन निवेशकों के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है जो बेहद कम समय के लिए अपना पैसा सुरक्षित जगह पार्क करना चाहते हैं। इसमें रिस्क लेवल बहुत कम होता है। यह फंड 1 साल तक की कम अवधि वाले बेहद सुरक्षित मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे- कमर्शियल पेपर्स, सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट और ट्रेजरी बिल्स में पैसा लगाता है।

अगर आपके पास सरप्लस कैश पड़ा है और आप 3 महीने से लेकर 12 महीने की अवधि के लिए बिना किसी जोखिम के स्थिर रिटर्न चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए एकदम सही है।

2. SBI Low Duration Fund (लो ड्यूरेशन फंड)

अगर आपका नजरिया 1 से 2 साल का है और आप बैंक सेविंग्स अकाउंट या शॉर्ट-टर्म FD से बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं, तो एसबीआई लो ड्यूरेशन फंड एक मजबूत विकल्प है। इसमें भी रिस्क बहुत कम होता है। यह फंड 6 महीने से लेकर 12 महीने की मैकुले ड्यूरेशन वाले सुरक्षित डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है।

अवधि कम होने के कारण इस फंड पर बाजार में ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का असर न के बराबर पड़ता है। 1 से 2 साल के समयांतराल के लिए पैसा निवेश करने वाले उन लोगों के लिए ये स्कीम बेस्ट है जो हाई लिक्विडिटी और सुरक्षित ग्रोथ चाहते हैं।

3. SBI Banking and PSU Fund (बैंकिंग एंड पीएसयू फंड)

सुरक्षा और क्रेडिट क्वालिटी के मामले में यह फंड बेहद मजबूत माना जाता है, क्योंकि इसमें सरकारी गारंटी और मजबूत संस्थानों का भरोसा जुड़ा होता है। इसका रिस्क लेवल भी लो से मीडियम होता है।

सेबी के नियमों के अनुसार, इस फंड का कम से कम 80% पैसा देश के प्रमुख सरकारी व प्राइवेट बैंकों और सरकारी कंपनियों (PSUs/PFIs) द्वारा जारी बॉन्ड्स और पेपर्स में लगाया जाता है। इन कंपनियों के डूबने या डिफॉल्ट करने का खतरा न के बराबर होता है।

जो निवेशक 2 से 3 साल के नजरिए से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के विकल्प के रूप में एक सुरक्षित और टैक्स-कुशल जरिया तलाश रहे हैं।

निवेशकों के लिए टेकअवे

अगर आप इक्विटी मार्केट के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो अपनी समय सीमा के हिसाब से इन स्कीम्स का चयन कर सकते हैं:

  • 3 से 12 महीने के लिए: SBI Savings Fund
  • 1 से 2 साल के लिए: SBI Low Duration Fund
  • 2 से 3 साल के लिए: SBI Banking and PSU Fund

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Mutual Fund: एसबीआई म्यूच्यूअल फंड की इन स्कीम्स में पैसे लगाकर पाएं शानदार रिटर्न! जानिए टॉप परफॉर्मेंस वाली बेस्ट योजनाएं

Best SBI Mutual Fund Schemes: भारतीय शेयर बाजार में निवेश के जरिए वेल्थ क्रिएशन करने के लिए म्यूचुअल फंड हमेशा से रिटेल निवेशकों की पहली पसंद रहे हैं। देश के सबसे बड़े फंड हाउसों में से एक एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) पर करोड़ों निवेशकों का भरोसा है।

अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह निवेश करके बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो एसबीआई म्यूचुअल फंड की कुछ चुनिंदा योजनाएं आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं SBI MF की उन बेस्ट स्कीम्स के बारे में, जिन्होंने लंबी अवधि में निवेशकों को मल्टीफोल्ड रिटर्न दिया है।

स्मॉल-कैप और कंट्रा कैटेगरी की स्टार स्कीम्स

ज्यादा रिस्क लेकर रिकॉर्डतोड़ रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए ये स्कीम्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं:

SBI Small Cap Fund: यह फंड छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में निवेश करता है। इस स्कीम ने लंबी अवधि (5 से 10 साल) में 20% से ज्यादा का सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है। उन निवेशकों के लिए बेस्ट है जो कम से कम 5-7 साल का समय दे सकते हैं।

SBI Contra Fund: यह फंड ‘वैल्यू इन्वेस्टिंग’ की रणनीति पर काम करता है। यानी फंड मैनेजर उन कंपनियों में दांव लगाते हैं जो फिलहाल मार्केट में अंडरवैल्यूड हैं, लेकिन उनका फंडामेंटल बेहद मजबूत है। पिछले कुछ वर्षों में इस फंड ने अपने कैटेगरी के अधिकांश फंड्स को पीछे छोड़ते हुए आउटपरफॉर्म किया है।

लार्ज और मिड-कैप में संतुलन और स्थिरता

अगर आप बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते और पोर्टफोलियो में स्थिरता के साथ-साथ अच्छी ग्रोथ चाहते हैं:

SBI Large & Midcap Fund: यह फंड देश की टॉप लार्ज-कैप और मिड-कैप कंपनियों का एक संतुलित कॉम्बो है। यह मार्केट के उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से संभालता है और जोखिम को कम करते हुए स्थिर ग्रोथ देता है।

