Dividend Stock: हर शेयर पर ₹50 का डिविडेंड देगी ऑटोमोबाइल कंपनी, रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर; 2 साल में पैसे हुए डबल

ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्स मोटर्स के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड की घोषणा अप्रैल महीने में की गई थी।

16 सितंबर को कंपनी की सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद 30 दिनों के अंदर इसका पेमेंट किया जाएगा। फोर्स मोटर्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

फोर्स मोटर्स का शेयर 31 अगस्त को BSE पर 17550 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 22800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 26,485.95 रुपये और एडजस्टेड लो 14,911.45 रुपये है।

Force Motors का शेयर 5 साल में 1100 प्रतिशत चढ़ा

फोर्स मोटर्स का शेयर 2 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। 3 साल में कीमत 411 प्रतिशत मजबूत हुई है। 5 साल में शेयर 1100 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। वहीं 6 महीनों में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 61.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Ather Energy Share Price: ‘कोणार्क’ के दम पर एथर ने भरा फर्राटा, शेयर 6% तक भागा; ब्रोकरेज बुलिश

कंपनी की वित्तीय सेहत

फोर्स मोटर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,439.89 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 212 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 160.95 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 9,056.54 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 1,211.26 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 919.28 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का डिविडेंड, 24 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

पर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी जिलेट इंडिया लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 60 रुपये का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 24 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

Gillette India का मालिकाना हक अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) के पास है। फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी 31 अगस्त को कंपनी की सालाना आम ​बैठक में ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 सितंबर 2026 तक कर दिया जाएगा।

इससे पहले जिलेट इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 120 रुपये का अंतरिम और 60 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 65 रुपये का अंतरिम और 47 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। जिलेट इंडिया साल 2001 से डिविडेंड दे रही है।

Gillette India का शेयर एक साल में 28 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 7678.85 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत एक साल में 28 प्रतिशत नीचे आई है। कंपनी का मार्केट कैप 25000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।जिलेट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 10,799.95 रुपये और एडजस्टेड लो 7,236.20 रुपये है।

NMDC ने आयरन ओर की कीमतों में किया बदलाव, सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

कंपनी की वित्तीय सेहत

​जिलेट इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.44 प्रतिशत बढ़कर 159.45 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 145.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 783.02 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 706.72 करोड़ रुपये था। खर्च 574.22 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 517.97 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Emcure Pharma Q1 Results: नमिता थापर की कंपनी का मुनाफा 42% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 23% ज्यादा

एमक्योर फार्मा का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 293.98 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 206.95 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,580.45 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 2,100.54 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 2,188.99 करोड़ रुपये के रहे, जबकि एक साल पहले खर्च 1,809.97 करोड़ रुपये के थे।

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 27.8 प्रतिशत बढ़कर 532.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 20.6 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि जून 2026 तिमाही के दौरान उसका देश के अंदर कारोबार 10.2 प्रतिशत बढ़कर 1,095.3 करोड़ रुपये हो गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय कारोबार 34.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,485.1 करोड़ रुपये का रहा।

Emcure Pharma का शेयर लाल निशान में बंद

एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का शेयर 6 अगस्त को BSE पर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 1936.10 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 36700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 28 प्रतिशत और एक साल में 36 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में कीमत लगभग 50 प्रतिशत बढ़ी है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹90 का स्पेशल डिविडेंड, 7 अगस्त ​रिकॉर्ड डेट; एक साल में कीमत 50% चढ़ी

45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर को

एमक्योर फार्मा की 45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर 2026 को होने वाली है। इस मीटिंग में वित्त वर्ष 2026 के लिए घोषित किए जा चुके 3.60 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर 30 दिनों के अंदर डिविडेंड का पेमेंट कर दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा धमाका: कम जोखिम में ज्यादा रिटर्न के लिए नई SIF स्ट्रेटेजी लॉन्च, जानिए कितना करना होगा मिनिमम निवेश

SBI Mutual Fund New SIF Launch: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजर एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत दूसरी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पेश की है। फंड हाउस ने ‘मैग्नम इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग शॉर्ट फंड’ लॉन्च किया है।

यह फंड मुख्य रूप से मार्केट कैप के आधार पर भारत की टॉप 100 कंपनियों के बाहर की कंपनियों में निवेश करेगा। साथ ही उतार-चढ़ाव और जोखिम को मैनेज करने के लिए डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन्स का इस्तेमाल करेगा।

NFO की प्रमुख तारीखें और बेंचमार्क

अगर आप एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस नई स्ट्रेटेजी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो ये मुख्य तारीखें याद रखें:

  • NFO ओपनिंग डेट: 7 अगस्त 2026
  • NFO क्लोजिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड स्ट्रेटेजी
  • बेंचमार्क: BSE 500 TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स)

पैसा कहां और कैसे निवेश करेगा यह फंड?

फंड हाउस के अनुसार, यह फंड अपनी कुल एसेट्स का बंटवारा इस तरह करेगा:

इक्विटी एलोकेशन: कुल एसेट्स का 65% से 100% हिस्सा टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के शेयरों और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाएगा।

टॉप-100 कंपनियों में एक्सपोजर: जरूरत पड़ने पर 35% तक का हिस्सा टॉप-100 कंपनियों में लगाया जा सकता है।

डेट और अन्य विकल्प: 35% तक डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में, 20% तक InvITs में और 35% तक गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETFs) सहित अन्य म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।

विदेशी बाजारों में निवेश: रेगुलेटरी नियमों के तहत नेट एसेट्स का 35% तक ओवरसीज इक्विटीज, विदेशी ईटीएफ और डेट सिक्योरिटीज में अलॉट किया जा सकता है।

कम से कम कितना करना होगा निवेश?

