Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

चांदनी मशीन्स लिमिटेड का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जाएंगे। कंपनी ने इस कॉरपोरेट एक्शन को सितंबर महीने में मंजूरी दी थी।

चांदनी मशीन्स में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 20.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक स्प्लिट में एक कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती।

इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

Chandni Machines का शेयर एक साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 102.13 रुपये है। मार्केट कैप 71 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर साल 2026 में अब तक 40 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में कीमत लगभग 190 प्रतिशत मजबूत हुई है। 3 साल में शेयर लगभग 340 प्रतिशत और 5 साल में 1000 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 127.74 रुपये और एडजस्टेड लो 34 रुपये है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹25 का डिविडेंड, 23 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; L&T ग्रुप की है कंपनी

कंपनी की वित्तीय सेहत

चांदनी मशीन्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 72 प्रतिशत गिरकर 44.50 लाख रुपये रहा। एक साल पहले यह 25.89 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 1.98 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी 74.68 लाख रुपये के मुनाफे में थी। खर्च 3.74 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 26 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: शेयर 2 साल में 5200% और 3 साल में 10600% चढ़ा; अब 10 टुकड़ों में बंटेगा; 25 सितंबर रिकॉर्ड डेट

मिडवेस्ट एनर्जी लिमिटेड का शेयर छोटे टुकड़ों में टूटने वाला है। अभी एक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। स्टॉक स्प्लिट के तहत यह 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बंट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 25 सितंबर 2026 है। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा जून महीने में हुई थी। शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 3531.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

स्टॉक स्प्लिट में कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती। इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

मिडवेस्ट एनर्जी, मिडवेस्ट बिजनेस हाउस की टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी शाखा है। मिडवेस्ट बिजनेस हाउस हैदराबाद में स्थित एक इंडस्ट्रियल ग्रुप है, जिसकी शुरुआत 1981 में हुई थी। यह मिनरल एक्सप्लोरेशन, माइनिंग, मिनरल प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैटीरियल्स जैसे कई क्षेत्रों में काम करता है। मिडवेस्ट एनर्जी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स, रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स और क्रिटिकल मैटीरियल्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं विकसित कर रही है। ये सभी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक उद्योगों को सपोर्ट करते हैं।

Midwest Energy शेयर 5 साल में हुआ 20000 प्रतिशत महंगा

मिडवेस्ट एनर्जी की सालाना आम बैठक 30 सितंबर को होने वाली है। कंपनी का पुराना नाम मिडवेस्ट गोल्ड लिमिटेड था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.45 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 50 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 2 साल में कीमत 5200 प्रतिशत और 3 साल में 10600 प्रतिशत बढ़ी है। 5 साल में शेयर 20000 प्रतिशत और 10 साल में 30400 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,900 रुपये और एडजस्टेड लो 1,989.05 रुपये है।

Dividend Stock: बजाज ग्रुप की कंपनी देगी ₹160 का डिविडेंड, शेयर 21 सितंबर को करेगा एक्स-ट्रेड

कंपनी की वित्तीय सेहत

मिडवेस्ट एनर्जी का अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में रेवेन्यू 4.63 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 3.15 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.43 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.46 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 2.80 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.47 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: बजाज ग्रुप की कंपनी देगी ₹160 का डिविडेंड, शेयर 21 सितंबर को करेगा एक्स-ट्रेड

बजाज ग्रुप की कंपनी महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 160 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। कंपनी के बोर्ड ने इसे 15 सितंबर को मंजूरी दी थी। रिकॉर्ड डेट 21 सितंबर 2026 ​तय की गई है, यानि कि सोमवार को शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेगा। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी ने कहा है कि अंतरिम डिविडेंड का पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 13 अक्टूबर 2026 को या उससे पहले कर दिया जाएगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। इससे पहले महाराष्ट्र स्कूटर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 160 रुपये का अंतरिम और 60 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड (MSL), बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड की एक सब्सिडियरी कंपनी है। यह एक कोर इनवेस्टमेंट कंपनी (CIC) है, जिसके लिए RBI के पास रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। एक CIC के तौर पर इसके कम से कम 90 प्रतिशत एसेट्स बजाज ग्रुप में इनवेस्टेड हैं। बाकी बची हुई रकम, जो जमा हुआ सरप्लस है, को डेट और दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है।