SBI Bluechip Fund: भारत की सबसे बड़ी और मार्केट लीडर कंपनियों में निवेश करने वाला यह फंड नए और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों के लिए एक क्लासिक विकल्प है।

टैक्स बचाने के साथ तगड़ी कमाई (ELSS)

अगर आप टैक्स सेविंग के साथ-साथ शेयर बाजार की ग्रोथ का फायदा उठाना चाहते हैं, तो यह SBI लॉंग टर्म इक्विटी (ELSS) टैक्स-सेविंग फंड बेस्ट है। इसमें इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो अन्य टैक्स-सेविंग विकल्पों (जैसे- PPF या FD) की तुलना में सबसे कम है।

बैलेंस और मॉडरेट रिस्क वाले निवेशकों के लिए हाइब्रिड फंड

SBI Equity Hybrid Fund: यह स्कीम आपके पैसे का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में और कुछ हिस्सा सरकारी बॉन्ड्स में लगाती है। जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आती है, तब इसका डेट पोर्टफोलियो आपकी पूंजी को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

SBI Balanced Advantage Fund: यह डायनेमिक एसेट अलोकेशन फंड है, जो बाजार के वैल्युएशन के हिसाब से ऑटोमैटिकली इक्विटी और डेट का अनुपात तय करता है।

SIP या लंपसम: कैसे शुरू करें निवेश?

एसबीआई की इन सभी स्कीम्स में आप दो तरीकों से पैसे लगा सकते हैं:

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेन्ट प्लान(SIP): आप हर महीने महज ₹500 की छोटी राशि से अनुशासित निवेश शुरू कर सकते हैं। SIP के जरिए आपको रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग का बड़ा फायदा मिलता है।

एकमुश्त (Lump-sum): अगर आपके पास एकमुश्त रकम है तो आप न्यूनतम ₹1,000 या ₹5,000 से भी शुरुआत कर सकते हैं।

एसबीआई म्यूचुअल फंड की ये स्कीम्स लंबे समय में महंगाई को मात देने वाला रिटर्न बनाने में सक्षम हैं। हालांकि, किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, समय अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता का सही आकलन जरूर कर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा धमाका: कम जोखिम में ज्यादा रिटर्न के लिए नई SIF स्ट्रेटेजी लॉन्च, जानिए कितना करना होगा मिनिमम निवेश

SBI Mutual Fund New SIF Launch: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजर एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत दूसरी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पेश की है। फंड हाउस ने ‘मैग्नम इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग शॉर्ट फंड’ लॉन्च किया है।

यह फंड मुख्य रूप से मार्केट कैप के आधार पर भारत की टॉप 100 कंपनियों के बाहर की कंपनियों में निवेश करेगा। साथ ही उतार-चढ़ाव और जोखिम को मैनेज करने के लिए डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन्स का इस्तेमाल करेगा।

NFO की प्रमुख तारीखें और बेंचमार्क

अगर आप एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस नई स्ट्रेटेजी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो ये मुख्य तारीखें याद रखें:

  • NFO ओपनिंग डेट: 7 अगस्त 2026
  • NFO क्लोजिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड स्ट्रेटेजी
  • बेंचमार्क: BSE 500 TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स)

पैसा कहां और कैसे निवेश करेगा यह फंड?

फंड हाउस के अनुसार, यह फंड अपनी कुल एसेट्स का बंटवारा इस तरह करेगा:

इक्विटी एलोकेशन: कुल एसेट्स का 65% से 100% हिस्सा टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के शेयरों और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाएगा।

टॉप-100 कंपनियों में एक्सपोजर: जरूरत पड़ने पर 35% तक का हिस्सा टॉप-100 कंपनियों में लगाया जा सकता है।

डेट और अन्य विकल्प: 35% तक डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में, 20% तक InvITs में और 35% तक गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETFs) सहित अन्य म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।

विदेशी बाजारों में निवेश: रेगुलेटरी नियमों के तहत नेट एसेट्स का 35% तक ओवरसीज इक्विटीज, विदेशी ईटीएफ और डेट सिक्योरिटीज में अलॉट किया जा सकता है।

कम से कम कितना करना होगा निवेश?

सेबी के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) नियमों के तहत इसमें निवेश की सीमाएं इस प्रकार हैं:

नए निवेशकों के लिए: मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹10 लाख रखा गया है।

मौजूदा मैग्नम SIF निवेशकों के लिए: अगर पैन लेवल पर उनकी कुल मैग्नम SIF होल्डिंग कम से कम ₹10 लाख है, तो वे प्रति एप्लिकेशन ₹1 लाख से भी एक्स्ट्रा निवेश कर सकते हैं।

फंड मैनेजर, एग्जिट लोड और टैक्सेशन नियम

इस स्ट्रेटेजी का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे, जो एसबीआई के पहले SIF ऑफरिंग ‘मैग्नम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड’ को भी मैनेज करते हैं। अलॉटमेंट के 3 महीने के भीतर यूनिट्स रिडीम या स्विच करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने पूरे होने के बाद निकासी पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

चालू टैक्स नियमों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर मिलने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज और सेस) लगेगा। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ देबाशीष मिश्रा के अनुसार, ‘यह नया फंड शोध-आधारित निवेश और भारत के बढ़ते बाजार में निवेशकों के लिए विविधता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।’ बता दें कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान एसबीआई म्यूचुअल फंड का औसतन एयूएम (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

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