सेबी के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) नियमों के तहत इसमें निवेश की सीमाएं इस प्रकार हैं:

नए निवेशकों के लिए: मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹10 लाख रखा गया है।

मौजूदा मैग्नम SIF निवेशकों के लिए: अगर पैन लेवल पर उनकी कुल मैग्नम SIF होल्डिंग कम से कम ₹10 लाख है, तो वे प्रति एप्लिकेशन ₹1 लाख से भी एक्स्ट्रा निवेश कर सकते हैं।

फंड मैनेजर, एग्जिट लोड और टैक्सेशन नियम

इस स्ट्रेटेजी का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे, जो एसबीआई के पहले SIF ऑफरिंग ‘मैग्नम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड’ को भी मैनेज करते हैं। अलॉटमेंट के 3 महीने के भीतर यूनिट्स रिडीम या स्विच करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने पूरे होने के बाद निकासी पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

चालू टैक्स नियमों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर मिलने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज और सेस) लगेगा। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ देबाशीष मिश्रा के अनुसार, ‘यह नया फंड शोध-आधारित निवेश और भारत के बढ़ते बाजार में निवेशकों के लिए विविधता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।’ बता दें कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान एसबीआई म्यूचुअल फंड का औसतन एयूएम (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

Dividend Stock: बुलेट बाइक वाली कंपनी देगी ₹82 का डिविडेंड, 31 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस म्यूचुअल फंड ने 10 लाख रुपये के निवेश को सिर्फ 5 साल में 20 लाख रुपये बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में एकमुश्त निवेश करने पर भी अच्छा रिटर्न मिलता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड ने एकमुश्त निवेश करने वाले इनवेस्टर्स का पैसा सिर्फ 5 साल में डबल कर दिया है। इस फंड की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी। तब अगर आपने इस फंड में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो 30 जून, 2026 को आपका पैसा बढ़कर 19.61 लाख रुपये हो गया होता। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने अपने इस फंड के रिटर्न का डेटा जारी किया है।

17 जुलाई, 2021 को हुई थी फंड की शुरुआत

ICICI Prudential Mutual Fund ने 17 जुलाई, 2026 को इस फंड के लॉन्च के 5 साल पूरे होने पर इसके रिटर्न का डेटा जारी किया है। ICICI Prudential Flexicap Fund की शुरुआत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुताबिक, इस फंड के रिटर्न का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 14.55 फीसदी है। यह फंड के बेंचमार्क BSE 500 Total Return Index (TRI) के 11.88 फीसदी सीएजीआर रिटर्न से काफी ज्यादा है।

5 साल में 10000 का मंथली सिप आज 8.47 लाख होता

किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें 10,000 रुपये का मंथली सिप शुरू किया होता तो आज उसका पैसा बढ़कर 8.47 लाख रुपये हो गया होता। यह 13.83 फीसदी सीएजीआर रिटर्न है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स किसी अच्छे फंड में SIP या एकमुश्त दोनों ही तरीकों से निवेश कर सकते हैं। जो निवेशक एकमुश्त निवेश नहीं कर सकते, सिप उनके लिए निवेश का आसान तरीका है।

यह ओपन-एंडेड फ्लेक्सीकैप इक्विटी स्कीम है

ICICI Prudential Mutual Fund एक ओपन-एंडेड इक्विटी फ्लेक्सी कैप स्कीम है। इसका मतलब है कि यह छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकती है। यह स्कीम निवेश में बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन एप्रोच का इस्तेमाल करती है। इसका फोकस उन कंपनियों की पहचान पर होता है, जिनमें लंबी अवधि में ग्रोथ की बड़ी संभावना होती है।

क्वालिटी बिजनेसेज के स्टॉक्स में निवेश पर फोकस

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीनियर फंड मैनेजर रजत चंडाक ने इस स्कीम के बारे में बताया, “स्कीम का फोकस रिसर्च के जरिए क्वालिटी बिजनेसेज के सेलेक्शन पर रहा है। स्कीम मार्केट की हर साइकिल के हिसाब से लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट एप्रोच का इस्तेमाल करती है।”

यह भी पढ़ें: Early Retirement Loss: 60 की बजाय 55 की उम्र में रिटायरमेंट? एक फैसले से हो सकता है ₹1.6 करोड़ का भारी नुकसान, समझें गणित

61 फीसदी निवेश लार्जकैप स्टॉक्स में 

30 जून, 2026 को इस फंड का करीब 61 फीसदी निवेश लार्ज-कैप स्टॉक्स में था। 9 फीसदी मिडकैप स्टॉक्स में था। 25 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में था। अभी निवेश के मामले में इस फंड का झुकाव कंजम्प्शन-ओरिएंटेड स्टॉक्स में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि, इस फंड का रिटर्न अच्छा है, लेकिन निवेशकों को किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना चाहिए। इस फंड में निवेश से पहले इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लेनी चाहिए।