Maharashtra Scooters का शेयर एक साल में 22 प्रतिशत कमजोर

महाराष्ट्र स्कूटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 13738.75 रुपये है। यह शुक्रवार, 18 सितंबर को 4 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 15700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 22 प्रतिशत नीचे आया है। 2 साल में कीमत 200 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 18,400 रुपये और एडजस्टेड लो 10,921 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

महाराष्ट्र स्कूटर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 5.41 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 3.32 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 2.91 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 312.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 310.56 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 271.70 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: ट्रैक्टर कंपनी देगी ₹25 का फाइनल डिविडेंड, 16 सितंबर है रिकॉर्ड डेट

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 25 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 16 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी की 23 सितंबर को होने वाली सालाना आम बैठक में इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 23 सितंबर को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड खेती के लिए उपकरण (Farm Equipment) बनाती है। कंपनी की शुरुआत 1967 में VST ग्रुप ऑफ कंपनीज ने की थी। यह कंपनी टिलर्स और 4WD कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर्स की सबसे बड़ी भारतीय मैन्युफैक्चरर होने का दावा करती है। इसका अन्य तरह के ट्रैक्टर्स, इंजन, ट्रांसमिशन, पावर रीपर और प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाने में भी अच्छा खासा नाम है। VST अपने प्रोडक्ट्स को यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बाजारों में एक्सपोर्ट भी करती है।

VST Tillers Tractors का शेयर इस साल अब तक 35 प्रतिशत गिरा

VST Tillers Tractors के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 4039.90 रुपये है। मार्केट कैप 3500 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 55.55 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। साल 2026 में अब तक कीमत 35 प्रतिशत कमजोर हुई है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,371.15 रुपये और एडजस्टेड लो 4,032 रुपये है।

Dividend Stock: 6 महीनों में 75% रिटर्न, अब हर शेयर पर ₹30 का फाइनल डिविडेंड; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

कंपनी की वित्तीय सेहत

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 313.40 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 48.73 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 56.32 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 1,240.36 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 106 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 122.64 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lenskart Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, दिख रहा 17% तक उछाल का दम; खरीद की दी सलाह

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 800 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह BSE पर शेयर की वर्तमान कीमत 681.75 रुपये से 17 प्रतिशत ज्यादा है। लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। ब्रोकरेज का कहना है कि लिस्टिंग के बाद से शेयर की कीमत में करीब 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह शानदार परफॉर्मेंस मुख्य रूप से कमाई की अच्छी रफ्तार की वजह से है।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि कंपनी का स्टोर इकोनॉमिक्स बेहतरीन है। एक नया स्टोर 10 महीने से भी कम समय में अपनी लागत वसूल कर लेता है, जबकि स्टोर का EBITDA मार्जिन 33 प्रतिशत से ज्यादा है। इस क्षेत्र में संगठित कंपनियों की ओर से प्रतिस्पर्धा अभी सीमित है और चश्मे के बाजार में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है। कंपनी मजबूत फ्री कैश फ्लो (FCF) भी क्रिएट कर रही है। इन सब चीजों को देखते हुए ब्रोकरेज को उम्मीद है कि लेंसकार्ट स्टोर खोलने की रफ्तार बढ़ाएगी। वित्त वर्ष 2029 तक भारत में इसके स्टोर्स की संख्या 4,500 तक पहुंच जाएगी। लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने जून 2026 तिमाही के दौरान 132 नए स्टोर खोले। इसके बाद इसके एक्टिव स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 3,459 हो गई है।

ब्रोकरेज ने भारत में ज्यादा स्टोर खोले जाने और भारत व इंटरनेशनल दोनों जगह बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से लेंसकार्ट के​ लिए FY27-28E के कंसोलिडेटेड प्री-IND AS EBITDA अनुमान को 4 प्रतिशत/8 प्रतिशत बढ़ा दिया है। FY26-29E के दौरान रेवेन्यू की CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 27 प्रतिशत, प्री-Ind AS EBITDA CAGR 46 प्रतिशत और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफे की CAGR 59 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

Lenskart का शेयर इस साल अब तक 55 प्रतिशत चढ़ा

लेंसकार्ट का मार्केट कैप 1.18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर साल 2026 में अब तक 55 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 35 प्रतिशत उछली है। दूसरे ब्रोकरेज की बात करें तो अगस्त महीने में जेफरीज ने लेंसकार्ट स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया। ICICI Securities ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 750 रुपये का टारगेट दिया है। सिटी ने 650 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने स्टॉक के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर दिया है।

