ZEN Tech खरीद रही Cogknit Semantics में 52% हिस्सा, ₹135 करोड़ की डील; सोमवार को चढ़ सकता है शेयर

एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी जेन टेक्नोलोजिज, डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी कॉगनिट सिमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (CSPL) में 51.98 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी के बोर्ड ने 17 अक्टूबर की मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसी दिन कंपनी ने शेयर परचेज एग्रीमेंट, शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट कर लिया। डील पूरी होने के बाद कॉगनिट सिमेंटिक्स, जेन टेक की सब्सिडियरी बन जाएगी। यह खरीद फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 135.15 करोड़ रुपये में होगी।

इसके तहत CSPL में एक मौजूदा शेयरहोल्डर से शेयर खरीदे जाएंगे, साथ ही सीरीज ए कंपलसरिली कनवर्टिबल क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयरों (CCCPS) को सब्सक्राइब किया जाएगा। CSPL 10 रुपये फेस वैल्यू वाले सीरीज ए CCCPS जेन टेक और दूसरे इनवेस्टर को 27,015.71 रुपये प्रति CCCPS के भाव पर जारी करेगी। CSPL का वित्त वर्ष 2025-26 में टर्नओवर 48 लाख रुपये रहा। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है। निवेशक आशीष कचोलिया और उनके सहयोगी भी प्राइमरी राउंड में निवेश करेंगे।

क्या बनाती है CSPL

जेन टेक ने शेयर बाजारों को बताया है कि CSPL सशस्त्र बलों के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस पर बेस्ड बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम्स और सिचुएशनल अवेयरनेस सिस्टम्स विकसित करती है। कॉगनिट का बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम्स टैंकों, वाहनों और सैनिकों को डिजिटल रूप से जोड़ता है, जिससे हर कमांडर युद्धक्षेत्र की एक ही रियल-टाइम तस्वीर के आधार पर काम कर सके। इसने इंडियन आर्मी के साथ फील्ड ट्रायल पूरे कर लिए हैं। इसे भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है।

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ZEN Tech का शेयर 3 साल में 130 प्रतिशत चढ़ा

ZEN Tech के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1655.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। यह एक साल में 20 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 3 साल में कीमत लगभग 130 प्रतिशत, 5 साल में 630 प्रतिशत और 10 साल में 2000 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुई है। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 48.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Honasa Consumer Share Price: Q2 में नेट सेल्स वैल्यू 30-33% बढ़ने की उम्मीद, शेयर ने लगाई 11% तक की छलांग

मामाअर्थ और डर्मा कंपनी ब्रांड की पेरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स के लिए 6 अक्टूबर का दिन बेहद अच्छा जा रहा है। शेयर शुरुआती कारोबार में ही पिछले बंद भाव से 11.5 प्रतिशत तक चढ़ा। BSE पर कीमत 492.90 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 15900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में बिजनेस कैसा रह सकता है, इस पर अपडेट जारी किया है।

होनासा कंज्यूमर ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे सितंबर 2026 तिमाही (Q2) में भी परफॉरमेंस काफी अच्छी रहने की उम्मीद है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में बनी ग्रोथ की रफ्तार Q2 में भी जारी रह सकती है। कंपनी की नेट सेल्स वैल्यू (NSV) की ग्रोथ अर्ली थर्टीज में रह सकती है। मतलब कह सकते हैं कि सालाना आधार पर करीब 30-33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। NSV का मतलब है रिटर्न, टैक्स, डिस्काउंट और कैंसिलेशन को घटाने के बाद कंपनी की वास्तविक बिक्री की वैल्यू।

मामाअर्थ ब्रांड की ग्रोथ भी मजबूत रहने की उम्मीद है। Q2 में इसकी NSV में सालाना आधार पर करीब 17-19 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। लोकप्रियता बढ़ने और ऑफलाइन स्टोर्स में पहुंच बढ़ने से Mamaearth को फायदा मिलेगा। होनासा कंज्यूमर के नए और छोटे ब्रांड जैसे द डर्मा कंपनी, एक्वालॉजिका, बीब्लंट, डॉ. शेठ्स, स्टेज, ल्यूमिनेव और Reginald Men भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इन ब्रांड्स की NSV ग्रोथ सितंबर तिमाही में करीब 40-45 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

