सरकार की इस कंपनी के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, जेफरीज ने दी निवेश की सलाह

कोल इंडिया के शेयरों में 25 सितंबर को हल्की तेजी दिखी। इसकी वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट है। उसने कोल इंडिया के शेयर पर ‘बाय’ की रेटिंग बनाए रखी है। इससे कोल इंडिया का शेयर 0.81 फीसदी चढ़कर 425.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों में भी रिकवरी देखने को मिली।

जेफरीज ने दिया 500 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने कोल इंडिया के शेयरों के लिए 500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने रिपोर्ट में इसकी वजह बताई है। उसने कहा है कि पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक घटकर सिर्फ 7 दिनों के लिए रह गया है। 10 साल का यह औसत 15 दिन का है। इसकी वजह पावर की बढ़ती मांग है। FY26 में पावर डिमांड की ग्रोथ 1 फीसदी थी, जो इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान बढ़कर 9 फीसदी पहुंच गई।

दुनिया में कोयले की बढ़ती कीमतों का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि FY26-29 के दौरान कोल इंडिया के डिस्पैच की CAGR 5 फीसदी रह सकता है। उसने यह भी कहा है कि दुनिया में कोयले की ऊंची कीमतों से कोल इंडिया के ई-ऑक्शन प्राइसेज को सपोर्ट मिलेगा। यह 2027-2029 के बीच 3,000 से 3,200 रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि कोल इंडिया की अर्निंग्र प्रति शेयर (EPS) 2024-2026 के दौरान 12 फीसदी तक घटी है। लेकिन, 2026-2029 के बीच इसमें 6 CAGR का इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।

कोल इंडिया की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कोल इंडिया की वैल्यएशन अट्रैक्टिव है। इसमें एक साल के फॉरवर्ड एडजस्टेड प्राइस-टू-अर्निंग्स के 9 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसकी डिविडेंड यील्ड 7 फीसदी है। कंपनी जुलाई में पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका नेट प्रॉफिट इस दौरान साल दर साल आधार पर 0.63 फीसदी बढ़कर 8,852 रुपये पर पहुंच गया।

जून तिमाही में मिलाजुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 7.8 फीसदी रही। हालांकि, EBITDA 4.1 फीसदी घटा। कंपनी ने FY27 के लिए प्रति शेयर 5.5 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कोल इंडिया के शेयर को कवर करने वाले कुल 26 एनालिस्ट्स में से 16 की इस शेयर पर बाय यानी खरीदने की रेटिंग है। पांच ने इसे होल्ड करने और इतने ही एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह दी है।

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कमजोर बाजार में अच्छा प्रदर्शन

बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.32 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान सेंसेक्स 8.12 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी में 6.14 फीसदी की गिरावट आई है। इसका मतलब है कि कमजोर बाजार में भी कोल इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है। यह सरकार की कंपनी है, जिसका कोयले के उत्पादन में दबदबा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Aastha Spintex Bonus Share: 1:1 बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट तय, 30 सितंबर से शुरू होगी ट्रेडिंग

Aastha Spintex Bonus Share: गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने 1:1 बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। कंपनी ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट रखा है। इस दिन कंपनी के शेयर रखने वाले पात्र शेयरधारकों को बोनस शेयर मिलेंगे।

कंपनी के बोर्ड ने 22 सितंबर को हुई बैठक में इससे जुड़े फैसलों को अंतिम रूप दिया। बोनस इश्यू के तहत कुल 4,41,42,190 बोनस इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। बोनस शेयरों की ट्रेडिंग 30 सितंबर 2026 से शुरू होगी।

हर एक शेयर पर मिलेगा एक बोनस शेयर

1:1 बोनस इश्यू का मतलब है कि रिकॉर्ड डेट पर आपके पास कंपनी का एक शेयर है तो आपको एक और बोनस शेयर मिलेगा। इसके लिए अलग से कोई पैसा नहीं देना होगा।

उदाहरण के लिए आपके पास 100 शेयर हैं। बोनस इश्यू के बाद आपके पास कुल 200 शेयर हो जाएंगे। बोनस शेयर भी मौजूदा शेयरों की तरह ही पूरी तरह पेड-अप होंगे और उन्हें समान अधिकार मिलेंगे।

₹44.14 करोड़ के रिजर्व का होगा इस्तेमाल

कंपनी ने बोनस शेयर जारी करने के लिए 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध फ्री रिजर्व, सिक्योरिटीज प्रीमियम और कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व का इस्तेमाल करने को मंजूरी दी है। इसके लिए अधिकतम ₹44.14 करोड़ की राशि इस्तेमाल की जाएगी।