Dividend Stock: 6 महीनों में 75% रिटर्न, अब हर शेयर पर ₹30 का फाइनल डिविडेंड; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

जून तिमाही में मुनाफा 269 प्रतिशत बढ़ा

लेंसकार्ट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 269.24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद 221.84 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3 प्रतिशत बढ़कर 2,714.18 करोड़ रुपये हो गया। भारत से रेवेन्यू 30.7 प्रतिशत बढ़कर 1,531 करोड़ रुपये रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 1,203 करोड़ रुपये हो गया।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stock: 6 महीनों में 75% रिटर्न, अब हर शेयर पर ₹30 का फाइनल डिविडेंड; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

GOCL कॉरपोरेशन अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी की 29 सितंबर को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 30 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है।

GOCL कॉरपोरेशन लिमिटेड का पुराना नाम गल्फ ऑयल कॉरपोरेशन था। कंपनी एनर्जेटिक्स, माइनिंग एक्सेसरीज और स्पेशिएलिटी केमिकल्स बनाती है। साथ ही रियल्टी डेवलपमेंट के बिजनेस में भी है। इसका दावा है कि यह एनर्जेटिक्स और कमर्शियल एक्सप्लोसिव्स (विस्फोटकों) के क्षेत्र में इंडस्ट्री लीडर है।

GOCL Corporation का शेयर 6 महीनों में 75 प्रतिशत मजबूत

GOCL Corporation के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 443.20 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 2200 करोड़ रुपये के करीब है। जून 2026 के आखिर तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 67.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 2 सप्ताह में 14 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में कीमत 75 प्रतिशत उछली है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 460 रुपये और एडजस्टेड लो 223.60 रुपये है।

Dividend Stock: रियल एस्टेट कंपनी हर शेयर पर दे रही है ₹50 का डिविडेंड, 18 सितंबर ​रिकॉर्ड डेट; शेयर एक महीने में 73% चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: रियल एस्टेट कंपनी हर शेयर पर दे रही है ₹50 का डिविडेंड, 18 सितंबर ​रिकॉर्ड डेट; शेयर एक महीने में 73% चढ़ा

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी विक्टोरिया मिल्स लिमिटेड अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 18 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। जिन लोगों के पास अभी शेयर नहीं हैं और फाइनल डिविडेंड पाना चाहते हैं, उन्हें 17 सितंबर को मार्केट क्लोज होने तक शेयर खरीद करनी होगी।

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 100 रुपये है। विक्टोरिया मिल्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी की सालाना आम बैठक 25 सितंबर को होने वाली है। इसमें डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा।

Victoria Mills का शेयर एक महीने में 73 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर में 10 सितंबर को गिरावट है। बीएसई पर शेयर 8590 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 85 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 9,448.95 रुपये और एडजस्टेड लो 4,501 रुपये है। शेयर एक महीने में 73 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 140 प्रतिशत मजबूत हुई है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 56.16 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में विक्टोरिया मिल्स का रेवेन्यू 19.50 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2.89 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 293.67 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान रेवेन्यू 52.75 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 6.66 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 675.98 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Swiggy में BNP पारिबा और गोल्डमैन सैक्स ने खरीदे ₹1041 करोड़ के शेयर, सोमवार को बड़े उछाल की उम्मीद

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में सोमवार, 6 सितंबर को बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी वजह है बड़ी संख्या में हुई शेयरों की खरीद-फरोख्त। शुक्रवार, 4 सितंबर को BNP पारिबा और गोल्डमैन सैक्स ने स्विगी में 1,041 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। ट्रांजेक्शन ओपन मार्केट के जरिए हुए। शेयरों को 276.10 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा गया।

BNP पारिबा फाइनेंशियल मार्केट्स ने 491.99 करोड़ रुपये में 1.78 करोड़ शेयर खरीदे, जबकि गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 549.01 करोड़ रुपये में 1.98 करोड़ शेयर खरीदे। दोनों की ओर से स्विगी में कुल मिलाकर 1.36 प्रतिशत हिस्सेदारी की खरीद की गई। स्विगी के शेयर की कीमत शुक्रवार को BSE पर 276.20 रुपये पर बंद हुई।