ऑफलाइन बिक्री का रहेगा बड़ा योगदान

कंपनी की ग्रोथ में ऑफलाइन बिक्री का हाथ सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। सामान्य दुकानों और बड़े रिटेल आउटलेट्स, दोनों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। सामान्य दुकानों में सीधे डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने और दुकानों पर प्रोडक्ट की बेहतर बिक्री से कंपनी को फायदा मिल सकता है। ऑनलाइन बिक्री में भी ग्रोथ की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है।

होनासा कंज्यूमर EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) मार्जिन में सुधार पर लगातार काम कर रही है। Q2 में भी कंपनी को ऑपरेटिंग मार्जिन 10 प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है।

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जून तिमाही में कैसी रही थी परफॉरमेंस

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में होनासा कंज्यूमर लिमिटेड का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 118 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 90.25 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 755.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA सालाना आधार पर 140.7 प्रतिशत बढ़कर 110 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो गया।

Honasa Consumer का शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। होनासा कंज्यूमर में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 35.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत हुआ है। साल 2026 में अब तक यह 70 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। होनासा कंज्यूमर नवंबर 2023 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1701.44 करोड़ रुपये का था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Physicswallah Share Price: एडटेक कंपनी का शेयर 5% तक उछला, लेंडिंग बिजनेस पर एक अपडेट के बाद बढ़ी खरीद

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर में 5 अक्टूबर को दिन में 5.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 126.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 36500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने 4 अक्टूबर को अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेगमेंट की लेंडिंग स्ट्रैटेजी को रीस्ट्रक्चर करने और डायरेक्ट लेंडिंग से हटने की घोषणा की। कंपनी अपने 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी FinZ Finance Private Limited के जरिए यह कारोबार करती है।

एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि FinZ Finance ने RBI-रजिस्टर्ड NBFC ऑक्सिलो फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के साथ 95.79 करोड़ रुपये के लोन पोर्टफोलियो की बिक्री, ट्रांसफर और असाइनमेंट के लिए एक एग्रीमेंट किया है। ऑपरेशनल ट्रांजीशन प्रक्रिया 60 दिनों के अंदर पूरी होने की उम्मीद है।

चूंकि FinZ Finance का मुख्य काम लोन देना है, इसलिए इस प्रस्तावित ट्रांजेक्शन से इसके लोन देने के कामकाज में काफी कमी आएगी और उम्मीद है कि इससे इसके लोन देने के कामकाज आंशिक रूप से या धीरे-धीरे बंद हो जाएंगे। इस कदम का मकसद कंपनी को अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करने में मदद करना है।

शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत मजबूत

फिजिक्सवाला के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 162.05 रुपये और एडजस्टेड लो 77.75 रुपये है।

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सितंबर महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा था। वहीं बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये प्रति शेयर दिया था। बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने 110 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ना, ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी, फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर; कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलावों को मुख्य जोखिमों में शामिल किया है।

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NSE IPO: लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी रहेगी?

एनएसई के आईपीओ से पर्दा उठ चुका है। इस महीने के आखिर में एक्सचेंज के शेयर लिस्ट हो जाएंगे। मार्केट में एनएसई के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। चूंकि एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जिससे इसके शेयरों पर करीबी नजर है। सवाल है कि लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी होगी?

4 लाख करोड़ के एम-कैप के हिसाब से शेयर की सप्लाई कम

सीएनबीसी-टीवी18 के साथ शेयर किए गए एक वीडियो एनालिसिस में Fident Asset Management के फाउंडर और सीआईओ की तरफ से कई अहम बाते बताई गई हैं। कहा गया है कि अगर 50 फीसदी एलिजिबल शेयरहोल्डर्स भी लिस्टिंग के दिन एग्जिट करते हैं तो सप्लाई का डेटा टोटल कैपिटल बेस का करीब 2.75 फीसदी रहेगा। यह करीब 14,000 करोड़ रुपये का होगा, जो 4.41 लाख के मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से काफी कम संख्या है।

शेयरों से एग्जिट करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है

इस वीडियो में यह कहा गया है कि कैटेगरी I और II अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIF), वेंचर कैपिटल फंड्स और FVCIs लिस्टिंग के दिन शेयर बेच सकते हैं। हालांकि, ऐसा तभी होगा जब उनके पास शेयर छह महीनों से हों। बाकी सभी मौजूदा शेयरहोल्डर्स लिस्टिंग के छह महीने बाद ही शेयर बेच सकेंगे।