इसके अलावा कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है। इसे ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ किया जाएगा। इससे बोनस इश्यू के साथ कंपनी के आगे के विस्तार के लिए भी पूंजी ढांचा मजबूत होगा।

टेक्सटाइल कारोबार में आगे बढ़ने की तैयारी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स में विस्तार की योजना को भी मंजूरी दी है। कंपनी का लक्ष्य टेक्सटाइल वैल्यू चेन में स्पिनिंग से आगे बढ़कर ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस करना है।

यह योजना फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के हालिया अधिग्रहण के बाद सामने आई है। इससे कंपनी की स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी। वहीं स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी।

दो साल में रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी पिछले दो वित्त वर्षों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आस्था स्पिनटेक्स का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022-23 में ₹240 करोड़ था। यह वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹352 करोड़ हो गया।

इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ हो गया। कंपनी के मुताबिक रेवेन्यू का CAGR 21.2% और नेट प्रॉफिट का CAGR 356% रहा।

बोनस इश्यू के साथ कंपनी अब टेक्सटाइल कारोबार में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। रिकॉर्ड डेट 28 सितंबर है, जबकि बोनस शेयरों में ट्रेडिंग 30 सितंबर से शुरू होगी।

L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank News: नए MD और CEO के लिए 3 बड़ी संभावनाएं, अब RBI के फैसले पर टिकी नजर

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के नए MD और CEO को लेकर फैसला अब करीब आता दिख रहा है। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। इनमें डिप्टी MD कैजाद भरूचा और ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO अनूप बागची का नाम शामिल है। दोनों के नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए भेजे गए हैं।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। RBI फिलहाल दोनों नामों पर विचार कर रहा है। ऐसे में नेतृत्व बदलाव को लेकर तीन संभावनाएं चर्चा में हैं।

कैजाद भरूचा बन सकते हैं नए CEO

पहली संभावना बैंक के अंदर से ही नए CEO की नियुक्ति की है। कैजाद भरूचा 1995 से HDFC Bank से जुड़े हैं। 2014 में वह बैंक के होल-टाइम डायरेक्टर बने और 2023 से डिप्टी MD हैं।

वह रिटेल एसेट्स, मॉर्गेज, कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग और रूरल बैंकिंग जैसे कारोबार देखते हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से बैंक के मौजूदा सिस्टम और कारोबार की अच्छी समझ रखने वाला नेतृत्व जारी रह सकता है।

हालांकि, उनके मामले में RBI के 15 साल के एग्रीगेट टेन्योर नियम का मुद्दा है। होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर उनका पिछला कार्यकाल भी इसमें गिना जाता है। इसलिए पूरे तीन साल के कार्यकाल के लिए नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

अनूप बागची की भी दावेदारी

दूसरी संभावना बाहरी उम्मीदवार की है। अनूप बागची फिलहाल ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO हैं। इससे पहले वह ICICI Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ICICI Securities के MD और CEO रह चुके हैं।

उनके पास रिटेल, MSME, कॉरपोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और फाइनेंशियल सर्विसेज का लंबा अनुभव है। RBI फिलहाल उनकी उम्मीदवारी की जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने उनकी उम्मीदवारी पर IRDAI और ICICI Bank से भी फीडबैक मांगा है। इसकी वजह पिछले करीब तीन साल से उनका मेनस्ट्रीम बैंकिंग से बाहर होना बताया गया है।

भरूचा CEO और बागची DMD?

तीसरी संभावना दोनों को बैंक की टॉप लीडरशिप में जगह देने की है। इस स्थिति में भरूचा CEO बन सकते हैं, जबकि बागची डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (DMD) की भूमिका में आ सकते हैं।

ऐसा होने पर भरूचा अपने मौजूदा अनुभव के साथ बैंक की कमान संभालेंगे। वहीं बागची को HDFC Bank के कारोबार और कामकाज को समझने का समय मिल सकता है। आगे चलकर वह CEO की भूमिका संभाल सकते हैं।

बैंक के लिए क्यों अहम है फैसला?

