Tempsens Instruments IPO: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत, ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है शेयर

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) का ₹650 करोड़ का IPO 20 अगस्त को खुला था। अभी तक यह 21.69 गुना भर चुका है। इसमें 24 अगस्त को भी पैसे लगाए जा सकेंगे। उसके बाद अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 28 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं। स्टॉक मार्केट में कंपनी की शुरुआत धांसू रहने के संकेत हैं। ग्रे मार्केट में शेयर 107 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। मतलब कि IPO निवेशकों को तगड़ा मुनाफा हो सकता है।

लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट के संकेत लिस्टिंग डे पर सच हो जाएं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। Tempsens Instruments IPO के लिए प्राइस बैंड ₹285-₹300 प्रति शेयर और लॉट साइज 50 शेयर है। IPO में ₹95 करोड़ के 32 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹555 करोड़ के 1.85 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है।

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड एक थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी और खास तरह के केबल बनाने वाली कंपनी है। यह कस्टमाइज्ड टेंपरेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और खास तरह के केबल की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। कंपनी के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं। कंपनी कॉन्टैक्ट और नॉन कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाती है।

किस कैटेगरी में अब तक कितना सब्सक्रिप्शन

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा अभी तक 3.31 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 52.98 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 18.73 गुना और कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्सा 28.93 गुना भर चुका है। IPO के लिए ICICI Securities Ltd और JM Financial बु​क रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस को लेकर पूंजीगत खर्च के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। IPO की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹194.55 करोड़ जुटाए। IPO में ₹1.5 करोड़ के शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं। बाकी ​बचे हिस्से में से 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Tempsens Instruments की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 19 प्रतिशत बढ़कर ₹455.86 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71 करोड़ रहा। ​एक साल पहले रेवेन्यू ₹382.47 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.56 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स पर ₹77.95 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Atomberg IPO: बिजली की कम खपत वाले पंखे बनाने वाली एटमबर्ग नए शेयरों से जुटा सकती है ₹450 करोड़, जानिए पूरा प्लान

Atomberg IPO: एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज आईपीओ में नए शेयरों से 450 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी होगा। इसके जरिए कुछ पुराने इनवेस्टर्स 7.65 करोड़ शेयर बेच सकते हैं। कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल बिजनेस की ग्रोथ और बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए करेगी।

2012 में हुई थी कंपनी की शुरुआत 

Atomberg Technologies की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर मुंबई है। कंपनी फैंस सहित कई दूसरे इलेक्टिकल प्रोडक्ट्स बनाती है, जिनमें बिजली का काफी कम इस्तेमाल होता है। इसके सिलिंग पंखों ने मार्केट में बड़े बदलाव लाए हैं। कंपनी ने ICICI Securities, Avendus Capital और IIFL Capital Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी होगा

कंपनी के आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स को अपने शेयर्स बेचने का मौका मिलेगा। इनमें A91 Partners शामिल है, जिसने अपने इमर्जिंग फंड I के जरिए निवेश किया है। यह आईपीओ में सबसे ज्यादा 3.77 करोड़ शेयर बेचेगी। टेमासेक की V-Sciences Investments 1.22 करोड़ शेयर बेचेगी, जबकि Jungle Ventures अपने JV4 के जरिए 99.5 लाख शेयर बेचेगी।

कई शुरुआती निवेशकों को तगड़ा मुनाफा

एटमबर्ग का आईपीओ कई शुरुआती निवेशकों को मोटा मुनाफा कमाने का मौका देगा। सबसे ज्यादा मुनाफा Survam को हो सकता है, जिसने सिर्फ 6.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। Steadvies ने प्रति शेयर 60.60 रुपये की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। V-Sciences ने प्रति शेयर 59.68 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर निवेश किया था, जबकि A91 ने सिर्फ प्रति शेयर 9.02 रुपये की कीमत पर निवेश किया था।

कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल यहां करेगी

Survam को अपने रिटर्न पर Steadview के मुकाबले करीब 9.1 गुना ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने जितनी कम कीमत पर शेयरों में निवेश किया था, उन्हें उतना ज्यादा मुनाफा होगा। कंपनी ने कहा है कि वह नए शेयर इश्यू करने से मिले 450 करोड़ रुपये में से 150 करोड़ का इस्तेमाल ब्रांड को मजबूत बनाने के लिए करेगी। 100 करोड़ का निवेश रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए करेगी। 90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

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बीते तीन वित्त वर्ष से कंपनी लॉस में है

पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर्स में से हर ईयर में कंपनी को लॉस हुआ है। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 148.9 करोड़ रुपये हो गया। यह FY25 में 117.4 करोड़ रुपये और FY24 में 199.1 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो FY26 में निगेटिव हो गया। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी ऑपरेशंस सिर्फ पुणे के आसपास केंद्रित है। यह एक रिस्क है।

Tempsens Instruments IPO: खुलते ही छा गया यह IPO! 1 घंटे में फुल, लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे का बड़ा इशारा

Tempsens Instruments IPO: राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया के 650 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से पहले ही दिन जबरदस्त रिस्पांस मिला है। 20 अगस्त को बोली खुलने के पहले ही घंटे में यह इश्यू 1.20 गुना सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट में भी इसके अनलिस्टेड शेयरों की भारी डिमांड देखने को मिल रही है।

Tempsens Instruments IPO: सब्सक्रिप्शन स्टेटस

एनएससी (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ में ऑफर पर रखे गए 1,51,81,667 शेयरों के मुकाबले 1,89,88,300 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 2.31 गुना सब्सक्रिप्शन

रिटेल निवेशक (RII): 1.50 गुना सब्सक्रिप्शन

₹650 करोड़ रुपये के इस कुल आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। निवेशक इस आईपीओ में 24 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के लिए ICICI Securities और JM Financial बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹194.5 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले 19 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹194.5 करोड़ जुटाए। अरंडा इन्वेस्टमेंट्स और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज इंटरनेशनल फंड्स के साथ एचडीएफसी, निप्पॉन लाइफ, कोटक महिंद्रा और टाटा जैसे 8 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स को भी शेयर अलॉट किए गए।

जुटाये गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए। ₹55 करोड़ कंपनी का कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट जरूरतों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी की कमाई और बिजनेस प्रोफाइल

राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स टेम्परेचर सेंसर्स बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी है। दुनिया भर में इसके 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और भारत के टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में इसका 10.5% व नॉन-कॉन्टैक्ट टेम्परेचर सेंसर मार्केट में 21.3% मार्केट शेयर है।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में इसका कुल रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹378.5 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 11.2% की बढ़त के साथ ₹60.6 करोड़ से बढ़कर ₹67.3 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी को अपनी कुल कमाई का 71.5% हिस्सा घरेलू बाजार से और बाकी 28.5% हिस्सा एक्सपोर्ट्स से मिलता है।

GMP से तगड़ा लिस्टिंग गेन का इशारा

इन्वेस्टरगेन के अनुसार, Tempsens Instruments का शेयर ग्रे मार्केट में ₹220 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर इसका अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹520 (₹300 + ₹220) बैठता है। इस हिसाब से निवेशकों को करीब 73% का लिस्टिंग गेन की संभावना है।

सब्सक्राइब करें या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

दिग्गज ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के नजरिए से ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर यह शेयर FY26 की कमाई के आधार पर 35.4x P/E और 25.64x EV/EBITDA के वैल्यूएशन पर उपलब्ध है।

कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, टेम्परेचर सेंसर्स व केबल्स का डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में फैलता बिजनेस इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी सतर्क किया है कि अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन पूरी तरह से फेयरली प्राइज्ड नजर आ रहा है, लेकिन इसके लंबे समय के बिजनेस फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं।

SBI Securities ने भी Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के लिए ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर पोस्ट-इश्यू बेसिस पर कंपनी का वैल्यूएशन 37.3x FY26 P/E पर आंका है। ब्रोकरेज ने थर्मल इंजीनियरिंग सेगमेंट में कंपनी की मार्केट लीडरशिप, प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस (MRO) के बीच बैलेंस रेवेन्यू मिक्स और FY24 से FY26 के बीच एक्सपोर्ट में मिली 46.5% की सालाना ग्रोथ को बड़ा पॉजिटिव बताया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Axis Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 23% बढ़ा, NII में 8% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,806.14 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 38,321.57 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 18 जुलाई को तिमाही नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14,646 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 13,560 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,659.10 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 11,515.16 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.57 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.39 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.45 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और एडवांसेज

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 19 प्रतिशत बढ़कर 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सालाना आधार पर कॉर्पोरेट लोन में 38 प्रतिशत, SME एडवांसेज में 25 प्रतिशत और रिटेल लोन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक की बैलेंस शीट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपये हो गई।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 20 जुलाई को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1328.95 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ रुपये है। शेयर एक साल में 14 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,041.30 रुपये है।

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ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

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HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।