FTSE सूचकांकों का जल्द हिस्सा बनेगा शेयर

इसका मतलब है कि लिस्टिंग के दिन एनएसई के प्री-ऑफर कैपिटल का सिर्फ 5.48 फीसदी शेयर लिस्टिंग के दिन बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसका मतलब है कि कम से कम पहले छह महीनों के लिए बाजार में शेयर का फ्री-फ्लोट कम बना रहेगा। Fident का मानना है कि आईपीओ में NSE के मार्केट कैपिटलाइजेशन और लिस्टिंग के बाद की स्थिति को देखते हुए इस बात की काफी संभावना है कि यह FTSE सूचकांकों का जल्द हिस्सा बनेगा। MSCI में इसका शामिल होना इसके फ्री-फ्लोट पर निर्भर करेगा।

शेयर बीएसई के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे

एनएसई के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे, लेकिन एक्सचेंज के कई दूसरे सूचकांकों में ये धीरे-धीरे शामिल होंगे। Fident का मानना है कि शेयर जून 2028 तक ही सेंसेक्स का हिस्सा बन सकेंगे। Fident का कहना है कि एक बार एनएसई के शेयर के BSE 500 इंडेक्स में शामिल हो जाने पर इसकी ज्यादा डिमांड एक्टिव फंड्स की तरफ से आएगी न कि पैसिव फंड्स की तरफ से। इसकी वजह यह है कि ज्यादा एक्टिव फंड्स का बेंचमार्क BSE 500 इंडेक्स है।

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17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा आईपीओ

Fident की रिपोर्ट में कहा गया है कि म्यूचुअल फंड्स का करीब 2 लाख करोड़ रुपये के AUM का बेंचमार्क BSE 500 है। 2.2 फीसदी वेटेज के साथ बीएसई 500 में शेयर की एंट्री का मतलब है कि एनएसई के करीब 11,000 करोड़ रुपये के शेयरों की डिमांड होगी। NSE का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17 सितंबर को ओपन होगा। कंपनी ने 1,700-1,785 का प्राइस बैंड तय किया है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.41 लाख करोड़ रुपये का होगा।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹50 का डिविडेंड देगी ऑटोमोबाइल कंपनी, रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर; 2 साल में पैसे हुए डबल

ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्स मोटर्स के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड की घोषणा अप्रैल महीने में की गई थी।

16 सितंबर को कंपनी की सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद 30 दिनों के अंदर इसका पेमेंट किया जाएगा। फोर्स मोटर्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

फोर्स मोटर्स का शेयर 31 अगस्त को BSE पर 17550 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 22800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 26,485.95 रुपये और एडजस्टेड लो 14,911.45 रुपये है।

Force Motors का शेयर 5 साल में 1100 प्रतिशत चढ़ा

फोर्स मोटर्स का शेयर 2 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। 3 साल में कीमत 411 प्रतिशत मजबूत हुई है। 5 साल में शेयर 1100 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। वहीं 6 महीनों में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 61.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फोर्स मोटर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,439.89 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 212 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 160.95 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 9,056.54 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 1,211.26 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 919.28 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का डिविडेंड, 24 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

पर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी जिलेट इंडिया लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 60 रुपये का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 24 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

Gillette India का मालिकाना हक अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) के पास है। फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी 31 अगस्त को कंपनी की सालाना आम ​बैठक में ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 सितंबर 2026 तक कर दिया जाएगा।

इससे पहले जिलेट इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 120 रुपये का अंतरिम और 60 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 65 रुपये का अंतरिम और 47 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। जिलेट इंडिया साल 2001 से डिविडेंड दे रही है।

Gillette India का शेयर एक साल में 28 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 7678.85 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत एक साल में 28 प्रतिशत नीचे आई है। कंपनी का मार्केट कैप 25000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।जिलेट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 10,799.95 रुपये और एडजस्टेड लो 7,236.20 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

​जिलेट इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.44 प्रतिशत बढ़कर 159.45 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 145.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 783.02 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 706.72 करोड़ रुपये था। खर्च 574.22 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 517.97 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Emcure Pharma Q1 Results: नमिता थापर की कंपनी का मुनाफा 42% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 23% ज्यादा