नए CEO को बड़े मर्जर के बाद तैयार हुई HDFC Bank की बैलेंस शीट के साथ काम करना होगा। डिपॉजिट ग्रोथ, फंडिंग कॉस्ट, नेट इंटरेस्ट मार्जिन, लोन ग्रोथ और रिटर्न जैसे मुद्दे बैंक के लिए अहम रहेंगे।

अभी अंतिम फैसला RBI को करना है। इसलिए फिलहाल भरूचा, बागची या दोनों की भूमिका वाली तीनों संभावनाएं खुली हैं।

L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

L&T Target Price: ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen and Toubro यानी L&T के शेयर पर ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,060 रखा है। इस टारगेट के हिसाब से मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 30% की तेजी की गुंजाइश है।

मंगलवार को L&T का शेयर 0.7% गिरकर ₹3,877 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर करीब 6% नीचे है। JPMorgan का ₹5,060 का टारगेट L&T के लिए सबसे ऊंचे टारगेट में शामिल है।

पश्चिम एशिया में प्रोजेक्ट्स पर बड़ा अपडेट

JPMorgan ने L&T के मैनेजमेंट से मुलाकात की। इसके बाद ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट जारी की। मैनेजमेंट के मुताबिक पश्चिम एशिया में कंपनी के प्रोजेक्ट्स का काम अभी भी बिना किसी बड़ी रुकावट के चल रहा है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण लागत बढ़ी है। हालांकि, कंपनी के ग्राहकों ने बड़े स्तर पर इस बढ़ी हुई लागत को स्वीकार किया है। L&T ने इस मुश्किल दौर में ग्राहकों के साथ अपने मजबूत रिश्ते बनाए रखने पर फोकस जारी रखने की बात कही है।

भारत में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद

L&T के मुताबिक भारत में सरकारी कैपेक्स कुछ समय तक सुस्त रहने के बाद फिर बढ़ सकता है। वहीं, निजी कंपनियों का कैपेक्स भी अब रफ्तार पकड़ रहा है। इसमें थर्मल पावर सेक्टर में मिले बड़े ऑर्डर की अहम भूमिका है।

कंपनी ने आगे के लिए कई नए क्षेत्रों पर भी फोकस किया है। इनमें डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।

इसके अलावा L&T ने 2031 तक अपने डिफेंस कारोबार से होने वाले रेवेन्यू को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का फोकस रिटर्न ऑन इक्विटी, कैश फ्लो और शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न पर भी बना रहेगा।

मिड-टीन्स ग्रोथ की उम्मीद

JPMorgan के मुताबिक पश्चिम एशिया का संघर्ष L&T के शेयर के लिए एक जोखिम बना हुआ है। इसके बावजूद कंपनी के कारोबार को पारंपरिक और नए क्षेत्रों में मिड-टीन्स यानी सालाना करीब 13-16% की ग्रोथ के लिए तैयार किया जा रहा है।

ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के रिटर्न ऑन इक्विटी में भी मजबूती बनी हुई है। JPMorgan ने यह भी कहा कि L&T का वैल्यूएशन 25 गुना से कम P/E पर है। ब्रोकरेज ने इसे आकर्षक बताया है।

₹5,000 के ऊपर टारगेट देने वाले ब्रोकरेज

JPMorgan के अलावा दो और ब्रोकरेज ने L&T के लिए ₹5,000 या उससे ज्यादा का टारगेट दिया है। Jefferies और ICICI Direct दोनों ने शेयर का टारगेट ₹5,000 रखा है।

L&T को कुल 32 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें 26 ने शेयर पर ‘Buy’, 5 ने ‘Hold’ और 1 एनालिस्ट ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Tata Steel Target Price: मोतीलाल ओसवाल की खरीदने की सलाह, ₹220 का टारगेट दिया

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 55% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने 5 कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनमें पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, रिटेल और क्विक कॉमर्स जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर शामिल हैं। ब्रोकरेज के हिसाब से इन शेयरों में 55% तक रिटर्न मिल सकता है। आइए जानते हैं इन 5 स्टॉक्स में ब्रोकरेज को क्या संभावनाएं दिख रही हैं।

  1. Cummins India

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने Cummins India पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹6,150 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 18.43% का रिटर्न मिल सकता है।

पावर जनरेशन कंपनी के लिए बड़ा बिजनेस बना हुआ है। डेटा सेंटर की बढ़ती मांग भी कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही है। साथ ही CPCB IV+ इंजन वारंटी अवधि से बाहर आने पर आफ्टरमार्केट बिजनेस से अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।

2. Adani Enterprises

मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹3,880 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इसमें करीब 25% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।

कंपनी एयरपोर्ट, सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, कॉपर और स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे कारोबार में मौजूद है। ब्रोकरेज को इन लॉन्ग टर्म बिजनेस से ग्रोथ की उम्मीद है।