कंपनी का मार्केट कैप 76200 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 29 प्रतिशत नीचे आया है। एक साल में कीमत लगभग 35 प्रतिशत गिरी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Swiggy पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज CLSA ने स्विगी के स्टॉक के लिए रेटिंग को “एक्युमुलेट” से घटाकर “होल्ड” कर दिया है। टारगेट प्राइस 357 रुपये से घटाकर 318 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। JM फाइनेंशियल ने भी रेटिंग को “रिड्यूस” से घटाकर “सेल” कर दिया है। प्राइस टारगेट 250 रुपये रखा है। मैक्वेरी ने शेयर के लिए 230 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

HSBC ने स्विगी के शेयर के लिए “होल्ड” रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मॉर्गन स्टेनली ने “इक्वलवेट” रेटिंग दी है। टारगेट 322 रुपये सेट किया है। नोमुरा ने स्विगी के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 435 रुपये प्रति शेयर है।

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जून तिमाही में घाटे में 34 प्रतिशत की कमी

स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।

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चीन में कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ 26%, फिर क्यों आई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट?

चीन की कंपनियों के लिए जून तिमाही शानदार रही। इस तिमाही शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ साल दर साल आधार पर 25.7 फीसदी रही, जो करीब बीते 5 सालों में सबसे ज्यादा है। लेकिन, इसका असर शेयर बाजार पर नहीं दिखा है। लेकिन, इस तिमाही सीएसआई 300 सूचकांक करीब 9 फीसदी गिरा है, जबकि ज्यादातर टेक्नोलॉजी कंपनियों वाला इंडेक्स स्टार 50 करीब 29 फीसदी फिसला है।

जून में सूचकाकों में आई थी बड़ी तेजी

इसकी एक वजह यह है कि कंपनियों की अच्छी प्रॉफिट ग्रोथ का असर पहले ही शेयरों की कीमतों पर पड़ चुका है। जून तिमाही में Star 50 इंडेक्स 76 फीसदी चढ़ा था, जबकि CSI 300 12 फीसदी चढ़ा था। इतनी ज्यादा तेजी के बाद शेयरों में और तेजी की संभावना सीमित हो गई। इसकी दूसरी वजह चीन की कमजोर अर्थव्यवस्था है।

घरेलू डिमांड अब भी कमजोर 

चीन में घरेलू डिमांड कमजोर है। प्रॉपर्टी मार्केट में सुस्ती जारी है। उधर, सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले उपायों की उम्मीद कम है। यह भी ध्यान में रखने वाली बात यह है कि चीन में सिर्फ मुट्ठीभर कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ शानदार रही है। छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ ज्यादा नहीं रही।

एआई कंपनियों के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर 

चिप बनाने वाली CXMT Corp की प्रॉफिट ग्रोथ अच्छी रहने के बावजूद इसका असर उसके शेयर पर नहीं दिखा है। AI कंपनियों के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। नए लिस्ट होने वाले शेयरों में निवेशकों का पैसा जा रहा है। इसके अलावा इनवेस्टर्स इस बात का ठोस संकेत चाहते हैं कि टेक्नोलॉजी पर भारी खर्च का फायदा आगे रिटर्न के रूप में दिखेगा।

इन वजहों से शेयरों में नहीं आ रही तेजी

Union Bancaire Privee के एमडी वीएस लिंग ने कहा, “अब अर्निंग्स ग्रोथ का असर शेयरों पर नहीं दिख रहा। इनवेस्टर्स को लंबी अवधि में इस अर्निंग्स ग्रोथ के जारी रहने को लेकर संदेह है। एआई पर निवेश को लेक अनिश्चितता बनी हुई है। इनवेस्टमेंट पर रिटर्न को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। उधर, कंपनियों की फाइनेंशियल कॉस्ट बढ़ रही है।”

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सिर्फ कुछ कंपनियों के प्रॉफिट में उछाल

CICC के अर्निंग्स डेटा से यह पता चलता है कि सिर्फ एआई से जुड़ी कंपनियों की प्रॉफिट ज्यादा बढ़ी है। सीएक्सएमटी की अर्निंग्स ग्रोथ एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा रही। इसके बावजूद इसके शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। Hygon Information Technology, Cambricon Technologies Corp और Eopolink Technology की अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी रहने के बावजूद शेयरों में गिरावट देखने को मिली।