एमक्योर फार्मा का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 293.98 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 206.95 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,580.45 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 2,100.54 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 2,188.99 करोड़ रुपये के रहे, जबकि एक साल पहले खर्च 1,809.97 करोड़ रुपये के थे।

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 27.8 प्रतिशत बढ़कर 532.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 20.6 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि जून 2026 तिमाही के दौरान उसका देश के अंदर कारोबार 10.2 प्रतिशत बढ़कर 1,095.3 करोड़ रुपये हो गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय कारोबार 34.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,485.1 करोड़ रुपये का रहा।

Emcure Pharma का शेयर लाल निशान में बंद

एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का शेयर 6 अगस्त को BSE पर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 1936.10 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 36700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 28 प्रतिशत और एक साल में 36 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में कीमत लगभग 50 प्रतिशत बढ़ी है।

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45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर को

एमक्योर फार्मा की 45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर 2026 को होने वाली है। इस मीटिंग में वित्त वर्ष 2026 के लिए घोषित किए जा चुके 3.60 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर 30 दिनों के अंदर डिविडेंड का पेमेंट कर दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा धमाका: कम जोखिम में ज्यादा रिटर्न के लिए नई SIF स्ट्रेटेजी लॉन्च, जानिए कितना करना होगा मिनिमम निवेश

SBI Mutual Fund New SIF Launch: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजर एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत दूसरी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पेश की है। फंड हाउस ने ‘मैग्नम इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग शॉर्ट फंड’ लॉन्च किया है।

यह फंड मुख्य रूप से मार्केट कैप के आधार पर भारत की टॉप 100 कंपनियों के बाहर की कंपनियों में निवेश करेगा। साथ ही उतार-चढ़ाव और जोखिम को मैनेज करने के लिए डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन्स का इस्तेमाल करेगा।

NFO की प्रमुख तारीखें और बेंचमार्क

अगर आप एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस नई स्ट्रेटेजी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो ये मुख्य तारीखें याद रखें:

  • NFO ओपनिंग डेट: 7 अगस्त 2026
  • NFO क्लोजिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड स्ट्रेटेजी
  • बेंचमार्क: BSE 500 TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स)

पैसा कहां और कैसे निवेश करेगा यह फंड?

फंड हाउस के अनुसार, यह फंड अपनी कुल एसेट्स का बंटवारा इस तरह करेगा:

इक्विटी एलोकेशन: कुल एसेट्स का 65% से 100% हिस्सा टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के शेयरों और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाएगा।

टॉप-100 कंपनियों में एक्सपोजर: जरूरत पड़ने पर 35% तक का हिस्सा टॉप-100 कंपनियों में लगाया जा सकता है।

डेट और अन्य विकल्प: 35% तक डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में, 20% तक InvITs में और 35% तक गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETFs) सहित अन्य म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।

विदेशी बाजारों में निवेश: रेगुलेटरी नियमों के तहत नेट एसेट्स का 35% तक ओवरसीज इक्विटीज, विदेशी ईटीएफ और डेट सिक्योरिटीज में अलॉट किया जा सकता है।

कम से कम कितना करना होगा निवेश?

सेबी के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) नियमों के तहत इसमें निवेश की सीमाएं इस प्रकार हैं:

नए निवेशकों के लिए: मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹10 लाख रखा गया है।

मौजूदा मैग्नम SIF निवेशकों के लिए: अगर पैन लेवल पर उनकी कुल मैग्नम SIF होल्डिंग कम से कम ₹10 लाख है, तो वे प्रति एप्लिकेशन ₹1 लाख से भी एक्स्ट्रा निवेश कर सकते हैं।

फंड मैनेजर, एग्जिट लोड और टैक्सेशन नियम

इस स्ट्रेटेजी का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे, जो एसबीआई के पहले SIF ऑफरिंग ‘मैग्नम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड’ को भी मैनेज करते हैं। अलॉटमेंट के 3 महीने के भीतर यूनिट्स रिडीम या स्विच करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने पूरे होने के बाद निकासी पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

चालू टैक्स नियमों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर मिलने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज और सेस) लगेगा। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ देबाशीष मिश्रा के अनुसार, ‘यह नया फंड शोध-आधारित निवेश और भारत के बढ़ते बाजार में निवेशकों के लिए विविधता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।’ बता दें कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान एसबीआई म्यूचुअल फंड का औसतन एयूएम (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा है।

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Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

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