3. NTPC

Bernstein ने सरकारी पावर कंपनी NTPC पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹450 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक शेयर में करीब 32% तक बढ़ोतरी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की भूमिका उम्मीद से बड़ी हो सकती है। रिन्यूएबल एनर्जी के साथ स्टोरेज बिजनेस NTPC के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।

4. Avenue Supermarts

CLSA ने Avenue Supermarts पर ‘हाई-कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹5,723 का टारगेट प्राइस रखा है। इससे शेयर में करीब 49% का रिटर्न मिलने की संभावना है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का कम ऑपरेटिंग कॉस्ट मॉडल और कम कीमत पर सामान बेचने की रणनीति इसकी बड़ी ताकत है। प्राइवेट लेबल कारोबार और नए स्टोर्स का विस्तार भी ग्रोथ को सहारा दे सकता है।

5. Eternal 327

CLSA ने जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal को खरीदने की सलाह के साथ ₹506 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक इसमें करीब 55% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

Blinkit का विस्तार इस निवेश की बड़ी वजहों में शामिल है। कंपनी नए शहरों में पहुंच बढ़ा रही है और डार्क स्टोर्स की संख्या भी बढ़ा रही है। Zomato Gold के जरिए ऑर्डर की बढ़ती संख्या और फूड डिलीवरी बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ की उम्मीद है।

Stocks to Watch: 31 अगस्त को ये 14 स्टॉक्स फोकस में रहेंगे, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

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Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

TCS Share Price: टाटा की कंपनी के शेयर 6% उछले, ABB के साथ हुई बड़ी AI डील

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Hindustan Copper Share: 45% चढ़ेगा इस सरकारी कंपनी का स्टॉक! आनंद राठी ने दी खरीदने की सलाह

Hindustan Copper Share: सरकारी मेटल कंपनी हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) के शेयर पर ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी का रुख काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 12 महीने का टारगेट प्राइस 715 रुपये रखा है। मौजूदा बाजार भाव 490 रुपये के मुकाबले यह करीब 46% संभावित उछाल का संकेत देता है।

हिंदुस्तान कॉपर पर ब्रोकरेज क्यों बुलिश है?

आनंद राठी का मानना है कि हिंदुस्तान कॉप की मल्टी-प्रॉन्ग कैपेसिटी एक्सपेंशन रणनीति आने वाले वर्षों में ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, गुजरात कॉपर प्लांट (GCP) को दोबारा शुरू करने के लिए 20 साल का रेवेन्यू शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। इसके अलावा केन्दाडीह कॉपर माइन में प्रोडक्शन फिर शुरू हो गया है। साथ ही, क्षमता बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

इन प्रोजेक्ट से हिंदुस्तान कॉपर का उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ने की उम्मीद है। झारखंड और सिक्किम की कुछ बंद खदानों को दोबारा शुरू करने की संभावना है। ये भी लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को मजबूती दे सकती हैं।

पहली तिमाही में मजबूत नतीजों की उम्मीद

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही कंपनी के लिए रिकॉर्ड रहने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉपर की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की कमजोरी और प्रोडक्शन बढ़ने से कंपनी का रेवेन्यू करीब 8.5 अरब रुपये तक पहुंच सकता है। EBITDA मार्जिन भी करीब 48% रहने का अनुमान है।

लंबी अवधि की ग्रोथ पर दांव

आनंद राठी का कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग से कॉपर की खपत लगातार बढ़ेगी। इसी को देखते हुए हिंदुस्तान कॉपर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी FY30 तक बड़े कैपेक्स प्रोग्राम पर काम कर रही है। इससे आने वाले वर्षों में उत्पादन में तेज बढ़ोतरी हो सकती है।

हिंदुस्तान कॉपर का टारगेट प्राइस क्या है?

आनंद राठी ने हिंदुस्तान कॉपर पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए 715 रुपये का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव 490 रुपये के मुकाबले यह लगभग 46% के संभावित उछाल का संकेत है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की विस्तार योजनाएं, बढ़ती उत्पादन क्षमता और मजबूत कॉपर डिमांड स्टॉक के लिए लंबे समय में पॉजिटिव साबित हो सकती हैं।

इन जोखिमों पर नजर रखना भी जरूरी

ब्रोकरेज का कहना है कि निवेशकों को कुछ जोखिमों का भी ध्यान रखना चाहिए। इनमें अंतरराष्ट्रीय कॉपर कीमतों में उतार-चढ़ाव, कैपेक्स प्रोजेक्ट्स में देरी, उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के समय पर पूरा न होने और वैश्विक कमोडिटी बाजार में बदलाव शामिल हैं। ऐसे जोखिमों का असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

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